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AKAmit Kumar BhargavaFollow12 Jan 2025, 09:42 am
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राजस्थान HC ने कुंभलगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों के निवास अधिकार को मान्यता दी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने कुंभलगढ़ किले के आसपास स्थित राजसमंद जिले के गांव गवार के ग्रामीणों को महत्वपूर्ण राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि जो लोग पीढ़ियों से अपने पुराने मकानों में रह रहे हैं, उन्हें केवल पुरातात्विक संरक्षण के नाम पर बेदखल नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसे ग्रामीण अपने पुराने मकानों की मरम्मत करा सकते हैं तथा मौजूदा ढांचे पर परिवार की आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त निर्माण भी कर सकेंगे, लेकिन इसके लिए संबंधित भवन निर्माण नियमों के तहत आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा एवं न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने वर्ष 2021 से लंबित जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। याचिका ग्रामीणों की ओर से दायर की गई थी जिसमें अधिवक्ता अजीज खान एवं अधिवक्ता पिंकी बोराणा ने पैरवी की। याचिका में बताया गया था कि ग्रामीण वर्षों से अपनी खातेदारी भूमि पर बसे हुए हैं। परिवारों की संख्या बढ़ने के कारण उन्हें मकानों की मरम्मत और अतिरिक्त कमरे बनाने की आवश्यकता है, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) तथा राज्य सरकार के अधिकारी यह कहते हुए निर्माण कार्य रोक रहे हैं कि यह क्षेत्र कुंभलगढ़ किले के संरक्षित पुरातात्विक क्षेत्र के निकट आता है। ग्रामीणों को प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 की धाराओं 3 और 4 के तहत नोटिस भी जारी किए गए थे। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि राजस्थान के किलों में लोगों का निवास कोई नई बात नहीं है। जैसलमेर, चित्तौड़गढ़, जयपुर, बीकानेर तथा जोधपुर जैसे ऐतिहासिक शहरों और किलों के आसपास भी लंबे समय से लोग निवास कर रहे हैं और उन्हें सामान्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में केवल पुरातात्विक संरक्षण का हवाला देकर सदियों से बसे लोगों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। खंडपीठ ने कहा कि पुरातात्विक स्थलों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इसके साथ वहां लंबे समय से रह रहे लोगों के आवासीय अधिकारों की भी रक्षा की जानी चाहिए। यदि किसी मकान की पुरानी नींव पहले से मौजूद है तो उसकी मरम्मत और उसी आधार पर आवश्यक अतिरिक्त निर्माण की अनुमति दी जानी चाहिए। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आदेश का अर्थ नए निर्माण की अनुमति नहीं है। किसी भी नए भवन की नई नींव डालकर निर्माण करने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही किसी भी प्रकार का अतिक्रमण पुरातात्विक स्थल पर नहीं किया जा सकेगा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अतिरिक्त निर्माण से पहले संबंधित व्यक्ति को लागू भवन निर्माण नियमों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमति प्राप्त करनी होगी।इसके साथ ही निर्देशों के साथ हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी विशेष मामले में आदेश के संबंध में स्पष्टीकरण की आवश्यकता हो तो संबंधित पक्ष कोर्ट का रुख कर सकते हैं। बाइट अजीज खान अधिवक्ता
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जयपुर में हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार और फिरौती 5 लाख

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में हनीट्रैप गैंग का खुलासा हुआ है। सोडाला थाना पुलिस ने एक ऐसी गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसमें महिला पहले व्यापारी से दोस्ती करती थी, फिर उसे अपने प्रेमजाल में फंसाकर सुनसान जगह ले जाती थी। इसके बाद गैंग के बाकी सदस्य व्यापारी का अपहरण कर दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते और 5 लाख रुपये की फिरौती मांगते थे। पुलिस ने महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह की महिला सदस्य दिनेश बाई उर्फ अनुष्का मीणा ने पहले योजनाबद्ध तरीके से व्यापारी से संपर्क बढ़ाया। वह कई बार उसकी दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंची और धीरे-धीरे विश्वास जीत लिया। इसके बाद उसने व्यापारी को खाटू श्यामजी दर्शन के बहाने अपने साथ चलने के लिए तैयार किया।जैसे ही व्यापारी महिला के साथ रवाना हुआ, रास्ते में पहले से मौजूद गैंग के चार अन्य सदस्य भी पहुंच गए। आरोपियों ने व्यापारी का अपहरण कर लिया और उसके परिजनों को फोन कर दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए 5 लाख रुपये की फिरौती मांगनी शुरू कर दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने व्यापारी को सकुशल दस्तयाब कर लिया और महिला सहित पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि पूरा मामला हनीट्रैप के जरिए ब्लैकमेलिंग और फिरौती वसूलने की साजिश का था।
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CRPF के हेड कांस्टेबल विष्णु बघेल नागांव कैंप में गोलीबारी से शहीद

