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CBI to investigate BSP iron scrap theft; Deputy CM Vijay Sharma forwards the case

Raipur, Chhattisgarh:CBI करेगी BSP लोहा स्क्रैप चोरी की जांच. मामले के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा- काफी दिनों से चीजें चल रही थी, BSP के संदर्भ से विषय सामने आया है, इसका स्पष्टता से और व्यापक जांच होनी चाहिए, पुलिस अच्छा काम कर रही थी जांच की लोगो को arrest किया, बड़ी जांच करानी की बात थी इसलिए CBI को forwarded किया गया है. भाजपा के झीरम को लेकर ट्वीट पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने साधा निशाना, कहा- झीरम घाटी के सबूत नहीं देने पर कसा तंज, जो ट्वीट आया है वो बिल्कुल उचित है, मुश्किल है राजनीति में भूपेश बघेल से बड़ा झूठ बोलने वाला व्यक्ति खोजना, बघेल घोटाले बाज है, झीरम के विषय पर कहूंगा. भूपेश बघेल ने कहा मेरे जेब में सबूत है पांच साल सरकार चली मुख्यमंत्री बनकर उनकी, कभी सबूत लेकर कही गए नहीं किसी को दिखाया नहीं. NIA को अभी भी बता सकते पर कर नहीं रहे है, बाईट- विजय शर्मा, डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़.....
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जलभराव: ट्रॉली ग्रेवल से समाधान नहीं, लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी

Karauli, Rajasthan:जलभराव से निजात के नाम पर एक ट्रॉली ग्रेवल, लोगों में रोष एमडीआर-111 पर नालियों के अभाव से जमा हो रहा बारिश का पानी, स्थायी समाधान की मांग, जिला करौली सपोटरा नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 में उपखंड कार्यालय से दुर्गाशाह वन पौधशाला तक एमडीआर-111 पर जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग ने एक ट्रॉली ग्रेवल डलवाया, लेकिन क्षेत्रवासियों का कहना है कि इससे समस्या का समाधान नहीं हुआ। नालियों के अभाव में सड़क पर बारिश का पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। लोगों ने स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग करते हुए तीन दिन में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। एमडीआर-111 सड़क मार्ग सवाई माधोपुर जिले के नारायणपुर-टटवाड़ा क्षेत्र को सवाई माधोपुर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर से जोड़ता है। इस कारण मार्ग पर स्थानीय लोगों के अलावा श्रद्धालुओं और अन्य वाहन चालकों की भी आवाजाही रहती है। क्षेत्रवासियों के अनुसार बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित होता है। जलभराव से राहत के लिए विभाग की ओर से एक ट्रॉली ग्रेवल डलवाया गया, जिसे लोगों ने अपर्याप्त बताया। उनका कहना है कि केवल ग्रेवल डालने से पानी की निकासी नहीं होगी और समस्या दोबारा बनी रहेगी। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में कागजों में नालियों का निर्माण दर्शाया गया है, जबकि मौके पर नालियां नजर नहीं आतीं। इससे कथित निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से पूरे मामले की जांच कराने, नालियों का निर्माण कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि तीन दिन में समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
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1 अक्टूबर से जन्म-मृत्यू पंजीकरण: 2 साल से पुराने मामलों में न्यायिक मंजूरी जरूरी

