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Umesh GuptaUmesh GuptaFollow29 Apr 2025, 12:59 pm
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गांव के सरकारी स्कूल में अध्यापकों के विवाद से तालाबंदी, ग्रामीण धरना पर

Sri Ganganagar, Rajasthan:विद्यालय में अध्यापकों की आपसी खींचतान और विवाद से तंग आकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। विद्यालय में शैक्षणिक माहौल खराब होने से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी और विद्यालय परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि अध्यापकों के बीच लंबे समय से चल रहे इस विवाद के संबंध में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को पूर्व में भी सूचित किया गया था, लेकिन किसी ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया। अधिकारियों की इस अनदेखी के चलते ग्रामीणों को मजबूरन तालाबंदी का कदम उठाना पड़ा। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के बाद भी शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं और मीडिया के सवालों से बचते नजर आ रहे हैं। धरना स्थल पर ग्रामीणों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और कमरेड श्योपत राम भी डटे हुए हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का साफ कहना है कि जब तक विद्यालय के पूरे स्टाफ का यहां से तबादला नहीं कर दिया जाता और नया स्टाफ तैनात नहीं होता, तब तक यह तालाबंदी और धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
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बेला में पुल टूटने से 60 हजार लोग मुख्य मार्ग से कटे, प्रशासन चेत जाये?

Jammu, उफनता नाला, टूटा पुल और 60 हज़ार लोगों की पुकार... प्रशासन कब जागेगा?\n\nकठुआ: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई इलाके अब भी मुख्य सड़कों से कटे हुए हैं, तो कई गांवों में लोगों के घरों तक पानी पहुंच चुका है। लेकिन कठुआ जिले के बेला इलाके की तस्वीर सबसे ज्यादा भयावह है, जहां एक पुल के पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने से 60 हजार से अधिक आबादी का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है।\n\nज़मीन पर हकीकत जानने और प्रशासन तक लोगों की आवाज़ पहुंचाने के लिए ज़ी न्यूज़ की टीम अपनी जान जोखिम में डालकर तेज बहाव वाले नाले को पार करते हुए प्रभावित गांवों तक पहुंची। टीम ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी परेशानियों को करीब से देखा, जो अब तक प्रशासनिक फाइलों से दूर हैं।\n\nपिछले साल बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ पुल, इस बार पूरी तरह बह गया\n\nस्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले साल आई बाढ़ में इस पुल को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद प्रशासन की ओर से स्थायी पुल का निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर एक अस्थायी रास्ता तैयार किया था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने उसे भी बहा दिया। अब लोगों के सामने सिर्फ दो ही विकल्प हैं—या तो जान जोखिम में डालकर उफनते नाले को पार करें या फिर 25 से 30 किलोमीटर लंबा दूसरा रास्ता अपनाएं। स्थानीय लोगों ने बताया कि जो रास्ता पहले 5 मिनट में तैय हो जाता था आज उसके लिए हमें 3 घंटे लग जाते हैं।\n\nस्कूल, अस्पताल और सरकारी सेवाएं सब प्रभावित\n\nग्रामीणों ने बताया कि पुल टूटने से सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज नहीं पहुंच पा रहे हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ाने आने वाले शिक्षक, स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात कर्मचारी और अन्य सरकारी कर्मचारी भी समय पर अपने कार्यस्थल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।\n\nआपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के समय हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, क्योंकि एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकती।\n\nग्रामीणों का आरोप—प्रशासन ने छोड़ दिया भगवान भरोसे\n\nग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद से लगातार प्रशासन से गुहार लगाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। उनका आरोप है कि प्रशासन उनकी सुध लेने तक नहीं पहुंचा।\n\nग्रामीणों की मांग\n\nग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि युद्ध स्तर पर नए पुल का निर्माण कराया जाए या फिर तत्काल वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग बनाया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज, मजदूरों की रोज़ी-रोटी और सरकारी सेवाएं फिर से सामान्य हो सकें।
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गोंडा के खुले नालों से हो रही मौत, जीएम की टीम ने चेक किया

