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शाहजहांपुर - निगोही पुलिस ने चोरी की घटना का किया खुलासा
Gangsara, Bisra, Uttar Pradesh:निगोही पुलिस ने चोरी की घटना का खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों को सुखविंदर और शैलेंद्र को गिरफ्तार किया है. इन दोनों ही अभियुक्तों के खिलाफ निगोही थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया था. जिसके बाद से पुलिस इनकी तलाश कर रही थी, वहीं अब पुलिस ने इन दोनों ही अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है. जिनके पास से एक मोटरसाइकिल और चोरी का अन्य सामान बरामद हुआ है. फिलहाल पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया है।
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छपरा सांसद रूडी का बयान: बाढ़ के दौरान सोशल मीडिया से सरकार नहीं चलेगी
Chapra, Bihar:छपरा के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से सरकार नहीं चलती। बाढ़ के दौरान वह प्रशासनिक अधिकारियों के लगातार संपर्क में थे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई। सांसद रूडी ने कहा कि पहले बाढ़ के दौरान भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से गांवों में राहत सामग्री का वितरण नहीं होता था। अब राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की आठ-आठ टीमें तैनात की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि 48 घंटे के भीतर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के साथ सामुदायिक रसोई की व्यवस्था भी की गई। बाढ़ के दौरान जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर अपनी राय रखते हुए रूडी ने कहा कि चुनाव जीतने पर कुछ लोग समर्थन करते हैं, तो कुछ विरोध भी करते हैं। उन्होंने कहा कि जब जनता आक्रोशित हो, तब जनप्रतिनिधियों को पानी में उतरकर पैसे बांटने और सोशल मीडिया पर प्रचार करने से परहेज करना चाहिए। ऐसे समय में उन्हें शासन-प्रशासन के साथ खड़े होकर गांवों में लोगों की मदद करनी चाहिए। सांसद ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए भी समीक्षा की जा रही है। हालांकि, बाढ़ के दौरान उनकी अनुपस्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच उनका यह बयान जनप्रतिनिधियों की भूमिका और राहत कार्यों को लेकर चल रही बहस को फिर सामने लाता है।0
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ECI ने फॉर्म 6 से पुनः आवेदन की सुविधा दी, मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित
Noida, Uttar Pradesh:बिहार में SIR की प्रक्रिया के माध्यम से कोई भी मतदाता अपने अधिकारों से वंचित न हो, इसके लिए चुनाव आयोग ने पुनः समीक्षा के लिए और जो भी पात्र लोग हैं, वो फॉर्म 6 के माध्यम से पुनः आवेदन कर सकें, इसके लिए पुनः कार्यवाही करने का आदेश जारी किया है। निश्चित तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाए रखने के लिए संवैधानिक संस्थाओं के द्वारा उठाया गया यह प्रयास सराहनीय है0
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रामविलास पासवान जयंती राजकीय समारोह: लोजपा ने मोदी-चौधरी के फैसले का स्वागत
Patna, Bihar:लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र विवेक ने स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती 5 जुलाई को राजकीय समारोह के रूप में मनाने की घोषणा का स्वागत किया है, उन्होंने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति पार्टी की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने अपना पूरा जीवन गरीबों, दलितों, शोषितों और वंचितों के अधिकार एवं सम्मान की लड़ाई के लिए समर्पित किया। सुरेन्द्र विवेक ने कहा कि रामविलास पासवान सामाजिक न्याय, समानता और जनसेवा के प्रतीक थे। उनकी जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाए जाने से नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, विचारों और समाज के प्रति योगदान को जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उनके विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने तथा गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगी。0
