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Maharajganj - संदिग्ध युवक को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा
Thuthibari, Uttar Pradesh:ठूठीबारी रामनगर रोड़ स्थित बस स्टैंड के समीप मंगलवार शाम को एक संदिग्ध युवक को ग्रामीणों ने देखा हाव भाव पूछताछ में युवक संदिग्ध होने पर पकड़ पुलिस को सूचना देकर हवाले कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त युवक के बोलचाल की भाषा स्थानीय नहीं लग रही थी वही उसके पास दो तरह का आधार कार्ड भी मिला है। इस संबंध में ठूठीबारी थानाध्यक्ष महेंद्र मिश्रा ने बताया कि संदिग्ध युवक के पास से फरेंदा का आधार कार्ड व श्रम कार्ड मिला है।फरेंदा पुलिस से पुष्टि कराई जा रही है।
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LG मनोज सिन्हा ने बालताल बेस कैंप में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था का किया आकलन
Srinagar, Uttarakhand:Jammu and Kashmir Lieutenant Governor Manoj Sinha made a surprise visit to the Baltal Base Camp to review the security, healthcare, and accommodation arrangements for the ongoing Amarnath Yatra. During his visit, LG Sinha (who also serves as the Chairman of the Shri Amarnath Ji Shrine Board) inspected the base hospital and interacted with pilgrims. He directed all concerned departments to give the highest priority to the safety, comfort, and convenience of the devotees, ensuring a seamless experience from registration to darshan.0
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सीएम उमर अब्दुल्ला ने खिदमत सेंटर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की
Aram Pora, Ganderbal, Chief Minister Omer Abdullah met a delegation of the Khidmat Centre Association and held discussions on issues concerning the functioning of Khidmat Centres and the delivery of public services across Jammu & Kashmir.0
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संभागीय आयुक्त ने मांडल जोधा ग्रामीण शिविर में समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए
Nagaur, Rajasthan:रियांबड़ी, नागौर मांडल जोधा ग्रामीण सेवा शिविर का संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने किया औचक निरीक्षण, प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश । एंकर - राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत ग्राम पंचायत मांडल जोधा में आयोजित शिविर का संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। इस दौरान डेगाना उपखंड अधिकारी मूलचंद लुनिया, पंचायत समिति भेरूंदा के विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया, सहायक विकास अधिकारी नंदकिशोर टाक, प्रशासक गौरा देवी, महेंद्र लोरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संभागीय आयुक्त ने शिविर में मौजूद 22 विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, विद्युत, पेंशन, भूमि विवाद एवं अन्य जनसमस्याओं का मौके पर ही अधिकतम समाधान किया जाए और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित हो। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याएं संभागीय आयुक्त के समक्ष रखीं, जिन पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई करने के आदेश दिए। शिविर में पात्र लाभार्थियों को गृह स्वामित्व के पट्टों का वितरण किया गया। साथ ही वर्षों से लंबित आपसी सहमति से जुड़े बंटवारे के कई प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर ग्रामीणों को राहत प्रदान की गई। संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं एवं विभागों के समन्वित कार्य की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इस अवसर पर पूर्व प्रधान जसवंत सिंह थाटा, मनीष चौधरी सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।0
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राजस्थान में गैप एरिया ई-नीलामी: 3-स्टार रेटिंग अनिवार्य, बंद खदानों को राहत
