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SUNIL Kumar SinghSUNIL Kumar SinghFollow4 Oct 2024, 01:53 pm
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सोलन जिला परिषद की पहली बैठक: जर्जर सड़कों पर बड़ा संदेश, अधिकारी अनुपस्थिति पर कड़ा निर्देश

Solan, Himachal Pradesh:सोलन जिला परिषद की पहली बैठक में अधिकारियों को चेतावनी, जर्जर सड़कों का मुद्दा छाया जिला परिषद सोलन की प्रथम त्रैमासिक बैठक सोमवार को आयोजित हुई, जिसमें जिले से जुड़े विभिन्न विकासात्मक एवं जनहित के मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद जिला परिषद अध्यक्ष शीला कुमारी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि नव निर्वाचित सदस्यों की पहली बैठक होने के कारण लगभग 30 से 40 मदों पर ही चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि अधिकांश अधिकारी पूरी तैयारी के साथ बैठक में पहुंचे और कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नालागढ़ दौरे के कारण कुछ विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित नहीं हो सके। उनके स्थान पर जेई और एसडीओ स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। इस पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में बिना किसी वैध कारण के कोई भी अधिकारी त्रैमासिक बैठकों से अनुपस्थित न रहे। ऐसा होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी。 बैठक में जिले की जर्जर सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। अध्यक्ष शीला कुमारी ने कहा कि सुबाथू रोड सहित जिले के कई क्षेत्रों की सड़कें बदहाल स्थिति में हैं। कसौली के सदस्य नेत्र सिंह ने भी अपने क्षेत्र की सड़कों की खराब हालत का मामला उठाया, जबकि ममलीग और अर्की क्षेत्र की सड़कें भी चिंता का विषय रहीं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने बजट की कमी का हवाला दिया, लेकिन जनता को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिला परिषद ने सड़क सुधार कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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संसदीय समिति ने Meta, X, Snapchat और Google को तलब किया; प्राइवेसी पर चर्चा

Noida, Uttar Pradesh:सोशल मीडिया कंपनियों को संसदीय समिति का समन संसदीय समिति ने Meta, X, Snapchat और Google को तलब किया है。 संसद की आईटी और कम्युनिकेशन समिति की बैठक आज शाम 4 बजे होगी。 बैठक में मुख्य रूप से आम लोगों की प्राइवेसी और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चर्चा होगी。 समिति सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से दो बिंदुओं पर मुख्य रूप से जानकारी मांगेगी。 महिला और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा रही है? किसानों, ग्रामीणों, मजदूरों और आम नागरिकों के डेटा की गोपनीयता कैसे सुरक्षित रहेगी? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सरकार के पब्लिक ऑर्डर और कानून-व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन कैसे कर रहे है
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तेजस्वी यादव सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर में पूजा अर्चना, सावन विशेष आस्था

Hajipur, Bihar:सोनपुर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव।ऐतिहासिक हरिहरनाथ मंदिर में की पूजा अर्चना। सावन की पहली सोमवारी को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोनपुर पहुंचे जहां उन्होंने ऐतिहासिक बाबा हरिहरनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की।इस दौरान मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने बांकीपुर उपचुनाव के रिजल्ट पर कोई टिप्पणी नहीं कि और कहा कि चुनाव आते जाते रहते है उसपर क्या टिप्पणी करना।वहीं उन्होंने बताया कि बाबा हरिहरनाथ से उनके परिवार का खासा लगाव रहा है खासकर उनके पिता लालू प्रसाद यादव का इस मंदिर में बड़ी आस्था रही है और वह हमेशा यहाँ पूजा अर्चना करने आते रहे है।उन्होंने बताया कि यह उनका क्षेत्र रहा है और यहाँ के लिए उन्होंने बहुत काम भी किया है।वहीं तेजस्वी यादव ने सावन महीने में कांवड़ियों को हर सम्भव मदद करने की अपील अपने कार्यकर्ताओं से की और कहा कि इस पवित्र महीने में लोग भक्तों का विशेष ध्यान रखे ताकि उन्हें कोई तकलीफ ना हो।तेजस्वी यादव ने कहा कि सावन में उन्होंने बाबा से गरीबो के कल्याण और देश मे चल रही समस्याओं के निराकरण की मन्नत मांगी है, बाइट-तेजस्वी यादव,नेता प्रतिपक्ष
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SDM की बैठक के बाद 5 अगस्त को सुनवाई, रिपोर्ट सार्वजनिक होने की संभावना