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मदननगर में कोयला खदान सीमांकन के विवाद पर पुलिस पर ग्रामीणों का हमला
Surajpur, Chhattisgarh:एंकर –- सूरजपुर के मदननगर में कानून और ग्रामीणों के बीच टकराव की कहानी एक बार फिर सुर्खियों में है..फरार आरोपियों को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया..आरोप है कि टांगी, फरसा, तब्बल और लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया...हालात ऐसे बने कि पुलिस टीम को पीछे हटना पड़ा, लेकिन आरक्षक रामदयाल राठिया ग्रामीणों के कब्जे में रह गए..आरोप है कि उन्हें पंचायत भवन में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया...इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों को दोबारा गांव आने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई..लेकिन मदननगर में यह टकराव अचानक पैदा नहीं हुआ..इसके पीछे प्रस्तावित कोयला खदान के सीमांकन से जुड़ा पुराना विवाद है..जहां पहले भी पुलिस और राजस्व की टीमों को विरोध का सामना करना पड़ा है..अब एक बार फिर पुलिस पार्टी पर हमले के आरोपों ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं...दरअसल सूरजपुर का मदननगर गांव... एक ऐसा गांव, जहां फरार आरोपियों की तलाश में पहुंची पुलिस टीम खुद घिर गई... पुलिस के मुताबिक, प्रतापपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम बाबूलाल पोया और बनवारी को गिरफ्तार करने पहुंची थी... लेकिन कार्रवाई के दौरान विवाद बढ़ा और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए...आरोप है कि हथियारों से लैस ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेरकर मारपीट शुरू कर दी... इस दौरान आरक्षक रामदयाल राठिया को बंधक बना लिया गया और पंचायत भवन में ले जाकर उनकी पिटाई की गई..हालात बिगड़ने पर पुलिस टीम को पीछे हटना पड़ा..इसके बाद ग्रामीणों ने चंदौरा थाना प्रभारी को गांव बुलाने की मांग रखी...बताया गया कि इसके बाद बंधक बनाए गए आरक्षक को छोड़ा गया...इस पूरे मामले में पुलिस ने बाबूलाल पोया, फूलकेशा और बनवारी समेत अन्य ग्रामीणों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है... पुलिस अब आरोपियों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है...लेकिन मदननगर में पुलिस टीम पर हमले का यह पहला मामला नहीं है...करीब तीन महीने पहले भी आरोपियों की तलाश में पहुंची पुलिस टीम के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी... उस मामले में भी गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किए गए थे...दरअसल, इस पूरे विवाद की जड़ मदननगर में प्रस्तावित कोयला खदान का सीमांकन है... सीमांकन के लिए राजस्व और पुलिस की टीमें कई बार गांव पहुंचीं, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी... विवाद इस कदर बढ़ा कि कभी राजस्व अधिकारियों को बंधक बनाने, तो कभी पुलिस टीम पर पथराव और वाहनों को नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आए...पुलिस के मुताबिक, इन घटनाओं से जुड़े करीब सात अपराध दर्ज हैं, जिनमें 150 से 200 ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई की गई है...मदननगर में सवाल अब सिर्फ एक पुलिस टीम पर कथित हमले का नहीं है... सवाल उस स्थिति का भी है, जहां फरार आरोपियों को पकड़ने पहुंची पुलिस को ही पीछे हटना पड़ा और उसका एक जवान ग्रामीणों के कब्जे में पहुंच गया..आखिर कोयला खदान के सीमांकन को लेकर जारी विवाद का समाधान क्यों नहीं निकल पा रहा है..क्यों बार-बार पुलिस और प्रशासन की टीमों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है..और कब तक यह विवाद कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना रहेगा..फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है...लेकिन मदननगर की यह घटना एक बार फिर बता रही है कि पुराने विवाद का समाधान नहीं निकलने पर टकराव किस तरह गंभीर रूप ले सकता है...0
