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SKSushil Kumar UpadhyayFollow9 May 2025, 12:04 pm

Mirzapur - इंडियन बैंक मैनेजर टिंकू कुमार पर लगा भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप

Kolhua Bhoj, Uttar Pradesh:

मुख्यमंत्री युवा उद्यम योजना के तहत इंडियन बैंक शाखा चील्ह से पांच लाख रुपए लोन में से 116000 कम मिलने का आरोप लगाते हुए चील्ह थाना में प्रार्थना पत्र देकर पुरा पैसा खाते में डलवाने का मांग किया है। थाना क्षेत्र के भटेवरा गांव निवासी बंटी अंसारी व आनंद मोहन ने इंडियन बैंक शाखा चील्ह से मुख्यमंत्री युवा उद्यम योजना के तहत पांच पांच लाख रुपए लोन कराया था जिसमें बंटी अंसारी ने बताया कि 15% कमीशन व जीएसटी के नाम पर 1 लाख 16000 रुपए काटकर 384000 पेमेंट किया गया है। जबकि आनंद मोहन ने बताया कि पांच लाख रुपए लोन में से 287000 रुपए दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है। 

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यमुनानगर में नकली पनीर पर छापेमारी, एक क्विंटल एनालॉग बरामद

Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर के गांधी नगर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नकली पनीर वालों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करीब एक क्विंटल एनालॉग पनीर बरामद किया गया। विभाग ने सैंपल लेने के बाद शेष पनीर को गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया। विभाग का दावा है कि यहां पिछले करीब तीन वर्षों से पनीर की सप्लाई की जा रही थी। खाद्य सुरक्षा विभाग को मिली सूचना के आधार पर फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. गुलाब के नेतृत्व में टीम ने गांधी नगर स्थित एक मकान में छापेमारी की। विभाग के अनुसार, मौके पर एनालॉग पनीर तैयार कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। टीम ने नियमानुसार सैंपल लिया और शेष पनीर को जमीन में दबा दिया। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, पनीर का काम मोतिहारी निवासी एक व्यक्ति कर रहा था। बताया जा रहा है कि यहां तैयार पनीर करीब 240 रुपये प्रति किलो की दर से डेयरी दुकानों, होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट में सप्लाई किया जाता था। विभाग का यह भी दावा है कि पनीर बनाने वाले के पास आवश्यक खाद्य कारोबार लाइसेंस नहीं था। हालांकि, उत्पाद की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। डॉ. गुलाब, फूड सेफ्टी ऑफिसर, यमुनानगर। इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं को सलाह है कि पनीर खरीदते समय केवल कम कीमत पर भरोसा न करें। विश्वसनीय दुकानदार से खरीदारी करें और उत्पाद की गुणवत्ता पर ध्यान दें। फिलहाल सभी की नजर सैंपल की जांच रिपोर्ट और विभाग की आगामी कार्रवाई पर है। आमजन की सेहत की सुरक्षा के लिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और नियमों का पालन बेहद जरूरी है.
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दिल्ली सीमा पर CJP विरोध के मद्देनजर बहादुरगढ़ में सुरक्षा बढ़ी, नाकाबंदी जारी

Jhajjar, Haryana:दिल्ली में सीजेपी के प्रोटेस्ट से पहले बहादुरगढ़ में सुरक्षा हुई कड़ी। दिल्ली जाने वाले रास्तों पर पुलिस ने की नाकेबन्दी। गाड़ियों की तलाशी और दिल्ली जाने को लेकर की जा रही पूछताछ। नाकों पर सीसीटीवी कैमरे भी हो रखे इंस्टाल। पुलिस के बड़े अधिकारियों ने किया नाकेबन्दी का निरीक्षण। कानून व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस की कार्यवाही। टिकरी बॉर्डर, झाड़ौदा बॉर्डर, यूईआर, रोहद टोल और कानोन्दा से दिल्ली जाने वाले रास्ते पर लगाए नाके। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संभावित विरोध प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली से सटे हरियाणा के बहादुरगढ़ में बॉर्डर्स पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली जाने वालों हर मुख्य मार्ग पर पुलिस ने नाकेबंदी कर दी है। टिकरी बॉर्डर से लेकर झाड़ौदा बॉर्डर, यूईआर, रोहद टोल और कानौंदा तक—हर तरफ पुलिस का कड़ा पहरा बैठाया गया है। नाकों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरों से हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। बहादुरगढ़ से दिल्ली में प्रवेश करने वाले हर वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है, और यात्रियों से दिल्ली आने का कारण भी पूछा जा रहा है। हालात का जायज़ा लेने के लिए खुद पुलिस के आला अधिकारी मैदानी इलाकों और नाकों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।
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आलीराजपुर में कांग्रेसियों का पुतला जलाने को लेकर भारी बवाल, पुलिस से भिड़ंत

