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Sahibzada Ajit Singh Nagar
Kuldeep SinghKuldeep SinghFollow14 Sept 2024, 06:15 pm

ਮੇਲਾ ਸੰਪੰਨ ਹੋਣ ਤੇ ਗੂਗਾ ਮਾੜੀ ਮੈਨੇਜਮੈਂਟ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ ਗਿਆ

Banur, Punjab:100 ਸਾਲ ਪੁਰਾਣਾ ਗੁਗਾ ਮਾੜੀ ਬਨੂੜ ਦਾ ਮੇਲਾ ਸ਼ਾਨੋ ਸ਼ੌਕਤ ਨਾਲ ਸੰਪਨ। ਦੀ ਜਹਾਰ ਵੀਰ ਗੁਗਾ ਮਾੜੀ ਮੈਨੇਜਮੈਂਟ ਵੱਲੋਂ ਮੇਲੇ ਸਬੰਧੀ ਕੀਤੀਆਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਅਤੇ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਮੇਲੇ ਦਾ ਆਰੰਭ ਬਾਬਾ ਜੀ ਦੀ ਚੌਂਕੀ ਦੇ ਨਾਲ ਹੋਇਆ ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਦਿਨ ਲੋਕ ਗਾਇਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਮਨੋਰੰਜਨ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਮੇਲੇ ਦੇ ਅੰਤਿਮ ਦਿਨ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਪਹਿਲਵਾਨਾਂ ਦੇ ਘੋਲ ਕਰਵਾਏ ਗਏ‌। ਮੇਲੇ ਦੇ ਅੰਤਿਮ ਦਿਨ ਪੰਜਾਬ ਇਨਫੋਟੈਕ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਚੇਅਰਮੈਨ ਐਸਐਮਐਸ ਸੰਧੂ, ਕਾਰ ਸੇਵਾ ਵਾਲੇ ਬਾਬਾ ਜੀ ਬਾਬਾ ਦਿਲਬਾਗ ਸਿੰਘ, ਭਾਜਪਾ ਆਗੂ ਹਰਜੀਤ ਗਰੇਵਾਲ ਅਤੇ ਹਰਦਿਆਲ ਕੰਬੋਜ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ।
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चंबा: टैक्सी छत पर सवारियों के बैठाने का वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग

Chamba, Himachal Pradesh:चंबा में टैक्सी की छत पर युवक को बैठाकर उसे दौड़ाने का वीडियो वायरल चंबा जिले की शिकारी मोड़-गनेड बिहाली मार्ग का है यह वीडियो चंबा। शिकारी मोड़-गनेड बिहाली मार्ग पर टैक्सी वाहन में सवारियां फुल होने पर एक युवक को छत पर बैठाकर ले जाने का वीडियो सामने आया है। पहाड़ी और घुमावदार सड़कों पर इस तरह से सवारियां ढोना न केवल यात्रियों की जान जोखिम में डालना है बल्कि हादसे का भी खतरा रहता है। बहरहाल अन्य टैक्सी चालकों ने इस पर कड़ा ऐतराज़ जताया है। क्योंकि ओवरलोडिंग और छत पर सवारी बैठाना मोटर वाहन अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। तो वहीं पहाड़ी और घुमावदार सड़कों पर इस तरह से सवारी ढोना किसी बड़े हादसे को न्योता देना है। उन्होंने एसडीएम चुराह और आरटीओ चंबा से इस मार्ग पर नियमित चेकिंग करवाने और दोषी चालकों के परमिट व लाइसेंसी रद्द करने की मांग की है। वहीं, एडीएम चंबा अमित मैहरा ने ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की अनुशंसा की है तो वहीं जान जोखिम में डालकर चंबा जिले की सड़कों पर इस तरह से सफर बिलकुल भी नहीं करने की लोगों से अपील की है।
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फाजिल्का में युवक की संदिग्ध मौत: पोस्टमार्टम के बाद होगी आगे की कार्रवाई

Fazilka, Punjab:फाजिल्का जिले के गांव हजारा राम सिंह वाला से संदिग्ध अवस्था में एक युवक का शव बरामद हुआ है । जिसे पुलिस ने सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया है । हालांकि परिवार द्वारा उनके लड़के की हत्या करने की आशंका जाहिर की जा रही है । जबकि पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही का भरोसा दिया है । पारिवारिक सदस्यों के मुताबिक मृतक घर से समान लेने के लिए गांव घुबाया आया था कि वापिस नहीं लौटा । और अब उसका शव गांव हजारा राम सिंह वाला से बरामद हुआ है । फिलहाल पुलिस जांच जारी है । जानकारी देते हुए संता सिंह ने बताया कि वह गांव चक्क खीवा के रहने वाले है । उनके घर पर लक्कड़ मिस्त्री लगे हुए है । दरवाजे बनवा रहे है । कल उसका लड़का गुरमीत सिंह (28 वर्षीय) मिस्त्री के कहने पर घुबाया से कील लेने के लिए गया था । लेकिन वापिस नहीं लौटा । शाम को उन्हें पता लगा कि उसके लड़के का शव गांव हजारा राम सिंह वाला में झाड़ियों में पड़ा है । जिसके बाद वह मौके पर पहुंच देखा तो उन्हें ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उसके लड़के की मारपीट कर हत्या की गई है ।