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SUNIL Kumar SinghSUNIL Kumar SinghFollow29 Sept 2024, 03:31 am
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मोतिहारी में MNREGA के नाम पर पुलिया बना कर सड़क नहीं—भ्रष्टाचार का आरोप उजागर

Motihari, Bihar:मोतिहारी के मनरेगा के नाम पर जमकर लुट मचा हुआ है। केसरिया प्रखंड के ढेकहाँ में एक दो नहीं चार पुलिया बना दिया गया था पर सड़क बनाना भूल गई सिस्टम। जब मिडिया में मामला उजागर हुआ तो आनन फानन में सड़क बनाने के नाम पर मिट्टी भराई की औपचारिकता की जा रही है दूसरी तरफ प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी ने एक भ्रामक जांच रिपोर्ट डीडीसी को दिया है जिसमें सड़क बना दिए जाने का दावा किया गया है, पर हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। इतना ही नहीं जो पुलिया बना है वो चौराहे की जगह ईंट रखकर ढाल दिया गया है। दो वर्ष बाद पुलिया के बगल में रास्ता बनाने का रियलिटी चेक किया गया।
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सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण से नाराज महिलाओं ने कोतवाली में किया प्रदर्शन

Deepak DixitDeepak DixitFollow5m ago
Sawayajpur, Uttar Pradesh:हरदोई की सवायजपुर कोतवाली के एक गांव में सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण किए जाने से नाराज महिलाओं ने शनिवार को कोतवाली पहुंचकर प्रदर्शन किया। महरेपुर ग्राम पंचायत की निवासी अनीता, संगीता, रामप्यारी, कमला, सावित्री विमला आदि महिलाओं ने कोतवाली में समाधान दिवस में पहुंचकर तहसीलदार को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया कि गांव में वर्षों से उपयोग में आ रहा सार्वजनिक रास्ता कुछ दबंगों द्वारा बंद किया जा रहा है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। महिलाओं का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटवाकर मार्ग को चालू कराने की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार विनोद कुमार ने राजस्व निरीक्षक को मौके पर पहुंचकर जांच करने तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए ।
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मिशन शक्ति: जमीन पर जानकारी और रिकॉर्डिंग में पारदर्शिता क्यों जरूरी है

Farrukhabad, Uttar Pradesh:हर साल एक नया वर्जन — मिशन शक्ति 1.0 से लेकर 5.0 तक। नेताओं और इंस्टाग्राम पोस्ट्स में रंगीन तस्वीरें, हैशटैग्स और तारीफें। लेकिन जमीन पर हकीकत क्या कहती है? हमें एक पम्पलेट दिया गया, फोटो खिंचवा ली गई। किसी ने समझाया नहीं कि ये किसलिए है। मैंने हेल्पलाइन नंबर देखा, पर किसी ने बताया कि किस हालात में कॉल करना है या फ्री सहायता कैसे मिलेगी। फतेहगढ़ पुलिस का दावा है कि महिलाओं को साइबर सुरक्षा, हेल्पलाइन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। लेकिन लाभार्थियों का कहना है कि उन्हें बताया तक नहीं गया कि फोटो क्यों ली जा रही है। यहां समस्या दो हिस्सों में दिखती है — क्रिया और दस्तावेज। क्रिया: क्या सच में संवाद हुआ? दस्तावेज: क्या रिकॉर्डिंग/रिपोर्टिंग में पारदर्शिता है? री-एनकैटमेंट — एक टीम आती है, महिला से कहती है 'एक फोटो दे दें', पम्पलेट थमाती है और आगे बढ़ जाती है। दूसरी तरफ एक सही जिन्दा-उदाहरण: टीम आती है, समूह को इकट्ठा करती है, हेल्पलाइन नंबर का अर्थ समझाती है, सादे भाषा में साइबर के उदाहरण देती है, और महिलाओं से पूछती है क्या वे समझीं। जागरूकता के उद्देश्य स्पष्ट हों और भागीदारों से लिखित सहमति हो। प्रशिक्षण/सूचना सत्र कम-से-कम 10–15 मिनट के हों और स्थानीय भाषा में सरल उदाहरण हों। हर सत्र का रिकॉर्ड — छोटे वीडियो या ऑडियो क्लिप — रखा जाए, और पम्पलेट पर QR/कोड हो जिससे लोग आगे की जानकारी देख सकें। फीडबैक कार्ड दिया जाए: क्या आपने समझा? क्या सहायता चाहिए? हां/नहीं के विकल्प के साथ। बॉडी-लैंग्वेज और भरोसे की ज़रूरत है। सिर्फ फोटो से महिलाएं सुरक्षित नहीं होंगी। जब लाभार्थी ही कह रहे हैं कि उन्हें बताया नहीं गया, तो क्या मिशन केवल सोशल मीडिया पोस्ट बनकर रह गया है? अगर हम चाहते हैं कि मिशन शक्ति वास्तव में 'शक्ति' दे, तो उसे जमीन पर मापने, रिकॉर्ड करने और सुधारने की ज़रूरत है। क्योंकि जागरूकता सिर्फ तस्वीर नहीं, बल्कि समझ, अपनत्व और कार्रवाई है।
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स्थापना दिवस से ठीक पहले कैंचीधाम में दो पुलिसकर्मी पर छेड़छाड़ का आरोप, भारी हंगामा

