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Devendra KumarDevendra KumarFollow15 Jan 2025, 04:49 pm

उन्नावः किराया बढ़ाने की मांग पूरी होने पर मकान मालिक ने डाकघर में जड़ा ताला

Sindhpur Beria Garha, Uttar Pradesh:

किराया बढ़ाने की मांग पूरी ना होने पर मकान मालिक द्वारा बांगरमऊ डाकखाने में ताला जड़ दिया गया जिससे खाताधारक इधर उधर भटकते रहे । बांगरमऊ के स्टेशन रोड पर एक किराए के मकान में मुख्य डाकघर संचालित है जिसमें मकान मालिक अशोक मिश्रा द्वारा पिछले छह महीने से किराया बढ़ाने की मांग की जा रही है, लेकिन डाककर्मी उच्च अधिकारियों की सहमित के बिना किराया बढ़ाने में असमर्थता जता रहे है। किराया बढ़ाने की मांग पूरी ना होने के कारण बुधवार को मकान मालिक अशोक मिश्रा ने डाकघर में ताला जड़ दिया। इस दौरान यहां पहुंचे अनेक खाताधार जमा और नगद निकासी के लिए इधर उधर भटकते रहे।

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पेंशनरों का धरना: 8वां वेतन आयोग और अन्य मांगों पर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप

Ukhdand, Uttar Pradesh:पेंशनरों ने मीरजापुर कलेक्ट्रेट परिसर में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं शिक्षक समन्वय समिति, उत्तर प्रदेश तथा सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। नगर मजिस्ट्रेट को सौंपकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। अखिल भारतीय राज्य सरकार पेंशनर फेडरेशन के आह्वान पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रस्ताव पारित किया गया और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई। ज्ञापन के माध्यम से पेंशनरों ने कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं। उन्होंने वित्त विधेयक 2025 में तिथि के आधार पर किए गए भेदभाव को समाप्त करते हुए सभी पेंशनरों को 8वें वेतन आयोग के दायरे में शामिल करने की मांग की। साथ ही, 29 अगस्त 2008 के राजपत्र के अनुसार कर्मचारियों, पेंशनरों और शिक्षकों के लिए अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) निर्धारित करने की बात कही। इसके अतिरिक्त पेंशनरों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने, पेंशन के कम्यूटेशन की कटौती 10 वर्ष बाद समाप्त करने, 65 वर्ष की आयु के बाद हर पांच वर्ष पर 5 प्रतिशत पेंशन वृद्धि देने, पेंशन को आयकर से मुक्त रखने तथा कोरोना काल के 18 माह के डीए/डीआर एरियर का भुगतान करने की मांग की। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में 50 प्रतिशत छूट देने, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कैशलेस उपचार की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने तथा महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल पेंशन में समाहित करने की भी मांग उठाई। पेंशनरों ने कहा कि ये सभी समस्याएं बुजुर्गों से जुड़ी हैं और इनका समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक कर दिया जाएगा।
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दरोगा दूल्हे के प्रेमी ने बरात रोककर मचा दी हड़कंप

Basti, Uttar Pradesh:बस्ती जिले में अजब गजब मामला सामने आया है, बारात निकलने से पहले दूल्हा बने दरोगा के घर उसकी दुल्हन का आशिक जा धमका और धमकी देते हुए कहा कि अगर Barath लेकर जाओगे तो सही सलामत नहीं आओगे, फिर क्या था दूल्हा बना दरोगा धमकी से डर गया और बरात लेकर नहीं गया, इधर दुल्हन के घरवाले बारात का इंतजार कर रहे थे जब उनको घटना की सूचना मिली तो काफी मान मनौव्व्ल के बाद भी दारोगा दूल्हा बारात लेकर आने से इंकार कर दिया, इस के बाद दुल्हन के घर वालों ने मजबूर होकर दुल्हन की शादी से प्रेमी से करा दी। दुबौलिया थानाक्षेत्र के पकड़ी चौहान गांव के जान मेजर वर्मा की शादी बस्ती के मड़वानगर गांव की मनीषा चौधरी से तय हुई, 20 अप्रैल को शादी होनी थी, दूल्हा बारात लेकर जाने को तैयार था उसी समय दुल्हन का आशिक दरोगा दूल्हे के घर जा धमका और धमकी देते हुए कहा को अगर बारात लेकर जाओगे तो सही सलामत नहीं आओगे, यह हरकत देख दूल्हे समेत आसपास मौजूद अन्य घरवालों ने उसे पकड़ना चाहा तो वह अपनी कार को छोड़ कर मौके से भाग निकला, इसके बाद दूल्हे के घरवालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थोड़ी देर में पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। इधर इस घटनाक्रम के बाद दूल्हे ने बरात लेकर जाने से ही इंकार कर दिया। वर्तमान में दूल्हा दरोगा के पद पर लखनऊ में तैनाती है। शादी की तारीख 20 अप्रैल रखी गई, सोमवार यानी 20 अप्रैल को दुल्हे के घर से बरात निकलने की तैयारी चल रही थीं, सभी रिश्तेदारों का जुटना शुरू हो चुका था। बरात बस्ती शहर के होटल ग्रीन वैली में जानी थी। लेकिन इन सबके बीच सोमवार की दोपहर में दूल्हे के घर पर दुल्हन का आशिक पहुंच गया, उसने खुद को दुल्हन का प्रेमी बताया और धमकी देते हुए बोला कि अगर बरात लेकर जाओगे तो सही सलामत नहीं आ पाओगे, तेजी से घटे घटनाक्रम से दुल्हा व उसके घरवाले अवाक रह गए। द Duboulia थाना-जीवन त्रिपाठी ने बताया कि परिजन अगर तहरीर देते हैं तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल अभी तक दरोगा दूल्हे के तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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राजस्थान हाई कोर्ट ने ट्रांसजेंडर अधिकार संरक्षण संशोधन अधिनियम पर केंद्र को नोटिस जारी किया

