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Pramod VishwakarmaPramod VishwakarmaFollow29 Nov 2024, 10:28 am
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हापुड़ में ईद-उल-फितर के लिए पुलिस मुस्तैद, शांति और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Hapur, Uttar Pradesh:आगामी ईद-उल-फितर के त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए हापुड़ में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए पुलिस बल ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया. इस दौरान चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात नजर आया. ईद की नमाज की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एडिशनल एसपी विनीत भटनागर ने साफ किया है कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है, जिससे किसी भी नागरिक को असुविधा न हो. उन्होंने बताया कि इस संबंध में सभी हितधारकों, पीस कमेटियों और मोहल्ला समितियों के साथ जिला व थाना स्तर पर बैठकें की जा चुकी हैं. सभी को उनकी जिम्मेदारियों और व्यवस्थाओं के बारे में स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं. ​इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों पर भी पुलिस की पैनी नजर है. एडिशनल एसपी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि किसी ने भी सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से आपसी भाईचारे और शांति व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास किया, तो पुलिस उसके खिलाफ बेहद सख्त और दंडात्मक कार्रवाई करेगी. पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाएं और किसी भी भ्रामक अफवाह पर ध्यान न दें. बाइट - विनीत भटनागर, एएसपी हापुड़
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मधुबनी के MDM भोजन में छिपकली, 10 बच्चे बीमार; स्कूल पर आक्रोश

Madhubani, Bihar:स्कूल के मध्यान्ह भोजन में छिपकली मिलना आम बात है। मधुबनी में MDM खाना में छिपकिली मिलने से मचा हड़कंप, करीब 10 बच्चे हुए बीमार। घटना बिस्फी प्रखण्ड के बेलौंजा गांव स्थित मिडिल स्कूल की है। बच्चे खाना खाने के बाद उल्टी करने लगे। परिजनों की माने तो खाना में छिपकिली और बच्चों को बीमार होते देख स्कूल के शिक्षक बच्चों को अस्पताल पहुंचाने की बजाय स्कूल में ताला जड़ हुए फरार। सूचना मिलते ही परिजन पीड़ित बच्चों को बिभीन्न अस्पताल लेकर भागे। गंभीर बच्चों को देख कुछ अभिभावक बच्चों को लेकर सदर अस्पताल मधुबनी पहुंचे जहां इलाज कराया गया। परीजन कुछ छात्रों को गांव के आसपास स्थित चिकित्सक के पास ले गए हैं। हालांकि इलाज के बाद बच्चों में सुधार हुआ और बच्चे और अभिभावक देर शाम अस्पताल से अपने घर लौटने लगे। स्कूल शिक्षक के खिलाफ परिजनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।हालांकि स्कूल प्रशासन मामले को दबाने का भरपूर प्रयास किया लेकिन बच्चों के अस्पताल पहुंचने पर मामले का खुलासा हुआ。
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दिल्ली रेड फोर्ट कार ब्लास्ट: उमर ने नकली पहचान से विस्फोटक के सामान खरीदे

