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FKFirasat KhanFollow5 Jan 2025, 08:14 am

Puranpur: श्री गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर निकला विशाल नगर कीर्तन

Puranpur, Uttar Pradesh:

पूरनपुर में रविवार को गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा ब्लॉक रोड से सिक्खों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर विशाल नगर कीर्तन निकाला गया। इसकी शुरुआत 12 बजे हुई जिसमें महिलाएं कीर्तन करती रहीं और बच्चों ने करतब दिखाए। फूलों से सजी पालकी आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर कीर्तन का स्वागत किया। कार्यक्रम को लेकर पुलिस भी सतर्क रही। यातायात को व्यवस्थित करने के लिए चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई। पूरे नगर में गुरु गोविंद सिंह जी के पावन नाम की गूंज रही।

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हरेला के मौके पर धामी ने खटीमा आवास पर पौधा लगाकर पर्यावरण संदेश दिया

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के पारंपरिक त्योहार 'हरेला' के मौके पर अपने गृहनगर खटीमा स्थित आवास पर एक पौधा लगाया और राज्य की जनता को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सीएम धामी की बाईट यह संदेश हरेला त्योहार के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देता है और खास तौर पर प्राचीन काल से उत्तराखंड में इसके महत्व को उजागर करता है। इसमें इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि हरेला को प्रकृति की पूजा और संरक्षण के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि हरियाली बढ़ने से पानी की उपलब्धता, जीवन, समृद्धि और सुरक्षित पर्यावरण मिलता है। यह संदेश ग्लोबल वार्मिंग, मौसम के बदलते मिजाज़ और जल स्रोतों व प्रकृति के संरक्षण की ज़रूरत जैसी आज की चुनौतियों पर भी बात करता है। यह पूरी दुनिया को बचाने में उत्तराखंड की अहम भूमिका को रेखांकित करता है, क्योंकि यह हिमालयी क्षेत्र है, यहाँ गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियाँ हैं और यहाँ बड़े पैमाने पर जंगल हैं। इसमें पेड़ लगाने, पानी और जीवन को बचाने, और तालाबों व कुओं जैसे पारंपरिक जल स्रोतों की सुरक्षा करने का आह्वान किया गया है।
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87 छात्रों के लिए एक शिक्षक, बेलई शाला में शिक्षा व्यवस्था बदहाल

Sagar, Madhya Pradesh:87 छात्र छात्राओं की पढ़ाई का जिम्मा सिर्फ एक शिक्षक पर.. शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की कहानी... बीना तहसील के ग्राम बेलई की शासकीय माध्यमिक शाला में शिक्षा व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। यहाँ 87 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रही है। इतना ही नहीं,स्कूल भवन भी जर्जर हो चुका है,जहां बच्चे हर दिन जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। खास बात यह है कि इसी तहसील के एक दूसरे स्कूल में एक भी छात्र नहीं है,लेकिन वहां शिक्षक पदस्थ हैं। इस तस्वीरें हैं,जिले के बीना तहसील के ग्राम बेलई स्थित शासकीय माध्यमिक शाला की, जहां शिक्षा व्यवस्था की हकीकत सरकारी दावों की पोल खोल रही है। स्कूल में तीन कक्षाओं छठवीं सातवीं और आठवीं के 87 बच्चों के लिए केवल एक महिला शिक्षक पदस्थ है। यही शिक्षक सभी विषय पढ़ाने के साथ-साथ स्कूल के प्रशासनिक कार्य भी संभाल रही हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। बच्चों का कहना है कि पिछले करीब दो वर्षों से उन्हें एक ही शिक्षक सभी विषय पढ़ा रहे हैं। वहीं स्कूल भवन भी काफी जर्जर हो चुका है। बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है और कई बार छत का प्लास्टर भी गिर चुका है। ऐसे में बच्चे हर दिन डर के साए में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। शिक्षक पूनम तिवारी का कहना है कि वह स्वयं 40 प्रतिशत दिव्यांग हैं,लेकिन इसके बावजूद अध्यापन के साथ-साथ सभी प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा रही हैं। शिक्षकों की कमी की जानकारी कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा चुकी है,लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। संकुल प्राचार्य सुनीता अहिरवार का कहना है कि जल्द ही दो शिक्षकों की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही जर्जर भवन की जानकारी भी वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी। हैरानी की बात यह है कि इसी बीना तहसील के ही ग्राम मुरियाना के प्राथमिक विद्यालय में एक भी छात्र दर्ज नहीं है,फिर भी वहां एक शिक्षक पदस्थ हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि जहां बच्चों को शिक्षकों की जरूरत है वहां शिक्षक नहीं,और जहां छात्र ही नहीं हैं वहां शिक्षक तैनात हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर अव्यवस्था को कब तक दूर कर पाता है।
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दिल्ली के आईएफसी घोटाले के संकेत, राजस्व 2000 करोड़ से अधिक नुकसान