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NDA विधायक दल की बैठक से MLC चुनाव की रणनीति तय, नेताओं पर नजर
Patna, Bihar:पटना ब्रेकिंग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने NDA विधायक दल की बैठक बुलाई। विधायक, मंत्री, विधान परिषद सदस्य की पहुंचने की सिलशिला शुरू। सभी की निगाहें उपेंद्र कुशवाहा के तीन विधायक आलोक सिंह, रामेश्वर महतो, माधो आनंद और जेडीयू विधायक अनंत सिंह पर टिकी है। NDA के ये चारों विधायक MLC के चुनाव NDA के उमीदवार के खिआफ में लगातार बयान दे रहे हैं। ये बैठक बिहार में हो रहे 8 सीटों पर MLC के चुनाव को लेकर रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई है। इंडिया के नाराज विधायक को मनाने की इसमें होगी प्रयास।0
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SIR प्रक्रिया में नाम छूटे मतदाताओं के लिए अभियान पर अनुप्रिया पटेल ने स्वागत किया
Noida, Uttar Pradesh:आत्मजापटना जेडीयू प्रदेश प्रवक्ता अनुप्रिया ने SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में छूटे नामों को जोड़ने के लिए चुनाव आयोग की ओर से विशेष अभियान चलाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम किसी कारणवश सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे इस अभियान के तहत अपना नाम जुड़वा लें। विपक्ष पर निशाना साधते हुए अनुप्रिया ने कहा कि बिहार में SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष बेवजह विवाद कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि न्यायालय में भी विपक्ष अपने आरोपों को साबित नहीं कर पाया।0
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नाबालिग से अवैध संबंध के आरोप: सोनभद्र में युवक गिरफ्तार, पॉक्सो केस दर्ज
Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में नाबालिग पीड़िता की फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर अवैध संबंध बनाने के आरोप में पुलिस ने युवक विकास गुप्ता को गिरफ्तार किया है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने मामले की कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार आरोपी टीचर्स कॉलोनी, अम्बेडकर नगर निवासी है और उसने बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के इस मामले में पुलिस ने सभी कानूनी धाराओं के अनुसार कार्रवाई की।0
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UP में EVM की FLC 12 अक्टूबर से, सीसीटीवी निगरानी में चुनाव निष्पक्ष
Naugarh, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपন্ন कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। इसी क्रम में आज जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने प्रेस कॉन्फ्रेंس कर ईवीएम (EVM) की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की। जिलाधिकारी ने बताया कि ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग यानी FLC की प्रक्रिया 12 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है। चुनाव को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए यह पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की सख्त निगरानी में होगी। इस दौरान निर्वाचन आयोग के ऑब्जर्वर, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और चुनाव कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर मौजूद रहेंगे। तैयारी के ब्योरे देते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कुल 135% मशीनों की FLC की जाएगी। इसके साथ ही, मशीनों की विश्वसनीयता जांचने के लिए 5% मशीनों पर रैंडम मॉक पोल भी कराया जाएगा, जिसकी सीधी निगरानी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा की जाएगी। FLC की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सभी तैयार ईवीएम को कड़ी सुरक्षा बलों और 24/7 सर्विलांस के बीच स्ट्रांग रूम में सुरक्षित सील कर दिया जाएगा।0
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कांग्रेस के कुलदीप शर्मा का दावा: राहुल गांधी की लोकतंत्र रक्षा आंदोलन तेज होगा
