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Sahibzada Ajit Singh Nagar
Kuldeep SinghKuldeep SinghFollow13 Sept 2024, 05:28 am
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हाईकोर्ट: साझा गृह में रहने का अधिकार घरेलू संबंध से तय, संपत्ति स्वामित्व से नहीं

Shimla, Himachal Pradesh:हimachal प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि सास और बहू किसी घर में घरेलू संबंध (Domestic Relationship) के तहत साथ रह चुके हैं, तो केवल इस आधार पर सास को घर से बेदखल नहीं किया जा सकता कि मकान बहू के नाम है। अदालत ने स्पष्ट किया कि साझा गृह (Shared Household) की परिभाषा संपत्ति के स्वामित्व से नहीं, बल्कि घरेलू संबंध और साथ रहने के तथ्य से तय होती है। न्यायमूर्ति राकेश कैंथला की एकल पीठ ने मंडी निवासी सुरभि बेदी की याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालतों के आदेशों को बरकार रखा और बहू की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि सास को साझा गृह में रहने का अधिकार प्राप्त है और उसे जबरन वहां से नहीं निकाला जा सकता। अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं के आवास संबंधी अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के सतीश चन्द्र अहूजा बनाम स्नेहा अहूजा और प्रभा त्यागी बनाम कमलेश देवी मामलों के फैसलों का भी हवाला दिया। अदालत ने कहा कि साझा गृह वह है, जहां पक्षकार किसी भी समय घरेलू संबंध के तहत साथ रह चुके हों, चाहे उस मकान का स्वामित्व किसी एक पक्ष के नाम ही क्यों न हो। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सास, बहू, पत्नी, मां, बेटी या संयुक्त परिवार की अन्य महिला सदस्यों को साझा गृह में निवास का अधिकार है। यदि किसी महिला को कानूनन प्रक्रिया अपनाए बिना ऐसे घर से निकाला जाता है, तो यह उसके अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि बहू किरायेदार रखकर भी सास को साझा गृह से बेदखल नहीं कर सकती। अदालत ने निचली अदालत के संयुक्त कब्जा बहाल करने के आदेश को सही ठहराते हुए उसे बरकरार रखा। याचिका में बहू ने दलील दी थी कि विवादित मकान उसकी स्वयं की कमाई से खरीदी गई जमीन पर बना है, इसलिए उसे साझा गृह नहीं माना जा सकता। उसका यह भी कहना था कि सास को घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत उसके खिलाफ याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है और निचली अदालतों ने कानून की गलत व्याख्या करते हुए सास को राहत दी है। वहीं सास ने अपनी याचिका में कहा था कि बेटे के साथ विवाह के बाद सभी एक ही घर में रहते थे, लेकिन बाद में बहू ने घर में किरायेदार रखकर 7 नवंबर 2025 को उन्हें जबरन बेदखल कर दिया। इसके बाद उन्होंने घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत संरक्षण और साझा गृह में पुनः संयुक्त कब्जा बहाल करने की मांग की थी। निचली अदालतों ने उनकी मांग स्वीकार करते हुए राहत प्रदान की थी, जिसे अब हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा है。
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हाईकोर्ट ने वन मित्र भर्ती मामले में नीतू कुमारी को नियुक्ति देने के आदेश दिए

Shimla, Himachal Pradesh:हimachal Pradesh High Court ने वन मित्र भर्ती से जुड़े एक अहम मामले में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि महिला अभ्यर्थी की पात्रता का आकलन आवेदन की अंतिम तिथि के आधार पर किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया के दौरान विवाह के बाद बदली परिस्थितियों को पात्रता का आधार नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने मंडी के द्रंग बीट में वन मित्र भर्ती में सबसे अधिक मेरिट रखने वाली याचिकाकर्ता नीतू कुमारी को नियुक्ति से वंचित करना कानून के विपरीत करार दिया है। हाईकोर्ट ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि नीतू कुमारी को तत्काल नियुक्ति दी जाए। उनकी नियुक्ति की प्रभावी तिथि 15 मार्च 2025 मानी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें वेतन, वरिष्ठता और अन्य सभी परिणामी लाभ भी देने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि, अदालत ने पहले से नियुक्त अभ्यर्थी की सेवा को प्रभावित नहीं करने का भी निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि दस्तावेजों का सत्यापन इस बात की पुष्टि के लिए होता है कि आवेदन के समय जमा किए गए प्रमाणपत्र सही थे या नहीं। अगर विभाग भर्ती प्रक्रिया पूरी करने में एक साल से अधिक समय लगाता है तो उसका खामियाजा अभ्यर्थी को नहीं भुगतना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी की कि देश में ऐसा कोई कानून नहीं है, जो किसी अविवाहित महिला को चयन प्रक्रिया पूरी होने तक शादी न करने के लिए बाध्य करता हो। ऐसे में विवाह के बाद बीपीएल या ग्राम पंचायत से जुड़ी स्थिति बदलने के आधार पर अभ्यर्थी के अंक काटना और उसे नियुक्ति से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। न्यायालय ने अपने पूर्व के फैसले के साथ सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया और कहा कि अभ्यर्थी की पात्रता का निर्धारण भर्ती विज्ञापन में तय कट-ऑफ तिथि के आधार पर ही किया जाना चाहिए। क्या है पूरा मामला? याचिकाकर्ता नीतू कुमारी ने याचिका में बताया था कि उन्होंने 30 दिसंबर 2023 की अंतिम तिथि से पहले वन मित्र पद के लिए आवेदन किया था। आवेदन के समय वह बीपीएल परिवार से संबंधित थीं और संबंधित ग्राम पंचायत की निवासी भी थीं। चयन प्रक्रिया के दौरान नीतू कुमारी ने शारीरिक दक्षता परीक्षा पास की और दस्तावेज सत्यापन के लिए द्रंग बीट में प्रथम स्थान पर बुलाया गया। हालांकि, मार्च 2024 में विवाह के बाद विभाग ने उनके बीपीएल अंक यह कहते हुए हटा दिए कि उनके ससुराल का परिवार बीपीएल श्रेणी में नहीं है। साथ ही, विवाह के बाद वह संबंधित ग्राम पंचायत की निवासी भी नहीं रहीं। इसी आधार पर उनकी जगह दूसरे अभ्यर्थी को नियुक्त कर दिया गया। नीतू कुमारी ने विभाग की कार्रवाई को मनमाना बताते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्होंने भर्ती परिणाम, नियुक्ति आदेश और विभाग के अस्वीकृति पत्र को रद्द करने के साथ खुद को नियुक्त करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद नीतू कुमारी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विभाग को उनकी नियुक्ति और सभी परिणामी लाभ देने के निर्देश दिए हैं।
