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AKAmit Kumar BhargavaFollow20 Jan 2025, 05:15 pm

Mathura- महिला थाने के नजदीक दो पक्षों में खूनी संघर्ष

Mathura, Uttar Pradesh:

जनपद मथुरा के सदर बाजार थाना क्षेत्र के सी सिविल लाइन क्षेत्र में महिला थाने की नजदीक सोमवार की दोपहर उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब महिला थाने से निकले दो पक्ष आमने-सामने आ गए ,इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से जमकर लात घूसे चले जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. बताया जा रहा है की लड़की पक्ष एवं लड़का पक्ष महिला थाने में समझौते के लिए बुलाए गए थे समझने बजाने के बाद महिला थाने से जब दोनों पक्ष बाहर आए तो किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी  शुरू हो गई,कहासुनी ने बड़ा रूप ले लिया और थाने के बाहर निकलते ही दोनों पक्षों में जमकर मारपीट शुरू हो गई आसपास के लोगों ने समझा बूझकर मामला शांत करने का प्रयास किया लेकिन दोनों पक्ष नहीं माने इसके बाद महिला थाने से निकले पुलिसकर्मियों ने हल्का बल प्रयोग करा।  

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गौतमबुद्धनगर में कांवर यात्रा-2026 के लिए police-prashasan अलर्ट और सुरक्षा योजना

Noida, Uttar Pradesh:गौतमबुद्धनगर: कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में आगामी कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस संबंध में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि नोएडा, सेंट्रल नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में स्थापित सभी कांवड़ शिविरों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं。 उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिविर में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सभी प्रमुख कांवड़ मार्गों और शिविरों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है。 अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि पुलिस के साथ-साथ नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और बिजली विभाग भी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। बारिश के मौसम को देखते हुए सड़क किनारे लगे बिजली के खंभों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं, ताकि करंट या अन्य किसी दुर्घटना की संभावना न रहे और श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित होकर अपनी यात्रा संपन्न कर सकें।।
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ओवरलोड ट्रक VIP गेट से गुजरते, टोल प्लाजा पर सख्त चेक की मांग तेज

Jaunpur, Uttar Pradesh:वीआईपी गेट से धड़ल्ले से गुजर रहे ओवरलोड ट्रक, टोल प्लाजा की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल जलालपुर थाना क्षेत्र के हौज गांव स्थित जौनपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने टोल प्लाजा की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां नियमों को दरकिनार कर ओवरलोड ट्रकों को वीआईपी लेन से लगातार निकाला जा रहा है, जिससे राजस्व को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। बताया जा रहा है कि टोल प्लाजा पर स्थापित धर्मकांटा (वजन मापने की व्यवस्था) होने के बावजूद कई ओवरलोड वाहनों का वजन नहीं कराया जाता। आरोप है कि ऐसे ट्रकों को सीधे वीआईपी गेट से निकाल दिया जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह और शाम के समय इस तरह के वाहनों की आवाजाही सबसे अधिक रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नियमों के अनुसार सभी भारी वाहनों की जांच और वजन किया जाए तो ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। लेकिन कथित अनियमितताओं के चलते सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा टोल प्लाजा पर नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। वही मामले की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने बताया कि मीडिया के माध्यम से यह बात पता चला है टीम गठित कर मामले की जांच करवाई जा रही है और इस तरह के मामले पाई जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
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गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर भीड़ ने बनाए नए रिकॉर्ड के संकेत