Chandigarh, Chandigarh:कांग्रेस नेता एवं पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा की प्रेस कॉन्फ्रेंस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी की लोकतंत्र को बचाने की संविधान के संरक्षण की आवाज पूरे देश मे गूंज रही है देश का नागरिक सोचने को मजबूर है 14 नॉटिंग्स प्रूफ सीईसी के खिलाफ है जब जनता की आवाज को राहुल और प्रियंका आगे बढ़ते है तो भाजपा उन्हें रोकती है-- कुलदीप शर्मा लोकतंत्र में हर इंसान को अधिकार है अपनी आवाज उठाने का भाजपा उसे कुचलने की कोशिश कर रही है यह आंदोलन आगे बढ़ेगा जारी रहेगा और कांग्रेस ने नया प्रोग्राम भी जारी किया है -- कुलदीप शर्मा वोट के अधिकार पर चोट संविधान की हत्या है-- कुलदीप शर्मा कुलदीप शर्मा बोले राहुल गांधी को शहजादे जो कहते है उन्हें पता हो वह शहीद इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का खून उनकी रगों में है वह शहज़ादे नही शहीदजादे है राहुल गांधी की जान को खतरा है हम उनकी रक्षा करेंगे -- कुलदीप शर्मा कुलदीप शर्मा ने कहा मैंने कल इंटरव्यू देखा भूपेंद्र सिंह हुड्डा देखा जिसमें मुझे मेरी दुआओं का असर दिखाई दिया मैंने जो चिठी लिखी थी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने को लेकर उसको भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्वीकारा है कांग्रेस जाति के आधार पर सीएम चेहरा नही चुनती कुलदीप शर्मा ने कहा जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी साझेदारी बैकवर्ड क्लासेज को मैसिव रीप्रसजेंटेशन कांग्रेस में देनी होगी भाजपा से अगर जीत हासिल करनी है तो इन वर्गों को आगे लाना होगा-- कुलदीप शर्मा ओबीसी समाज का कांग्रेस का एक बड़ा सम्मेलन बहुत दिनों बाद हरियाणा में हुआ कांग्रेस नेता जब राज्यपाल से मिलने गए तो ओबीसी समाज के लोगो की संख्या उसमे ज्यादा होनी चाहिए थी -- कुलदीप शर्मा रामनिवास घोड़ेला को भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया जाना चाहिए था ओबीसी समाज के नेता है-- कुलदीप शर्मा भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस के सीएम के चहेरे का फैसला हाई कमान करता है मेरे पत्र की जीत है-- कुलदीप शर्मा कुलदीप शक ने कहा मैं भी यही मांग कर रहा था बेहतर यह होता हुड्डा कह देते ओबीसी, बीसी, एससी से भी सीएम हो सकता है-- कुलदीप शर्मा 2024 के इलेक्शन में 17 टिकट ओबीसी समाज को देनी चाहिए थी यह संमेलन में चर्चा में बात आई थी-- कुलदीप शर्मा पंजाबी समाज भी कांग्रेस से विमुख हुआ है - कुलदीप शर्मा वैश्य समाज का भी कांग्रेस में बड़ा योगदान था उन्हें भी वापिस जोड़ना होगा-- कुलदीप शर्मा गुज्जर समाज, रोड़ , राजपूत समाज अपना अपना योगदान चुनाव में होता है उन सब समाजों के भी सम्मेलन करने की जरूरत-- कुलदीप शर्मा मैं भूपेंद्र सिंह हुड्डा का धन्यावाद करना चाहता हूं उन्होंने मेरे पत्र और जमीनी हकीकत को देखते हुए कहा कि सीएम किसी भी समाज से भी हो सकता है भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बीजेपी का एजेंट कहे जाने के अभय चौटाला के बयान पर कुलदीप शर्मा ने दिया जवाब भूपेंद्र सिंह हुड्डा के परिवार ने 1968 में एक गलती की थी हुड्डा के परिवार ने 1968 में इंदिरा कांग्रेस को छोड़कर रेड्डी कांग्रेस ज्वाइन की थी यह उनके परिवार की बड़ी गलती थी कुलदीप शर्मा बोले भूपेंद्र सिंह हुड्डा बड़े नेता है उन्हें और उनके परिवारों को भी करनाल और अन्य जगहों से भी चुनाव लड़ना चाहिए पूर्व सीएम स्वर्गीय भजनलाल और उनके परिवार ने हरियाणा के लगभग 12 जिलों से चुनाव लड़े थे उनके परिवार ने चुनाव लड़े थे इसी तरह हुड्डा परिवार को भी अलग-अलग जगह से चुनाव लड़ना चाहिए इससे पार्टी मजबूत होगी0
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महिलाओं ने अनुदान से गांव में पहली बार दुर्गा पूजा का आयोजन किया
