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Nitish TiwariNitish TiwariFollow12 Mar 2025, 03:59 am

Sultanpur- मारपीट के मामले को ले कर पुलिस की कार्रवाई पर उठे रहे है सवाल

Kurwar, Uttar Pradesh:सुल्तानपुर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। कुड़वार थाने में एक मारपीट के मामले में पीड़िता की शिकायत दर्ज करने के बजाय उल्टे उसी पर और उसके बच्चों पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। बभनगवा गांव की प्रमिला तिवारी ने बताया कि उनके पड़ोसी उमा शंकर मिश्रा ने उनके दरवाजे के सामने गेट लगवा दिया है। मिश्रा परिवार अब उनकी जमीन से आवागमन करना चाहता है। 7 मार्च को कुंदन मिश्रा, जयशंकर मिश्रा, कोमल मिश्रा, रंगनाथ मिश्रा और वंदना मिश्रा ने पीड़िता की नींव पर मिट्टी डालनी शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
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ददरेवा लक्खी मेले की तैयारी: विकासकार्य से सजा हिंदू-मुस्लिम एकता का स्थल

Churu, Rajasthan:चूरू\n\nविधानसभा-चूरू\n\nलोकेशन--चूरू\n\nददरेवा में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल ददरेवा, जाहरवीर गोगाजी की जन्मस्थली से ददरेवा की पहचान, गुरु गोरखनाथ ने 1400 शिष्यों संग तपस्या यहां की थी। अब ददरेवा में हो रहे करोड़ों के विकास कार्य, यहां लगने वाले मेले में दिखेगा नया रूप, यूपी, बिहार, गुजरात, हरियाणा और पंजाब से आनेवाले श्रद्धालु को मिलेगी सुविधा।\n\nचूरू। चूरू जिले का गांव ददरेवा अपनी समृद्ध आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत के चलते पूरे देश में विशेष पहचान रखता है। यह लोक देवता जाहरवीर गोगाजी महाराज की जन्मस्थली है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु आस्था के साथ पहुंचते हैं। इसी पावन भूमि पर कायमखानी समाज के संस्थापक दादा कायम खां का जन्म भी हुआ था, जो इसे सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बनाता है।\n\nशिक्षाविद् किशोर सिंह राठौड़ ने बताया कि मान्यता है कि गुरु गोरखनाथ ने यहां अपने 1400 शिष्यों के साथ तपस्या की थी। गोगाजी की माता बाछल देवी को संतान प्राप्ति का आशीर्वाद भी गुरु गोरखनाथ से ही मिला था। भाद्रपद कृष्ण नवमी, विक्रम संवत 1003 को गोगाजी का जन्म हुआ, जबकि दादा कायम खां का जन्म 14वीं सदी में माना जाता है।\n\nददरेवा स्थित प्रसिद्ध गोरख गंगा (ढाब), गुरु गोरखनाथ का आश्रम और गोगाजी की घोड़े पर सवार प्रतिमा यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। इस स्थल की खासियत यह है कि यहां सभी धर्मों के लोग श्रद्धा से मत्था टेकते हैं। कायमखानी मुस्लिम समाज गोगाजी को जाहरपीर के रूप में पूजता है, जिससे यह स्थल हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक बन गया है।\n\nयहां आने वाले जातरू केवल दर्शन ही नहीं करते, बल्कि अखाड़ों में बैठकर गुरु गोरखनाथ और गोगाजी की जीवनी को लोक भाषा में गाकर प्रस्तुत करते हैं। इस दौरान डेरू और कांसी के कचौले की विशेष ध्वनि वातावरण को भक्तिमय बना देती है।\n\nविकास कार्यों को मिलेगी गति, ददरेवा मेले में दिखेगा नया प्रबंधन\n\nसरपंच मोहम्मद जाहिद के अनुसार, ददरेवा में करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे। इस वर्ष भादवा मास में लगने वाले प्रसिद्ध लक्खी मेले को लेकर प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। ग्राम पंचायत द्वारा मेले के लिए एक व्यवस्थित एक्शन प्लान तैयार किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।\n\nअब तक मेले में दुकानदार अव्यवस्थित तरीके से दुकानें लगाते थे, जिससे रास्ते बाधित होते थे। इस बार पंचायत द्वारा मार्केट के लिए अलग से स्थान चिन्हित किया जाएगा, जहां सभी दुकानें एक ही जगह लगेंगी। दुकानदारों को बिजली, पानी और सफाई की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।\n\nगोरख गंगा होगी अतिक्रमण मुक्त\n\nगोरख गंगा (ढाब) क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है। यहां किसी भी प्रकार की दुकानें नहीं लगने दी जाएंगी, जिससे श्रद्धालुओं को स्नान में सुविधा मिल सके। आसपास की ऊबड़-खाबड़ जमीन को समतल किया जा रहा है और सफाई व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जा रहा है। साथ ही गंदे पानी के प्रवाह को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।\n\nददरेवा न केवल आस्था और परंपरा का केंद्र है, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता की जीवंत मिसाल भी है। अब विकास कार्यों और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ यह धार्मिक स्थल और मेले पहले से अधिक सुव्यवस्थित, आकर्षक और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनने की ओर बढ़ रहा है।\n\nबाइट - मोहम्मद जाहिद, सरपंच, ददरेवा\nपहचान - दाढ़ी बढ़ी हुई है पीछे कुछ आदमी दिख रहे है।\n\nबाइट - धनसिंह चौहान, गोगाजी मंदिर के पुजारी,\nपहचान - पीछे पेड़ पर कपड़े बंधे हुए है।\n\nबाइट - किशोर सिंह राठौड़, शिक्षाविद\nपहचान - पीछे भारत का झंडा दिख रहा हैं\n\nनवरतन प्रजापत\n\nजी मीडिया चूरू
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उत्तराखंड 2027: भाजपा की बूथ‑स्तर मजबूत कर प्रचार तेज