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अमृतसर सीमा पर नशा तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई, 10 किलोग्राम हैरोइन पकड़ी, दो गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:Amritsar Breaking ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦਿਹਾਤੀ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਵੱਡੀ ਕਾਮਯਾਬੀ, 10 ਕਿਲੋ ਹੈਰੋਇਨ ਸਮੇਤ ਦੋ ਤਸਕਰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਸਰਹੱਦ ਪਾਰ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਨੈੱਟਵਰਕ ਨੂੰ ਵੱਡਾ ਝਟਕਾ, 10 ਕਿਲੋ ਹੈਰੋਇਨ ਬਰਾਮਦ ਘਰਿੰਡਾ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ, ਕਰੋੜਾਂ ਦੀ ਹੈਰੋਇਨ ਜ਼ਬਤ, ਦੋ ਮੁਲਜ਼ਮ ਕਾਬੂ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਦਾ ਵੱਡਾ ਐਕਸ਼ਨ, ਸਪਲਾਈ ਚੇਨ ਤੋੜਨ ਦੀ ਜਾਂਚ ਜਾਰੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਸਰਹੱਦ 'ਤੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ 'ਤੇ ਵੱਡੀ ਸੱਟ, NDPS ਐਕਟ ਤਹਿਤ ਕੇਸ ਦਰਜ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦਿਹਾਤੀ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਵਿਰੁੱਧ ਮੁਹਿੰਮ ਦੌਰਾਨ ਵੱਡੀ ਸਫ਼ਲਤਾ ਮਿਲੀ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ 10 ਕਿਲੋ ਹੈਰੋਇਨ ਬਰਾਮਦ ਕਰਕੇ ਦੋ ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਇਸ ਕਾਰਵਾਈ ਨਾਲ ਸਰਹੱਦ ਪਾਰ ਚੱਲ ਰਹੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਦੈ ਨੈੱਟਵਰਕ ਨੂੰ ਵੱਡਾ ਝਟਕਾ ਲੱਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਥਾਣਾ ਘਰਿੰਡਾ, ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿੱਚ NDPS ਐਕਟ ਤਹਿਤ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਅੱਗੇ ਅਤੇ ਪਿੱਛੇ ਦੇ ਸਾਰੇ ਲਿੰਕਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਇਸ ਗਿਰੋਹ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੋਰ ਸਾਥੀਆਂ ਦੀ ਪਛਾਣ ਕਰਕੇ ਪੂਰੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਨੈੱਟਵਰਕ ਨੂੰ ਤੋੜਿਆ ਜਾ ਸਕੇ। ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਨਸ਼ਾ-ਮੁਕਤ ਅਤੇ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਲਗਾਤਾਰ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗੀ。
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पंजाब के स्कूलों में 2022-2026 अवधि में छात्र संख्या में कमी, हालात स्पष्ट

Chandigarh, Chandigarh:ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਕੂਲਾਂ ਦੇ ਹਾਲ 16ਮਾਰਚ 2022 ਤੋਂ 28 ਜੁਲਾਈ 2026 ਤਕ ਪੰਜਾਬ ਅੰਦਰ 1 ਪ੍ਰਾਇਮਰੀ 1 ਮਿਡਲ 0 ਹਾਈ 0 ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕੰਡਰੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਬੰਦ ਕੀਤੇ ਗਏ ਸਕੂਲ 6 ਪ੍ਰਾਇਮਰੀ ਸਕੂਲ 1 ਮਿਡਲ ਸਕੂਲ 0 ਹਾਈ 0 ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕਡਰੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿੱਚ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ 2022 ਵਿੱਚ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਪ੍ਰਾਇਮਰੀ ਸਕੂਲ 14,19,239 ਮਿਡਲ ਸਕੂਲ 1,57,375 ਹਾਈ ਸਕੂਲ 3,42,703 ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕੈਂਡਰੀ ਸਕੂਲ 10,43,061 ਕੁੱਲ ਵਿਦਿਆਰਥੀ 29,62,378 ਜੁਲਾਈ 2026 ਵਿੱਚ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਪ੍ਰਾਈਮਰੀ ਸਕੂਲ 11,35,598 ਮਿਡਲ ਸਕੂਲ 124,676 ਹਾਈ ਸਕੂਲ 2,84,464 ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕੰਡਰੀ 8,19,338 ਕੁੱਲ ਗਿਣਤੀ 23,64,076 ਪਿਛਲੇ ਚਾਰ ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਜੋ ਕਮੀ ਆਈ 598,302 5 ਹਾਈ ਤੋਂ ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕੈਨਡਰੀ ਸਕੂਲ ਅਪਗਰੇਡ ਕੀਤੇ ਗਏ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਜੇਲਾਂ ਦੇ ਹਾਲਾਤ 183 ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਅੰਦਰ ਵਾਟਰ ਕੂਲਰ ਲੱਗੇ ਹੋਏ ਨੇ 43 ਵਾਟਰ ਕੂਲਰ RO ਨਾਲ ਆਰਡਰ ਕੀਤੇ ਹੋਏ ਨੇ 15438 ਛੱਤ ਵਾਲੇ ਪੱਖੇ ਲੱਗੇ ਹੋਏ ਨੇ, 5250 ਛੱਤ ਵਾਲੇ ਪੱਖੇ ਦਾ ਆਰਡਰ ਦਿੱਤਾ ਹੋਇਆ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਕਾਲਜ ਅਤੇ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ ਤੇ ਸਹਾਇਕ ਪ੍ਰੋਫੈਸਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ 5686 3262 ਪੋਸਟਾਂ ਭਰੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਹਨ 2424 ਪੋਸਟਾਂ ਹਾਲੇ ਵੀ ਖਾਲੀ ਹਨ ਕਾਲਜ ਦੇ ਗੈਸਟ ਫੈਕਲਟੀ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਦੇ ਪੱਕਾ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਈ ਤਜਵੀਜ਼ ਸਰਕਾਰ ਕੋਲ ਨਹੀਂ ਹੈ
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मैसाचुसेट्स ने 15 अगस्त को भारत दिवस घोषित किया; भारतीय समुदाय का सम्मान

Noida, Uttar Pradesh:अमेरिका में भारतीय समुदाय का सम्मान: मैसाचुसेट्स ने 15 अगस्त को घोषित किया 'भारत दिवस' अमेरिका के मैसाचुसेट्स की गवर्नर मौरा हीली ने 15 अगस्त को 'इंडिया डे' घोषित किया है। यह फैसला राज्य में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों के योगदान को देखते हुए लिया गया है। एक आधिकारिक घोषणा में भारतीय समुदाय के संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका को भी मान्यता दी। उन्होंने कहा कि ये संगठन हर साल स्वतंत्रता दिवस समारोह और सामुदायिक सेवा के कामों के जरिये लोगों को जोड़ने, अलग-अलग संस्कृतियों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने और एक-दूसरे को बेहतर समझने में मदद करते हैं।
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कैलगिरी झील में डूबने से पंजाबी युवक की दर्दनाक मौत, समुदाय शोक में

Noida, Uttar Pradesh:शांति और सूकुन की तलाश में वीकेंड मनाने गए एक परिवार पर उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब कनाडा के कैलगिरी से एक बेहद दुकद खबर सामने आई। यहां एक झील के किनारे घूमने गए 33 साल के पंजाबी नौजवान की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस खबर के बाद पूरे कनाडाई पंजाबी समुदाय में मातम पसरा हुआ है। पंजाबी नौजवान डॉ. हरविंदर दहिया शहर से कुछ दूर एक जील पर घूमन गए थे..झील में पैर फिसलन के चलते वो गहरे पानी में जा गिरी और जान से हाथ धो बैठे...पानी गहरा होने की वजह से डॉ. हरविंदर दहिया को बचाया नहीं जा सका...बचाव दल ने सर्च ऑपरेशन चलाकर डॉ. हरविंदर दहिया का शव झील से बाहर निकाला...
