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Sri Muktsar Sahib152026
मुक्तसर सीवरेज हादसे के बाद सफाई आयोग के वाइस चेयरमैन ने प्रशासन पर सवाल
ASAnmol Singh Warring
Mar 23, 2026 15:01:23
Sri Muktsar Sahib, Punjab
ਸੀਵਰੇਜ ਹਾਦਸੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਫਾਈ ਕਮਿਸ਼ਨ ਇੰਡੀਆ ਦੇ ਵਾਈਸ ਚੇਅਰਮੈਨ ਹਰੀਦਪ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ ਨੇ ਮੁਕਤਸਰ ਸਹਿਬ ਸਫਾਈ ਕਮਿਸ਼ਨ ਇੰਡੀਆ ਵਾਈਸ ਚੇਅਰਮੈਨ ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ ਨਾਲ ਮੀਟਿੰਗ ਕੀਤੀ। ਮੀਟਿੰਗ ਦੌਰਾਨ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਵੱਲੋਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਰਿਪੋਰਟ ਚੇਅਰਮੈਨ ਨੂੰ ਸੌਂਪੀ ਗਈ। ਨਗਰਕੌਂਸਲ ਵੱਲੋਂ ਸੀਵਰੇਜ ਕੰਮਾਂ ਵਿੱਚ ਸੁਰੱਖਿਆ ਕਿੱਟਾਂ ਦੀ ਘਾਟੀ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸਵਾਲ ਉੱਠੇ। ਚੇਅਰਮੈਨ ਨੇ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਨੂੰ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਸਮਾਂ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਸੁਰੱਖਿਆ ਕਿੱਟਾਂ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ਕਰਕੇ ਰਿਕਾਰਡ ਪੇਸ਼ ਕਰੇ, ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਏਗੀ। ਚੇਅਰਮੈਨ ਨੇ ਪੁਲੀਸ ਵਿੱਚ ਵੀ ਸਵਾਲ ਖੜੇ ਕੀਤੇ ਅਤੇ ਐਫਆਰ ਦਰਜ ਨਾ ਹੋਏ ਦੀ ਗੱਲ ਦੱਸੀ। ਮੌਕੇ ਤੇ ਮੌਤ ਹੋਏ ਨੌਜਵਾਨ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਲਈ ਸਹਿਯੋਗ ਦੀ ਗੱਲ ਵੀ ਉੱਠੀ।
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ASAvtar Singh
Mar 23, 2026 16:16:02
Gurdaspur, Punjab:Gurdaspur ਕਾਂਗਰਸ ਨੇ ਡੀ ਐਮ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਰੰਧਾਵਾ ਨੂੰ ਕੈਂਡਲ ਮਾਰਚ ਕੱਢ ਕੇ ਦਿੱਤੀ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਸਮਾਂ ਆ ਗਿਆ ਜਦੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਮੁੱਦਿਆਂ ਤੇ ਸਾਰੀਆਂ ਵਿਰੋਧੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਨੂੰ ਇਕੱਠਿਆ ਹੋਣਾ ਪੈਣਾ_ਵਿਧਾਇਕ ਪਾਹੜਾ ਜਿਲਾ ਕਾਂਗਰਸ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿਧਾਇਕ ਬਰਿੰਦਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਪਾਹੜਾ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਹੇਠ ਵੇਅਰ ਹਾਊਸ ਦੇ ਮਰਹੂਮ ਡੀਐਮ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਰੰਧਾਵਾ ਨੂੰ ਕੈਂਡਲ ਮਾਰਚ ਰਾਹੀ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ। ਕਾਂਗਰਸ ਭਵਨ ਤੋਂ ਕੈਂਡਲ ਮਾਰਚ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਕਾਂਗਰਸੀ ਆਗੂ ਅਤੇ ਵਰਕਰ ਹਨੁਮਾਨ ਚੌਂਕ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚੇ ਜਿੱਥੇ ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਬਰਿੰਦਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਪਾਹੜਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸੀਬੀਆਈ ਜਾਂਚ ਦੀ ਗੱਲ ਹੁੰਦੇ ਹੀ ਮੰਤਰੀ ਲਾਲਜੀਤ ਭੁੱਲਰ ਸਰੈਂਡਰ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਪਰ ਸਵਾਲ ਇਹ ਉੱਠਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਇੰਨੇ ਦਿਨ ਲੁਕਦੇ ਕਿਉਂ ਰਹੇ ? ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦਿੱਲੀ ਦੇ ਨੁਮਾਇੰਦੇ ਸਰਕਾਰ ਚਲਾ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਅਫਸਰਾਂ ਤੇ ਦਬਾਅ ਪਾ ਰਹੇ ਹਨ , ਜਿਸ ਦੀਆਂ ਉਦਾਹਰਨਾਂ ਅਫਸਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਖੁਦਕੁਸ਼ੀ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਸਾਹਮਣੇ ਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ।ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅੱਜ ਗਗਨਦੀਪ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ ਦਵਾਉਣ ਲਈ ਸਾਰੀਆਂ ਵਿਰੋਧੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਇੱਕ ਮੰਚ ਤੇ ਆਈਆਂ ਹਨ ਜੋ ਇੱਕ ਚੰਗਾ ਸੁਨੇਹਾ ਹੈ ਪਰ पंजाब ਦੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਮੁੱਦਿਆਂ ਤੇ ਹੁਣ ਸਾਰੀਆਂ ਪਾਰਟੀਆਂ ਨੂੰ ਇਕੱਠਿਆ ਹੋਣਾ ਹੀ ਪਵੇਗਾ ।
