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Bandipora के इनडोर स्टेडियम का उद्घाटन नहीं, खिलाड़ियों में आक्रोश और आस

Bandipora indoor stadium remains closed after completion, players seek opening. An indoor stadium constructed at a cost of crores of rupees in Bandipora has remained closed to the public even after its completion, leaving local players without access to a dedicated facility for training and practice. The facility, which was expected to provide an indoor space for sports activities, has not been formally opened for regular public use. Local players and residents have now urged the authorities to inaugurate the stadium and make it accessible to the sporting community at the earliest. Players said the absence of a dedicated indoor facility makes it difficult for them to maintain regular practice, particularly while preparing for competitions. “We have players who are preparing for different competitions, but we do not have a proper indoor space where we can practise regularly. The stadium is already there, so we appeal to the authorities to open it for local players,” said a local player Taliha Bashir. She also said that if it lacks some facilities, it should be completed at the earliest as the players have no other facility to practice in the peak season of Autumn. Another local player said that the Sher-e-Kashmir stadium remains closed for almost five months due to some filling work which has affected the whole season of players. A coach involved in training young athletes said access to the facility could provide players with better opportunities to train throughout the year. “Regular practice is very important for any player. An indoor stadium can provide a proper training environment and help young athletes prepare for competitions. It should be made functional so that players can use it,” the coach said. Residents said keeping a completed sports facility closed for years defeats the purpose for which it was constructed. They appealed to the administration and concerned departments to resolve any pending issues and open the stadium for players and the public.
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त्योहारी सीजन में विमान किरायामें 50–100% बढ़ोतरी पर CTI ने सरकार को चेतावनी दी

New Delhi, Delhi:त्योहारी सीजन में विमान किराया 50% से 100% तक बढ़ा - CTI\nCTI ने नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लिखा पत्र, विमान कंपनियों पर नकेल कसे सरकार\n\n5000 वाले टिकट की कीमत हुई 10000 से 15,000 - CTI\n\nदिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर विमान कंपनियों की मनमानी पर नकेल कसने की मांग की है।\n\nCTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि CTI की रिसर्च में सामने आया है कि कुछ दिनों पहले जो हवाई टिकटें सस्ती थीं, वही टिकटें अब दोगुने से ज्यादा दाम पर बेची जा रही हैं।\n\nCTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में अचानक से इंडिगो, एयर इंडिया आदि विमान कंपनियों ने 50% से 100% तक हवाई किराया बढ़ा दिया है जिससे मध्यम वर्ग और अपर मध्यम वर्ग की कमर टूटी है, \nचूंकि गणपति महोत्सव के साथ ही देश में त्योहारी सीजन शुरू हो गया है जो कि दिवाली और छठ पूजा तक चलेगा , ऐसे में लोगों की हवाई यात्रा की फ्रिक्वेंसी भी बढ़ेगी , ऐसे समय में 100% किराया बढ़ा देना खुलेआम विमान कंपनियों की मनमानी है ।\n\nकुछ समय पहले जहां\nदिल्ली मुंबई का आने जाने का हवाई किराया 10000 रूपए था वो अब 18000 से 25000 रूपए हो गया है,\n\nदिल्ली अहमदाबाद का किराया 10000 -12000 किराया था वो अब 18000 - 20000 रूपए कर दिया है ,\n\nदिल्ली बैंगलोर का 12000- 15000 रूपए किराया था जो कि अब 30000- 35000 कर दिया गया है ,\n\nदिल्ली कोलकाता का किराया जो कि पहले 11000 था वो अब 20000 कर दिया गया है ।\n\nइसके अलावा इंडिगो ने शिशुओं (3 दिन से 2 साल) का शुल्क भी ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 कर दिया है, जबकि शिशु को सीट भी नहीं मिलती।\n\nbृजेश गोयल ने कहा, "एविएशन डेटा एजेंसी OAG के अनुसार कंपनियों ने सितंबर में ही घरेलू क्षमता 5.6% घटा दी है। इंडिगो ने 4.5% और एयर इंडिया ने 8.8% सीटें कम की हैं। जबकि दोनों कंपनियों का 90% से ज्यादा मार्केट पर कब्जा है। त्यौहार पर सीटें घटाकर किराया बढ़ाना लूट है।"\n\nCTI की केन्द्र सरकार से मांग है कि केन्द्र सरकार तत्काल विमान कंपनियों पर नकेल कसे और हवाई किरायों में कटौती कराए
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कानपूर में ओवैसी की जनसभा से 2027 चुनाव की रणनीति तेज