Hisar, Haryana: हिसार के नागोरी गेट आर्य समाज में जारी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर आज एसडीएम ने शिकायतकर्ताओं और आर्य समाज प्रतिनिधियों की घंटों लंबी संयुक्त बैठक लेकर रिकॉर्ड्स की गहन जांच की, जिसके बाद उन्होंने अगली सुनवाई 5 अगस्त को तय करते हुए स्पष्ट किया कि जांच पूरी होते ही रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। उधर, प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी रामरतन को सी ए वी स्कूल के ऑडिट के निर्देश दिए हैं, वहीं आर्य समाज नागोरी गेट के पदाधिकारियों ने फिलहाल मीडिया से बात करने से इंकार किया है। दूसरी ओर, संस्था के कोषाध्यक्ष बलराज मलिक ने प्रबंधन पर बैठक के प्रस्ताव बाद में लिखने और हस्ताक्षर पहले कराने का गंभीर आरोप लगाते हुए खुद आरटीआई लगाने का खुलासा किया है। पिछले कई दिनों से चल रहे इस हाई-प्रोफाइल विवाद में आज की बैठक के बाद फैसला एक बार फिर टल गया है और प्रशासनिक ऑडिट व रिकॉर्ड्स की जांच के बाद अब सभी की निगाहें 5 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस पूरे मामले में बड़ा फैसला सामने आ सकता है। बाइट - ज्योति मित्तल एसडीएम हिसार बाइट राधेश्याम आर्य शिकायतकर्ता बाइट बलराज मलिक शिकायतकर्ता
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झज्जर के नागरिक अस्पताल में व्यवस्थाओं के मुद्दे पर वत्स की धरना-चेतावनी

Jhajjar, Haryana:झज्जर नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने पहुंचे कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स। नागरिक अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं पर उठाए सवाल। कहा: निष्क्रियता और लापरवाही की वजह से नहीं हो रहा मरीजों का सही ढंग से इलाज। व्यवस्था और हालात न सुधरने पर दी धरने की चेतावनी। बृजभूषण पर आए फैसले को लेकर बयान देने से किया इनकार। कहा: यह अदालत के अधिकार क्षेत्र का मामला वह इस पर नहीं करेंगे कोई टिप्पणी। कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत के बयान पर भी तीखी टिप्पणी। कहा: मैडम देश Gen Z से चलता है।
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जींद-पटियाला हाईवे पर तीन वाहनों की टक्कर, बड़ा हादसा टला

Jhanj Kalan, Haryana:जींद-पटियाला नेशनल हाईवे पर सिरसा ब्रांच नहर पुल के पास सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। यहां सड़क किनारे खड़ी एक अल्ट्रोज कार में पीछे से आ रही स्विफ्ट कार टकरा गई। इसी दौरान स्विफ्ट के पीछे चल रही हरियाणा रोडवेज की बस भी समय पर ब्रेक नहीं लगा सकी और स्विफ्ट कार से जा भिड़ी। हादसा सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे हुआ। रोडवेज बस (नंबर HR-56 GV-3222) जींद से टोहाना की ओर जा रही थी। लगातार हुई तीन वाहनों की टक्कर से हाईवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई। दुर्घटना में केवल तीनों वाहनों को नुकसान पहुंचा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारु कराया। हादसे के बाद कुछ समय तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।
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यवतमाळ में बेंबळा डैम के दरवाजे खुलने से किसानों को जलप्रलय का बड़ा नुकसान