Raebareli, Uttar Pradesh:बालाघाट जिले के परसवाड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम भीकेवाड़ा (शेरपार) निवासी सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल विष्णु बघेल असम के नौगांव स्थित कैंप में हुई गोलीबारी की दुखद घटना में वीरगति को प्राप्त हो गए थे। 44 वर्षीय विष्णु बघेल श्रीराम बघेल के इकलौते पुत्र थे और सीआरपीएफ की 34वीं बटालियन में पदस्थ थे। जानकारी अनुसार, 4 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे 34 वीं बटालियन के नौगांव कैंप में गेट गार्ड ड्यूटी पर तैनात ASI बलानी प्रेमावरम ने गार्ड रूम से इंसास राइफल उठाकर क्वार्टर गार्ड में अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान विष्णु बघेल के पेट में गोली लगी। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी ASI बैरक पहुंचा, जहां उसने फिर गोलीबारी की। इस हमले में SI राम नवल सिंह यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ASI माने गोबिंद के पैर में गोली लगने से वे घायल हो गए। बाद में आरोपी ASI ने उसी राइफल से स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। शहीद विष्णु बघेल के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। शहीद विष्णु बघेल का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर आज उनके पारंपरिक गांव भीकेवाड़ा (शेरपार) पहुंचा, जहां उनके अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। उनके पार्थिव शरीर को CRPF के सजे धजे वाहन पर रखकर क्षेत्र भ्रमण उपरांत मोक्षधाम पहुंचा, जहां CRPF के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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गोरखपुर में सीमा विवाद के चलते बुजुर्ग शव दो घंटे सड़क किनारे, पुलिस जवाबदेही पर सवाल

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर जनपद के कौड़ीराम फोरलेन पर हवेली होटल के पास गुरुवार को सड़क किनारे एक वृद्ध का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में गगहा और बांसगांव थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। लोगों को उम्मीद थी कि पुलिस तुरंत शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजेगी, लेकिन मौके पर ठीक इसका उल्टा हुआ। दोनों थानों की पुलिस घटनास्थल को लेकर सीमा विवाद में उलझ गई। काफी देर तक बहस होती रही कि शव किस थाना क्षेत्र में मिला है। इस दौरान करीब दो घंटे तक बुजुर्ग का शव तेज धूप में सड़क किनारे यूं ही पड़ा रहा और स्थानीय मजबूर लोग पुलिस की इस संवेदनहीनता की तमाशा को एकटक देखते रहे। लोगों का कहना था कि पुलिस के लिए इंसानियत से ज्यादा थाना सीमा महत्वपूर्ण हो गई। करीब दो घंटे की माथापच्ची के बाद यह स्पष्ट हुआ कि घटनास्थल गगहा थाना क्षेत्र में आता है। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। अब गगहा थाने के अन्तर्गत आने वाली सोहगौरा चौकी पुलिस व बांसगांव थाने के अंतर्गत आने वाली कौड़ीराम चौकी पुलिस चौकियों के बीच जिम्मेदारी को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई। दोनों चौकियों के बीच भी काफी देर तक यह तय नहीं हो सका कि कार्रवाई कौन करेगा। आखिरकार उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद सोहगौरा चौकी प्रभारी ने मामले की जिम्मेदारी ली। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। लेकिन तब तक बुजुर्ग का शव लगभग दो घंटे से अधिक समय तक सड़क किनारे धूप में पड़ा रहा। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच में मृतक की पहचान 70 वर्षीय संग्राम, निवासी जयंतीपुर, थाना बांसगांव के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि संग्राम बुधवार को घर से निकले थे। गुरुवार को पुलिस ने सूचना दी कि उनका शव कौड़ीराम फोरलेन के पास सड़क किनारे मिला है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सड़क किनारे एक बुजुर्ग का शव पड़ा था, तब पुलिस की पहली जिम्मेदारी शव को सम्मानपूर्वक कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई करना थी या फिर थाना और चौकी की सीमा तय करना? दो घंटे तक चली इस खींचतान ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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IIMUN मंच पर भागवत-संवाद: जेन ज़ेड और युवा आवाज़ पर तेज़ चर्चा