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Shimla में NCB का ज़ोनल कार्यालय: हिमाचल में ड्रग विरोधी कार्रवाई तेज

Noida, Uttar Pradesh:Centre approves NCB Zonal Office in Shimla to strengthen anti-drug operations in Himachal New Delhi, August 4 — The Central Government has approved the establishment of Narcotics Control Bureau (NCB) Zonal Office in Shimla to strengthen efforts to combat drug trafficking and enhance enforcement capabilities in Himachal Pradesh, union Minister of State for Home Affairs Nityanand Rai informed the Lok Sabha on Tuesday. In a written reply to a question by BJP MP Dr Rajeev Bharadwaj, Rai said the decision follows requests from the Himachal Pradesh government for a stronger NCB presence in the state. 'A Field Office of the Narcotics Control Bureau (NCB) has been operational in Mandi, Himachal Pradesh, since January 21, 2024. A request from the Hon’ble Chief Minister of Himachal Pradesh was received for augmenting the presence of the NCB in the state due to the growing menace of drug-related issues,' the Minister stated. The Minister further noted that the Director General of Police (DGP), Himachal Pradesh, had also specifically requested the opening of a Zonal Office in Shimla. 'The Government of India approved the setting up of a Zonal Office of the NCB at Shimla on June 17, 2026. The new Zonal Unit is expected to significantly enhance the NCB's operational capabilities, improve intelligence collection, and facilitate better inter-agency coordination,' Rai said in his reply. According to the Ministry of Home Affairs, the expansion of the NCB's footprint in the hill state is aimed at facilitating a faster response to international drug networks and strengthening enforcement efforts against drug peddlers effectively across the region. The clarification came in a written reply to Lok Sabha Unstarred Question No. 2698 raised by MP Dr. Rajeev Bharadwaj. Dr Bharadwaj had asked whether the government proposed to set up a special unit of the NCB in Himachal Pradesh to take prompt action against international drug networks and check drug peddlers effectively. He also inquired whether the State Government had forwarded any official request to the union Government in this regard and sought details of the same.
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चंडीगढ़ AYUSH अस्पताल और डिस्पेंसरी का उद्घाटन, नागरिकों को एकीकृत स्वास्थ्य सेवाएं

Chandigarh, Chandigarh:પ્રੈસ નੋਟ ਯੂਟੀ ਚੰਡੀਗਢ਼ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਕ ਨੇ ਸੈਕਟਰ-34 ਸਥਿਤ ਆਯੁਸ਼ ਇੰਟੀਗ੍ਰੇਟਡ ਹਸਪਤਾਲ ਅਤੇ ਸੈਕਟਰ-11 ਸਥਿਤ ਆਯੁਸ਼ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਦਾ ਉਦਘਾਟਨ ਕੀਤਾ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, 4 ਅਗਸਤ, 2026: ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਰਾਜਪਾਲ ਅਤੇ ਯੂਟੀ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਕ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਲਾਬ ਚੰਦ ਕਟਾਰੀਆ ਨੇ ਅੱਜ ਸੈਕਟਰ-34 ਸਥਿਤ ਆਯੁਸ਼ ਇੰਟੀਗ੍ਰੇਟਡ ਹਸਪਤਾਲ ਅਤੇ ਸੈਕਟਰ-11 ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਸਥਿਤ ਸਰਕਾਰੀ ਆਯੁਸ਼ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਦਾ ਉਦਘਾਟਨ किया। ਇਸ ਅਵਸਰ 'ਤੇ ਯੂਟੀ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਮੁੱਖ ਸਕੱਤਰ ਸ਼੍ਰੀ ਐੱਚ. ਰਾਜੇਸ਼ ਪ੍ਰਸਾਦ, ਗ੍ਰਹਿ-ਅਤੇ-ਸਿਹਤ ਸਕੱਤਰ ਸ਼੍ਰੀ ਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਬਰਾੜ, ਆਯੁਸ਼ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡਾ. ਅਤੁਲ ਐੱਨ.ਧਾਕਨੇ, ਡਾਇਰੈਕਟਰ-ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ, ਜੀਐੱਮਸੀਐੱਚ-32 ਡਾ. ਰਵਨੀਤ ਕੌਰ; ਡਾਇਰੈਕਟਰ, ਲੋਕ ਸੰਪਰਕ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਜੀਵ ਤਿਵਾਰੀ; ਐੱਮਸੀ ਕੌਂਸਲਰ ਸੈਕਟਰ-34 ਸੁਸ਼੍ਰੀ ਪ੍ਰੇਮ ਲਤਾ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਅਧਿਕਾਰੀ, ਮੈਡੀਕਲ ਅਤੇ ਆਯੁਸ਼ ਮਾਹਰ ਅਤੇ ਉੱਘੇ ਨਾਗਰਿਕ ਉਪਸਥਿਤ ਸਨ। ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਇੱਕ ਲਘੂ ਡਾਕੂਮੈਂਟਰੀ ਦੀ ਸਕ੍ਰੀਨਿੰਗ ਨਾਲ ਹੋਈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਆਯੁਸ਼ ਇੰਟੀਗ੍ਰੇਟਡ ਹਸਪਤਾਲ ਦੀ ਪਰਿਕਲਪਨਾ, ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਸੁਵਿਧਾਵਾਂ ਅਤੇ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਨੂੰ ਉਪਲਬਧ ਕਰਵਾਈਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਏਕੀਕ੍ਰਿਤ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ। ਇੱਕੱਠ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਰਾਜਪਾਲ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਕ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਲਾਬ ਚੰਦ ਕਟारੀਆ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਭਾਰਤ ਦੀਆਂ ਪਰੰਪਰਾਗਤ ਚਿਕਿਤਸਾ ਪੱਧਤੀਆਂ ਸਦਾ ਸਰੀਰਕ, ਮਾਨਸਿਕ ਅਤੇ ਅਧਿਆਤਮਿਕ ਸਿਹਤ 'ਤੇ ਅਧਾਰਿਤ ਸੰਪੂਰਨ ਇਲਾਜ ਦੀ ਧਾਰਨਾ ਨੂੰ ਹੁਲਾਰੇ ਦਿੰਦੀਆਂ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਯੁਸ਼ ਅਤੇ ਆਧੁਨਿਕ ਚਿਕਿਤਸਾ ਦਾ ਏਕੀਕਰਣ ਵਿਆਪਕ, ਕਿਫ਼ਾਇਤੀ ਅਤੇ ਰੋਗੀ-ਕੇਂਦਰਿਤ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਉਪਲਬਧ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਦਿਸ਼ਾ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਕਦਮ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਤੰਦਰੁਸਤ ਜੀਵਨਸ਼ੈਲੀ, ਨਿਵਾਰਕ ਸੇਵਾਵਾਂ ਅਤੇ ਜਨ-ਜਨ ਤੱਕ ਵੈੱਲਨੈੱਸ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਪਹੁੰਚਾਉਣ 'ਤੇ ਬਲ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਵਰਤ ਕੀਤਾ ਕਿ ਇਹ ਸੰਸਥਾ ਏਕੀਕ੍ਰਿਤ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਦਾ ਉਤਕ੍ਰਿਸ਼ਤ ਕੇਂਦਰ ਬਣੇਗਾ ਅਤੇ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਆਸਪਾਸ ਦੇ ਖੇਤਰਾਂ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਇਸ ਦਾ ਲਾਭ ਹੋਵੇਗਾ। ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਕ ਯੂਟੀ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਨੇ ਆਯੁਸ਼ ਵਿਭਾਗ, ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ, ਇੰਜੀਨੀਅਰਿੰਗ ਵਿਭਾਗ, ਡਾਕਟਰਾਂ, ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਅਤੇ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਦੀ ਸਮਾਂਬੱਧ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਇਸ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਅਵਸਰ ਤੇ ਸਿਹਤ ਸਕੱਤਰ ਸ਼੍ਰੀ ਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਬਰਾੜ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਾਣਯੋਗ ਰਾਜਪਾਲ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਕ ਦੇ ਮਾਰਗਦਰਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਸੁਲਭ, ਵਿਆਪਕ ਅਤੇ ਨਾਗਰਿਕ-ਕੇਂਦ੍ਰਿਤ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਨੂੰ ਨਿਰੰਤਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ​​ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਯੁਸ਼ ਇੰਟੀਗ੍ਰੇਟਡ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਆਯੁਰਵੇਦ, ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ, ਯੋਗ ਅਤੇ ਆਧੁਨਿਕ ਚਿਕਿਤਸਾ ਦੀਆਂ ਸੇਵਾਵਾਂ ਇੱਕ ਹੀ ਛੱਤ ਦੇ ਨੀਚੇ ਉਪਲਬਧ ਕਰਵਾਈਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ। ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਮਾਹਰ ਓਪੀਡੀ, 12 ਘੰਟੇ ਦੀ ਓਪੀਡੀ (ਸਵੇਰੇ 8:00 ਵਜੇ ਤੋਂ ਦੁਪਹਿਰ 2:00 ਵਜੇ ਤੱਕ ਅਤੇ ਦੁਪਹਿਰ 2:00 ਵਜੇ ਤੋਂ ਸ਼ਾਮ 8:00 ਵਜੇ ਤੱਕ), 24×7 ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ, 25 ਬਿਸਤਰਿਆਂ ਦੀ ਆਈਪੀਡੀ ਸੁਵਿਧਾ, ਫਾਰਮੇਸੀ, ਯੋਗ ਅਤੇ ਵੈੱਲਨੈੱਸ ਸੈਂਟਰ, ਵਿਗਿਆਨਿਕ ਤੌਰ 'ਤੇ ਵਿਕਸਿਤ ਪੰਚਕਰਮ ਯੂਨਿਟ, ਜੇਰੀਐਟ੍ਰਿਕ ਦੇਖਭਾਲ, ਮਾਂ ਅਤੇ ਸ਼ਿਸ਼ੂ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ, ਟੀਕਾਕਰਣ, ਪਰਿਵਾਰ ਭਲਾਈ ਸੇਵਾਵਾਂ ਅਤੇ ਗੈਰ-ਸੰਚਾਰੀ ਰੋਗਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਦੀਆਂ ਸੁਵਿਧਾਵਾਂ ਉਪਲਬਧ ਹਨ। ਉਦਘਾਟਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਿਹਤ ਸਕੱਤਰ ਨੇ ਹਸਪਤਾਲ ਦੇ ਵਿਭਿੰਨ ਸੈਕਸ਼ਨਾਂ ਦਾ ਨਿਰੀਖਣ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਡਾਕਟਰਾਂ ਅਤੇ ਸਿਹਤ ਕਰਮੀਆਂ ਨਾਲ ਸੰਵਾਦ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਉੱਚ ਪੱਧਰ ਦਾ ਪੇਸ਼ੇਵਰ ਕਾਰਜ ਸੱਭਿਆਚਾਰ, ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲਤਾ ਅਤੇ ਉਤਕ੍ਰਿਸ਼ਟ ਰੋਗੀ ਸੇਵਾ ਸੁਨਿਸ਼ਚਿਤ ਕਰਨ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਹਸਪਤਾਲ ਨੂੰ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਏਕੀਕ੍ਰਿਤ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਦੀ ਆਦਰਸ਼ ਸੰਸਥਾ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਟੀਮ ਭਾਵਨਾ ਨਾਲ ਕਾਰਜ ਕਰਨ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ। ਇਸ ਅਵਸਰ 'ਤੇ ਇੱਕ ਮੁਫ਼ਤ ਆਯੁਸ਼ ਸਿਹਤ ਕੈਂਪ ਦਾ ਵੀ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਨੇ ਮਾਹਰ ਡਾਕਟਰਾਂ ਦੇ ਸਲਾਹ-ਮਸ਼ਵਰੇ, ਸਿਹਤ ਜਾਂਚ, ਯੋਗ ਸਲਾਹ-ਮਸ਼ਵਰੇ ਅਤੇ ਮੁਫ਼ਤ ਦਵਾਈਆਂ ਦੀ ਵੰਡ ਦਾ ਲਾਭ ਉਠਾਇਆ。
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पंजाब रोडवेज यूनियन के साथ समझौता: नियमित कर्मचारी बनने की प्रक्रिया शुरू

Chandigarh, Chandigarh:ਪੰਜਾਬ ਰੋਡਵੇਜ ਪੱਨਬਸ ਪੀਆਰਟੀਸੀ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਨਾਲ ਲਿਖਤੀ ਸਮਝੌਤੇ ਉਪਰੰਤ ਹੜਤਾਲ ਸਮਾਪਤ -ਰੇਸ਼ਮ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ 14 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਮੰਗਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਨਾ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਹੋਵੇਗਾ ਫਿਰ ਤੋਂ ਬੱਸਾ ਦਾ ਚੱਕਾ ਜਾਂਮ- ਸਮਸ਼ੇਰ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ ਲਿਖਤੀ ਪੱਤਰ ਅਨੁਸਾਰ ਸਾਰਿਆਂ ਮਸਲਿਆਂ ਦਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੱਲ ਹਰਕੇਸ ਕੁਮਾਰ ਵਿਕੀ ਅੱਜ ਮਿਤੀ 4-8-2026 ਪੰਜਾਬ ਰੋਡਵੇਜ ਪੱਨਬੱਸ ਪੀਆਰਟੀਸੀ ਕੰਟਰੈਕਟ ਵਰਕਰਜ ਯੂਨੀਅਨ ਪੰਜਾਬ ਰਜਿ 25/11ਵੱਲੋਂ ਤਿੰਨ ਰੋਜ਼ਾ ਹਰਤਾਲ ਕਰਕੇ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ 27 ਡੀਪੂਆਂ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਅਨੁਸਾਰ ਮੁਹਾਲੀ ਬਸ ਸਟੈਂਡ ਤੇ ਭਾਰੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਇਕੱਠ ਕਰਕੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਰਿਹਾਇਸ਼ ਤੇ ਧਰਨਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਜੈਸੇਬੰਦੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਜਿਸ ਨੂੰ ਵੇਖਦਿਆਂ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੇ ਪਰੰਤ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਜਥੇਬੰਦੀ ਵਿਚਕਾਰ ਗੱਲਬਾਤ ਰਾਹੀਂ ਸੈਕਟਰੀ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਵਿਭਾਗ ਪੰਜਾਬ ਨਾਲ ਮੀਟਿੰਗ ਕਰਵਾ ਕੇ ਯੂਨੀਅਨ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲਿਖਤੀ ਭਰੋਸਾ ਦਵਾਇਆ ਗਿਆ ਕਿ ਯੂਨੀਅਨ ਦੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਮੰਨ ਲਈਆਂ ਜਾਣਗੀਆਂ ਅਤੇ ਇੱਕ ਲਿਖਤੀ ਪੱਤਰ ਜਾਰੀ ਕੀਤਾ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਪੀਆਰਟੀਸੀ ਦੇ ਸਰਵਿਸ ਰੂਲ 1981 ਨੂੰ ਲਾਗੂ ਕਰਕੇ ਪਨ ਬਸ ਪੀਆਰਟੀਸੀ ਦੇ ਕੰਟਰੈਕਟ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਰੈਗੂਲਰ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਆਊਟਸੋਰਸਨ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਚਲਦੇ ਸੈਸ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਪੋਲਸੀ ਅਧੀਨ ਲਿਆ ਕੇ ਕੰਟਰੈਕਟ ਤੇ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ 11 ਅਗਸਤ ਨੂੰ BOD ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਇਹਨਾਂ ਮਸਲਿਆਂ te ਵਿਚਾਰ ਚਰਚਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਅਤੇ ਸੰਘਰਸ਼ਾਂ ਦੌਰਾਨ ਜਿਨਾਂ ਮੁਲਾਜਮਾ ਉੱਪਰ ਪਰਚੇ ਦਰਜ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਪੱਰਚੇ ਕੈਂਸਰ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ ਸਮਸੇਰ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋ ਨੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕੁਝ ਮੰਗਾਂ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਲੇਬਲ ਦੀਆਂ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਲਾਗੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਜੇਕਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲਿਖਤੀ ਪੱਤਰ ਅਨੁਸਾਰ ਮੰਗਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਨਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਤਾਂ ਜੋ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 14 ਅਗਸਤ 2026 ਨੂੰ ਮੀਟਿੰਗ ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਨਾਲ ਲਿਖਤੀ ਫਿਕਸ ਹੋਈ ਹੈ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਮੰਗਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਨਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਤਾਂ ਤਰੁੰਤ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਸਰਕਾਰੀ ਬੱਸਾਂ ਦਾ ਚੱਕਾ ਜਾਮ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਜਿਸ ਦੀ ਜਿੰਮੇਵਾਰ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਮੈਨਜਮੈਨਟ ਦੀ ਹੋਵੇਗੀ
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अमृतसर एयरपोर्ट पर CISF ने 31,500 डॉलर जब्त किए, विदेशी मुद्रा तस्करी रुक गई

Noida, Uttar Pradesh:ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਹਵਾਈ ਅੱਡੇ 'ਤੇ CISF ਨੇ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਕਰੰਸੀ ਦੀ ਤਸਕਰੀ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਨਾਕਾਮ ਕੀਤੀ, 31,500 ਅਮਰੀਕੀ ਡਾਲਰ ਬਰਾਮਦ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਰਾਮ ਦਾਸ ਜੀ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਹਵਾਈ ਅੱਡਾ, ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ 'ਤੇ CISF ਦੇ ਜਵਾਨਾਂ ਦੀ ਚੌਕਸੀ, ਸੁਚੇਤਤਾ ਅਤੇ ਪੇਸ਼ੇਵਰ ਮੁਹਾਰਤ ਸਦਕਾ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਕਰੰਸੀ ਦੀ ਤਸਕਰੀ ਦੀ ਇੱਕ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਨੂੰ ਨਾਕਾਮ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ। ਸੁਰੱਖਿਆ ਜਾਂਚ ਦੌਰਾਨ ਵਿਦੇਸ਼ ਜਾ ਰਹੇ ਇੱਕ ਯਾਤਰੀ ਦੇ ਅੰਦਰੂਨੀ ਕੱਪੜਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲੁਕਾਏ ਹੋਏ 31,500 ਅਮਰੀਕੀ ਡਾਲਰ (ਲਗਭਗ 30 ਲੱਖ ਰੁਪਏ) ਬਰਾਮਦ ਕੀਤੇ ਗਏ। CISF ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਬਾਰੀਕੀ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸਕ੍ਰੀਨਿੰਗ ਅਤੇ ਤੁਰੰਤ ਕਾਰਵਾਈ ਦੌਰਾਨ ਇਹ ਲੁਕਾਈ ਹੋਈ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਕਰੰਸੀ ਦਾ ਪਤਾ ਲੱਗਾ। ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਕਰਨ 'ਤੇ ਯਾਤਰੀ ਬਰਾਮਦ ਕੀਤੀ ਗਈ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਕਰੰਸੀ ਆਪਣੇ ਕੋਲ ਰੱਖਣ ਜਾਂ ਵਿਦੇਸ਼ ਲਿਜਾਣ ਸਬੰਧੀ ਕੋਈ ਵੈਧ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ ਪੇਸ਼ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਿਆ。 ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਯਾਤਰੀ ਅਤੇ ਬਰਾਮਦ ਕੀਤੀ ਗਈ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਕਰੰਸੀ ਨੂੰ ਅਗਲੀ ਜਾਂਚ ਅਤੇ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਲਈ ਡਾਇਰੈਕਟੋਰੇਟ ਆਫ਼ ਰੈਵੇਨਿਊ ਇੰਟੈਲੀਜੈਂਸ (DRI) ਦੇ ਹਵਾਲੇ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ。 ਇਹ ਘਟਨਾ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਸਾਬਤ ਕਰਦੀ ਹੈ ਕਿ CISF ਦੇਸ਼ ਦੇ ਹਵਾਈ ਅੱਡਿਆਂ 'ਤੇ ਚੌਕਸ ਸੁਰੱਖਿਆ ਜਾਂਚ, ਖੁਫੀਆਂ ਜਾਣਕਾਰੀ ਆਧਾਰਿਤ ਨਿਗਰਾਨੀ ਅਤੇ ਹੋਰ ਏਜੰਸੀਆਂ ਨਾਲ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਤਾਲਮੇਲ ਰਾਹੀਂ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਅਤੇ ਹਵਾਈ ਸੁਰੱਖਿਆ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵਚਨਬੱਧ ਹੈ।
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मोदी सरकार ने भगोड़ों को वापस लाने के लिए मिशन मोड और Bharatpol से तेज़ कार्रवाई शुरू की