New Delhi, Delhi:Breaking दिल्ली में आईएफसी (Infrastructure Charges Fund) को लेकर बड़े घोटाले की आशंका। दिल्ली सरकार ने एमसीडी से मांगा जवाब मंत्री प्रवेश वर्मा के निर्देश पर पिछले 5 वर्षों में पास हुए भवन नक्शों और आईएफसी चार्ज का रिकॉर्ड तलब। आरोप- 200 वर्गमीटर से बड़ी कई इमारतों ने आईएफसी चार्ज जमा किए बिना ही एनओसी लेकर एमसीडी से नक्शे पास कराए。 शुरुआती जांच में 300 से अधिक व्यावसायिक संपत्तियों द्वारा आईएफसी चार्ज नहीं जमा करने की बात सामने आई। अनुमान है कि हजारों करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ, पिछले 5 वर्षों का बकाया 2000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। सरकार ने एमसीडी से पूछा- कितने नक्शे पास हुए, किन इमारतों ने आईएफसी चार्ज जमा किया और किन्होंने नहीं。 नियमों के उल्लंघन पर सरकार के पास इमारत सील करने या बकाया राशि की वसूली का विकल्प。 प्रवेश वर्मा ने दावा किया कि एक बिल्डर ने विभागीय भ्रष्टाचार के चलते रिश्वत देकर एनओसी हासिल की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए।
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डायरी खुलासे से जमीन विवाद में फंसे किसान भगत विश्वकर्मा ने सुनवाई दौरान आत्महत्या

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:किसान आत्महत्या मामले में नया खुलासा, डायरी में मिला प्रशासन को दी गई शिकायत का जिक्र, बीते जिला मुख्यालय पर जन सुनवाई में जहर खाकर आत्महत्या की। हरदा जिले के अजनास रैयत गाँव में किसान भगत विश्वकर्मा ने जिला मुख्यालय जन सुनवाई में जहर खाकर आत्महत्या के मामले में नया खुलासा सामने आया है। परिजनों के अनुसार, मृतक किसान की डायरी से पता चला है कि उन्होंने पारिवारिक जमीन के समांकन (सीमांकन) की समस्या को लेकर पहले भी प्रशासन को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन समय पर समाधान नहीं होने से वे लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। परिजनों का कहना है कि जमीन के समांकन को लेकर लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हुआ। इसी कारण किसान तनाव में था। अब डायरी में दर्ज तथ्यों के सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। परिजनों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
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आठ साल बाद कांग्रेस नेता दुष्यंत बुंदेला पर गोली चलाने वाले आरोपी की गिरफ्तारी

Sagar, Madhya Pradesh:कांग्रेस नेता दुष्यन्त सिंह बुंदेला पर गोली चलाने का आरोपी आठ साल बाद पुलिस गिरफ्त में आया है। मोतीनगर थाना पुलिस ने रहली के जंगलों से आरोपी को गिरफ्तार किया है। दरअसल साल पहले कांग्रेस नेता दुष्यन्त बुंदेला पर उनके करीबी रिश्तेदार ने गोली चलाई थी और बुंदेला गंभीर घायल हुए थे, वारदात में चार नामजद आरोपी थे जिनमें से एक शिव भानू सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी शिव भानू और पीड़ित कांग्रेस नेता दुष्यन्त सिंह करीबी रिश्तेदार है आरोपी की बेटी की शादी कांग्रेस नेता के परिवार में हुई थी और बेटी ने शादी के कुछ दिन बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी , पुलिस जांच में पाया गया था कि नवविवाहिता ने ससुराल पक्ष से प्रताड़ित होकर सुसाइड किया और कांग्रेस नेता सहित दो लोगों पर मामला दर्ज हुआ था और उसके बाद गोलीकांड का मामला सामने आया जब गुस्साए लड़की के परिजनों ने दुष्यन्त बुंदेला को गोली मारी। रहली के जंगल से गिरफ्तार किए गए आरोपी शिव भानू ने बताया है कि फरारी के दौरान वो प्रदेश के कई शहरों में रहा और सबसे ज्यादा वक्त भोपाल में बिताया। मोतीनगर।पुलिस ने आठ साल बाद गिरफ्तार किए आरोपी के साथ अब बाकी के तीन और आरोपियों की तलाश भी शुरू कर दी है।
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आदिवासी सहरिया महिलाओं को 3 साल से आवास नहीं, प्रशासन पर सवाल

