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VIJAY CHAURASIYAVIJAY CHAURASIYAFollow28 Dec 2024, 10:56 am

महाराजगंजः राष्ट्रीय सचिव बैजू यादव के नेतृत्व में पीडीए पखवाड़ा का आयोजन

Devpur, Uttar Pradesh:

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को विधानसभा नौतनवा ग्राम चकना चकदह के बेलहिया में पीडीए पखवाड़ा का आयोजन किया। इसमें भाजपा सरकार के जनविरोधी कार्यक्रम, बेरोजगारी, जातिगत जनगणना और पीडीए पर विस्तार से चर्चा की गयी। सपा लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव बैजू यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव देश के इकलौते नेता हैं, जो समाज के उपेक्षित वर्गों, गरीबों, किसानों, पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं की लड़ाई मजबूती से लड़ रहे हैं। जबकि सत्ताधारी भाजपा संविधान और आरक्षण को खत्म करना चाहती है। हमारे नेता अखिलेश यादव आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

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रतलाम के गणेश मंदिरों में भक्तों का तांता, उत्सव अब 12 दिनों तक

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम गणेश उत्सव के पहले ही दिन रतलाम के गणेश मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। भगवान गणेश के आशीर्वाद के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं। इस बार दस दिवसीय गणेश उत्सव का संयोग 12 दिनों का रहेगा। शहर के गणेश मंदिर भी आकर्षक सजावट से जगमगा रहे हैं। कहीं फूलों की सजावट है, तो कहीं विद्युत रोशनी से मंदिरों को सजाया गया है। भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमाओं का विशेष श्रृंगार भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वहीं रतलाम के सबसे प्राचीन उकाला गणेश मंदिर की अपनी अनूठी मान्यता है। यहां भगवान गणेश किशोर स्वरूप में विराजमान हैं, इसलिए रिद्धि-सिद्धि की प्रतिमाएं स्थापित नहीं हैं। मंदिर से भक्त अखंड ज्योत लेकर दूर-दराज के गांवों में गणेश पंडालों तक पहुंचा रहे हैं। मान्यता है कि शहर में किसी भी घर में मांगलिक कार्य हो, तो पहला निमंत्रण उकाला गणेश को दिया जाता है।
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हाथरस के आंगनवाड़ी केंद्र की हालत बद से बदतर, वीडियो ने खोली पोल

Hathras, Uttar Pradesh:एक तरफ जहाँ केंद्र और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर पुर जोर कोशिश कर रहे हैं... बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए लगातार अधिकारियों को निर्देश देते नजर आते हैं... तो वहीं हाथरस में जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी और लापरवाही से छोटे छोटे बच्चे जान जोखिम में डाल कर पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं... पूरा मामला हाथरस जिले के नया बांस और सुरंगपुरा के आंगनवाड़ी केंद्र का है... इस केंद्र के बदतर हालातों को बयां करता हुआ एक वीडियो सामने आया है... जो जिम्मेदारों की पोल खोल रहा है... इस आंगनवाड़ी केंद्र में एक तरफ जहां छत का गाडर बीच से झुक चुका है... जो कभी भी हादसे का चेहरा बन सकता है... तो वहीं दूसरी तरफ केंद्र परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है... बताया जा रहा है... कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुई कई बार शिकायत की गई... कुछ लोग मौके पर आए भी... लेकिन वीडियो बना कर चले गए... उसके बाद इस केंद्र में आ रहे मासूम बच्चों की सुध किसी ने नहीं ली... अब देखना होगा कि... कब तक जिम्मेदार अधिकारियों की नींद खुलेगी... और ये मासूम बच्चे बेखौफ होकर इस आंगनवाड़ी केंद्र में पढ़ाई कर पाएंगें ...
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AMU अब्दुल्लाह हॉल में मेस व साफ-सफाई पर छात्राओं का हंगामा, परीक्षा प्रभावित

Aligarh, Uttar Pradesh:अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अब्दुल्लाह हॉल में मेस और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का विरोध प्रदर्शन सोमवार को हंगामे में बदल गया। छात्राओं ने नारेबाजी करते हुए प्रॉक्टर टीम पर धक्का-मुक्की के आरोप लगाए। हंगामे का असर परीक्षा पर भी पड़ा। अब्दुल्लाह हॉल की छात्राएं मेस में भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अपनी शिकायतें रख रही थीं। छात्राओं का आरोप है कि उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनने के बजाय कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही थी। इसे लेकर नाराजगी बढ़ी और उन्होंने विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पहुँची प्रॉक्टर टीम के साथ बातचीत के दौरान स्थिति बिगड़ने का आरोप है। छात्राओं ने प्रॉक्टर टीम पर धक्का-मुक्की करने के गंभीर आरोप लगाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, हंगामे का असर अब्दुल्लाह स्कूल, एएमयू गर्ल्स स्कूल की परीक्षा पर भी पड़ा। छात्राओं के मुताबिक सोमवार को होने वाली परीक्षा में वे शामिल नहीं हो सकीं, जिससे परीक्षा देने पहुँचिे छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामला में विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है
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राजस्थान नगरपालिका चुनाव: रफीक खान बोले- 8-10 सीटें हमारी, आगे बढ़ेगा स्कोर