क्योंकि उसके शव पर काफी चोटों के निशान था । जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और उसके लड़के के शव को आज फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है । उन्होंने बताया कि गुरमीत अपने पीछे दो बच्चे एक लड़का और लड़की छोड़ गया है । हालांकि उनका कहना है कि वह शराब पीने का आदि था । फिलहाल उनके द्वारा उनके लड़के की हत्या की आशंका जाहिर करते हुए मामले में इंसाफ की गुहार लगाई जा रही है । उधर मौके पर सरकारी अस्पताल पहुंचे पुलिस कर्मचारी राम सिंह ने बताया कि गांव हजारा राम सिंह में कल शाम संदिग्ध अवस्था में एक युवक का शव मिला है । जिसके शव को सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाते हुए पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है । और इसकी रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी । जबकि उन्होंने कहा कि मृतक शराब का नशा करने का आदि था । उन्होंने कहा कि शव पर चोटों के निशान है । लेकिन इस बाबत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा । फिलहाल जांच जारी है ।
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खालड़ा केस: जस्टिस रंजीत सिंह के बयान पर नया सवाल

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़ :जस्टिस रंजीत सिंह ने जसवंत ख़ाल्डा ने कहा कि जिस तरह से प्रकरण उस समय का रहा उस मुद्दे को इस फिल्म में दिखाया भी गया और वहीं खालड़ा को लेकर सीबीआई ने जांच भी की और सच सामने लेकर आए कि कैसे उनको टोकर करके खत्म किया और हरि के पत्तन में फेंक दिया गया।अब एक बार फिर से यह बातें जनता का मुद्दा बन चुकी है जिसमें की पुलिस अधिकारियों को उम्रकैद हुई और आज वह कहाँ है जिसमें की कब उन्हें छोड़ और कैसे छोड़ा यह आज पता नहीं लगा।उसमें हमने आज चर्चा की है। जस्टिस रंजीत सिंह ने कहा कि कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिली है और कैसे उस दौर में शामिल को राहत मिली मिली यह चिंताजनक विषय है।वहीं बंदी सिंहों को छोड़ने की कोई मुहिम नहीं चल रही और उन्हें पेरोल तक नहीं दी जा रही जबकि दूसरी तरफ देखे तो राम रहीम की तरफ इशारा करते कहा कि किसी को ऐसे ही पेरोल मिल जाती है। जसपाल सिंह डीएसपी जिसमें कुल 8 लोग थे 4 की मौत हो गई और उसमें देखे तो जसबीर सिंह जेल में है बाकी 3 बाहर है जिसमें की दस्तावेज सामने आए है कि 2016 कि सुप्रीम कोर्ट की जजमेंट है जिसमें की जसपाल सिंह पर fir 81 टांडा में मामला है और जसपाल सिंह की पेटिशन कोर्ट में है कि आज से राहत मिले और 2019 में भी यह मामला गया था।दोनों सजाएं इकट्ठी अगर नहीं हो तो राहत नहीं दी जाती। फाइल्स राज्यपाल के पास भी नहीं और भारत सरकार भी जानकारी नहीं दे रही।
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जगरोँ नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल: आठवें दिन भी मांगें पूरी नहीं

Jagraon, Punjab:ਜਗਰਾਓਂ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਦੇ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਮਚਾਰਿਆਂ ਵਲੋਂOwn ਸ਼ਾਂ ਮੰਗਾ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੜਤਾਲ ਅੱਜ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਅੱਠਵੇਂ ਦਿਨ ਵਿਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਈ, ਉਥੇ ਹੀ ਸਾਰੇ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੇ ਮਿਲਕੇ ਪੂਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿਚ ਰੋਸ ਮਾਰਚ ਕੱਢਿਆ ਅਤੇ ਆਪਣੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਪੂਰੀਆਂ ਹੋਣ ਤੱਕ ਹੜਤਾਲ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜਾਰੀ ਰਹਿਣ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਮਚਾਰੀ ਯੂਨੀਅਨ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਰੁਣ ਗਿੱਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਜਿਹੜੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ, ਉਹ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜਾਇਜ਼ ਤੇ ਹੱਕੀ ਹਨ। ਪਰ ਫਿਰ ਵੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਰਨਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤੇ ਹੁਣ ਸਾਰੇ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਮਚਾਰੀ ਇਕਜੁੱਟ ਹਨ ਤੇ ਜਦੋਂ ਤੱਕ ਓਨਾਂ ਦੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਪੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀਆਂ, ਉਸ ਸਮੇਂ ਤਕ ਦੀ ਹੜਤਾਲ ਲਈ ਉਹ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਤੋਂ ਵੀ ਸਹਿਯੋਗ ਮੰਗਦੇ ਹਨ。