Yavatmal, Maharashtra:यवतमाळच्या बाभुळगाव तालुक्यातील बेंबळा धरणाचे वीस दरवाजे एकाच वेळी उघडल्यानंतर परिसरातील अनेक गावांमध्ये जलप्रलय झाला, हजारो हेक्टर शेती खरडून गेली त्यामुळे संतप्त ग्रामस्थांनी या परिसराची पाहणी करण्यास आलेले स्थानिक आमदार तथा आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके यांच्यासमोर रोष व्यक्त केला. झी 24 तास ने याबाबत वृत्त प्रसारित केले, त्यानंतर मंत्री अशोक उईके यांनी पुलावरून नदीची पाहणी केली, यावेळी ग्रामस्थांनी कुठलीही पूर्व सूचना न देता धरणाचे दरवाजे उघडल्याबद्दל प्रकल्पाचे अधिकारी व प्रशासनावर संताप व्यक्त केला. वीरखेड, वाटखेड, हस्तापूर येथील खरडून गेलेल्या शेतात, आता पिकां ऐवजी खडक दगड व रेती जमा झाल्याचे विदारक दृश्य मंत्र्यांना बघायला मिळाले. उध्वस्त झालेले शेत शिवार पुन्हा तयार करण्यासाठी मोठा कालावधी लागणार आहे, मोठा खर्च देखील येईल. शिवाय शेतीचे साहित्य, कुंपण, सौर ऊर्जा पॅनल, ठिबक सिंचन साहित्याचे पूर्णतः नुकसान झाले आहे. तसेच विजेचे पोल पूर्णतः उखडले आहे. ही सर्व भयानक परिस्थिती पाहता ताबडतोब मुख्यमंत्र्यांना भेटून शेतकऱ्यांना भरीव मदत मिळावी यासाठी प्रयत्न करणार असल्याचे मंत्री अशोक उईक यांनी सांगितले.
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कपकोट केस: विधायक सुरेश गढ़िया पर चरित्रहनन के आरोप गहराए

Bageshwar, Uttarakhand:कपकोट में सोशल मीडिया पर कथित चरित्रहनन का मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। एक ओर एक महिला ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2024 से विधायक सुरेश गढ़िया से जुड़े कथित अश्लील वीडियो स्क्रीनशॉट में उसका नाम जोड़कर उसे बदनाम किया जा रहा है, वहीं अब विधायक सुरेश गढ़िया ने भी इस पूरे प्रकरण पर खुद को पीड़ित बताया है。 इधर महिला का आरोप है कि हाल ही में सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने विधायक और उसे लेकर फिर आपत्तिजनक पोस्ट साझा की तथा तीन करोड़ रुपये लेकर मामला निपटाने का दावा किया। शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला ने निष्पक्ष जांच, पूरे मामले के खुलासे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि न्याय नहीं मिलने पर वह परिवार सहित आत्मदाह करेगी, जिसकी जिम्मेदारी विधायक और पुलिस प्रशासन की होगी। महिला का यह भी कहना है कि वह कई बार विधायक से सार्वजनिक रूप से इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह कर चुकी है. इधर, विधायक सुरेश गढ़िया ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि वह स्वयं इस पूरे मामले के पीड़ित हैं। उनका आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी छवि खराब करने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी पुलिस को शिकायतें दी थीं, लेकिन समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शुरुआत में ही सख्ती दिखाई जाती तो मामला इतना नहीं बढ़ता। विधायक ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल अब विपक्ष भी इस पर हमलावर हो गया है.
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Sant Kabir Nagar के मंदिरों से मूर्तियाँ तोड़ने के बाद पुलिस जांच तेज

Uska Khurd, Uttar Pradesh:Sant Kabir Nagar में अराजक तत्त्वों द्वारा धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के दो मन्दिरों से शिवलिंग और माता पार्वती की मूर्ति उखाड़ कर पोखरे में फेंक देने और हनुमान जी की मूर्ति को खंडित कर देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. सोमवार की सुबह जब लोग धर्मसिंहवा कस्बे के पश्चिम मनसा पोखरे पर स्थित शिवालय में जलाभिषेक के लिए पहुंचे तो मंदिर में स्थापित शिव और पार्वती की मूर्ति गायब थी. पुलिस ने पोखरे में सर्च कराया तो मूर्ति पोखरे में मिली. घटना को लेकर स्थानीय लोगों और हिन्दू संगठनों ने रोष जताया है और अराजक तत्त्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. क्षेत्र में मूर्ति तोड़ कर फेंकने की पहली घटना धर्म सिंहवा नगर पंचायत की है जहाँ मंदिर में स्थापित शिव लिंग और माता पार्वती की प्रतिमा को बीती रात अराजक तत्त्वों ने तोड़ कर तालाब में फेंक दिया, जबकि मूर्ति तोड़ने की दूसरी वारदात हरैया गांव के सिवान में स्थित समय मंदिर में हुई जहाँ अराजक तत्त्वों ने मंदिर में स्थापित हनुमान जी की मूर्ति को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया. पुलिस केस दर्ज कर जांच पड़ताल कर रही है ताकि अराजक तत्त्वों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जा सके. एएसपी सुशील कुमार सिंह ने घटना की जानकारी ली और मंदिर में मूर्ति को دوبारा स्थापित करवाया. CCTV फुटेज से आरोपी की तलाश की जा रही है. सनातन धर्म प्रचार समिति धर्मसिंहवा के अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी और विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों ने अराजक तत्त्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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अमरजीत भगत के बयान: बिहार- MP उपचुनाव में भाजपा की नाराजगी, राम मंदिर दान घोटाला