Alirajpur, Madhya Pradesh:आलीराजपुर में भारी हंगामा, कांग्रेसियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश्वर कुमार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला फूंकने का प्रयास किया। इस दौरान मौके पर तैनात पुलिस बल और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झूमाझटकी हुई। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस वक्त अजीबोगरीब हो गई जब कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने चतुर रणनीति अपनाते हुए पुलिसकर्मियों को ही पकड़कर उलझाए रखा, ताकि बाकी कार्यकर्ता पुतले में आग लगा सकें। सामने आई तस्वीरों में स्पष्ट देखा जा सकता है कि एक तरफ कार्यकर्ता पुलिस को रोके हुए थे, वहीं दूसरी तरफ अन्य कांग्रेसी ज्ञानेश्वर कुमार के पुतले में आग लगाने की कोशिश करते नजर आए
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देहरादून की सड़कों पर गड्ढे, 15 अक्टूबर तक गड्ढा मुक्त का दावा खोखला

Dehradun, Uttarakhand:स्पेशल एंकर उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए 15 अक्टूबर का समय दिया है। लेकिन प्रदेश के अन्य जनपद तो छोड़िए राजधानी में भी सड़कों के हाल बेहाल हैं। जबकि जिलाधिकारी देहरादून हवा हवाई दावे कर रहे हैं। वीओ मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने हाल ही में अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि 15 अक्टूबर तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए। लेकिन राजधानी देहरादून में अधिकारियों को शायद मुख्यमंत्री का आदेश अभी तक नहीं मिला है। देहरादून की सड़कों में गड्ढे तो छोड़िए कई जगह सड़कें ऐसी हैं जो कई बार अलग-अलग विभागों द्वारा खोदी गई गई हैं। सड़कों को लेकर लोगों के हाल बेहाल हैं। लोग इतने परेशान है कि उनका कहना है कि बार-बार विभागों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन फिर भी कोई उनकी सुध लेने को तैयार नहीं है। देहरादून के मॉडल कॉलोनी के रहने वाले तिलक राज लखानी सड़कों में गड्ढों की वजह से गंभीर रूप से घायल हो गए। तिलक राज लखानी का कहना है की एक्सीडेंट में उनका पांव पूरी तरीके से फैक्चर हो गया है। एक ही सड़क को कई बार खोदा जा रहा है। यही नाराजगी राजधानी के अन्य लोगों की भी है। बाइट तिलक राज लखानी स्थानीय निवासी बाइट राजेंद्र प्रसाद गैरोला स्थानीय निवासी। वीओ देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान का कहना है कि 26 सितंबर से पहले सभी विभागों को कहा गया था कि जिन भी सड़कों में सीवर लाइन या बिजली के अंडरलाइन का काम होना है वह पूरा कर लें । 26 सितंबर के बाद सड़क को खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ जिलाधिकारी कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं। लेकिन जिलाधिकारी के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। जिलाधिकारी दावा कर रहे हैं कि 15 अक्टूबर से पहले सभी सड़कों के गड्ढे भी भर जाएंगे। लेकिन 9 अक्टूबर को हालत क्या है इन तस्वीरों में आप देख रहे हैं। बाइट आशीष चौहान DM देहरादून वीओ देहरादून में सड़कों के क्या हाल हैं । इन तस्वीरों में आप देख सकते हैं। एक सड़क में एक एजेंसी काम पूरा करती है उसके बाद सड़क बनती है। फिर दूसरी एजेंसी उसकी खुदाई कर देती है और अपनी योजना का काम शुरू कर देती है। जो सबसे बड़ी चिंता का कारण बन रहा है। राजधानी के सीनियर सिटीजन कहते हैं। की अलग अलग विभाग के अधिकारियों को बार-बार कह चुके हैं। कई बार धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। लेकिन सुनने को कोई तैयार नहीं है खराब सड़कों की वजह से आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं। टिक टैक स्थानीय लोगों के साथ वॉक थ्रू खराब सड़क दिखाते हुए
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एक मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं होना चाह‍िए- सुप्रीम कोर्ट

SShyamFollow5m ago
New Delhi, Delhi:

नई द‍िल्‍ली: सुप्रीम कोर्ट में जंतर-मंतर प्रोटेस्‍ट को लेकर शुक्रवार को सुनवाई दोबारा शुरू हुई। वकील ने मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी। CJI ने कहा कि हम मेट्रो स्टेशन बन्द होने की बात से चिंतित है। हमारी चिंता दिल्ली एनसीआर से आने वाले उन लोगों के लिए है जो हर रोज़ रोजगार के लिए दिल्ली आते हैं। एक बार को वकील की बात समझ आती है कि वो कार से आ सकते है लेकिन जो लोग मेट्रो से आते है, उनकी दिक्कत को भी देखना होगा। हमारी चिंता उन लोगों को लेकर है, जो रोजाना मेट्रो से इस शहर में आते हैं। वकीलों ने बताया कि मेट्रो ही नहीं, दिल्ली आने वाली ट्रेन को भी रद्द कर दिया गया है।

