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Mohammad Siddik AhamadMohammad Siddik AhamadFollow16 Dec 2024, 02:34 pm
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हरदोई में अपर्णा यादव ने पेपर लीक पर कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई पहुंचीं महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव,बोलीं- अराजकता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं,पेपर लीक के दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव बुधवार को हरदोई पहुंचीं।तय कार्यक्रम के तहत उन्होंने वन स्टॉप सेंटर, आंगनबाड़ी केंद्र, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद महिला बंदी जेल पहुंचकर निरुद्ध महिला बंदियों से मुलाकात की। कार्यक्रम के उपरांत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) निरीक्षण भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने जंतर-मंत्र प्रदर्शन, विपक्ष के नेताओं की गिरफ्तारी और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। अपर्णा यादव ने जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई को लेकर कहा कि जो कुछ हुआ, वह अराजकता रोकने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह एक स्पष्ट संदेश है कि किसी को भी अव्यवस्था फैलाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं और पुलिसकर्मी भी इंसान हैं। उन्होंने विपक्ष के नेताओं को सम्मानित बताते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील माहौल में युवाओं के आक्रोश को और बढ़ावा देना उचित नहीं था। नीट पेपर लीक मामले पर अपर्णा यादव ने कहा कि यह बेहद गंभीर और असहज करने वाला विषय है। सरकार ने इसकी जांच के लिए समिति गठित की है और जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रधानमंत्री पहले ही इस पर अपनी प्रतिबद्धता जता चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ घटनाओं के आधार पर पूरी व्यवस्था या सरकार को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में कठिन परिस्थितियों से आने वाले कई विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह साबित किया है कि मेहनत और लगन से सफलता हासिल की जा सकती है।
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प्रतापगढ़ के पेट्रोल पंप पर मिलावटी पेट्रोल के आरोप में ग्राहक-स्टाफ के बीच मारपीट

Pratapgarh, Uttar Pradesh:ANCHOR -------- प्रतापगढ़ से खबर है जहां पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरने के दौरान कर्मचारियों और ग्राहक के बीच मारपीट हो गई, ताजा मामला देहात कोतवाली के सराय खंडे राय स्थित पेट्रोल पंप टंकी का है जहा पेट्रोल पंप टंकी पर पेट्रोल भरने आया युवक पेट्रोल डलवाते ही उसकी बाइक बंद हो गई, इसके बाद युवक संजय ने बोतल में पेट्रोल लिया तो बोतल के अंदर पेट्रोल में पानी नजर आया, युवक संजय ने आरोप लगाया कि जब उसने बोतल के अंदर पेट्रोल देख तो उसमें पानी नजर आया,ग्राहक संजय का आरोप है कि पेट्रोल पंप पर मिलावटी पेट्रोल बेचा जा रहा है, ग्राहक संजय की इस दौरान पेट्रोल पंप कर्मचारियों राम बहाल से बहस होने लगी, देखते ही देखते ग्राहक और कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई, पेट्रोल पंप टंकी पर मिलावटी पेट्रोल बेचे जाने को लेकर भारी हंगामा होने लगा, सूचना पर पहुंची पुलिस में ग्राहक संजय और पेट्रोल पंप के एक कर्मचारी राम बहाल को हिरासत में लेकर कोतवाली गई, पेट्रोल पंप टंकी की जांच करने के लिए पूर्ति विभाग के अफसर भी पहुंच गए, अफसर मामले की जांच पड़ताल में जुटे हुए है, BITE ----- संजय (ग्राहक पेट्रोल )
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मध्यौभनी गोलीकांड: पूर्व मुखिया अली अहमद को 10 वर्ष की सश्रम सजा