Noida, Uttar Pradesh:जयपुर, राजस्थान: जयपुर नगरपालिका आम चुनाव 2026 की जारी मतगणना पर राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रफीक खान कहते हैं, "अब तक आए नतीजों में बीजेपी आगे दिख रही है, लेकिन हमारी जीत वाली सीटों के नतीजे अभी आने बाकी हैं। उनकी गिनती अभी हुई ही नहीं है... उदाहरण के लिए, अगर मेरे विधानसभा क्षेत्र की बात करें, तो हम बीजेपी से 2-3 सीटें ज़्यादा जीतेंगे... हालांकि, जो 4-5 सीटें घोषित हुई हैं, वे बीजेपी के खाते में गई हैं। हमारी सीटें अभी घोषित होनी बाकी हैं। हम 8-10 सीटें जीतेंगे। उनके नतीजों का अभी इंतज़ार है। किशनपोल और हवामहल में भी ऐसा ही ट्रेंड दिख रहा है... हमारा स्कोर 60 तक जाएगा..."
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झारखंड में MMDR संशोधन के खिलाफ आंदोलन की तैयारी: धरना और प्रदर्शन तय

Ranchi, Jharkhand:खान खनिज अधिनियम 2026 के खिलाफ झारखंड के सत्ताधारी दलों की तरफ से आंदोलन की रणनीति तैयार। 19 सितंबर को झारखंड मुक्ति मोर्चा का सभी प्रखंडों में धरना तो वहीं 26 सितंबर को कांग्रेस भी करेगी प्रदर्शन MMDR कानून के खिलाफ झारखंड में सत्ता पक्ष सड़क पर उतरकर आंदोलन की तैयारी कर चुकी है।एक तरफ जहां झारखंड मुक्ति मोर्चा 19 सितंबर को सभी प्रखंडों पर एक दिवसीय धरना देगी वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस भी अपना विरोध दर्ज करेगी।सत्ता पक्ष का आरोप है कि यह कानून झारखंड के हितों और राज्य के खनिज संसाधनों के अधिकारों के खिलाफ है और इसे राज्य विरोधी कानून बताते हुए केंद्र सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है। इसी मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।झारखंड के सत्ताधारी दल कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने खाद खनिज संशोधन अधिनियम 2026 के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की ने कहा कि एक छटाक भी कोयला यहां से बाहर जाने नहीं दिया जाएगा हम यहां मीनिंग का डांस जिले और पूरा देश रोशन हो ऐसा उचित नहीं यह जो कानून है वह आदिवासी मूलवासी के साथ धोखा है।
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मानपुर के महादलित गांव को सड़क, पुलिया और जल‑स्रोत नहीं मिलने पर ग्रामीण चिंतित

Gaya, Bihar:बिहार के गया जी जिले के मानपुर प्रखंड के कईया पंचायत स्थित गोपाल नगर वार्ड संख्या तीन के ग्रामीण आजादी के बाद भी सड़क, पुलिया और नल-जल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर बसे इस महादलित गांव में सड़क की बदहाल स्थिति और पइन-नाला पर पुलिया नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना कर रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और बीमार लोगों को होती है। जब बरसात के मौसम में नदी और पाइन का जल स्रोत बढ़ जाता है और नदी व पाइन को पार करने के लिए जान को जोखिम में डाल कर अपनी जरूरतों की पूर्ति करते है और छोटे - छोटे बच्चों को पानी की तेज धारा में हाथ पकड़कर पार करते है ताकि बच्चों का पढ़ाई बाधित न हो। ऐसे हालात में अगर गाँव मे कोई बीमार हो जाए या किसी महिला को प्रसव पीड़ा हो तो उसको खाट पर लेटा कर पार करते है और उसके बाद अस्पताल पहुँचाया जाता है।
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Digvijay Singh के आरोप सागर शराबकांड में हड़कंप, SP पर रिश्वत-न्यायिक जांच सवाल

