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Lakhimpur Kheri262724

लखीमपुर खीरीः लाखों की लागत से बना अन्नपूर्णा भवन साबित हो रहा सफेद हाथी

Dec 29, 2024 15:42:04
Singahi, Uttar Pradesh

निघासन ब्लॉक के नौरंगाबाद ग्राम पंचायत का है जहां गांव के पास लगभग सात लाख की लागत से बनाया गया अन्नपूर्णा भवन सफेद हाथी साबित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का उचित दर विक्रेता नियमों को ताक पर रखकर राशन को अन्नपूर्णा भवन में न वितरित कर अपने घर पर वितरित करता है। ग्रामीणों ने बताया कि लाखों की लागत से बना अन्नपूर्णा भवन का लोकार्पण अन्नपूर्णा मार्च 2024 में किया गया था। लोकार्पण के बाद से अन्नपूर्णा भवन अभी तक एक दिन भी नहीं खुला है। पंचायत सचिव पवन द्विवेदी ने बताया कि अन्नपूर्णा भवन को उचित दर विक्रेता को हैंडओवर कर दिया गया।

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RSRAKESH SINGH
Mar 02, 2026 12:08:03
Chapra, Bihar:होली को लेकर छपरा के बाजारों में रौनक चरम पर है। रंग, गुलाल और पिचकारी खरीदने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। शहर का प्रमुख बाजार नगरपालिका चौक इन दिनों पूरी तरह होली बाजार में तब्दील नजर आ रहा है। सड़कों के किनारे फुटपाथों पर सजे रंग-बिरंगे स्टॉल लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। दुकानों और ठेलों पर तरह-तरह के मुखौटे, रंगीन बाल, हार्वाल कलर और अलग-अलग डिजाइन की पिचकारियां सजी हुई हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक जमकर खरीददारी कर रहे हैं। बाजार में 50 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक की पिचकारियां उपलब्ध हैं। साधारण प्लास्टिक पिचकारी से लेकर टैंक वाली बड़ी पिचकारी और इलेक्ट्रॉनिक पिचकारी तक की मांग देखी जा रही है। मुखौटों में प्रधानमंत्री Narendra Modi के चेहरे वाले मुखौटे बच्चों और युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय है (बजरंग बली) की गदा के आकार वाली पिचकारी भी बच्चों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार बिक्री पिछले साल की तुलना में बेहतर होने की उम्मीद है। होली के नजदीक आते ही बाजारों में और भीड़ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। रंगों की खुशबू और ढोल-नगाड़ों की गूँज के बीच पूरा शहर होली के रंग में सराबोर नजर आ रहा है।
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KLKANHAIYA LAL SHARMA
Mar 02, 2026 12:06:39
Mathura, Uttar Pradesh:वृंदावन: विधवा माताओं ने गुलाल और फूलों के साथ तोड़ी सदियों पुरानी परंपरा, सुलभ इंटरनेशनल के संग मनाई होली मथुरा । कान्हा की नगरी वृंदावन में आज एक बार फिर भक्ति और उल्लास का ऐसा रंग बरसा, जिसने समाज की रूढ़िवादी बेड़ियों को किनारे कर दिया। सुलभ इंटरनेशनल संस्था के नेतृत्व में, वृंदावन के विभिन्न आश्रमों में रहने वाली सैकड़ों विधवा माताओं ने भव्य तरीके से होली खेली। सदियों से चली आ रही उस कुरीति को दरकिनार करते हुए, जहाँ विधवाओं के लिए रंग वर्जित माने जाते थे, इन माताओं ने एक-दूसरे पर जमकर गुलाल और फूलों की बारिश की। मुख्य आकर्षण: गोपीनाथ मंदिर का प्रांगण बना गवाही वृंदावन के ऐतिहासिक गोपीनाथ मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम में दृश्य अभिभूत करने वाला था। * भजनों की थाप: ढोलक और मंजीरों की थाप पर माताओं ने 'आज बिरज में होरी रे रसिया' जैसे पदों पर नृत्य किया। * रंगों का संगम: सफेद साड़ियों में लिपटी इन माताओं के चेहरे जब गुलाल से सराबोर हुए, तो उनकी मुस्कान ने समाज को समानता और खुशी का संदेश दिया। * भारी मात्रा में फूल: फूलों की होली के लिए कई क्विंटल गेंदा और गुलाब के फूलों का उपयोग किया गया। सुलभ इंटरनेशनल की पहल सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक (दिवंगत) डॉ. बिंदेश्वर पाठक द्वारा शुरू की गई यह परंपरा आज भी जारी है। संस्था के प्रतिनिधियों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य इन माताओं के जीवन से एकाकीपन को दूर करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। > "समाज में बदलाव की यह लहर अब रुकने वाली नहीं है। माँओं को भी खुशी मनाने और रंगों के साथ जीने का पूरा अधिकार है।" > बाइट -संस्था हेलो हेलो सामाजिक संदेश एक समय था जब वृंदावन की विधवाओं के लिए रंगीन कपड़े पहनना या त्योहार मनाना वर्जित माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से सुलभ इंटरनेशनल के प्रयासों ने इस तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। अब यह आयोजन न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी 'बदलाव की होली' के रूप में पहचाना जाता है।
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DRDamodar Raigar
Mar 02, 2026 12:05:26