Gonda, Uttar Pradesh:प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खुले नालों में गिरकर के लोगों की हो रही मौत खुले नालों में बह रहे लोगों को लेकर के जी मीडिया की टीम द्वारा आज गोंडा में ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर शहर में बने नालों की रियलिटी चेक की गई। जहां रियलिटी चेक में देखने को मिला कि श्रम विभाग के सामने डीएम आवास से 100 मीटर की दूरी पर स्थित लगभग 200 मीटर नाला खुला हुआ है। लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है कोई भी इस नाले में गिर करके हादसे का शिकार हो सकता है। यह नाला गोंडा लखनऊ और बलरामपुर राजमार्ग के ठीक बगल बना हुआ है प्रतिदिन लाखों की संख्या में लोग इस न्यायालय के बगल से गोंडा बलरामपुर लखनऊ राजमार्ग से होकर के जाते है। इस नाले का निर्माण किया गया है बड़ी-बड़ी सरिया भी छोड़ दी गई है। कोई भी अगर अनियंत्रित होकर के वाहन लेकर के इस नाले में गिरता है तो सरिया घुसने के चलते उसकी मौत भी हो सकती है। वही जी मीडिया की टीम इसके बाद शहर में बने और नालों की रियलिटी चेक करने के लिए टॉमसन इंटर कॉलेज के पास पहुंची। जहां पर देखने को मिला कि बीते 5 सालों से यहां पर विद्यालय के ठीक बगल नाला बना हुआ है जो लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय चौराहा की तरफ जाता है। यह नाला भी खुला हुआ है इस नाले में भी गिरकर के किसी भी व्यक्ति की मौत हो सकती है यह नाला भी गोंडा बलरामपुर लखनऊ राज मार्ग के ठीक बगल बना हुआ है। हजारों की संख्या में बच्चे भी यहां प्रतिदिन पढ़ने के लिए आते हैं ऐसे में वह भी यहां गिर करके हादसे के शिकार हो सकते हैं। इसके बाद जी मीडिया की टीम कैसरगंज से पूर्व सांसद ब्रिजभूषण शरण सिंह के कार्यालय के पास बन रहे निर्माणाधीन नाले का रियलिटी चेक किया गया कि यहाँ निर्माण के दौरान लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई भी इंतजाम नहीं किया गया है नाले को खुला छोड़ कर निर्माण किया जा रहा है। यह भी नाला गोंडा बलरामपुर और लखनऊ राज मार्ग के ठीक बगल बनाया जा रहा है इसमें भी गिरकर कोई भी हादसे का शिकार हो सकता है। प्रति वर्ष गोंडा जिले में नाला निर्माण, नाला मरम्मत और नालों की सुरक्षा को लेकर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं लेकिन इसके बावजूद भी शहर के बीचो-बीच बने नाले खुले हुए हैं और हादसे को दावत दे रहे हैं।
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कक्षा 5 के विवाद में छात्र की मौत, शिक्षक पर कार्रवाई की मांग

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:छात्रों के झगड़े में एक छात्र की मौत कौशाम्बी ज़िले में एक प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 5 के दो छात्रों के बीच हुए विवाद ने दर्दनाक मोड़ ले लिया। आरोप है कि क्लास के अंदर दोनों छात्रों के बीच मारपीट होती रही और शिक्षक मूकदर्शक बने रहे। मारपीट में गंभीर रूप से घायल छात्र को प्रयागराज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और लापरवाह शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। रिपोर्ट: मामला चरवा थाना क्षेत्र के पहाड़पुर सुधवर प्राथमिक विद्यालय का है। बताया जा रहा है कि कक्षा 5 में पढ़ने वाले दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। परिजनों का आरोप है कि घटना के दौरान मौजूद शिक्षक ने दोनों बच्चों को रोकने की कोशिश नहीं की और मूकदर्शक बने रहे。 मारपीट में विभान पुत्र वीरू गंभीर रूप से घायल हो गया। हालत बिगड़ने पर उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। इलाज के दौरान विभान ने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया。 घटना से नाराज़ बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए। स्कूल परिसर में भारी भीड़ जुट गई और लोगों ने लापरवाही बरतने वाले शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।
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लखीसराय में विजय कुमार सिन्हा ने NDA की बांकीपुर उपचुनाव जीत का भरोसा जताया

Lakhisarai, Bihar:बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा एक दिवसीय दौरे पर लखीसराय पहुंचे। जहां गुरू पूर्णिमा के पावन अवसर पर उन्होंने अपनी पत्नी के साथ जिले के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान उन्होंने बिहारवासियों की सुख, शांति, समृद्धि और राज्य के सर्वांगीण विकास की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मंत्री ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजा के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता विकास, सुशासन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं पर विश्वास करती है। इसी विश्वास के आधार पर एनडीए बांकीपुर उपचुनाव में जीत दर्ज करेगा। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता अब केवल विकास की राजनीति चाहती है और भ्रम फैलाने वाली राजनीति को पूरी तरह नकार चुकी है। मंत्री के दौरे को लेकर मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। उनके आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया。
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ददरेवा मेले की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए

Churu, Rajasthan:ददरेवा मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस सादुलपुर _ प्रदेश के प्रसिद्ध लोक आस्था के केंद्र ददरेवा मेले की तैयारियों को लेकर बुधवार को उपखंड अधिकारी कार्यालय में प्रशासन, पुलिस एवं मेला समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा, बिजली, साफ-सफाई सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। बैठक की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी मनोज खेमदा ने की। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रिछपाल सिंह चारण तथा आईपीएस अभिजीत पाटिल भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मेला समिति के सदस्यों से सुझाव लिए और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय रहते व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। सरपंच जाहिद कुरैशी ने मेले से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं एवं आवश्यकताओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। उन्होंने विशेष रूप से श्रद्धालुओं की सुविधा, गढ़ क्षेत्र की व्यवस्थाओं तथा विभिन्न मूलभूत सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बैठक में निर्णय लिया गया कि मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। पूरे मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रभावी नजर रखी जा सके तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मेले के दौरान पेयजल, चिकित्सा सेवाएं, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों को पूरी जिम्मेदारी और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।बैठक में जलदाय विभाग, चिकित्सा विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और अपनी-अपनी तैयारियों की जानकारी दी। हालांकि बिजली विभाग एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी बैठक में अनुपस्थित रहे, जिस पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर तहसीलदार, विकास अधिकारी (बीडीओ) रविंद्र सिंह, सादुलपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार सिहाग, ग्राम विकास अधिकारी राजेंद्र ओला सहित प्रशासन, पुलिस एवं मेला समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि ददरेवा मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु व्यवस्थाओं के लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय पर पूरे किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु आस्था के इस महापर्व में बिना किसी परेशानी के शामिल हो सकें। बाइट: मनोज खेमदा SDM सादुलपुर
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कांकेर में भारी बारिश के बीच शिक्षकों ने नाव से नदी पार किया

Kurustikur, Chhattisgarh:कांकेर। पिछले 24 घंटे से जिले में भारी बारिश हो रही है, कई नदी नाले उफान पर है ऐसे में एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें जिले के छोटे बेठिया क्षेत्र के कोटरी नदी को शिक्षकों का समूह नाव के सहारे पार करता नजर आ रहा है, जिसमें महिला शिक्षक भी शामिल है, वीडियो में शिक्षक अपनी तकलीफ बताते दिख रहे है, शिक्षकों ने खुद वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया में पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में रोजाना इसी तरह जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुँचना पड़ता है, स्कूल नहीं जाएंगे तो अटेंडेंस नहीं लगेगी और वेतन नहीं मिलेगा तो घर कैसे चलेगा, शिक्षक खुद नाव भी चलाते वीडियो में नजर आ रहे है, शिक्षकों ने वीडियो के माध्यम से प्रशासन से ऐसे इलाकों में शिक्षकों को लाइफ जैकेट देने की मांग की है।
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धामी ने ग्लोबल टाइगर डे पर सिंगल-यूज़ प्लास्टिक रोक के लिए वर्कशॉप में हिस्सा लिया

Noida, Uttar Pradesh:DEHRADUN (UTTARAKHAND): CM PUSHKAR SINGH DHAMI ने देहरादून के হयात सेंट्रिक में 'ग्लोबल टाइगर डे' के मौके पर आयोजित सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर रोक को असरदार ढंग से लागू करने और उसके पालन के लिए राज्य-स्तरीय कंसल्टेशन वर्कशॉप में हिस्सा लिया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, 'यह हमारे लिए वाकई एक खास दिन है। अगर हमारे जंगल सुरक्षित रहेंगे, तो पूरा इकोसिस्टम फलेगा-फूलेगा। जब पूरा इकोसिस्टम फलेगा-फूलेगा, तो बाघ सुरक्षित रहेंगे। जब बाघ सुरक्षित रहेंगे, तो प्रकृति का संतुलन बना रहेगा। हम हमेशा कहते हैं कि इकोसिस्टम और इकॉनमी के बीच संतुलन होना चाहिए...'
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बारिश से उफनते नाले पार करते बुजुर्ग की मौत, नदी-नाले उफान पर

