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HKHare Krishana GoyalFollow14 Jan 2025, 12:03 pm
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गाय के गोबर से गणेश प्रतिमाएं: नए इको-फ्रेंडली कारोबार ने लोकप्रियता पकड़ ली

Khandwa, Madhya Pradesh:अनोखे गणेश: गाय के गोबर से बनी इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं, मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ शुरू किया कारोबार... एंकर... कुछ नया करने की ललक ने आईटी सेक्टर में काम करने वाले तीन नवयुवकों को भगवान गणेश ने ऐसा आईडिया दिया जो न केवल नया है बल्कि पर्यावरण हितैषी होने के साथ-साथ रोजगार परक भी है। इनके नवयुवकों ने गाय के गोबर को प्रोसेस करके गणेश जी की प्रतिमाएं बनाई हैं जो शहर की सीमा लांघकर दूसरे प्रदेशों तक भी पहुंच रहे हैं। VO खंडवा के मलगांव में इस बार गणेश उत्सव को लेकर अनोखी पहल देखने को मिल रही है। यहां गाय के गोबर से भगवान गणेश की इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। खास बात यह है कि इस अनोखे काम की शुरुआत मल्टीनेशनल कंपनियों की नौकरी छोड़_three दोस्तों के द्वारा की गई। उद्देश्य है आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना। इसका स्टाल भी लगाया गया और लोगों का रुझान भी इनकी ओर दिखाई दिया। इतना ही नहीं इन लोगों ने तीज त्योहार पर नदियों में छोड़े जाने वाले प्लास्टिक के दीपक और दोनों के स्थान पर आटे के दीपक भी बनाए हैं। बाइट - सागर पटेल...मलगांव इनका कहना है कि इसका मकसद पीओपी और रासायनिक रंगों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और लोगों को इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा अपनाने के लिए प्रेरित करना है। मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी करने के बाद शुरू किया गया यह अनोखा कारोबार अब आस्था के साथ रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को भी जोड़ रहा है। मलगांव में तैयार हो रही ये प्रतिमाएं लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। बाइट - अभिषेक राठौर , मूर्ति निर्माता मलगांव में तैयार हो रहे ये इको-फ्रेंडली गणेश आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। गाय के गोबर से बनी इन प्रतिमाओं ने गणेश उत्सव को एक नई सोच से जोड़ दिया है।
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पानी के छींटे पड़ने के विवाद में हुई थी चाकुबाजी, दो आरोपी हिरासत में

ASAmit SinghFollow1m ago
Deoria, Uttar Pradesh:गौरीबाजार थाना क्षेत्र के चिलौना गांव में पानी के छींटे पड़ने को लेकर हुए विवाद के बाद दो युवकों ने एक युवक पर चाकू से हमला कर दिया । घटना में देवतहा गांव निवासी विशाल यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर रही है। पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर को विशाल यादव पुत्र भभूतन यादव का चिलौना गांव निवासी अभिषेक पुत्र शारदा गौड़ और करमहा गांव निवासी विकास यादव पुत्र राम प्रवेश के साथ पानी के छींटे पड़ने को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद को लेकर 14 सितंबर को अभिषेक और विकास ने विशाल यादव पर चाकू से हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही गौरीबाजार पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों की मदद से घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीबाजार पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर किया।वहा से उसे गोरखपुर मेडिकल कालेज भेज दिया गया।इस बाबत क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर राजेश चतुर्वेदी ने बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। घायल के परिजनों से तहरीर प्राप्त कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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शहापुर में ३७० बाप्पा का विसर्जन: पुलिस ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम कर दिए

Thane, Maharashtra:शहापूरमध्ये काल मोठ्या उत्साहात बाप्पाचे आगमन झाले आणि आज दीड दिवसांच्या ३७० बाप्पाला निरोप दिला जाणार आहे. यासाठी शहापूर पोलिसांनी जय्यत तयारी केली आहे. शहापूरमध्ये काल ढोल-ताशांच्या गजरात आणि भक्तिमय वातावरणात बाप्पाचे आगमन झाले होते. आज शहापुरातील दीड दिवसांच्या ३७० बाप्पाचे विसर्जन होत आहे. शहापूर तालुका पोलीस ठाण्याचे कर्मचारी विसर्जन घाटावर जाण्यासाठी सज्ज झाले आहेत. कर्तव्यावर जाण्यापूर्वी पोलिसांनी पोलीस ठाण्यातील बाप्पाचे दर्शन घेत कर्तव्यावर रवाना होतानाचे चित्र पाहायला मिळाले. विसर्जनस्थळी कोणताही अनुचित प्रकार घडू नये यासाठी तालुक्यातील सर्व विसर्जन घाटांवर पोलीस बंदोबस्त रवाना करण्यात आला आहे.
