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Devendra KumarDevendra KumarFollow15 Jan 2025, 04:49 pm

उन्नावः किराया बढ़ाने की मांग पूरी होने पर मकान मालिक ने डाकघर में जड़ा ताला

Sindhpur Beria Garha, Uttar Pradesh:

किराया बढ़ाने की मांग पूरी ना होने पर मकान मालिक द्वारा बांगरमऊ डाकखाने में ताला जड़ दिया गया जिससे खाताधारक इधर उधर भटकते रहे । बांगरमऊ के स्टेशन रोड पर एक किराए के मकान में मुख्य डाकघर संचालित है जिसमें मकान मालिक अशोक मिश्रा द्वारा पिछले छह महीने से किराया बढ़ाने की मांग की जा रही है, लेकिन डाककर्मी उच्च अधिकारियों की सहमित के बिना किराया बढ़ाने में असमर्थता जता रहे है। किराया बढ़ाने की मांग पूरी ना होने के कारण बुधवार को मकान मालिक अशोक मिश्रा ने डाकघर में ताला जड़ दिया। इस दौरान यहां पहुंचे अनेक खाताधार जमा और नगद निकासी के लिए इधर उधर भटकते रहे।

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जम्मू के सिद्धरा में आदिवासी परिवारों के मकान ढहाने पर अल्ताफ अहमद का कड़ा विरोध

Aram Pora, Ganderbal, Senior National conference leader and Member of Parliament Mian Altaf Ahmed has strongly condemned the forest department’s action against nomadic tribal-community in Sidhra area of Jammu where atleast 20 residential structures were demolished. Mian Altaf in a statement issued here has strongly condemned the demolition of Gujar Kothas and hutments in Sidhra Jammu in the guise of so called anti encroachment drive. “The tribal community in Jammu and Kashmir was already in the grip of fear and insecurity due to the many such incidents in Jammu and the latest incident of demolishing their temporary structures in Jammu added to their worries and send shock waves in the entire nomadic community afresh” he said. “I strongly condemn the demolition of several residential structures belonging to poor tribal people in Sidhra Jammu today, who have been putting up there for decades. This high handedness by the administration and forest Deptt is unacceptable” Mian Altaf said. Mian Altaf said that these nomadic families over decades to the hilly areas stay in several places near grasslands where they have grazed their cattle for centuries, adding that the-fact which the authorities should verify first before blindly going for their selective targeting. He said they have no other source of livelihood except grazing of cattle and authorities should think thrice before evicting them from their grazing land. Mian Altaf urged the Government to probe into the incident and administration must issue instructions to stop this immediately. He also sought resettlement of the affected families.
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बेगूसराय के बाड़ा गांव में भूमि विवाद खूनी संघर्ष में कई घायल

Begusarai, Bihar:बेगूसराय में एक बार फिर भूमि विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जहां दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हमला करते नजर आ रहे हैं। मामला खोदावंदपुर थाना क्षेत्र के बाड़ा गाँव का है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि खोदावंदपुर थाना क्षेत्र के बाड़ा गाँव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से जमकर मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। मारपीट में एक पक्ष के अजय कुमार झा, विजय कुमार झा, ओम कुमार झा, अनिल कुमार, गजेंद्र झा, सरिता देवी और कैलाश झा समेत कई लोग घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष के कुंदन कुमार और अन्य लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोदावंदपुर में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। घायल कैलाश झा ने आरोप लगाया कि जदयू नेता कुंदन कुमार ने बाहर से लोगों को बुलाकर हमला करवाया। उनका कहना है कि विवाद दान में मिली जमीन को लेकर चल रहा है। वहीं दूसरे पक्ष के कुंदन कुमार का कहना है कि जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा था और उनके घर के सामने से सामान ले जाया जा रहा था। विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया। उनका दावा है कि संबंधित जमीन किसी और की है और उस पर अवैध रूप से निर्माण कराया जा रहा था। इधर घटना की सूचना मिलते ही खोदावंदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों के आधार पर मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है। फि लहाल भूमि विवाद को लेकर हुई इस खूनी झड़प के बाद गाँव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर भी कार्रवाई की तैयारी में जुटी हुई है।
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Betul के 800 दवा विक्रेताओं ने बंद कारोबार, ऑनलाइन फार्मेसी पर सख्त कार्रवाई मांग

