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Mega Plantation Drive at District Court Samba
Vijaypur,Mega Plantation Drive at District Court Samba in order to impart the awareness amongst the common masses as well to contribute for the better environment on the earth, Megha Plantation drive was organised by District Legal Services Authority Samba at District Court Complex, Samba.
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बिहार सरकार ने मदरसों का स्थलीय निरीक्षण 10 दिनों में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए
Patna, Bihar:पटना बिहार सरकार ने राज्य के सभी अनुदानित मदरसों की जांच का आदेश दिया है। शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने सभी जिला पदाधिकारियों को पत्र जारी कर 10 दिनों के भीतर मदरसों का स्थलीय निरीक्षण कराने का निर्देश दिया है। मदरसों में छात्रों की उपस्थिति, शिक्षकों की नियुक्ति, शैक्षणिक गतिविधियों और सरकारी अनुदान के उपयोग की जांच की जाएगी। निरीक्षण के लिए प्रखंड स्तर पर त्रिस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें बीडीओ/सीओ, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और वरीय प्रधानाध्यापक शामिल होंगे। जांच रिपोर्ट फोटो साक्ष्य के साथ 10 दिनों के भीतर सरकार को सौंपनी होगी।0
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उसमानपुर भगत सिंह कॉलोनी में 26 वर्षीय युवक चाकू मारकर हत्या, पुलिस आरोपी ढूंढ रही
Noida, Uttar Pradesh:न्यू उस्मानपुर के भगत सिंह कॉलोनी में 26 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या मृतक की पहचान ब्रह्मपुरी निवासी ललित के रूप में हुई हत्या का मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस फोरेंसिक टीम ने मौके से जुटाए अहम सबूत0
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हज़ारीबाग के नगवाँ में पत्थर की मूर्तियाँ बनती, कारीगरों की मेहनत चमकती
Hazaribagh, Jharkhand:इन दिनों मूर्तियाँ बनाने को लेकर लोगों की रुचि बढ़ती जा रही है. चाहे देवी देवता की मूर्ति हो या पूर्वजों की याद में उनके तस्वीर के स्थान पर मूर्ति लगाना ज्यादा पसंद करते हैं. वहीं मंदिर चौक-चौराहों पर भी मूर्ति लगाई जाती है. हज़ारीबाग़ जिले में एक ऐसा स्थान है जहां काला पत्थर और मकराना पत्थर की मूर्तियाँ बनाई जाती है. हज़ारीबाग़ के नगवाँ में मूर्तिकार सिर्फ एक तस्वीर देखकर हूबहू तस्वीर जैसी एक मूर्ति बना दी जाती है. यहाँ के कलाकार अपने कई वर्षों के मेहनत और अनुभव को कला रूप में दिखाते हैं. मूर्तिकार संजय चौधरी ने बताया की 6 इंच से लेकर 6 फिट तक की मूर्ति ऑर्डर के हिसाब से बनाया जाता है. उन्होंने बताया की मूर्ति बनाने में दर्जन भर मूर्तिकार और कलाकार घंटों मेहनत करते है. एक मूर्ति को कंपलीट होने में 10 से 12 दिन लग जाते है. एक मूर्ति पर अमूमन 4 से 5 कलाकार काम करते हैं. पत्थर की मूर्ति बनाने में बड़ी सावधानी बरतनी पड़ती है. कई बार आकर देने के दौरान कमजोर होने के वजह से पत्थर टूट जाते है. जिससे मूर्ति बनाने में दोगुना मेहनत भी पड़ जाता है. हालंकि कलाकार बड़ी सावधानी से मूर्ति को उसका रूप देते है जिससे हुबहू मूर्ति लोगों को मिलता है0
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बेतिया के परसौनी में प्रेमी से शादी की मांग पर लड़की टावर चढ़ गई
Bettiah, Bihar:बेतिया के परसौनी में प्रेमी से शादी की मांग पर लड़की टावर चढ़ गई। लड़की ने हाई वोल्टेज ड्रामा कर घंटों टावर पर चढ़कर अपनी मांग पूरी कराने की कोशिश की। घटना बैरिया के परसौनी गांव की है। लड़की का नाम संजना कुर्मी है जो अपने प्रेमी निरालेश कुमार से शादी की मांग के साथ टावर पर चढ़ गई। इस हाई वोल्टेज ड्रामा की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद लड़की को टावर से उतरवाया। पुलिस ने समझा-बुझा कर लड़की को सुरक्षित उतारा। लड़की के इस ड्रामे को देखने के लिए हजारों की भीड़ जमा हो गई थी।0