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली रेड फोर्ट कार ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा... उमर ने राहुल भट्ट की फर्जी पहचान बनाकर खरीदे थे विस्फोटक बनाने के कैमिकल, फ्लैट में बनाई गई थी मिनी लैब दिल्ली के लाल किले के समय हुए कार ब्लास्ट मामले की जांच में सामने आया है कि इस मामले के मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर विस्फोटक बनाने के लिए कैमिकल और उपकरण खरीदे थे। जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बम बनाने से जुड़ी जानकारी जुटा रहा था और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अपने फ्लैट में उसने एक अस्थायी लैब भी तैयार कर रखी थी। जांच में पता चला है कि डॉ. उमर उन नबी, जो धमाके के वक्त विस्फोटकों से भरी कार चला रहा था और उसी ब्लास्ट में उसकी मौत हो गई थी, लंबे समय से अलग-अलग कैमिकल्स और एक्सप्लोसिव तैयार करने के तरीकों पर रिसर्च कर रहा था। NIA सूत्रों के मुताबिक उमर ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के पास अपने फ्लैट में कई प्रयोग किए थे, जिनका मकसद एक प्रोटोटाइप विस्फोटक सामग्री तैयार करना था। जांच के दौरान NIA को 25 सितंबर 2024 की एक डिलीवरी चालान मिली, जिसने विस्फोत्तक बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान की सप्लाई चेन का बड़ा राज खोल दिया। यह चालान मुंबई के एक छोटे व्यापारी द्वारा जारी किया गया था। इसमें MMO कोटेड टाइटेनियम एनोड नाम का एक खास इलेक्ट्रोड खरीदा गया था। यह उपकरण इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया में इस्तेमाल होता है और आरोपियों को अपने कैमिकल एक्सपेरिमेंट के लिए इसकी जरूरत थी। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उमर के फ्लैट में सामान्य नमक के घोल से क्लोरेट और परक्लोरेट जैसे विस्फोटक पदार्थ तैयार करने के लिए इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया अपनाई गई थी। यह तकनीक उसने अपनी रिसर्च के दौरान सीखी थी। क्लोरेट और परक्लोरेट ऐसे पदार्थ हैं जिनका इस्तेमाल आमतौर पर पटाखों और विस्फोटक सामग्री में किया जाता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह एनोड खरीदने वाला असली व्यक्ति उमर था, लेकिन चालान में खरीदार का नाम और मोबाइल नंबर किसी और का दर्ज था। जांच एजेंसी के मुताबिक उमर ने राहुल भट्ट नाम से फर्जी पहचान बनाई थी और इंडिया मार्ट प्लेटफॉर्म पर उसी नाम से अकाउंट बनाकर कैमिकल, फर्टिलाइजर बैग, एसीटोन सॉल्वेंट और एनोड जैसी चीजों की मांग डाली थी। NIA की चार्जशीट के अनुसार उमर ने अगस्त 2024 में मुंबई के दुकानदार से संपर्क किया था और करीब 25 हजार रुपये phonepe के जरिए ट्रांसफर किए थे। इसके बाद दुकानदार ने यह सामान कुरियर के जरिए अल फलाह यूनिवर्सिटी के बाहर एक पते पर भेजा, जहां से उमर ने खुद जाकर इसे हासिल किया। जांच में यह भी सामने आया है कि उमर ने इसी फर्जी पहचान का इस्तेमाल करते हुए बाद में 10 और एनोड खरीदने की कोशिश की थी। हालांकि इससे पहले कि डील पूरी हो पाती, एजेंसियों ने कथित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया। NIA के मुताबिक यह मॉड्यूल प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट यानी AQIS से जुड़े अंसार-ग़ज़वात-उल-हिंद से लिंक था। जांच एजेंसी को यह भी पता चला कि उमर और सह आरोपी डॉ. मुजम्मिल शकील पिछले साल 12 अप्रैल को गुजरात के अहमदाबाद भी गए थे। वहां उनका मकसद विस्फोटक तैयार करने के लिए जरूरी कैमिकल्स जुटाना था। दोनों ने वहां एक मस्जिद में नमाज पढ़ी और अगले दिन वापस अल फलाह लौट आए। आरोपियों के मोबाइल फोन से कट्टरपंथी जिहादी साहित्य और विस्फोटक बनाने से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। आरोपी इन्हीं सामग्रियों से प्रेरित होकर अपने प्रयोग कर रहे थे। NIA ने इस मामले में 14 मई को करीब 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में कुल 10 आरोपियों को नामजद किया गया है। REP-PRAMOD SHARAM