Betul, Madhya Pradesh:ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में आज बैतूल जिले में दवा विक्रेताओं ने बड़ा कदम उठाया है। जिलेभर के 800 से अधिक मेडिकल स्टोर पूरी तरह बंद रहे। यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के राष्ट्रव्यापी आह्वान के समर्थन में किया गया, जिसे जिला औषधि विक्रेता संघ बैतूल ने पूरी ताकत के साथ लागू किया। दवा विक्रेताओं का आरोप है कि ऑनलाइन फार्मेसी प्लेटफॉर्म बिना सही जांच के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन का इस्तेमाल हो रहा है। एक ही प्रिस्क्रिप्शन से बार-बार दवा दी जा रही है, भारी छूट देकर बाजार का संतुलन बिगाड़ रहे हैं। उनका कहना है कि इससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में है और छोटे मेडिकल स्टोर्स का अस्तित्व संकट में आ गया है। बंद के दौरान दवा विक्रेता प्रशासन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। मांगो में प्रमुख रूप से अवैध ऑनलाइन फार्मेसी पर सख्त कार्रवाई, ई-फार्मेसी पर कड़ा नियंत्रण, अनियंत्रित छूट पर रोक दवा विक्रेताओं के लिए समान अवसर। संघ पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित होगी, मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर संकट आ सकता है। फिलहाल बैतूल में दवा विक्रेताओं का यह विरोध साफ संकेत दे रहा है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यापार की टक्कर अब खुलकर सामने आ चुकी है अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या बड़ा फैसला लेती है।
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हापुड़ में ट्रक केबिन में आग, चालक सुरक्षित, गांधीनगर से लाया प्लाईवुड बचा

Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में देर रात नगर कोतवाली क्षेत्र के ठीक सामने प्लाईवुड से लदे एक ट्रक के केबिन में अचानक आग लग गई. गनीमत यह रही कि दमकल विभाग की तत्परता से आग को समय रहते काबू कर लिया गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया. जानकारी के मुताबिक ट्रक गुजरात के गांधीनगर से प्लाईवुड लेकर हापुड़ आया था. जैसे ही ट्रक कोतवाली के सामने पहुंचा, तभी इसके इंजन और केबिन वाले हिस्से से लपटें उठने लगीं. खतरा भांपते ही चालक ने तुरंत ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई. ट्रक के पीछे के हिस्से में भारी मात्रा में प्लाईवुड लदा हुआ था, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया और घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद इंजन और केबिन में लगी आग पर काबू पा लिया. दमकलकर्मियों ने आग को पीछे फैलने से रोक लिया, जिससे लाखों का माल जलने से बच गया. इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है और प्लाईवुड का स्टॉक पूरी तरह सुरक्षित है. फायर सर्विस अधिकारी ने बताया कि फायर स्टेशन पर सूचना प्राप्त हुई कि नगर कोतवाली के सामने ट्रक में आग लगी है. सूचना मिलते ही वह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आग को बुझाया. इसमें प्लाईवुड भरे हुए थे, जो गुजरात गांधीनगर से लेकर हापुड़ आया था. इसके अगले वाले केबिन में, इंजन में आग लगी थी. आग पर काबू पा लिया गया है, कोई जनहानि नहीं हुई है. चालक बिल्कुल सही है. आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. राहत की बात यह है कि आग सिर्फ केबिन तक ही सीमित रही और प्लाईवुड तक नहीं पहुंची, जिससे एक भयानक दुर्घटना टल गई. फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं.
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IGIMS न्यूरो सर्जरी OPD में MBBS छात्र के साथ मारपीट, 150 छात्र हंगामा

