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Sahibzada Ajit Singh Nagar
Kuldeep SinghKuldeep SinghFollow13 Sept 2024, 05:28 am
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नूरपुर की ग्राम पंचायत सुलयाली में स्वच्छता अभियान से हुआ साफ-सफाई का बड़ा असर

Nurpur, Himachal Pradesh:सुलयाली पंचायत में चला स्वच्छता अभियान पंचायत कार्यालय, बस स्टैंड व आसपास के क्षेत्रों में की सफाई, लोगों से खुले में कूड़ा न फेंकने की अपील लोकेशन नूरपुर, भूषण शर्मा एंकर -स्वच्छ भारत मिशन के तहत नूरपुर की ग्राम पंचायत सुलयाली में स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पंचायत प्रधान, उपप्रधान, पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सदस्यों तथा स्थानीय लोगों ने मिलकर पंचायत कार्यालय, बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में सफाई की। इस दौरान लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए अपने घरों और दुकानों का कूड़ा-कचरा खुले में न फेंकने की अपील की गई। पंचायत प्रतिनिधियों ने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने घरों और दुकानों में डस्टबिन रखें तथा कूड़े को निर्धारित स्थान पर ही डालें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने से गंदगी फैलने के साथ-साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। पंचायत प्रधान टीनू ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन चलने वाला अभियान नहीं है, बल्कि यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पंचायत कार्यालय और बस स्टैंड के आसपास सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें पंचायत वार्ड सदस्यों, आंगनबाड़ी सदस्यों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने पंचायतवासियों से अपील की कि वे इधर-उधर कूड़ा न फेंकें और घरों तथा दुकानों में डस्टबिन का इस्तेमाल करें। उन्होंने बताया कि पंचायत की ओर से जल्द ही कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू की जाएगी, जिसके लिए लोगों से निर्धारित शुल्क लिया जाएगा। प्रधान टीनू ने कहा कि यदि सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कूड़े का सही तरीके से निपटारा करें, तो पंचायत क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने में मदद मिलेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जगह-जगह लगने वाले कूड़े के ढेर की समस्या से भी निजात मिल सकेगी। वहीं, पंचायत उपप्रधान कम्मी ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सदस्यों और स्थानीय लोगों ने मिलकर बस स्टैंड तथा आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और दुकानों का कूड़ा-कचरा खुले में न फेंकें, बल्कि डस्टबिन में डालकर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उसका निपटारा करें। बाइट - पंचायत प्रधान टीनू बाइट - पंचायत उपप्रधान कम्मी
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ओमान के पास मालवाहक जहाज पर हमला: देवरिया के सूरज यादव की मौत

Noida, Uttar Pradesh:ओमान के पास भारत आ रहे मालवाहक जहाज MV Cape Dao पर बुधवार को हुए हमले में देवरिया के सूरज यादव की मौत। भारतीय दूतावास, मस्कट ने एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि की है। ओमानी अधिकारियों के साथ मिलकर दूतावास जहाज पर सवार भारतीयों की सुरक्षा और मृतक के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया में समन्वय कर रहा है। यूनियन के मुताबिक सूरज जहाज पर वाइपर के पद पर तैनात थे। जहाज पर कुल 28 क्रू सदस्य सवार थे। ओमानी अधिकारियों के अनुसार हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई। रॉयल नेवी ऑफ ओमान ने 27 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला।