Noida, Uttar Pradesh:ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਸ਼੍ਰੀ ਨਰੇਂਦਰ ਮੋਦੀ ਜੀ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਅਤੇ ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰੀ ਸ਼੍ਰੀ ਅਮਿਤ ਸ਼ਾਹ ਦੇ ਮਾਰਗਦਰਸ਼ਨ ਵਿੱਚ, 2019 ਤੋਂ 2026 ਤੱਕ 36 ਦੇਸ਼ਾਂ ਤੋਂ 274 ਭਗੌੜੇ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਨੂੰ ਭਾਰਤ ਵਾਪਸ ਲਿਆਇਆ ਗਿਆ ਭਗੌੜਿਆਂ ਨੂੰ ਵਾਪਿਸ ਲਿਆਉਣ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਪਹਿਲਾਂ ਦੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਰਾਜਨੀਤਕ ਇੱਛਾ ਸ਼ਕਤੀ ਦੀ ਘਾਟ ਸੀ, ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਭਗੌੜਿਆਂ ਦੀ ਹਵਾਲਗੀ ਨੂੰ 'ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਤਰਜੀਹ' ਬਣਾਇਆ ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰੀ ਸ਼੍ਰੀ ਅਮਿਤ ਸ਼ਾਹ ਦੇ ਮਾਰਗਦਰਸ਼ਨ ਵਿੱਚ, ਭਾਰਤ ਨੇ ਭਗੌੜਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਇੱਕ ਏਕੀਕ੍ਰਿਤ, ਖੁਫਿਆ-ਅਧਾਰਿਤ ਅਤੇ ਤਕਨਾਲੋਜੀ-ਸੰਚਾਲਿਤ ਮਾਡਲ ਵਿਕਸਿਤ ਕੀਤਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਭਗੌੜਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਸਖ਼ਤੀ ਵਰਤਦੇ ਹੋਏ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵਾਪਸ ਲਿਆਉਣ ਦਾ ਰਾਹ ਸਾਫ ਹੋਇਆ। 2014 ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹਵਾਲਗੀ ਦੇ ਕਾਨੂੰਨ ਪੁਰਾਣੇ ਹੋ ਗਏ ਸਨ ਅਤੇ ਸਿਰਫ 37 ਦੇਸ਼ਾਂ ਨਾਲ ਹੀ ਹਵਾਲਗੀ ਸੰਧੀਆਂ ਸਨ। ਆਰਥਿਕ ਭਗੌੜਿਆਂ ਨੂੰ ਫੜ੍ਹਨ ਜਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਜਾਇਦਾਦਾਂ ਜ਼ਬਤ ਕਰਨ ਲਈ ਕੋਈ ਵਖਰਾ ਕਾਨੂੰਨ ਨਹੀਂ ਸੀ। 2004 ਅਤੇ 2013 ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਔਸਤਨ ਸਿਰਫ਼ ਚਾਰ ਭਗੌੜਿਆਂ ਦੀ ਹਵਾਲਗੀ ਹੁੰਦੀ ਸੀ, ਜਦੋਂ ਕਿ 110 ਬੇਨਤੀਆਂ ਲੰਬਿਤ ਸਨ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਅਧੂਰੇ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ਾਂ ਅਤੇ ਸੁਸਤ ਕਾਰਵਾਈਆਂ ਕਾਰਨ ਹਵਾਲਗੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਬਹੁਤ ਗੁੰਝਲਦਾਰ ਹੋ ਗਈ ਸੀ ਅਤੇ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਅਦਾਲਤਾਂ ਵੀ ਹվਾਲਗੀ ਦੀ ਆਗਿਆ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦੀਆਂ ਸਨ। ਨਾਲ ਹੀ, ਕਾਨੂੰਨੀ ਅਤੇ ਨਿਆਂਇਕ ਰੁਕਾਵਟਾਂ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਦੋਹਰੇ ਖ਼ਤਰੇ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਅਤੇ ਦੋਹਰੇ ਅਪਰਾਧ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤ ਕਾਰਨ ਭਾਰਤ ਦੀਆਂ ਹਵਾਲਗੀ ਬੇਨਤੀਆਂ ਨੂੰ ਰੱਦ ਕੀਤਾ ਜਾਦਾ ਸੀ। ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰਾਲੇ ਅਤੇ ਹੋਰ ਵਿਭਾਗਾਂ ਵਿੱਚ ਤਾਲਮੇਲ ਅਤੇ ਏਕੀਕ੍ਰਿਤ ਰਣਨੀਤੀ ਦੀ ਘਾਟ ਵੀ ਸੀ ਅਤੇ ਭਗੌੜਿਆਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਂਝਾ ਕਰਨਾ, ਲੋਕੇਸ਼ਨ ਟ੍ਰੈਕਿੰਗ, ਰੈੱਡ ਕਾਰਨਰ ਨੋਟਿਸ ਜਾਰੀ ਕਰਨ ਵਰਗੇ ਕੰਮ ਹੌਲੀ ਰਫ਼ਤਾਰ ਨਾਲ ਚੱਲਦੇ ਸਨ। ਭਗੌੜਿਆਂ ਨੂੰ ਵਾਪਸ ਲਿਆਉਣ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਪਹਿਲਾਂ ਦੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਰਾਜਨੀਤਕ ਇੱਛਾ ਸ਼ਕਤੀ ਦੀ ਘਾਟ ਸੀ, ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਭਗੌੜਿਆਂ ਦੀ ਹਵਾਲਗੀ ਨੂੰ ‘ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਤਰਜੀਹ’ ਬਣਾਇਆ। ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਮੋਦੀ ਜੀ ਦੇ ਵਿਜ਼ਨ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ, ਕੇਂਦਰੀ ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਭਗੌੜਿਆਂ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਤਿੰਨ ਥੰਮ੍ਹਾਂ ‘ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ- ਵਿਸ਼ਵਵਿਆਪੀ ਮੁਹਿੰਮਾਂ, ਮਜ਼ਬੂਤ ਟਾਲਮੇਲ ਅਤੇ ਸਮਾਰਟ ਕੂਟਨੀਤੀ। ਸ਼੍ਰੀ ਅਮਿਤ ਸ਼ਾਹ ਨੇ ਭਗੌੜੇ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ਨੂੰ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਪ੍ਰਭੂਸੱਤਾ, ਆਰਥਿਕ ਸਥਿਰਤਾ, ਕਾਨੂੰਨ ਵਿਵਸਥਾ ਅਤੇ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਹੋਇਆ ਦੱਸਿਆ ਹੈ। ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ 2019 ਵਿੱਚ NIA ਸੋਧ ਐਕਟ ਅਤੇ UAPA ਸੋਧ ਐਕਟ ਲੈ ਕੇ ਆਈ ਅਤੇ 2020 ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਭਗੌੜਿਆਂ ਨੂੰ ਭਾਰਤ ਵਾਪਸ ਲਿਆਉਣ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨੂੰ 'ਮਿਸ਼ਨ ਮੋਡ' ਵਿੱਚ ਅੱਗੇ ਵਧਾਇਆ ਗਿਆ। ਇਸ ਨਾਲ ਕਾਰਵਾਈ ਸਿਰਫ਼ ਸੰਗਠਨਾਂ ਤੱਕ ਸੀਮਿਤ ਨਹੀਂ ਰਹੀ ਸਗੋਂ ਵਿਅਕਤੀਗਤ ਅੱਤਵਾਦੀਆਂ, ਹੈਂਡਲਰਾਂ, ਫੰਡਿੰਗ ਨੈੱਟਵਰਕਾਂ ਅਤੇ ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਬੈਠੇ ਸਪੋਰਟ ਸਿਸਟਮ ਤੱਕ ਕਾਰਵਾਈ ਦਾ ਦਾਇਰਾ ਵਧਾਇਆ। ਸਾਲ 2024 ਵਿੱਚ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਤਿੰਨ ਨਵੇਂ ਅਪਰਾਧਿਕ ਕਾਨੂੰਨਾਂ ਨੂੰ ਲਾਗੂ ਕੀਤਾ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਭਗੌੜਿਆਂ ਨਾਲ ਸਬੰਧਿਤ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਪ੍ਰਾਵਧਾਨ ਕੀਤੇ ਗਏ। ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ BNSS ਦੀ ਧਾਰਾ 355 ਅਤੇ 356 ਵਿੱਚ 'trial in absentia' ਦਾ ਉਪਬੰਧ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ ਜਿਸ ਨਾਲ ਭਗੌੜੇ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਦੀ ਮੌਜੂਦਗੀ ਵਿੱਚ ਵੀ ਟ੍ਰਾਇਲ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਮੁਕੱਦਮੇ ਦੇ ਪੜਾਅ ਤੱਕ, ਸੰਪੂਰਨ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਪੂਰੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ। 