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बैरिया अंचल कार्यालय में अभिलेख छेड़छाड़ से भ्रष्टाचार का बड़ा मामला उजागर

Bettiah, Bihar:बेतिया से बड़ी खबर है जहां बैरिया अंचल कार्यालय की बड़ी लापरवाही सामने आई है अंचलाधिकारी अजय कुमार के खिलाफ पर्चाधारियों ने मोर्चा खोल दिया है पर्चाधारियों के अभिलेख में बड़े पैमाने पर छेड़ छाड़ का मामला सामने आया है जिससे अंचल में व्याप्त भ्रष्टाचार उजागर गया है पर्चाधारियों ने थाना में आवेदन दिया है कि उनके जमीनों के कागजात में छेड़ छाड़ हुआ है जिससे जिला में हड़कंप मच गया है । पीड़ित बिट्टू कुमार सुरेश प्रसाद ने बैरिया थाना में आवेदन दिया है उनके अभिलेख में छेड़ छाड़ हुआ है जिसमें नजीर और स्कैन करने वाले की बड़ी भूमिका है सुरेश प्रसाद ने आवेदन में लिखा है कि जब वह अपने कागजात को ऑनलाइन देखे तो उसमें उनके पिता के नाम में छेड़ छाड़ हुआ है वही बिट्टू कुमार ने भी अपने कागजात में छेड़ छाड़ का आरोप लगाया है। इस घटना से जिले में बैरिया अंचल में हो रहे भ्रष्टाचार का मामला उजागर हो गया है जिला में हड़कंप मच गया है अंचल कार्यालय के कर्मियों के मिलीभगत से अभिलेखों में गड़बड़ी की जा रही है। मामलें में बैरिया सीओ अजय कुमार ने बताया कि अभिलेख में छेड़ छाड़ का मामला सामने आया है राज्य सरकार अंचल कार्यालय के अभिलेखों को स्कैनिंग कराने के लिए एजेंसी हायर किया है कुछ पर्चाधारियों ने लिखित शिकायत की है कि उनके अभिलेख में छेड़ छाड़ हुआ है जो जांच में भी सामने आया है हमने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभिलेखों को अपने कस्टडी में कर लिया है। इस बड़ी लापरवाही की जानकारी बेतिया डीएम तरनजोत सिंह और एडीएम को मेरे द्वारा लिखित में दी जा रही है। इस बड़े धांधली में कौन कौन शामिल है उन सभी को शिनाख्त कर उनके ऊपर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी जिनके अभिलेख में गड़बड़ी हुई है उनका दुरुस्त किया जाएगा। बता दे की बैरिया अंचल के सीओ अजय कुमार के खिलाफ आमलोगों में आक्रोश है जाति निवास परिमार्जन म्यूटेशन के कार्यों का अंचल में निष्पादन नहीं हो रहा है जिससे आमलोगों में आंचलकर्मियों के खिलाफ आक्रोश है तो दूसरी तरफ अभिलेखों में छेड़ छाड़ का मामला सामने आने से अंचलाधिकारी अजय कुमार सहित अन्य कर्मियों की मुश्किले बढ़ गई है।
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अंबाला के मुलाना में रंजिश के चलते फायरिंग, बलविंद्र घायल

Ambala, Haryana:अंबाला के मुलाना में पुरानी रंजिश के चलते फायरिंग का मामला सामने आया है। गांव कलालटी में खेतों की ओर जा रहे युवक पर 10 से 15 हथियारबंद बदमाशों ने कथित तौर पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। गोली लगने से बलविंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि बलविंद्र अपने भाइयों के साथ पशुओं के लिए घास काटने खेतों की ओर जा रहा था। इसी दौरान हमलावरों ने रास्ते में घेरकर उस पर फायरिंग कर दी। वारदात के बाद आरोपी कार और बाइकों से मौके से फरार हो गए। वहीं, घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क से नीचे गिरी एक कार और दो नंबर प्लेट दिखाई दे रही हैं। वीडियो में मौजूद लोग इन नंबर प्लेटों को फायरिंग करने वाले आरोपियों की कारों का बता रहे हैं। हालांकि, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। सूचना मिलते ही मुलाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस घायल और परिजनों के बयान दर्ज कर आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है.
