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Ankit KumarAnkit KumarFollow19 Dec 2024, 04:35 pm

मैनपुरीः कृषि और राजस्व विभाग की टीम ने कैंप लगाकर बनाया फार्मर रजिस्ट्री और फैमली आईडी कार्ड

Karhal, Uttar Pradesh:

मंगलवार को तहसील करहल क्षेत्र के गांव ककवाई, गभीरा, बूरामई में कृषि और राजस्व विभाग की टीम के द्वारा कैम्प लगाकर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री और फैमली आईडी बनाई गयीl एडीओ कृषि विनीत कुमार ने फार्मर रजिस्ट्री और फैमली आईडी के फायदे के बारे मे बताया। उन्होंने कहा फार्मर रजिस्ट्री में किसान का आधार नंबर, खेत का रकबा नंबर, खसरा नंबर, मोबाइल नंबर आदि का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद किसानों को एक यूनिक नंबर जारी होगा। इस नंबर के जरिए ही संबंधित किसान का पूरा विवरण देखा जा सकेगा।

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शाजापुर में आवारा कुत्तों के हमले से हड़कंप, एक घंटे में 12 से अधिक घायल

MJManoj JainJust now
Shajapur, Madhya Pradesh:शाजापुर शहर में बुधवार सुबह एक आवारा कुत्ते के आतंक से लोगों में दहशत फैल गई। मगरिया चौराहा, राजराजेश्वरी मंदिर क्षेत्र, ट्रैफिक पॉइंट, जिला अस्पताल के गेट सहित शहर के कई इलाकों में आवारा कुत्ते ने राहगीरों पर हमला कर दिया। महज एक घंटे के दौरान कुत्ते के काटने से घायल 12 से अधिक लोग उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने से अस्पताल में भी हलचल का माहौल रहा। एक घंटे में 12 से ज्यादा मरीज पहुंचे जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. क्षितिज मुरारी ने बताया कि बुधवार सुबह से अभी तक करीब एक घंटे के दौरान कुत्ते के काटने के 12 से अधिक मामले अस्पताल पहुंचे। सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। फिलहाल किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं बताई गई है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए बढ़ा खतरा शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार आवारा कुत्तों के झुंड घूमने से लोगों में डर का माहौल है। रहवासियों का कहना है कि सुबह और शाम के समय सड़क पर निकलना मुश्किल हो रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों पर कुत्तों के हमले का खतरा बना रहता है। लोगों ने नगरपालिका प्रशासन से की कार्रवाई की मांग एक ही सुबह में बड़ी संख्या में लोगों के कुत्तों के काटने से घायल होने के बाद शहरवासियों ने नगरपालिका प्रशासन से आवारा कुत्तों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सिर्फ कुत्तों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि उनकी संख्या नियंत्रित करने और समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए.
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कवर्धा में अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने गौवंश रौंदे, 6 मौत

Kawardha, Chhattisgarh:ब्रेकिंग कवर्धा: तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने गौवंशों को रौंदा, 6 की दर्दनाक मौत कवर्धा-जिले में गौवंशों के सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बोड़ला थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे-31 पर बांधाटोला के पास का है, जहां देर रात एक तेज रफ्तार अज्ञात vehicle ने सड़क पर बैठे गौवंशों को रौंद दिया। हादसे में 6 गौवंशों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद सड़क पर गौवंशों के शव पड़े रहने से नेशनल हाईवे पर लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि कबीरधाम जिले में गौवंशों के सड़क हादसों में मौत का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। पिछले एक महीने में 25 से अधिक गौवंश सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं। लगातार हो रही घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों ने हाईवे पर गौवंशों की सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल बोड़ला पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी है。
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बाढ़ के बीच गण्डक नदी में मगरमच्छों का खौफ, बगहा के ग्रामीण डरे