Kanpur, Uttar Pradesh:आज कानपुर में AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा -2027 चुनाव से पहले कानपुर में ओवैसी की जनसभा -कैंट विधानसभा में AIMIM की जनसभा -पोस्टर-बैनर से सियासी हलचल दलित-मुस्लिम मतदाताओं पर AIMIM की नजर संभावित उम्मीदवार के नाम की चर्चा कानपुर में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी आज कानपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा शाम 5 बजे बाबूपुरवा ईदगाह मैदान में आयोजित की गई है। पार्टी ने इसके लिए कैंट विधानसभा क्षेत्र को चुना है। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में ओवैसी की चुनावी जनसभाओं का सिलसिला जारी है और पिछले तीन महीनों में कानपुर की सभा उनकी पांचवीं जनसभा है। कानपुर में कैंट, आर्यनगर और सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र मुस्लिम मतदाताओं की अधिक संख्या वाली सीटों में शामिल हैं। ऐसे में कैंट में जनसभा के आयोजन को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, जनसभा को लेकर शहर में AIMIM के पोस्टर और बैनर भी लगाए गए हैं। कैंट विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के संभावित उम्मीदवार के तौर पर नगर अध्यक्ष दिलदार गाजी का नाम पोस्टरों में दिखाई दे रहा है। हालांकि, पार्टी ने अभी आधिकारिक तौर पर उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है。
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ओडिशा दौरे पर रवाना हुए CM विष्णु देव साय, जगन्नाथ मंदिर दर्शन सहित मुलाकातें

Raipur, Chhattisgarh:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज ओडिशा दौरे पर रवाना सीएम साय का यह दो दिवसीय ओडिशा दौरा है。 पुरी पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे。 वही मुख्यमंत्री विष्णु देसाई ने कहा 2 दिन का उड़ीसा दौरा है और वहां के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे पुरी धाम भी जाएंगे जगन्नाथ प्रभु का दर्शन करेंगे पूजन अर्चना करके छत्तीसगढ़ की खुशहाली का प्रार्थना करेंगे साथी महानदी को लेकर कहा दिल्ली में अधिकारी और मंत्री का बैठके सीडब्ल्यूसी को सौंप दिया हैं और बहुत जल्दी इसका समाधान होने वाला है। इंदौर में हुए राहुल गांधी की इवेंट को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा पिछला रिकॉर्ड उठा कर देखिए जहां-जहां राहुल गांधी जाते हैं वहां पर कांग्रेस की बंटाधार हुआ है वही मध्य प्रदेश में भी होने वाला है और जहां भी राहुल गांधी गए हैं वहां बंटाधार ही हुआ है।
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बारां में आप की एंट्री से राजनीतिक समीकरण बदले; कल होंगे सभापति-चेयरमैन चुनाव