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जालंधर में मानसून के बाद डायरिया से बच्चों की संख्या बढ़ी, अस्पतालों में अलर्ट

Jalandhar, Punjab:जालंधर: बदलते मौसम से अस्पताल में बढ़ी डायरिया मरीजों की संख्या, डॉक्टर का आया बयान जालंधर: बारिश के साथ ही शहर में जलभराव और दूषित पानी की समस्या ने अपने पैर पसार लिए हैं। इसका सीधा असर मासूम बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। पिम्स के बाल रोग विभाग (पीडियाट्रिक्स) की ओपीडी में डायरिया (उल्टी-दस्त) से पीड़ित बच्चों की संख्या में बढ़ गई है। मामले की जानकारी देते हुए डॉक्टर निरंकार सिंह नेकी ने बताया कि मौसम में लगातार बारिश के साथ धूप निकलने से बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में उनके पास 10 मरीजों में से 4 मरीज दस्त के आ रहे है। मरीजों की जांच के दौरान मरीजों में पानी की कमी पाई जा रही है और उनकी जीभ सूख रही होती है, ब्लड प्रैशर लैवल 100 से भी कम पाया जा रहा है। जिसके चलते मरीज को अस्पताल में भर्ती करके उनका उपचार किया जा रहा है। इसके कई तरह से वायरस मुख्य कारण है। दरअसल, कई जगह पर पीने वाला सही नहीं पाया जा रहा। उन्होंने कहा कि मानसून आते ही अस्पताल में मरीजों की संख्या में बढ़ौतरी देखने को मिल रही है। डॉक्टर ने बताया कि उमस भरे मौसम में दूषित पेयजल और रेहड़ी-पटरी पर बिकने वाले खुले व बासी खाद्य पदार्थ बच्चों को तेजी से बीमार कर रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) और प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि जिस भी एरिया में पानी के सैंपल फेल पाए जा रहे हैं, वहां तुरंत पेयजल सप्लाई लाइनों की लीकेज और मेंटेनेंस का काम युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डायरिया का समय रहते सही ईलाज ना किया जाए तो उसकी हालत गंभीर हो सकती है। इस दौरान नकोदर से मलकीत सिंह मरीज का उदाहरण देते हुए डॉक्टर ने कहाकि उसे 3 से 4 दिन से दस्त की समस्या थी और उसे कोई आराम नहीं आ रहा था। उन्होंने कहाकि अस्तपाल में गंभीर मरीज आ रहे है। *डायरिया के लक्षण* अगर, डायरिया लंबे समय तक बना रहें या गंभीर हों, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों में डायरिया के मामलों में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है क्योंकि ये समूह निर्जलीकरण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। *डायरिया के निम्नलिखित लक्षण* दिन में कई बार पानी जैसा या बहुत ही पतला मल त्याग होना। पेट में अचानक से दर्द होना या ऐंठन महसूस होना। उल्टी आना या मतली महसूस होना। शरीर का तापमान बढ़ना और बुखार आना। तेजी से वजन घट जाना, खासकर बच्चों में। शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होना और थकावट रहना। मल में खून या मवाद का दिखना, जो कि गंभीर संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता हो। शरीर में पानी की कमी होना जिससे प्यास बढ़ जाती है। निर्जलीकरण के अन्य संकेतों में मुंह का सूखना, आंखों का धंसा हुआ दिखना, और पेशाब की कमी शामिल है, *डायरिया से बचाव* खाना बनाने और खाने से पहले और बाद में हाथ धोएं। टॉयलेट के बाद हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह से धोएं। किसी बीमार व्यक्ति की देखभाल करने के बाद हाथ धोएं। हमेशा स्वच्छ और फिल्टर किया हुआ पानी पीएं। उबला हुआ पानी पीना भी सुरक्षित होता है। पानी के स्रोत को स्वच्छ रखें और उसे दूषित होने से बचाएं। ताजे और साफ-सुथरे फल और सब्जियों का सेवन करें। खाना बनाने से पहले सभी खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह से धो लें। मांस और अंडे को अच्छी तरह से पकाएं। *सड़क किनारे के खाने से बचें* बाहर के खाने से बचें, खासकर उन जगहों से जहां स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा जाता। *दूषित खाद्य पदार्थों से बचें* बासी और खराब हो चुके खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। यदि आपको किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी है, तो उसका सेवन न करें। जैसे लैक्टोज असहिष्णुता में दूध और दूध उत्पादों से बचें। बच्चों को रोटावायरस संक्रमण से बचाने के लिए रोटावायरस वैक्सीन लगवाएं। साफ कपड़े पहनें और साफ-सुथरे बिस्तर का उपयोग करें। समय-समय पर अपने घर और आसपास की जगह की सफाई करें। यात्रा के दौरान साफ और सुरक्षित पानी और भोजन का सेवन करें। s सड़क किनारे के खाने से बचें और बोतलबंद पानी पीएं। प्रोबायोटिक्स सप्लीमेंट्स या खाद्य पदार्थ (जैसे दही) का सेवन करें, जो आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं。