Jaipur, Rajasthan:इंट्रो- राजस्थान हाईकोर्ट ने केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव और केन्द्रीय विधि सचिव को नोटिस जारी कर पूछा है कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों का संरक्षण संशोधन अधिनियम, 2026 के कुछ प्रावधान इस समुदाय के हितों के विपरीत होने के कारण क्यों ना उनको रद्द कर दिया जाए। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश नई भोर संस्था की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। बॉडी-याचिका में अधिवक्ता मितुल जैन ने अदालत को बताया कि केन्द्र सरकार ने ट्रासजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों का संरक्षण संशोधन अधिनियम, 2019 के कुछ प्रावधानों में बदलाव कर इस साल संशोधन अधिनयाम लागू किया है। इस संशोधन अधिनियम के कई प्रावधान ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रिय विधिक सेवा प्राधिकरण के केस में व्यवस्था दी थी कि ट्रांसजेंडर अपने आप को ट्रांसमैन या ट्रांसवुमन मान सकता है। वहीं पुराने कानून में भी इसी तरह की व्यवस्था थी। याचिका में कहा गया कि संशोधन अधिनियम में प्रावधान किया गया है कि अब संबंधित जिले का CMHO की अध्यक्षता वाला मेडिकल बोर्ड ट्रांसजेंडर व्यक्ति की मेडिकल जांच करेगा और अपनी रिपोर्ट स्थानीय कलेक्टर को देगा। वहीं कलेक्टर ट्रांसजेंडर व्यक्ति को प्रमाण पत्र जारी करेगा। ऐसे में इस प्रावधान से ट्रांसजेंडर व्यक्ति के स्वकल्पित लिंग पहचान के अधिकार को समाप्त हो गया है और वह प्रमाण पत्र के आधार पर अपनी पहचान मानने के लिए बाध्य है। इसी तरह इस कार्रवाई से उनकी पहचान उजागर होगी, जो निजता के अधिकार के खिलाफ है। याचिका में यह भी कहा गया कि संशोधन अधिनियम उन व्यक्तियों को भी बाहर कर देता है, जिन्होंने सेक्स रीअसाइनमेंट सर्जरी करा ली है या हार्मोनल थेरेपी ले रहे हैं। ऐसे में संशोधन अधिनयाम से इन्हें प्रावधानों को हटाया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने केन्द्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिका- मितुल जैन, याचिकाकर्ता के वकील
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झारखंड कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने महिला आरक्षण बिल पर बीजेपी को घेरा