Bagaha, Bihar:बिहार के बगहा से बड़ी खबर आ रही है जहाँ गण्डक नदी में उफान के बाद मगरमच्छ रिहायशी इलाकों तक पहुँचने लगे हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। पश्चिम चंपारण जिला के पीपरासी इलाके के मनिया छापर गांव की बस्ती में विशाल मगरमच्छ पहुँच गया, जिससे अफरा-तफ़री मच गई। नदी के रास्ते बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ आस-पास की सहायक नहरों, नालों और पोखर में डेरा डाल चुके हैं। पीपरासी, बेलहवा, अमहट समेत मंगलपुर और नरवल बोरवल में इनके बार-बार दिखने और हमले की सूचना मिली है। बीती देर रात मनिया छापर गांव में बस्ती के बीच बड़े आकार के मगरमच्छ दिखने पर ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। पुलिस व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया; ग्रामीणों की मदद से उसे सुरक्षित पकड़कर गंडक नदी में छोड़ दिया गया। नदी में आई बाढ़ के साथ कई मगरमच्छ नहरों, आहर, पोखर और डोभ जैसे जलस्रोतों में फैल चुके हैं, जिससे रहने वाले इलाकों के आसपास रहने वालों में चिंता है। वन विभाग की टीम लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रही है ताकि इंसान और वन्यजीव सुरक्षित रहें और नुकसान न हो। मुआवजे की बात भी कही जाती है पर सावधानी सबसे जरूरी है।
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चमकौर साहिब के पास सरहिंद नहर में भारी हादसा, पाँच घायल, दो को PGI रैफर

Noida, Uttar Pradesh:ਚਮਕੋਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਪਿੰਡ ਭੈਰੋਮਾਜਰਾ ਨਜ਼ਦੀਕ ਸਰਹਿੰਦ ਨਹਿਰ ਵਿਚ ਪਾੜ ਪੈਣ ਕਾਰਨ ਵੱਡਾ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋ ਗਿਆ ਤੇ ਇਸ ਹਾਦਸੇ ਵਿਚ ਪੰਜ ਲੋਕ ਜ਼ਖਮੀ ਵੀ ਹੋ ਗਏ ਜਿਨਾਂ ਚੋਂ ਦੋ ਨੂੰ ਪੀ ਜੀ ਆਈ ਰੈਫਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਸਥਾਨਕ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕੇ ਰੋਪੜ ਹੈਡਵਰਕਸ ਤੋਂ ਸਰਹਿੰਦ ਨਹਿਰ ਵਿਚ ਪਿਛਲੇ ਦਿਨੀ ਛੱਡੇ ਗਏ ਵੇਸ਼ਟ ਮਟੀਰੀਅਲ ਕਾਰਨ ਇਹ ਸਮੱਸਿਆ ਪੈਦਾ ਹੋਈ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੇ ਲਈ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਲੋਕ ਪਿੱਛਲੇ ਕਈ ਦਿਨਾਂ ਤੋ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਕੋਲ ਗੁਹਾਰ ਲਗਾ ਰਹੇ ਸਨ ਪਰ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੇ ਕੋਈ ਕਦਮ ਨਹੀਂ ਚੁੱਕਿਆ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਅੱਜ ਤੜਕ ਸਵੇਰ ਨਹਿਰ ਵਿਚ ਪਾੜ ਪੈ ਗਿਆ। ਮੋਕੇ ਤੇ ਪੁੱਜੇ ਐਸ ਡੀ ਐਮ ਪ੍ਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਕੋਲ ਵੀ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਆਪਣਾ ਗੁੱਸਾ ਜ਼ਾਹਿਰ ਕੀਤਾ ਤੇ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ਤੇ ਸਵਾਲ ਖੜੇ ਕੀਤੇ ਜਦ ਕਿ ਪਿੰਡਾ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸ਼ਨ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਧਰਨਾ ਵੀ ਲਗਾ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਚਮਕੋਰ ਸਾਹਿਬ ਤੋ ਵਿਧਾਇਕ ਸਮੇਤ ਸਰਕਾਰ ਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸ਼ਨ ਦੀ ਇਹ ਨਾਲਾਇਕੀ ਦੱਸੀ ਹੈ। ਜਦ ਕਿ ਹੁਣ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸ਼ਨ ਵੱਲੋਂ ਨਹਿਰ ਚੋਂ ਕਚਰਾ ਕੱਢਣ ਲਈ ਯਤਨ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ।
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Gen Z को समझाने में संस्कृत की प्रासंगिकता: उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति

Haridwar, Uttarakhand:संस्कृत सप्ताह महोत्सव के दौरान उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पांडे ने Gen Z के प्रदर्शनों और युवा पीढ़ी की बदलती सोच पर अपनी बात रखी। दिल्ली में हालिया Gen Z प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन भारतीय संस्कारों के अनुरूप भाषा और व्यवहार में संयम बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।कुलपति ने कहा कि संस्कृत में विरोध और अपनी बात रखने की परंपरा कोई नई नहीं है। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में भी संस्कृत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और आज भी समाज में इसकी प्रासंगिकता बनी हुई है। उनके मुताबिक युवाओं को आधुनिक सोच के साथ अपनी संस्कृति और मूल्यों की जानकारी भी होनी चाहिए।Gen Z को लेकर उन्होंने कहा कि आज की युवा पिढी को भारतीय संस्कारों और संस्कृति से परिचित कराना जरूरी है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा से जोड़ने का उद्देश्य भी यही है कि युवा यह समझ सकें कि उनकी जड़ें और विरासत क्या हैं।उन्होंने कहा कि आधुनिकता अपनाने में कोई बुराई नहीं, लेकिन आधुनिक बनने की दौड़ में परिवार, संस्कार और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दूरी नहीं बननी चाहिए। उनके मुताबिक संस्कृत को केवल धार्मिक कर्मकांड से जोड़कर देखना भी सही नहीं है। संस्कृत एक भाषा है, जिसमें भारत की विशाल ज्ञान परंपरा और अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना हुई है।प्रो. पांडे ने कहा कि संस्कृत को किसी एक धर्म तक सीमित करना उचित नहीं है। जिस तरह हिंदी और अंग्रेजी भाषाएं हैं, उसी तरह प्राचीन भारत में संस्कृत ज्ञान और संवाद की महत्वपूर्ण भाषा रही है。
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खटीमा में बाढ़ का पानी घुसा, 26 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू

Bahara Boj, Uttarakhand:खटीमा में बाढ़ का पानी घुस गया, कई लोग फंसे; 26 लोगों का रेस्क्यू. उत्तराखंड में बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा क्षेत्र के बनगवां गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया, जिससे ग्रामीणों का घर का सारा सामान पानी में जलमग्न हो गया. जिला आपदा कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद प्रशासन तत्काल हरकत में आया. जिले के डीएम नितिन भदौरिया और जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या के साथ SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. SDRF की टीम ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक विद्यालय बनगवां में पहुंचाया. कुल 26 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर विद्यालय में ठहराया गया. प्रभावित ग्रामीणों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश सप्लाई विभाग को दिए गए हैं. प्रशासन की टीम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव कार्य किए जाने की बात कही गई है. बाइट- वीरेंद्र सजवाण, तहसीलदार खटीमा
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रोहतास में सोन नदी का जलस्तर बढ़ा, सोन बराज के सभी गेट खुले

Sasaram, Bihar:खबर रोहतास जिला से है। सोन नदी में बढ़े जलस्तर के बाद नदी का विकराल रूप सामने आया है। जहां इंद्रपुरी में स्थित सोन बराज का सभी 69 गेट को खोल दिया गया है। बताया जाता है की बारी-बारी से धीरे-धीरे सभी फाटक को खोला जा रहा है। इसके बाद सोन नदी में 5 लाख 12 हजार क्यूसेक पानी को सीधे डिस्चार्ज कर दिया गया है। सोन बराज से इतने भारी मात्रा में पानी का डिस्चार्ज करने से सोन नदी का आगे जाकर जलस्तर काफी बढ़ गया है। ऐसे में जहां डेहरी एवं नासरीगंज में पूरी तरह से अलर्ट जारी की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश एवं झारखंड के पलामू में हुए बारिश के अलावा वाण सागर से पानी जो डिस्चार्ज किया गया है। उसे कारण सोन का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन इसकी निगरानी कर रही है। रोहतास के डीएम दीपक कुमार मिश्रा का कहना है कि तमाम तरह की सतर्कता बढ़ती जा रही है। बराज के गेट खोले जा रहे हैं। बता दे की सोन में बढ़े जलस्तर से नौहट्टा, रोहतास प्रखंड क्षेत्र, तिलौथू, डेहरी, नासरीगंज के इलाके में सतर्कता बरतने की अपील की गई है। आम लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने के लिए कहा गया है。
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अजय राय ने मुख्यमंत्री पर दुष्प्रचार का आरोप, माफी और मानहानि मुकदमा की मांग