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हांसी के ढाणी केंदू में आग से गरीब परिवार बेघर, सहायता की मांग तेज

Hansi, Haryana:हांसी के ढाणी केंदू में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग ने एक गरीब परिवार का पूरा घर उजाड़ दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। घटना के समय परिवार के दो छोटे बच्चे अंदर सो रहे थे, लेकिन महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए बच्चों को समय रहते बाहर निकालकर उनकी जान बचा ली। आग पूरे घर में लग चुकी थी। भारी संख्या में ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आपको बता दे कि वर्षों की मेहनत से बड़ी मुश्किल से इकट्ठा किया गया घर का सारा सामान आग में जलकर राख हो गया। अब गरीब परिवार के पास कुछ भी नहीं बचा है। खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा की जरूरत का पूरा सामान आग की भेंट चढ़ गया, जिससे परिवार बेहद मुश्किल हालात में पहुंच गया है। हालांकि फायर ब्रिगेड की गाड़ी देर से पहुंची, तब तक सारा सामान जलकर राख हो चुका था。 पीड़ित रामनिवास ने बताया कि काम पर गए सदस्य के लौटने तक आग ने सब कुछ खत्म कर दिया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तुरंत राहत और आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि परिवार दोबारा अपनी जिंदगी संभाल सके。 वही पीड़ित महिला सीमा ने रोते हुए बताया कि घर में अब कुछ भी नहीं बचा है, यहां तक कि शाम का खाना बनाने तक के लिए भी राशन नहीं बचा। आग में गेहूं, कपड़े, बर्तन और रोजमर्रा का पूरा सामान जल गया, जिससे हमारा पूरा परिवार पूरी तरह बेघर और बेसहारा हो गया है。 गांव के सरपंच प्रतिनिधि विजय फौजी ने कहा कि आग लगने की घटना में गरीब परिवार का सब कुछ खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि वर्षों की मेहनत से जो सामान बड़ी मुश्किल से इकट्ठा किया गया था, वह पूरी तरह जलकर राख हो गया। उन्होंने कहा कि अब इस परिवार को दोबारा घर बसाने में कई साल लग सकते हैं, क्योंकि घर में कुछ भी शेष नहीं बचा है। आग की वजह से परिवार बेहद कठिन स्थिति में पहुंच गया है और शाम के समय खाने तक के लाले पड़ गए हैं। विजय फौजी ने प्रशासन से अपील की है कि पीड़ित परिवार की तुरंत मदद की जाए और उन्हें राहत सामग्री व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे इस संकट से बाहर निकल सकें।
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 8000 घंटियों वाली इंस्टॉलेशन से स्वागत, परेश मैती की कला से सजा टर्मिनल

Greater Noida, Uttar Pradesh:8000 घंटियों वाली इंस्टॉलेशन से होगा स्वागत, पद्मश्री कलाकार परेश मैती की कलाकृतियों से सजा एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपने टर्मिनल को भारतीय कला, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ते हुए यात्रियों के लिए एक अनोखा अनुभव तैयार किया है। एयरपोर्ट पर पद्मश्री सम्मानित कलाकार परेशा मैती की भव्य कलाकृतियां लगाई गई हैं, जो उत्तर प्रदेश और भारत की सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ प्रस्तुत करेंगी। एयरपोर्ट की डिजाइन पश्चिमी उत्तर प्रदेश की विरासत से प्रेरित है। इसमें लाल ग्रेनाइट का इस्तेमाल ऐतिहासिक स्मारकों की झलक देता है, जबकि बनारस के घाटों और पारंपरिक हवेलियों के आंगन की अवधारणा को भी टर्मिनल डिजाइन में शामिल किया गया है। यात्रियों को