Jaipur, Rajasthan:अब खनन पट्टों के बीच गैप एरिया की होगी ई-नीलामी, खनन पट्टों के लिए 3 स्टार रेटिंग भी अनिवार्य! - राजस्थान माइनर मिनरल कंसेशन रूल्स 2026 द्वितीय संशोधन लागू, खनन लीजधारकों को दी गई बड़ी राहत - खनन पट्टों में गैप एरिया की होगी ई-नीलामी, सतत खनन के लिए स्टार रेटिंग अनिवार्य, बंद खदानाें के मामले में भी दी गई राहत जयपुर। राज्य सरकार ने खनन लीजधारकों को कई मायनों में बड़ी राहत दी है। एक तरफ जहां खनन पट्टों में 'गैप एरिया' की ई-नीलामी को लेकर बड़ा फैसला किया गया है। वहीं बंद पड़ी खदानوں के मामले में भी लीजधारकों को राहत दी गई है। निरंतर खनन के लिए अब 'स्टार रेटिंग' को भी अनिवार्य किया गया है।दरअसल इन संशोधनों के जरिए राजस्थान सरकार ने प्रदेश में खनन नियमों को अधिक पारदर्शी, पर्यावरण-अनुकूल और व्यावहारिक बनाने की पहल की है। खान एवं पेट्रोलियम विभाग ने एक अधिसूचना जारी करते हुए 'राजस्थान माइनर मिनरल कंसेशन रूल्स 2017' में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन नए नियमों को 'राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026' कहा जाएगा। नए संशोधन के जरिए सरकार ने खनन और क्वारी पट्टों के बीच खाली बचे क्षेत्रों यानी गैप एरिया के आवंटन, अदालती आदेशों से बंद रही खदानों की अवधि विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के लिए स्टार रेटिंग प्रणाली जैसे कई दूरगामी बदलाव किए हैं। अधिसूचना के अनुसार 'गैप एरिया' का आवंटन अब ई-नीलामी से होगा। इसके तहत 2 या 2 से अधिक माइनर मिनरल खनन पट्टों या क्वारी लाइसेंसों के बीच, या फिर वन विभाग की सीमा, आरक्षित भूमि और खातेदारी भूमि के पास बचे ऐसे छोटे क्षेत्रों को 'गैप एरिया' माना जाएगा, जो न्यूनतम निर्धारित आकार से कम हैं। ऐसे गैप एरिया को अब आस-पास के मौजूदा पट्टाधारकों/लाइसेंसधारकों के बीच ई-नीलामी के जरिए आवंटित किया जाएगा। फिर इसे सफल बोलीदाता के मौजूदा पट्टे में जोड़ दिया जाएगा। नए नियमों में यह हुए महत्वपूर्ण बदलाव - खनन पट्टों के लिए गैप एरिया का मूल्य वार्षिक डेड रेंट का 25 गुना होगा - क्वारी लाइसेंस के मामले में वार्षिक लाइसेंस शुल्क का 25 गुना रहेगा - सफल बोलीकर्ता को प्रीमियम की राशि अग्रिम जमा करानी होगी - यदि जमीन खातेदारी है, तो खातेदार का पंजीकृत सहमति पत्र देना अनिवार्य होगा - यदि गैप एरिया के पास केवल एक ही खनन पट्टा या क्वारी लाइसेंस मौजूद है - तो वह क्षेत्र सीधे उसी मौजूदा पट्टाधारक को दे दिया जाएगा - इसके लिए उसे आरक्षित मूल्य का 1.5 गुना प्रीमियम जमा कराना होगा - कोर्ट या NGT के आदेश से बंद रही माइंस को भी दी गई राहत - ऐसी खदानों के पट्टे या लाइसेंस की अवधि को उतने ही समय के लिए बढ़ाया जाएगा - बंद अवधि के दौरान पट्टाधारकों से कोई डेड रेंट या वार्षिक लाइसेंस नहीं लिया जाएगा - यह प्रावधान उन खनन पट्टों और लाइसेंसों पर भी लागू होगा - जिनकी अवधि इस नए संशोधन नियम के लागू होने से पहले ही समाप्त हो चुकी है - लेकिन यदि खनन पट्टाधारक की खुद की गलती या लापरवाही से बंद हुई - तो उसे यह लाभ नहीं मिलेगा और शुल्क देय होगा - नियम 17A में संशोधन कर प्रीमियम राशि के भुगतान को व्यवस्थित किया गया - आवंटियों को प्रीमियम की पहली किश्त (30 प्रतिशत) LOI जारी होने से पहले - दूसरी किश्त खनन पट्टा विलेख के निष्पादन से पहले जमा करानी होगी 3 स्टार रेटिंग नहीं आई तो लगेगी पैनल्टी पर्यावरण संरक्षण के लिए 'सस्टेनेबल माइनिंग' और 'स्टार रेटिंग' को अनिवार्य किया गया है। विभाग ने पर्यावरण के अनुकूल खनन को बढ़ावा देने के लिए नियमों में एक नया नियम 34A जोड़ा है। प्रत्येक खनन पट्टाधारक को हर साल 1 जुलाई से पहले पिछले वित्तीय वर्ष की अपनी गतिविधियों की सेल्फ असेसमेंट रिपोर्ट सरकार द्वारा निर्धारित 'स्टार रेटिंग' प्रारूप में संबंधित माइनिंग इंजीनियर को ऑनलाइन जमा करनी होगी। नियमों के लागू होने की तिथि या खनन कार्य शुरू होने की तिथि से तीन साल के भीतर कम से कम 'थ्री स्टार (3-Star) रेटिंग' हासिल करना और उसे हर साल बनाए रखना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में 3-स्टार रेटिंग हासिल न करने, उसे बरकरार न रखने या स्टार रेटिंग टेम्पलेट जमा न करने पर 30 दिनों का कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी अनुपालना नहीं होने पर माइनिंग इंजीनियर संबंधित खदान में खनन कार्य निलंबित कर सकेंगे। समय पर टेम्पलेट न भरने पर 500 रुपए प्रति माह और अधिकतम 5,000 रुपए का जुर्माना भी लगा सकेंगे। निलंबन तभी बहाल होगा जब निरीक्षण में खदान 3-स्टार मानकों पर खरी उतरेगी।0