Mathura, Uttar Pradesh:गिरिराज तलहटी में उमड़ा आस्था का महासैलाब, 'राधे-राधे' के जयकारों से गुंजायमान हुआ परिक्रमा मार्ग (मथुरा)। ब्रज के प्रसिद्ध राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेले के अवसर पर गोवर्धन धाम में आस्था, भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। गिरिराज महाराज की पावन तलहटी में देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। पूरा 21 किलोमीटर का परिक्रमा मार्ग भक्तों से खचाखच भरा हुआ है और ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो समूचे परिक्रमा मार्ग पर एक अखंड 'मानव श्रृंखला' बन गई हो। 'राधे-राधे' और 'जय गिरिराज महाराज' से गूंजायमान हुई घाटी। भीषण गर्मी और धूप की परवाह किए बिना परिक्रमार्थी नंगे पैर, गाते-बजाते और नृत्य करते हुए गिरिराज जी की सप्तकोसी परिक्रमा कर रहे हैं। चारों तरफ केवल "राधे-राधे" और "जय गिरिराज बाबा" के जयकारे गूंज रहे हैं। परिक्रमा मार्ग के प्रमुख मंदिरों—मानसी गंगा, दानघाटी मंदिर, मुखारविंद मंदिर, और जतीपुरा—में विशेष विद्युत साज-सज्जा और अलौकिक शृंगार किया गया है, जहाँ श्रद्धालुओं को गिरिराज महाराज के दिव्य दर्शन प्राप्त हो रहे हैं। पिछले गुरु पूर्णिमा मेले के आंकड़ों पर नजर डालें तो करीब 1 करोड़ श्रद्धालुओं ने गिरिराज पर्वत की परिक्रमा लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया था। इस बार भी मेले की शुरुआत से ही जिस तरह भक्तों की भीड़ उमड़ रही है, उससे अनुमान लगा रहा है कि इस वर्ष यह संख्या पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। जिला व पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं: सुरक्षा एवं निगरानी के लिए पूरे 21 किलोमीटर के परिक्रमा मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरों व वॉच टावरों के जरिए पल-पल की निगरानी रखी जा रही है। जनसुविधाएं: भीषण गर्मी को देखते हुए परिक्रमा मार्ग में शीतल पेयजल, छाया, मेडिकल कैंप, और साफ-सफाई के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यातायात व बैरिकेडिंग: श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है तथा पार्किंग स्थलों की समुचित व्यवस्था की गई है। राजकीय दर्जा प्राप्त यह मुड़िया पूर्णिमा मेला ब्रजमंडल को भक्तिरस में सराबोर कर रहा है और दिन-रात लाखों कदम गिरिराज जी की भक्ति की ओर बढ़ रहे हैं।
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अबूझमाड़ के सोनपुर नदी पर पुल नहीं, बरसात में ग्रामीण जीवन जोखिम में

Narayanpur, Jharkhand:एकर - छत्तीसगढ़ को 31 मार्च 2026 को सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त घोषित किए जाने के बाद अबूझमाड़ में विकास के नए दौर की उम्मीदें जगी थीं। सरकार लगातार सड़क, पुल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का दावा कर रही है, लेकिन जिला मुख्यालय नारायणपुर से महज 25 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम सोनपुर की तस्वीरें इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। यहां आज भी बारिश के मौसम में ग्रामीणों को उफनती नदी पार कर अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। मानसून की शुरुआत के साथ ही सोनपुर नदी पूरे उफान पर है। नदी पर पुल नहीं होने के कारण सोनपुर समेत आसपास के दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से पूरी तरह कट जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदने, राशन लाने और जंगलों से एकत्रित महुआ, इमली, तेंदूपत्ता तथा शहद जैसे वनोपज को बाजार तक पहुंचाने के लिए तेज बहाव वाली नदी पार करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर वनोपज बाजार तक नहीं पहुंचा तो उनकी महीनों की मेहनत बेकार हो जाती है और परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। बारिश के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। वहीं जिला कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि सरगीपाल मार्ग स्वीकृत हो गया है साथ ही कुकुर नदी पर पुल निर्माण कि स्वीकृति भी मिल गई है बारिश के बाद निर्माण के कार्य किये जायेंगे जिससे ग्रामीणों को बहुत जल्द सुविधा मिल जाएगी वी. ओ. 01 - सबसे अधिक चिंता स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है। यदि किसी ग्रामीण की अचानक तबीयत बिगड़ जाए या कोई गंभीर मरीज हो, तो उसे अस्पताल पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं होता। ग्रामीण मरीज को कंधों पर उठाकर उफनती नदी पार करते हैं, जिसके बाद ही उसे वाहन से जिला अस्पताल ले जाया जा सकता है। जरा-सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में भी नदी की तेज धारा में कई लोगों की जान चली गई है, लेकिन अब तक न तो यहां पुल का निर्माण हुआ है और न ही बारिश के दौरान कोई स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। नक्सलवाद समाप्त होने के बाद क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि अब विकास कार्यों में तेजी आएगी और वर्षों पुरानी पुल की मांग पूरी होगी। लेकिन आज भी सोनपुर नदी पर पुल का अभाव शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। हर वर्ष करीब दो महीने तक पूरा इलाका मुख्यधारा से कट जाता है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सोनपुर नदी पर शीघ्र पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की मजबूरी से मुक्ति मिल सके। अब जबकि क्षेत्र नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है, ग्रामीणों का कहना है कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी होगा जब बुनियादी सुविधाएं गांव तक पहुंचें और लोगों का जीवन सुरक्षित बने। बाइट 01 ग्रामीण बाइट 02 ग्रामीण बाइट 03 नम्रता जैन, कलेक्टर
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दमोह में महिला की मौत: ससुराल पर प्रताड़ना का आरोप, पिता का दावा