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अलवर निकाय चुनाव: निर्दलीयों ने सत्ता की चाबी थामी, भाजपा-कांग्रेस ठोकरें खाईं

Alwar, Rajasthan:निकाय चुनाव में भाजपा-कांग्रेस को झटका, निर्दलीयों ने संभाली सत्ता की चाबी; 12 में सिर्फ 2 निकायों में मिला स्पष्ट बहुमत अलवर जिले के नगर निकाय चुनाव परिणामों ने भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों को बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। जिले के 12 निकायों में भाजपा को केवल नौगांवा और खेड़ली में स्पष्ट बहुमत मिल सका, जबकि शेष निकायों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने दोनों दलों के समीकरण बिगाड़ते हुए सत्ता की चाबी अपने हाथ में रखी है। सबसे बड़ा उलटफेर राजगढ़ में देखने को मिला, जहां 40 वार्डों में से 31 पर निर्दलीय प्रत्याशीों ने जीत दर्ज की। भाजपा महज 6 और कांग्रेस 3 सीटों पर सिमट गई। अलवर जिले में राजगढ़, थानागाजी और कठूमर पुरानी नगर पालिकाएं हैं, जबकि मालाखेड़ा, नौगांवा, रामगढ़, बड़ौदामेव, गोविंदगढ़, लक्ष्मणगढ़ सहित अन्य निकायों में पहली बार चुनाव हुए हैं। वहीं, अलवर नगर निगम के गठन के बाद यह पहला नगर निगम चुनाव था। नतीजों ने साफ कर दिया कि स्थानीय निकाय चुनाव में मतदाताओं ने कई जगह पार्टी के बजाय प्रत्याशी और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दी। राजगढ़ में केंद्रीय विद्यालय का मुद्दा भाजपा-कांग्रेस पर भारी राजगढ़ में केंद्रीय विद्यालय का मुद्दा चुनाव में सबसे प्रभावी रहा। केंद्रीय विद्यालय की मांग को लेकर करीब नौ माह से आंदोलन चल रहा है। आवाज मंच से जुड़े लोगों ने घर-घर और प्रतिष्ठानों पर ‘केंद्रीय विद्यालय नहीं तो वोट नहीं’ के पोस्टर लगाए। 15 अगस्त की तिरंगा रैली में भी यही नारा प्रमुखता से दिखाई दिया। चुनाव में इसका सीधा असर भाजपा और कांग्रेस दोनों पर पड़ा। स्थिति यह रही कि भाजपा को कई वार्डों में टिकट लेने के लिए भी पर्याप्त दावेदार नहीं मिले। राजगढ़ के लिए स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय को रैणी के दलालपुरा में खोले जाने का विरोध आंदोलन का मुख्य आधार रहा。 नौगांवा में भाजपा की रणनीति सफल नौगांवा भाजपा के लिए जिले में सबसे मजबूत प्रदर्शन वाला निकाय रहा। पार्टी ने टिकट वितरण में स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखा। वार्ड 17 और 19 को एससी के लिए आरक्षित किए जाने का विरोध भी हुआ, क्योंकि इन वार्डों में एससी मतदाताओं की संख्या नहीं थी। इसके बावजूद भाजपा ने यहां बेहतर प्रदर्शन किया। वार्ड 19 से भाजपा प्रत्याशी राजेश सिंह पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। परिणामस्वरूप नौगांवा में भाजपा स्पष्ट बहुमत हासिल करने में सफल रही。 रामगढ़ में टिकट वितरण का असंतोष पड़ा भारी रामगढ़ में भाजपा ने 35 में से 28 वार्डों में ही प्रत्याशी उतारे। इनमें से 13 प्रत्याशी जीतने में सफल रहे। टिकट वितरण को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष रहा और कई बागी प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतर गए। इनमें से अधिकांश बागियों ने जीत दर्ज कर पार्टी के समीकरण बिगाड़ दिए। कांग्रेस ने भी संभावित विरोध से बचने के लिए केवल 20 वार्डों में प्रत्याशी उतारे। कुछ पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ने के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान संभाला。 