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MMohanFollow29 Dec 2024, 03:42 pm

लखीमपुर खीरीः लाखों की लागत से बना अन्नपूर्णा भवन साबित हो रहा सफेद हाथी

Singahi, Uttar Pradesh:

निघासन ब्लॉक के नौरंगाबाद ग्राम पंचायत का है जहां गांव के पास लगभग सात लाख की लागत से बनाया गया अन्नपूर्णा भवन सफेद हाथी साबित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का उचित दर विक्रेता नियमों को ताक पर रखकर राशन को अन्नपूर्णा भवन में न वितरित कर अपने घर पर वितरित करता है। ग्रामीणों ने बताया कि लाखों की लागत से बना अन्नपूर्णा भवन का लोकार्पण अन्नपूर्णा मार्च 2024 में किया गया था। लोकार्पण के बाद से अन्नपूर्णा भवन अभी तक एक दिन भी नहीं खुला है। पंचायत सचिव पवन द्विवेदी ने बताया कि अन्नपूर्णा भवन को उचित दर विक्रेता को हैंडओवर कर दिया गया।

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झाबुआ में गांजा खेती पकड़: 9.42 करोड़ के पौधे जब्त, तीन प्रकरण

Dhar, Madhya Pradesh:झाबुआ में गांजा खेती पर पुलिस का बड़ा प्रहार, 9.42 करोड़ के 15,609 पौधे जब्त कलमोड़ा गांव में कपास की फसल के बीच पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में हो रही थी अवैध खेती, तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई झाबुआ। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ झाबुआ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम कलमोड़ा में गांजे की अवैध खेती का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर गांजे के कुल 15,609 पौधे जब्त किए हैं। इनका कुल वजन 99 क्विंटल 16 किलो 427 ग्राम बताया गया है। जब्त पौधों की अनुमानित कीमत 9 करोड़ 42 लाख 1 हजार 430 रुपए आंकी गई है। मामले में तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, ग्राम कलमोड़ा में पहाड़ी, तलहटी और दुर्गम क्षेत्रों में कपास की फसल के बीच गांजे की अवैध खेती की जा रही थी। इसकी सूचना मिलने पर चौकी पारा और कोतवाली पुलिस की टीम ने कार्रवाई की। पुलिस ने तीन अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर गांजे के पौधे बरामद किए। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। तीन प्रकरणों में करोड़ों रुपए के पौधे जब्त पहला मामला: अपराध क्रमांक 980/2026 के तहत पुलिस ने 6,011 गांजे के पौधे जब्त किए। इनका कुल वजन 47 क्विंटल 32 किलो 370 ग्राम तथा अनुमानित कीमत 4 करोड़ 49 लाख 57 हजार 515 रुपए बताई गई है। इस मामले में वेलसिंह पिता मोहरिया डामोर, निवासी ग्राम कलमोड़ा, के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, खेती वन क्षेत्र की लगभग 1.086 हेक्टेयर भूमि पर की जा रही थी। दूसरा मामला: अपराध क्रमांक 982/2026 में 5,308 गांजे के पौधे जब्त किए गए। इनका कुल वजन 34 क्विंटल 89 किलो 57 ग्राम तथा अनुमानित कीमत 3 करोड़ 31 लाख 50 हजार 915 रुपए बताई गई है। इस मामले में भमरसिंह पिता मोहरिया डामोर, निवासी ग्राम कलमोड़ा, के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। तीसरा मामला: अपराध क्रमांक 983/2026 के तहत 4,290 गांजे के पौधे जब्त किए गए। इनका कुल वजन 16 क्विंटल 94 किलो 500 ग्राम तथा अनुमानित कीमत 1 करोड़ 60 लाख 93 हजार रुपए आंकी गई है। इस मामले में बापु पिता मोहरिया डामोर, निवासी ग्राम कलमोड़ा, के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई पुलिस के अनुसार, प्रदेश में मादक पदार्थों की अवैध खेती, खरीद-बिक्री और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के निर्देशन तथा इंदौर जोन ग्रामीण के पुलिस महानिरीक्षक अनुराग और इंदौर रेंज ग्रामीण के पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के निर्देशों के पालन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक झाबुआ देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में जिले में नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों की अवैध खेती और तस्करी में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
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उधम सिंह नगर में कांग्रेस का प्रदर्शन, किसानों के मुआवजे के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की मांग