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CM सुखविंदर सुक्खू ने हिम Himachal के हमीरपुर दौरे में 11 दुकानों का उद्घाटन किया

Chanwal, Himachal Pradesh:मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हमीरपुर का दौरे के दौरान आज बस स्टैंड के सामने रानी झांसी पार्क के पास नगर निगम की 11 दुकानों का उदघाटन करने के बाद टाउन हॉल के परिसर में नगरनिगम हमीरपुर के कार्यालय भवन का शिलान्यास किया । इस अवसर पर भोरंज के विधायक सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, प्रदेश विपणन बोर्ड के चेयरमैन कुलदीप पठानिया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुमन भारती शर्मा प्रशासनिक अधिकारियों सहित नगरपरिषद के पूर्व पार्षदो के अलावा अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे । कार्यक्रम के दौरान नगर निगम प्रशासन, ज़िला कांग्रेस , व्यापार मंडलहमीरपुर सहित अन्य संगठनों ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिम केयर योजना में सबसे बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है रानी की बात है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नीचे यह सब कुछ होता रहा और उन्हें इसका पता ही नहीं चला। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सारे भ्रष्टाचार की जांच पूरी करके जयराम ठाकुर और विधानसभा दोनों जगह पर इसे सबके सामने रखा जाएगा। वही बीबीएमबी एरिया मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 सालों से हिमाचल का उसके एरियर का अधिकार बीबीएमबी के पास फंसा हुआ है। पानी का पूरा उपयोग हो रहा है लेकिन पेंडिंग बकाया अदा नहीं किया जा रहा है सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के हक में फैसला दिया है हिमाचल को7:19 के हिसाब से उसका बकाया एरियर अदा किया जाए। पानी चाहिए तो बीबीएमबी को सुप्रीम कोर्ट में इस एरियर के भुगतान करने पर सहमति जताते हुए एफिडेविट देना होगा। हिमाचल की जनता ने उन्हें हिमाचल की संपदा की रक्षा करने को भेजा है ना कि इसे बेचने के लिए। अवैध कब्जों के मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही सरकार इसे लेकर एक योजना लाने जा रही है अगर इन कब्जों को रेगुलर नहीं किया गया तो इस संबंध लोगों को लीज पर देने का काम किया जाए इसे लेकर योजना तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही हमीरपुर में हिमाचल एजुकेशन रेगुलेटरी कमिशन का दफ्तर खोला जाएगा इसके लिए जमीन उपलब्ध करवाने के लिए डीसी को निर्देश दे दिए गए हैं।
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घंग्गा की झुग्गियों में मजदूर 5-5 मरले प्लॉट के लिए धरना दे रहे हैं

Patran, Punjab:पातड़ां से सतपाल गर्ग घंग्गा की झुग्गियों में रहने वाले मजदूर परिवारों ने एसडीएम दफ्तर के बाहर दिया धरना, 5-5 मरले प्लॉट की मांग एसडीएम पातडां को सोपा मांग पत्र। घंग्गा की झुग्गियों में पिछले कई दशकों से रह रहे मजदूर परिवारों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को नौजवान भारत सभा की अगुवाई में एसडीएम दफ्तर पातड़ां के बाहर रोष धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि उन्हें रहने के लिए 5-5 मरले के प्लॉट दिए जाएं और पक्के घर बनाने के लिए सरकारी सहायता उपलब्ध करवाई जाए। धरने के दौरांन एसडीएम पातड़ां काला राम बांसल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मांग पत्र प्राप्त किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जलदध नगर पंचायत घग्गा और पातड़ां प्रशासन के साथ बैठक कर मजदूरों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। नौजवान भारत सभा के सूबा कमेटी सदस्य दविंदर छबीलपुर और जिला नेता खुशवंत हनी ने कहा कि यदि प्रशासन अपने वादे के अनुसार बैठक नहीं करता या मांगों का कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तो मजदूरों की अगली बैठक बुलाकर संघर्ष को तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी。