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संजय निषाद: निषाद समाज के आरक्षण के हक के लिए बूथ मजबूत, NDA के साथ
Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर में बोले संजय निषाद 'जो निषाद समाज को आरक्षण दिलाएगा, समर्थन उसी का होगा', सीट बंटवारे पर भाजपा के फैसले को बताया सर्वोपरि जौनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रम में शामिल होने जौनपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकाऱियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव, भाजपा के साथ गठबंधन, सीट बंटवारे और बिहार की राजनीति समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। मुकेश साहनी के साथ रिश्तों पर पूछे गए सवाल के जवाब में संजय निषाद ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पहले यह सहमति बनी थी कि बिहार में चुनाव की जिम्मेदारी मुकेश साहनी संभालेंगे, जबकि उत्तर प्रदेश में निषाद पार्टी अपनी राजनीतिक भूमिका निभाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह समझौता बाद में निभाया नहीं गया। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति वचन निभाने की रही है और इसी सिद्धांत पर निषाद पार्टी आगे भी चलेगी। बसपा और सपा पर निशाना साधते हुए संजय निषाद ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में आरक्षण और नौकरियों के मुद्दे पर समाज के साथ न्याय नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि निषाद समाज के अधिकारों की लड़ाई लगातार जारी है और पार्टी का लक्ष्य समाज को उसका संवैधानिक हक दिलाना है। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटी है। उनका दावा था कि मजबूत बूथ संगठन ही चुनावी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है और कार्यकर्ताओं को इसी दिशा में काम करना चाहिए। भाजपा के साथ गठबंधन पर संजय निषाद ने कहा कि उनकी पार्टी पूरी मजबूती के साथ एनडीए का हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व में गठबंधन सभी 403 सीटों पर शानदार प्रदर्शन करेगा। सीट बंटवारे के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा जितनी सीटें निषाद पार्टी को देगी, पार्टी उन्हीं सीटों पर पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी। संजय निषाद ने दावा किया कि निषाद पार्टी ने जिन क्षेत्रों में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, वहां गठबंधन को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 2018, 2019 और 2022 के चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि निषाद पार्टी ने हर गठबंधन में अपनी राजनीतिक ताकत साबित की है। उन्होंने अंत में कहा कि निषाद समाज के सम्मान, आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी की लड़ाई जारी रहेगी और पार्टी का समर्थन उसी राजनीतिक दल के साथ रहेगा, जो समाज के हितों की रक्षा करेगा।0
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हिमांशु सिंह हत्याकांड: राहुल दुबे ने बिष्टुपुर थाना में सरेंडर कर दिया
Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर की चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले के मुख्य नामजद आरोपियों में शामिल राहुल दुबे ने शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे बिष्टुपुर थाना पहुंचकर पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसने थाना परिसर में हाथ ऊपर कर फिल्मी अंदाज में आत्मसमर्पण किया। बताया जा रहा है कि पुलिस लगातार राहुल दुबे की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। इसी बीच उसने स्वयं थाना पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, उससे हत्या की साजिश, घटना में शामिल अन्य आरोपियों और वारदात से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले में विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस अब तक बार संचालक नीरज सिंह समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। राहुल दुबे के सरेंडर को जांच में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।0