Majarkata, Chhattisgarh:स्थान गरियाबंद ऐंकर जिले में लगातार बारिश के चलते नदी, नाले उफान पर है, इसी उफनते नाले को पार करना एक बुजुर्ग को महंगा पड़ा गया, उफनते सरगी नाले को पार करने की कोशिश में सहसपुर निवासी थानवार यादव की मौत हो गई, पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के चलते जिले के छोटे बड़े नदी, नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिले के सिकासार जलाशय में भी पानी की अधिकता को देखते हुए डैम से पानी रिलीज किया जा रहा है, जिससे नदियों और नालों का जलस्तर लगातार बढ़ेगा, वहीं आज उफनते सरगी नाले को पार करना बुजुर्ग को मौत के मुंह तक ले गया, बुजुर्ग थानवार यादव को लोग मना करते रहे लेकिन लोगों की बात अनसुनी कर नाले को पार करने की कोशिश नाकाम साबित हुई, पास मौजूद लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया है, जो तस्वीरों में साफ तौर पर देख सकते है, 10 किलोमीटर दूर बुजुर्ग की लाश खुंटेरी गांव में मिली है, बहरहाल फिंगेश्वर थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, वहीं ये लोगों के लिए सबक भी है कि बारिश के दिनों में इस तरह उफनते नदी, नालों को पार करना कितना जोखिम भरा हो सकता है।
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मैनपुरी-करहल स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए खतरा बना जैन कॉलेज के सामने का गड्ढा PWD की अनदेखी।

Ajay KumarAjay KumarFollow14m ago
Kirthua, Karhal, Uttar Pradesh:करहल/मैनपुरी मैनपुरी के करहल में जैन इंटर कॉलेज के तिराहे पर सड़क का एक बड़ा गड्डा राहगीरों के लिए जानलेवा बन गया है। कई बार शिकायत के बाद भी PWD विभाग इसे ठीक नहीं करा रहा। जैन इंटर कॉलेज तिराहा करहल का व्यस्ततम चौराहा है,यहां से रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चे,किसान और राहगीर गुजरते हैं। लेकिन सड़क के बीचों-बीच गहरा गड्डा होने के कारण यहां आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरसात में गड्ढे में पानी भर जाने से उसकी गहराई का अंदाजा नहीं लगता और हादसे हो जाते हैं। कई बार PWD विभाग को शिकायत की गई लेकिन अब तक कोई मरम्मत नहीं हुई। अभिभावकों और व्यापारियों ने मांग की है कि प्रशासन और PWD विभाग तुरंत गड्ढे को भरवाकर दुर्घटनाओं पर रोक लगाए,वरना बड़ा हादसा होने का इंतजार है ?
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मुड़िया पूर्णिमा पर आस्था का सैलाब, समाजसेवी श्याम सुंदर के भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण

DEEPAK KUMARDEEPAK KUMARFollow16m ago
Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा। मुड़िया पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) के पावन अवसर पर मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। लाखों श्रद्धालु गिरिराज महाराज की परिक्रमा और दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों द्वारा जगह-जगह विशाल भंडारों का आयोजन किया गया। समाजसेवी श्याम सुंदर द्वारा आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध देशी घी से बने प्रसाद, भोजन और शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई। सुबह से देर रात तक हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में बड़ी संख्या में युवाओं और स्वयंसेवकों ने सेवा भाव से भोजन वितरण और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। आयोजकों ने बताया कि ब्रज में मुड़िया पूर्णिमा के अवसर पर भंडारे लगाने की वर्षों पुरानी परंपरा है, जो लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होती है। उनका कहना था कि सेवा कार्य से आत्मिक संतोष और पुण्य की अनुभूति होती है। इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में 4 से 5 लाख अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। भंडारे में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रशासन और नगर निगम की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा, साफ-सफाई और यातायात प्रबंधन के कारण दर्शन और परिक्रमा सुचारु रूप से संपन्न हो रही है।
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मेरठ की बकरी पर गंदगी से खुला बेकरी घोटाला: खलबली मचा देने वाली तस्वीर

गाजियाबाद में गंदगी में बन रही सोयाबीन चाप के बाद मेरठ की तस्वीर भी चौंकाने वाली है। ZE MEDIA की टीम ग्राउंड जीरो पर मेरठ की एक बकरी पर पहुंची तो तस्वीरें बेहद हैरान करने वाली थीं। यहां बकरी के अंदर गंदगी हर ओर थी साथ ही नानखटाई भी बिना ग्लव्स के हाथों से बनाई जा रही थी। हाइजीन के नाम पर यहां कुछ नहीं था। यहां की नान कटाई शहर के प्रमुख बाजारों में सप्लाई होती है लेकिन यहां हर ओर गंदगी थी साथ ही नानखटाई का बेसन भी हाथों से गूथा जा रहा था। ऐसी बेकरियाँ शहर के कौन-कौन से इलाकों में हैं यह खाद्य विभाग की टीम जाँच कर रही है और भ्रष्टाचार के चलते ये बकरियां पनप रही हैं।
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