Damoh, Madhya Pradesh:महिला की जहर से मौत, परिजनों ने ससुराल पक्ष पर लगाया प्रताड़ना का आरोप.. एंकर/ दमोह जिले में एक और महिला की मौत के बाद उसे ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के आरोप लगे है। मामला जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के तरावली गांव का है यहां 20 साल की महिला पूजा रजक को देर रात जिला अस्पताल लाया गया जिसने जहर पिया हुआ था, अस्पताल में डॉक्टर्स ने पूरी कोशिश की लेकिन उसकी मौत हो गई। पूजा की मौत के बाद उसके पिता और मां ने गंभीर आरोप लगाए है उनके मुताबिक पूजा के पति धर्मेंद के अपनी भाभी के साथ अवैध संबंध है जिसके बारे में महिला को पता चल गया और तब से वो उसे परेशान करते थे मंगलवार को इसी बात को लेकर विवाद हुआ और पूजा के पति ने मारपीट की जिसके बारे में उनकी बेटी ने उन्हें फोन कर बताया और उसके बाद जहर पी लिया। वहीं मृतिका के पति धर्मेंद्र के मुताबिक सब कुछ ठीक था वो एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गया था घर लौट कर आया तो पूजा ने जहर पी लिया था उसे दमोह लेकर आए लेकिन बचा नहीं पाए , पति ने सारे आरोपों को नकारा है।जिला अस्पताल से महिला की मौत की सूचना पथरिया पुलिस थाने भेजी गई है और अब पुलिस मामले की जांच करेगी। बाइट/ तुलसी राम रजक ( मृतिका का पिता) बाइट/ धर्मेंद्र रजक ( महिला का पति) बाइट/ डॉ बहादुर सिंह ( चिकित्सक जिला अस्पताल दमोह)
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आदित्यपुर में होटल मालिक पर गोली, हालत स्थिर; पुलिस जांच तेज़