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एचपी-शिवा परियोजना से हिमाचल के किसानों की आय दोगुनी करने की राह खुली

Una, Himachal Pradesh:एचपी-शिवा परियोजना में बागवानी क्रांति की नई शुरुआत, 15 हजार किसान परिवारों की आय बढ़ाने का लक्ष्य, कुटलैहड़ के टीहरा में हुआ भव्य कार्यक्रम, विधायक विवेक शर्मा मुख्यातिथि, बोले,आधुनिक बागवानी से किसानों की आय होगी दोगुनी करने की दिशा में बड़ा कदम हिमाचल प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती को आधुनिक बागवानी से जोड़ने की दिशा में एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से संचालित एचपी-शिवा परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। कुटलैहड़ विस क्षेत्र में आयोजित परियोजना की समीक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम में कुटलैहड़ के विधायक विव克 शर्मा मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर विधायक विवेक शर्मा ने पूजा अर्चना करके पौधा रोपण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एचपी-शिवा परियोजना प्रदेश के किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगी और आने वाले वर्षों में हजारों किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कृषि और बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। एचपी-शिवा परियोजना का उद्देश्य किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखकर आधुनिक, वैज्ञानिक और लाभकारी बागवानी से जोड़ना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़े और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो। एडीबी की सहायता से 1292 करोड़ रुपये की परियोजना, ऊना सहित सात जिलों में बदल रही खेती की तस्वीर, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से लगभग 1292 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को लागू किया जा रहा है। यह परियोजना ऊना, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर सहित सात जिलों में संचालित की जा रही है। इसके तहत लगभग 6000 हेक्टेयर (करीब 1.50 लाख कनाल) भूमि पर आधुनिक बागवानी विकसित की जाएगी तथा 400 क्लस्टरों का गठन किया जाएगा। मुख्यतिथि विवेक शर्मा ने कहा कि परियोजना की कुल लागत लगभग 1300 करोड़ रुपये है। इसमें 1036.81 करोड़ रुपये एशियन डेवलपमेंट बैंक तथा 263.19 करोड़ रुपये हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा वहन किए जा रहे हैं। यह परियोजना वर्ष 2022-23 से 2027-28 तक पांच वर्षों में चरणबद्ध ढंग से लागू की जा रही है। इसका प्रमुख उद्देश्य जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, जल संरक्षण तथा किसानों को उच्च मूल्य वाली फल फसलों की खेती के लिए प्रेरित करना है।विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि जिला ऊना में परियोजना के पहले चरण के तहत 149 हेक्टेयर भूमि का चयन किया जा चुका है। यहां लगभग 30 किलोमीटर सोलर फेंसिंग, 13 लाख लीटर क्षमता के प्री-फैब्रिकेटेड मॉड्यूलर जल भंडारण टैंक तथा आधुनिक ड्रिप सिंचाई प्रणाली विकसित की जा रही है। अब तक जिले में 65,575 उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया जा चुका है। इनमें अमरूद, अनार और मुसम्मी के पौधे प्रमुख हैऊना जिले में 13 क्लस्टरों पर तेजी से कार्य, 65,575 फलदार पौधे लगाए, 70 हजार और पौधों का होगा रोपण, विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि विकास खंड बंगाणा के इमखर, नलवाड़ी, बौल, सनहाल, तिहरा, मुच्छाली, चुरड़ी, बुडवाड़ी और हंडोला सहित विभिन्न क्षेत्रों में परियोजना के क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। नलवाड़ी और डोडक क्षेत्र में लगभग 140 हेक्टेयर, हरोली विकास खंड में 4 हेक्टेयर तथा गगरेट विकास खंड के सलोह बेड़ी क्षेत्र में लगभग 5 हेक्टेयर भूमि इस योजना में शामिल की गई है। इन क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से फल उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जुलाई-अगस्त 2026 के दौरान लगभग 70 हजार अतिरिक्त फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके लिए पौधों की मांग पहले ही भेजी जा चुकी है तथा विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। रोपण कार्य मानसून के दौरान तेजी से किया जाएगा।