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ED की छापेमारी: मोहाली के गमाडा दफ्तर में छापेमारी, अदालत ने नियुक्त किया वारंट अधिकारी

Chandigarh, Chandigarh:ਮੋਹਾਲੀ ਦੇ ਗਮਾਡਾ ਦਫਤਰ ਦੇ ਵਿੱਚ ਇਸ ਵਕਤ ਲਗਾਤਾਰ ਪਿਛਲੇ ਕਰੀਬ 24 ਘੰਟੇ ਤੋਂ ਵੱਧ ਦਾ ਸਮਾਂ ਹੋ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਕਿ ਈਡੀ ਵੱਲੋਂ ਛਾਪੇਮਾਰੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਈਡੀ ਵੱਲੋਂ ਸੂਬੇ ਭਰ ਵਿੱਚ ਵੱਖੋ ਵੱਖ ਥਾਵਾਂ ਉੱਤੇ ਇਸ ਵਕਤ ਛਾਪੇਮਾਰੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਲੇਕਿਨ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ਦੇ ਉੱਤੇ ਇਸ ਵਕਤ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਜੋ ਈਡੀ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀ ਹਨ ਉਹ ਇਸ ਵਕਤ ਮੋਹਾਲੀ ਦੇ ਗਮਾਡਾ ਦਫਤਰ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ ਜਿੰਨਾ ਵੱਲੋਂ ਹਰੇਕ ਰਿਕਾਰਡ ਨੂੰ ਜਾਂਚਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਪਰਖਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ .......\n\nਇਸ ਮਾਮਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਹੁਣ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਮਾਨਯੋਗ ਅਦਾਲਤ ਦਾ ਰੁੱਖ ਵੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਅਤੇ ਮਾਨਯੋਗ ਅਦਾਲਤ ਵੱਲੋਂ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਾਰੰਟ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਨਿਯੁਕਤ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਜਿਸ ਵੱਲੋਂ ਅੱਜ ਦੁਪਹਿਰ 2 ਵਜੇ ਤੱਕ ਈਡੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਛਾਪੇਮਾਰੀ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਇੱਕ ਰਿਪੋਰਟ ਮਾਣਯੋਗ ਅਦਾਲਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ。
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अकाली दल गवर्नर से मिलने पहुँचा: अमरजीत चावला केस में तेज़ जांच और चुनाव

Noida, Uttar Pradesh:ਅੱਜ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਪੁਨਰ ਸੁਰਜੀਤ ਦਾ ਇੱਕ ਵਫਦ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮਾਨਯੋਗ ਗਵਰਨਰ ਗੁਲਾਬ ਚੰਦ ਕਟਾਰੀਆ ਨੂੰ ਮਿਲਣ ਦੇ ਲਈ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਹ ਵਫਦ ਕਰੀਬ 11 ਵਜੇ ਲੋਕ ਭਵਨ ਪਹੁੰਚੇਗਾ ਇਸ ਵਫਦ ਵੱਲੋਂ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਚਾਵਲਾ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਉੱਚ ਪੱਧਰੀ ਜਾਂਚ ਦੀ ਮੰਗ ਬਾਬਤ ਇੱਕ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਸੂਬੇ ਦੇ ਗਵਰਨਰ ਨੂੰ ਸੌਂਪਿਆ ਗਿਆ ਇਸ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਵਿੱਚ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਤੇਜ਼ੀ ਲਿਆਣਾ ਅਤੇ ਅਮਰਜੀਤ ਚਾਵਲਾ ਦੇ ਨਾਲ ਹੋਰ ਕਿਹੜੇ ਲੋਕ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਨੂੰ ਜਨਤਾ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਕਾਰਵائی ਕਰਦਾ ਅਤੇ ਪੀੜਿਤ ਮਹਿਲਾ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ ਦੇਣ ਬਾਬਤ ਗੱਲ ਰੱਖੀ ਜਾਵੇਗੀ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਐਸਜੀਪੀਸੀ ਚੋਣਾਂ ਜਲਦ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਮੰਗ ਵੀ ਇਸ ਵਫਤ ਵੱਲੋਂ ਰੱਖੀ ਜਾਵੇਗੀ ....... ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਈ ਅਹਿਮ ਮੁੱਦਿਆਂ ਬਾਬਤ ਵੀ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ。
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पंडवाला-खेड़ी रोड पर गैस पाइपलाइन फटने से बड़ा खड्ड, इलाके में दहशत