Kusu, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ से सटे राज्य बिहार और मध्य प्रदेश में हुए उपचुनाव को लेकर बीजेपी की हार को लेकर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को लेकर अब लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। जब अयोध्या में राम मंदिर बन रहा था, तब लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था, और दान दिया था। राम मंदिर में हुए चंदा चोरी को लेकर हिंदू धर्म मानने वाले लोगों को काफी ठेस पहुंचा है। भाजपा राम के नाम पर सत्ता पर आई थी। लेकिन उन्हीं के साथ राम के नाम के नाम पर धोखा करके चंदा चोरी किया गया हैं। जिस भगवान राम नाराज़ हैं और जिसका अभिशाप भारतीय जनता पार्टी को मिल रहा है। आने वाले समय में विधानसभा चुनाव में भाजपा दूर-दूर तक नजर नहीं आने की बात कही है। जिस तरह से मौजूदा समय के हालात चल रहे हैं।
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कोर्ट के बाहर जमीन विवाद पर भिड़ंत, श्रद्धालु घायल

Dholpur, Rajasthan:बाड़ी। शहर के कोर्ट परिसर के ठीक बाहर जमीन विवाद से जुड़ी तारीख पर आए दो पक्षों में झगड़ा हो गया। इस हमले में लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया गया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। घात लगाकर बैठे एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के आते ही उन पर हमला बोल दिया। इस दौरान मंदिर से दर्शन कर लौट रही कुछ श्रद्धालु महिलाएं भी चोटिल हो गईं। करीब 5 मिनट तक चले इस घटनाक्रम की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। सोने का गुर्जा थाना क्षेत्र के सुखसिंह का पूरा गांव निवासी रामगणेश पुत्र लाजपत गुर्जर ने बताया कि वह अपने परिवार के हरवीर पुत्र हल्लो गुर्जर और सतबीर के साथ बाड़ी तारीख पर आए थे। गांव के निहाल सिंह,औतार, बलदेव,बनवारी,कृष्णा पुत्र निहाल सहित करीब एक दर्जन लोगों ने उन्हें कोर्ट के बाहर पीपल के पेड़ के पास घेर लिया और लाठी-डंडों व सरियों से हमला कर दिया। हमले में हरवीर और रामगणेश चोटिल हुए है। रामगणेश ने बताया कि हमलावरों ने उनकी बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। उनका इन लोगों से खेत की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है,जिसकी आज कोर्ट में तारीख थी। उन्होंने घटना को लेकर पुलिस को रिपोर्ट दी है। घटना को लेकर एएसआई नीरज शर्मा ने बताया कि एक पक्ष द्वारा थाने में रिपोर्ट दी है। पुलिस दूसरे पक्ष के लोगों की तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के बाहर हुए इस झगड़े के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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लिटिल एंजेल्स स्कूल के एन सी सी कैडेट्स ने ‘टीवी मुक्त भारत अभियान’ का किया प्रभावशाली संचालन।