मालाखेड़ा में कांग्रेस का गढ़ भी नहीं बच सका पार्टी को मालाखेड़ा लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन इस चुनाव में निर्दलीयों का दबदबा देखने को मिला। भाजपा के पास मजबूत स्थानीय नेतृत्व और प्रभावशाली चेहरों की कमी का असर टिकट वितरण में भी दिखाई दिया। कांग्रेस के लिए सबसे शर्मनाक स्थिति वार्ड 9 में रही, जहां उसके प्रत्याशी नरेश जोशी को एक भी वोट नहीं मिला। परिणामों ने कांग्रेस के परंपरागत प्रभाव वाले क्षेत्र में भी बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत दिया。 बहादुरपुर में कांग्रेस की गुटबाजी ने बिगाड़ा गणित बहादुरपुर में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी और बागियों ने पार्टी का समीकरण बिगाड़ दिया। दूसरी ओर भाजपा ने अपेक्षाकृत मजबूती से चुनाव लड़ा। इसके बावजूद भाजपा बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी। यहां भी निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका निर्णायक बन गई。 लक्ष्मणगढ़ में दोनों दलों से दूर रहे मतदाता लक्ष्मणगढ़ में भाजपा ने 25 में से केवल 20 वार्डों में प्रत्याशी उतारे, जबकि कांग्रेस महज 13 वार्डों में चुनाव लड़ सकी। दोनों प्रमुख दलों के सीमित प्रत्याशी और कमजोर संगठनात्मक तैयारी का लाभ निर्दलीयों को मिला। यहां 14 निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। नतीजों से स्पष्ट है कि मतदाताओं ने कई वार्डों में पार्टी के बजाय स्थानीय चेहरों पर भरोसा जताया。 गोविंदगढ़ में सुखवंत की प्रतिष्ठा दांव पर, भाजपा सबसे बड़ी पार्टी गोविंदगढ़ को रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह का गृहक्षेत्र माना जाता है, इसलिए यहां उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर थी। भाजपा ने 25 में से 23 वार्डों में प्रत्याशी उतारे और 12 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। कांग्रेस ने केवल 12 वार्डों में चुनाव लड़ा और उसे सिर्फ 2 सीटें मिलीं। हालांकि भाजपा बहुमत से एक सीट दूर रह गई, ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका निर्णायक होगी。 थानागाजी में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से दो कदम दूर थानागाजी में पिछले कांग्रेस बोर्ड के दौरान विकास को लेकर लोगों में नाराजगी का असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया। कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर भी फूट रही और पार्टी ने 25 में से 23 वार्डों में ही प्रत्याशी उतारे। भाजपा का टिकट वितरण अपेक्षाकृत बेहतर रहा और उसे 11 सीटें मिलीं। कांग्रेस 7 सीटों पर सिमट गई। हालांकि भाजपा बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से दो सीट दूर है, इसलिए निर्दलीय प्रत्याशी यहां भी सत्ता की दिशा तय करेंगे。 बड़ौदामेव में बागियों ने दोनों दलों को दिया झटका बड़ौदामेव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही टिकट वितरण को लेकर विवादों में रहीं। स्थानीय दावेदारों की जगह दूसरे वार्डों से जुड़े लोगों को टिकट दिए जाने का विरोध हुआ। दोनों दलों के बागी प्रत्याशी ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के सामने चुनौती पेश की और चुनावी समीकरणों को प्रभावित किया। परिणामस्वरूप किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल सका。 