Dera Bassi, Punjab:ਡੇਰਾਬੱਸੀ। ਡੇਰਾਬੱਬੀ ਖੇਤਰ ਦੇ ਪਡਵਾਲਾ-ਖੇੜੀ ਰੋਡ 'ਤੇ ਖੁਦਾਈ ਦੌਰਾਨ ਨਿਜੀ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਮੁੱਖ ਗੈਸ ਪਾਈਪਲਾਈਨ ਡੈਮੇਜ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਹਫ਼ੜਾ-ਦਫ਼ੜੀ ਮਚ ਗਈ। ਪਾਈਪਲਾਈਨ ਫਟਣ ਤੋਂ ਬਾਅਮ ਗੈਸ ਬਹੁਤ ਤੇਜ਼ ਪ੍ਰੈਸ਼ਰ ਨਾਲ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਣ ਲੱਗੀ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਸੜਕ ਕਿਨਾਰੇ ਵੱਡਾ ਖੱਡਾ ਬਣ ਗਿਆ। ਘਟਨਾ ਨੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਵਿੱਚ ਦਹਿਸ਼ਤ ਪੈਦਾ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਡਾ੧ੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮੁਤਾਬਕ ਪੰਡਵਾਲਾ-ਖੇੜੀ ਰੋਡ 'ਤੇ ਜੇਸੀਬੀ ਮਸ਼ੀਨ ਰਾਹੀਂ ਖੁਦਾਈ ਦਾ ਕੰਮ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਸੀ। ਇਸੇ ਦੌਰਾਨ ਜ਼ਮੀਨ ਦੇ ਹੇਠੋਂ ਲੰਘ ਰਹੀ ਗੈਸ ਪਾਈਪਲਾਈਨ ਜੇਸੀਬੀ ਦੀ ਚਪੇਟ ਵਿੱਚ ਆ ਗਈ ਅਤੇ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨੁਕਸਾਨੀ ਗਈ। ਪਾਈਪਲਾਈਨ ਡੈਮੇਜ ਹੁੰਦੇ ਹੀ ਗੈਸ ਤੇਜ਼ ਪ੍ਰੈਸ਼ਰ ਨਾਲ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਣ ਲੱਗੀ。 ਗੈਸ ਦੇ ਤੇਜ਼ ਪ੍ਰੈਸ਼ਰ ਕਾਰਨ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਮmittੀ ਦੂਰ ਤੱਕ ਉੱਡਦੀ ਦਿਖਾਈ ਦਿੱਤੀ ਅਤੇ ਸੜਕ ਕਿਨਾਰੇ ਵੱਡਾ ਖੱਡਾ ਬਣ ਗਿਆ। ਘਟਨਾ ਦੌਰਾਨ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਖ਼ਤਰਾ ਅੱਗ ਲੱਗਣ ਦਾ ਸੀ, ਕਿਉਂਕਿ ਗੈਸ লੀਕ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਕਿਸੇ ਵੀ ਚਿੰਗਾਰੀ ਜਾਂ ਅੱਗ ਦੇ ਸੰਪਰਕ ਵਿੱਚ ਆਉਣ ਨਾਲ ਵੱਡਾ ਹਾਦਸਾ ਵਾਪਰ ਸਕਦਾ ਸੀ। ਇਸ ਕਾਰਨ ਆਸ-ਪਾਸ ਵਾਲੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕੁਝ ਸਮੇਂ ਲਈ ਸਹਿਮ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਬਣ ਗਿਆ। ਘਟਨਾ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਦੇ ਹੀ ਪੁਲਸ, ਸਥਾਨਕ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਅਧਿਕਾਰੀ ਅਤੇ ਗੈਸ ਕੰਪਨੀ ਦੇ ਕਰਮਚਾਰੀ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ। ਸਥਿਤੀ ਦੀ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨੂੰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਟੀਮ ਵੱਲੋਂ ਤੁਰੰਤ ਕਾਰਵਾਈ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ_G ਗੈਸ ਪਾਈਪਲਾਈਨ ਦਾ ਮੁੱਖ ਵਾਲਵ ਬੰਦ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਵਾਲਵ ਬੰਦ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੈਸ ਦਾ teਜ਼ ਪ੍ਰੈਸ਼ਰ ਰੁਕਿਆ ਅਤੇ ਹਾਲਾਤ 'ਤੇ ਕਾਬੂ ਪਾਇਆ ਗਿਆ।
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AAP महिला विंग ब्लॉक प्रधान के पति के साथ मारपीट: कपूरथला बस स्टैंड मामला

Kapurthala, Punjab:कपूरथला बस स्टैंड में ऑटो चालक से मारपीट का आरोप AAP महिला विंग की ब्लॉक प्रधान के पति ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की कपूरथला से आम आदमी पार्टी की महिला विंग की ब्लॉक प्रधान के पति के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि कपूरथला बस स्टैंड में ऑटो लेकर पहुंचने के बाद कुछ कर्मचारियों के साथ उनकी कहासुनी हुई, जिसके बाद कई लोगों ने उनके साथ मारपीट की। बुजुर्ग मां और मानसिक रूप से कमजोर बेटी को लेकर बस स्टैंड पहुंचे थे AAP महिला विंग की ब्लॉक प्रधान के अनुसार, उनके पति ऑटो चालक हैं। बीती शाम वह अपनी बुजुर्ग मां और मानसिक रूप से कमजोर बेटी को लेकर कपूरथला बस स्टैंड पहुंचे थे। परिवार को वहां से बाबा बकाला साहिब जाना था। परिजनों को बस में बैठाने के लिए वह ऑटो को बस स्टैंड के अंदर लेकर गए थे। ऑटो अंदर ले जाने को लेकर कर्मचारियों से हुई कहासुनी उन्होंने आरोप लगाया कि बस स्टैंड के अंदर मौजूद कर्मचारियों ने ऑटो अंदर लाने पर आपत्ति जताई और कहा कि बस स्टैंड के अंदर ऑटो लाना मना है। महिला विंग प्रधान का कहना है कि उनके पति किसी सवारी को लेकर नहीं आए थे, बल्कि अपनी बुजुर्ग मां और मानसिक रूप से