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Sahibzada Ajit Singh Nagar
Kuldeep SinghKuldeep SinghFollow13 Sept 2024, 05:28 am
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नोफ़ल- एक उम्मीद संस्था: छह साल में नि:शुल्क लंगर सेवा और बेटियों की मदद

Shimla, Himachal Pradesh:नोफ़ल- एक उम्मीद संस्था: छह साल में नि:शुल्क लंगर सेवा और बेटियों की मदद आई.जी.एम.सी. शिमला में पिछले छह साल से नि:शुल्क लंगर सेवा का संचालन कैंसर मरीजों को सुबह-शाम नि:शुल्क दूध कराया जाता है उपलब्ध आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की 600 से अधिक बेटियों के विवाह में सहयोग महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास जरूरतमंद मरीजों के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा उपलब्ध डेड बॉडी वैन के माध्यम से पीड़ित परिवारों को सहायता संस्था के अध्यक्ष गुरमीत सिंह के अनुसार- डोनर्स के सहयोग से संचालित हो रही सेवाएं चंडीगढ़ के पी.जी.आई. में भी चल रहे हैं सेवा कार्य संस्था लंबे समय से जरूरतमंदों और मरीजों की सेवा में सक्रिय भविष्य में सेवा कार्यों का और विस्तार करने की योजना
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1984 के दंगों के पीड़ितों के जख्मों पर राजनीति का नया वार

Noida, Uttar Pradesh:1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के जख्म आज भी भरे नहीं हैं और ऐसे में हरियाणा में बाप-बेटे द्वारा मृत सज्जन कुमार को अपना ‘रोल मॉडल’ बताना उनके जख्मों पर एक और मार्मिक प्रहार है。 जिन परिवारों ने 1984 में अपने प्रियजनों को खोया, उनके लिए ऐसे शब्द केवल एक बयान नहीं, बल्कि उनके वर्षों पुराने दर्द और घावों को फिर से कुरेदने जैसा हैं。 कांग्रेस से हमारा सीधा सवाल है? - जिसे आप ‘रोल मॉडल’ बता रहे हैं, वह आखिर किस बात का रोल मॉडल है? बताइए। राहुल गांधी ‘मोहब्बत की दुकान’ की बात करते हैं, तो क्या मोहब्बत की यही परिभाषा है कि 1984 के पीड़ितों के दर्द को भुलाकर उनके जख्मों पर फिर से नमक छिड़का जाए? कांग्रेस को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए और 1984 के पीड़ित परिवारों से माफी मांगनी चाहिए।
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