कठूमर में विकास का मुद्दा भाजपा पर भारी कठूमर में विकास के मुद्दे को लेकर भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा। भाजपा केवल 5 सीटों पर जीत दर्ज कर सकी, जबकि कांग्रेस ने 10 सीटें जीतकर बढ़त बनाई। भरतपुर सांसद संजना जाटव की सक्रियता का लाभ कांग्रेस को मिला। कठूमर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी。 खेड़ली में भाजपा का गढ़ बरकरार खेड़ली भाजपा का परंपरागत मजबूत क्षेत्र रहा है और इस चुनाव में भी पार्टी ने अपना दबदबा कायम रखा। पिछले चुनाव में भाजपा को 13 सीटें मिली थीं। इस बार भी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया। स्थानीय स्तर पर खींची परिवार के प्रभाव का असर भी दिखाई दिया। वार्ड 10 और 17 में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए। वहीं कांग्रेस का टिकट वितरण पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हुआ。 छह विधायकों की प्रतिष्ठा भी लगी थी दांव पर निकाय चुनावों में अलवर जिले के छह विधायक की राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर थी। पार्टियों ने कई क्षेत्रों में विधायक को चुनाव संचालन की जिम्मेदारी सौंपी थी। रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह अपने क्षेत्र की रामगढ़, नौगांवा, गोविंदगढ़ और बड़ौदामेव में से केवल नौगांवा में भाजपा को स्पष्ट बहुमत दिला सके। कठूमर विधायक रमेश खींची भी कठूमर और खेड़ली में से केवल खेड़ली में पार्टी को स्पष्ट बहुमत दिलाने में सफल रहे थे। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली अपने प्रभाव वाले मालाखेड़ा और बहादुरपुर, दोनों निकायों में कांग्रेस को बहुमत नहीं दिला सके। राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधायक मांगेलाल मीणा के क्षेत्र में भी कांग्रेस की स्थिति कमजोर रही। लक्ष्मणगढ़ में कांग्रेस को सिर्फ 4 और राजगढ़ में 3 सीटें मिलीं। थानागाजी विधायक कांति मीणा के क्षेत्र में भाजपा 11 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि कांग्रेस को केवल 7 सीटें मिलीं। अलवर नगर निगम में भी भाजपा स्पष्ट बहुमत से पांच सीट दूर रह गई। ऐसे में वन राज्यमंत्री और अलवर विधायक संजय शर्मा के सामने भी बोर्ड गठन की चुनौती बनी हुई है。 कुल मिलाकर निकाय चुनाव के नतीजों ने अलवर की राजनीति में एक अहम संकेत दिया है—मतदाताओं ने कई जगह भाजपा और कांग्रेस के बजाय स्थानीय मुद्दों, प्रत्याशी और बागियों को तरजीह दी। यही वजह है कि जिले के अधिकांश निकायों में बोर्ड गठन का रास्ता निर्दलीयों के समर्थन से होकर गुजरने वाला है。
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चिरंजीव राव बोले: नए नेताओं को मौका मिलेगा; हरियाणा में बदलाव की उम्मीद

New Delhi, Delhi:चिरंजीव राव, राष्ट्रीय सचिव कांग्रेस TT राहुल जी की सोच यही है नए लोगों को नई लीडरशिप को पार्टी में काम करने का मौका मिले। पिछले दिनों जब संगठन सृजन हुआ था उसमें भी नए लोगों को मौका दिया गया। यूथ कांग्रेस NSUI में भी नए लोगों का मौका दिया गया। बैठक के लिए बुलाया गया था आज इनफॉर्मल तरीके से बातचीत की गई है। गुरुग्राम रोडवेज की जो घटना हुई है बेटी के साथ जो घटना हुई है वह दुखद है। सरकार को इस पर संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए हरियाणा संगठन में बदलाव होगा या नहीं इसको लेकर पार्टी के इंचार्ज और प्रदेश अध्यक्ष इस बारे में बेहतर बता पाएंगे।
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