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ADAnkush Dhobal
Mar 23, 2026 16:02:42
Shimla, Himachal Pradesh:हimachal प्रदेश की अर्थव्यवस्था इन दिनों गंभीर चुनौतियों से जूझती नजर आ रही है। एक तरफ राज्य प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, तो वहीं दूसरी तरफ सरकारी खजाने की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राज्य पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो चुका है और हालात ऐसे हैं कि सरकार को एक साल में जितना नया कर्ज लेने पड़ेगा, उससे ज्यादा रकम पुराने कर्ज की वापसी और ब्याज चुकाने में खर्च करनी होगी। इसे आर्थिक जानकार ‘डेब्ट ट्रैप’ की स्थिति मान रहे हैं। इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी इसे ‘फाइनेंशियल इमरजेंसी’ करार दे रही है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर इसे सरकार की फाइनेंशियल मैनेजमेंट के साथ कांग्रेस की गारंटियाँ को जिम्मेदार मानते हैं। इसके उलट, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस स्थिति के लिए पिछली भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। मुख्यमंत्री का दावा है कि वे हर क्षेत्र में सुधार कर साल 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाएंगे। इसके लिए वे कई कड़े फैसले लेने वाले हैं। हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार बजट का आकार घटा है। मुख्यमंत्री ने इसके पीछे राजस्व में कमी और विशेष केंद्रीय सहायता (Revenue Deficit Grant) बंद होने को प्रमुख कारण बताया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। यह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 58,514 करोड़ रुपये के बजट से 3,586 करोड़ रुपये कम है। इस बजट की सबसे ज्यादा चर्चा जिस फैसले को लेकर हो रही है, वह है वेतन डेफर करने का ऐलान। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ अपना बल्कि मंत्रियों, विधायकों और अफसरों के वेतन को भी आंशिक रूप से टालने का निर्णय लिया है। हिमाचल के इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी सरकार ने इस तरह का कदम उठाया है। घोषणा के तहत मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधियों के वेतन में 30 से 50 प्रतिशत तक की अस्थायी कटौती की गई है, जबकि अधिकारियों के वेतन पर भी असर पड़ेगा। हालांकि यह व्यवस्था केवल छह महीने के लिए लागू रहेगी, लेकिन इसे राज्य की वित्तीय स्थिति का संकेत माना जा रहा है। हिमाचल का बजट कैसे खर्च होगा? अगर 00 रुपये को मानक मानें तो 27 रुपये वेतन पर 21 रुपये पेंशन पर 13 रुपये लिए गए कर्ज के ब्याज भुगतान में 9 रुपये कर्ज चुकाने में 10 रुपये स्वायत्त संस्थाओं ग्रांट में 20 रुपये विकास और अन्य कार्यों पर खर्च होंगे. कुल-मिलाकर… बढ़ता कर्ज़, घटता बजट और वेतन डेफ़र जैसे फैसले हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस सबके बीच राज्य में सियासत तेज़ है और हिमाचल प्रदेश के लोगों के बीच अपने भविष्य को लेकर चिंता।
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KDKuldeep Dhaliwal
Mar 23, 2026 15:48:36
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NSNaresh Sethi
Mar 23, 2026 14:48:34