Nainital, Uttarakhand:जिन पुलिस वालों पर सुरक्षा का जिम्मा उन्होंने घर में घुसकर युवती से कर दी छेड़छाड़ विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम में स्थापना दिवस मेले से ठीक एक दिन पहले बड़ा बवाल हो गया है। मेले की ड्यूटी में तैनात दो पुलिस सिपाहियों पर होम स्टे संचालक की बेटी से कथित छेड़खानी का आरोप लगा है। आरोपों से भड़के स्थानीय लोगों ने दोनों सिपाहियों को पकड़कर उनकी पिटाई कर दी और पुलिस चौकी तक ले जाकर घेराव कर दिया। घटना के बाद पूरे कैंचीधाम क्षेत्र में पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल के एसएसपी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 15 जून को होने वाले कैंचीधाम स्थापना दिवस मेले से एक दिन पहले आस्था की नगरी में हंगामा खड़ा हो गया। मंदिर के समीप स्थित एक होम स्टे संचालक की बेटी ने मेले की ड्यूटी में तैनात दो पुलिस सिपाहियों पर छेड़खानी का आरोप लगाया। घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि आक्रोशित लोगों ने दोनों सिपाहियों को पकड़ लिया, उनकी जमकर पिटाई की और उन्हें पुलिस चौकी तक ले जाकर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। लोगों ने चौकी का घेराव करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। घटना के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों। का गुस्सा केवल आरोपित सिपाहियों तक सीमित नहीं रहा उन्होंने मेले से 3 दिन। पहले पुलिस द्वारा कैंचीधाम क्षेत्र और नैनीताल जिले की सीमाओं पर वाहनों की आवाजाही रोके जाने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं, पर्यटकों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पुलिस मनमाने तरीके से नियम लागू कर रही है। उनका कहना है कि पुलिस ने स्थापना दिवस से तीन दिन पहले ही कर्फ्यू जैसा माहौल बना दिया है। कैंची धाम क्षेत्र में 3 दिन पहले ही बैरिकेटिंग कर दी गई है और वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।कैंचीधाम में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से पहले हुए इस घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उधर, नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मामले की पुष्टि करते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। एसएसपी ने स्पष्ट कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्थापना दिवस जैसे बड़े आयोजन से ठीक पहले सामने आई इस घटना ने कैंचीधाम में पुलिस और जनता के बीच बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है।
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धर्म जीवन की दिशा: पुलक सागर ने युवाओं से नैतिक मूल्यों का आह्वान किया

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ के जूना मंदिर में दिगंबर जैन संत पुलक सागर महाराज ने आज से प्रारंभ होने वाले क्रांतिकारी प्रवचनों की श्रृंखला को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में धर्म, युवा पीढ़ी और जीवन मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि धर्म किसी एक पंथ, परंपरा या संप्रदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाली एक जीवनशैली है। यदि धर्म को उसकी मूल भावना और व्यवहारिक रूप में समाज के सामने प्रस्तुत किया जाए तो युवा वर्ग स्वतः उसकी ओर आकर्षित होगा। संत पुलक सागर ने कहा कि वर्तमान समय का युवा केवल पूजा-पाठ और कर्मकांड तक सीमित धर्म को स्वीकार नहीं करता, बल्कि वह जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, नैतिक मूल्यों और व्यवहारिक शिक्षा की अपेक्षा रखता है। उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य व्यक्ति के चरित्र का निर्माण करना और उसे बेहतर इंसान बनाना है। उन्होंने भगवान राम, भगवान कृष्ण और भगवान महावीर के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महापुरुषों का सम्पूर्ण जीवन धर्म का जीवंत उदाहरण रहा है। उनके आदर्श, आचरण और चरित्र ने समाज को नई दिशा प्रदान की। इसलिए आज आवश्यकता इस बात की है कि धर्म के प्रचार के साथ-साथ नैतिकता, इंसानियत और संस्कारों की शिक्षा पर भी विशेष बल दिया जाए। संत पुलक सागर ने कहा कि यदि युवाओं के बीच अच्छे आचरण, मानवता और नैतिक मूल्यों का संदेश प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए तो वे धर्म के वास्तविक स्वरूप को समझते हुए उससे जुड़ेंगे। उन्होंने बताया कि रविवार से शुरू होने वाले प्रवचनों में जीवन प्रबंधन, संस्कार, नैतिकता, पारिवारिक मूल्यों और समाज के समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से प्रवचनों में भाग लेकर जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाले संदेशों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
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प्रतापगढ़ के डाकघर में भीषण आग, लाखों का नुकसान आशंका

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ मुख्य डाकघर में भीषण आग, महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलकर खाक\n\nप्रतापगढ़ शहर स्थित मुख्य डाकघर में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब डाकघर परिसर के एक कक्ष में संचालित इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के कार्यालय में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही डाकघर कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया तथा तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।\n\nजानकारी के अनुसार आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।\n\nसूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आगजनी की इस घटना में कार्यालय में रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर राख हो गए, वहीं एसी, कंप्यूटर, लैपटॉप सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये।\n\nप्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद प्रशासन एवं संबंधित विभाग के अधिकारी नुकसान का आकलन करने में जुट गए हैं। वहीं आग लगने की वजहों की भी जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। समय रहते फायर ब्रिगेड द्वारा आग पर काबू पा लेने से आग को अन्य कमरों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
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प्रतापगढ़: महिला कांस्टेबल आत्महत्या का बड़ा खुलासा, शादी का दबाव बना तनाव

Pratapgarh, Rajasthan:हेडर/हेडलाईन : महिला कांस्टेबल आत्महत्या प्रकरण में बड़ा खुलासा, शादी का दबाव और पीछा करने से थी परेशान एंकर/इंट्रो : प्रतापगढ़ में महिला कांस्टेबल की आत्महत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। साइबर जांच, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल राहुल लबाना को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से महिला कांस्टेबल पर दोस्ती और शादी का दबाव बना रहा था। लगातार मानसिक प्रताड़ना, पीछा करने और अनचाहे संपर्क के कारण महिला कांस्टेबल तनाव में थी। आत्महत्या से पहले उसने अपने सहयोगी कांस्टेबल रामराज को अपनी मानसिक स्थिति और डिप्रेशन के बारे में बताया था। पुलिस जांच के अनुसार 28 मई को सरकारी क्वार्टर में महिला कांस्टेबल का शव फंदे से लटका मिला था। प्रारम्भिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने साइबर टीम और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से डिजिटल साक्ष्य जुटाए। जांच में पता चला कि आरोपी राहुल लाम्बा महिला कांस्टेबल पर लगातार शादी करने का दबाव बना रहा था। उसकी तीन माह पहले शादी हो चुकी थी, इसके बावजूद वह महिला कांस्टेबल से संपर्क बनाए हुए था और उसे अन्य लोगों से बात करने पर भी आपत्ति जताता था। जांच के दौरान पुलिस ने मृतका का मोबाइल बरामद किया, जिसमें व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले। आत्महत्या वाली रात दोनों के बीच वीडियो कॉल पर बहस होने की बात भी सामने आई है। घटना वाले दिन आरोपी राहुल और मृतका एक ही स्थान पर मौजूद थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी की गतिविधियों की पुष्टि की। महिला कांस्टेबल द्वारा अपने मित्र रामराज को भेजे गए संदेशों में मानसिक तनाव और अवसाद की बात सामने आई है। उसने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा था कि वह लगातार दबाव में है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ी गई हैं। पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं और मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आत्महत्या प्रकरण का खुलासा साइबर टीम, तकनीकी विशेषज्ञों और पुलिस अनुसंधान के समन्वित प्रयासों से संभव हो पाया है।
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UP में सिंगापुर-जापान कंपनियों के सीईओ 1 लाख करोड़ निवेश की संभावना तलाशेंगे