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ताराटांड़ जंगल से साइबर ठगी के 5 आरोपी गिरफ्तार; 10 फोन, 13 सिम बरामद
Giridih, Jharkhand:गिरिडीह पुलिस ने ताराटांड़ थाना क्षेत्र के मिडिल स्कूल ताराटांड़ के पीछे जंगल में छापेमारी कर साइबर ठगी में शामिल 5 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. एसपी डॉ. विमल कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत के नेतृत्व में कार्रवाई की गई. पुलिस ने मौके से 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, 1 लैपटॉप और 4 मोटर साइकिल बरामद की है. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे कस्टमर सपोर्ट APK फ़ाइल और वाईफाई एयरटेल के नाम की फर्जी APK फाइल लोगों के मोबाइल पर भेजते थे. लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो जाता था और उसके बाद बैंक खाते से पैसे उड़ा दिए जाते थे. इस संबंध में गिरिडीह साइबर थाना में कांड संख्या 21/2026, दिनांक 10.07.2026 दर्ज किया गया है. गिरफ्तार अपराधियों में जनार्दन मंडल, अशोक कुमार, बबलू कुमार मंडल, अशोक कुमार और विष्णु कुमार शामिल हैं. ये सभी ताराटांड़ थाना क्षेत्र के कोरबंधा और छीतरी गांव के रहने वाले हैं. पुलिस के अनुसार अशोक कुमार और बबलू कुमार मंडल पहले भी साइबर ठगी के मामलों में जेल जा चुके हैं. अशोक कुमार के खिलाफ गिरिडीह साइबर थाना कांड संख्या 03/2020, जबकि बबलू कुमार मंडल के खिलाफ गिरिडीह साइबर थाना कांड संख्या 10/2020 एवं ताराटांड़ थाना कांड संख्या 08/2016 दर्ज है. एसपी डॉ. विमल कुमार ने कहा कि जिले में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा. लोगों से अपील है कि किसी भी अंजान लिंक या APK फ़ाइल पर क्लिक न करें.0
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गोंडा में बाढ़ पूर्व तैयारी: 18 अतिसंवेदनशील जिलों के लिए सुरक्षा-तैयारी समीक्षा
Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। गोंडा जिले की एक दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को प्रमुख सचिव राजस्व विभाग अपर्णा यू और राहत आयुक्त यूपी डॉ हृषिकेश भास्कर यशोद गोंडा के जिला पंचायत सभागार पहुंचे। गोंडा देवी पाटन कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल, गोंडा डीएम प्रियंका निरंजन के साथ बाढ़ से प्रभावित होने वाले 18 अतिसंवेदनशील जिलों के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बाढ़ से पूर्व की गई तैयारी को लेकर समीक्षा बैठक की गई। बैठक के दौरान दोनों अधिकारियों ने 18 जिलों के अधिकारियों से कहा कि बाढ़ से पहले सभी तैयारी पूरी कर ली जाए, किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए और कहीं भी लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख सचिव राजस्व विभाग अपर्णा यू और राहत आयुक्त यूपी डॉ हृषिकेश भास्कर यशोद ने निर्देश दिया है कि जिन जिलों में तटबंध है, उसके सुरक्षा को लेकर जो भी कार्य करने हैं समय से पहले पूरा कर लिया जाए। किसी भी जिले में कहीं कोई तटबंध न कटने पाए; बाढ़ राहत सामग्री को लेकर के भी निर्देश दिया गया है कि बाढ़ राहत सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। राजस्व विभाग की प्रमुख सचिव अपर्णा यू ने बताया कि हमारे यूपी में 44 जिले ऐसे हैं जो बाढ़ के लिए संवेदनशील माने जाते हैं, लेकिन उनमें से 18 यह जिले अतिसंवेदनशील हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अलर्ट के अनुसार अगले तीन दिन के अंदर नेपाल की तरफ भारी बरसात की वजह से संभावित है कि हमारे यहां बाढ़ की शुरुआत हो। इसी को लेकर के गोंडा में बैठक आयोजित की गई थी; प्रत्येक 18 जनपद जो अतिसंवेदनशील है, वहां की हमने एक-एक समीक्षा की है। सभी तैयारियां समय से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं; जो टेंडर प्रक्रिया को जिलों में नहीं पूरी हो पाई है उन्हें समय से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। वही बाढ़ से होने वाली दिक्कतों को लेकर कहा गया है कि नेपाल में जो बरसात होती है उसी को जैसे यहां पर बाढ़ आता है।0