Patna, Bihar:पटना में IGIMS के न्यूरो सर्जरी OPD में बवाल: MBBS छात्र से मारपीट के बाद हंगामा, 150 से ज्यादा छात्र पहुंचे गार्ड सस्पेंड, जांच शुरू राजधानी पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में सोमवार को इलाज में देरी को लेकर बड़ा विवाद हो गया। एक MBBS फाइनल ईयर छात्र के साथ ओपीडी कर्मियों और सुरक्षा गार्डों द्वारा कथित मारपीट के बाद मेडिकल छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते 150 से ज्यादा छात्र OPD परिसर में जुट गए और हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।परिजन को दिखाने पहुंचे थे MBBS छात्र, कहासुनी के बाद मारपीट 2022 बैच के MBBS फाइनल ईयर छात्र सुधीर कुमार अपने परिजन को न्यूरो सर्जरी OPD में दिखाने पहुंचे थे। छात्र का आरोप है कि परिजन की हालत खराब होने के बावजूद कर्मचारी सुरेंद्र कुमार दास ने अपॉइंटमेंट जल्दी दिलाने से मना कर दिया और काफी देर तक नंबर नहीं बुलाया गया। इसी को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई और विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुंच गया।छात्र को दौड़ा–दौड़ाकर पीटा, गार्ड रूम तक घसीटा पीड़ित छात्र का आरोप है कि बहस के बाद OPD कर्मियों और सुरक्षा गार्डों ने मिलकर पहले उसे लात-घूंसों से पीटा, फिर बाल पकड़कर घसीटते हुए गार्ड रूम ले गए। वहां दीवार से पटककर फिर मारपीट की गई। जमीन पर गिरने के बाद भी कई गार्ड उसे पीटते रहे।सूचना मिलते ही IGIMS के छात्र बड़ी संख्या में OPD परिसर में जुट गए. गुस्साए छात्रों ने संबंधित कर्मियों और गार्डों को घेर लिया और उनके साथ भी मारपीट की। घटनास्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीज और उनके परिजन डर के कारण OPD से दूर हो गए.पुलिस पहुंची, मामला शांत कराया IGIMS थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों व कर्मचारियों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद छात्र संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार से मिले और पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे हड़ताल पर चले जाएंगेगार्ड सस्पेंड, जांच टीम गठित घटना के बाद IGIMS प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सुरक्षा गार्ड को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक कमिटी गठित की गई है, जो CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। प्रशासन ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।RDA ने छात्रों का समर्थन किया Regional Doctor Association (RDA) ने मेडिकल छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि पीड़ित छात्र ने आईकार्ड और एप्रन पहनकर अपनी पहचान दी थी, फिर भी उसके साथ अभद्रता और मारपीट हुई। RDA अध्यक्ष डॉ. रजत कुमार ने कहा कि घटना CCTV में दर्ज है और दोषियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।अस्पताल की सुरक्षा और OPD प्रबंधन पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में OPD प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और इलाज में देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर मरीजों और परिजनों की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार मामला मेडिकल छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच हिंसक झड़प तक पहुंच गया। फिलहाल जांच जारी है, वहीं छात्रों की हड़ताल की चेतावनी के बाद आने वाले दिनों में स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।
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आदिवासी जनआक्रोश बढ़ा, नर्मदापुरम धरना पर आंदोलन तेज

Narmadapuram, Madhya Pradesh:आदिवासी समाज का गुस्सा अब उबाल पर है। हमारा गांव संगठन मध्यप्रदेश के नेतृत्व में चल रहा जनआक्रोश आंदोलन दूसरे दिन भी लगातार जारी है। सैकड़ों आदिवासी प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट के सामने मंगलवार दोपहर से धरने पर बैठे हैं और वन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है। अब सिर्फ आश्वासन नहीं,सीधी कार्रवाई चाहिए।आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी 11 सूत्रीय मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और उग्र होगा तथा भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। विओं01- धरने पर बैठे आदिवासी समाज ने सिवनी मालवा रेंज के फॉरेस्ट एसडीओ अनिल विश्वकर्मा पर भ्रष्टाचार, अत्याचार और झूठे मामलों में फंसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन के दौरान सबसे गंभीर अपराध दो आदिवासी चौकीदारों को लेकर लगाए गए। आदिवासी समाज का दावा है कि वन विभाग के एसडीओ अनिल विश्वकर्मा ने दोनों चौकीदारों को 72 घंटे तक बंधक बनाकर रखा और करंट लगाकर प्रताड़ित किया। साथ ही उनके साथ मारपीट भी की गई। अब प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि फॉरेस्ट एसडीओ अनिल विश्वकर्मा पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए,मारपीट करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो और आदिवासी ग्रामीणों पर दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं। हालांकि प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, लेकिन आंदोलनकारी इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि वे 10 दिन तक जांच का इंतजार नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी,धरना खत्म नहीं होगा। जरूरत पड़ी तो आदिवासी समाज भूख हड़ताल का रास्ता भी अपनाएगा। नर्मदापुरम में बढ़ते इस जनआक्रोश ने अब प्रशासन और वन विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं。
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पाकुड़ के बैंक कॉलोनी में भीख मांगने के बहाने चोरी करने वाली महिला-युवती पकड़ी गईं