Karnaprayag, Uttarakhand:पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सफलता के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी को लेकर आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट क Karnpryag पहुंचे, Karnpryag पहुँचने पर उन्होंने बीजेपी के जिला स्तरीय पदाधिकारियों, नगर मंडल अध्यक्षों, महामंत्रियों और शक्ति केंद्र संयोजकों के साथ महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक की। उन्होंने कहा कि हमे आगामी चुनावों को लेकर तैयार रहना है। इसके लिए घर घर जाकर लोगो को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देनी है। कर्णप्रयाग में भाजपा द्वारा आयोजित बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने आज बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी लगातार जिला, मंडल, बूथ और शक्ति केंद्र स्तर पर बैठकों का आयोजन कर संगठन को चुनावी मोड में ला रही है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा चमोली जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करेगी। महेंद्र भट्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचा है और इसी विश्वास के दम पर भाजपा एक बार फिर प्रचंड जीत हासिल करेगी। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। वही भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पवित्रा बिष्ट ने कहा कि महिला मोर्चा गांव गांव जाकर प्रदेश सरकार की योजनाओं को जनजन तक पहुचने का कार्य कर रही है निश्चित ही हमे इसका लाभ आगामी विधानसभा चुनावों में मिलेगा।
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जेल अधिकारी की अंतरधार्मिक शादी, गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बन गई प्रेम कहानी

Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर - मोहब्बत का कोई मजहब नहीं होता, इसकी मिसाल पेश की है केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ मुस्लिम महिला सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून ने। उन्होंने हत्या के मामले में 14 साल की सजा काट चुके हिंदू युवक धर्मेंद्र सिंह से हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। खास बात ये रही कि मुस्लिम अधिकारी के परिजन शादी में शामिल नहीं हुए तो बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कन्यादान कर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल कायम की। 5 मई को लवकुशनगर में हुई शादी। शादी 5 मई को लवकुशनगर स्थित एक मैरिज हाउस में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई। जेल की चारदीवारी में कानून संभालने वाली अधिकारी ने निजी जिंदगी में भी हिम्मत दिखाई और समाज के सामने भाईचारे का संदेश दिया। क्या है पूरा मामला दुल्हन: फिरोजा खातून, निवासी रीवा, वर्तमान में केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर पदस्थ। दूल्हा: धर्मेंद्र सिंह, निवासी चंदला, छतरपुर। धर्मेंद्र सिंह को 2007 में नगर परिषद चंदला के उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या कर शव दफनाने के चर्चিত मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। करीब 14 साल जेल में रहने के बाद अच्छे आचरण के चलते उसे रिहा कर दिया गया। बीते 4 साल से वह जेल से बाहर था। जेल में हुई मुलाकात, फिर प्यार परवान चढ़ा। फिरोजा खातून केंद्रीय जेल सतना में वारंट इंचार्ज के पद पर थीं। वहीं धर्मेंद्र सिंह जेल में वारंट का काम करता था। ड्यूटी के दौरान दोनों की मुलाकात हुई। पहले दोस्ती हुई, फिर प्यार परवान चढ़ा। रिहाई के 4 साल बाद दोनों ने परिवार और समाज की परवाह किए बिना शादी का फैसला लिया। परिजन नहीं आए, बजरंग दल ने निभाई रस्म। फिरोजा खातून के परिजन इस अंतरधार्मिक विवाह से नाराज थे और शादी में शामिल नहीं हुए। ऐसे में बजरंग दल के कार्यकर्ता आगे आए और कन्यादान की रस्म पूरी कर समाज को भाईचारे का संदेश दिया। जेल में चर्चा का विषय बनी शादी। शादी की खबर सामने आते ही केंद्रीय जेल सतना में यह मामला चर्चा का विषय बन गया। कैदी से लेकर अधिकारी तक सभी ने इस जोड़े को बधाई दी। जेल स्टाफ का कहना है: "मैडम ने ड्यूटी में जितनी ईमानदारी दिखाई, निजी जीवन में भी उतनी ही हिम्मत दिखाई है। यह सतना की गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है." 14 साल बाद मिली थी रिहाई। धर्मेंद्र सिंह ने 2007 में चंदला नगर परिषद उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या की थी। चर्चित हत्याकांड में उसे आजीवन कारावास हुआ। जेल में अच्छे आचरण के चलते करीब 14 साल बाद उसे रिहा किया गया था। फिलहाल ये शादी लवकुशनगर से लेकर सतना और छतरपुर तक चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे मोहब्बत और इंसानियत की जीत बता रहे हैं।
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कोटा के प्रसूताओं के स्वास्थ्य मामले पर जांच कमेटी, सख्त कार्रवाई का संकेत