Baran, Rajasthan:प्रशासन के चक्कर काटने को मजबूर आदिवासी सहरिया महिलाएं, 3 साल से नहीं मिले आवास बारां जिले के शाहाबाद उपखंड की ग्राम पंचायत ढिकवानी से प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम की उदासीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह में शामिल सहरिया समुदाय की महिलाएं पिछले तीन वर्षों से अदद सरकारी आवास के लिए दर-दर भटक रही हैं, लेकिन आज भी वे मूलभूत सुविधाओं से वंचित कच्चे मिट्टी के मकानों में रहने को मजबूर हैं। ​पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि सरकारी तंत्र की खींचतान के कारण उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीण महिला राजवती सहरिया ने बताया कि जब वे अपने आवास आवेदन की स्थिति जानने के लिए रोजगार सहायक के पास जाती हैं, तो उन्हें पंचायत सचिव के पास भेज दिया जाता है। वहीं, जब वे पंचायत सचिव से मिलती हैं, तो उन्हें वापस रोजगार सहायक के पास टरका दिया जाता है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच फुटबॉल बनीं इन महिलाओं का यह सिलसिला पिछले कई वर्षों से लगातार चल रहा है। ​महिलाओं ने बताया कि उन्होंने हाल ही में आयोजित हुए ग्राम सेवा शिविर में स्थानीय विधायक के समक्ष भी अपनी इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से रखा था, लेकिन धरातल पर अब तक समाधान का एक कदम भी नहीं उठाया गया है। ​केंद्र और राज्य सरकार की ओर से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के विकास और उन्हें पक्का मकान देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ढिकवानी पंचायत की यह हकीकत दावों को मुंह चिढ़ा रही है। सहरिया महिलाओं ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस पूरे मामले की शीघ्रता से निष्पक्ष जांच कराई जाए और सभी पात्र सहरिया परिवारों को नियमानुसार तुरंत आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे इस मानसूनी सीजन और कड़कड़ाती ठंड में कच्चे और असुरक्षित घरों में रहने को मजबूर न हों।
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बेगूसराय में जमीन विवाद ने परिवार पर लाठीचार्ज किया, 3 घायल

Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय में एक बार फिर जमीन विवाद ने खून के रिश्तों को तार-तार कर दिया है। महज पांच कट्ठा जमीन को लेकर दो सगे भाइयों के बीच चल रहा विवाद उस वक्त हिंसक हो गया, जब आरोप है कि बड़े भाई के बेटे ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर चाचा, चाची और दादी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। आप तस्वीरों में देख सकते हैं किस तरह से जमीनी विवाद में अपने ही भाई एवं माता-पिता सहित कई लोगों को लाठी-डांटे से पिटाई की जा रही है। यह पूरी घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सुजा वार्ड संख्या-18 की बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि परिवार के लोग मवेशियों को चारा खिलाने के लिए डेरा पर गए थे। इसी दौरान आरोपित वहां पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। महिला के साथ मारपीट और कपड़े फाड़ने का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही कान की सोने की बाली और गले का आभूषण छीनने तथा पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने की बात भी आवेदन में कही गई है। घायल विनोद कुमार का कहना है कि करीब छह महीने से पांच कट्ठा जमीन को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद चल रहा है और इसी रंजिश में उनके भतीजे सहित परिवार के अन्य लोगों ने हमला किया। इस घटना में विनोद कुमार, उनकी पत्नी कविता देवी और उनकी मां भजो देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। मामाले में कविता देवी ने मुफस्सिल थाना में आवेदन देकर मैया देवी, धीरज कुमार, नीरज कुमार और शांति कुमारी सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं, घटना में शामिल नहीं होने के कारण अपने बड़े भाई अनिल कुमार राय को आरोपित नहीं बनाया गया है। इधर, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया। मुफस्सिल थाना अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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अलवर के भगवती सदन में हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद थाने तक पहुंचा