Pakur, Jharkhand:पाकुड़ जिले के नगर थाना क्षेत्र स्थित बैंक कॉलोनी मोहल्ला में चोरी कर भाग रही एक महिला और एक युवती को स्थानीय महिलाओं ने पकड़ लिया...दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है...जानकारी के अनुसार बैंक कॉलोनी निवासी कंचन कुमारी के मकान में दो महिलाएं भीख मांगने के बहाने घुसीं...उन्होंने पर्स में रखे 7 हजार रुपये चुराए और भागने लगीं...कंचन कुमारी ने जब अपने कमरे से बाहर आकर पर्स गिरा हुआ देखा तो शोर मचाया...शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और उन्होंने एक महिला व उसके साथ मौजूद युवती को धर दबोचा...उनकी तलाशी लेने पर चोरी की गई राशि बरामद हुई, जिसके बाद उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली...स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना नगर थाने की पुलिस को दी...सूचना मिलते ही पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में ले लिया...पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि चोरी की घटना को अंजाम देने में शामिल एक महिला व युवती को हिरासत में लिया गया है...पुलिस अधिकारी के अनुसार, दोनों से थाने में पूछताछ की जाएगी और लिखित शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी...इधर, स्थानीय लोगों ने बताया कि महिलाओं का एक गिरोह शहरी क्षेत्र में सक्रिय है, जो भीख मांगने के बहाने घरों में घुुसकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा है...शहर में लगातार हो रही चोरी की घटना को लेकर लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है...वहीं, इस बारें में थाना प्रभारी अनिल गुप्ता ने बताया कि चोरी की घटना को रोकने का प्रयास किया जा रहा है... उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में दो-तीन चोरों को पकड़ा गया है...
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सोशल मीडिया पर शराब पार्टी का वीडियो वायरल

NEYAZ ALAM SHAINEYAZ ALAM SHAIFollow12m ago
Majhaulia, Bihar:मझौलिया थाना क्षेत्र में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है,वायरल वीडियो को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं,बताया जा रहा है कि वीडियो में दिखाई दे रहा युवक बहुअरवा कुर्मी टोला निवासी मैनेजर यादव है,जो कथित रूप से शराब पार्टी करते नजर आ रहा है,जानकारी के अनुसार बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद इस तरह का वीडियो सामने आने से कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं,स्थानीय लोगों का कहना है कि वीडियो किसी घर के अंदर बनाया गया है,जहां शराब पार्टी के बाद युवक ने स्वयं वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया,बताया जाता है कि संबंधित युवक ऑर्केस्ट्रा संचालन का कार्य भी करता है,वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में इसकी काफी चर्चा हो रही है,हालांकि वायरल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
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इटावा: 25 हजार इनामी बदमाश सुभाष यादव घायल, गिरफ्तार; अवैध तमंचा और कारतूस बरामद

Etawah, Uttar Pradesh:इटावा में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वैदपुरा पुलिस और 25 हजार के इनामी बदमाश के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में एनडीपीएस एक्ट में वांछित चल रहे बदमाश सुभाष यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। घायल बदमाश को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी साल 2024 से गांजा तस्करी के मुकदमे में फरार चल रहा था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वैदपुरा थाना पुलिस बीती रात नगला बरी तिराहे पर संदिग्ध वाहन और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी, तभी पुलिस को सूचना मिली कि एनडीपीएस एक्ट में फरार चल रहा इनामी बदमाश सुभाष यादव नगला बरी तिराहे के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ फायरिंग की, जिसमें बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई। पुलिस ने घायल अवस्था में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 315 बोर का अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी एटा जिले का रहने वाला है और लंबे समय से फरार चल रहा था。
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पानीपत बना जाम सिटी: 10 साल से ट्रैफिक ने कारोबार बिगाड़ा