Jaipur, Rajasthan:एंकर- जन्म हुआ...लेकिन समय पर सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं कराया, तो अब देरी सिर्फ कागजों की नहीं...आपकी परेशानी भी बढ़ाएगी। एक अक्टूबर से जन्म और मृत्यु के पंजीकरण का नियम बदलने जा रहा है। सबसे बड़ा बदलाव दो साल से ज्यादा पुराने मामलों में होगा। अब ऐसे केस में सिर्फ SDM या प्रशासनिक अधिकारी की मंजूरी से काम नहीं चलेगा...प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश भी लेना होगा। यानी जितना पुराना मामला...उतनी लंबी जांच और उतनी ऊंची मंजूरी। ऐसे में अगर आपके परिवार में किसी का जन्म या मृत्यु अब तक सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है...तो ये खबर आपके बेहद काम की है। ऐसे समझें नई व्यवस्था : 2 साल की सीमा सबसे अहम 1-यदि जन्म या मृत्यु की सूचना घटना के एक साल बाद, लेकिन दो साल पूरे होने से पहले दी जाती है तो पंजीकरण के लिए संबंधित क्षेत्र के जिला मजिस्ट्रेट, एसडीएम या जिला मजिस्ट्रेट की ओर से अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट का आदेश लेना होगा। संबंधित अधिकारी घटना की सत्यता की जांच करने के बाद आदेश देगा और निर्धारित शुल्क भी देना होगा। 2-लेकिन जैसे ही देरी दो साल से अधिक होती है, मामला प्रशासनिक मजिस्ट्रेट के स्तर से निकलकर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के पास जाएगा। न्यायिक मजिस्ट्रेट घटना की सत्यता का सत्यापन करने के बाद ही पंजीकरण का आदेश दे सकेगा। इसके बाद रजिस्ट्रार जन्म या मृत्यु को रिकॉर्ड में दर्ज कर सकेगा। बहरहाल, जन्म और मृत्यु का पंजीकरण जितना जल्दी कराया जाएगा, आगे की प्रक्रिया उतनी ही आसान रहेगी। खासकर दो साल की अवधि पार होने के बाद अब प्रशासनिक मंजूरी के साथ मामला खत्म नहीं होगा। न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश की अतिरिक्त प्रक्रिया जुड़ जाएगी। इसलिए परिवार में जन्म या मृत्यु होने पर पंजीकरण को वर्षों तक टालना अब ज्यादा प्रक्रियागत परेशानी बढ़ा सकता है。
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कांग्रेस का पैदल मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग तेज

Bikaner, Rajasthan:मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का पैदल मार्च कोटगेट से जिला कलेक्टर कार्यालय तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाला पैदल march शहर और देहात कांग्रेस कमेटी ने संयुक्त रूप से किया विरोध प्रदर्शन राजस्थान कांग्रेस के निर्देश पर जिला मुख्यालय पर आयोजित हुआ प्रदर्शन कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर कार्यालय के आगे पुतला दहन कर इस्तीफे की मांग की प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी लगातार आवाज उठा रही है प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई और अपनी आपत्तियां सार्वजनिक रूप से रखीं
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वाराणसी में धनराज हाथी तालाब में उतरा, रामलीला प्रभावित

JPJai Pal2m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:Varanasi Breaking * वाराणसी में खाना देर से मिलने पर काशी राजपरिवार के हाथी धनराज का बिगड़ा मूड. * बेड़ियां तोड़कर पंपासर पोखरे में जा उतरा गजराज धनराज. * हाथी के तालाब में उतरते ही लोगों में मची भगदड़. * रामनगर की रामलीला के लिए आजमगढ़ के जीयनपुर से आया है धनराज. * पंचवटी मैदान के खुले बगीचे में महावत के साथ रहते हैं चार हाथी. * सुबह करीब 11:30 बजे बेड़ियां तोड़कर तालाब में उतरा धनराज. * महावत के मान-मनौव्वल के बाद भी नहीं माना हाथी. * पेड़ की डालियां दिखाकर हाथी को तालाब से बाहर निकालने का किया प्रयास. * करीब चार घंटे बाद तालाब से बाहर निकला धनराज. * बाहर आने के बाद हाथी को खिलाया गया खाना, महावतों ने संभाली स्थिति. * धनराज के तालाब में उतरे की सूचना से रामलीला आयोजन से जुड़े लोग परेशान. * पिछले छह वर्षों से काशी राजपरिवार के अनंत नारायण सिंह इसी हाथी की पीठ पर बैठकर देखते हैं रामलीला. * हाथी के शांत होने के बाद महावत उसे वापस रामलीला स्थल पर लेकर पहुंचे
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वाराणसी पुलिसकर्मी की ड्यूटी छोड़ डांसरों की रिकॉर्डिंग: वीडियो वायरल, जांच के आदेश

JPJai Pal2m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:• वाराणसी के लाट भैरव मेले में सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बार बालाओं का वीडियो बनाते कैमरे में कैद, वीडियो वायरल。 • संवेदनशील क्षेत्र में ड्यूटी छोड़कर मोबाइल से डांसरों की रिकॉर्डिंग करते दिखे पुलिसकर्मी。 • सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद वाराणसी पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल。 • मामले का वीडियो सामने आने के बाद वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने घटना की जांच के दिए आदेश。 • ड्यूटी में लापरवाही बरतने और विभाग की छवि धूमिल करने वाले पुलिसकर्मियों पर गिर सकती है गाज。
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संभल में विधवा पेंशन घोटाला: 404 मृतक, 58 अपात्र खाते में पेंशन