Kot Kapura, Punjab:ਬੀਤੇ ਦਿਨੀ DM ਗਗਨਦੀਪ ਵੱਲੋਂ ਸਲਫਾਸ ਖਾ ਕੇ ਆਤਮਹੱਤਿਆ ਕਰ ਲਈ ਗਈ ਸੀ ਅਤੇ ਉਸਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਇੱਕ ਵੀਡੀਓ ਬਣਾ ਕੇ ਇਸ ਆਤਮਹੱਤਿਆ ਲਈ ਵਿਧਾਇਕ ਲਾਲ ਜੀਤ ਭੁੱਲਰ ਨੂੰ ਆਰੋਪੀ ਠਹਿਰਾਇਆ ਸੀ ਜਿਸ ਤੇ DM ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰਤਾੜਿਤ ਕਰਨ ਦੇ ਇਲਜ਼ਾਮ ਲਗਾਏ ਗਏ ਸਨ। ਹਾਲਾਂਕਿ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਲੈੱਕੇ ਸਾਬਕਾ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਲਾਲ ਜੀਤ ਭੁੱਲਰ ਖਿਲਾਫ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਵੀ ਹੋਇਆ ਅਤੇ ਉਸ ਦੀ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰੀ ਵੀ ਹੋ ਗਈ ਹੈ ਪਰ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਵਿਰੋਧੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਸੱਤਾਧਾਰੀ ਪਾਰਟੀ ਨੂੰ ਨਿਸ਼ਾਨੇ ਤੇ ਲਿਆ ਜ਼ਾ ਰਿਹੈ। ਅੱਜ ਫਰੀਦਕੋਟ ਚ ਕਾਂਗਰਸ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਲੋਕਲ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਵੱਲੋਂ ਮਰਹੂਮ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਦੀ ਆਤਮਾ ਦੀ ਸ਼ਾਂਤੀ ਲਈ ਇੱਕ ਕੈਂਡਲ ਮਾਰਚ ਕੱਢਿਆ ਨਾਲ ਹੀ ਆਰੋਪੀ ਵਿਧਾਇਕ ਲਾਲ ਜੀਤ ਭੁੱਲਰ ,ਉਸਦੇ ਪਿਤਾ ਅਤੇ PA ਨੂੰ ਸਖਤ ਤੋਂ ਸਖਤ ਸਜ਼ਾ ਦੇਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ। ਬਾਈਟ- ਗੋਰਾ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਧਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਵਿਰਕ ਪਾਰਟੀ ਆਗੂ
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ADAnkush Dhobal
Mar 23, 2026 14:47:59
Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के बजट को लेकर तीखा हमला बोला है। विधानसभा में बजट पर चर्चा करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार की अधिकांश योजनाएं बिना पर्याप्त बजट प्रावधान के घोषित की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में घोषित कोई भी योजना पूरी तरह से जमीन पर लागू नहीं हो पाई है और दर्जनों योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बजट में प्रदेश के विकास के लिए कुछ भी ठोस नहीं है। दुनिया में आमतौर पर हर साल बजट का आकार बढ़ता है, लेकिन मौजूदा बजट तीन साल पहले के बराबर है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य क्षेत्रों के बजट में लगातार कटौती हो रही है। उनके अनुसार, पिछले बजट वर्ष में 2024-25 की तुलना में मेजर सेक्टर में 2354 करोड़ रुपये यानी 21 प्रतिशत की कमी आई, जबकि अगले वित्त वर्ष में यह कटौती 3188 करोड़ रुपये यानी 41.77 फीसदी तक पहुंच गई है। जयराम ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब जन सुविधाओं के लिए बजट ही नहीं होगा, तो लोगों को सुविधाएं कैसे मिलेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूंजीगत व्यय पिछले तीन वर्षों में लगातार गिरते हुए 3089 करोड़ रह गया है, जो लगभग आधा है। साथ ही राजस्व घाटा भी लगातार बढ़ रहा है और पिछले चार बजट में औसतन 10,620 करोड़ रुपये रहा है। रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के समय कोविड जैसी महामारी के बावजूद सरकारी नौकरियों में ‘ऑल टाइम हाई’ वृद्धि दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई तो 1 लाख 77 हजार 338 लोग सरकारी नौकरी में थे, जो 2022 तक बढ़कर 1 लाख 90 हजार 137 हो गए, यानी 12,749 नौकरियों की बढ़ोतरी हुए। वहीं मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 2025 तक यह संख्या घटकर 1 लाख 75 हजार 579 रह गई, यानी करीब 15 हजार नौकरियां कम हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था परिवर्तन के दावों के बावजूद आंकड़े खुद सरकार की स्थिति को उजागर कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सच्चाई स्वीकार नहीं कर