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पति की दूसरी शादी के आरोप पर ससुराल में तना-वझा
Mainpuri, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग - मैनपुरी पति द्वारा दूसरी शादी करने की सूचना पर ससुराल पहुंची विवाहिता ससुरालीजनों पर विवाहिता से अभद्रता और मारपीट का आरोप ससुरालीजन घर पर ताला डालकर मौके से फरार विवाहिता के घर पर ही दिया धरना पति के साथ ससुराल में रहने की जिद पर अड़ी विवाहिता ससुराली जनों के प्रताड़ित करने पर मायके आ गई थी विवाहिता विवाहिता की गैर मौजूदगी में पति द्वारा दूसरी शादी करने का आरोप पीड़िता ने थाने में आरोपी पति और ससुरालीजनों के खिलाफ दी तहरीर थाना औँचा़ क्षेत्र के ग्राम कुम्हरौआ का मामला0
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फर्रुखाबाद के खेत के पेड़ से युवक का शव बरामद; मौत का कारण पोस्टमार्टम पर
Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद के कमालगंज थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब खेत में एक पेड़ से युवक का शव लटका मिला। शव कई दिन पुराना होने के कारण बुरी तरह सड़ चुका था। परिजनों ने मौके की स्थिति देखकर शव पर तेजाब डालने की आशंका जताई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। मामला कमालगंज थाना क्षेत्र की खुदागंज चौकी के अंतर्गत कतरौली पट्टी का है। यहां खेत में एक पेड़ से युवक का शव लटका मिला। शव कई दिन पुराना होने के कारण सड़ चुका था और चेहरा पूरी तरह काला पड़ गया था। शव मिलने की सूचना पर इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। परिजनों का आरोप है कि शव के आसपास की जमीन और पेड़ का हिस्सा भी काला दिखाई दे रहा था, जिससे उन्हें आशंका है कि युवक के शव पर किसी प्रकार का तेजाब डाला गया है। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस, खुदागंज चौकी पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव काफी ऊंचाई पर होने के कारण पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से शव को नीचे उतरवाया और कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार मृतक हरदोई जनपद का रहने वाला था और अपनी बहन के घर आया हुआ था। परिजनों ने बताया कि वह 29 तारीख को घर से निकला था, जिसके बाद से लापता था। अब उसका शव मिलने से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। युवक की मौत आत्महत्या है या फिर हत्या के बाद शव को पेड़ से लटकाया गया, इसका जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएगा.0
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डीएम ब्रजेश कुमार ने दिव्यांग बेटी दीपिका को ट्राइसाइकिल देकर लोगों को प्रेरित किया
Auraiya, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग न्यूज़ औरैया संवेदनशील डीएम ब्रजेश कुमार ने जीता जनपद का दिल, जनसुनवाई में दिव्यांग बेटी को तुरंत दिलाई ट्राई साइकिल जनसुनवाई के दौरान दिव्यांग बेटी बिना ट्राई साइकिल के डीएम कार्यालय पहुंची। बेटी की स्थिति देख जिलाधिकारी ब्रजेश कुमार का पिघला दिल। डीएम ने तत्काल जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। मौके पर ही प्रक्रिया पूरी कर दिव्यांग बेटी को ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई गई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है ट्राई साइकिल मिलने पर बेटी दीपिका और उसके परिजनों ने जिलाधिकारी का जताया आभार। बताया जा रहा है कि अजीतमल तहसील क्षेत्र के नमिले का पुरवा निवासी दिव्यांग बेटी दीपिका पुत्री जितेंद्र जनसुनवाई में आई थी उसके पास ट्राई साइकिल के बात पूछने पर बताया कि उसे इस योजना का लाभ नहीं मिला,जिसपर जिलाधिकारी ब्रजेश कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी को फोन कर साइकिल मुहैया करने के दिशा निर्देश दिया।इसके बाद जिलाधिकारी ने दिव्यांग दीपिका का ट्राई साइकिल सौंपी।ट्राइसाइकिल पा कर दीपिका के चेहरे पर मुस्कान आ गई और उसने डीएम को धन्यवाद दिया... डीएम ने कहा कि पात्र दिव्यांगजन को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है。 जिलाधिकारी के मानवीय और संवेदनशील व्यवहार की जनपद भर में हो रही है सराहना。 लोगों ने इस पहल को मानवता, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित जनसेवा की मिसाल बताया।0