Jaipur, Rajasthan:कोटा में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले को लेकर चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और इसके लिए जांच कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी कोटा भेजी गई है और प्रसूताओं के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं RGHS विवाद को लेकर मंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव स्तर पर लगातार बैठकें हो रही हैं और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
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कोटा मेडिकल कॉलेज में प्रसूता महिलाओं की हालत गंभीर, मॉनिटरिंग तेज

Kota, Rajasthan:मेडिकल कॉलेज में प्रसुता महिलाओं की तबीयत खराबी से जुड़ा मामला, SMS अस्पताल से आई जांच टीम कर रही मामले में मॉनिटरिंग, फिलहाल अभी तक महिलाओं की तबीयत बिगड़ने से जुड़े मामलों में नहीं लगा कारण का पता, जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने उचित ईलाज एवं गम्भीर घायलों, मृतकों को सरकार द्वारा योजनाओं में उचित लाभ की कही बात, प्रिंसिपल निलेश जैन ने गम्भीर घायलों के उपचार को लेकर बनाई विशेष मॉनिटरिंग टीम, MBS जांच टीम मेडिकल कॉलेज के इलाज एवं जांचों का कर रही विश्लेषण, SSB के ICU वार्ड में भर्ती महिलाओं में से 2 प्रसूताओं की स्थिति बनी हुई गंभीर, प्रसूता महिलाओं के लिए डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की विशेष टीम गठन का किया दावा, लगातार मॉनिटरिंग की कही बात
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झुंझुनूं के अस्पतालों में फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल, मरीज सुरक्षित बाहर निकाले गए