Sagar, Madhya Pradesh:दिग्गी राजा का सागर एसपी पर खुला आरोप 50 लाख रूपये महीने लेते हैं शराब माफिया से, न्यायायिक जांच के प्रमुख को लेकर भी दिग्विजय सिंह का हमला.. बंडा की जहरीली शराब कांड में जहां लोगों ने अपनों को खोया वहीं अब सियासत जोरो पर है। इस बीच सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सागर एसपी अनुराग सुजानिया पर गंभीर आरोप लगाए है तो न्यायिक जांच के प्रमुख को कटघरे में खड़ा किया है, इतना ही नहीं उन्होंने अब तक हुई पुलिसिया कार्यवाही को लेकर भी कई सवाल उठाए है। देखिए ये खास रिपोर्ट.. बंडा की जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद अभी भी पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है किसी ने बेटा तो किसी भाई बाप खोया, आंसू खत्म नहीं हो रहे और हर तरफ इस कांड की चर्चाएं है लेकिन सियासत अब और तेज हो गई है। मुख्य मंत्री सागर पहुंचे तो उन्होंने विपक्षी दल कांग्रेस को सलाह दी अपील की कि ऐसे मुद्दों पर राजनीति न करें और दुख की इस घड़ी में संयम बरतें। मुख्यमंत्री की ये अपील उस वक्त आई जब वो सागर में शराब कांड के पीड़ितों से मिलकर आए और इसके पहले कांग्रेस के स्थानीय नेताओं से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के नेता भाजपा सरकार पर बरस चुके थे। ये सिलसिला थमा नहीं बल्कि अब जो आरोप लग रहे है वो सूबे की सियासत ही नहीं बल्कि प्रशासनिक तंत्र को भी कटघरे में खड़ा कर रहे है। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बीते दो दिनों तक सागर जिले के दौरे पर रहे वो पीड़ित परिवारों के दर्द को कम करने आए थे बकायदा करीब 30 परिवारों से उन्होंने भेंट की इसके बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी मुलाकात की और फिर वो इस कदर बरसे जिसने इलाके में हो रही बारिश की चर्चाओं को भी जैसे विराम लगा दिया है। दिग्विजय सिंह ने सबसे पहला और बड़ा आरोप सागर एसपी अनुराग सुजानिया पर लगाया है, उनका आरोप है कि एसपी सागर को हर महीने शराब माफिया से 50 लाख की रिश्वत मिलती है और उनकी सांठ गांठ शराब माफिया से है, उन्होंने सुजानिया के मुरैना के कार्यकाल में शराब से हुई मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि एसपी चाहे तो उन पर मानहानि का मुकदमा करें वो बिना प्रमाण के कुछ नहीं कहते मुकदमा लड़ने तैयार है। सागर जिले में हुई मौतों से नाराज दिग्विजय सिंह सिर्फ एसपी तक सीमित नहीं रहे बल्कि उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा घोषित की गई न्यायिक जांच को लेकर भी असंतुष्टि जाहिर की है। उनका आरोप है कि इस न्यायिक जांच समिति के प्रमुख बनाए गए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिज विष्णु प्रताप सिंह चौहान सही जांच नहीं करेंगे वो न्याय दिलाने नहीं बल्कि जांच की लीपापोती के लिए नियुक्त किए गए है। दिग्विजय सिंह ने व्यापम कांड का हवाला देकर कहा कि व्यापम की जांच भी इन्हीं चौहान साहब ने की थी और सब पर पर्दा डाल दिया उन्होंने जांच प्रमुख बदलने की मांग भी की। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने अभी तक हुई पुलिसिया कार्यवाही को लेकर भी गंभीर सवाल उठाये है, उनके मुताबिक सरकार और पुलिस अपराधियों को संरक्षण दे रही है उन्होंने इस मामले के आरोपियों के नामों का उल्लेख कर एक एक के बारे में बड़ी बात कही, और कहा कि आबकारी विभाग इस माफिया तंत्र से मिला हुआ है और पैसे कमाने में जुटा है। शराब माफिया से भाजपा नेताओं के संबंधों का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह ने एक और बड़ी बात कही कि जब पूरे प्रदेश में शराब को लेकर छापेमारी चल रही है तो फिर सागर में मंत्री गोविंद राजपूत और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के व्यावसायिक ठिकानों पर छापे क्यों नहीं मारे गए और उनके यहां शराब की जांच क्यों नहीं हुई? इतने ही नहीं मजाकिया अंदाज में दिग्विजय सिंह ने दो दिन पहले खेतों में मिली लाखों की महंगी शराब को लेकर तंज कसा और कहा कि खेतों में शराब फेंकने से अच्छा था एसपी के घर पर शराब पहुंचा देते वहां कोई चेक भी करने नहीं जाता और एसपी का भी फायदा हो जाता। बहरहाल पूर्व मुख्यमंत्री के आरोप बेहद गंभीर है एक तरफ न्यायिक जांच पर सवाल है तो भाजपा नेताओं की भूमिका पर प्रश्नचिन्ह लगे है और सबसे अहम जिस अफ़सर की निगरानी और नेतृत्व में जहरीली शराब कांड में न्याय दिलाने का काम चल रहा है उस अफसर यानी जिले के एसपी पर खुल्लम खुल्ला बड़ा आरोप लगा है ऐसे में जांच क्या सही तरीके से हो पाएगी? क्या जांच पर पीड़ित परिवार यकीन कर पाएंगे? और एक आईपीएस पर एक जिम्मेदार राजनेता ने खुला आरोप लगाते हुए चुनौती भी दी है तो अब एसपी क्या कदम उठाएंगे और सरकार अपने अधिकारी पर लगे आरोपों के बाद क्या एक्शन लेगी?
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