रहे। केंद्र सरकार को लेकर भी उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार लगातार आरोप लगाती है, जबकि पिछले तीन वर्षों में राज्य की राजस्व प्राप्तियों में केंद्र की हिस्सेदारी क्रमशः 56 प्रतिशत, 54 प्रतिशत और 53.6 प्रतिशत रही है। बजट प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि 2026-27 के बजट में वेतन के लिए 14,721 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से मात्र 5 करोड़ रुपये अधिक है, जिससे साफ है कि महंगाई भत्ता देने की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने बिजली रॉयल्टी 2,500 करोड़ रुपये होने का दावा किया, जबकि बजट में इससे केवल 2,191 करोड़ रुपये की प्राप्ति दिखाई गई है, जो पिछले वर्ष से भी 8 करोड़ रुपये कम है। इसी तरह राज्य आबकारी से आय 2026-27 में 3,174 करोड़ रुपये अनुमानित की गई है, जो 2025-26 के 3,256 करोड़ रुपये से कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास केवल नादौन और देहरा क्षेत्रों तक सीमित है और इस पर विधानसभा अध्यक्ष भी पहले टिप्पणी कर चुके हैं。
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MJManoj Joshi
Mar 23, 2026 14:30:27
Chandigarh, Chandigarh:सतनाम सिंह संधू ने संसद में चंडीगढ़ ट्राई-सिटी मेट्रो प्रोजेक्ट को तेज़ी से आगे बढ़ाने की मांग बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत के लिए चंडीगढ़ मेट्रो आवश्यक, 2041 तक 40 लाख तक पहुंच जाएगी ट्राई-सिटी की आबादी:सतनाम सिंह संधू, सांसद 2041 तक 40 लाख पार करेगी ट्राई-सिटी की आबादी, मेट्रो से इंडस्ट्रियल व एजुकेशनल हब को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी: सांसद सतनाम सिंह संधू चंडीगढ़ मेट्रो से ट्राई-सिटी बनेगा सस्टेनेबल शहरी परिवहन और क्षेत्रीय विकास का एक आदर्श मॉडल: सांसद सतनाम सिंह संधू बिना मेट्रो थमेगी ट्राई-सिटी की रफ्तार, आने वाले सालों में 15 किमी/घंटा तक सिमटेगी वाहनों की औसत रफ़्तार:सांसद सतनाम सिंह संधू सांसद सतनाम सिंह संधू ने दिया चंडीगढ़ ट्राई-सिटी में मेट्रो नेटवर्क की ज़रूरत पर ज़ोर नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने आज संसद में चंडीगढ़ ट्राई-सिटी क्षेत्र जिसमें केंद्र Shasht Chandigarh चंडीगढ़, मोहाली और पंचकुला शामिल हैं के लिए मेट्रो रेल नेटवर्क स्थापित करने की मांग की। उन्होंने उत्तर भारत के सबसे तेजी से विकसित हो रहे इस शहरी क्षेत्र में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए यह मुद्दा उठाया, जो पंजाब और हरियाणा के प्रमुख शहरों से भी जुड़ा हुआ है। संसद के मौजूदा बजट सत्र के दौरान 'विशेष उल्लेख' के माध्यम से राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए, सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि चंडीगढ़ ट्राई सिटी की आबादी 8.02% वार्षिक वृद्धि दर (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर) के साथ 2041 तक 40 लाख के आंकड़े को पार कर जाएगी। सांसद ने कहा कि चंडीगढ़ ट्राई-सिटी उत्तर भारत के प्रमुख और तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में से एक है, जो खरड़, ज़ीरकपुर, डेरा बस्सी, लालरू, कुराली, रूपनगर, पिंजौर, कालका और अंबाला जैसे शहरों से भी जुड़ा हुआ है। इन सभी क्षेत्रों की कुल आबादी 40 लाख से अधिक है। ऐसे स्थिति में एक व्यापक मेट्रो नेटवर्क खरड़, कुराली, रूपनगर, मोरिंडा, ज़ीरकपुर, डेरा बस्सी, पिंजौर और कालका जैसे औइंडस्ट्रियल व शैक्षणिक हब को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि चंडीगढ़ ट्राई-सिटी में प्रस्तावित मेट्रो रेल नेटवर्क में रोज़ाना यात्रियों