Alwar, Rajasthan:अलवर के पॉश इलाके स्टेशन रोड स्थित 'भगवती सदन' में एक हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद ने तूल पकड़ लिया है। विजय सॉल्वेक्स लिमिटेड (डाटा ग्रुप) से जुड़े सौरभ डाटा और उनकी पत्नी शिखा डाटा के बीच चल रहा विवाद अब कोतवाली थाने पहुंचा वही देर रात महिला थाने में शिखा डाटा ने पति सहित ससुराल जनों के खिलाफ प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी जैसे संगीन आरोप लगाए है। 14 जुलाई को कोतवाली थाने में सौरभ डाटा ने अपनी पत्नी शिखा और अन्य लोगों के खिलाफ घर में अनाधिकृत प्रवेश, धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया है उसके बाद शिखा ने एक वीडियो बनाकर वायरल किया कि कोई अपने घर में कैसे अनधिकृत रूप से घुसेगा वह उसका घर है , 16 साल हो गए उसकी शादी को उसकी एक बेटी है। शिखा ने यह भी आरोप लगाया वह अपने कमरे में अपनी बेटी और मेड के साथ थी लेकिन हमारे कमरे की लाइट काट दी गई , गर्मी में रातभर हम परेशान हुए डरे और सहमे हुए रात काटी। सौरभ ने कोतवाली थाने रिपोर्ट में लिखवाया कि 13 जुलाई की सुबह एक हरियाणा नंबर की इनोवा कार 'भगवती सदन' पहुंची। कार में रिश्तेदारों के होने की वजह से गार्ड ने गेट खोल दिया। उसी दौरान शिखा डाटा कार की डिग्गी से चादर हटाकर बाहर निकलीं और अपनी बेटी व मेड के साथ घर के अंदर चली गईं। सौरभ ने बताया 29 मई 2026 को फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका भी दायर कर रखी है। बताया जा रहा है इस दौरान घर पर सौरभ डाटा नहीं थे और उनके पिता विजय डाटा और मां गायत्री डाटा योरोप दौर पर विदेश थे जो कल ही लौटे हैं , वहीं कमरे की लाइट कटने के बाद शिखा ने घर के परिसर में संचालित ऑफिस में पहुंचकर कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट एस के पारिक से बात की इस दौरान शिखा की तरफ से मेड द्वारा बनाए जा रहे वीडियो पर वह झल्ला उठे और केबिन से बाहर निकल जाने को कहा साथ ही वीडियो बनाने वाली युवती ने पारिक पर हाथ मोड़ने सहित गंभीर आरोप लगाए। वहीं, शिखा डाटा ने वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि यह उनका ही घर है और वे पिछले 16 वर्षों से यहां रह रही हैं, ऐसे में अपने ही घर में प्रवेश को ट्रेसपासिंग नहीं कहा जा सकता। 15 जुलाई को कोतवाली थाना पुलिस भगवती सदन पहुंची और शिखा को गाड़ी में लेकर आए साथ ही सौरभ डाटा और उनकी बेटी सहित दोनों मेड को महिला थाने पहुंचाया जहां शिखा ने अपने पति सौरभ डाटा और ससुरालजनो के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। फिलहाल मामला पुलिस जांच में है और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच विवाद और गहरा गया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाईकोर्ट का हल्द्वानी स्थानांतरण मंजूर किया

Haldwani, Uttarakhand:उत्तराखंड से बड़ी खबर है, सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाईकोर्ट की शिफ्टिंग को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में स्थानांतरित किए जाने का रास्ता साफ कर दिया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने देहरादून बार एसोसिएशन की याचिका खारिज करते हुए राज्य सरकार को छह सप्ताह के भीतर आवश्यक जमीन और सभी आधिकारिक मंजूरियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को बड़ी कानूनी मंजूरी मिल गई है। अदालत ने देहरादून बार एसोसिएशन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें हाईकोर्ट को ऋषिकेश स्थानांतरित किए जाने की मांग की गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार छह सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट के नए परिसर के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराए और सभी प्रशासनिक व वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करे। यह मामला हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की विशेष याचिका पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। इससे पहले 9 मई 2024 को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने ऋषिकेश में हाईकोर्ट की बेंच बनाए जाने से संबंधित आदेश दिया था, जिसे चुनौती दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद हल्द्वानी में नए हाईकोर्ट परिसर के निर्माण का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है। खबर को विस्तार से बता रहे हैं जी मीडिया संवाददाता विनोद कांडपाल।
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