कमजोर बेटी को बस में बैठाने के लिए अंदर पहुंचे थे। इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। गोदाम में ले जाकर मारपीट करने का आरोप महिला विंग प्रधान ने आरोप लगाया कि कहासुनी के बाद उनके पति को एक गोदाम में ले जाया गया, जहां कई लोगों ने उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि मारपीट के दौरान उनके पति बेहोश हो गए। बुजर्ग सास ने फोन पर दी मामले की जानकारी महिला विंग प्रधान के अनुसार, जब उनके husband के साथ मारपीट हुई और वह बेहोश हो गए, तो उनकी बुजुर्ग सास ने उन्हें फोन पर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद वह पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुंचीं और अपने पति को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार ने पुलिस से मांग की है कि मारपीट में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। थाना सिटी में मामला दर्ज, जांच जारी वहीं, पुलिस के अनुसार मामला पुलिस के संज्ञान में है। थाना सिटी कपूरथला में केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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सरकाघाट के शौर्यन शर्मा Google इंडिया में टेक्निकल सॉल्यूशन एडवाइजर बने

Mandi, Himachal Pradesh:मंडी जिले के सरकाघाट उपमंडल स्थित तताहर गांव के रहने वाले युवा तकनीकी विशेषज्ञ शौर्यन शर्मा ने दुनिया की दिग्गज आईटी कंपनी गूगल इंडिया में जगह बनाकर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। शौर्यन को कंपनी में तकनीकी समाधान सलाहकार के पद पर चुना गया है, इस बड़ी कामयाबी से उनके गृह क्षेत्र सरकाघाट और तताहर गांव में खुशी का माहौल है, गूगल इंडिया में तकनीकी समाधान सलाहकार बने सरकाघाट के शौर्यन शर्मा अमेरिका में पेटेंट सहित तकनीकी क्षेत्र में हासिल की कई उपलब्धियां सरकाघाट मंडी जिले के सरकाघाट क्षेत्र के तताहर गांव निवासी युवा तकनीकी विशेषज्ञ शौर्यन शर्मा ने प्रतिष्ठित प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल इंडिया में तकनीकी समाधान सलाहकार के पद पर नई जिम्मेदारी संभाली है। वर्तमान में वह हैदराबाद, तेलंगाना में कार्यरत हैं। इस उपलब्धि से उनके परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। उनकी नई जिम्मेदारी के साथ वार्षिक पैकेज करीब 50 लाख रुपये बताया जा रहा है। गूगल इंडिया से पहले शौर्यन शर्मा ने बैंक ऑफ अमेरिका में करीब तीन वर्षों तक कार्य किया। उन्होंने जनवरी 2023 में वरिष्ठ तकनीकी सहयोगी के रूप में अपने पेशेवर सफर की शुरुआत की। इसके बाद जुलाई 2023 से दिसंबर 2025 तक उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने वित्तीय तकनीक के क्षेत्र में सुरक्षित और आधुनिक सॉफ्टवेयर प्रणालियों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया。 एमडीपीएस फरीदाबाद से वीआईटी तक का सफर शौर्यन ने अपनी स्कूली शिक्षा मॉडर्न दिल्ली पब्लिक स्कूल, फरीदाबाद से पूरी की। इसके बाद उन्होंने वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर विज्ञान में बीटेक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उनकी रुचि सॉफ्टवेयर विकास, उपयोगकर्ता अनुभव डिजाइन और आधुनिक डिजिटल तकनीकों में विकसित हुई。 वीआईटी में अध्ययन के दौरान वह कोडशेफ-वीआईटी से भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने यूएक्स/यूआई डिजाइन और फ्रंटएंड विकास से संबंधित कार्य किए। इसके अलावा एसीएम-वीआईटी के एप्टीट्यूड-21 हैकाथॉन में ऐप विकास के लिए उन्होंने द्वितीय स्थान हासिल किया。 