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एल नीनो से पवन ऊर्जा घटी, PLF और ग्रिड दबाव बढ़ा
Jaipur, Rajasthan:एल नीनो की मार से गिरी पवन ऊर्जा!कम हवाओं से PLF घटा, डेवलपर्स के राजस्व पर दबाव! एल नीनो के कारण दक्षिण, पश्चिम भारत में हवा कमजोर हरित बिजली की सप्लाई में हो सकती है कमी एल नीनो से पवन टर्बाइनों का उत्पादन प्रभावित,ग्रिड पर असर मानसूनी हवाओं की तीव्रता कम होने से घटी पवन ऊर्जा! दक्षिण-पश्चिम भारत के प्रमुख क्षेत्र प्रभावित BESS और सौर के साथ संयोजन पर जोर! BESS और सोलर के साथ हाइब्रिड मॉडल जरूरी जलवायु परिवर्तन के बीच स्थिर बिजली आपूर्ति के लिए सुझाव देश में मौसम के वैश्विक पैटर्न एल नीनो का असर अब अक्षय ऊर्जा पर भी दिखने लगा है। एल नीनो के कारण कई राज्यों में सामान्य से कम और अनियमित हवाएं चलने से पवन ऊर्जा परियोजनाओं का प्रदर्शन गिर गया है। इससे पवन टर्बाइनों का बिजली उत्पादन कम हुआ है और डेवलपर्स के सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गई है।विशेषज्ञों के मुताबिक एल नीनो के दौरान मानसूनी हवाओं की तीव्रता कमजोर पड़ गई। इसका सबसे ज्यादा असर दक्षिण और पश्चिम भारत के प्रमुख पवन ऊर्जा क्षेत्रों पर पड़ा। इन्हीं क्षेत्रों में देश की सबसे बड़ी पवन परियोजनाएं संचालित हैं। हवा की गति घटने से पवन टर्बाइनों का बिजली उत्पादन घटा, जिसके कारण परियोजनाओं का प्लांट लोड फैक्टर यानी PLF भी नीचे आया।PLF गिरने का सीधा असर डेवलपर्स के राजस्व पर पड़ा है। कम उत्पादन से ग्रिड को मिलने वाली हरित बिजली में भी कमी आई है। कई परियोजनाओं के वित्तीय अनुमान गड़बड़ा गए हैं क्योंकि पवन ऊर्जा का कारोबार पूरी तरह हवा की उपलब्धता पर निर्भर करता है। ऊर्जा कंपनियों को अब उत्पादन लक्ष्य पूरा करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ सकते हैं। हालांका मौसम वैज्ञानिकों ने राहत की उम्मीद भी जताई है। उनका मानना है कि एल नीनो का प्रभाव समाप्त होने के बाद ला नीना की स्थिति बन सकती है। ला नीना में हवाओं की गति सामान्य या उससे बेहतर रहती है। ऐसे में आने वाले महीनों में पवन ऊर्जा उत्पादन में फिर से सुधार होने की संभावना है। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की अनिश्चितता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सिर्फ पवन ऊर्जा पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए अब पवन परियोजनाओं के साथ बैटरी ऊर्जा भंडारण यानी BESS और सौर ऊर्जा के संयोजन पर ज्यादा जोर देना होगा। हाइब्रिड मॉडल से बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा।0
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राजस्थान खनन नियमों में द्वितीय संशोधन: गैप एरिया ई-नीलामी और स्टार रेटिंग अनिवार्य
Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - खानन लीजधारकों को बड़ी राहत - खानन पट्टों में गैप एरिया की ई-नीलामी - सतत खानन के लिए स्टार रेटिंग अनिवार्य - राजस्थान माइनर मिनरल कंसेशन रूल्स में संशोधन - वर्ष 2026 में द्वितीय संशोधन की अधिसूचना जारी - बंद खदानाें के मामले में भी दी गई राहत राजस्थान सरकार ने प्रदेश में खानन नियमों को अधिक पारदर्शी, पर्यावरण-अनुकूल और व्यावहारिक बनाने की पहल की है। खान एवं पेट्रोलियम विभाग ने एक अधिसूचना जारी करते हुए राजस्थान माइनर मिनरल कंसेशन रूल्स 2017 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इनमें नए नियमों को राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 कहा जाएगा। नए संशोधन के जरिए सरकार ने खानन और क्वारी पट्टों के बीच खाली बचे क्षेत्रों यानी गैप एरिया के आवंटन, अदालती आदेशों से बंद रही खदानों की अवधि विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के लिए स्टार रेटिंग