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Gill पिंड में KP Gill को लेकर चर्चा, Satluj के बाद गाँव में सवाल

Ludhiana, Punjab:ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਗਿੱਲ ਪਿੰਡ ਨਾਲ ਵੀ ਸਾਬਕਾ ਡੀਜੀਪੀ ਕੇ ਪੀ ਐਸ ਗਿੱਲ ਦਾ ਰਿਹਾ ਖਾਸ ਰਿਸ਼्ता ਸਤਲੁਜ ਪੰਜਾਬੀ ਫਿਲਮ ਦੇ ਰਿਲੀਜ਼ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਇਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਚਰਚਾ ਵਿੱਚ ਆਏ ਕੇ ਪੀ ਐਸ ਗਿੱਲ ਦਾ ਗਿੱਲ ਪਿੰਡ ਦੀ ਜੱਦੀ ਘਰ ਹੋਇਆ ਖੰਡਰ ਸਾਬਕਾ ਡੀਜੀਪੀ ਅਤੇ ਸੁਪਰ ਕੋਪ کਹੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਕੇਪੀਐਸ ਗਿੱਲ ਦਾ ਲੁਧਿਆਣਾ ਨਾਲ ਖਾਸ ਨਾਤਾਂ ਹੈ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਦਾ ਗਿੱਲ ਪਿੰਡ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਜੱਦੀ ਪਿੰਡ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ਅੱਜ ਵੀ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਖੰਡਰ ਬਣਿਆ ਮਕਾਨ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ‌। ਫਿਲਮ ਸਤਲੁਜ ਨੇ ਇੱਕ ਵਾਰ ਮੁੜ ਤੋਂ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਉਤਸੁਕਤਾ ਵਧਾ ਦਿੱਤੀ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਦੇ ਮੋਹਤਵਰ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਤੋਂ ਵੀ ਫੋਨ ਆ ਰਹੇ ਹਨ। ਫਿਲਮ ਸਤਲੁਜ ਬੇਸ਼ੱਕ ਪੂਰੇ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਬੈਨ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਫਿਲਮ ਦੇ ਕੁਝ ਦਰਿਸ਼ ਅਜਿਹੇ ਹਨ ਜਿਨਾਂ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਲੂ ਕੰਡੇ ਖੜੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ,, ਅਤੇ ਫਿਲਮ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਾਬਕਾ ਡੀਜੀਪੀ ਕੇਪੀਐਸ ਗਿੱਲ ਜਿਨਾਂ ਨੂੰ ਸੁਪਰ ਕੋਪ ਵੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ ਬਾਰੇ ਮੁੜ ਤੋਂ ਚਰਚਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਈ ਹੈ । ਅਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ਤੇ ਲੋਕ ਜਾਨਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਨ ਕਿ ਕਿਸ ਪਿੰਡ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਸਨ ਸਾਬਕਾ ਡੀਜੀਪੀ ਕੇਪੀਐਸ ਗਿੱਲ । ਜਿਸ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਪਿੰਡ ਦੇ ਸਰਪੰਚ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੋਹਤਵਰ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਫੋਨ ਆ ਰਹੇ ਹਨ ਇਹ ਫੋਨ ਸਿਰਫ ਪੰਜਾਬ ਜਾਂ ਫਿਰ ਬਾਹਰਲੇ ਸੂਬਿਆਂ ਤੋਂ ਹੀ ਨਹੀਂ ਸਗੋਂ ਬਾਹਰਲੇ ਮੁਲਕਾਂ ਤੋਂ ਵੀ ਆ ਰਹੇ ਹਨ । ਜਿਸ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਖੁਦ ਪਿੰਡ ਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਾ ਪਰਿਸ਼ਦ ਮੈਂਬਰ ਬਲਰਾਜ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕੀਤਾ ਹੈ ਚੇਅਰਮੈਨ ਬਲਰਾਜ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਬੇਸ਼ੱਕ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਉਮਰ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਹੈ ਪਰ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਸਾਬਕਾ ਡੀਜੀਪੀ ਕੇਪੀਐਸ ਗਿੱਲ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਹੀ ਪਿੰਡ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਸਨ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕੇਪੀਐਸ ਗਿੱਲ ਦਾ ਜੱਦੀ ਘਰ ਵੀ ਦਿਖਾਇਆ ਤੇ ਦੱਸਿਆ ਕੀ ਬੇਸ਼ੱਕ ਇਹ ਖੰਡਰ ਬਣ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਇੱਥੇ ਕੋਈ ਵੀ ਨਹੀਂ ਆਇਆ ਇੱਕ ਵਾਰ ਕੇਪੀਐਸ ਗਿੱਲ ਆਪਣੇ ਕਿਸੇ ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰ ਜੋ ਕਿ ਇਸ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਹੀ ਰਹਿੰਦੇ ਸਨ ਦੇ ਮਰਗ ਦੇ ਭੋਗ ਤੇ ਆਏ ਸਨ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਦੇ ਬਾਹਰਾਂ ਬਾਹਰੋਂ ਹੀ ਵਾਪਸ ਚਲੇ ਗਏ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਫਿਲਮ ਆਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਤੋਂ ਵੀ ਫੋਨ ਆ ਰਹੇ ਹਨ ਜੋ ਕਿ ਜਾਨਣ ਦੇ ਇਸ਼ਕ ਹਨ ਕੀ ਕੇਪੀ ਗਿਲ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਪਿੰਡ ਦੇ ਹੀ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਸਨ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕੇਪੀਐਸ ਗਿੱਲ ਦੇ ਪਿਤਾ ਭਾਖੜਾ ਮਨ ਤੇ ਨੌਕਰੀ ਕਰਦੇ ਸਨ ਤੇ ਕੇਪੀਐਸ ਗਿੱਲ ਨੇ ਵੀ ਸਾਰੇ ਹੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਬਾਹਰੋਂ ਹੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਰਹੇ ਪਰ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਘਰ ਜਰੂਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਅੱਜ ਖੰਡਰ ਬਣ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਕੋਈ ਵੀ ਇਸਦੀ ਦੇਖਭਾਲ ਨਹੀਂ ਕਰਦਾ। ਬਾਈਟ --- ਬਲਰਾਜ ਸਿੰਘ ਚੈਅਰਮੈਨ ਪਿੰਡ ਗਿੱਲ । ਉੱਥੇ ਇੱਕ ਹੋਰ ਬਜ਼ੁਰਗ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇੱਕ ਵਾਰ ਆਪਣੇ ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰ ਦੀ ਮਰਗ ਦੇ ਭੋਗ ਤੇ ਆਏ ਸਨ ਪੁਲਿਸ ਬਹੁਤ ਜਿਆਦਾ ਤੈਨਾਤ ਹੋ ਗਈ ਸੀ ਪਿੰਡ ਦੇ ਲੋਕ ਡਰਦੇ ਮਾਰੇ ਹੀ ਗਾਇਬ ਹੋ ਗਏ ਸਨ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਪਣਾ ਘਰ ਜਰੂਰ ਦੇਖ ਕੇ ਗਏ ਸਨ ਪਰ ਇਸਦੀ ਦੇਖਭਾਲ ਕੋਈ ਨਹੀਂ ਕਰਦਾ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਫਿਲਮ ਵਿੱਚ ਦਿਖਾਇਆ ਕਾਲਾ ਦੌਰ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਵੀ ਦੇਖਿਆ ਹੈ ।
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खन्ना में मनरेगा कर्मियों पर लाठीचार्ज, कई घायल

Khanna, Punjab:खन्ना में मनरेगा कर्मचारियों और वर्करों पर पुलिस का लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े; कई प्रदर्शनकारी घायल पंजाब भर से खन्ना पहुंचे मनरेगा कर्मचारियों और वर्करों के प्रदर्शन के दौरान बुधवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब पंचायत मंत्री तरुणप्रीत Singh सौंध की कोठी की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने की कोशिश करने पर पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी, जिनमें महिला कर्मचारी भी शामिल हैं, घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, मनरेगा कर्मचारियों और वर्करों ने विभाग में पक्का करने, कई महीनों से लंबित वेतन जारी करने तथा अन्य मांगों को लेकर पंजाब स्तर पर खन्ना में विशाल प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके तहत पंजाब के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में कर्मचारी खन्ना के प्रेम भंडारी पार्क में एकत्र हुए। यहां सभा करने के बाद सभी प्रदर्शनकारी रोष मार्च निकालते हुए अमलोह रोड स्थित पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद की कोठी की ओर रवाना हुए। मंत्री की कोठी के बाहर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था। पुलिस ने सड़क पर बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े और बाद में लाठीचार्ज कर भीड़ को पीछे धकेला। लाठीचार्ज और भगदड़ के दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग किया, जबकि वे केवल अपनी मांगों को लेकर मंत्री तक पहुंचना चाहते थे। घायल कर्मचारियों में कई महिला वर्कर भी शामिल हैं, जिन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। यूनियन नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पिछले 18 वर्षों से मनरेगा कर्मचारी ग्रामीण विकास में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई महीनों से वेतन भी जारी नहीं किया गया, जिसके चलते उनके परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बाइट - प्रदर्शनकारी
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हिमाचल में 11 वन विभाग के अधिकारियों के तत्काल तबादले, नई तैनाती जारी