Dumka, Jharkhand:झारखंड/Dumka: दूरदर्शन से संबन्धित संवाद में લખे गए प्रेस बयान के अनुसार, दुमका कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कांग्रेस भवन में प्रेस वार्ता कर महिला आरक्षण बिल को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन की टीम ने बीजेपी के मंसूबे पर पानी फेरने का काम किया है; बीजेपी अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए महिला आरक्षण बिल पास कराकर फायदा उठाना चाहती थी। वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल लाया गया था, लेकिन अब तक वह लागू नहीं किया गया, जिससे केंद्र सरकार की मंशा स्पष्ट होती है। बीजेपी ने घड़ियाली आँसू बहाकर महिलाओं को आगे लाकर अपनी राजनीतिक स्वार्थ पूर्ति करने का प्रयास किया है, जिसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है। उन्होंने परिसीमन को भी जोड़ दिया जो संवैधानिक ढांचे के विपरीत है; अगर उन्हें लागू करना था तो 2023 में लोकसभा और राजसभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ, कांग्रेस का समर्थन मिला लेकिन उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उस बिल में लिखा गया था कि महिला आरक्षण के पहले जनगणना होगी, उसके बाद परिसीमन 2029 को और फिर महिला आरक्षण पूरी तरह लागू होगा। आज देश की जनगणना चौखट पर खड़ी है; बीजेपी को किस बात का भय है? राज्यसभा और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेताओं ने गृहमंत्री और प्रधानमंत्री से सवाल किया कि इसमें जल्दबाजी क्यों है। बीजेपी की मंशा स्पष्ट है कि महिला के प्रति बीजेपी का कोई कॉपीटमेंट नहीं है; कॉपीटमेंट है लोकसभा और विधानसभा के परिसीमन पर, और उनकी परिसीमन में उनका राजनीतिक स्वार्थ छुपा है। प्रदीप यादव विधायक ने जेएमएम पर कहा कि बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस अलग-अलग लड़ रही हैं; जेएमएम का तृणमूल से भी संबंध है और कांग्रेस से भी, और कांग्रेस का समर्थन झारखण्ड में जेएमएम के साथ है। कांग्रेस देश के धर्मनिरपेक्ष वोटर्स को एक मंच पर एकजुट करना चाहती है, पर राजनीतिक स्वार्थ कहीं-कहीं हावी है। बीजेपी के नेता रणधीर सिंह ने कहा कि हमारे देश की आधी आबादी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ प्रधानमंत्री मोदी देना चाहते थे, पर विपक्षी दलों ने एकजुट होकर इसे गिराने का प्रयास किया। पिछले 2023 में कांग्रेस एवं अन्य पार्टियों ने महिला बिल पर समर्थन दिया था; इस बार भी बीजेपी को आशा थी कि समर्थन मिलेगा, लेकिन राहुल गांधी, टीएमसी और सपा का रोल काफी खराब रहा; आने वाले समय में महिलाएं इसका जवाब देंगी।
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निरसा में हाईवा ने दुकान में घुसकर मचाया हलचल, दुकानदार बाल-बाल बचे

Dhanbad, Jharkhand:एंकर - धनबाद के निरसा क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक बेकाबू हाईवा वाहन अचानक एक दुकान में घुस गया। इस घटना में दुकानदार बाल-बाल बच गए, हालांकि दुकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे निरसा विधानसभा क्षेत्र के खुदिया फाटक रेलवे साइडिंग के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क पर खड़ी एक हाईवा वाहन अचानक पीछे की ओर लुढ़कने लगी और सीधे एक दुकान में जा घुसी। दुकान संचालक राजू साव उस वक्त दुकान में ही मौजूद थे और सामान तैयार कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने वाहन को अपनी ओर आते देखा, वे तुरंत एक कोने में भागे और किसी तरह अपनी जान बचाई। उन्होंने कहा कि मैं दुकान में काम कर रहा था, तभी अचानक गाड़ी पीछे आने लगी। कुछ समझ पाता उससे पहले ही दुकान में घुस गई। मैं किसी तरह बच गया, लेकिन पूरी दुकान टूट गई। हादसे में दुकान को भारी नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि हाईवा चालक गाड़ी खड़ी कर चालान कटवाने के लिए साइडिंग में गया हुआ था, तभी यह घटना हो गई। दुकानदार ने इस हादसे के लिए ईसीएल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों का संचालन किया जा रहा है और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। दुकानदार ने बताया कि यहां भारी गाड़ियां लगातार चलती हैं। खलासी भी नहीं होता, जिससे गाड़ी को रोका जा सके। अगर खलासी रहता तो शायद यह हादसा नहीं होता।
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AAP बनाम BJP: जजों के बच्चों के वकील पर टकराव, सुप्रीम कोर्ट फैसला

Noida, Uttar Pradesh:सौरभ भारद्वाज, AAP, प्रदेश अध्यक्ष बीजेपी फैसले को अलग रूप दे रही है। जज के बच्चों का वकील बनना मौलिक अधिकार है लेकिन सरकार के वकील बनना मौलिक अधिकार कैसे हो जाएगा। अधिवक्ता परिषद के प्रोग्राम में उन्होंने हिस्सा लिया उन्होंने खुद माना यही अरविंद केजरीवाल जी ने कहा था कि उनके मन वाजिब संदेह हैं। अब उन्होंने फैसला दे दिया तो दे दिया। जज हैं वो। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे या नहीं ये फैसला लीगल टीम लेगी। बांसुरी स्वराज नेपो KID हैं। आम कार्यकर्ता दरी बिछता रह गया ये ऊपर से आए और वकील सांसद बन गए। बांसुरी स्वराज को इसलिए बुरा लग रहा है कि वो भी नेपो KID हैं और वकील रही हैं। इसलिए उन्हें बुरा लगा।
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एलजी मनोज सिन्हा ने भाजपा कार्यकर्ता संकटा मिश्रा के घर पहुंचकर उनके माता जी सरस्वती देवी को दी...