Madhubani, Bihar:मधुबनी में गोली मारने का दोषी सकरी का पूर्व मुखिया अली अहमद उर्फ मुन्ना बॉस को कोर्ट ने दी 10 वर्ष की सश्रम सजा, सकरी थाना क्षेत्र के युवक उमर महमूद को गोली मारकर किया था जख्मी। प्रधान जिला जज पवन कुमार पांडेय की कोर्ट ने सुनाई सजा। सकरी के पूर्व मुखिया अली अहमद उर्फ मुन्ना बॉस को वर्ष 2018 के चर्चित फायरिंग मामले में अदालत ने दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में यह फैसला सुनाया है। पीड़ित उमर महमूद अदालत के फैसले को न्याय संगत बताते हुए दोषी पूर्व मुखिया अली अहमद उर्फ मुन्ना का आर्म्स लाइसेंस और पासपोर्ट रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि दोषसिद्धि और सजा हो जाने के बाद दोषी के पास हथियार रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। 17 सितंबर 2018 को सकरी गांव में हुई फायरिंग की घटना में उमर महमूद के हाथ में गोली लगी थी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के घर से पिस्टल और राइफल भी बरामद की थी। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था और अब उसे 10 वर्ष की सजा सुनाई गई है। पीड़ित ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और अदालत के फैसले से न्याय मिला है। बहरहाल कोर्ट के फैसले से पीड़ित और उनके परिजन संतुष्ट दिखे और देर से ही सही न्याय मिलने की बात कही। करीब 8 साल बाद न्याय मिला।
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बेगूसराय कांग्रेस ने निष्पक्ष प्रतियोगी परीक्षाओं की मांग पर प्रेस वार्ता आयोजित की

Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय में जिला कांग्रेस कमिटी ने निष्पक्ष प्रतियोगी परीक्षाओं की मांग को लेकर प्रेस वार्ता की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया। बेगूसराय कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के सचिव एवं पूर्व एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित चौधरी ने कहा कि संसद मार्च भारतीय लोकतंत्र का महत्वपूर्ण क्षण था, लेकिन शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखने पहुंचे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और विपक्ष के नेताओं को हिरासत में लिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि सरकार संवाद के बजाय दमन की नीति अपना रही है।कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी कर उन्हें पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किया जाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवप्रकाश गरीब दास ने कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है। वहीं शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कांग्रेस उनके संघर्ष में साथ खड़ी रहेगी। इस दौरान प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस और विभिन्न प्रखंडों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कांग्रेस ने निष्पक्ष और पारदर्शी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर देशव्यापी आंदोलन जारी रखने की बात कही。
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छपरा केंद्र में ब्लूटूथ डिवाइस मिलने पर ASI भर्ती परीक्षा के बाद हंगामा

Chapra, Bihar:छपरा शहर के राजेंद्र कॉलेजिएट परीक्षा केंद्र पर ASI भर्ती परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया. अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा केंद्र में एक परीक्षार्थी मोबाइल और ब्लूटूथ डिवाइस के साथ परीक्षा देता पकड़ा गया। एक परीक्षार्थी के पास से ब्लूटूथ डिवाइस मिलने की सूचना सामने आई, जिसके बाद परीक्षा केंद्र पर मौजूद अभ्यर्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया और परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की। इसे लेकर परीक्षार्थियों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग करते हुए SDM को लिखित आवेदन सौंपा। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सभी की कड़ी जांच की गई। यहां तक कि गले का लॉकेट और माला तक अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन इसके बावजूद एक परीक्षार्थी मोबाइल और ब्लूटूथ डिवाइस के साथ परीक्षा कक्ष तक कैसे पहुंच गया। अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान दो से तीन बार बिजली काटी गई और कुछ समय के लिए जैमर भी बंद रहा। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं, सदर SDM ने बताया कि अभ्यर्थियों से मिली शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। जिस परीक्षार्थी के पास ब्लूटूथ डिवाइस मिलने की सूचना है, उससे पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वह डिवाइस उसके पास कैसे पहुंचा और परीक्षा संचालन में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी。
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बोकारो स्टील प्लांट: शव मर्चरी में छह दिन, परिजन गेट जाम करने की चेतावनी