Chinsurah, West Bengal:সরকার ভাতা দিচ্ছে সেই টাকায় অনুদান দিয়ে দুর্গা পুজো মহিলাদের।প্রথমবার পুজোকে ঘিরে সাজো সাজো রব। হারিট গ্রাম পঞ্চায়েতের দক্ষিণপাড়ায় মহিলাদের অন্নপূর্ণার টাকায় প্রথমবার হচ্ছে দুর্গাপূজা। হুগলির পোলবা-দাদপুর ব্লকের হারিট গ্রাম পঞ্চায়েতের দক্ষিণপাড়ার মহিলারা অন্নপূর্ণা প্রকল্পের প্রাপ্ত অর্থ দিয়ে দুর্গাপুজোর আয়োজন করার সিদ্ধান্ত নিয়েছেন। দক্ষিণপাড়া অন্নপূর্ণা দুর্গাপুজো কমিটির সভাপতি সন্ধ্যা আইচ জানান, গ্রামের প্রায় ৩০০ জন মহিলা একত্রিত হয়ে এই দুর্গাপুজোর আয়োজনের সিদ্ধান্ত নিয়েছেন। তিনি বলেন, “মাতৃশক্তি যেখানে রয়েছে, সেখানে কোনও কাজই অসম্ভব নয়। প্রতিমা আনা থেকে শুরু করে বিসর্জন পর্যন্ত পুজোর সমস্ত দায়িত্ব আমরা নিজেরাই পালন করব।” একই সঙ্গে প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদি, মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী এবং স্থানীয় বিধায়ক স্বরাজ ঘোষের প্রতি কৃতজ্ঞতা জানান তিনি। দক্ষিণপাড়ায় দুর্গাপুজোর খুঁটি পুজো হয়। উপস্থিত ছিলেন স্থানীয় বিধায়ক স্বরাজ ঘোষ। তিনি বলেন, গ্রামের মহিলারা নিজেদের প্রাপ্য অর্থ দিয়ে গ্রামে দুর্গাপুজোর আয়োজন করার যে উদ্যোগ নিয়েছেন, তিনি তার অনুভূতিকে সম্মান করেন। এই পুজোর আয়োজনে তিনি তাঁদের পাশে থাকার এবং সবরকম সহযোগিতা করার আশ্বাস দেন ,মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী ভার্চুয়ালি এই পুজোর উদ্বোধন করবেন। সেই আশ্বাসও দেন বিধায়ক স্বরাজ ঘোষ।খুঁটি পুজো উপলক্ষে শতাধিক মহিলা উপস্থিত ছিলেন。0
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: OBC आरक्षण 14% पर, 50% सीमा का कड़ाई से पालन
Bhopal, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने OBC आरक्षण को 27% से घटाकर 14% करने का फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने वर्ष 2019 में OBC आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने वाले संशोधन कानून को असंवैधानिक ठहराते हुए निरस्त कर दिया。 कोर्ट ने कहा कि OBC के लिए 14% आरक्षण ही लागू रहेगा और कुल आरक्षण की 50% सीमा का पालन किया जाना आवश्यक है。 फैसले के प्रमुख बिंदु: * वर्ष 2019 में OBC आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने वाला कानून निरस्त。 * OBC को 14% आरक्षण का अधिकार बरकरार。 * 29 सितंबर 2022 तक 27% OBC आरक्षण के आधार पर की गई नियुक्तियां सुरक्षित रहेंगी。 * ऐसे कर्मचारियों/अभ्यर्थियों को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा。 * इन अतिरिक्त नियुक्तियों को आगामी तीन भर्ती चक्रों में समायोजित किया जाएगा。 * 29 सितंबर 2022 के बाद 14% से अधिक OBC आरक्षण के आधार पर की गई नियुक्तियों को अतिरिक्त हिस्से तक अमान्य माना जाएगा。 * शेष 13% पद अनारक्षित (UR) वर्ग से भरे जाएंगे。 * MPPSC एवं कर्मचारी चयन बोर्ड सहित संबंधित भर्ती एजेंसियों को 13% UR पदों को भरने के लिए अधिकतम 3 महीने का समय दिया गया है। * हाईकोर्ट ने कहा कि OBC को 27% आरक्षण देने के लिए Indra Sawhney और Jaishri Laxmanrao Patil के सिद्धांतों के अनुसार कोई असाधारण परिस्थिति स्थापित नहीं हुई。 * फैसला जस्टिस आनंद पाठक एवं जस्टिस विनय सराफ की पीठ ने सुनाया。0
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बिहार के SIR पर राजद-नीतीश पर विपक्ष का आरोप, चुनावी घमासान तेज
Noida, Uttar Pradesh:बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी घमासान तेज है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले पुनरीक्षण पूरा होने के बावजूद दोबारा SIR की जरूरत क्यों पड़ी? शक्ति सिंह यादव ने दावा किया कि इस प्रक्रिया में कई विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे गए और एक खास वर्ग व धर्म के लोगों को निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से मतदाता सूची में शामिल और मतदान कर चुके लोगों के नाम राजनीतिक मंशा से हटाए गए, ताकि विपक्ष समर्थक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल न कर सकें।0
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यूपी विधानसभा 2027: बूथ-स्तर पर CCTV, 1200 मतदाता और EVM तस्वीर से पहचान