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मुरैना प्रेमी-जोड़े की आत्महत्या: वीडियो में परिवार पर आरोप, पुलिस जांच जारी
Morena, Madhya Pradesh:मुरैना प्रेमी जोड़ा आत्महत्या मामला मुरैना में सांक नदी में कूदकर जान देने वाले प्रेमी जोड़े के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। आत्महत्या से पहले युवक-युवती ने पुल पर खड़े होकर कई वीडियो बनाए, जो अब सामने आए हैं। इन वीडियो में दोनों ने अपनी मौत के लिए परिवार को जिम्मेदार ठहराया है। वीडियो में मृतक युवक भूपेंद्र ने अपने पिता और भाई पवन का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। भूपेंद्र ने दावा किया कि घर में लंबे समय से विवाद चल रहा था और उस पर चोरी के आरोप लगाए जा रहे थे। एक वीडियो में उसने अपनी पत्नी और पिता के कथित अवैध संबंधों का भी जिक्र किया है। वहीं मृतक युवती राधा चौबे ने वीडियो में साफ तौर पर कहा कि उनकी मौत का जिम्मेदार भूपेंद्र का भाई पवन है। दोनों ने मानसिक प्रताड़ना और लगातार विवादों से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात कही। बताया जा रहा है कि भूपेंद्र पहले से शादीशुदा था और चोरी के आरोपों व पारिवारिक विवादों के चलते उसने अपनी प्रेमिका राधा चौबे के साथ सांक नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। हालांकि इस पूरे मामले का एक पुराना आपराधिक कनेक्शन भी सामने आया है। करीब एक साल पहले ग्वालियर में दोनों को पुलिस ने ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि दोनों ने एक होटल में स्पाई कैमरे से एक युवक का आपत्तिजनक वीडियो बनाया और बाद में उसे ब्लैकमेल कर पैसों की मांग की थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। वीडियो की सत्यता, आत्महत्या के पीछे की असली वजह और लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी。0
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जयपुर में जेडीए रास्ते निर्माण में पेवर मशीन के बिना कार्य, गुणवत्ता पर सवाल
Jaipur, Rajasthan:जयपुर शहर के कलावाड़ रोड़ व निवारू रोड क्षेत्र में जेडीए जोन-12 के तहत चल रहे सीमेंट सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों में भी जबरदस्त नाराजगी है, टेंडर शर्तों में पेवर मशीन से सड़क निर्माण को अनिवार्य बताया गया है, लेकिन मौके पर अधिकांश कार्य मजदूरों के माध्यम से हाथों से कराया जा रहा है। इससे निर्माण गुणवत्ता और सरकारी पैसे के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क निर्माण में पेवर मशीन के उपयोग का प्रावधान इसलिए रखा जाता है ताकि सड़क की मोटाई, लेवलिंग और फिनिशिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप रहे। इसके बावजूद निवारू रोड पर पर मजदूरों द्वारा हाथ से लेवलिंग बिछाने का काम किए जा रहा है। जेडीए अभियंताओं से सांठगाठ में निर्माण एजेंसी मशीन का भुगतान तो प्राप्त कर रही है, लेकिन वास्तविक कार्य पारंपरिक तरीके से कराया जा रहा है। स्थानीय लोगो का कहना है कि निर्माण कार्य का बड़ा हिस्सा रात के समय कराया जा रहा है, जिससे निगरानी और गुणवत्ता जांच प्रभावित हो रही है। ऐसे में जेडीए के अभियंताओं और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सीसी सड़क निर्माण में मशीन आधारित लेवलिंग और फिनिशिंग अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि यह प्रक्रिया सही तरीके से नहीं अपनाई जाती तो सड़क की सतह असमान हो सकती है और उसमें समय से पहले दरारें आने या क्षति होने की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने जेडीए प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता का स्वतंत्र तकनीकी परीक्षण कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत वाली परियोजनाओं में मानकों से समझौता नहीं होना चाहिए, अन्यथा पहली ही बारिश में सड़क की मजबूती पर प्रश्नचिह्न लग सकता है।0