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Gulria M.Khata, Uttar Pradesh:पूरनपुर,,,अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए लिटिल एंजेल्स स्कूल के 48 एन सी सी कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ ‘टीवी मुक्त भारत अभियान’ में सक्रिय सहभागिता निभाई।इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को अत्यधिक टेलीविजन देखने से स्वास्थ्य, शिक्षा तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। कैडेट्स ने बताया कि आवश्यकता से अधिक टीवी देखने से शारीरिक गतिविधियाँ कम हो जाती हैं, आँखों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, पढ़ाई में एकाग्रता घटती है तथा बिजली की अनावश्यक खपत बढ़ने से पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।अभियान के दौरान कैडेट्स ने जागरूकता बढ़ाने के लिए आकर्षक पोस्टर, बैनर एवं प्रभावशाली स्लोगन तैयार किए। उन्होंने “पढ़ें, खेलें और प्रकृति से जुड़ें – टीवी को कहें अलविदा” तथा “कम टीवी, बेहतर जीवन” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की कि वे अपना खाली समय टीवी देखने के बजाय पुस्तकें पढ़ने, आउटडोर खेलों में भाग लेने, अपनी रुचियों एवं रचनात्मक गतिविधियों को विकसित करने तथा परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने में लगाएँ। विद्यालय के निदेशक डॉ. संजीव अग्रवाल, जिन्होंने इस अभियान में एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के रूप में भी सहभागिता की, ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए लंबे समय तक टीवी देखने के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अत्यधिक टीवी देखने से मोटापा, दृष्टि संबंधी समस्याएँ, नींद में बाधा तथा मानसिक तनाव जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने सभी से स्क्रीन टाइम सीमित रखने, नियमित शारीरिक गतिविधियों को अपनाने तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।lएनसीसी सीटीओ सुश्री मोनिका बिष्ट ने पूरे अभियान के दौरान कैडेट्स का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा, “एन सी सी का उद्देश्य केवल अनुशासित नागरिक बनाना ही नहीं, बल्कि समाज की सेवा की भावना विकसित करना भी है। मेरे कैडेट्स ने अनुशासन और समर्पण के साथ यह सिद्ध किया है कि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं।” विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री एन. सी. पाठक ने कैडेट्स एवं विद्यालय के निदेशक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की जन-जागरूकता पहलें न केवल समाज को सकारात्मक संदेश देती हैं, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का भी विकास करती हैं।कार्यक्रम के समापन पर सभी एनसीसी कैडेट्स, शिक्षकगण एवं विद्यालय के कर्मचारियों ने टीवी देखने का समय कम करने तथा स्वस्थ, सक्रिय एवं संतुलित जीवनशैली को अपनाने एवं उसके प्रति समाज को जागरूक करने की सामूहिक शपथ ली।
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SC signal relief in FIRs for protesters