2022 ਵਿੱਚ, ਭਾਰਤ ਨੇ 90ਵੀਂ ਇੰਟਰਪੋਲ ਜਨਰਲ ਅਸੈਂਬਲੀ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਕੀਤੀ, ਜਿੱਥੇ ਕੇਂਦਰੀ ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰੀ ਸ਼੍ਰੀ ਅਮਿਤ ਸ਼ਾਹ ਨੇ ਗਲੋਬਲ ਪੁਲਿਸਿੰਗ ਦੇ ਤਿੰਨ ਥੰਮ੍ਹਿਆਂ –ਕਮਿਊਨੀਕੇਸ਼ਨ (ਸੰਚਾਰ), ਕੋਲੈਬੋਰੇਸ਼ਨ (ਸਹਿਯੋਗ) ਅਤੇ ਕੋਆਪ੍ਰੇਸ਼ਨ (ਤਾਲਮੇਲ)- ਦੀ ਮਹੱਤਤਾ ‘ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੱਤਾ। ਭਾਰਤ ਅਤੇ ਦੁਨੀਆ ਭਰ ਦੀ ਕਾਨੂੰਨ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਵਾਲੀਆਂ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੇ ਦਰਮਿਆਨ ਤਾਲਮੇਲ, ਸੰਪਰਕ ਅਤੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਂਝੀ ਕਰਨ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਲਈ, ਕੇਂਦਰੀ ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਜਨਵਰੀ 2025 ਵਿੱਚ BHARATPOL (ਭਾਰਤਪੋਲ) ਲਾਂਚ ਕੀਤਾ। BHARATPOL ਨੇ CBI, ਰਾਜ ਪੁਲਿਸ ਹੈਡਕੁਆਰਟਰਾਂ (ਇੰਟਰਪੋਲ ਸੰਪਰਕ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ- ILOs ਰਾਹੀਂ) ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੁਲਿਸ ਹੈੱਡ ਕੁਆਰਟਰਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਹੀ ਪਲੈਟਫਾਰਮ ‘ਤੇ ਲਿਆ ਕੇ ਇੱਕ ਵਿਆਪਕ ਸੂਚਨਾ ਢਾਂਚਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਇਸ ਪਹਿਲ ਦੇ ਤਹਿਤ, ਰਾਜ ਅਤੇ ਕੇਂਦਰੀ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੀ 1400 ਤੋਂ ਵੱਧ ਯੂਨਿਟਾਂ ਨੂੰ ਪੋਰਟਲ ਨਾਲ ਜੋੜਿਆ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਾ ਨਿਰਵਿਘਨ ਅਦਾਨ-ਪ੍ਰਦਾਨ ਯਕੀਨੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਸਿੱਟੇ ਵਜੋਂ, CBI ਅਤੇ ਕਾਨੂੰਨ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਵਾਲੀਆਂ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦਰਮਿਆਨ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਂਝੀ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਲੱਗਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਕਾਫੀ ਕਮੀ ਆਈ ਹੈ। ਅੱਜ, CBI ਦੁਆਰਾ ਮੰਗੀ ਗਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਆਮ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਕਾਨੂੰਨ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਵਾਲੀਆਂ ਹੋਰ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੁਆਰਾ 10 ਤੋਂ 20 ਦਿਨਾਂ ਅੰਦਰ, ਅਤੇ ਕੁਝ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ 3 ਤੋਂ 10 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਸਾਂਝੀ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਜਾਂਚ ਅਤੇ ਹਵਾਲਗੀ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਦੀ ਕੁਸ਼ਲਤਾ ਵਿੱਚ ਕਾਫੀ ਸੁਧਾਰ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਕੇਂਦਰੀ ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਇਸ ਦਿਸ਼ਾ ਵਿੱਚ ਕੁੱਲ 5 ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਬੈਠਕਾਂ ਕੀਤੀਆਂ ਹਨ। ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 'ਪ੍ਰੀਵੈਂਸ਼ਨ ਆਫ ਮਨੀ ਲਾਨਡ੍ਰਿੰਗ ਐਕਟ' (PMLA) ਨੂੰ ਹੋਰ ਸಖਤੀ ਨਾਲ ਲਾਗੂ ਕੀਤਾ ਹੈ। PMLA ਨੂੰ ਸਖਤੀ ਨਾਲ ਲਾਗੂ ਕਰਕੇ, ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 2019 ਅਤੇ 2026 ਦੇ ਦਰਮਿਆਨ ਭਗੌੜੇ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਦੀ 17,874 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਸੰਪਤੀ ਜਬਤ ਕੀਤੀ। ਭਗੌੜਿਆਂ ਦਾ ਪਤਾ ਲਗਾਉਣ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਫੜਨ ਲਈ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਯਤਨਾਂ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਲਈ, ਸੈਂਟਰਲ ਬਿਊਰੋ ਆਫ ਇਨਵੈਸਟੀਗੇਸ਼ਨ (CBI) ਨੇ ਇੱਕ 'ਸਪੈਸ਼ਲ ਗਲੋਬਲ ਆਪ੍ਰੇਸ਼ਨ ਸੈਂਟਰ' ਬਣਾਇਆ ਹੈ। ਇਹ ਸੈਂਟਰ ਇੰਟਰਪੋਲ ਰਾਹੀਂ ਦੁਨੀਆ ਭਰ ਦੀਆਂ ਪੁਲਿਸ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਰੀਅਲ-ਟਾਈਮ ਵਿੱਚ ਤਾਲਮੇਲ ਬਿਠਾਉਂਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਭਗੌੜਿਆਂ ਨੂੰ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਟ੍ਰੈਕ ਕਰਨ ਅਤੇ ਫੜਨ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਮਿਲਦੀ ਹੈ। ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਅਦਾਨ-ਪ੍ਰਦਾਨ ਨੂੰ ਅਸਾਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ, CBI ਨੇ ਹਰ ਰਾਜ ਅਤੇ ਸਾਰੀਆਂ ਕੇਂਦਰੀ ਜਾਂਚ ਏਜੰਸੀਆਂ ਵਿੱਚ ਇੰਟਰਪੋਲ ਕਾਂਟ੍ਰੈਕਟ ਅਫਸਰ ਵੀ ਨਿਯੁਕਤ ਕੀਤੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਭਗੌੜਿਆਂ ਨਾਲ ਜੁੜੀ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਤਾਲਮੇਲ ਅਤੇ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸਹਿਯੋਗ ਕਾਫੀ ਬਿਹਤਰ ਹੋਇਆ ਹੈ۔ ਇੰਟਰਪੋਲ ਦੁਆਰਾ ਰੈੱਡ ਕਾਰਨਰ ਨੋਟਿਸ ਜਾਰੀ ਕਰਨ ਦੀ ਸੰਖਿਆ ਵਿੱਚ ਵਾਧਾ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਸਾਲ 2022 ਵਿੱਚ 40, ਸਾਲ 2023 ਵਿੱਚ 100, ਸਾਲ 2024 ਵਿੱਚ 107, ਸਾਲ 2025 ਵਿੱਚ 112 ਅਤੇ 2026 ਵਿੱਚ ਹੁਣ ਤੱਕ 182 ਰੈੱਡ ਕਾਰਨਰ ਨੋਟਿਸ ਜਾਰੀ ਹੋਏ ਹਨ। ਭਗੌੜਿਆਂ ਦੀ ਜੀਓ-ਲੋਕੇਸ਼ਨ ਟ੍ਰੈਕ ਕਰਨ ਲਈ ਆਪ੍ਰੇਸ਼ਨ ਤ੍ਰਿਸ਼ੂਲ ਚਲਾਇਆ ਗਿਆ। ਇਸ ਦੇ ਤਹਿਤ ਇੰਟਰਪੋਲ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਲੁਕੇ ਹੋਏ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਦੀ ਸੈਟੇਲਾਈਟ ਸਰਵੀਲੰਸ, ਡਿਜੀਟਲ ਫੁੱਟਪ੍ਰਿੰਟ ਦੇ ਅਧਾਰ ‘ਤੇ ਲੋਕੇਸ਼ਨ ਸਥਾਪਿਤ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਹਵਾਲਗੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਤੇਜ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਵੀਡੀਓ ਕਾਨਫਰੰਸਿਗ ਨਾਲ ਮੁਕੱਦਮਿਆਂ ਦੀ ਸੁਣਵਾਈ ਵਰਗੀਆਂ ਤਕਨੀਕਾਂ ਦੀ ਵੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਪਿਛਲੇ 3 ਵਰ੍ਹਿਆਂ ਵਿੱਚ 401 ਭਗੌੜੇ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਰੈੱਡ ਕਾਰਨਰ ਨੋਟਿਸ ਜਾਰੀ ਹੋਏ। ਕੇਂਦਰੀ ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰੀ ਸ਼੍ਰੀ ਅਮਿਤ ਸ਼ਾਹ ਦੀ ਦੇਖ-ਰੇਖ ਹੇਠ ਹੁਣ extradition ਦੀ ਬੇਨਤੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪੇਸ਼ੇਵਰ ਅਤੇ ਸਟੈਂਡਰਡ ਢੰਗ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਜਿਸ ਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਹਵਾਲਗੀ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਉੱਥੋਂ ਦੀਆਂ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ੀ ਲੋੜਾਂ ਅਤੇ ਕਾਨੂੰਨੀ ਉਮੀਦਾਂ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖਦੇ ਹੋਏ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਭਰੋਸੇ ਵੀ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਭਾਰਤ ਲਿਆਂਦੇ ਗਏ ਭਗੌੜਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਹ ਲੋਕ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ ਜੋ ਅੱਤਵਾਦ, ਗੈਂਗਸਟਰੀ, ਆਰਥਿਕ ਅਪਰਾਧਾਂ, ਨਸ਼ੀਲੇ ਪਦਾਰਥਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਅਤੇ ਹੱਤਿਆ, ਬਲਾਤਕਾਰ ਅਤੇ POCSO (ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਜਿਨਸੀ ਅਪਰਾਧਾਂ ਤੋਂ ਸੁਰੱਖਿਆ) ਉਹ ਐਕਟ ਅਧੀਨ ਦਰਜ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲੋੜੀਂਦੇ ਸਨ। ਭਗੌੜੇ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਨੂੰ ਵਾਪਸ ਭਾਰਤ ਲਿਆਉਣ ਦਾ ਇਹ ਅਭਿਆਨ ਅੱਤਵਾਦ, ਖਾਲਿਸਤਾਨ-ਸਮਰਥਕ ਅੱਤਵਾਦ, ਗੈਂਗਸਟਰ-ਅੱਤਵਾਦੀ ਗਠਜੋੜ, ਨਸ਼ੀਲੇ ਪਦਾਰਥਾਂ ਦੀ ਤਸਕਰੀ, ਸਾਈਬਰ ਧੋਖਾਧੜੀ ਅਤੇ ਨਕਲੀ ਮੁਦਰਾ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਤੱਕ ਫੈਲਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਅਮਰੀਕਾ ਤੋਂ ਤਹੱਥੁਰ ਹੁਸੈਨ ਰਾਣਾ ਦੀ ਹਵਾਲਗੀ, ਗੁੰਝਲਦਾਰ ਅੱਤਵਾਦੀ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਭਾਰਤ ਦੀ ਦ੍ਰਿੜ੍ਹਤਾ ਅਤੇ ਨਿਰੰਤਰ ਜਾਰੀ ਕਾਨੂੰਨੀ ਅਤੇ ਕੂਟਨੀਤਕ ਯਤਨਾਂ ਦੀ ਇੱਕ ਅਹਿਮ ਉਦਾਹਰਣ ਹੈ। ਜੰਮੂ-ਕਸ਼ਮੀਰ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ, ਵਿਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਭਗੌੜੇ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਅੱਤਵਾਦ, ਨਾਰਕੋ-ਟੈਰੇਰਿਜ਼ਮ ਅਤੇ ਸਰਹੱਦ-ਪਾਰ ਸਮਰਥਨ ਨੈੱਟਵਰਕ ਨੂੰ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣ ਲਈ ਕੀਤਾ ਜਾਦਾ ਸੀ। ਭਗੌੜੇ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਨੂੰ ਵਾਪਸ ਭਾਰਤ ਲਿਆਉਣ ਵਿੱਚ ਮਿਲੀ ਸਫਲਤਾ ਕੋਈ ਇਤਫ਼ਾਕ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਸਗੋਂ ਇਹ ਭਰੋਸੇਯੋਗਤਾ, ਪੂਰੀ ਕਾਨੂੰਨੀ ਤਿਆਰੀ, ਨਿਰੰਤਰ ਕੁٽਨੀਤਕ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ਾਂ ਅਤੇ ਲਗਾਤਾਰ ਫਾਲੋ-ਅਪ ਦਾ ਨਤੀਜਾ ਹੈ। ਘਰੇਲੂ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਇਸ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਨੂੰ ਇੰਟੈਲੀਜੈਂਸ ਬਿਊਰੋ (IB), ਸੈਂਟਰਲ ਬਿਊਰੋ ਆਫ ਇਨਵੈਸਟੀਗੇਸ਼ਨ (CBI), ਰਿਸਰਚ ਐਂਡ ਐਨਾਲਿਸਿis ਵਿੰਗ (R&AW), ਨੈਸ਼ਨਲ ਇਨਵੈਸਟੀਗੇਸ਼ਨ ਏਜੰਸੀ (NIA), ਇਨਫੋਰਸਮੈਂਟ ਡਾਇਰੈਕਟੋਰੇਟ (ED), ਵਿਦੇਸ਼ ਮੰਤਰਾਲਾ (MEA), ਨਾਰਕੋਟਿਕਸ ਕੰਟਰੋਲ ਬਿਊਰੋ (NCB), ਡਾਇਰੈਕਟੋਰੇਟ ਜਨਰਲ ਆਫ ਗੁਡਸ ਐਂਡ ਸਰਵਿਸਿਸ ਟੈਕਸ ਇੰਟੈਲੀਜੈਂਸ (DGGI) ਅਤੇ ਰਾਜ ਪੁਲਿਸ ਬਲਾਂ ਦੇ ਦਰਮਿਆਨ ਨੇੜਲੇ ਤਾਲਮੇਲ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵਧਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਹ "ਪੂਰੇ-ਸਰਕਾਰ" (Whole-of-Government) ਵਾਲੇ ਨਜ਼ਰੀਏ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਕੇਂਦਰ ਅਤੇ ਰਾਜ ਦੀਆਂ ਏਜੰਸੀਆਂ ਭਗੌੜੇ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਦੀ ਵਾਪਸੀ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਅਤੇ ਪੀੜ੍ਹਤਾਂ ਨੂੰ ਜਲਦੀ ਤੋਂ ਜਲਦੀ ਨਿਆਂ ਦਿਵਾਉਣ ਲਈ ਨੇੜਲੇ ਤਾਲਮੇਲ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ। ਜਨਵਰੀ 2026 ਵਿੱਚ ਇੰਟੈਲੀਜੈਂਸ ਬਿਊਰੋ (IB) ਦੇ ਮਲਟੀ ਏਜੰਸੀ ਸੈਂਟਰ (MAC) ਅਧੀਨ ਇੱਕ 'ਸਟੈਂਡਿੰਗ ਫੂਕਸ ਗਰੁੱਪ' ਦਾ ਗਠਨ, ਭਾਰਤ ਦੇ ਭਗੌੜਿਆਂ ਨਾਲ ਨਜਿੱਠਣ ਦੇ ਸਿਸਟਮ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਦੀ ਦਿਸ਼ਾ ਵੱਲ ਇੱਕ ਅਹਿਮ ਸੰਸਥਾਗਤ ਕਦਮ ਹੈ। ਇਹ ਗਰੁੱਪ ਭਗੌੜਿਆਂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਨੂੰ ਤਰਜੀਹ ਦੇਣ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੀਆਂ ਫਾਈਲਾਂ (ਡੋਜ਼ੀਅਰ) ਨੂੰ ਇੱਕੋ ਜਿਹਾ ਬਣਾਉਣ, ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੀਆਂ ਕਮੀਆਂ ਨੂੰ ਦੂਰ ਕਰਨ, ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਸਹਿਯੋਗੀਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਲਗਾਤਾਰ ਸੰਪਰਕ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣ ਅਤੇ ਰਾਜ ਦੀਆਂ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੁਆਰਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੇ ਗਏ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਮਦਦ ਕਰਨ ਲਈ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਹੈ। ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਤੋਂ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਭਗੌੜੇ ਸਿਰਫ਼ ਠੰਡੇ ਪਏ ਕੇਸ ਨਹੀਂ ਹਨ- ਉਹ ਅਜਿਹੇ ਸਰਗਰਮ ਖ਼ਤਰੇ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਨਿਪਟਣ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ, ਆਪਸੀ ਤਾਲਮੇਲ ਅਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਤਿਆਰੀ ਕਰਕੇ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ。
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