बैंक ऑफ अमेरिका में कार्य करते हुए शौर्यन ने ग्राहक पंजीकरण और संपत्ति प्रबंधन से संबंधित तकनीकी प्रणालियों के विकास पर कार्य किया। उन्होंने सुरक्षित एवं विस्तार योग्य सॉफ्टवेयर प्रणाली विकसित करने के साथ-साथ पुरानी तकनीकी प्रणालियों को आधुनिक तकनीक में बदलने, वास्तविक समय की एपीआई सेवाओं के विकास तथा साइबर सुरक्षा और डाटा गोपनीयता को मजबूत करने में योगदान दिया。 अमेरिका में पेटेंट भी दर्ज शौर्यन शर्मा की उपलब्धियों में अमेरिका में उनके नाम दर्ज पेटेंट भी प्रमुख है। “सिस्टम फॉर इंटेलिजेंट एंड इंटीग्रेटेड प्रिजर्वेशन ऑफ मल्टीपल इलेक्ट्रॉनिक डाटा रिकॉर्ड्स विदिन ए डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक डाटा रजिस्टर” शीर्षक से उनके नाम अमेरिकी पेटेंट दर्ज है。 यह उपलब्धि ब्लॉकचेन, वितरित बहीखाता और विकेंद्रीकृत तकनीकों के क्षेत्र में उनके तकनीकी कार्य एवं नवाचार को दर्शाती है। उन्हें जावा, पायथन, सी++, रिएक्ट, एंगुलर, पोस्टग्रेएसक्यूएल, डॉकर, एडब्ल्यूएस और सॉलिडिटी सहित कई आधुनिक तकनीकों का अनुभव है। उन्होंने गूगल यूएक्स डिजाइन प्रमाणपत्र भी हासिल किया है。 पिता एनएचपीसी में महाप्रबंधक शौर्यन के पिता विनोद कुमार शर्मा एनएचपीसी लिमिटेड में विद्युत महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने एनआईटी हमीरपुर से विद्युत अभियंत्रण में बीटेक तथा संचालन प्रबंधन में एमबीए किया है। एनएचपीसी में 28 वर्षों से अधिक की सेवा के दौरान उन्होंने देश की विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं और विद्युत केंद्रों में सेवाएं दी हैं। वर्तमान में वह एनएचपीसी मुख्यालय फरीदाबाद में कार्यरत हैं。 उनकी माता कल्पना शर्मा भी उच्च शिक्षित हैं। उन्होंने एमए, बीएड और बीएससी की शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने परिवार और बच्चों की देखभाल को प्राथमिकता देते हुए अपने शिक्षण कार्य से विराम लिया और गृहिणी के रूप में परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं। शौर्यन का छोटा भाई वर्तमान में नौवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है。 शौर्यन के मामा राकेश शर्मा ने बताया कि शौर्यन शांत स्वभाव के हैं और अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित रहते हैं। उन्हें फुटबॉल और संगीत में भी विशेष रुचि है। गूगल इंडिया में उनकी नियुक्ति और तकनीकी क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है。
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू, पारदर्शिता बढ़ेगी

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में अब कोर्ट की कार्यवाही को लाइव देखा जा सकेगा। हाईकोर्ट में बुधवार को कोर्ट कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग और एडवांस्ड हाइब्रिड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की शुरुआत की गई। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया ने इसका उद्घाटन किया。 उद्घाटन के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह केवल तकनीकी सुविधा की शुरुआत नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था को और पारदर्शी, सुलभ और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि खुले न्याय की व्यवस्था न्याय प्रणाली का अहम हिस्सा रही है और लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही तक लोगों की सीधी पहुंच बढ़ेगी。 मुख्य न्यायाधीश ने हालांकि स्पष्ट किया कि पारदर्शिता का मतलब प्रचार नहीं है। कोर्ट की गरिमा, गंभीरता और अनुशासन हर स्थिति में बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य जनता को सार्थक तरीके से न्यायिक कार्यवाही तक पहुंच देना है, न कि इसे मनोरंजन का माध्यम बनाना。 उन्होंने हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए इस सुविधा की उपयोगिता पर भी जोर दिया। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ कानून के विद्यार्थियों और कानूनी जागरूकता के लिए भी मदद मिलेगी。 मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि लाइव स्ट्रीमिंग के साथ निजता और गरिमा की सुरक्षा भी जरूरी है। खासकर बच्चों, यौन अपराधों के पीड़ितों और वैवाहिक विवादों जैसे संवेदनशील मामलों में सावधानी बरतनी होगी। साथ ही कार्यवाही की अनधिकृत रिकॉर्डिंग, दोबारा प्रसारण या दुरुपयोग रोकने के लिए साइबर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं。 वहीं, कंप्यूटर, ई-कोर्ट्स और एआई कमेटी के चेयरपर्सन जस्टिस अजय मोहन गोयल ने कहा कि लाइव स्ट्रीमिंग और एडवांस्ड हाइब्रिड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की यह पहल मुख्य न्यायधीश और ई-कमेटी के सहयोग से संभव हुई है। उन्होंने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि यह भी दिखाई देना चाहिए कि न्याय हुआ है。 उन्होंने कहा कि लाइव स्ट्रीमिंग से न्यायपालिका की कार्यप्रणाली लोगों के सामने सीधे आएगी और इससे न्यायपालिका में जनता का विश्वास और मजबूत हो सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट देश का 9वां या 10वां हाईकोर्ट है, जहां आधिकारिक तौर पर कोर्ट कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की गई है。 इस मौके पर हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश, रजिस्ट्रार जनरल विकास भारद्वाज, अन्य रजिस्ट्रार, न्यायिक अधिकारी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, अधिवक्ता और अन्य अतिथि मौजूद रहे।
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तरन तारन के सिविल हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद नवजात मौत, लापरवाही के आरोप

Tarn Taran Sahib, Punjab:परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही के लगाए आरोप, कहा- 2 दिन से भर्ती थी गर्भवती, बार-बार कहने के बावजूद नहीं कराई डिलीवरी; एसएमओ बोले- जांच में गलती मिली तो होगी कार्रवाई एंकर सिविल अस्पताल तरन तारन में बुधवार को डिलीवरी के बाद नवजात की मौत की सूचना मिलने पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिवार ने अस्पताल के डॉक्टर पर कथित लापरवाही के आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत अस्पताल प्रशासन को दी और कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि गर्भवती महिला को डिलीवरी का समय पूरा होने के बावजूद समय पर डिलीवरी नहीं कराई गई। मानोचाहल निवासी संदीप कौर की गर्भावस्था के दौरान सिविल अस्पताल तरन तारन की डॉक्टर अमरजीत कौर से जांच चल रही थी। संदीप कौर के रिश्तेदार हरजीत सिंह निवासी तरन तारन ने बताया कि गर्भावस्था के नौ महीने से अधिक समय पूरा हो चुका था। परिवार की ओर से कई बार डॉक्टर से डिलीवरी कराने के लिए कहा गया, लेकिन उन्हें कथित तौर पर बताया गया कि अभी डिलीवरी का समय नहीं हुआ है। हरजीत सिंह के मुताबिक, संदीप कौर पिछले करीब दो दिनों से अस्पताल में भर्ती थी। बुधवार सुबह करीब 7 बजे उसे डिलीवरी रूम में ले जाया गया। करीब ढाई घंटे बाद सुबह 9:30 बजे डॉक्टर ने परिवार को बताया कि नवजात की मौत हो चुकी है। परिवार के अनुसार नवजात बेटा था। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाए। परिवार ने पूरे मामले की जांच करवाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है。 गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी अस्पताल में एक परिवार ने डिलीवरी के बाद नवजात को बदलने के आरोप लगाए थे, जिसके चलते अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। एसएमओ डॉ. सुरिंदर कुमार ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि डॉक्टर या किसी स्टाफ की गलती सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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हिमाचल में ठोस अपशिष्ट नियम 2026 लागू, घर-घर स्रोत पर कचरा विभाजन अनिवार्य