Noida, Uttar Pradesh:यूपी में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेंगी सिंगापुर, जापान की कंपनियां, सिंगापुर, जापान की कंपनियों के सीईओ निवेश की संभावनाएं तलाशने आएंगे यूपी, जापानी डेलिगेशन का 18 से 22 अगस्त, सिंगापुर सीईओ डेलिगेशन 7- 10 जुलाई के बीच आएगा ,जापान और सिंगापुर की कंपनियां उत्तर प्रदेश में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की तैयारी कर रही हैं। इसके लिए दोनों देशों की प्रमुख कंपनियों के सीईओ उत्तर प्रदेश के दौरे पर आएंगे और प्रदेश के अलग-अलग शहरों में भ्रमण करेंगे। साथ ही प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को तलाशेंगे। दोनों देशों से आने वाली कंपनियां यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी में बनने वाली सिंगापुर सिटी और जापान सिटी में निवेश करेंगी। साथ ही जापान और सिंगापुर से आने वाला सीईओज का डेलिगेशन आगरा, लखनऊ और वाराणसी का दौरा कर, इन शहरों में भी निवेश की संभावनाओं को तलाशेंगे। सिंगापुर से 140 कंपनियों के सीईओ और जापान से 200 कंपनियों के सीईओज उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे।
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रेडक्रॉस ने फर्स्ट एड ट्रेनिंग फीस और मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया

Chandigarh, Chandigarh:हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी ने फर्स्ट एड ट्रेनिंग व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। अब औद्योगिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों के लिए आयोजित फर्स्ट एड ट्रेनिंग का शुल्क 500 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति प्रशिक्षार्थी (जीएसटी अतिरिक्त) कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और अनिवार्य उपस्थिति आधारित बनाने का निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत केवल पंजीकरण कराने से प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। प्रतिभागियों को निर्धारित अवधि तक नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहना होगा। रेडक्रॉस अधिकारियों का कहना है कि इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रतिभागियों को बेहतर व्यावहारिक जानकारी मिल सकेगी। राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशिक्षकों (लेक्चररों) के मानदेय में भी बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। 20 प्रतिभागियों तक के बैच के लिए मानदेय 2000 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है, जबकि 20 से अधिक प्रतिभागियों वाले बैच के लिए यह राशि 3500 रुपये से बढ़ाकर 4500 रुपये प्रति बैच कर दी गई है। इसके अलावा जिला प्रशिक्षण अधिकारियों को उद्योगों, होटलों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों का नियमित निरीक्षण करने तथा कार्यस्थलों पर फर्स्ट एड सुविधाओं और सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। रेडक्रॉस का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य फर्स्ट एड प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी, परिणाम आधारित और रोजगार स्थलों की सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है।
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HSSC ने PST परीक्षा के लिए डिजिटल टाइमिंग प्रणाली लागू कर दी

Chandigarh, Chandigarh:HSSC ने पीएसटी परीक्षा में नई डिजिटल टाइमिंग प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया。 दौड़ समाप्त होते ही उम्मीदवार का समय स्क्रीन पर तुरंत प्रदर्शित होगा। पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के तहत संचालित की जाएगी。 मैन्युअल हस्तक्षेप में कमी आएगी और मानवीय त्रुटियों की संभावना घटेगी。 अभ्यर्थी मौके पर ही अपने प्रदर्शन और समय की पुष्टि कर सकेंगे。 आयोग का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। नई व्यवस्था से परिणामों को लेकर होने वाले विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है। HSSC चेयरमैन हिमत सिंह के अनुसार सभी उम्मीदवारों को समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए यह तकनीकी सुधार किया गया है。 आयोग का मानना है कि इस कदम से युवाओं का भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा और मजबूत होगा。
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मां की डांट से नाराज 12 साल के बालक ने की आत्महत्या

