icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुक्खू ने चौकीदारों के नियमितीकरण, मानदेय बढ़ोतरी और OPS पर जोर दिया

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायत चौकीदारों की लंबित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने आज चौड़ा मैदान में पंचायत चौकीदार यूनियन के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा की पात्रता पूरी कर चुके पंचायत चौकीदारों को नियमित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार पंचायत चौकीदारों के हितों के संरक्षण के लिए संवेदनशील है। इस वित्त वर्ष के बजट में पंचायत चौकीदारों के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद उन्हें 9 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है। राज्य की संपदा का लाभ सभी वर्गों को मिले, इसके लिए दूरगामी निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए नियमों और कानूनों में आवश्यक बदलाव भी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है। जल विद्युत परियोजनाओं में राज्य के वाजिब हक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अपनी संपदा को अपने अधिकार क्षेत्र में लेकर हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को ओपीएस देने का फैसला राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ओपीएस को बंद करने के मंसूबे बना रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं पर 80 रुपये, मक्की पर 50 रुपये और कच्ची हल्दी पर 150 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। इसके अलावा गाय के दूध पर 61 रुपये और भैंस के दूध पर 71 रुपये प्रति लीटर समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है।
0
0
Report
Advertisement

राजा वडिंग के गिरफ्तारी मामले पर राजनीतिक बवाल: शुद्धिकरण और राहुल गांधी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़: राजा वडिंग ने कमीशन की तरफ से गिरफ्तारी को लेकर दिए आदेश पर कहा कि 5 दिन में गिरफ्तार किया जाए यह कहा गया है। वडिंग ने कहा कि पूर्व वर्ष नवंबर में बात के बाद 10 महीने बाद यह आदेश हुए और पहले भी उन्होंने एक पत्र निकाला था जिसमें कि तरुण चुग ने शिकायत की थी जबकि बूटा सिंह को लेकर कुछ नहीं बोला था ।मै किसी बात की जानकारी दे रहा था कि कांग्रेस ने किसी भी तरह का भेदभाव किए बिना उन्हें सम्मान दिया जिन्होंने देश को चलाया वह गृह मंत्री थे। राजा वडिंग ने कहा कि अचानक जो प्रेस रिलीज भेजी है क्योंकि यह ध्यान भटकना चाहते है , मलिका अर्जुन खड़गे जब रैली संबोधन करके आए तो भाजपा और rss ने शुद्धिकरण किया वहां पर जो सीधी तुहीन थी। वडिंग ने कहा कि राहुल जी दी ने प्रेसकंफ्रेस की थी कि जिन्होंने शुद्धिकरण किया उन पर मामला दर्ज होना चाहिए।उन पर मामला तो दर्ज नहीं हुआ पर वाल्मीकि भाई से शिकायत दिलवाकर राहुल गांधी पर मामला दर्ज कर दिया जो शर्मनाक है भाजपा के लिए पर यह ध्यान भटकना चाहते हैं मैंखुड चेयरमैन के पास जाकर आया हु पर उन्हें अब याद आया कि कार्यवाही होनी चाहिए जबकि अमित शाह ने कहा था लोकसभा में की क्या आंबेडकर लगा रखा है पर मैने तो आम बात कही पर उसे मुद्दा बना लिया गया। पंजाब कमीशन की तरफ से भी ऐसे किया गया था जिसमें कि हाईकोर्ट जब गए तो आदेश स्टे कर दिए गए। अब शुद्धिकरण जो हुआ उसमें भाजपा स्पष्ट करे मेरी गिरफ्तारी से मामला हल नहीं होगा। राजा वडिंग ने कहा कि पंजाब भर में राहुल गांधी पर दर्ज किया मामले में पुतले जलाएंगे
0
0
Report
Advertisement