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में ठोस कचरे के प्रबंधन को लेकर अब नियम और सख्त हो गए हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत घरों से लेकर स्कूल, सरकारी विभाग, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और संस्थानों तक कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग करना अनिवार्य किया गया है। नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शिमला में प्रेस वार्ता की। बोर्ड के सदस्य सचिव सुशील कुमार सिंगला (IFS) ने बताया कि नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुके हैं और इन्होंने वर्ष 2016 के नियमों का स्थान लिया है। इनके तहत कचरे को चार श्रेणियों में अलग करना होगा। इनमें गीला कचरा यानी रसोई और अन्य जैव-अवक्रमणीय कचरा, सूखा कचरा यानी कागज, गत्ता, प्लास्टिक, काँच और धातु जैसी पुनर्चक्रण योग्य सामग्री, सेनेटरी कचरा और विशेष देखभाल वाला कचरा शामिल है। विशेष देखभाल वाले कचरे में सीएफएल, फ्लोरोसेंट ट्यूब, एक्सपायर्ड दवाइयां, पेंट के डिब्बे, इस्तेमाल की गई सिरिंज, पारे वाले टूटे थर्मामीटर और बैटरियां शामिल हैं। सेनेटरी कचरे को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। इस्तेमाल किए गए डायपर, सैनिटरी टॉवल और पैड आदि को निर्माता या ब्रांड की ओर से उपलब्ध कराए गए पाउच अथवा रैपिंग सामग्री में सुरक्षित रूप से लपेटकर निर्धारित स्थान पर देना होगा। कचरा जलाना, जमीन में दबाना या खुले में फेंकना प्रतिबंधित सिंगला ने कहा कि कचरे को जलाना, जमीन में दबाना, खुले में फेंकना या नालियों, जलस्रोतों और सार्वजनिक स्थानों पर डालना कानूनन प्रतिबंधित है। उन्होंने नागरिकों, स्कूलों, सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बल्क वेस्ट जनरेटरों से नियमों का पालन करने की अपील की। सर्वोच्च न्यायालय के 18 अगस्त 2026 के आदेश के अनुपालन में जिला उपायुक्तों को स्थानीय निकायों के साथ मिलकर छह सप्ताह के भीतर बल्क वेस्ट जनरेटरों (BWGs) की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद चिन्हित BWGs को लिखित नोटिस जारी किए जाएंगे। कचरा पृथक्करण की आदत घर-घर तक पहुंचाने के लिए विद्यार्थियों को भी अभियान से जोड़ा जा रहा है। स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग पाठ्यक्रम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े सैद्धांतिक और व्यावहारिक मॉड्यूल शामिल कर रहे हैं। विद्यार्थियों को ‘हाउसहोल्ड सुपरवाइजर’ के तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे अपने परिवारों को घर में 100 प्रतिशत कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित कर सकें। इसकी ऑडिट रिपोर्ट समय-समय पर संबंधित जिला उपायुक्तों को दी जाएगी। इसके अलावा कचरा प्रसंस्करण सुविधाओं का daily आधार पर विस्तृत ऑडिट किया जाएगा। इसमें स्रोत पर कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण, निपटान और उपयोग की स्थिति की समीक्षा होगी। कचरे के अंतरराज्यीय आवागमन पर भी निगरानी रखी जाएगी। राज्य सरकार ने 9 अप्रैल 2026 की अधिसूचना के जरिए राज्य स्तरीय समिति और जिला स्तरीय क्रियान्वयन समितियों का गठन किया है। इन समितियों को प्रदेश के शहरी, ग्रामीण और विशेष अधिसूचित क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के क्रियान्वयन, निगरानी और अनुपालन की जिम्मेदारी दी गई है。
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