Baran, Rajasthan:बारां निकाय चुनाव में कल होने वाले पांच नगरपालिकाओ के चैयरमेन ओर बारां नगर परिषद में सभापति के चुनाव पर है यहां बारां में आप पार्टी ने इतिहास रचा ओर एक-एक नगरपालिका स्पष्ट बहुमत में कांग्रेस और भाजपा जीती है ओर अन्य 3 पालिकाओं में निर्दलीय बने किंगमेकर है सब की नजर कल के चुनावों पर टिकी है बारां जिले की 6 नगर निकायों के चुनाव परिणामों ने सभी के सियासी समीकरण बिगाड़ दिए हैं। कुल 210 वार्डों में हुए त्रिकोणीय मुकाबले में जनता ने मिला-जुला जनादेश दिया है। सबसे बड़ा उलटफेर बारां नगर परिषद में हुआ है, जहां पहली बार आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया है。 बारां नगर परिषद के 60 वार्डों में से AAP ने 31 वार्ड जीतकर परिषद पर कब्जा कर लिया है। यहां कांग्रेस को 18, भाजपा को 9 और निर्दलीयों को 2 वार्डों में जीत मिली। बारां में AAP की इस एंट्री से कांग्रेस और भाजपा दोनों को बड़ा झटका लगा है। वहीं मांगरोल और अटरू में दोनों राष्ट्रीय दलों ने अपना गढ़ बचाए रखा है। छबड़ा, अंता और सीसवाली में कांटे की टक्कर रही और वहां किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। निकायवार स्थिति पर एक एक नजर मे डाले तो बारां नगर परिषद कुल 60 वार्ड जहां पर आप पार्टी को स्पष्ट बहुमत आम आदमी पार्टी को 31 वार्डो में स्पष्ट बहुमत है कांग्रेस ने 8 वार्ड ओर भाजपा ने 9 वार्ड में ओर निर्दलीय को 2 वार्डो में जीत हासिल की है मांगरोल नगर पालिका में कुल 35 वार्ड है जहां भाजपा का पूर्ण बहुमत मांगरोल में भाजपा ने अपना दबदबा कायम रखा। जहां भाजपा 19 वार्डो में जीतने पर पूर्ण बहुमत है और कांग्रेस को 10 वार्ड निर्दलीयों 6 वार्डो पर कब्जा जमाया है अटरू नगर पालिका में कुल 25 वार्ड है जहां पर कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत है अटरू में कांग्रेस ने वापसी करते हुए बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 14 वार्ड में स्पष्ट बहुमत ,भाजपा को 10 वार्डो व निर्दलीय ने 1 वार्ड में जीत हासिल की है छबड़ा नगर पालिका में कुल 35 वार्ड है जहां बराबरी पर मुकाबला है छबड़ा में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर रही। भाजपा को 14 वार्डो मे़ ओर कांग्रेस ने 14 वार्डो में w निर्दलीयों ने 5 वार्डो में कब्जा जमाया है निर्णायक भूमिका में निर्दलीय है यहां चेयरमैन के लिए निर्दलीयों का समर्थन जरूरी होगा। अंता नगर पालिका में कुल 35 वार्ड है फिर बराबरी, निर्दलीय किंगमेकर की भूमिका में हैं अंता में भी यही स्थिति रही। भाजपा को 16 वार्डो में ओर कांग्रेस को 16 वार्डो में जीते है निर्दलीय के रूप में 3 पार्षद है जो निर्णायक भूमिका में हैं सीसवाली नगर पालिका के कुल 20 वार्ड कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है जहां कांग्रेस को 9 वार्ड व भाजपा को 6 वार्डो मैं जीते हैं और निर्दलीय में 5 वार्ड जीते है यहां किसी को बहुमत नहीं मिला, कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कुल मिलाकर इस बार जनता ने साफ संदेश दिया है कि अब मुकाबला दो दलीय नहीं रहा। बारां में आप पार्टी की एंट्री ने जिले की राजनीति बदल दी है अब सबकी नजरें कल के सभापति और चेयरमैन के चुनाव पर टिकी हैं। बारां, मांगरोल और अटरू में स्थिति लगभग साफ है, लेकिन छबड़ा, अंता और सीसवाली में चेयरमैन कौन बनेगा, यह निर्दलीय पार्षद तय करेंगे। इन तीनों पालिकाओं में सियासी जोड़-तोड़ तेज रहने वाली है।
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घाटकुसुम्भा बाढ़: टीम की रिपोर्ट से परिस्थिति बदलेगी, क्या राहत मिलेगी?

Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा जिले के घाटकुसुम्भा प्रखंड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की तुल एक बार फिर पकड़ लिया है। क्षेत्र को बाढ़ ग्रस्त घोषित किए जाने को लेकर पिछले पांच दिनों से जारी आमरण अनशन के बीच पटना से आपदा प्रबंधन विभाग की तीन सदस्यीय टीम शेखपुरा पहुंची। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहुंची टीम ने घाटकुसुम्भा के विभिन्न गांवों का दौरा कर बाढ़ से उत्पन्न स्थिति और नुकसान का जायजा लिया। टीम ने घाटकुसुम्भा प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ के पानी में डूबे मकानों, फसलों, स्कूलों और अन्य सरकारी संस्थाओं का निरीक्षण किया। गांवों के संपर्क मार्ग और एप्रोच रोड के डूबे होने की स्थिति भी देखी गई। अधिकारियों ने प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ के कारण हो रही परेशानियों और नुकसान की जानकारी ली। निरीक्षण के बाद आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव अविनाश कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने प्रखंड कार्यालय में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। संयुक्त सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि टीम ने गांव-गांव जाकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया है। निरीक्षण की रिपोर्ट विभाग और सरकार को सोमवार तक भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रखंड में फसल और मकानों में पानी घुसने से हुए नुकसान को देखा गया है। सरकार के स्तर से मिलने वाली सहायता प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जाएगी। इस संबंध में विधान पार्षद ललन प्रसाद ने कहा कि हरोर नदी के दोनों किनारों पर बाढ़ का असर होने के बावजूद राहत के मामले में अंतर की शिकायत लगातार सामने आती रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पटना से पहुंची टीम ने वास्तविक स्थिति देखी है। अब टीम की रिपोर्ट के आधार पर घाटकुसुम्भा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित किए जाने को लेकर आगे की कार्रवाई होगी। वही विधायक रणधीर कुमार सोनी ने कहा कि घाटकुसुम्भा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित कराने को लेकर लगातार सरकार के समक्ष मांग रखी जा रही थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर टीम के पहुंचने से अब स्थिति का सरकारी स्तर पर आकलन हुआ है। इस मौके पर आपदा प्रबंधन के संयुक्त सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि गांव जानकार स्थिति की लिया है जांच प्रतिवेदन विभाग और सरकार को सोमवार तक देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि फसल और घरों में पानी घुसने और नुकसान देखने को मिला हैं। जबकि उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर जो भी सरकार के स्तर से मदद मिलनी है सभी देने की बात जरूर कहा है।
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सीतामढ़ी की छात्रा वैष्णवी कुमारी ने राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में दूसरा स्थान पाया

Sitamarhi, Bihar:त्रिपुरारी शरण सीतामढ़ी की छात्रा वैष्णवी कुमारी ने राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में दूसरा स्थान पाकर जिले का नाम रौशन किया है। कक्षा 7 में पढ़ने वाली छात्रा वैष्णवी कुमारी ने राष्ट्रीय स्तर की शतरंज प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया。 झारखंड के हजारीबाग में आयोजित ऑल इंडिया ओपन रैपिड फिडे रेटिंग चेस टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अंडर-11 आयु वर्ग में दूसरा स्थान (रनर-अप) हासिल कर सीतामढ़ी जिले को गौरवान्वित किया है। वैष्णवी की इस उपलब्धि से उनके परिजनों और जिले के खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल बना हुआ है। प्रतियोगिता में देश के अलग अलग राज्यों से आए प्रतिभागियों के बीच वैष्णवी ने अपने धैर्य और रणनीतिक खेल के दम पर शानदार सफलता हासिल की। वैष्णवी ने कहा कि मुझे चेस में रुचि अपने विद्यालय से बढ़ी और चेस खेल के प्रति रुझान बढ़ती गई फिर मुझे परिवार का सपोर्ट मिलता गया। पहली बार विद्यालय की ओर से पटना में प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिला उसके बाद से कई राज्यों में खेला। इसी दौरान राष्ट्रीय स्तर पर छठी बार अटल टैलेंट हंट द्वारा झारखंड में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें मैं दूसरा स्थान पाई। वैष्णवी डुमरा प्रखंड के एक छोटा सा गांव मिश्रौलिया की रहने वाली है。
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दानापुर मसाला मंडी हल्दी: 70% नमूनों में लेड क्रोमेट पाया गया