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो स्टील प्लांट के ADM बिल्डिंग के पास प्रदर्शन। प्लांट कर्मी की मौत को लेकर किया गया प्रदर्शन। 6 दिन पहले इलाज के दौरान हुई है मौत। 6 दिन से शव मर्चरी में बाहर प्रदर्शन। बताएं चले कि परिजनों का आरोप 30 जून को BSL प्लांट में कार्य करने के दौरान BSL कर्मी सुभाष चंद्र मोदी की सर में चोट लगने के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया था जहां पहले प्लांट मेडिकल ले जाया गया था उसके बाद उसका रेफर अन्य अस्पताल में कर दिया गया था जहां उसकी मौत हो गई और अब 6 दिनों से शव मर्चरी में रखा हुआ है और नियोजन की मांग को लेकर परिजन और स्थानीय लोग अब BSL के प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट को जाम कर दिया है। इस दौरान भारी संख्या में सुरक्षा बल की भी तैनाती की गई है। स्थानीय नेताओं का आरोप है कि प्लांट में हादसे के दौरान चोट लगी थी और इलाज के दौरान मौत हो गई ऐसे में अगर जल्द नियोजन परिवार के सदस्य को नहीं मिला तो आनेवाले समय में आंदोलन किया जाएगा और प्लांट के सभी गेट को जाम कर दिया जाएगा। क्योंकि एक आदिवासी जो प्लांट के कर्मी थे जहां प्लांट में घटना के बाद नियोजन मिलता है। लेकिन प्रबंधन की हठधर्मिता के चलते अब व्यापक आंदोलन होगा। बताते चले कि 30 अप्रैल को बोकारो स्टील प्लांट में कार्य के दौरान हादसा हुआ था जहां इलाज के दौरान 17 जुलाई को BSL कर्मी सुभाष चंद्र मोदी की मौत हो गई थी।
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जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध की आहट सीवान तक, महागठबंधन का प्रदर्शन

Siwan, Bihar:दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध की गूंज अब सीवान तक पहुंच गई है। लकड़ी नवीगंज प्रखंड के मदारपुर में महागठबंधन के बैनर तले नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर मार्च करते हुए छात्रों के समर्थन में नारे लगाए और घटना की कड़ी निंदा की। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महागठबंधन के नेताओं ने केंद्र सरकार से घटना की निष्पक्ष जांच कराने और छात्रों पर की गई कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर उचित कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि छात्रों के साथ न्याय नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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करनाल में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन: लोकतंत्र की आवाज दबाने का आरोप

Karnal, Haryana:दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के कथित लाठीचार्ज और राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में करनाल में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन… उपायुक्त कार्यालय के बाहर नारेबाजी, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र और युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग उठाई। करनाल : दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के साथ हुए कथित लाठीचार्ज और राहुल गांधी सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में करनाल जिला कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं की आवाज को बलपूर्वक दबाया जा रहा है। पार्टी ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। सरकार पर तीखा हमला, आंदोलन को बताया निर्णायक पूर्व विधायक शमशेर सिंह गोगी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में ऐसा व्यवहार अंग्रेजों के शासनकाल में भी देखने को नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। गोगी ने कहा कि राहुल गांधी ने अब अन्याय के खिलाफ एक व्यापक जनआंदोलन का नेतृत्व संभाल लिया है और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक जनता को न्याय नहीं मिल जाता। पेपर लीक से लेकर शिक्षा व्यवस्था तक उठाए सवाल कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष पराग गाबा ने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पद से इस्तीफा दें। लोकतंत्र और संविधान पर खतरे का आरोप ग्रामीण जिला अध्यक्ष राजेश वैध ने कहा कि कांग्रेस पूरे देश में इस घटना का विरोध कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं पर की गई कार्रवाई लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि करनाल में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया और देर रात रिहा किया गया। वैध ने कहा कि देश में संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने 2012 के अन्ना हजारे आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय आंदोलनकारियों के साथ संवाद किया गया था, जबकि आज विरोध करने वालों पर बल प्रयोग किया जा रहा है। राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग प्रदर्शन के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए, युवाओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय की जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने युवाओं की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। बाइट: शमशेर सिंह गोगी — पूर्व विधायक, असंध बाइट वरिंदर राठौर पराग गाबा — शहरी जिला अध्यक्ष, कांग्रेस राजेश वैध — ग्रामीण जिला अध्यक्ष, कांग्रेस बाइट
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मैनपुरी-करहल में समूह सखी और सफाई कर्मी महिलाओं का प्रदर्शन,SDM को शिकायत पत्र सौंपा।