Bahara Boj, Uttarakhand:बाजपुर और गदरपुर विकासखंड क्षेत्र में ओलावृष्टि, आंधी और तूफान से किसानों की फसलों को पहुंचे व्यापक नुकसान के बाद अब मुआवजे और राहत की मांग ने जोर पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष व क्षेत्रीय विधायक यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी बाजपुर कार्यालय के बाहर धरना कर दिया। कांग्रेसियों ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर प्रभावित किसानों के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा और विशेष आर्थिक पैकेज की पुरजोर मांग की है. पिछले दिनों आई ओला वृष्टि ने बाजपुर और गदरपुर के ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी धान, गन्ना और उड़द की फसलें तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण पूरी तरह जमीन पर बिछ गईं। फसलों के अलावा तेज आंधी की वजह से जगह-जगह पॉपुलर के पेड़ उखड़कर सड़कों और खेतों में गिर गए। कई ग्रामीणों के पक्के-कच्चे मकानों, गौशालाओं और टीन शेड की छतें उड़ने से संपत्ति और मवेशियों को भी भारी नुकसान हुआ है। इस आपदा के बाद से पूरे क्षेत्र के किसान गहरे आर्थिक संकट और निराशा में हैं। वहीं आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि साल भर की कड़ी मेहनत के बाद किसान अपनी फसल समेटने की तैयारी में थे, लेकिन कुदरत के कहर ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा, फसलें नष्ट होने से क्षेत्र का किसान पूरी तरह टूट चुका है। यदि सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल उचित मुआवजा नहीं दिया, तो काश्तकारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। बाइट:- नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस यशपाल आर्य
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विजय शर्मा का हमला: कांग्रेस को नक्सलवाद पर बोलने का हक नहीं

Dantewada, Chhattisgarh:नक्सलवाद पर कांग्रेस को बोलने का हक नहीं, पुनर्वास नीति 2023 में लाई गई थी: - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा नक्सलवाद के मुद्दे पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकाल में नक्सलवाद के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठा पाई और सरकार के अंतिम वर्ष 2023 में पुनर्वास नीति लेकर आई। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस ने इससे पहले नक्सलवाद के खात्मे के लिए क्या किया? उन्होंने कहा कि कांग्रेस नक्सलवाद के मुद्दे पर सवाल नहीं उठा सकती। उनके मुताबिक, पूर्ववर्ती सरकार के दौरान कुछ सामान्य मामलों में लोगों को राहत दी गई, लेकिन नक्सल मामलों में व्यापक स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई। लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर होगी कार्रवाई विजय शर्मा ने बताया कि सरकार विभिन्न प्रकरणों का विश्लेषण कर रही है। ऐसे मामलों को प्राथमिकता देने की तैयारी है, जिनमें जनहानि नहीं हुई है और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धाराएं नहीं लगी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों को अलग किया गया है और उन पर पहले कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद को लेकर किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम करेगी। बाइट - विजय शर्मा।
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नैला-जांजगीर दुर्गोत्सव: माता दुर्गा आरती व गरबा में श्रद्धा

Taga, Chhattisgarh:ब्रेकिंग जांजगीर-नैला श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय बेटी के साथ पहुंचीं नैला-जांजगीर दुर्गा पंडाल,, मां दुर्गा की आरती कर की पूजा-अर्चना, भजन गायन में भी हुईं शामिल,, भव्य दुर्गोत्सव और धार्मिक आयोजन की हर वर्ष प्रशंसा करती हैं कौशल्या sाय,, नैला-जांजगीर में मंत्रोच्चार और पूजा की शुद्धता मुझे हर वर्ष खींच लाती है,, कहा नैला-जांजगीर आती रही हूं और आगे भी आती रहूंगी,, माता रानी की कृपा पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के लोगों पर बनी रहे, की कामना,, गरबा की आड़ में अश्लीलता पर जताई चिंता,सनातन परंपराओं के निर्वहन की अपील,, साड़ी, लहंगा और पारंपरिक वस्त्र पहनकर गरबा करने का दिया संदेश,, नवरात्रि को बताया उपासना, साधना और आस्था का पावन पर्व,, बोलीं— हमारी धार्मिक धरोहर और परंपराओं को बचाए रखना हर सनातनी का धर्म और कर्तव्य है,,
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पुसनार में योजनाओं के लाभ पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