ATAlok TripathiFollow3m ago
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर के जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र के मानपुर गांव में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता संकटा प्रसाद मिश्रा के आवास पर पहुंचकर उनकी माता स्वर्गीय सरस्वती देवी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों और संगठन के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका हालचाल भी जाना। बता दें कि गाजीपुर के जंगीपुर क्षेत्र के मानपुर गांव में उस समय भावुक माहौल देखने को मिला जब जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता संकटा प्रसाद मिश्रा के आवास पर पहुंचे। एलजी मनोज सिन्हा ने संकटा प्रसाद मिश्रा की माता स्वर्गीय सरस्वती देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने मौजूद भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से एक-एक कर मुलाकात की तथा सभी का हालचाल जाना। कार्यक्रम के दौरान गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद रहे, जिन्होंने एलजी मनोज सिन्हा का स्वागत किया। एलजी ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि माता-पिता का आशीर्वाद और उनके संस्कार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। इस मौके पर संगठन के कई पदाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिससे पूरे गांव का माहौल श्रद्धा और सम्मान से भर गया।
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आदिवासी इलाकों में मिशन डी3 से अंग्रेजी शराब पर रोक, विवाह पत्रिकाओं में प्रचार

Alirajpur, Madhya Pradesh:आलीराजपुर जिला में शादी की पत्रिका में छपवाकर मिशन d3 के तहत अंग्रेजी शराब पर प्रतिबंध लगाया गया है। विवाह समारोहों में अंग्रेजी शराब का बढ़ता प्रचलन आधुनिक भारतीय शादियों की प्रमुख विशेषता बनता जा रहा है। मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले में मिशन d3 के तहत अंग्रेजी शराब को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिसका प्रभाव अब विवाह समारोह की पत्रिका में देखा जा सकता है। कई पत्रिकाओं में मिशन d3 नियम लागू रहने और अंग्रेजी शराब प्रतिबंध जैसे स्लोगन छपवाए गए हैं ताकि एक अच्छा संदेश दिया जा सके। मिशन d3 क्या है, यह समझना जरूरी है। आदिवासी समाज को फिजूल खर्ची से रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर मिशन d3 अभियान चलाया गया है, जिसमें विवाह समारोह में डीजे की संख्या निर्धारित की गई है, दहेज की रकम भी तय कर दी गई है, साथ ही अंग्रेजी शराब पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दी गई है। मिशन d3 नियम लागू होने से पहले विवाह समारोह में 5–6 डीजे बजते थे, दहेज की रकम इतनी होती थी कि परिवार कर्ज में डूब जाता था, अंग्रेजी शराब पर बड़ा खर्च आदिवासी समाज करता था, जिसे रोकने के लिए मिशन d3 लागू किया गया। मिशन d3 के लागू होने के बाद अब सामाजिक रूप से दंड की कार्रवाई भी होती है यदि कोई विवाह समारोह में अंग्रेजी शराब पिलाता है। बाइट्स व उनके वक्तव्य शामिल हैं, जो मिशन d3 के प्रचार-प्रसार और प्रभाव को दर्शाते हैं। मिशन d3 के तहत अब लोगों में जागरूकता है कि पत्रिका में नियमों का पालन करें और अंग्रेजी शराब पर पूर्ण प्रतिबंध का स्लोगन भी प्रकाशित होता है। सामाजिक संगठन के अनुसार मिशन d3 लागू होने से आदिवासी समाज में बड़ी बचत हो रही है। बाइट्स के माध्यम से यह भी कहा गया है कि मिशन d3 लागू होने से विवाह समारोह में होने वाले अपराध पर अंकुश लगा है। अलीराजपुर जिले में मिशन डी3 का प्रचार-प्रसार हो रहा है और लोग पत्रिका में अंग्रेजी शराब प्रतिबंध का स्लोगन दबा कर इसे और मजबूती दे रहे हैं, ताकि भविष्य में अंग्रेजी शराब आदिवासी समाज में पूर्ण रूप से बंद हो जाए।
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उदयपुर के झाड़ोल में पति ने पत्नी पर चाकू-लाठी से हमला, हालत गंभीर