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बारां में एनएच-27 पर स्लीपर बस पलटी, दो की मौत, 12 घायल
Baran, Rajasthan:बारां में एनएच-27 पर दर्दनाक हादसा, यात्रियों से भरी स्लीपर बस हाईवे पर ही पलटी एक बच्ची समेत 2 की मौत, 12 घायल एंकर-बारां जिलें के शाहाबाद क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर आज अलसुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कोटा से कानपुर जा रही यात्रियों से भरी एक तेज रफ्तार स्लीपर बस अनियंत्रित होकर फरेदुआ तलहटी गांव के पास हाईवे पर ही पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में एक मासूम बालिका समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा करीब 4 बजे का है। जब अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे, तभी फरेदुआ तलहटी गांव के पास मोड़ पर बस चालक संतुलन खो बैठा और बस लहराते हुए हाईवे पर ही पलट गयी। हादसा इतना भीषण था कि बस के पलटते ही चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी。 सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत बस से बाहर निकालकर शाहाबाद राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ यात्रियों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बारां जिला अस्पताल रेफर किया गया पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुट गई है। शुरुआती तौर पर हादसे का कारण चालक को नींद की झपकी आना या तेज रफ्तार माना जा रहा है。0
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रतलाम में दो मंजिला मकान में भीषण आग, परिवार ने खिड़की से कूदकर बचाई जान
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम शहर में आज तड़के करीब 3:30 बजे एक दो मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि घर से बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद हो गए। जान बचाने के लिए परिवार को दूसरी मंजिल की खिड़की से कूदना पड़ा। इस दौरान तीन साल के मासूम बच्चे को भी खिड़की के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब 6 बजे आग पर काबू पाया गया। हादसे में परिवार के सदस्य घनश्याम आग की चपेट में आकर हल्के झुलस गए, वहीं खिड़की से कूदकर जान बचाने के दौरान उनके पैर में भी चोट आई। आग ने मकान और उसमें रखा सामान पूरी तरह तबाह कर दिया। घर का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो गया और मकान रहने लायक नहीं बचा। हादसे के बाद पूरा परिवार सड़क पर आ गया है और अब प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है。0
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पुलिस गाड़ी पर विशाल पेड़ गिरा, हादसे से बड़ा नुकसान टला – CCTV फुटेज सामने
Samastipur, Bihar:पटोरी-समस्तीपुर मुख्य सड़क पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब पेशी के लिये दो अभियुक्तों को लेकर पुलिस की गाड़ी कोर्ट जा रही थी तभी अचानक एक विशालकाय पीपल का पेड़ पुलिस की गाड़ी पर गिर पड़ा। दिलचस्प बात रही कि बिना हवा या आंधी के ही तेज धूप के बीच विशालकाय पेड़ गिर पड़ा। घटना मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के आरा मिल के समीप हुई। इस हादसे में वाहन चालक समेत कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं, जबकि गाड़ी में मौजूद दोनों बंदी पूरी तरह सुरक्षित रहे। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि सड़क किनारे खड़ा पुराना पीपल का पेड़ अचानक टूटकर गुजर रही पुलिस गाड़ी पर गिर जाता है। पेड़ वाहन के आगे वाले हिस्से यानी बोनट पर गिरा, जिससे किसी बड़ी जनहानि की आशंका टल गई। जानकारी के अनुसार, चकलालशाही गांव निवासी मो. जागीर और फन्नू सहनी को शराब सेवन के आरोप में रविवार देर शाम पटोरी उत्पाद विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया था। सोमवार को दोनों को न्यायालय में पेश करने के लिये पुलिस वाहन से समस्तीपुर लाया जा रहा था। इसी दौरान मुसरीघरारी के आरा