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल में विधवा पेंशन मामले में महिला कल्याण विभाग की लापरवाही का हैरतअंगेज खुलासा हुआ. विधवा पेंशन वेरिफिकेशन में 404 मृतकों के नाम सामने आए और 58 अपात्र पाए गए. मृतक के बैंक खाते में विधवा पेंशन जारी होने के मामले सामने आए, जबकि जीवित विधवा बुजुर्ग महिलाएं 8 महीने से पेंशन के लिए भटक रहीं हैं. पंवासा की जीवित विधवा बुजुर्ग महिला को अभिलेखों में मृत दर्शा पेंशन रोकी गई. ग्राम पंचायत और नगरपालिका परिषद के सत्यापन में 404 मृतविधवाओं, 58 अपात्रों को पेंशन जारी होने का खुलासा हुआ. सत्यापन के बाद संभल में सबसे अधिक 53 मृतक विधवा मिलीं. मृतक विधवाओं के खाते में पेंशन जारी होने के खुलासे के बाद महिला कल्याण विभाग जागा. मृतक विधवाओं/अपात्रों के बैंक खाते से पेंशन वसूली के लिए बैंक खातों को होल्ड कराया गया. नॉमिनी से पेंशन वसूली की तैयारी शुरू हो गई है. मामले की जानकारी के बाद बीजेपी मंत्री गुलाब देवी ने विभाग की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.
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गुज़ुकी गांव में सीवरेज लाइन से सड़क दलदल, बच्चों के लिए खतरा बढ़ा

Alwar, Rajasthan:गुजुकी में सीवरेज लाइन के काम से हादसे का खतरा,\n\n कीचड़ भरी सड़क से गुजरने को मजबूर स्कूली बच्चे\n\n\nअलवर शहर से करीब 6 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र के गुजुकी गांव में सीवरेज लाइन डालने के काम में लापरवाही के चलते ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है। गांव की मुख्य सड़क पर जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी मार्ग से आदर्श ग्राम गुजुकी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बच्चे भी रोजाना गुजरते हैं।\n\nकीचड़ और पानी के बीच से निकलते समय बच्चों को संतुलन बनाए रखने के लिए बिजली के पोल और नीचे लगे स्टार्टर का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में पानी में करंट उतरने की आशंका के चलते किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की है।\n\nपानी की लाइन के ऊपर डाली जा रही सीवरेज लाइन\n\nगांव निवासी कुलदीप शर्मा, संजय कुमार और हरिओम ने बताया कि गांव में पहले जल जीवन मिशन (JJM) के तहत पेयजल लाइन डाली गई थी, जो वर्तमान में चालू है। अब गांव में सीवरेज लाइन डालने का काम चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर सीवरेज लाइन पानी की पाइपलाइन के ठीक ऊपर डाली जा रही है। इसके चलते कई जगह पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होकर लीक हो गई है।\n\nग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन में लीकेज के कारण सड़क पर पानी जमा हो रहा है और सीवरेज कार्य के चलते पहले से ही सड़क की स्थिति खराब है। कीचड़ और पानी के बीच स्कूली बच्चों सहित ग्रामीणों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने सीवरेज कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने, लीकेज ठीक करने और सड़क को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।
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राजसमंद में कांग्रेस का भारी विरोध प्रदर्शन, पुतला दहन के साथ हिंसक दृश्य

Rajsamand, Rajasthan:राजसमंद से बड़ी खबर राजसमंद में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, पुतला दहन और ज़ोरदार प्रदर्शन राजसमंद में कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा, बैरिकेड्स पर चढ़े नेताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का किया इस्तेमाल विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जिला कलेक्ट्रेट परिसर के सभी गेट किये बंद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बाहर ही रोका गया, भारी पुलिस फोर्स रही तैनात राजसमंद जिलेभर के सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला दहन किया राजसमंद कांग्रेस जिला अध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में हुआ विरोध प्रदर्शन
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900 करोड़ जल जीवन मिशन घोटाला: सुप्रीम कोर्ट से दो आरोपी जमानत, 10 अभी जेल में