 

CJI ने कहा कि  कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों को नियम बनाने पूरा अधिकार है। इसमें कोई संदेह नहीं है। अगर आप  उपद्रवी भीड़ की आवाजाही को नियंत्रित करना चाहते हैं, तो ऐसा कर सकते हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप सब कुछ ठप कर दें और लोगों को आने-जाने के लिए कोई साधन ही न छोड़ें।

 

CJI ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए एक मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल किया जाए। जितनी ज़रूरत हो, ऑथोरिटी उतनी ही सख्ती बरते, ज़्यादा नहीं।

 

आज की  सुनवाई की बड़ी बातें-

 

-SC ने सरकार से कहा कि मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगानी चाहिए।
-सरकार सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेट्रो/ ट्रेन के संचालन पर वाजिब  नियंत्रण लगा सकती है, लेकिन आम जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
-कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा के लिए उतने ही प्रतिबंध लगाए जाएं, जितने  ज़रूरी  हों।
-SC ने कहा कि सरकार जो भी एहतियाती कदम उठा रही है, उसके लिए  व्यापक प्रचार करना होगा। इसके लिए अखबारों में सरकारी वेबसाइटों पर जानकारी दी जानी चाहिए ताकि लोगो को दिक्कत न हो।

 

SG तुषार मेहता ने  कोर्ट को आश्वस्त किया कि  इस बारे में अधिकारियों  से बात करेंगे कि ट्रेनों और मेट्रो को पूरी तरह बंद करने के फैसले पर फिर से विचार किया जाए।

 

(नई द‍िल्‍ली से जी न्‍यूज र‍िपोर्टर अरव‍िंद स‍िंह की र‍िपोर्ट)

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जंतर-मंतर पर बिना जरूरी मंजूरी के प्रदर्शन करना गैरकानूनी -सुप्रीम कोर्ट

SShyamFollow9m ago
New Delhi, Delhi:

नई द‍िल्‍ली: दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले दिल्ली आने वाली ट्रेन और मेट्रो  पर रोक लगाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को रखा।

 

सिब्बल ने कहा  10 अक्टूबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के मद्देनजर  दिल्ली मेट्रो के लगभग 57 स्टेशन बंद किए जा रहे है। दिल्ली आने वाली ट्रेनें को रद्द किया जा रहा हैं। ऐसे में लोग कहीं आ-जा नहीं सकते। मेरे देश में यह क्या हो रहा है? यह तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन है।

 

वहीं अभ‍िषेक मनु सिंघवी ने कहा क‍ि सुरक्षा के लिए CAPF की 221 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। 10 detention सेन्टर तैयार किए जा रहे हैं। OYO होटलों से कहा गया है कि वे नई बुकिंग न लें। YouTubers के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मीडिया से कहा गया है कि वे अपना आई कार्ड साथ रखें। दिल्ली पुलिस लोगों को प्रदर्शन में शामिल न होने की सलाह दे रही  है।

 

इस पर सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

 

इस बात पर याच‍िका लगाने वाले वकीलों ने जवाब दिया कि सरकार को समझना होगा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन गैरकानूनी नहीं होता। वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि  सिर्फ इसलिए कि सरकार  प्रदर्शनकारियों को संभाल नहीं पा रही हैं, वे पूरे शहर को बंद नहीं कर सकते। वकील ने बताया कि इंडियन यूथ कांग्रेस ने इजाजत मांगी थी, उन्हें नहीं मिली। इसलिये वो हाई कोर्ट गए।


इस मामले को सुनते हुए जस्टिस बागची ने कहा क‍ि लोगों  को संगठन बनाने और उससे जुड़ने का मौलिक अधिकार है, लेकिन कानून के अनुसार इस अधिकार को नियंत्रित भी किया जा सकता है। अगर अधिकारी प्रदर्शन की  अनुमति देने में देरी करते हैं या  नहीं करते हैं, तो आप कोर्ट आ सकते हैं।  लेकिन बिना ज़रूरी मंजूरी के प्रदर्शन करना गैरकानूनी होगा। अगर हमें पता चल जाए कि प्रदर्शन का आयोजन कौन कर रहा है और उसमें कितने लोगों के आने की उम्मीद है, तो हम उसी हिसाब से व्यवस्था का आदेश दे सकते है। अगर हमें यह जानकारी मिल जाए तो हम सरकार से भी कह सकते हैं कि वह उसी के अनुसार कदम उठाए, न कि पूरे शहर पर बड़े पैमाने पर बैन लगा दें।

 

इस पर सिब्बल ने कहा कि हम याचिकाकर्ताओं से पूरी जानकारी लेकर कोर्ट आएंगे। दो बजे कोर्ट को पूरी जानकारी देंगे।

 

(द‍िल्‍ली से जी न्‍यूज र‍िपोर्टर अरव‍िंद स‍िंह की र‍िपोर्ट)
 

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