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन विभाग में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) और हिमाचल प्रदेश वन सेवा (HPFS) के 11 अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से तबादला एवं नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश राज्यपाल ने सिविल सर्विसेज बोर्ड की सिफारिशों पर जनहित में जारी किए हैं। सभी अधिकारियों को तत्काल अपना नया कार्यभार संभालने और विभाग को इसकी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। राजीव कुमार, IFS (HP:2016) को DCF (T) बिलासपुर से डायरेक्टर (सेंट्रल), HPFSDC लिमिटेड मंडी नियुक्त किया गया है। वसु डोगर, IFS (HP:2018) का DCF (T) मंडी से DCF (T) पालमपुर तबादला किया गया है। संजीव शर्मा, IFS (HP:2018) को DCF (T) पालमपुर से DCF (T) मंडी भेजा गया है। वहीं, सुशील कुमार, IFS (HP:2018), जो वेटिंग पोस्टिंग पर थे, उन्हें DPO, IDP ऊना लगाया गया है। चमन लाल, IFS (HP:2019) का DCF (T) आनी से DCF (T) बिलासपुर तबादला किया गया है। माने नवनाथ शिवाजी, IFS (HP:2021) को DCF (T) भरमौर से DCF (वाइल्डलाइफ) चंबा भेजा गया है। अंशुल जैन, IFS (HP:2023) का DM, HSD बद्दी से DCF (T) नालागढ़ तबादला किया गया है। कुलदीप सिंह जमवाल, HPFS (HP:2013) को DFL (वाइल्डलाइफ) चंबा से DFO (T) डलहौजी नियुक्त किया गया है। रजनीश महाजन, HPFS (HP:2017) का DFO (T) डलहौजी से DFO (T) भरमौर तबादला किया गया है। धर्म चंद, HPFS (HP:2019) को DM, FWD सवरा से DM, HSD बद्दी भेजा गया है। प्रदीप कुमार, HPFS (HP:2019) का SDM, FWD सोलन से DFO (T) सोलन तबादला किया गया है। वन विभाग की प्रधान सचिव एम. सुधा देवी, IAS द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सभी अधिकारी तत्काल प्रभाव से अपनी नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करेंगे और इसकी सूचना विभाग को देंगे।
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हिमाचल HC ने मेयर सुमन की शपथ न दिलाने पर जवाब तलब, सुनवाई 21 जुलाई तय

Shimla, Himachal Pradesh:मंडी नगर निगम की नवनिर्वाचित मेयर सुमन को अब तक शपथ नहीं दिलाए जाने का मामला हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है. इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और उपायुक्त मंडी से जवाब तलब किया है. मंडी नगर निगम की नवनिर्वाचित महापौर सुमन की ओर से दायर याचिका पर हिमाचल हाई कोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की एकलपीठ ने सुनवाई की. अब इस मामले की सुनवाई 21 जुलाई को होनी है. याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में पेश हुए अधिवक्ता नंदलाल ठाकुर ने बताया कि सुनवाई के दौरान माननीय हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी किए. अदालत ने उपायुक्त मंडी को निर्देश दिए कि वह कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई अगली सुनवाई से पहले सुनिश्चित करें. साथ ही राज्य सरकार को भी अगली सुनवाई की तिथि तक अपना जवाब और आवश्यक निर्देश अदालत में दाखिल करने को कहा गया है. अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में संबंधित पक्षों का जवाब प्राप्त होने के बाद आगे की सुनवाई की जाएगी. याचिका में आरोप लगाया गया है कि मंडी नगर निगम के महापौर के निर्वाचन की प्रक्रिया 29 जून 2026 को पूरी हो चुकी है. बावजूद इसके उपायुक्त मंडी ने मेयर सुमन को अब तक पद की शपथ नहीं दिलाई है और उन्हें अपना पदभार ग्रहण करने की अनुमति भी नहीं दी. याचिकााकर्ता का कहना है कि इसके चलते वे अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर पा रही हैं. याचिका में यह भी कहा गया है कि इस स्थिति का सीधा असर मंडी नगर निगम के प्रशासनिक कामकाज, नागरिक सेवाओं और विकास कार्यों पर पड़ रहा है, जिससे आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. याचिकााकर्ता का कहना है कि यह केवल एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के अधिकारों का मामला नहीं, बल्कि स्थानीय लोकतंत्र और जनता के जनादेश से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है. इसलिए अदालत से मांग की गई है कि निर्वाचित मेयर को शीघ्र शपथ दिलाकर पदभार ग्रहण करने की अनुमति सुनिश्चित की जाए.
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