सुकूनभरा अनुभव देने के लिए प्राकृतिक रोशनी, खुला आंगन, ऊंची छतें और सहज नेविगेशन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। मिस्टिक अबोड को किया इंस्टॉलेशन एयरपोर्ट की सबसे खास आकर्षण ‘मिस्टिक अबोड’ इंस्टॉलेशन होगी, जिसे परेश मैती ने तैयार किया है। इसमें 8000 से अधिक पीतल की घंटियों का उपयोग किया गया है। यह कलाकृति आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच शांति, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कराने के उद्देश्य से बनाई गई है। घंटियों की ध्वनि भारतीय मंदिरों और घरों में सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। ऑयल पेंटिंग को भी लगाया गया इसके अलावा मैती की विशाल ऑयल पेंटिंग ‘जागृति’ भी एयरपोर्ट पर स्थापित की गई है। छह हिस्सों में बनी यह कलाकृति भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाती है। इसमें काशी के घाट, सारनाथ का स्तूप, आगरा का ताजमहल, मथुरा-वृंदावन का कुसुम सरोवर, अयोध्या और महाकुंभ जैसे प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को चित्रित किया गया है। पेंटिंग के सभी हिस्सों में उगते सूरज की रोशनी को प्रमुखता दी गई है, जो नए दिन के साथ आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। ‘जागृति’ भारतीय संस्कृति, स्थापत्य कला, अध्यात्म और इतिहास को समर्पित एक कलात्मक प्रस्तुति है। करीब पांच दशक लंबे करियर वाले परेश मैती भारत के प्रमुख समकालीन कलाकारों में शामिल हैं।
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कोटा मातृ मृत्यु मामले: स्वास्थ्य मंत्री ने ऑक्सीटोसिन के दावों को इनकार किया

Noida, Uttar Pradesh:NAGAUR (RAJASTHAN): GAJENDRA SINGH KHIMSAR (RAJASTHAN HEALTH MINISTER) ON KOTA MATERNAL DEATHS CASE नागौर, राजस्थान: कोटा में हुई मातृ मृत्यु की घटना पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि हम उन दवाओं के संबंध में स्थिति स्पष्ट करना चाहते हैं जो मरीज़ों को दी गई थीं. हमारी 80% दवाएँ RMSCL (राजस्थान मेडिकल सर्विसेज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के माध्यम से खरीदी जाती हैं, जबकि बाकी 20% दवाएँ स्थानीय स्तर पर खरीदी जाती हैं. RMSCL से मिली सभी दवाएँ तो सही पाई गईं, लेकिन स्थानीय स्तर पर खरीदी गई दवाओं में एक गड़बड़ी सामने आई. यह पता चला कि स्थानीय स्तर पर खरीदे गए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन में ऑक्सीटोसिन की मात्रा न के बराबर थी, यानी प्रभावी रूप से शून्य प्रतिशत. हालाँकि, किसी इंजेक्शन में ऑक्सीटोसिन की गैर-मौजूदगी से शरीर के कई अंगों का काम करना बंद नहीं होता (मल्टी-ऑर्गन फेलियर नहीं होता). मैं इन घटनाओं में ऑक्सीटोसिन की भूमिका को लेकर जो आरोप अभी लगाए जा रहे हैं, उन्हें पूरी तरह से खारिज करता हूँ; वे बिल्कुल गलत हैं. नतीजतन, हमने तत्काल प्रभाव से पूरे राजस्थान राज्य में ऐसी सभी दवाओं और इंजेक्शनों की आपूर्ति रोक दी है. हालाँकि, ऑक्सीटोसिन की गैरमौजूदगी से किसी की मौत होने की कोई सांख्यिकीय संभावना नहीं होती. इसलिए, इन गर्भवती माताओं की मौत इन खास इंजेक्शन की वजह से नहीं हुई थी, जिनमें बस ऑक्सीटोसिन तत्व की कमी थी. हम अभी कोलकाता से उन चिकित्सा उपकरणों के संबंध में रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं जिनका उपयोग इन मामलों में किया गया था; जैसे ही वह रिपोर्ट आएगी, हम यह तय कर पाएँगे कि क्या इन मौतों का असली कारण उपकरणों में कोई तकनीकी खराबी या गड़बड़ी थी...