प्रणाली जैसे कई दूरगामी बदलाव किए हैं। अधिसूचना के अनुसार गैप एरिया का आवंटन अब ई-नीलामी से होगा। गैप एरिया ऐसे छोटे क्षेत्र होंगे जो न्यूनतम निर्धारित आकार से कम हैं और इन्हें मौजूदा पट्टाधारकों/लाइसेंसधारकों के बीच ई-नीलामी द्वारा आवंटित कर दिया जाएगा और फिर इसे सफल बोलीदाता के मौजूदा पट्टे में जोड़ दिया जाएगा। नए नियमों में यह हुए महत्वपूर्ण बदलाव: - खनन पट्टों के लिए गैप एरिया का मूल्य वार्षिक डेड रेंट का 25 गुना होगा - क्वारी लाइसेंस के मामले में वार्षिक लाइसन्स शुल्क का 25 गुना रहेगा - सफल बोलीदाता को प्रीमियम की राशि अग्रिम जमा करानी होगी - यदि जमीन खातेदारी है, तो खातेदार का पंजीकृत सहमति पत्र देना अनिवार्य होगा - यदि गैप एरिया के पास केवल एक ही खनन पट्टा या क्वारी लाइसेंस मौजूद है, तो वह क्षेत्र सीधे उसी मौजूदा पट्टाधारक को दे दिया जाएगा - इसके लिए उसे आरक्षित मूल्य का 1.5 गुना प्रीमियम जमा कराना होगा - कोर्ट या NGT के आदेश से बंद रही माइंस को भी दी गई राहत - ऐसी खदानों के पट्टे या लाइसेंस की अवधि को उतने ही समय के लिए बढ़ाया जाएगा - बंद अवधि के दौरान पट्टाधारकों से कोई डेड रेंट या वार्षिक लाइसेंस नहीं लिया जाएगा - यह प्रावधान उन खनन पट्टों और लाइसेंसों पर भी लागू होगा जिनकी अवधि इस नए संशोधन नियम के लागू होने से पहले ही समाप्त हो चुकी है - लेकिन यदि खदान पट्टाधारक की खुद की गलती या लापरवाही से बंद हुई तो उसे यह लाभ नहीं मिलेगा और शुल्क देय होगा - नियम 17A में संशोधन कर प्रीमियम राशि के भुगतान को व्यवस्थित किया गया - आवंटियों को प्रीमियम की पहली किश्त (30 प्रतिशत) LOI जारी होने से पहले, दूसरी किश्त खनन पट्टा विलेख के निष्पादन से पहले जमा करानी होगी वायु- 2 पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत खनन और स्टार रेटिंग को अनिवार्य किया गया है। विभाग ने पर्यावरण के अनुकूल खनन को बढ़ावा देने के लिए नियमों में एक नया नियम 34A जोड़ा है। प्रत्येक खानन पट्टाधारक को हर साल 1 जुलाई से पहले पिछले वित्तीय वर्ष की गतिविधियों की सेल्फ असेसमेंट रिपोर्ट ऑनलाइन जमा करनी होगी। नियमों के अनुसार तीन साल के भीतर कम से कम 3-स्टार रेटिंग हासिल करना और उसे बनाए रखना अनिवार्य होगा। समय पर 3-स्टार न मिलने पर नोटिस और जुर्माने के साथ निरीक्षण में खदान की स्थिति तीन-स्टार के अनुरूप न होने पर खनन कार्य निलंबित किया जा सकता है। निलंबन खत्म होने पर भी 3-स्टार प्रमाणपत्र की पुनः जाँच अनिवार्य होगी और समय-सीमा के भीतर टेम्पलेट जमा न करने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।0
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नाकू बावड़ी में हजारों मछलियों की मौत, दुर्गंध से लोग परेशान
Jaipur, Rajasthan:नाकू बावड़ी में हजारों मछलियों की मौत. दुर्गंध से लोगों का जीना हुआ मुश्किल. उमस और गर्मी में सड़ांध से सांस लेना दूभर. लोग नगर निगम और पुरातत्व विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं. दुर्गंध से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल है. उल्टी, सिरदर्द और घबराहट जैसी शिकायतें भी बताई जा रही हैं. हजारों मछलियों की मौत के कारण पर्यटन नगरी आमेर में गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट बन गया है. बावड़ी में मछलियों के शवों के कारण क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल रही है. उमस भरे मौसम और गर्मी के कारण परिस्थितियाँ बिगड़ी हैं. लोगों के अनुसार मछलियाँ मृत अवस्था में तैर रही हैं और समय पर निकाले नहीं जाने के कारण सड़ना शुरू हो गया है. अमृत मछलियाँ बीमारियों के फैलने का अंदेशा भी बना हुआ है. क्षेत्र से गुजरने वाले राहगीरों ने रास्ता भी बदल लिया है. कई लोगों ने दुर्गंध के कारण उल्टी, सिरदर्द और घबराहट की शिकायत बताई है. साफ-सफाई और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है; शिकायत के बावजूद विभागों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की. स्थानीय नागरिकों ने मामले की सूचना नगर निगम और पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को दे दी है, पर अभी तक मरी हुई मछलियों को निकालने या बावड़ी की सफाई शुरू नहीं की गई थी. विशेषज्ञों का मानना है कि जलाशयों में ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक गर्मी, जल प्रदूषण या पानी का ठहराव जैसी स्थितियाँ मिलकर मौत का कारण बन सकती हैं; वास्तविक कारण का पता जांच के बाद चलेगा. प्रशासन से पानी के नमूनों की जांच कराई जाए और मछली मौत के कारणों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.0