Noida, Uttar Pradesh:मुंबई: IIMUN इवेंट में RSS प्रमुख मोहन भागवत के साथ बातचीत पर एक्ट्रेस कुब्रा सैत कहती हैं, "अगर हम मौजूदा माहौल को देखें, तो मुझे नहीं लगता कि युवाओं की आवाज़ से ज़्यादा अहम किसी और की आवाज़ है। हमने हाल ही में उनके विरोध प्रदर्शन और सोचने का तरीका देखा है... यह बहुत ज़रूरी है कि हम उनकी बात सुनें..." बीजेपी नेता पंकजा गोपीनाथ मुंडे कहती हैं, "मुझे लगता है कि IIMUN ने आज एक शानदार कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें 'जेन अल्फा' और 'जेन ज़ेड' के सदस्य शामिल हुए। ऋषभ (IIMUN के संस्थापक) ने परम पूज्य मोहन भागवत जी के साथ बहुत अच्छी बातचीत की। उस बातचीत के हर शब्द और हर लाइन से एक साफ़ दिशा मिली। मोहन जी ने सभी सवालों کا जवाब बहुत संवेदनशीलता के साथ दिया। उन्होंने कीमती सुझाव दिए और हर बात को बहुत साफ़-साफ़ समझाया..." अमृता फडणवीस - आइए आगे की ओर देखें हमारे बच्चों की चिंताओं पर ध्यान दिया जा रहा है। एक्टर साइरस ब्रोचा कहते हैं, "ऋषभ ने इसमें बहुत अच्छा काम किया है। उनके विचार और विज़न बहुत अलग, बहुत प्रभावशाली और भविष्य को ध्यान में रखने वाले हैं। मैं इस बात की तारीफ़ करता हूँ कि उन्होंने एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म बनाया है जहाँ एक तरफ़ RSS के प्रवक्ता भागवत हैं और दूसरी तरफ 'जेन ज़ेड' है। भागवत और 'जेन ज़ेड' के बीच जो जुड़ाव और पुल बना है, वह मुझे एक सकारात्मक संकेत लगता है..." साइंटिस्ट और ISRO के पूर्व चेयरमैन ए. एस. किरण कुमार कहते हैं, "IIMUN जो कर रहा है, वह अगली पीढ़ी को सही दिशा दिखाने का ए. ज़बरदस्त काम है। यह बहुत ज़रूरी चीज़ है। समाज को बदलना होगा। समाज जगह रुका नहीं रह सकता... बदलाव अगली पीढ़ी ही लाती है। वे ज़्यादा उत्सुक हैं वे बदलाव चाहते हैं..."
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हरदोई की आठ विधानसभा सीटों पर BJP का मजबूत कब्जा, 2027 चुनाव के मुद्दे प्रमुख

Noida, Uttar Pradesh:हरदोई जनपद में आठ विधानसभा सीट है जिनमें हरदोई सदर से नितिन अग्रवाल शाहाबाद से रजनी तिवारी संडीला से अलका अर्कवंशी बिलग्राम-मल्लावां से आशीष सिंह आशू सवायजपुर से कु. माधवेंद्र प्रताप सिंह गोपामऊ से श्यामप्रकाश सांडी से प्रभाष कुमार बालामऊ से रामपाल वर्मा विधायक हैं。 इन सभी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है,2027 विधानसभा चुनाव को लेकर लोगों की अलग-अलग राय है लोगों ने विकास रोजगार,स्वास्थ्य, शिक्षा,कानून व्यवस्था,सड़क बिजली,पानी समेत स्थानीय समस्याओ और विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी,ऐसे में आने वाले समय पर जनता किन मुद्दों को लेकर वोट करेगी यह देखना काफी अहम होगा आशीष द्विवेदी हरदोई UP
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यमुना जलस्तर बढ़ने से मथुरा में आपदा तैयारी तेज, शेल्टर और चौकियाँ तैयार

Noida, Uttar Pradesh:मथुरा, उत्तर प्रदेश। यमुना का जलस्तर बढ़ गया है जिसके बाद प्रशासन ने तैयारियों का जायजा लिया। जिला मजिस्ट्रेट सी.पी. सिंह ने इस मामले में कहा, "हमारे यहां मथुरा में यमुना नदी लगभग 85 किलोमीटर की लंबाई में बहती है और पूरे जनपद को बीच से बांटती है। ओखला बैराज से पानी छोड़ा जाता है, वो पानी हमारे यहां आता है और बाढ़ जैसा रूप लेता है मगर अभी इतना पानी नहीं छोड़ा गया है। वहां से पानी छोड़ा गया है जिससे जलस्तर की वृद्धि हुई है मगर अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है और न ही ऐसी कोई संभावना नजर आ रही है मगर किसी भी आकस्मिकता के लिए हम लोग तैयार हैं। गत वर्ष इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी बाढ़ मथुरा में आई थी जिसका अनुभव हमें है। हमारे शेल्टर होम तैयार है, जरूरत पड़ने पर लोगों को कहां-कहां ले जाना है उसके लिए हमारी बाढ़ चौकियां तैयार हैं। इसके अलावा गायों को भी शिफ्ट करने के लिए हम लोगों ने तैयारी कर ली है..."
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रोहतक में सफाई कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल से शहर में कचरा फैल गया

Rohtak, Haryana:रोहतक में सफाई कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल, सड़कों पर कचरा नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की रोहतक इकाई ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए वीरवार से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। सभी कर्मचारी नगर निगम कार्यालय परिसर में हड़ताल पर बैठ गए। जिसके चलते सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई और सड़कों पर कचरा फैल रहा है। कुछ जगह कूड़े के वाहनों को सड़क के बीच में खाली कराया जा रहा है। इकाई प्रधान शंभू टांक ने बताया कि मांगें पूरी नहीं होने से 8 अगस्त तक तीन दिवसीय हड़ताल रहेगी। उन्होंने बताया कि 13 मई को सरकार के साथ हुई वार्ता में कर्मचारियों की मांगों से संबंधित परिपत्र अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन हो जाएगी।
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