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Mohd Sartaj SiddiquiMohd Sartaj SiddiquiFollow28 Dec 2024, 07:36 am
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भाटापारा के मोमोज सेंटर पर खाद्य सुरक्षा छापेमारी, 3 किलो खराब मोमोस-चटनी नष्ट

Taga, Chhattisgarh:लोकेशन बलौदाबाजार भाटापारा में मोमोस खाने वाले हो जाएं सावधान फूड सेफ्टी टीम की छापेमार कार्रवाई मोमोस सेंटरों से मिली खराब चटनी और बासी सामग्री जांच के दौरान 3 किलो खराब मोमोस-चटनी मौके पर ही नष्ट भाटापारा के तीन मोमोज सेंटर पर पाई गई भारी अनामिकताएं त्रिपुरा सुंदरा देवी मोमोस सेंटर रामसप्ताह मंदिर के पास डबल बहादुर मोमोस सेंटर जय हिन्द होटल के पास पशुपति नाथ मोमोस सेंटर सिविल हॉस्पिटल के पास मोमोस चाइनीज पकौड़ा और फिंगर चिप्स की गुणवत्ता को जांच के लिए भेजा गया जांच शहर में बिक रहे फास्ट फूड की गुणवत्ता पर उठे सवाल जांच रिपोर्ट का इंतजार
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नौ दिनों से अंधेरे में पंचायत भवन और 50 परिवार, शिकायतों के बावजूद नहीं सुधरी बिजली व्यवस्था

Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow11m ago
Shahabad, Uttar Pradesh:विकास खंड शाहाबाद के विद्युत उपकेंद्र आलमनगर से पोषित ग्राम पंचायत ररी में बिजली विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार 33/11 विद्युत उपकेंद्र आलमनगर से जुड़ी एलटी लाइन पिछले 9 दिनों से टूटकर नीचे पड़ी हुई है, जिसके कारण पंचायत भवन सहित लगभग 50 उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बताया गया कि मामले से शाहाबाद खंड के अधिशासी अभियंता को भी अवगत कराया गया, बावजूद इसके विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। लगातार नौ दिनों से बिजली न मिलने के कारण पंचायत भवन के कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वहीं भीषण गर्मी में ग्रामीणों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने विभागीय अधिकारियों से तत्काल क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।
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बालेसर में 5 हजार के इनामी बदमाश प्रकाश को गिरफ्तार

Jodhpur, Rajasthan:बालेसर जोधपुर पुलिस मुख्यालय जयपुर और महानिरीक्षक पुलिस जोधपुर रेंज के निर्देशानुसार वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत जोधपुर ग्रामीण पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। जिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती पी.डी. नित्या के निर्देशन में जिला विशेष टीम (DST) ने बालेसर थाने के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे ₹5,000 के इनामी बदमाश प्रकाश पुत्र चुन्नीलाल को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लखावत के सुपरविजन और डीएसटी प्रभारी श्रवणकुमार भंवरिया के नेतृत्व में अंजाम दी गई। पुलिस को यह सफलता डीएसटी के कांस्टेबल पपूराम की सटीक और विश्वसनीय सूचना पर मिली, जिसके बाद टीम ने आरोपी के पैतृक गांव दौतड़ी खेड़ा (भदेसर, चित्तौड़गढ़) में दबिश देकर उसे दस्तयाब किया। गिरफ्तार आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई और अनुसंधान के लिए शेरगढ़ थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
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जोधपुर बनाड़ में बिजली संकट के विरोध-धरना, डिस्कॉम ने आश्वासन दिया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर (बनाड़). क्षेत्र में लंबे समय से गहराए बिजली संकट, कम वोल्टेज और जर्जर तारों की समस्या को लेकर बनाड़ बिजली घर के बाहर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। क्षेत्र के 36 कौम के लोग बड़ी संख्या में एकत्र होकर धरने पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक डिस्कॉम प्रशासन लिखित में ठोस आश्वासन नहीं देता, तब तक यह महापड़ाव और धरना जारी रहेगा। आंदोलन का नेतृत्व और प्रमुख मांगें आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राजेंद्र छबरवाल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर गहरा रोष जताया है। ग्रामीणों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं: कम वोल्टेज की समस्या का समाधान: क्षेत्र में लंबे समय से वोल्टेज बेहद कम आ रहा है, जिससे उपकरण शोपीस बन चुके हैं। जर्जर केबल बदलना: पूरी सप्लाई 10 से 15 साल पुरानी और जर्जर हो चुकी केबलों के भरोसे चल रही है, जिन्हें तुरंत बदला जाए। नियमित बिजली आपूर्ति: बार-बार होने वाली अघोषित कटौती पर रोक लगे। लगभग तीन-चार घंटे के धरने के बाद डिस्कॉम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन देने के बाद यह धरना समाप्त हुआ।
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सेफ्टी वॉल गिरी; निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

Delhi, Delhi:आंधी में ढही दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सेफ्टी वॉल, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल उत्तर-पूर्वी दिल्ली। गुरुवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। खजूरी चौक के पास एक्सप्रेसवे पर लगी साउंडप्रूफ सेफ्टी वॉल की करीब छह से नौ बड़ी दीवारें अचानक भरभराकर गिर गईं। गनीमत रही कि घटना के समय नीचे यातायात का दबाव कम था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था और कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज आंधी के दौरान एक्सप्रेसवे के किनारे स्थापित भारी-भरकम साउंडप्रूफ वॉल एक-एक कर नीचे गिरने लगीं। दीवारों के बड़े हिस्से सड़क, डिवाइडर और आसपास के क्षेत्र में आ गिरे। कुछ हिस्से सीधे नीचे लगे बिजली के ट्रांसफार्मर पर गिरे, जिससे उसकी वायरिंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस तथा बिजली विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने लोगों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी और आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी की गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। मौके पर मौजूद बीएसईएस अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि सेफ्टी वॉल गिरने से ट्रांसफॉर्मर की वायरिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे शॉर्ट सर्किट जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बिजली विभाग की टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और क्षतिगस्त उपकरणों का निरीक्षण शुरू कर दिया। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि जिस एक्सप्रेसवे को आधुनिक और सुरक्षित परिवहन परियोजना के रूप में प्रस्तुत किया गया था, उसकी सुरक्षा दीवारों का कुछ महीनों के भीतर ही गिर जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल सामग्री, तकनीकी मानकों और निगरानी व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराई जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सामान्य आंधी और बारिश में ही इतनी बड़ी संरचनाएं ढह सकती हैं, तो भविष्य में तेज तूफान या किसी प्राकृतिक आपदा के दौरान स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है। लोगों ने आशंका जताई कि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो आगे कोई बड़ा हादसा हो सकता है。 हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन मौके पर अभी भी कुछ सेफ्टी वॉल झुकी हुई और अस्थिर दिखाई दे रही हैं। ऐसे में खतरा पूरी तरह टला नहीं माना जा रहा है। फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियां नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं। वहीं इस घटना ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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