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योगी ने बस्ती में विपक्ष पर तीखा वार; राम मंदिर और विकास का जोर
Basti, Uttar Pradesh:बस्ती की धरती से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा राजनीतिक हमला बोला। धार्मिक आस्था, राम मंदिर, 84 कोसी परिक्रमा, वक्फ बोर्ड, कानून-व्यवस्था, बिजली, किसानों और विकास जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष को जमकर घेरा। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने जहां आस्था और विकास को नई पहचान दी है, वहीं पिछली सरकारों में दंगे, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति होती थी। बस्ती के मखौड़ा धाम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण की शुरुआत 84 कोसी परिक्रमा के महत्व से की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम से जुड़ी 84 कोसी परिक्रमा मखौड़ा धाम से प्रारंभ होती है और उनकी सरकार ने इस परिक्रमा को भव्य स्वरूप देने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान इस धार्मिक परंपरा को रोकने का प्रयास किया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 1500 से अधिक मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी धन कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल बनाने में खर्च होता था, जबकि अब वही पैसा मंदिरों और धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर लगाया जा रहा है। योगी ने वक्फ बोर्ड का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पहले वक्फ के नाम पर गरीबों की जमीनों पर कब्जा किया जाता था और लोगों को उजाड़ा जाता था। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले विकास के नाम पर डकैती होती थी और सरकारी धन की लूट मची रहती थी। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश में सुशासन स्थापित हुआ है और अपराधियों में कानून का डर है। योगी ने कहा कि अब कोई दंगा करने की हिम्मत नहीं करता और यदि कोई ऐसा करेगा तो उसे कानून का सख्त सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश के बड़े हिस्से बिजली से वंचित रहते थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उस समय लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाते थे क्योंकि बिजली आती ही नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता गर्मी में परेशान रहती थी, जबकि सैफई में बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। राम मंदिर और अयोध्या का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर निर्माण में सबसे बड़ी बाधा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अयोध्या का माहौल ऐसा बना दिया गया था कि लोग खुलकर जय श्रीराम का नारा लगाने से भी डरते थे। उन्होंने यह भी कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को आज भी माफी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार कांवड़ियों का सम्मान करती है और यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कराती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कांवड़ यात्रा पर रोक लगाने की कोशिश की जाती थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष भी कांवड़ यात्रा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर, मुफ्त राशन, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, किसानों को किसान सम्मान निधि और सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कंपोजिट विद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब नर्सरी से लेकर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।0
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