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं जिले के अस्पतालों में हुई फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल आग लगने की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित निकालने का हुआ अभ्यास बढ़ती गर्मी के बीच शॉर्ट सर्किट और एसी ब्लास्ट से सतर्कता चिड़ावा उप जिला अस्पताल में परखी गई “सुरक्षा की सेहत” पीएमओ डॉ. नितेश जांगिड़ ने मॉक ड्रिल के बाद कहा— आपात स्थिति से निपटने को स्टाफ और सिस्टम तैयार झुंझुनूं जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में गुरूवार को फायर सेफ्टी को लेकर व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। बढ़ती गर्मी के बीच शॉर्ट सर्किट और एसी ब्लास्ट जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर के अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा। इस दौरान आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने, रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और फायर सेफ्टी सिस्टम की कार्यक्‍षमता की जांच की गई। इसी क्रम में चिड़ावा के राजकीय उप जिला अस्पताल में आयोजित मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। पीएमओ डॉ. नितेश जांगिड़ ने बताया कि 4 मई से 10 मई तक जिले में “फायर सेफ्टी वीक” मनाया जा रहा है। इसकी थीम “सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल एवं अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक समाज” रखी गई है। अभियान के तहत अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा के साथ स्टाफ को आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान उप जिला अस्पताल चिड़ावा में सायरन बजाकर आपात स्थिति का माहौल बनाया गया। वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने मरीजों को वार्डों से सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। साथ ही अस्पतालों में लगे अग्निशमन उपकरणों के संचालन और स्टाफ की तत्परता को भी परखा गया। इसके द्वारा अस्पताल परिसर में “सुरक्षा की सेहत” को परखा गया। पीएमओ डॉ. नितेश जांगिड़ ने बताया कि मॉक ड्रिल पूरी तरह सफल रही और इससे यह सुनिश्चित हुआ कि अस्पताल का फायर सेफ्टी सिस्टम तथा स्टाफ किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। ड्रिल के दौरान आग लगने की स्थिति में वार्डों से मरीजों को शिफ्ट करना, ओपीडी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना और अस्पताल प्रबंधन द्वारा फायर सेफ्टी सिस्टम की मदद से आग पर काबू पाने का अभ्यास किया गया। डॉ. जांगिड़ ने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल से अस्पतालों में आपदा प्रबंधन क्षमता मजबूत होगी और किसी भी आकस्मिक घटना में जनहानि को रोका जा सकेगा। बाइट : डॉ. नितेश जांगिड़, पीएमओ, राजकीय उप जिला अस्पताल, चिड़ावा
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बोकारो सिटी पार्क मजार चोरी: CCTV में कैद तस्वीर, लोगों में आक्रोश

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के सिटी थाना क्षेत्र के सिटी पार्क स्थित मजार के दानपेटी में चोरी की घटना, CCTV में कैद हुई तस्वीर। 15 दिन के अंदर दूसरी बार हुई चोरी की घटना। लोगो में आक्रोश। पूरी घटना के बारे में बताते चले कि बोकारो के सिटी थाना क्षेत्र में देर रात चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया। दो चोर सिटी थाना क्षेत्र स्थित सिटी पार्क के मजार में प्रवेश करते हैं, इससे पहले मजार का गेट तोड़कर प्रवेश करते हैं। सारा नज़ारा CCTV कैमरे में कैद हो जाता है। स्थानीय समाजसेवी जमील अख्तर ने कहा कि ये दूसरी घटना लगातार हुई है ऐसे में सुरक्षा को लेकर पेट्रोलिंग की व्यवस्था होनी चाहिए़ और आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए़।
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GRINDR ऐप के जरिए दोस्ती से अपहरण, गुरुग्राम में चार गिरफ्तार

Gurugram, Haryana:GRINDR ऐप पर दोस्ती, फिर अपहरण और लूट गुरुग्राम में 4 आरोपी गिरफ्तार डेटिंग ऐप के जरिए बुलाकर युवक को बनाया शिकार, मारपीट कर जबरन कराए पैसे ट्रांसफर गुरुग्राम में GRINDR गैंग का पर्दाफाश... सुनसान जगह ले जाकर युवक से लूटपाट नशे की लत पूरी करने के लिए रची वारदात, ऐप के जरिए युवक को फंसाया सोशल ऐप पर अनजान दोस्ती पड़ी भारी,युवक से मारपीट कर छीने रुपये गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर इलाके में एक युवक को GRINDR ऐप के जरिए बुलाकर उसके साथ अपहरण, मारपीट और जबरदनी पैसे ट्रांसफर कराने का मामला सामने आया है। इस केस में पुलिस ने चार युवকদের को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 5 मई को आईएमटी सेक्टर-07 थाने में एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई। युवक ने बताया कि वह गांव कासन में किराये पर रहता है। 4 मई की रात करीब सवा 12 बजे वह अपने घर के बाहर खड़ा था, तभी सफेद स्विफ्ट कार में सवार चार युवक वहां पहुंचे और उसे जबरदस्ती गाड़ी में डालकर कासन की पहाड़ियों की तरफ ले गए। पीड़ित युवक के साथ आरोपियों ने मारपीट की और उससे 50 हजार रुपये की मांग की। बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया और पासवर्ड पूछकर उसके अकाउंट से 2,500 रुपये ट्रांसफर कर लिए। बाद में युवक मौका देखकर वहां से भाग निकला। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की जांच करते हुए अपराध शाखा मानेसर की टीम ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आशीष, नरेश कुमार, शिवम और आशु के रूप में हुई है। इनमें से तीन आरोपियों को आईएमटी मानेसर से जबकि चौथे आरोपी आशु को भांगरौला गांव से गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी नरेश गुरुग्राम में रैपिडो चलाता है, जबकि आशु परचून की दुकान संचालित करता है। आरोपियों ने बताया कि उनकी पहचान पीड़ित युवक से GRINDR ऐप के जरिए हुई थी। इसके बाद उन्होंने युवक को कार में बैठाकर वारदात को अंजाम दिया। वही घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार दादरी से किराए पर ली गई थी। युवक के मोबाइल से ट्रांसफर कराए गए पैसे आरोपी नरेश के बैंक खाते में भेजे गए थे। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है ताकि मामले में और खुलासे किए जा सकें।
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गाजियाबाद के कमर्शियल वाहनों में ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य, पुरानी गाड़ियों पर भी लागू