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के झाड़ोल क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी पर चाकू और लाठी से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना ओगणा थाना क्षेत्र के ओडा गांव की बताई जा रही है. मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पति ने देर रात शराब के नशे में पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की। उसने चाकू और लाठी का इस्तेमाल करते हुए पत्नी को पूरी रात पीटा, जिससे वह अधमरी हालत में पहुंच गई। बताया जा रहा है कि आरोपी को पत्नी के अवैध संबंधों का शक था, जिसके चलते वह आए दिन शराब पीकर उससे झगड़ा और मारपीट करता था, लेकिन इस बार उसने सारी हदें पार कर दीं। घटना की सूचना मिलते ही महिला का पीहर पक्ष मौके पर पहुंचा और गंभीर हालत में उसे झाड़ोल उपजिला अस्पताल लेकर आए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया। इस घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने ओगणा थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से फरार आरोपी पति को डिटेन कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।
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भीनमाल के कारलू गांव में प्रतिष्ठा महोत्सव का आगाज: बोटेश्वर मंदिर में तीन दिवसीय आयोजन

Jalore, Rajasthan:भीनमाल क्षेत्र के कारलू गांव स्थित बोटेश्वर महादेव मंदिर में नवनिर्मित यज्ञशाला व प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई है। गुरुवार को गणेश पूजा और जाजम बिछाने की रस्म के साथ प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ किया गया। यह तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन 22 से 24 अप्रैल तक आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रम होंगे। मंदिर परिसर और यज्ञशाला को आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। आयोजन के दौरान विशाल भजन संध्या सहित कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
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मानपुर CHC की बदहाली: 83 गाँवों के मरीज निजी अस्पतालों पर निर्भर

Gaya, Bihar:बिहार के मानपुर प्रखंड (गया) के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की बदहाल स्थिति "कहने को तो यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन यहाँ की तस्वीरें स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की पोल खोल रही हैं। गया जिले के मानपुर प्रखंड के वह अस्पताल जिसके कंधों पर 83 गाँवों की सेहत का जिम्मा है। लेकिन अफसोस, जो अस्पताल दूसरों का इलाज करने के लिए बना था, वह खुद आज ''बीमार'' नजर आ रहा है। 83 गाँवों की एक बड़ी आबादी उम्मीद लेकर यहाँ पहुँचती है, पर बदले में उन्हें मिलता है—गंदगी का अंबार, घंटों का इंतजार और कभी-कभी ताला लटके हुए कमरे। कहीं डॉक्टर नदारद हैं, तो कहीं दवाइयों का अकाल है। सवाल यह है कि अगर इन 83 गाँवों में कोई इमरजेंसी आ जाए, तो क्या यह बदहाल व्यवस्था किसी की जान बचा पाएगी? या फिर गरीब जनता को हर बार की तरह निजी अस्पतालों के आगे हाथ फैलाने पड़ेंगे? वंही जी मीडिया की इस पड़ताल में जब हमारे संवाददाता ने इस समस्या को लेकर जिले के अधिकारी से बात करना चाह तो अधिकारी अपने कार्यालय में नही थे जिसके बाद जब हमारे संवाददाता इस अस्पताल के प्रभारी से मिलने पहुंचे तो वो भी अपना काम ख़त्म कर घर निकल गए थे और कोई भी कर्मी कुछ भी बोलने को तैयार नही था। हम आपको बात दे कि इस अस्पताल में सैकड़ों की संख्या में गर्भवती महिलाओं हर महीने प्रसव कराया जाता है लेकिन महिला डॉ का पद ही खाली है। नॉर्मल डिलेवरी स्टाफ नर्स के द्वारा कराया जाता है जबकि ऑपरेशन के लिए ऑन कॉल डॉक्टर को बुलाया जाता है। महिला डॉक्टर नही होने से अल्ट्रासाउंड की सेवा पूरी तरह से बंद है। जिससे आम गरीब मरीजो को निजी जाँच में अधिक पैसा खर्च करना पड़ता है। इस अस्पताल में 12 डॉक्टर के पद स्वीकृति है, जिसमे मात्र 6 डॉक्टर ही वर्तमान में कार्यरत हैं, जिसमें 3 डॉक्टर MBBS है, दो दंत चिकित्सक और एक आयुष चिकित्सक कार्यरत है। वंही टेक्नीशियन और ड्रेसर की भी कमी है।
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