मिल के पास यह घटना हो गई। प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद अब्दुल अहत ने बताया कि वह घटना के समय सड़क किनारे मौजूद थे। पटोरी की ओर से आ रही पुलिस गाड़ी जैसे ही वहां पहुंची, सड़क किनारे लगा पुराना पीपल का पेड़ अचानक टूटकर वाहन पर गिर गया। उन्होंने बताया कि उस समय मौसम सामान्य था और तेज हवा भी नहीं चल रही थी। पेड़ गिरते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए और शोर मचाते हुए पुलिस वाहन में फंसे पुलिसकर्मियों और बंदियों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों की मदद से स्थिति पर तत्काल काबू पाया गया। घटना की सूचना मिलने पर मुसरीघरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में सभी पुलिसकर्मियों और दोनों अभियुक्तों को सुरक्षित थाना लाया गया। हादसे के बाद कुछ समय तक सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा।0
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जैतपुर में प्रधानी रंजिश: गोलीबारी से अवनीश यादव की मौत, मलिक घायल
Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग जैतपुर में प्रधानी की रंजिश ने लिया खूनी मोड़ कार सवार दो सगे भाइयों पर बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग करीब तीन किलोमीटर तक पीछा कर हमलावरों ने कार को घेरा ओवरटेक कर कार रुकवाने के बाद बरसाईं गोलियां गोली लगने से अवनीश यादव की मौत, भाई मलिक गंभीर घायल वारदात के बाद इलाके में तनाव, पुलिस बल तैनात हमलावरों की तलाश में देर रात तक दबिश जारी थाना जैतपुर क्षेत्र के प्यारमपुर गाँव की घटना0
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अलीगढ़ में बिना पंजीकरण हजारों लिफ्ट, लोगों की सुरक्षा सवालों के घेरे में
Aligarh, Uttar Pradesh:अलीगढ़ शहर में हजारियों लिफ्ट बिना पंजीकरण कराये चल रही है लोगों के जीवन के साथ खेला जा रहा है लापरवाही के चलते तीन दिन पहले लिफ्ट डक्ट में गिरकर शहर के प्रॉपर्टी डीलर की हो चुकी है मौत शहर में बनी बहु मंजिला अपार्टमेंट अस्पताल होटल शोरूम वह व्यावसायिक भवनों में लाखों लोग रोजाना लिफ्ट का उपयोग करते हैं लेकिन इन लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे है उत्तर प्रदेश लिफ्ट वह एस्केलेटर 2024 नियमावली चालू किए जाने के करीब 2 साल बीत जाने के बावजूद एक भी लिफ्ट का पंजीकरण नहीं हुआ है महानगर में रामघाट रोड,मैरिक रोड, क्वार्सी,एटा चुंगी,सेंटर प्वाइंट, मेडिकल रोड व स्वर्ण जयंती नगर सहित कई क्षेत्रों में हजारों अपार्टमेंट, हॉस्पिटल, बड़े शोरूम, होटल विकसित हुए हैं बिना पंजीकरण के ही लिफ्ट दौड़ रही हैं और लोगों के जीवन के साथ खेला जा रहा है तीन दिन पहले रामघाट रोड स्थित रसिक अपार्टमेंट में लिफ्ट डक में गिरकर लिफ्ट डक में गिरकर प्रॉपर्टी डीलर की मौत हो चुकी है हादसे के बाद से एक लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है रसिक अपार्टमेंट की लिफ्ट से गिरकर हुई प्रॉपर्टी डीलर की मौत के बाद ADA सख्त हुआ है वीसी कुलदीप मीणा के द्वारा महानगर के विभिन्न अपार्टमेंट होटल अस्पताल व कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की लिफ्टों की जांच करने के आदेश दे दिए हैं कुलदीप मीणा का कहना है अब बिल्डिंग चालू करने से पहले ADA से कंपलीशन सर्टिफिकेट इश्यू होना चाहिए महानगर में 70% से अधिक बिल्डिंग बिना सर्टिफिकेट के चालू की गई है जांच रिपोर्ट आने के बाद बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट के बिल्डिंगों का संचालन करने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई की जाएगी0
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पटना पुलिस ने दवा माफिया नीरज का नेटवर्क ध्वस्त कर दिया