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान के चर्चित 900 करोड के JJM घोटाले में 2 महीने बाद पूर्व मंत्री के करीबी और इंजीनियर को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, अभी भी 10 आरोपी जेल में आशीष चौहान, जयपुर-राजस्थान का चर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से दो आरोपियों को बडी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी संजय बढ़ाया और शुभांशु दीक्षित को जमानत दे दी है, लेकिन अभी भी पानी के घोटाले में आरोपी जेल की सलाखों के पीछे है. पूर्व मंत्री समेत 10 आरोपी अभी जेल में बंद है. 900 करोड के घोटाले में कई आरोपियों की याचिका- राजस्थान में 900 करोड के जल जीवन मिशन घोटाले के दो आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. पीएचईडी के एडिशनल चीफ इंजीनियर शुभांशु दीक्षित और प्रॉपर्टी कारोबारी संजय बढ़ाया को सुप्रीम राहत मिली है. दोनों आरोपियों को एसीबी की एसआईटी ने जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया था. शुभांशु दीक्षित को करीब 7 महीने बाद और 5 महीने बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है. इससे पहले हाईकोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की थी. घोटाले का मास्टरमाइंड है संजय- आरोप है कि संजय बड़ाया घोटाले का मास्टरमाइंड है. वह बिचौलिया की भूमिका में रहा था. बड़ाया थाईलैंड में हुई एक शादी में शामिल होकर भारत लौटा था. दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही ब्यूरो इमीग्रेशन ने तुरंत एसीबी को सूचना दी थी. इसके बाद एसीबी ने बढ़ाया को गिरफ्तार किया था. बढ़ाया के खिलाफ पहले से ही लुक आउट नोटिस जारी किया गया था. जांच एजेंसियों के अनुसार संजय बड़ाया पूर्व मंत्री महेश जोशी के करीबी है. पर्दे के पीछे संजय बढ़ाया विभाग को संभालता था. जांच एजेंसी का दावा है कि वह पैसों के लेन-देन, ट्रांसफर-पोस्टिंग, नए लोगों को जोड़ने और टेंडरों में कथित गड़बड़ियों के काम में सक्रिय भूमिका निभाता था. इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी करता था- जयपुर के रहने वाले संजय बढ़ाया को एसीबी से पहले ईडी ने उसे 16 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया था, जबकि 17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट से उसे जमानत मिली थी. अब एसीबी के भ्रष्टाचार के केस में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है. जांच में सामने आया कि वह 2022 तक एक इंश्योरेंस कंपनी में करीब 7 लाख रुपए सालाना वेतन पर नौकरी करता था, लेकिन जे JEJM घोटाले के कुछ ही समय में करोड़पति बन गया. शुभांशु दीक्षित के आरोप- अतिरिक्त मुख्य अभियंता शुभांशु दीक्षित RWSSM बोर्ड के सचिव थे. इस घोटाले में शुभांशु दीक्षित की भूमिका के भी आरोप थे. श्रीश्याम और गणपति ट्यूबवेल फर्म को फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए टैंडर हासिल किए थे. जिसमें 900 करोड टैंडर दिए थे. ये 10 आरोपी अभी जेल की सलाखों के पीछे- 1. महेश जोशी, पूर्व जलदाय मंत्री 2. सुबोध अग्रवाल, पूर्व आईएएस, तत्कालीन पीएचईडी एसीएस 3. केडी गुप्ता, तत्कालीन शहरी Chief इंजीनियर 4. दिनेश गोयल, तत्कालीन स्पेशल प्रोजेक्ट Chief इंजीनियर 5. DK गौड, तत्कालीन तकनीकी Chief इंजीनियर 6. निरिल कुमार, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, JJEM 7. सुशील शर्मा, तत्कालीन वित्तीय सलाहकार, JJEM 8. एमपी सोनी, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, डीडवाना 9. विशाल सक्सेना, तत्कालीन अधिशाषी अभियन्ता 10. मुकेश पाठक, इरकॉन कंपनी में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाला पूर्व मंत्री ने लगा रखी याचिका- पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत कई आरोपियों की हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका दायर की हुई है. केंद्र सरकार की उपक्रम कंपनी इरकॉन कंपनी के नाम से गणपति और श्रीश्याम ट्यूबवेल फर्म को करीब 969 करोड के टैंडर दिए थे.
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जल जीवन मिशन घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने संजय बढ़ाया दीक्षित को जमानत दी