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ईद-उल-अजहा से पहले पैदल गश्त: लखीमपुर SSP ने सुरक्षा की नई रणनीति लागू की

Noida, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश: लखीमपुर खीरी SSP ख्याति गर्ग ने ईद-उल-अजहा से पहले पैदल गश्त की। लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश: लखीमपुर खीरी SSP ख्याति गर्ग ने कहा, "आगामी ईद-उल-अजहा को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो गई है। शांति समिति की बैठकें की गई हैं। DM और मेरे द्वारा जनपदिय स्तर पर भी शांति समिति की बैठकें हुई है, जिसमें सभी धर्मगुरूओं से हमने बात की है। ज़िले में सुरक्षा-व्यवस्था को और मज़बूत करने के लिए हमने सेक्टर, ज़ोनल स्कीम लागू कर दी है, सुपर ज़ोन बनाए हैं... 27 सेक्टर बनाए हैं... 2 ड्रोन से निगरानी रखने वाली टीमें हैं... सभी लोगों से अपील है कि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाएं न फैलाएं, ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी."
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जैविक तरीके से आम उगाने वाले किसान ने बिना रसायन सीधे बाजार में बिकवाना शुरू कर दिया

Sambalpur, Odisha:ଜୈବିକ ପଦ୍ଧତି ରେ ଆମ୍ବ ଚାଷ କରି ଲୋକଙ୍କୁ ସିଧାସଳଖ ବିକ୍ରି କରୁଛନ୍ତି ଉତ୍କର୍ଷ ନେଚର ଭିଲେଜ ର ଶିତିକଣ୍ଠ ବେହେରା |ଲକ୍ଷ ଲୋକେ ସିଧାସଳଖ ବିନା ସାର ଦିଆ ଆମ୍ବ ବିକ୍ରେତାଙ୍କ ଠାରୁ ପାଇବେ | ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଜୈବିକ ପଦ୍ଧତି ରେ ଆମ୍ବ ଚାଷ ହେଉଥିବା ବେଳେ କୌଣସି ରାସାୟନିକ ସାର ବ୍ୟବହାର ହୁଏ ନାହଁିଁ | ତା ସହ ଆମ୍ବ ପାଚିବା ପାଇଁ କୌଣସି କେମିକାଲ ବ୍ୟବହାର ହୁଏ ନାହିଁ,ଗଛରେ ଯେତେ ଆମ୍ବ ପାଚେ ତାହାକୁ ସଂଗ୍ରହ କରି ବିକ୍ରି କରାଯାଏ |ଏହା ଦ୍ୱାରା ଲୋକଙ୍କୁ କେମିକାଲ ମୁକ୍ତ ଆମ୍ବ ବିକ୍ରି କରିବା ଦ୍ୱାରା ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ମଧ୍ୟ ଠିକ ରହିବ |ଏବେ ସେ ଚାରି ଶହ ଆମ୍ବ ଗଛ ଭର୍ମି କମ୍ପୋଷ୍ଟ,ଖତ ଇତ୍ୟାଦି ଦେଇ ଚାଷ କରିଛନ୍ତି |ବର୍ତମାନ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ୭୦ ହଜାର ସରିକି ବିକ୍ରି ସରିଥିବା ବେଳେ ଆଗକୁ ଆହୁରି ଆମ୍ବ ବାହାରିବ ଓ ବିକ୍ରି ହେବ ବୋଲି କୁହାଯାଇଛି |ଅଲଫେନଶୋ,ଦସେରୀ,ଆମ୍ରପଲ୍ଲୀ,ଲେଙ୍ଗଡ଼ା इत्यାଦି ଅନେକ ପ୍ରଜାତି ଦେଶିୟ ଆମ୍ବ ଚାଷ କରିଥିବା ବେଳେ କମ କରି ବିଦେଶୀ ଆମ୍ବ ଚାଷ ମଧ୍ୟ କରିଥିବା କହିଛନ୍ତି ଶିତିକଣ୍ଠ |
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