Patna, Bihar:पूर्वी इलाके में सूखे नशे और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई से दवा माफियाओं کا नेटवर्क पूरी तरह चरमरा गया है। गिरफ्तार दवा माफिया नीरज ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसके मुताबिक पुलिस कार्रवाई के कारण अब तक उसे करीब 25 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है और वर्षों से खड़ा किया गया पूरा नेटवर्क ध्वस्त हो गया है। पूर्वी SP परिचय कुमार ने बताया कि नीरज पिछले 25 वर्षों से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था। पूछताछ में सामने आया है कि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से कर्मचारियों की मिलीभगत से दवाओं की चोरी कराई जाती थी। बाद में इन दवाओं का रैपर और पैकेजिंग बदलकर them नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में भेजा जाता था। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि असम, नागालैंड समेत कई राज्यों में एंटी स्नेक वेनम सीरम की सप्लाई की जाती थी। एक vial करीब 1500 रुपये की दर से बेची जाती थी। इसके अलावा कोडीन युक्त कफ सिरप की खेप बांग्लादेश तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह नेटवर्क किस तरह संचालित होता था और खेप किन माध्यमों से भेजी जाती थी। ट्रांसपोर्टरों की भूमिका भी जांच के दायरे में पूछताछ के दौरान नीरज ने कई ट्रांसपोर्ट कंपनियों के नाम भी बताए हैं। इनमें जगदंबा ट्रांसपोर्ट, अमर ट्रांसपोर्ट, जय माता दी ट्रांसपोर्ट, ओम लॉजिस्टिक और न्यू श्री ट्रांसपोर्टर्स शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी को मामले में अप्राथमिक आरोपी बनाया है और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन्हीं ट्रांसपोर्टरों के जरिए अवैध दवाओं की खेप एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाई जाती थी। पूरा परिवार था कारोबार में शामिल पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि नीरज का पूरा परिवार इस अवैध कारोबार में शामिल था। कारोबार से होने वाली कमाई उसके बड़े बेटे के बैंक खाते में मंगाई जाती थी। इधर, ड्रग्स विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित लाइसेंस भी रद्द कर दिया है। वैशाली में खड़ा करने वाला था नया नेटवर्क पटना में पुलिस की सख्ती और लगातार हो रही कार्रवाई से कारोबार ठप होने के बाद नीरज दिल्ली भाग गया था। वहां से लौटने के बाद वह पटना से सटे वैशाली जिले में नया नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसकी योजना पर पानी फेर दिया। गर्लफ्रेंड के एंगल की भी जांच पुलिस सूत्रों के मुताबिक नीरज की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उसकी एक महिला मित्र उससे मिलने पहुंची थी। महिला काफी परेशान नजर आ रही थी। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस अवैध कारोबार में उसकी कोई भूमिका तो नहीं थी।0
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तमनार में पत्तल फेंकने पर झगड़े ने दी हत्या, 24 घंटे में तीन गिरफ्तार
Darogapara, Chhattisgarh:तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम उरबा में एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जहां पत्तल फेंकने की बात को लेकर हुए झगड़े में 37 वर्षीय दामोदर राठिया की हत्या कर दी गई। तमनार पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर हत्या का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में गांव का कोटवार हरिराम चौहान, उसका पुत्र आकाश चौहान और एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल है। पुलिस के अनुसार, 30 मई 2026 की रात दामोदर राठिया को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। मृतक के बहनोई अवधराम राठिया ने पुलिस को बताया कि वह अपनी बेटी के साथ दामोदर के घर गया था। इसी दौरान गांव के कोटवार हरिराम चौहान, उसका पुत्र आकाश चौहान और एक नाबालिग दामोदर के साथ मारपीट कर रहे थे। आरोप है कि आकाश चौहान और नाबालिग ने चाकू से हमला किया, जबकि हरिराम चौहान ने डंडे से वार किया। बीच-बचाव करने पर अवधराम के साथ भी मारपीट की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि घटना की रात दामोदर राठिया ने हरिराम चौहान को भोजन के लिए बुलाया था। भोजन के बाद इस्तेमाल किए गए पत्तल को बाहर फेंकने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो धीरे-धीरे हिंसक झगड़े में बदल गई। इसके बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर लाठी-डंडे और चाकू से हमला कर दामोदर को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा और चाकू बरामद कर लिया है। थाना तमनार में अपराध क्रमांक 122/2026 के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।0