Vijayapura, Karnataka:बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र की ग्राम पंचायत पुसनार में सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें महतारी वंदन योजना, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और नल-जल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं, कई घरों में अब तक बिजली भी नहीं पहुंची है। हैरानी की बात यह है कि पुसनार नियद नेल्लानार योजना के शुरुआती गांवों में शामिल था, जहां एक साल पहले ग्रामीणों के दस्तावेज तैयार कर उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने की पहल की गई थी। आखिर इसके बाद भी ग्रामीण योजनाओं के लाभ से वंचित क्यों हैं?
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दंतेवाड़ा में निःशुल्क कृत्रिम अंग वितरण शिविर का शुभारंभ, अमित शाह ने किया उद्घाटन

Dantewada, Chhattisgarh:एंकर – छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सेवा संकल्प अभियान के तहत निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वर्चुअल माध्यम से शिविर का उद्घाटन किया। भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर और एनएसई फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य नक्सल हिंसा से प्रभावित दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद को समाप्त करने के साथ-साथ हिंसा से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास करना और उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने भयमुक्त बचपन, हुनरमंद युवा और खुशहाल परिवार के संकल्प को नए बस्तर की पहचान बताया। बाइट – विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
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नूंह जेल में महिला बंदियों की सुविधाओं का निरीक्षण

Nuh, Haryana:हरियाणा महिला आयोग की सदस्य वैशाली तोमर ने नूह जेल में महिला बंदियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। महिला बंदियों से बातचीत कर भोजन, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं और धार्मिक गतिविधियों का जायजा लिया गया。 हरियाणा महिला आयोग की सदस्य वैशाली तोमर ने नूह में महिला बंदियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल प्रशासन से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और महिला बंदियों से सीधे बातचीत कर उनके खानपान, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं, योगाभ्यास तथा परिजनों से बातचीत की व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की। महिला बंदियों ने उपलब्ध सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया。 वैशाली तोमर ने कहा कि हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रिया दर्शनी के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार यह निरीक्षण किया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि महिला बंदियों को नियमानुसार सभी आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों से बातचीत करने के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं और दस्तावेजों की भी जांच की गई। उन्होंने बताया कि महिला बंदियों को नियमित चिकित्सा जांच, स्वच्छता और उचित भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलना आवश्यक है। नवरात्र के अवसर पर जेल में पूजा-पाठ सहित धार्मिक गतिविधियों की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि बंदियों को अपनी आस्था के अनुसार धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिल सके। निरीक्षण से सुनिश्चित होती है अधिकारियों की जवाबदेही वैशाली तोमर ने कहा कि जेलों सहित विभिन्न संस्थानों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाना जरूरी है। इससे व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का पता चलता है और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण से जुड़े मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। क्रोध और आवेश में न लें गलत निर्णय महिला आयोग की सदस्य ने लोगों से अपील की कि वे क्रोध और आवेश में आकर ऐसा कोई निर्णय न लें, जिसके कारण उन्हें जीवनभर पछताना पड़े। उन्होंने कहा कि जेल जाना किसी भी व्यक्ति के लिए सुखद स्थिति नहीं होती। इसलिए समाज में जागरूकता, आपसी सद्भाव और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना जरूरी है। युवाओं को अपने व्यवहार और निर्णयों के प्रति जिम्मेदार रहते हुए कानून का पालन करना चाहिए तथा बेहतर समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों, खिलाड़ियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संबंधित विभागों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। वैशाली तोमर ने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं की जांच करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि प्रत्येक महिला बंदी को मानवीय गरिमा के अनुरूप नियमानुसार सुविधाएं मिलें। यदि किसी स्तर पर कोई कमी सामने आती है, तो उसे दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए。
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कटनी गरबा पंडाल में महिला पुलिसकर्मी का अनोखा अंडरकवर अंदाज