Jamshedpur, Jharkhand:सराइकेला जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक होटल संचालक पर फायरिंग की सूचना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। यह घटना गम्हरिया स्टेशन रोड स्थित भीतरी पुल के पास की बताई जा रही है, जहां होटल संचालक विशाल गोराई घायल अवस्था में मिले। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, विशाल गोराई रोज़ की तरह अपना होटल बंद कर रात घर लौट रहे थे। इसी दौरान भीतरी पुल के पास उनके साथ यह घटना हुई। स्थानीय लोगों ने उन्हें घायल अवस्था में देखा और तत्काल इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी सर्जरी की। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस अब तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पुलिस ने आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की है कि विशाल को गोली लगी है या नहीं। घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है और मेडिकल रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, घायल विशाल द्वारा घटना को लेकर अलग-अलग बातें बताई गई हैं। कभी उन्होंने हमलावरों की संख्या पांच से छह बताई, तो कभी आठ लोगों का जिक्र किया। उनके बयान में स्पष्टता नहीं होने के कारण पुलिस फिलहाल किसी भी दावे की पुष्टि नहीं कर रही है और सभी तथ्यों का सावधानीपूर्वक सत्यापन कर रही है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, साथ ही घटनাস্থल के आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी साक्ष्य सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और पूरी सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
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असम बाढ़: राहत कार्य तेज, 4.5 लाख लोग प्रभावित

Kolkata, West Bengal:ASSAM FLOOD সোমবার থেকে অসমে বন্যা–পরিস্থিতির কিছুটা উন্নতি হয়েছে। নতুন করে মৃত্যুর খবর মেলেনি। যদিও বন্যাবিধ্বস্ত ছ’টি জেলায় প্রায় সাড়ে চার লক্ষ মানুষ এখনও আটকে。 ইতিমধ্যেই অসমের ভয়াভহ বন্যায় সরকারি ভাবে এখনও পর্যন্ত ৭০ জনের মৃত্যু হয়েছে। কংগ্রেস সাংসদ গৌরব গগৈ কেন্দ্রের কাছে বিশেষ ত্রাণ প্যাকেজের দাবি জানিয়েছেন। যুদ্ধকালীন তৎপরতায় সরকারি উদ্ধারকাজ চলছে। বায়ুসেনাও উদ্ধারকাজে ঝাঁপিয়ে পড়েছে। ভারতীয় বায়ুসেনা গত ১০ দিনে অসম ও নাগাল্যান্ডের বন্যা কবলিত এলাকা থেকে ৪৫৮ জন আটকে পড়া মানুষ কে উদ্ধার করেছে। পাশাপাশি, ৯ টনেরও বেশি জরুরি ত্রাণ সামগ্রী পৌঁছে দেওয়া হয়েছে। কোনো কোনো জায়গায় ত্রাণ সামগ্রী এয়ার ড্রপ করা হয়েছে। আসামের ৬টি জেলায় এখনও ৪ লক্ষ ৪৫ হাজার মানুষ বন্যা কবলিত। মোট ৬৩১টি গ্রাম জলের তলায়। বর্তমানে ১৮৪টি ত্রাণ শিবির এবং বিতরণ কেন্দ্রে প্রায় ২৮,৭০০ মানুষ আশ্রয় নিয়েছেন। দুর্গত এলাকায় প্রশাসনিক ত্রাণের পাশাপাশি বলিউড অভিনেতা সালমান খানের স্বেচ্ছাসেবী সংস্থা বিয়িং হিউম্যান ত্রাণের সামগ্রী পাঠানোর কাজ শুরু করেছে মঙ্গলবার থেকে। বন্যাকবলিত দুর্গম এলাকাগুলোতে পৌঁছে দেওয়া হচ্ছে শুকনো খাবার, পানীয় জল, প্রয়োজনীয় পোশাক এবং মহিলাদের ডিগনিটি কিট。 প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী জানিয়েছেন, আসামের বন্যাদুর্গত মানুষদের ত্রাণ ও সহায়তা প্রদানের ক্ষেত্রে কেন্দ্রীয় সরকার অসম সরকারের সঙ্গে নিবিড়ভাবে কাজ করছে। মঙ্গলবার সোশাল মিডিয়ায় বার্তা দেওয়ার পাশাপাশি এদিন অসমের বিজেপি সাংসদ এবং অসম থেকে নির্বাচিত সাংসদদের মধ্যে যাঁরা কেন্দ্রীয় মন্ত্রী, তাঁদের সঙ্গেও কথা বলেন তিনি ৷ অসমের বন্যা পরিস্থিতির দিকে ব্যক্তিগতভাবেই নজর রাখার জন্য এদিন প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদিকে ধন্যবাদ জানিয়েছেন রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রী হিমন্ত বিশ্বশর্মা ।
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मथुरा मुठभेड़: गौवंश चोरी के दो शातिर गिरफ्तार, आरक्षी घायल

Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा कोसीकलां थाना पुलिस टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ग्राम ऐंच स्थित अस्थाई गौशाला के कर्मचारी पर हमला कर गौवंश चोरी करने की घटना में शामिल दो शातिर अभियुक्तों को देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है, जबकि बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में एक पुलिस आरक्षी भी घायल हुआ है। ### मुठभेड़ का घटनाक्रम प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को ग्राम ऐंच स्थित सरकारी अस्थाई गौशाला में तैनात कर्मचारी पर जानलेवा हमला कर गौवंश चोरी कर ले जाने की घटना सामने आई थी। इस संबंध में थाना कोसीकलां में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। बुधवार (29 जुलाई 2026) को तड़के करीब 00:25 बजे पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने नाले पर बने कूड़ेदान के पास बदमाशों की घेराबंदी की। पुलिस द्वारा रोकने पर बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों द्वारा चलाई गई गोली लगने से आरक्षी सोनू (1670) घायल हो गए। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में दो अभियुक्त—राजू और एहसान—पैर में गोली लगने से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, उनका एक अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। ### घायल और गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण 1. राजू (उम्र करीब 31 वर्ष) पुत्र जसौन्दी, निवासी मीरपुर, थाना खुर्जा, जनपद बुलंदशहर। 2. एहसान (उम्र करीब 30 वर्ष) पुत्र नवाब, निवासी बिछवां (मैनपुरी), मूल निवासी ग्राम रोहिंदा, थाना अरनिया, जनपद बुलंदशहर। घायल आरक्षी और दोनों घायल बदमाशों को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। ### बरामदगी का विवरण बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया है: * अवैध हथियार: 02 तमंचा (.315 बोर), 06 जिंदा कारतूस (.315 बोर) एवं 04 खोखा कारतूस (.315 बोर)। * वाहन: 01 स्पलेंडर प्लस मोटरसाइकिल (बिना नंबर प्लेट)। * अन्य: ₹9,000 नगद और 02 रस्से। ### आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोनों अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी हैं। * अभियुक्त राजू पर गैंगस्टर एक्ट, गौवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत मथुरा और बुलंदशहर में कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। * अभियुक्त एहसान पर भी गोवर्धन और कोसीकलां थाने में गौवध अधिनियम और जानलेवा हमले (धारा 307) से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियुक्तों के अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है और अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बाइट--सीओ संदीप सिंह
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नोएडा: भू-माफिया से मिलीभगत के आरोप पर फेस-3 पुलिस पर सवाल

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा पीड़ित महिला का गंभीर आरोप नोएडा भू-माफिया से मिलीभगत के आरोपों में थाना फेस 3 पुलिस पर उठे गंभीर सवाल。 गढ़ी चौखंडी की पीड़िता अनीता ने मामूरा चौकी इंचार्ज रुद्रप्रताप पर दबाव बनाने का गंभीर आरोप。 दावा, दूसरे चौकी क्षेत्र गढ़ी चौखंडी में पहुंचकर किरायेदारों को प्लॉट खाली करने की दी चेतावनी。 चौकी इंचार्ज मामूरा CCTV में प्लॉट खाली करने की दे रहे धमकी。 भू माफिया से मिलीभगत के भी गंभीर आरोप प्लॉट मालिक अनिता और चौकी इंचार्ज मामूरा रुद्रप्रताप से बातचीत का ऑडियो भी वायरल पीड़िता महिला ने आरोप लगाया कि थाने, चौकी, IGRS तमाम शिकायत और एविडेंस दिए हैं, फिर भी भू माफिया का साथ दिया जा रहा。 मामले ने फेस-3 पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं。 बाइट:अनीता ( पीड़िता)
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UIT की बुलडोजर कार्रवाई: जैसलमेर में सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाए

Jaisalmer, Rajasthan:जैसलमेर: UIT का अतिक्रमण पर बुलडोजर, सरकारी बेशकीमती जमीन से हटाए अवैध कब्जे जैसलमेर शहर में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान के तहत शहरी सुधार न्यास (UIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रामगढ़ रोड स्थित बड़ाबाग क्षेत्र में बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जे हटाए। कार्रवाई के दौरान सरकारी बेशकीमती जमीन पर बने कई कच्चे-पक्के मकान, दुकानें और अन्य अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। अभियान UIT सचिव सुखाराम पिण्डेल की मौजूदगी में भारी पुलिस जाब्ते के बीच शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया। कार्रवाई खसरा नंबर 02/457 और 446 की सरकारी भूमि पर की गई। मौके पर तहसीलदार, पटवारी और इंजीनियरिंग टीम भी मौजूद रही। जेसीबी मशीनों की मदद से सभी अवैध निर्माण हटाकर पूरी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया और UIT ने जमीन का कब्जा अपने हाथ में ले लिया। कार्रवाई के बाद सीमा निर्धारण कर मौके पर UIT का बोर्ड भी लगाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए बिना अनुमति निर्माण करने वालों को भी सख्त हिदायत दी गई।
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खूँटी के अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास छह साल बंद, परियोजना घोटाले के निशाने पर?

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी। स्लग - 2020 ई में बनकर तैयार अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास आजतक नहीं हुआ चालू। खूँटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र लक्ष्मी नारायण प्लस टू विद्यालय के नाम से करोड़ों रुपए की लागत से 2020 ई में बनकर तैयार हुआ अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास अबतक शुरु नहीं हुआ। जिसका नतीजा है कि छात्रावास भवन विगत छह वर्षों से बंद पड़ा यह भवन जंगल के बीच जर्जरावस्था में आ गया है। भवन के दीवारों में भी पेड़-पौधे उग आये हैं। जबकि मुरहू के सुदूरवर्ती इलाकों से हजारों बालिका मुरहू व खूँटी में पढ़ाई करती हैं। वहीं बालिका शिक्षा को गति देने के लिए भले सरकार जनजागरण कर देती है कि बच्चियों को पढ़ाई करनी चाहिए लेकिन यहाँ जब सुलभ व्यवस्था का अभाव और डेरा में रहकर पढ़ाई करना अल्पसंख्यक बच्चियों के लिए समस्या बन जाती है। लेकिन इस भवन का उपयोग कुछ दिनों के लिए कोरोनटाईन सेंटर के रुप में उपयोग हुआ और 2020 से लेकर अबतक गेट में ताला लटका हुआ है। ग्रामीण बतलाते हैं कि अगर ये अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास बनकर तैयार बेकार बंद पड़ा रहने से एक तो सरकारी मदों का बंदरबांट हुआ और योजना का लोगो को लाभ नहीं मिला। जबकि ये जांच होना चाहिए कि आखिर इसका दोषी कौन है।\n\nउपप्रमुख अरुण साबू ने बताया कि ये बालिका छात्रावास 2020 ई में बनकर तैयार तो हुआ पर आज ये खंडहर में तब्दील होने को चला है। इससे न केवल अल्पसंख्यक बच्चियाँ उपेक्षित हुई बल्कि सरकारी योजना का बंदरबांट प्रतीत हो रहा है। जबकि बच्चियां किराये के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। ये चालू रहता तो ग्रामीण क्षेत्रों की बच्चियाँ यहां रहकर आगे की अच्छी शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा मिलती।
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