चार साल पूरे: सुधीर शर्मा ने सरकार पर आउटसोर्सिंग और RTI के सवाल उठाए

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल कांग्रेस की ओर से 31 अगस्त 2022 को घोषित की गई 10 गारंटियों को चार साल पूरे होने पर भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने गारंटियों के चार साल पूरे होने को ‘चतुर्वार्षिक श्राद्ध’ बताते हुए तंज कसा। शिमला में मीडिया से बातचीत में सुधीर शर्मा ने सरकारी नौकरियों, आउटसोर्स भर्तियों, विधानसभा में सवालों के जवाब और नैनो यूरिया के मुद्दे पर सरकार को घेरा। राहुल गांधी पर FIR के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी उन्होंने कटाक्ष किया। सुधीर शर्मा ने कहा कि 31 अगस्त 2022 को शिमला में तत्कालीन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस की 10 गारंटियों की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहली कैबिनेट में एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक लोगों को सरकारी नौकरियां नहीं मिली हैं। सुधीर शर्मा ने कहा कि आउटसोर्स भर्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अलग-अलग तरीकों से आउटसोर्स नियुक्तियाँ की जा रही हैं और सभी विभागों में यही स्थिति है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूछा था कि कितनी आउटसोर्स कंपनियां हैं और वे किसके नाम पर पंजीकृत हैं, लेकिन सदन में इसका जवाब नहीं दिया जा रहा। सुधीर शर्मा ने वेतन को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि PGI में 90 हजार रुपये पर HimCare के फैसिलिटेटर लगाए गए हैं, जबकि 34 हजार रुपये के वेतन पर MBBS डॉक्टरों की भर्ती आउटसोर्स हो रही है। सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि विधानसभा में लगाए गए सवालों के जवाब भी नहीं मिल रहे हैं। उनके मुताबिक या तो प्रश्न डिलीट कर दिए जाते हैं या सूचना एकत्रित होने की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि RTI के जरिए जवाब मिल जाते हैं, लेकिन सदन में जवाब नहीं मिलते। नैनो यूरिया के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सदन में कांग्रेस विधायक ने बागवानों को नैनो यूरिया लेने के लिए कहे जाने का मामला उठाया था। बाद में कहा गया कि केंद्र से ऐसी कोई नोटिफिकेशन नहीं आई है। इस पर SIT जांच की मांग को लेकर सुधीर शर्मा ने तंज किया कि SIT बनाने में सरकार एक्सपर्ट है, इसलिए इस मामले में भी SIT गठित कर दी जाए। राहुल गांधी पर FIR के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी सुधीर शर्मा ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को प्रदर्शन करने की आदत नहीं है और सत्ता में रहते हुए सरकार प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने इसे एक साल पहले से विपक्ष में रहने की प्रैक्टिस karार दिया। साथ ही तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष में रहने के लिए विधायक होना जरूरी है और जनता विपक्ष के लायक भी विधायक जीताकर नहीं लाने वाली।
0
0
Report

पंजाब प्रभारी पूनिया की पहली बैठक के साथ BJP पंजाब कोर कमेटी तेज करेगी

Chandigarh, Chandigarh:भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रभारी डॉक्टर सतीश पूनिया में पहली बार पंजाब आने के बाद भारतीय जनता पार्टी पंजाब की कोर कमेटी की बैठक होगी जिसकी अध्यक्षता डॉक्टर पुनिया करेंगे शाम साढ़े छह बजे भारतीय जनता पार्टी के स्टेट कार्यालय में इस बैठक का आयोजन किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं नेशनल शेड्यूल कास्ट कमीशन के पूर्व चेयरमैन विजय सांपला ने कहा कि वह तीन सितम्बर को स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम के समक्ष चंडीगढ़ में पेश होंगे। उन्होंने कहा कि नेशनल शेड्यूल कास्ट कमीशन की ओर से कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को लेकर निर्देश दिए हैं उनका पालन होना चाहिए नहीं तो पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक अश्विनी शर्मा। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राज्यसभा सदस्य अविनाश राय खन्ना
0
0
Report
Advertisement

सुक्खू सरकार: संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड पाठ शुरू होंगे, गौसेवा समेत मुफ्त इलाज का दावा