Noida, Uttar Pradesh:छात्र आंदोलन: किसे मिलेगी FIR से राहत, किसे नहीं? SC की सुनवाई आसान भाषा में समझिए जंतर-मंतर और देश के दूसरे हिस्सों में विरोध प्रदर्शन में शामिल ऐसे लोगों के लिए सुप्रीम कोर्ट से राहत की खबर है, जिनके खिलाफ पहले से कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। हालांकि, जिन लोगों के खिलाफ पहले से संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज हैं और जिन्होंने छात्रों के प्रदर्शन की आड़ में हिंसा की है, उन्हें फिलहाल कानूनी राहत मिलने की संभावना नहीं है। राज्य केस बंद या वापस ले सकते हैं-SC सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि दिल्ली समेत उन सभी राज्यों में, जहां विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई, राज्य सरकारें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को बंद कर सकती हैं या मुकदमा वापस लेने की प्रक्रिया अपना सकती हैं। कोर्ट ने साफ किया कि उसका पिछला आदेश राज्यों के लिए बाधा नहीं बनेगा। आपराधिक पृष्ठभूमि का क्या मतलब’! सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसके पिछले आदेश में 'आपराधिक पृष्ठभूमि' से आशय केवल उन लोगों से है, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर धाराओं(रेप मर्डर आदि) के आरोप रहे हैं। इसका मतलब यह है कि केवल राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने या ड्राइविंग में लापरवाही जैसे छोटे मामलों में पहले से FIR दर्ज होने से किसी व्यक्ति को इस केटेगरी में नहीं माना जाएगा। ऐसे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। सरकार अपने वादे पर कायम केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि वह छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को खत्म करने के अपने वादे पर कायम है। हालांकि, कानून के तहत यह किस प्रक्रिया से होगा, इस पर काम किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि आंदोलन के प्रतिनिधि और उनके वकील उसके साथ बैठकर इस पर सहमति बनाएं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कानून में सीधे FIR वापस लेने का प्रावधान नहीं है। इसके बजाय पुलिस क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल कर सकती है, सरकारी वकील अदालत से अभियोजन वापस लेने की अनुमति मांग सकते हैं या अदालत स्वयं FIR को रद्द कर सकती है। गंभीर आपराधिक मामलों वालों को राहत नहीं तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि जिन छात्रों का कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उनके खिलाफ दर्ज मामलों के समाधान के लिए सरकार तैयार है। लेकिन गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को राहत नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि केवल जंतर-मंतर के प्रदर्शन में ही करीब 2,738 ऐसे लोग हैं, जिनके खिलाफ बलात्कार, हत्या जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इस मुद्दे को लगातार जीवित रखना चाहते हैं, इसलिए सरकार को कानूनी प्रक्रिया में सावधानी बरतनी होगी। याचिकाकर्ताओं की दलील और कोर्ट का रुख वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने कहा कि यदि हर छात्र के मामले में अलग-अलग मुकदमा वापस लेने की अर्जी दी जाएगी तो यह प्रक्रिया लंबी, जटिल और समय लेने वाली होगी। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कुछ दिन का समय मांगा और कहा कि सरकार सभी FIR का विवरण अदालत के सामने रखेगी। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि कोर्ट ऐसी कानूनी प्रक्रिया तैयार करने में मदद कर सकती है, जिससे FIR को व्यवस्थित तरीके से समाप्त किया जा सके। 18 अगस्त की सुनवाई अहम अब 18 अगस्त को होने वाली सुनवाई में यह उम्मीद की जा रही है कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को खत्म करने का कोई स्पष्ट रास्ता निकल सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि न तो प्रदर्शनकारियों पर ज्यादती करने वाले पुलिस अधिकारियों को बख्शा जाएगा और न ही प्रदर्शन की आड़ में हिंसा करने वाले आपराधिक तत्वों को।
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जहानाबाद में पानी की घोर किल्लत: महिलाओं ने NH-33 जाम कर दिया

Jehanabad, Bihar:खबर जहानाबाद से है जहां नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर-09 में पिछले एक महीने से चल रही पानी की घोर किल्लत से तंग आकर आज स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और नगर थाना क्षेत्र के काको रोड स्थित आदर्श कॉलोनी के समीप आक्रोशित महिलाओं ने पानी के खाली डिब्बे और बाल्टियां लेकर NH-33 को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम होने के कारण highway के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे महिलाओं ने बताया कि पिछले एक महीने से उनके इलाके में नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। भीषण गर्मी में मोहल्ले के चापाकल भी पहले ही जवाब दे चुके हैं। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। मजबूरन दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें दूर-दराज के इलाकों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का दर्द है कि आस-पास के अन्य मोहल्लों से पानी मांगने पर अब लोग भला-बुरा कहने लगे हैं और उन्होंने पानी देना भी बंद कर दिया है। पीने के लिए लोग बाजार से महंगी बोतलें खरीदने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं हैं कि रोज-रोज पानी खरीदकर पी सकें। पानी न होने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और गंदे में ही रह रहे हैं। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार नगर परिषद और पीएचईडी के आला अधिकारियों से लिखित एवं मौखिक शिकायतें कीं। जिसके बाद आश्वासन दिया गया था कि चार दिनों में ठीक करा दिया जाएगा लेकिन आज 10 दिन हो गए इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सुध नहीं ली गई। थक-हारकर आखिरकार उन्हें सड़क पर उतरने का कड़ा फैसला लेना पड़ा। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक जलापूर्ति बहाल नहीं होती, वे जाम नहीं हटाएंगे। वही सड़क जाम की वजह से कई एम्बुलेंस और स्कूल बसें भी फंसी रहीं। जाम में फंसे एक स्कूली बच्चे ने रुआंसे स्वर में बताया कि वह स्कूल की छुट्टी होने के बाद पिछले एक घंटे से स्कूल वैन में फंसा हुआ है। उमस भरी गर्मी के कारण वह बेहाल है और उसे जोरों की भूख-प्यास लगी है। इधर घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारी प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराने की कोशिशों में जुटे हैं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक स्थानीय नागरिक अपनी मांग पर अड़े हुए हैं。
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