Danapur, Bihar:पटना स्थित दानापुर बाजार की हल्दी पर बड़ा खुलासा: 70% हल्दी के नमूनों में लेड क्रोमेट (सीसा) पाया गया. खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है. खबर के अनुसार दानापुर बाजार में विभाग की टीम ने विशेष जांच अभियान चलाया और पोर्टेबल एक्स-रे फ्लोरोसेंस मशीन से नमूनों की जांच की. जांच के दौरान 70 प्रतिशत नमूनों में लेड क्रोमेट यानी सीसा तय मानक से अधिक मिला, जबकि 30 प्रतिशत नमूने मानक के अनुरूप मिले. अधिकारियों ने दुकानदारों और विक्रेताओं से सुरक्षित स्रोत से हल्दी खरीदने की सलाह दी है. विभाग के अनुसार, लम्बे समय तक अधिक मात्रा में लेड क्रोमेट शरीर में पहुंचने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. हल्दी में लेड क्रोमेट मिलना सूचना मिलते ही लोगों में भगड़ मच गई. खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार दानापुर मसाला मंडी में एक दर्जन दुकानों की जांच की गई जिसमें हल्दी के लगभग 35 नमूना लिए गए; सात नमूने जीरो ppm पाए गये, बाकी करीब 28 नमूना लेड क्रोमेट पाया गया है जिसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है. इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है.
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धनबाद के गोंडूडीह में युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी, जांच शुरू

Dhanbad, Jharkhand:एंकर --- धनबाद के गोंडूडीह ओपी क्षेत्र स्थित ट्रेनिंग स्कूल के समीप रविवार सुबह झाड़ियों से एक युवक का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। मृतक की पहचान न्यू कॉलोनी वासेपुर, गुलजार बाग के समीप रहने वाले शाहबाज अहमद उर्फ अमन खान के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही बैंक मोड़ थाना और गोंडूडीह ओपी की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक झाड़ियों तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। गोंडूडीह ओपी प्रभारी लव कुमार चौधरी ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। इधर, वार्ड 14 के पार्षद निसार खान और जूली बाजी ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया में जुटी है।
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तीन दिन बाद कुंवारी नदी के टापू पर मिला कंछेद का शव, मगरमच्छ के बीच SDRF ने निकाला

Bhind, Madhya Pradesh:तीन दिन पहले कुंवारी नदी में तेज बहाव में बहे युवक की तलाश आखिरकार खत्म हो गई। ऊमरी थाना क्षेत्र के पांडरी गांव का कंछेद उर्फ बउआ भैंस को नदी से निकालने उतरा था, लेकिन तेज बहाव उसे अपने साथ बहा ले गया। तीन दिन तक मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश की सीमा तक नदी में सर्चिंग चली… परिजनों की उम्मीदें हर पल टूटती-जुड़ती रहीं। आखिर तीसरे दिन यूपी सीमा के अंदर नदी के बीच एक टापू पर कंछेद का शव मिला। टापू पर मगरमच्छ मौजूद होने से शव निकालना भी बड़ी चुनौती बन गया। 17 सितंबर… पांडरी गांव का कंछेद उर्फ बउआ अपनी भैंस को कुंवारी नदी से निकालने के लिए नदी में उतरा था। लेकिन कुछ ही पलों में तेज बहाव ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। परिजनों की सूचना पर ऊमरी थाना प्रभारी बृजेंद्र सेंगर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और एसडीआरएफ को सूचना दी गई। इसके बाद शुरू हुआ तीन दिन का लंबा सर्च ऑपरेशन। नदी का बहाव तेज था, रास्तা मुश्किल था… लेकिन तलाश लगातार जारी रही। एसडीआरएफ और ऊमरी पुलिस ने मध्य प्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश की सीमा तक नदी में सर्चिंग की। परिजन और ग्रामीण भी उम्मीद लगाए रेस्क्यू टीम के साथ तलाश में जुटे रहे। तीसरे दिन एमपी-यूपी बॉर्डर के पास नदी के बीच एक टापू पर शव दिखाई दिया। लेकिन वहां मगरमच्छ बैठा था। मगरमच्छ के खतरे के बीच एसडीआरएफ, पुलिस और ग्रामीणों ने बेहद सावधानी से शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जाँच प्रारंभ कर दी है।घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पांडरी गांव में भी शोक की लहर है।
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चिता आंदोलन 9वें दिन जारी, विस्थापित टपरियों के साथ आंदोलन तेज