Panipat, Haryana:हैंडलूम सिटी से ‘जाम सिटी’ बना पानीपत: 10 साल में नहीं मिली राहत, रोजाना करोड़ों का कारोबार ट्रैफिक में फंसा ई-रिक्शा, ऑटो और बंद कट बने सबसे बड़ी समस्या; व्यापारी बोले— 20 मिनट का सफर 2 घंटे में पानीपत। पूरी दुनिया में हैंडलूम नगरी के नाम से पहचान रखने वाला पानीपत अब नेशनल हाईवे-44 पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम के कारण “जाम सिटी” के रूप में चर्चा में है। पिछले करीब दस वर्षों से शहरवासी जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। नेताओं, प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस द्वारा कई योजनाएं लागू किए जाने के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए लगभग 6 से 7 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड पुल भी बनाया गया, लेकिन इसके बाद भी लोगों को राहत नहीं मिली। लगातार बढ़ते वाहनों, अधूरी ट्रैफिक व्यवस्था, अव्यवस्थित ई-रिक्शा और ऑटो संचालन के कारण शहर के प्रमुख चौक और बाजार रोजाना घंटों जाम में फंसे रहते हैं। जानकारी के अनुसार पानीपत जिले की आबादी करीब 10 लाख के आसपास है। जिले में प्रतिवर्ष लगभग 30 से 40 हजार करोड़ रुपये का घरेलू व्यापार होता है। व्यापारियों का कहना है कि ट्रैफिक जाम के कारण माल ढुलाई प्रभावित हो रही है और छोटे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जाम के चलते रिक्शा और छोटे मालवाहक वाहन किराया भी बढ़ा देते हैं, जिससे व्यापार पर प्रतिदिन 10 से 15 लाख रुपये तक अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारी अजय सिंगला ने कहा कि यदि प्रशासनिक स्तर पर ईमानदारी से प्रयास किए जाएं तो पानीपत को जाम मुक्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जीटी रोड चौड़ीकरण का कार्य भी व्यवस्थित तरीके से नहीं चल रहा। जगह-जगह अधूरे निर्माण और बीच सड़क तक फैले नालों के कारण ट्रैफिक बाधित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में सबसे बड़ी समस्या बेतरतीब ट्रैफिक और ऑटो-ई-रिक्शा चालकों की मनमानी है। जहां सवारी दिखती है वहीं वाहन रोक दिए जाते हैं, जिससे जाम और दुर्घटनाएं दोनों बढ़ रही हैं। स्थानीय निवासी गौरव लीखा ने बताया कि शहर की सड़कें पुरानी हैं, लेकिन वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार हर महीने करीब 5 से 6 हजार नए वाहन सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लालबत्ती चौक जैसे स्थानों पर सर्विस लेन नहीं होने के कारण “बॉटलनेक” की स्थिति बनती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने जीटी रोड के समानांतर अतिरिक्त सड़क निकालने की योजना बनाई है। स्थानीय निवासी कविराज ने कहा कि शहर में जाम का सबसे बड़ा कारण टेंपो और ई-रिक्शा हैं। इनके लिए कोई निर्धारित स्टॉपेज नहीं है। चालक बीच सड़क पर ही अचानक ब्रेक लगा देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के कई जरूरी कट बंद होने से लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे ट्रैफिक और बढ़ जाता है। गौरव धमीजा ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में जाम की समस्या तेजी से बढ़ी है। उनका कहना है कि कई मुख्य कट बंद कर दिए गए हैं, जिसके कारण लोगों को दूसरे रास्तों से घूमकर जाना पड़ता है और ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि रोजाना छोटी-मोटी दुर्घटनाएं आम बात हो चुकी हैं। व्यापारियों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ उद्योगपति विनोद धमीजा ने बताया कि जाम के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है। जो माल पहले 10-20 मिनट में पहुंच जाता था, अब उसे एक से दो घंटे लग जाते हैं। उन्होंने कहा कि बड़े व्यापारियों के पास अपने वाहन हैं, लेकिन छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त किराये का बोझ बढ़ रहा है। पहले जो माल 100 रुपये में पहुंचता था, अब वही जाम के कारण 150 रुपये तक में भेजना पड़ता। ट्रैफिक पुलिस बोली— रोड वाइडनिंग के कारण ट्रैफिक धीमा डीसीपी ट्रैफिक सुरेश सैनी ने बताया कि जीटी रोड पर रोड वाइडनिंग कार्य के चलते एक लेन बंद होने के कारण ट्रैफिक धीमा हो रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के सहयोग से रॉन्ग पार्किंग हटाने और रॉन्ग साइड ड्राइविंग रोकने के लिए छह स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा ऑटो और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित स्टॉपेज बनाने की योजना पर काम चल रहा है ताकि वे सड़क पर कहीं भी वाहन खड़े न कर सकें।
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रतलाम में मेडिकल व्यवसायी हड़ताल से दवा बाजार ठप, ऑनलाइन बिक्री रोक की मांग

Ratlam, Madhya Pradesh:देशभर में आज मेडिकल व्यवसायियों की हड़ताल का असर रतलाम में भी देखने को मिल रहा है। सुबह से शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर्स बंद हैं और दवा व्यापारी एक चौराहे पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मेडिकल व्यवसायियों का कहना है कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री से छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है और बिना पर्याप्त नियंत्रण के दवाओं की बिक्री मरीजों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है। हड़ताल के दौरान दोपहर में शहर में रैली निकाली जाएगी, जिसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। हालांकि हड़ताल के बीच मेडिकल व्यवसायियों ने आपातकालीन व्यवस्थाएं भी बनाई हैं, ताकि जरूरतमंद मरीजों को आवश्यक दवाएं मिल सकें। दिनभर चलने वाले इस विरोध प्रदर्शन को लेकर शहर में मेडिकल कारोबार पूरी तरह प्रभावित नजर आ रहा है।
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