की संख्या 2031 तक लगभग 2.5 लाख तक पहुँच सकती है। अगर मेट्रो जैसी आधुनिक व्यवस्था विकसित नहीं की जाती है, तो ट्राई-सिटी के भीतर वाहनों की औसत गति मौजूदा 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा (किमी/घंटा) से घटकर 15 किमी/घंटा से भी कम हो सकती है। सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि चंडीगढ़ ट्राई-सिटी में प्रस्तावित मेट्रो रेल नेटवर्क जैसी आधुनिक व्यवस्था विकसित नहीं की जाती है, तो ट्राई-सिटी में वाहनों की औसत गति मौजूदा 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा (किमी/घंटा) से घटकर 15 किमी/घंटा से भी कम हो सकती है। केंद्र सरकार से चंडीगढ़ ट्राई-सिटी क्षेत्र के लिए मेट्रो नेटवर्क विकसित करने की संभावना पर प्राथमिकता के आधार पर विचार करने की मांग करते हुए, सांसद संधू ने कहा कि यह क्षेत्र टिकाऊ शहरी परिवहन और क्षेत्रीय विकास के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मेट्रो नेटवर्क के उल्लेखनीय विस्तार का उल्लेख करते हुए सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि साल 2014 से पहले देश में केवल 5 शहरों में मेट्रो सेवाएं थीं, जबकि अब यह नेटवर्क 25 से अधिक शहरों तक फैल चुका है। गौरतलब है कि चंडीगढ़ ट्राई-सिटी मेट्रो एक मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (MRTS) के रूप में प्रस्तावित है, जिसमें 3 एलिवेटेड कॉरिडोर और 50 से अधिक स्टेशन होंगे। करीब 25,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस मेट्रों प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 114 किलोमीटर होगी, जिसे 2 चरणों में पूरा किया जायेगा। पहले चरण में 89 किलोमीटर और शेष 25 किलोमीटर दूसरे चरण में पूरा होगा। रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (RITES) द्वारा तैयार तैयार डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ मेट्रो के पहले चरण का मुख्य उद्देश्य चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला को तीन कॉरिडोर के माध्यम से आपस में जोड़कर 2031 तक प्रतिदिन 6.5 लाख यात्रियों (अनुमानित) की आवाजाही सुनिश्चित करना है। वर्तमान में, चंडीगढ़ में प्रति व्यक्ति वाहन घनत्व देश में सर्वाधिक है। यहाँ 12.5 लाख आबादी पर 14.27 लाख वाहन हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में प्रति 1,000 निवासियों पर 1,142 वाहन हैं, जो राष्ट्रीय औसत से 4 गुना ज्यादा है। 2020 से उपलब्ध रजिस्टर्ड आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन औसतन 104 नए वाहन जुड़ रहे हैं। 2024 में 15 साल पुराने करीब 20,000 वाहनों को एक्सटेंशन मिला, जो पिछले पाँच वर्षों में सबसे अधिक संख्या है。
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SSSanjay Sharma
Mar 23, 2026 14:23:20
Noida, Uttar Pradesh:गगनदीप सिंह रंधावा आत्महत्या मामला गरमाया, बीजेपी का विरोध प्रदर्शन डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या मामले में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में डॉक्टर BR अंबेडकर चौक में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष जाहिर किया। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक मनोरंजन कालिया ने बताया कि जो कट्टर ईमानदार है बिल्ली उनके थैले से बाहर आ गई है और वह कट्टर बेईमान है। उन्होंने कहां कि जो व्यक्ति डिस्ट्रिक्ट मैनेज�r था गगनदीप सिंह रंधावा ने जो सुसाइड किया वह इसलिए किया कि जो कॉन्ट्रैक्ट है लाल जीत भुल्लर चाहता था कि उनके पिता को मिले। उसे इसके लिए बार बार कहां गया। उन्होंने कहा जितने भी कॉन्ट्रैक्ट वह पंजाब से बाहर दिए जा रहे है और आउट ऑफ स्टेट इंडस्ट्रियलिस्ट को दिए जा रहे हैं इनकी मिली भुगत है। उन्होंने कहां यह जो सुसाइड केस है यह उनके कफन कील साबित होगी। यह लोग जानते है कि जिस ढंग से यह काम कर रहे है। पहले पीसीएस अफसर रिजाइन करते थे और अभी सुसाइड करने लग पड़े हैं। इसलिए पूरे पंजाब में बीजेपी भगवंत मान का पुतला फूँक रही है। उन्होंने कहां कि पहले जो केस दर्ज हुए चीफ मिस्टर के कहने पर विजय सिंगला पर एफआइआर दर्ज हुई। उस केस का क्या बना उसमें वीडियो रिकॉर्डिंग जारी की गई, जिसमें कॉन्ट्रैक्ट पर कमीशन माँगा गया। उसके अलावा दो केस ओर हुए उनमें क्या बना। वह चाहते हैं कि लाल जीत सिंह भुल्लर का केस अंजाम तक पहुँचें और उसका निर्णय हो। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह केस पैरवी करेगी और वह चाहते हैं कि इस केस में दोषी को पूरी तरह से सजा मिले।
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SSSanjay Sharma
Mar 23, 2026 14:21:55
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली की कोर्ट से आरोप मुक्त हुए लॉरेंस बिश्नोई और उसके गैंग के खिलाफ बड़ा कानूनी मोड़, साकेत कोर्ट ने डिस्चार्ज आरोपियों को फिर से भेजा पेश होने का नोटिस... फायरिंग और 1 करोड़ की रंगदारी केस में फिर तेज हुई कार्रवाई, दिल्ली पुलिस ने कसा शिकंजा दिल्ली में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े रंगदारी मामले में बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। साकेत कोर्ट ने इस केस में पहले डिस्चार्ज किए गए आरोपियों को नोटिस जारी कर दोबारा कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. दरअसल, यह मामला सनलाइट कॉलोनी थाने में दर्ज दो जुड़े हुए मामलों से जुड़ा है, जिसे बाद में बड़े गैंग और इंटरस्टेट कनेक्शन सामने आने पर क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया था। पहला मामला 23 अप्रैल 2023 का है, जब कारोबारी रामनदीप सिंह के घर के बाहर बदमाशों ने 5 राउंड फायरिंग की थी। इस फायरिंग का मकसद उन्हें डराना और रंगदारी के लिए दबाव बनाना था। वहीं दूसरा मामला 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांग से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि अनमोल बिश्नोई ने व्हाट्सऐप के जरिए पैसे की मांग की थी। इसके बाद धमकी भरे कॉल भी आए, जिसमें फायरिंग की जिम्मेदारी ली गई। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने इस गैंग के कई अहम लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें शूटर्स और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले हरेन सारापडाडिया, आशीष शर्मा और दो नाबालिग शामिल थे। इसके अलावा हथियार सप्लायर अक्षय बिश्नोई को भी पकड़ा गया। साजिश के मास्टरमाइंड के तौर पर गैंग के सरगना लॉरेंस बिश्नोई और संपत नेहरा का नाम सामने आया, जो पहले से ही जेल में बंद हैं और वहीं से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने पहले फायरिंग केस में सुनवाई शुरू कर दी थी, लेकिन रंगदारी वाले केस में आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया गया था। इस फैसले को दिल्ली पुलिस ने ऊपरी अदालत में चुनौती दी। आज साकेत कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां सरकारी वकील अतुल श्रीवास्तव ने जोरदार तरीके से पक्ष रखा। कोर्ट ने राज्य की दलीलों और सबूतों को गंभीरता से लेते हुए सभी आरोपी को नोटिस जारी कर दिया और उन्हें अदालत में पेश होने के लिए कहा है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
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