Ajay KumarAjay KumarFollow3m ago
Karhal, Uttar Pradesh:करहल/मैनपुरी करहल तहसील क्षेत्र से जुड़ी आधा दर्जन से अधिक महिलाएं करहल तहसील मुख्यालय पहुंचीं,उन्होंने बीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं का आरोप है कि कर्मचारी मानदेय नहीं दे रहे और रिश्वत मांग रहे हैं। महिलाएं"हम अपना अधिकार मांगते-नहीं किसी से भीख मांगते"और "योगी जी मेरी मदद करो" के नारे लगाती नजर आईं। शिल्पी मिश्रा,गोमती देवी,धन देवी सहित महिलाओं ने उपजिलाधिकारी सुनिष्ठा सिंह को शिकायत पत्र सौंपा। आरोप लगाया कि मानदेय रोककर 5-5,10-10 हजार रुपये रिश्वत मांगी जा रही है। एसडीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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15 दिन बाद भी नाबालिग लापता: पुलिस पर सवाल, ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ी

Singrauli, Madhya Pradesh:15 दिन से लापता 17 वर्षीय किशोरी, पुलिस के हाथ अब भी खाली.... बसौड़ा गांव से रहस्यमय ढंग से गायब हुई नाबालाल.... शासन चौकी में दर्ज कराई गई थी गुमशुदगी की शिकायत... परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल... बेटी की तलाश में परेशान परिवार, घर में दहशत का माहौल... रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में तलाश रही बेनतीजा... गुमशुदगी दर्ज होने के बाद भी नहीं मिला कोई सुराग.... सिंगरौली में नाबालिग की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। बसौड़ा गांव की रहने वाली अंगिरावती केवट 7 जुलाई को अचानक घर से गायब हो गई थी। परिजनों ने शासन चौकी में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस लड़की का कोई सुराग नहीं लगा सकी है।परिजनों के मुताबिक अंगिरावती दोपहर में घर पर थी, लेकिन कुछ देर बाद वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गई। परिवार ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस की ओर से अब तक कोई ऐसी कार्रवाई नहीं हुई जिससे बेटी का पता चल सके। बेटी की चिंता में पूरा परिवार परेशान है और घर में डर व बेचैनी का माहौल बना हुआ है। अब सवाल यह है कि आखिर 15 दिन बाद भी नाबालिग का सुराग क्यों नहीं मिला? और क्या पुलिस की जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है? फिलहाल परिवार को अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी का इंतजार है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस पूरे मामले को लेकर पुलिस कोई भी बयान देने से बच रहीहै...
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अनंतनाग में आतंकवादी हमले: IRP के आशिक हुसैन शहीद, सुरक्षा बलों की तैयारी तेज

Chaka, आतंकी हमले में SOG का एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया। ULC नाम के एक कम जाने-माने आतंकी संगठन ने हमले की ज़िम्मेदारी ली है। आतंकी को पकड़ने के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। सुरक्षा बलों ने अनंतनाग से काजीगुंड हाईवे तक जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया है। दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग-कोकरनाग रोड पर क्लॉक टावर के पास लाल चौक इलाके में बुधवार को आतंकियों की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुए एक पुलिसकर्मी की अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की पहचान IRP की तीसरी बटालियन के आशिक हुसैन के तौर पर हुई है, जो बडगाम के रहने वाले थे। चश्मदीदों का कहना है कि वे पिछले दो साल से उस जगह पर तैनात थे; यात्रा शुरू होने के बाद से आशिक और उनकी टीम को सुबह से रात तक अक्सर वहीं देखा जाता था। अधिकारीयों ने बताया कि आज पुलिसकर्मी एक संकरी गली से मुख्य सड़क पर आ रहे थे, तभी ड्यूटी के दौरान आतंकियों ने उन पर गोली चला दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई। हमले के बाद, सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और हमलावरों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और आखिरी रिपोर्ट मिलने तक ऑपरेशन जारी था। आतंकियों को पकड़ने के लिए JKP, सेना, CRPF और BSF ने मिलकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि हमला करने वाले आतंकी अकेले नहीं थे; उन्हें किसी का समर्थन मिला था, जिससे वे घटनास्थसल से भागने में सफल रहे। सोशल मीडिया पर ULC (यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल) नाम के एक कम जाने-माने आतंकी संगठन का एक वायरल पोस्ट देखा गया, जिसमें हमले की ज़िम्मेदारी ली गई है। पुलिस का कहना है कि असल में यह TRF ही है जिसने नया नाम रखा है; वे नाम बदलते रहते हैं और उनका असली संगठन LeT है। पुलिस ने हमले की जांच शुरू कर दी है, जबकि हमलावरों की पहचान के बारे में और जानकारी का इंतज़ार है।
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