पीलीभीतः बरखेड़ा विधायक और ब्लॉक प्रमुख में वर्चस्व की लड़ाई सड़कों आई, एक-दूसरे पर लगाए आरोप, एसडीएम ने जांच कर कार्रवाई का दिया आश्वासन
Pilibhit, Uttar Pradesh:पीलीभीत में बीजेपी के बरखेड़ा विधायक और ब्लाक प्रमुख में वर्चस्व की लड़ाई अब सड़कों पर आ गई है। एक दिन पहले बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष ने डीएम से मिलकर बीजेपी विधायक स्वामी प्रवक्ता नंद पर सरकारी योजनाओं में बाधा उत्पन्न करने और अपने लोगों को टेंडर कराने के आरोप लगाए थे। आज बड़ी संख्या में ग्रामीण विधायक के पक्ष में तहसील दिवस में पहुंचे और ब्लाक प्रमुख और बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष कमलेश कुमार गंगवार पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। फिलहाल एसडीएम ने मामले में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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जनकपुरी मिथिला नगरी में प्रभु राम-जानकी का भव्य विवाह उत्सव
Agra, Uttar Pradesh:उत्तर भारत की ऐतिहासिक जनकपुरी में मिथिला नगरी में प्रभु श्रीराम माता जानकी को ब्याहने पहुंचे जिसके बाद दोपहर में तुलसी और शालिग्राम का विवाह सम्पन्न हुआ, शाम को जनक महल में प्रभु श्री राम और माता जानकी भव्य रथ में सवार होकर जनक महल पहुंचे जहां प्रशासनिक अधिकारियों और कमेटी के साथ जनप्रतिनिधियों ने प्रभु की आरती उतारी, प्रभु श्रीराम और माता जानकी की एक झलक पाने को हर कोई लालायित दिखा, आम से लेकर खास तक सबकी नजर प्रभु श्रीराम और माता जानकी पर ठहर गई, अलौकिक छटा देख हर कोई भक्तिभाव में सराबोर नजर आया, तो वही सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए ताकि कोई असामाजिक तत्व माहौल को न बिगड़ सकेजंतर-मंतर पर बिना जरूरी मंजूरी के प्रदर्शन करना गैरकानूनी -सुप्रीम कोर्ट
New Delhi, Delhi:नई दिल्ली: दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले दिल्ली आने वाली ट्रेन और मेट्रो पर रोक लगाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को रखा।
सिब्बल ने कहा 10 अक्टूबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के लगभग 57 स्टेशन बंद किए जा रहे है। दिल्ली आने वाली ट्रेनें को रद्द किया जा रहा हैं। ऐसे में लोग कहीं आ-जा नहीं सकते। मेरे देश में यह क्या हो रहा है? यह तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन है।
वहीं अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सुरक्षा के लिए CAPF की 221 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। 10 detention सेन्टर तैयार किए जा रहे हैं। OYO होटलों से कहा गया है कि वे नई बुकिंग न लें। YouTubers के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मीडिया से कहा गया है कि वे अपना आई कार्ड साथ रखें। दिल्ली पुलिस लोगों को प्रदर्शन में शामिल न होने की सलाह दे रही है।
इस पर सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
इस बात पर याचिका लगाने वाले वकीलों ने जवाब दिया कि सरकार को समझना होगा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन गैरकानूनी नहीं होता। वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि सरकार प्रदर्शनकारियों को संभाल नहीं पा रही हैं, वे पूरे शहर को बंद नहीं कर सकते। वकील ने बताया कि इंडियन यूथ कांग्रेस ने इजाजत मांगी थी, उन्हें नहीं मिली। इसलिये वो हाई कोर्ट गए।
इस मामले को सुनते हुए जस्टिस बागची ने कहा कि लोगों को संगठन बनाने और उससे जुड़ने का मौलिक अधिकार है, लेकिन कानून के अनुसार इस अधिकार को नियंत्रित भी किया जा सकता है। अगर अधिकारी प्रदर्शन की अनुमति देने में देरी करते हैं या नहीं करते हैं, तो आप कोर्ट आ सकते हैं। लेकिन बिना ज़रूरी मंजूरी के प्रदर्शन करना गैरकानूनी होगा। अगर हमें पता चल जाए कि प्रदर्शन का आयोजन कौन कर रहा है और उसमें कितने लोगों के आने की उम्मीद है, तो हम उसी हिसाब से व्यवस्था का आदेश दे सकते है। अगर हमें यह जानकारी मिल जाए तो हम सरकार से भी कह सकते हैं कि वह उसी के अनुसार कदम उठाए, न कि पूरे शहर पर बड़े पैमाने पर बैन लगा दें।
इस पर सिब्बल ने कहा कि हम याचिकाकर्ताओं से पूरी जानकारी लेकर कोर्ट आएंगे। दो बजे कोर्ट को पूरी जानकारी देंगे।
(दिल्ली से जी न्यूज रिपोर्टर अरविंद सिंह की रिपोर्ट)