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वन विभाग क्षेत्र में महिला का अर्धनग्न शव मिले: पुलिस जांच शुरू
Bikaner, Rajasthan:श्रीडूंगरगढ़ से बड़ी खबर वन विभाग क्षेत्र में मिला महिला का अर्धनग्न शव सड़क से करीब 50 मीटर दूर पड़ा मिला शव मॉर्निंग वॉक को गए लोगों ने दी पुलिस को सूचना सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस hत्या कर शव फेंकने का लगाया जा रहा अंदेशा पुलिस ने शुरू किए शव की शिनाख्त के प्रयास थाना अधिकारी कश्यप सिंह पहुंचे मौके पर कुछ समय में एफएसएल व MOU टीम पहुंचेगी मौके पर0
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पश्चिमी राजस्थान में टिड्डी खतरे में कमी, अभी अलर्ट बना हुआ
Jodhpur, Rajasthan:पश्चिमी राजस्थान में टिड्डी हमले को लेकर किसानों के लिए राहत भरी खबर है। टिड्डी चेतावनी संगठन के अनुसार फिलहाल प्रदेश में टिड्डी दलों के हमले का कोई खतरा नहीं है। हालांकि विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 55 स्प्रे वाहन और 10 हजार लीटर कीटनाशक तैयार रखे गए हैं। देखिए यह रिपोर्ट... पश्चिमी राजस्थान के किसानों को फिलहाल टिड्डियों से डरने की जरूरत नहीं है। टिड्डी चेतावनी संगठन के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां, सीमा पार की स्थिति और लगातार किए जा रहे सर्वेक्षण यह संकेत दे रहे हैं कि निकट भविष्य में टिड्डी आक्रमण की संभावना बेहद कम है। जोधपुर स्थित क्षेत्रीय टिड्डी केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार के अनुसार राजस्थान और गुजरात में संगठन के 11 सर्कल कार्यालय सक्रिय हैं। तकनीकी टीमें सीमावर्ती इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं क्योंकि भारत में टिड्डियों का प्रवेश आमतौर पर पाकिस्तान की ओर से होता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पाकिस्तान और ईरान में भी टिड्डियों की कोई बड़ी गतिविधि नहीं है। पश्चिमी राजस्थान में भी पर्याप्त हरियाली और नमी नहीं होने से टिड्डी प्रजनन की परिस्थितियां नहीं बन रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक टिड्डी दलों के निर्माण के लिए पर्याप्त बारिश, हरियाली और अनुकूल हवाएं जरूरी होती हैं। फिलहाल ये परिस्थितियां मौजूद नहीं हैं। वहीं संगठन हर 15 दिन में डेजर्ट लोकेस्ट सिचुएशन बुलेटिन जारी कर हालात का आकलन करता है और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की रिपोर्टों पर भी नजर रखता है। हालांकि खतरा कम है, लेकिन विभाग किसी तरह की ढिलाई नहीं बरत रहा। टिड्डी नियंत्रण के लिए 55 अत्याधुनिक स्प्रे वाहन तैयार हैं। इन वाहनों में उच्च क्षमता वाले स्प्रेयर लगे हैं और विभाग के पास 10 हजार लीटर मलेथियान कीटनाशक का पर्याप्त स्टॉक भी मौजूद है। वर्ष 2019 और 2020 के बड़े टिड्डी हमले की यादें अभी भी किसानों के जेहन में ताजा हैं, लेकिन इस बार हालात पूरी तरह नियंत्रण में दिखाई दे रहे हैं। विभाग का दावा है कि निगरानी व्यवस्था मजबूत है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। फिलहाल पश्चिमी राजस्थान में टिड्डी हमले का कोई खतरा नहीं है, लेकिन विभाग लगातार सीमा क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि यदि परिस्थितियां बदलती हैं तो तुरंत नियंत्रण अभियान शुरू किया जाएगा। लोकेश ओला ज़ी मीडिया जोधपुर0
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