Panna, Madhya Pradesh:प्रशासन के नोटिस पर भड़के आंदोलनकारी , दिन के बाद रात में मशाल जलाकर आंदोलन भड़का चिता आंदोलन का आज 9 मा दिन: टपरियां (झोपड़ी)बनाकर और गड्ढानुमा कुआं खोदकर विस्थापितों ने की लंबी लड़ाई की तैयारी अमित भटनागर बोले—“दमन से आंदोलन खत्म नहीं होगा, और मजबूत होगा” बिजली-पानी की कथित कटौती, कमिश्नर के बयान और प्रशासन के नोटिसों के बावजूद आंदोलन जारी केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय बांध, रुँझ बांध, ललितपुर सिंगरौली रेल मार्ग प्रभावित विस्थापितों का चिता आंदोलन आज 9 में दिन भी जारी है। अब आंदोलनकारी केवल धरना देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्होंने आंदोलन स्थल पर रहने के लिए टपरियां (झोपड़ी) बनाना, राशन जुटाना और पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करना शुरू कर दिया है। शासन द्वारा बिजली-पानी की कथित कटौती के बीच ग्रामीणों ने आंदोलन स्थल पर एक छोटा कुआं भी खोद लिया है。 आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्होंने लंबी लड़ाई के लिए स्थायी तैयारी शुरू कर दी है। पहले बिजली, फिर पानी, अब नोटिस— आंदोलन के नेतृत्वकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए पहले बिजली और पानी जैसी सुविधाओं पर दबाव बनाया गया, फिर सागर संभाग के कमिश्नर के कथित बयान से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ा और अब कुछ आंदोलनकारियों को तहसीलदार अजयगढ़ की ओर से नोटिस दिए जा रहे हैं। भटनागर ने कहा प्रशासन जितना दबाव बनाएगा, आंदोलन उतना ही मजबूत होगा। लोग अब डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने आंदोलन स्थल पर टपरियां बना ली हैं, राशन जुटा लिया है और पानी के लिए अपना छोटा सा कुआं तक खोद लिया है।” पुलिस का दबाव, नोटिस या किसी भी तरह की कार्रवाई न्याय की मांग को खत्म नहीं कर सकती। आंदोलनकारियों का तर्क है कि कानून की धारा 38 सिंचाई परियोजनाओं में डूब से छह महीने पहले पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन पूरा करने की बात करती है। हम प्रशासन से पूछ रहे हैं कि जब घर डूब रहे हैं तो प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कहां है?” धारा 38 में मुआवजा तथा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन संबंधी भुगतान/अधिकार सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को विस्थापित करने से पहले पुनर्वास प्रक्रिया पूरी करने का प्रावधान भी है। अमित भटनागर ने आंदोलनकारियों को दिए जा रहे शांति भंग संबंधी नोटिसों पर कहा— कि पहले गांव की बिजली काटी गई, फिर पानी की समस्या पैदा हुई, फिर कमिश्नर का बयान आया और अब नोटिस दिए जा रहे हैं। क्या प्रशासन को लगता है कि इन तरीकों से प्रभावित परिवार डर जाएंगे? प्रशासन जितना दबाव बनाएगा, उतनी ही मजबूती से हम अपनी आवाज उठाएंगे। न्याय मिलने तक चिता आंदोलन जारी रहेगा।
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