Lucknow, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां अब रफ्तार पकड़ने लगी हैं। सियासी दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं, तो चुनाव आयोग भी मतदान की व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगा है। इस बार फोकस सिर्फ चुनाव कराने पर नहीं, बल्कि मतदान केंद्रों पर भीड़ कम करने, मतदाताओं को सहूलियत देने और चुनावी प्रक्रिया की निगरानी मजबूत करने पर है। एक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाताओं का मानक, प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर CCTV लगाने की तैयारी, EVM पर उम्मीदवारों की तस्वीर और मतदाताओं के लिए नई सुविधाएं। आखिर इन व्यवस्थाओं से यूपी के चुनाव में क्या बदलेगा? देखिए ये खास रिपोर्ट。 वी ओ— बूथों की संख्या बढ़ेगी, कतारों से मिलेगी राहत? यूपी में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी पहले सेचल रही है। 1500 मतदाताओं की पुरानी सीमा के मुकाबले अब अधिकतम 1200 मतदाताओं का मानक अपनाया जा रहा है। इस बदलाव का सीधा मकसद है मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का दबाव कम करना। ज्यादा मतदाता होने पर लंबी कतारें लगती हैं और मतदान में समय भी अधिक लगता है। ऐसे में बूथों का पुनर्गठन मतदाताओं को राहत दे सकता है。 दिसंबर 2025 की एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 1 लाख 77 हजार 516 हो गई थी। यानी चुनावी तैयारियों में बूथ प्रबंधन एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है。 वी ओ— अब कैमरे की नजर में होगा हर बूथ चुनाव के दौरान निगरानी व्यवस्था को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। 9 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यूपी के करीब 1 लाख 77 हजार मतदान केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाने की तैयारी है。 अब तक करीब 50 प्रतिशत बूथों पर कैमरे लगाने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया था। नई तैयारी का उद्देश्य सभी मतदान केंद्रों तक निगरानी का दायरा बढ़ाना है。 इसका मतलब है कि मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने और किसी शिकायत की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर है। हालांकि, कैमरों की लाइव निगरानी, रिकॉर्डिंग और फुटेज तक पहुंच की विस्तृत प्रक्रिया आधिकारिक निर्देशों से स्पष्ट होगी。 वी ओ— EVM पर उम्मीदवारों की तस्वीर से पहचान आसान मतदान के दौरान उम्मीदवारों की पहचान को आसान बनाने के लिए EVM की बैलेट यूनिट पर उम्मीदवार का नाम, चुनाव चिह्न और निर्धारित प्रारूप में तस्वीर अहम भूमिका निभाते हैं。 इस व्यवस्था का मकसद मतदाता को सही उम्मीदवार की पहचान करने में मदद देना है। खासकर एक जैसे नाम वाले उम्मीदवारों की स्थिति में तस्वीर उपयोगी हो सकती है。 लेकिन तस्वीर का उद्देश्य पहचान आसान बनाना है। इसे EVM की तकनीक में किसी नए बदलाव के रूप में पेश करना सही नहीं होगा, जब तक आयोग के निर्देश ऐसा स्पष्ट न करें。 वी ओ— वोटर स्लिप से लेकर मोबाइल जमा करने तक आपके सामने आए दस्तावेज में मतदाता सूचना पर्ची पर सीरियल नंबर और पार्ट नंबर दर्ज करने, मतदान केंद्र पर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा और मतदाताओं की सहूलियत से जुड़े दूसरे बिंदुओं का भी उल्लेख है。 इन व्यवस्थाओं का मकसद मतदान केंद्र पर पहुंचने वाले मतदाताओं को अपनी जानकारी खोजने और मतदान की प्रक्रिया पूरी करने में मदद देना है。 हालांकि, मोबाइल जमा करने की व्यवस्था किस तरह लागू होगी, इसके लिए काउंटर कहां बनेंगे और फोन की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी—इन सवालों पर आधिकारिक दिशा-निर्देशों की पुष्टि जरूरी है。 वी ओ— उम्मीदवारों के बूथ पर भी नियमों का पालन दस्तावेज में मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी पर उम्मीदवारों के बूथ बनाए जाने की व्यवस्था का भी जिक्र है。 चुनाव के दौरान मतदान केंद्र के आसपास व्यवस्था बनाए रखना, मतदाताओं की आवाजाही को सुगम बनाना और चुनावी नियमों का पालन कराना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है。 ऐसे में उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के बूथों को लेकर लागू दूरी, अनुमति और दूसरी शर्तों की माहिती आधिकारिक आदेश से स्पष्ट करना जरूरी होगा。 वी ओ — युवा मतदाताओं को जोड़ने पर भी जोर चुनाव की तैयारियों में सिर्फ बूथ और कैमरे ही नहीं, बल्कि मतदाता जागरूकता भी अहम है। दस्तावेज में युवा मतदाताओं के बीच लोकतांत्रिक मूल्य, जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने के लिए ELCS को मजबूत करने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य युवाओं को मतदान, मतदाता पंजीकरण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के महत्व से परिचित कराना है。0