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद में कमर्शियल वाहनों में ट्रैकिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। 2019 से पहले के कमर्शियल वाहनों में भी ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। रोड टैक्स खत्म होने से पहले समय से दोबारा जमा कराना जरुरी है, नहीं तों 100 रुपय डेली की पेनेल्टी लगाई जा रही है। ट्रैकिंग सिस्टम लगाने के लिए डीलर के साथ मीटिंग की गई है। नई सभी कमर्शियल गाड़ियों में ट्रैकिंग सिस्टम लगा हुआ आ रहा है। पुरानी कमर्शियल गाड़ियों में भी ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील कि परिवहन विभाग के नियमों का पालन करें और प्रदुषण को रोके। इसके अतिरिक्त रोड टैक्स को समय से जमा करें, वरना 100 रुपय डेली की पेनल्टी लगाई जा रही है。
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बलरामपुर की बेटियाँ एवरेस्ट के लिए नेपाल रवाना, तिरंगा लहराएंगी

Balrampur, Uttar Pradesh:एवरेस्ट की राह पर बलरामपुर की बेटियां, सपनों संग नेपाल के लिए रवाना बलरामपुर के छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखने वाली बेटियां अब हिमालय की ऊंचाइयों को छूने निकल पड़ी हैं। बलरामपुर की तीन छात्राएं दुनिया के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित ट्रैकिंग अभियानों में शामिल होने के लिए नेपाल रवाना हो गई हैं। ये छात्राएं एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचकर न केवल तिरंगा फहराएंगी, बल्कि जिले का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगी। 14 से 16 वर्ष आयु वर्ग की प्रियंका उपाध्याय, प्रियंका प्रजापति और नीलांशु का चयन खेलकूद विभाग द्वारा आयोजित विशेष चयन प्रक्रिया के बाद किया गया। तीनों छात्राएं अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ी हैं, लेकिन उनके सपनों की उड़ान एक जैसी है — हिमालय की ऊंचाइयों तक पहुंचना। मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने कहा कि यह अभियान जिले की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास और साहस का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और यह यात्रा उसी बदलाव की मिसाल है। नीलांशु कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्रा हैं, जबकि प्रियंका उपाध्याय डीएवी इंटर कॉलेज से शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। प्रियंका प्रजापति परिषदीय विद्यालय से जुड़ी हुई हैं। तीनों को जिला प्रशासन और खेल विभाग द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर से सम्मानपूर्वक रवाना किया गया, जहां अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका उत्साह बढ़ाया। इस अभियान में छात्राओं के साथ हैंडबॉल कोच हिना खातून भी मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि एवरेस्ट बेस कैंप की यह ट्रैकिंग केवल रोमांच नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य, नेतृत्व और आत्मविश्वास सीखने का अवसर भी है। नेपाल रवाना होने से पहले छात्राओं की आंखों में चमक और चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचकर तिरंगा फहराना उनके लिए जीवन का सबसे यादगार पल होगा। अब पूरा बलरामपुर इन बेटियों की सफलता और सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहा है।
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जयपुर ESIC अस्पताल में 40+ बीमित कर्मचारियों के लिए नि:शुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच शुरू

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल में 40 वर्ष से अधिक उम्र के बीमित कर्मचारियों के लिए नि:शुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच योजना की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने किया। इस दौरान 300 से अधिक बीमित व्यक्तियों की डायबिटीज, बीपी, कोलेस्ट्रॉल, एनीमिया, ईसीजी और चेस्ट एक्सरे सहित विभिन्न जांचें की गईं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह सुविधा अब प्रतिदिन नि:शुल्क उपलब्ध रहेगी। कार्यक्रम में विधायक गोपाल शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसार ने कहा- सरकार का उद्देश्य श्रमिकों के स्वास्थ्य को मजबूत करना और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित करना है。
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