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी जिले में मां की डांट से नाराज होकर एक 12 वर्षीय बालक ने आत्मघाती कदम उठा लिया। परिवार के लोगों ने उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मामला करारी थाना क्षेत्र के लहना गांव का है। यहां किसान गणेश लोधी का 12 वर्षीय बेटा अंकित कुमार शनिवार को बकरी चराने खेतों की ओर गया था। बताया जा रहा है कि वहां उसका अपने कुछ साथियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। जब इस विवाद की जानकारी अंकित की मां अनीता को हुई तो बेटे के घर लौटने पर उन्होंने उसे डांट-फटकार लगा दी। इसके बाद अनीता घर के अन्य कामों में व्यस्त हो गईं। कुछ देर बाद जब अंकित नजर नहीं आया तो परिजन उसकी तलाश करने लगे। तलाश के दौरान परिजनों ने देखा कि अंकित कमरे में अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है और उसके गले में बेल्ट कसी हुई थी। परिजनों में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की ओर से किसी के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है और न ही कोई तहरीर दी गई है।
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नवेगाव-नागझिरा बफर क्षेत्र में वन्यप्राणी संघर्ष में नर अस्वल की मौत

Bhandara, Maharashtra:भंडाऱ्याच्या नवेगाव-नागझिरा बफर क्षेत्रात वन्यप्राण्यांच्या झुंजीत नर अस्वलाचा मृत्यू. नवेगाव-नागझिरा व्याघ्र राखीव क्षेत्रातील कोका वन्यजीव अभयारण्याच्या बफर परिसरात शनिवारी वन्यप्राण्यांच्या झुंजीत सुमारे पांच वर्षांच्या नर अस्वलाचा मृत्यू झाल्याची घटना उघडकीस आली. मांडणगाव परिसरात गस्तीदरम्यान वनरक्षकांना जखमी अवस्थेतील अस्वल आढळले. तपासात गुप्तांगाजवळ गंभीर जखमा, रक्ताचे डाग व झुंजीची चिन्हे दिसून आली. क्षेत्र संचालक पियुषा जगताप यांच्या मार्गदर्शनाखाली वनअधिकाऱ्यांनी घटनास्थळी पाहणी करून पंचनामा व शवविच्छेदन केले. प्राथमिक तपासानुसार मृत्यू वन्यप्राण्यांच्या संघर्षातून झाल्याचा अंदाज असून, एनटीसीएच्या मार्गदर्शक सूचनांनुसार पुढील तपास सुरू आहे.
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INLD के रामपाल माजरा: हरियाणा जनगणना में ओबीसी शामिल करने की मांग

Chandigarh, Chandigarh:इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा में जारी की गई जनगणना अधिसूचना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार पिछड़े वर्ग के साथ जानबूझकर भेदभाव कर रही है। जनगणना फॉर्म के पॉइंट नंबर 12 में साफ-साफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का उल्लेख किया गया है, लेकिन पिछड़ा वर्ग को पूरी तरह गायब कर दिया गया है। यह कोई साधारण चूक नहीं, बल्कि पिछड़े वर्ग के प्रति भाजपा की साजिश है। क्या भाजपा समझती है कि पिछड़ा वर्ग अब उसके लिए बेकार हो गया है? क्या पिछड़ा समाज अब वोट बैंक की भी हैसियत नहीं रखता? माजरा ने कहा, “भाजपा सरकार हरियाणा के लाखों पिछड़े परिवारों को अपमानित करने का काम कर रही है। जब एससी-एसटी को जगह दी जा सकती है तो पिछड़ा वर्ग को क्यों छोड़ा गया? क्या यह तयशुदा षड्यंत्र है कि पिछड़ों की गिनती ही न हो, ताकि उनकी सही संख्या छिपाई जा सके और उनके हक-हकूक को हमेशा के लिए दबाया जा सके?” यह न सिर्फ अनदेखी है, बल्कि स्पष्ट रूप से पिछड़ा विरोधी मानसिकता का प्रमाण है। भाजपा की यह हरकत हरियाणा के किसान, युवा और पिछड़े वर्ग पर लगातार हो रहे अत्याचारों की कड़ी है। इंडियन नेशनल लोकदल की माँग है कि • तुरंत जनगणना फॉर्म में पॉइंट नंबर 12 को संशोधित किया जाए। • एससी /एसटी के साथ ओबीसी को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। रामपाल माजरा ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर फॉर्म में ओबीसी को शामिल नहीं किया गया तो इनेलो पूरे हरियाणा में इस मुद्दे पर जन आंदोलन छेड़ देगा। पिछड़ा वर्ग अब चुप नहीं रहेगा। हम भाजपा की इस साजिश को बेनकाब करके रहेंगे।”
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