Noida, Uttar Pradesh:0209ZUP_LKO_AJAY_BT_R लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा, "उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एक बहुत ही जिम्मेदार पद पर बैठे हैं और उन्होंने जिस तरीके का दुष्प्रचार मेरे लिए किया, जिस तरह की भ्रांति फैलाई कि मैं वहां मछली भोज कर रहा था...निश्चित तौर से उन्हें हमारे बारे में जानकारी नहीं है। हम काशी के रहने वाले हैं, शुद्ध शाकाहारी हैं और बाबा विश्वनाथ के भक्त हैं। हम उस कार्यक्रम में जरूर शामिल हुए थे और वो निषाद समाज की परंपरा है, वो हमें बुलाएंगे तो हम जरूर जाएंगे...हम वहां उनके कार्यक्रम में शामिल हुए थे लेकिन उन्होंने दुष्प्रचार कर दिया कि हमने मछली भोज किया। मुख्यमंत्री ने मेरी प्रतिष्ठा को गिराया है...हम बहुत दुखी है...हमारे कार्यकर्ताओं ने हमसे कहा कि उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाना चाहिए। हमने सभी सबूत और प्रमाण सौंप दिए हैं कि उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए...उन्हें राज्य की जनता और पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए और यह स्वीकार करना चाहिए कि उन्होंने झूठ बोला है...."
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शेखावाटी विश्वविद्यालय: छात्रसंघ अध्यक्ष का 2 साल का निष्कासन, SFI का कैंपस धरना जारी

Sikar, Rajasthan:सीकर शेखावाटी विश्वविद्यालय ने छात्रसंघ अध्यक्ष राजू बिजारणिया को किया 2 साल के लिए विश्वविद्यालय से निष्कासित SFI ने नोटिस वापस लेने व विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय कैंपस में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया शेखावाटी विश्वविद्यालय ने छात्रसंघ अध्यक्ष राजू बिजारणिया को किया 2 साल के लिए विश्वविद्यालय से निष्कासित करने के विरोध में SFI ने नोटिस वापस लेने व विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय कैंपस में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया. आदेश को वापस लेने की मांग को लेकर छात्रसंगठन SFI ने शेखावाटी विश्वविद्यालय में कैंपस में लगातार पांच घंटे तक आक्रामक विरोध प्रदर्शन किया प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के तमाम प्रशासनिक अधिकारी बंद कमरे में बैठे थे। अधिकारी बाहर नहीं आने पर SFI ने पूरे कैंपस के हर कार्यालय के बाहर सैकड़ों विद्यार्थियों के साथ पूरे कैंपस के अंदर विरोध मार्च निकाला लगातार 5 घंटे बाद पुलिस प्रशासन पहुंच और विश्वविद्यालय के अधिकारी और SFI के नेता प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र ढाका, जिला अध्यक्ष महिपाल सिंह गुर्जर, साइंस कॉलेज अध्यक्ष संदीप नेहरा, अभिषेक महला, अमित व सुशीला से वार्ता करवाई वार्ता असफल हुई इसके बाद जल्द से जल्द उग्र आंदोलन करने और अनिश्चितकालीन करने की घोषणा की गई।
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मनेर में गंगा जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ से गांव प्रभावित

Danapur, Bihar:मनेर में गंगा का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान से बह रहा ऊपर, कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी; नाव के सहारे आवागमन, लोगों कल परेशानी दानापुर के मनेर इलाके से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से मनेर के गंगा से सटे दियारा क्षेत्र में बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। बताया जा रहा है कि मनेर में गंगा खतरे के निशान से करीब 53 सेमी ऊपर बह रही है। इसके कारण कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बाढ़ का पानी गांवों में फैलने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए छोटी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। मनेर के इस्लामगंज गांव की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जहां चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। गांव से बाहर निकलने और वापस लौटने के लिए ग्रामीण नाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के पानी की वजह से रोजमर्रा की जिंदगी काफी मुश्किल हो गई है। सड़क और रास्ते पानी में डूब जाने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। गांव की रहने वाली उर्मिला देवी और झालो देवी ने बताया कि बाढ़ के पानी से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। उन्होंने कहा कि अपनी नाव होने की वजह से वे लोग किसी तरह गांव से शहर की ओर आ-जा पा रहे हैं। अगर नाव नहीं होती तो उनकी मुश्किलें और बढ़ जातीं। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ की स्थिति के बावजूद सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक पर्याप्त मदद नहीं मिल पाई है। लोगों ने प्रशासन से नाव, राहत सामग्री और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। बाईट उर्मिला देवी और झालो देवी, ग्रामीण
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