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान का चर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से दो आरोपियों को जमानत मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी संजय बढ़ाया और शुभांशु दीक्षित को जमानत दे दी है, लेकिन अभी भी पानी के घोटाले में आरोपी जेल की सलाखों के पीछे है. पूर्व मंत्री समेत 10 आरोपी अभी जेल में बंद है. आशीष चौहान, जयपुर-राजस्थान का चर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से दो आरोपियों को जमानत मिल गई है. पीएचईडी के एडिशनल चीफ इंजीनियर शुभांशु दीक्षित और प्रॉपर्टी कारोबारी संजय बढ़ाया को सुप्रीम राहत मिली है. दोनों आरोपियों को एसीबी की एसआईटी ने जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया था. शुभांशु दीक्षित को करीब 7 महीने बाद और 5 महीने बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है. इससे पहले हाईकोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की थी. घोटाले का मास्टरमाइंड है संजय- आरोप है कि संजय बढ़ाया घोटाले का मास्टरमाइंड है. वह बिचौलिया की भूमिका में रहा था. बढ़ाया थाईलैंड में हुई एक शादी में शामिल होकर भारत लौटा था. दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही ब्यूरो इमीגרेशन ने तुरंत एसीबी को सूचना दी थी. इसके बाद एसीबी ने बढ़ाया को गिरफ्तार किया था. बढ़ाया के खिलाफ पहले से ही लुक आउट नोटिस जारी किया गया था. जांच एजेंसियों के अनुसार संजय बड़ाया पूर्व मंत्री महेश जोशी के करीबी है. पर्दे के पीछे संजय बढ़ाया विभाग को संभालता था. जांच एजेंसियों का दावा है कि वह पैसा के लेन-देन, ट्रांसफर-पोस्टिंग, नए लोगों को जोड़ने और टेंडरों में कथित गड़बड़ियों के काम में सक्रिय भूमिका निभाता था. इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी करता था- जयपुर के रहने वाले संजय बढ़ाया को एसीबी से पहले ईडी ने उसे 16 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया था, जबकि 17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट से उसे जमानत मिली थी. अब एसीबी के भ्रष्टाचार के केस में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है. जांच में पता चला कि वह 2022 तक एक इंश्योरेंस कंपनी में करीब 7 लाख रुपए सालाना वेतन पर नौकरी करता था, लेकिन JJM घोटाले के कुछ ही समय में करोड़पति बन गया. शुभांशु दीक्षित के आरोप- अतिरिक्त मुख्य अभियंता शुभांशु दीक्षित RWSSM बोर्ड के सचिव थे. इस घोटाले में शुभांशु दीक्षित की भूमिका के भी आरोप थे. श्रीश्याम और गणपति ट्यूबवेल फर्म को फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए टैंडर हासिल किए थे. जिसमें 900 करोड़ टैंडर दिए थे. ये 10 आरोपी अभी जेल की सलाखों के पीछे- 1. महेश जोशी, पूर्व जलदाय मंत्री 2. सुबोध अग्रवाल, पूर्व आईएएस, तत्कालीन पीएचईडी एसीएस 3. केडी गुप्ता, तत्कालीन शहरी चीफ इंजीनियर 4. दिनेश गोयल, तत्कालीन स्पेशल प्रोजेक्ट चीफ इंजीनियर 5. DK गौड, तत्कालीन तकनीकी चीफ इंजीनियर 6. निरिल कुमार, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, जेजेएम 7. सुशील शर्मा, तत्कालीन वित्तीय सलाहकार, जेजेएम 8. एमपी सोनी, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, डीडवाना 9. विशाल सक्सेना, तत्कालीन अधिशाषी अभियन्ता 10. मुकेश पाठक, इरकॉन कंपनी में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाला पूर्व मंत्री ने लगी याचिका- पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत कई आरोपियों की हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका दायर की हुई है. केंद्रीय सरकार की उपक्रम कंपनी इरकॉन कंपनी के नाम से गणपति और श्रीश्याम ट्यूबवेल फर्म को करीब 969 करोड़ के टैंडर दिए थे.
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