Katni, Madhya Pradesh:कटनी - गरबा पंडालों में महिला पुलिस का अनोखा अंदाज, रंग-बिरंगी चनिया-चोली में सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मी! नवरात्रि के रंग में रंगे कटनी में गरबा पंडालों के बीच इन दिनों पुलिस का एक अनोखा अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है। रंग-बिरंगी चनिया-चोली पहनकर गरबा करती नजर आने वाली महिलाएं कोई आम प्रतिभागी नहीं, बल्कि कटनी पुलिस की विशेष टीम की महिला पुलिसकर्मी हैं। गरबा के रंग में रंगी ये महिला पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में पंडालों के बीच मौजूद रहकर हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं। मकसद साफ है, गरबा खेलने आई युवतियों और महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना और उनके साथ अभद्रता करने वालों पर नजर रखना। कटनी पुलिस की इस खास पहल के तहत महिला पुलिसकर्मी गरबा पंडालों में आम महिलाओं की तरह शामिल हो रही हैं, ताकि किसी को उनकी पहचान का अंदाजा न लगे। ये पुलिसकर्मी ऐसे लोगों पर नजर रख रही हैं, जो महिलाओं की बिना अनुमति वीडियो बनाते हैं, उन्हें परेशान करते हैं या उनके साथ गलत व्यवहार करते हैं। कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और गरबा उत्सव के दौरान किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि पर नजर रखना है। पुलिस के इस अनोखे अंदाज की अब खूब चर्चा हो रही है। कोई महिला पुलिसकर्मियों को अंडरकवर एजेंट बता रहा है, तो कोई उनकी इस रणनीति की सराहना कर रहा है। संदेश साफ है, गरबा खेलिए, उत्सव का आनंद लीजिए, लेकिन महिलाओं की निजता और सम्मान का भी ख्याल रखिए। किसी की मर्जी के बिना वीडियो बनाना या किसी के साथ अभद्रता करना भारी पड़ सकता है।
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वैशाली के स्कूल परिसर में 10वीं छात्र का शव, पुलिस जांच जारी

Hajipur, Bihar:खबर वैशाली से है जहाँ सरकारी परिसर में 10 वीं के छात्र का शव मिलने से सनसनी फैल गई। घटना महिसौर थाना क्षेत्र के लोदीपुर बनकट गांव की है जहाँ के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय की सीढ़ियों पर 10वीं के छात्र का शव पाया गया। मृतक की पहचान महिषौर थाना क्षेत्र के विभूतिनगर निवासी 15 वर्षीय शिवम कुमार के रूप में हुई है। मृत छात्र के शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं और उसके दोनों हाथ और पैर टूटे हुए हैं। सिर पर भी धारदार हथियार से हमले का निशान है। हालाँकि घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन छात्र के परिजनों ने बताया कि मृत छात्र को ऑनलाइन गेमिंग की आदत थी और अक्सर देर रात भाई की मोबाइल लेकर गेम खेलने निकल जाता था कल रात भी वह भाई की मोबाइल लेकर घर से निकला लेकिन फिर लौट कर घर नहीं आया। मृत छत के बड़े भाई ने बताया कि गांव के एक लड़की से वह बात करता था जिसके घर वालो ने भी शिवम को धमकी दी थी। वही परिजनों ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले लड़की के साथ छेड़खानी का विरोध करने के कारण कुछ लड़कों से झगड़ा हुआ था। हालाँकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी एंगल पर जांच की जा रही है। महुआ एसडीपीओ ने बताया कि परिजनों द्वारा आवेदन मिलने के बाद ही कारणों का खुलासा हो सकता है फिलहाल सभी आशंकाओं की जांच की जा रही है साथ ही एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है जो वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान कर रही है। बता दे कि शिवम दो भाइयों में छोटा था और दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता सुरेंद्र पासवान प्रदेश से बाहर रहकर मजदूरी करते हैं।
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नूंह मुठभेड़ में शाहिद उर्फ आडवाणी की मौत, ग्रामीण इंसाफ की मांग में धरना