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किसान संगठन की चेतावनी: झोने में फसल पर कोई कटौती नहीं, पूर्ण मूल्य दिलाने का आदेश
Kapurthala, Punjab:ਕਪੂਰਥਲਾ : ਝੋਨੇ ’ਤੇ ਕੱਟ ਲਗਾਏ ਤਾਂ ਬਿਲਕੁਲ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕਰਾਂਗੇ, ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਲੁੱਟ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਵਿੱਢਾਂਗੇ ਤਿੱਖਾ ਸੰਘਰਸ਼: ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸਰਵਨ ਸਿੰਘ ਬਾਊਪੁਰ ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਦੀ ਸਖ਼ਤ ਚੇਤਾਵਨੀ, ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦਾ ਪੂਰਾ ਮੁੱਲ ਦਿਵਾਉਣਾ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਏ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਕਪੂਰਥਲਾ: ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਦੌਰਾਨ ਜੇਕਰ ਦਾਣਾ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ’ਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਗੈਰ-ਵਾਜਬ ਕੱਟ ਲਗਾਏ ਗਏ ਤਾਂ ਇਸ ਨੂੰ ਬਿਲਕੁਲ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਮਿਹਨਤ ਦੀ ਕਮਾਈ ’ਤੇ ਡਾਕਾ ਮਾਰਨ ਦੀ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਵੀ ਇਜਾਜ਼ਤ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਇਹ ਸਖ਼ਤ ਚੇਤਾਵਨੀ ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸਰਵਨ ਸਿੰਘ ਬਾਊਪੁਰ ਨੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਲੁੱਟ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕੀਮਤ ’ਤੇ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗੀ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਅਜਿਹਾ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਤਾਂ ਜਥੇਬੰਦੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਮੈਦਾਨ ਵਿੱਚ ਉਤਰੇਗੀ。 ਸਰਵਨ ਸਿੰਘ ਬਾਊਪੁਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨ ਦਿਨ-ਰਾਤ ਸਖ਼ਤ ਮਿਹਨਤ ਕਰਕੇ ਆਪਣੀ ਫ਼ਸਲ ਤਿਆਰ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਮਹਿੰਗੇ ਬੀਜਾਂ, ਖਾਦਾਂ, ਕੀਟਨਾਸ਼ਕਾਂ, ਡੀਜ਼ਲ ਅਤੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦੇ ਵਧਦੇ ਖਰਚਿਆਂ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਕਿਸਾਨ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਅੰਨ ਭੰਡਾਰ ਭਰਨ ਵਿੱਚ ਆਪਣਾ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਂਦੇ ਹਨ। ਪਰ ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਸਮੇਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ’ਤੇ ਗੈਰ-ਵਾਜਬ ਕੱਟ ਲਗਾ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਰਥਿਕ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਹ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਸਰਾਸਰ ਬੇਇਨਸਾਫ਼ੀ ਹੋਵੇਗੀ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਪੱਸ਼ਟ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦਾਣਾ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਖਰੀਦ ਨਿਰਧਾਰਤ ਨਿਯਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਕਿਸੇ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਬੇਵਜ੍ਹਾ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਕਰਨਾ ਜਾਂ ਉਸ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਬਣਦੀ ਕੀਮਤ ਵਿੱਚ ਕਟੌਤੀ ਕਰਨਾ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਫ਼ਸਲ ਸਬੰਧੀ ਨਿਰਧਾਰਤ ਮਾਪਦੰਡਾਂ ਦਾ ਮਸਲਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਨਿਯਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਪਾਰਦਰਸ਼ੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਹੱਲ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ, ਪਰ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਨਾਲ ਖਿਲਵਾੜ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ。 **ਸੈਲਰ ਮਾਲਕਾਂ ਅਤੇ ਆੜ੍ਹਤੀਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਸਖ਼ਤ ਸੁਨੇਹਾ** ਕਿਸਾਨ ਆਗੂ ਨੇ ਸੈਲਰ ਮਾਲਕਾਂ ਅਤੇ ਆੜ੍ਹਤੀਆਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਦੌਰਾਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ’ਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਗੈਰ-ਵਾਜਬ ਕੱਟ ਨਾ ਲਗਾਏ ਜਾਣ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਫਸਲ ਦਾ ਪੂਰਾ ਬਣਦਾ ਮੁੱਲ ਮਿਲਣਾ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਮਿਹਨਤ ਦਾ ਸਤਿਕਾਰ ਕਰਨਾ ਸਾਰਿਆਂ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਅਜੀਹੀ ਕੋਈ ਕਾਰਵਾਈ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਆਰਥਿਕ ਨੁਕਸਾਨ ਝੱਲਣਾ ਪਵੇ。 **ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਸੁਚੇਤ ਹੋਵੇ, ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਹੋਵੇਗਾ ਤਿੱਖਾ ਸੰਘਰਸ਼** ਸਰਵਨ ਸਿੰਘ ਬਾਊਪੁਰ ਨੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੂੰ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦਾਣਾ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ’ਤੇ ਨਿਗਰਾਨੀ ਰੱਖੀ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਦਾ ਤੁਰੰਤ ਨਿਪਟਾਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ’ਤੇ ਗੈਰ-ਵਾਜਬ ਕੱਟ ਲਗਾਉਣ ਜਾਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਲੁੱਟ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਈ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਤਾਂ ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਪੰਜਾਬ ਇਸ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕੀਮਤ ’ਤੇ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕਰੇਗੀ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੋ-ਟੁੱਕ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਲੁੱਟ ਬੰਦ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਕੱਟ ਲਗਾਏ ਗਏ ਤਾਂ ਜਥੇਬੰਦੀ ਚੁੱਪ ਨਹੀਂ ਬੈਠੇਗੀ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਲੋੜ ਪੈਣ ’ਤੇ ਤਿੱਖਾ ਸੰਘਰਸ਼ ਵਿੱਢਿਆ ਜਾਵੇਗਾ, ਜਿਸ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਸਬੰਧਤ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਧਿਰਾਂ ਦੀ ਹੋਵੇਗੀ。0
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रुद्रप्रयाग में भूकंप अलर्ट से आपदा प्रबंधन की तैयारी परखने की पहल
Rampur, Uttar Pradesh:स्थान : रुद्रप्रयाग, 9 अक्टूबर भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए आज सुबह 11 बजे मोबाइल फोन पर सायरन बजाकर लोगों को जागरूक किया गया। इस पहल के तहत हर महीने की 9 तारीख को अलर्ट जारी कर आपदा प्रबंधन की तैयारियों, टीमों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया की जांच की जाएगी। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए समय रहते सतर्कता और बेहतर तैयारी बेहद जरूरी है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि भूकंप और उससे जुड़ी संभावित आपदाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही सरकारी तंत्र की तैयारियों को परखना इस पहल का उद्देश्य है। हर महीने की 9 तारीख को होने वाली इस प्रक्रिया से आपदा प्रबंधन टीमों की सतर्कता और राहत-बचाव कार्यों में प्रतिक्रिया के समय का आकलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम और चारधाम यात्रा की दृष्टि से रुद्रप्रयाग संवेदनशील जनपद है। पूर्व में आई आपदाओं से सीख लेते हुए अलर्ट जारी करने और समय रहते सूचना पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों, यात्रियों और संबंधित विभागों को संभावित खतरे के प्रति पहले से सतर्क करने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन में जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संबंधित टीमों को तैयार रहना होगा。0
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