गाजीपुर के राइफल क्लब में आयोजित दिशा समिति की बैठक के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने आज एक साथ कई अहम और संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मामले से लेकर गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग, हलाल उत्पाद, मणिकर्णिका घाट प्रकरण और यहां तक कि अपनी जान को खतरे की आशंका तक -अफजाल अंसारी ने सरकार और प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए। सबसे पहले बात शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मामले में अफजाल अंसारी ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में जो भी अधिकारी दोषी हैं, उन्हें शंकराचार्य से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संत समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अफजाल अंसारी ने यह भी याद दिलाया कि जब उनके शासनकाल में शंकराचार्य के साथ दुर्व्यवहार हुआ था, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वयं माफी मांगी थी, जिसे शंकराचार्य ने क्षमा कर दिया था। अंसारी ने कहा कि शंकराचार्य संत हैं, वे किसी को श्राप नहीं दे सकते और उनके बारे में गलत धारणाएं फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग पर भी अफजाल अंसारी ने खुलकर समर्थन किया।
उन्होंने सवाल किया कि जब शेर को राष्ट्रीय पशु और मोर को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया जा सकता है, तो फिर गाय को राष्ट्र माता क्यों नहीं बनाया जा सकता। उनके मुताबिक, इस मांग पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘हलाल’ लिखे खाद्य पदार्थों को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अफजाल अंसारी ने कहा कि एक तरफ हलाल पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओमान से हलाल का प्रोफार्मा लेकर आते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि आज भारत बीफ एक्सपोर्ट में ब्राजील को पीछे छोड़ चुका है और खुद को ‘विश्वगुरु’ कह रहा है। अफजाल अंसारी ने कहा कि देश में एक तरफ संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं, तो दूसरी तरफ सनातन धर्म का भी अपमान हो रहा है। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ के मामले में भी अफजाल अंसारी ने बड़ा आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि वाराणसी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गुमराह किया है और उन्हीं अफसरों की वजह से मुख्यमंत्री से यह कहलवाया गया कि वायरल वीडियो एआई-जनरेटेड हैं, जबकि सच्चाई कुछ और है।