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड पुरोहित कोर्स की कक्षाएं शुरू करने पर विचार किया जाएगा। इसके तहत डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह बात हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामंजस्य और भाईचारे से ही आदर्श समाज का निर्माण संभव है। इससे सामाजिक एकता मजबूत होती है और शांति, सद्भाव व सहयोग की भावना विकसित होती है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 222 गौ सदनों और गौ अभयारण्यों में 23,018 गौवंश को आश्रय दिया गया है। सात गौ सदनों व अभयारण्यों का निर्माण पूरा होने के बाद 2,200 से 2,500 बेसहारा गौवंश को और आश्रय मिल सकेगा। गौ सेवा आयोग की ओर से इनके पालन-पोषण के लिए 1,200 रुपये प्रति गौवंश प्रतिमाह सहायता दी जा रही है। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स भी गठित की गई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवाइयां, निःशुल्क जांच और आवश्यक मशीनरी व उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों के लिए अलग-अलग संख्या में आवश्यक दवाइयां और उपभोग्य वस्तुएं अधिसूचित की हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क नैदानिक जांच के लिए करसना डायग्नोस्टिक्स के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 63, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 96, नागरिक अस्पतालों में 110 और जोनल व क्षेत्रीय अस्पतालों में 133 प्रयोगशालाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सभी आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और प्रयोगशाला जांच की सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी के त्रिवेणी धाम रिवालसर की क्षतिग्रस्त और गिरने के खतरे वाली चारदीवारी के पुनर्निर्माण के लिए 1.28 करोड़ रुपये का प्राकलन तैयार किया गया है। बैठक में डॉ. वाई.एस. परमार ऋण योजना, सीबीएसई पाठ्यक्रम विद्यालय सहित विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों से प्रदेश सरकार द्वारा चिट्टा और मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक जन-जागरूकता अभियान में सक्रिय सहयोग का आग्रह किया।
0
0
Report

घर के पास मिलेगी विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए मोबाइल थेरेपी, शुरूआत मंडी-शिमला

Shimla, Himachal Pradesh:विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को अब उनके घर के करीब ही विशेष थेरेपी, पुनर्वास और समावेशी शिक्षा की सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज समग्र शिक्षा के तहत ‘मोबाइल रिसोर्स सेंटर-थेरेपी ऑन व्हील्स’ की पहल के तहत तीन मोबाइल रिसोर्स सेंटर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल समग्र शिक्षा के समावेशी शिक्षा घटक के तहत सैम्फिया फाउंडेशन के सहयोग से संचालित की जाएगी। शुरुआती चरण में इसकी सेवाएं मंडी, शिमला और कांगड़ा जिलों में उपलब्ध होंगी। बाद में चरणबद्ध तरीके से इसे प्रदेश के सभी जिलों तक विस्तार दिया जाएगा。 मोबाइल रिसोर्स सेंटर के माध्यम से बच्चों को फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपी, विशेष शिक्षा, स्क्रीनिंग और आवश्यकता-आधारित मूल्यांकन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा बहु-विषयक थेरेपी एवं पुनर्वास, परामर्श, अभिभावक मार्गदर्शन, आत्मनिर्भरता बढ़ाने का प्रशिक्षण, फॉलो-अप और रेफरल सेवाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस पहल का खास लाभ ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को मिलेगा, जहां भौगोलिक परिस्थितियों और विशेष सेवाओं तक सीमित पहुंच के कारण ऐसी सुविधाएं प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण होता है। ‘थेरेपी ऑन व्हील्स’ के जरिए बच्चों की शीघ्र पहचान और स्क्रीनिंग, मूल्यांकन, अभिभावकों की काउंसलिंग और जागरूकता के साथ शिक्षकों और विशेष शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस पहल से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शैक्षणिक सहभागीता, संचार कौशल, कार्यात्मक क्षमता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता में सुधार की उम्मीद है। साथ ही अभिभावक और शिक्षक घर तथा स्कूल में बच्चों को बेहतर और निरंतर सहयोग देने में सक्षम होंगे.
0
0
Report
Advertisement

हिमाचल के मुख्यमंत्री ठाकур सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आपातकालीन केंद्र का औचक निरीक्षण किया

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केन्द्र और राज्य आपातकालीन संचालन केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केन्द्र में स्थापित त्वरित घटना रिपोर्टिंग प्रणाली के तहत किए जा रहे विभिन्न निगरानी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में विभिन्न डैमों से पानी छोड़े जाने और बरसात के दौरान होने वाले नुकसान से संबंधित सटीक और विश्वसनीय डेटा तैयार किया जाए। उन्होंने निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने और आपात स्थिति में त्वरित जानकारी उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया।
0
0
Report

NCSC ने तरनतारन में बूटा सिंह टिप्पणी मामले में गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग

Noida, Uttar Pradesh:राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग प्रेस विज्ञप्ति पंजाब के तरनतारन जिले में अनुसूचित जाति समुदाय के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी संबंधी मामले में 5 दिनों में हो गिरफ्तारीः राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग चुनावी सभा के दौरान पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री स्वर्गीय श्री बूटा सिंह के विरुद्ध कथित अपमानजनक टिप्पणी मामले में हुई सुनवाई याचिकाकर्ता को सुरक्षा देने की भी आयोग ने की अनुशंसा नई दिल्ली, 31 अगस्त 2026: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने आज माननीय अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना की अध्यक्षता में पंजाब के तरनतारन में एक चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री स्वर्गीय श्री बूटा सिंह के संबंध में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग द्वारा कथित रूप से अपमानजनक एवं आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने से संबंधित मामले में सुनवाई की। प्रतिवादी अधिकारियों की ओर से पंजाब पुलिस के श्री हरप्रीत सिंह, डीएसपी तथा श्री गुलजार सिंह, डीएसपी, ईओ एवं साइबर क्राइम उपस्थित हुए। याचिकाकर्ता एवं स्वर्गीय श्री बूटा सिंह के पुत्र श्री सरबजोत सिंह भी सुनवाई के दौरान उपस्थित रहे। दोनों पक्षों को सुनने तथा अभिलेख पर उपलब्ध सामग्री का अवलोकन करने के पश्चात आयोग ने पूर्व सुनवाई में दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जांच में विलंब, आरोपी व्यक्तियों की गिरफ्तारी में देरी तथा कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report) प्रस्तुत न किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। 5 मई 2026 को हुई सुनवाई के दौरान आयोग ने विशेष रूप से अनुशंसा की थी कि मामले की जांच नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए। इससे भी महत्वपूर्ण यह कि याचिकाकर्ता श्री सरबजोत सिंह द्वारा कथित आरोपियों से धमकी भरे फोन कॉल प्राप्त होने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता और उनके आश्रितों को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 15A के तहत आवश्यक सुरक्षा प्रदान की जाए तथा 30 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत की जाए। हालांकि, आज की सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि उसके पूर्व निर्देशों पर अपेक्षित कार्रवाई रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। लगातार हो रहे विलंब को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने आज अनुशंसा की कि संबंधित अधिकारी कानून के अनुसार मामले में शामिल आरोपी व्यक्तियों की गिरफ्तारी के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं तथा इस संबंध में की गई कार्रवाई की स्थिति पांच दिनों के भीतर आयोग को प्रस्तुत करें। आयोग ने यह भी अनुशंसा की कि जांच को शीघ्र पूरा किया जाए और बिना किसी और अनावश्यक विलंब के सक्षम न्यायालय के समक्ष आरोप-पत्र (Charge-sheet) दाखिल किया जाए। आयोग ने यह भी अनुशंसा की कि सक्षम प्राधिकारी जांच एवं गिरफ्तारी में हुए विलंब के लिए जवाबदेही निर्धारित करने के प्रश्न की जांच करे। यदि संबंधित जांच अधिकारी/अधिकारियों की ओर से कर्तव्य के निर्वहन में जानबूझकर उपेक्षा पाई जाती है, तो कानून के अनुसार उचित विभागीय कार्रवाई की जाए तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 4 के तहत कार्रवाई पर भी विचार किया जाए। आयोग ने अपनी इन अनुशंसाओं पर 30 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। आयोग ने याचिकाकर्ता की सुरक्षा के मुद्दे को विशेष रूप से गंभीरता से लिया है। श्री सरबजोत सिंह को कथित रूप से लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए आयोग ने अनुशंसा की है कि याचिकाकर्ता तथा उनके आश्रितों को दिल्ली और पंजाब—दोनों स्थानों पर तत्काल एवं पर्याप्त पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। यह सुरक्षा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 15A के अनुरूप सुनिश्चित की जाए। आयोग ने दोहराया कि पीड़ितों, शिकायतकर्ताओं, गवाहों तथा उनके आश्रितों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण वैधानिक संरक्षण है और संबंधित अधिकारियों का यह दायित्व है कि वे यह सुनिश्चित करें कि याचिकाकर्ता किसी भी प्रकार के भय, दबाव, धमकी अथवा प्रताड़ना के बिना मामले को आगे बढ़ा सके।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top