Nuh, Haryana:Story :- नूंह पुलिस मुठभेड़ में शाहिद उर्फ आडवाणी की मौत, मेडिकल कॉलेज में इंसाफ की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण हरियाणा-राजस्थान में दर्ज थे 41 आपराधिक मुकदमे, भाई वाहिद ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, कहा- अपराधी था तो कोर्ट से सजा मिलनी चाहिए थी नूंह पुलिस के साथ मुठभेड़ में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर एवं उद्घोषित अपराधी शाहिद उर्फ आडवाणी की मौत के बाद मामला तूल पकड़ रहा है। एक ओर पुलिस के अनुसार, शाहिद के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में गौकशी, चोरी, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म और पुलिस पर जानलेवा हमला सहित करीब 41 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वहीं, दूसरी ओर मृतक के परिजनों और गांव के लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और इंसाफ की मांग की है। शाहिद की मौत के बाद ग्रामीण मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठ गए। पुलिस के अनुसार, शाहिद उर्फ आडवाणी निवासी खरखड़ी, थाना सदर तावडू, आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ पुलिस पर फायरिंग और जानलेवा हमले सहित कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। पुलिस अब उसके गैंग और उसे समर्थन देने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रख रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भाई ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल मृतक शाहिद उर्फ आडवाणी के भाई वाहिद ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके भाई के खिलाफ कुछ छोटे-मोटे मुकदमे दर्ज थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पुलिस अधिकारी की कार्रवाई में उनके भाई की मौत हुई, उसकी मंशा और संभावित रंजिश की जांच होनी चाहिए। वाहिद ने दावा किया कि इससे पहले भी घुसपैठी गांव में उनके भाई को मारने का प्रयास किया गया था, लेकिन ग्रामीणों के एकत्र होने के कारण ऐसा नहीं हो सका। वाहिद के मुताबिक, शाहिद अपने दो साथियों के साथ थार गाड़ी में किसी से मिलने जा रहा था। पुलिस दिखाई देने पर वह भागने लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का उद्देश्य उसे गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि मुठभेड़ में मारना था। हालांकि, ये आरोप मृतक के परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। 'पांच गोलियां क्यों मारीं, कोर्ट से मिलनी चाहिए थी सजा' वाहिद ने कहा कि यदि उनका भाई अपराधी था, तो उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाना चाहिए था और दोष साबित होने पर कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुलिस उसे पकड़ना चाहती थी, तो पैर में गोली मारकर काबू करने का प्रयास क्यों नहीं किया गया। उनके अनुसार, शाहिद को पांच गोलियां मारी गईं, जिनमें सीने पर लगी गोलियां भी शामिल थीं। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सरपंच ने भी उठाई गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की मांग गांव के सरपंच अशफाक ने कहा कि शाहिद उर्फ आडवाणी के खिलाफ मुकदमे दर्ज थे, लेकिन पुलिस को उसे मुठभेड़ में मारने के बजाय गिरफ्तार कर अदालत में पेश करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कानून के तहत होनी चाहिए और दोष साबित होने पर अदालत से सजा मिलनी चाहिए। इंसाफ की मांग को लेकर मेडिकल कॉलेज में धरना शाहिद की मौत के बाद गांव के लोग मेडिकल कॉलेज में एकत्र हुए और इंसाफ की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस का अधीक्षक डॉ अर्पित जैन ने कहा कि किसी भी अपराधी को बक्सा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि आडवाणी उर्फ शाहिद पर हरियाणा-राजस्थान में 41 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
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शाहदरा में दलित समाज का राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन, पुतला दहन

New Delhi, Delhi:शाहदरा में राहुल गांधी के खिलाफ दलित समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। बिहारी कॉलोनी की लाल बत्ती पर एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी का पुतला फूंका और उसे चप्पलों की माला पहनाकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के चलते चौराहे पर यातायात प्रभावित हुआ और कुछ समय के लिए चक्का जाम की स्थिति बन गई। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने दलित समाज के सम्मान, अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि जब भी दलित समाज से जुड़े किसी व्यक्ति को महत्वपूर्ण पद या सम्मान मिलता है, तब कांग्रेस और राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं। राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी बिहारी कॉलोनी की लाल बत्ती पर हुए प्रदर्शन के दौरान लोगों ने ‘राहुल गांधी हाय-हाय’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया और कहा कि दलित समाज अपने सम्मान तथा स्वाभिमान के मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने कहा कि दलित समाज को देश की राजनीति और संवैधानिक व्यवस्था में उचित सम्मान तथा प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी दलित समाज के उत्थान से जुड़े मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाते हैं। प्रदर्शनकारकों ने समाज के लोगों से राजनीतिक नेताओं के रुख और उनके बयानों के आधार पर अपना निर्णय लेने की अपील भी की। प्रस्ताव के दौरान वक्ताओं ने कांग्रेस के ऐतिहासिक राजनीतिक रवैए पर भी सवाल उठाए। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के साथ कांग्रेस के संबंधों और पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में दलित नेतृत्व को अपेक्षित अवसर नहीं दिए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दलित समाज के महापुरुषों, नेताओं और संवैधानिक पदों पर पहुंचने वाले प्रतिनिधियों को उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने इसे समाज के अधिकारों और आत्मसम्मान से जुड़ा विषय बताया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दलित समाज के सम्मान और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों पर उनकी चिंताओं का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दलित समाज अब अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर जागरूक है तथा अपनी आवाज उठाता रहेगा। शाहदरा में हुए इस प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी, पुतला दहन तथा यातायात बाधित होने की स्थिति देखने को मिली। प्रदर्शन के आयोजकों और प्रमुख वक्ताओं के नाम, पुलिस की प्रतिक्रिया तथा यातायात सामान्य होने की आधिकारिक जानकारी की पुष्टि होना बाकी है.
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