Jaipur, Rajasthan:भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल ने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। होली के पर्व पर गुलाल और रंगों का विशेष क्रय-विक्रय होता है। करीब 60 हजार करोड़ का व्यापार गुलाल—रंग का देशभर में होता है। इस वर्ष भी विशेषकर होली के दूसरे दिन पूरा उत्तरी भारत होली के रंगों से सराबोर रहेगा। भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि देश के हर कोने में होली दहन के दूसरे दिन रंगों का त्योहार मनाया जाता है। वृन्दावन की फूलों की होली, बरसाने की लठमार होली, नाथद्वारा की फूलों के रंग की होली, ब्यावर की हाथी पर बैठकर होली मानने की प्रथा है। उत्तरप्रदेश के शहर-कस्बे-गांव में कृष्ण और राधा के द्वारा द्वापर युग में खेली गई होली का स्वरूप अभी भी विद्यमान है। भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल ने निर्णय किया है कि इस वर्ष स्वदेशी गुलाल जो ज्यादातर टेलकम पाउडर पर बनी हुई है और ऑर्गेनिक रंग जो केसुला के फूलों से बना हो, हर गांव-कस्बे में ऑर्गेनिक रंग बनाने का अपना-अपना तरीका अभी भी जीवित है, इसे पुनर्जीवित किया जाउ। बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि इस होली व्यापारियों ने विदेशी रंग—गुलाल से दूरी बनाए रखी क्योंकि विदेशी रंगों और गुलाल से होली खेलने पर त्वचा रोग बढ़ते हैं। इसका निर्णय मोहन गुरनानी, जितेन्द्र शाह व भीमजी भानुशाली मुम्बई से... तारकनाथ त्रिवेदी बंगाल, पशुपतिनाथ माशाळ कोल्हापुर, मुकुन्द मिश्रा कानपुर, हेमन्त गुप्ता व प्रेम अरोड़ दिल्ली, प्रकाश चन्द मिश्रा उत्तराखण्ड, प्रकाश चन्द गुप्ता व मोहनलाल गुप्ता हिमाचलप्रदेश, अशोक मोदी छत्तीसगढ़, प्रेम मित्तल झारखंड, नवीन बिहार और प्रहलाद खण्डेलवाल उड़ीसा समेत अन्य राज्यों के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया... भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि सभी सदस्यों ने कहा कि विदेशी रंग और गुलाल स्वास्थ्य के लिये बहुत घातक है, एलर्जी देने वाला है इसे रोका जाना चाहिये... देश में निर्मित रंगों और गुलाल का व्यापारिक क्रय-विक्रय करें... विदेशी गुलाल और रंग का विक्रय रोका जायें, उपभोक्ता स्वदेशी रंग और गुलाल का ही प्रयोग करें...
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RSRavikant Sahu
Mar 02, 2026 12:04:32
Simdega, Jharkhand:सिमडेगा- होली पर्व के अलावा अन्य त्योहारों में आगजनी की घटना होने पर कैसे त्वरित गति से कार्रवाई की जा की जाएगी इसकी एक बानगी आज पुलिस लाइन में देखने को मिली। एसपी श्रीकांत एस खोटरे की उपस्थिति में अग्निशमन विभाग के द्वारा आगजनी की घटना पर कैसे काबू पाया जा सकता है इसको लेकर मॉक ड्रिल के माध्यम से जानकारी दी। पुलिस लाइन परिसर में गैस सिलेंडर में आग लगने से कैसे बचाव किया जा सकता है इसकी भी जानकारी दी गई । पुलिस लाइन परिसर में ही झाड़ियां में आगजनी की घटना की गई। आगजन की घटना के बाद आग पर काबू पाने से संबंधित मॉकड्रिल करके दिखाया गया। जिले के एसपी श्रीकांत एस खोटरे ने बताया कि होली के अलावे अन्य त्योहार को ध्यान में रखते हुए पुलिस और अग्निशमन विभाग की संयुक्त तैयारी की जा रही है। ताकि किसी प्रकार की आगजनी की घटना से निपटा जा सके . आगजनी की घटना से निपटने के लिए थ्री लेयर की तैयारी की गई है। बाइट- 1- श्रीकांत एस खोटरे
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VAVINEET AGARWAL
Mar 02, 2026 12:03:50
Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद के हसनपुर नगर के मोहल्ला काला शहीद में पारिवारिक विवाद के चलते एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। 26 वर्षीय गुड्डू पुत्र अशरफ का शव उसके घर की दूसरी मंजिल पर प्लास्टिक की रस्सी से पाइप के सहारे लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। जानकारी के अनुसार गुड्डू की शादी करीब दो वर्ष पहले चाचोरा निवासी शबनम के साथ हुई थी। दंपति का एक वर्षीय बेटा भी है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच कहासुनी और पारिवारिक विवाद चल रहा था। 24 फरवरी को हुए विवाद के बाद पत्नी घर छोड़कर चली गई थी और महिला थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था। इसके बाद से युवक मानसिक तनाव में बताया जा रहा था। इसी बीच घर की दूसरी मंजिल पर प्लास्टिक की रस्सी के सहारे पाइप से लटककर युवक ने आत्महत्या कर ली। परिजनों और आसपास के लोगों को घटना के जानकारी होने पर हड़कंप मच गया और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और मोहल्ले में शोक का माहौल बना हुआ है।
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PPPraveen Pandey
Mar 02, 2026 12:03:32
Kanpur, Uttar Pradesh:SLUG: हटिया बाजार में होली की धूम एंकर: कानपुर का ऐतिहासिक हटिया बाजार होली के मौके पर एक बार फिर रंगों से सराबोर नजर आ रहा है। करीब 100 साल पुराना यह थोक रंग बाजार इन दिनों गुलाल और अबीर की खुशबू से महक रहा है। यहां से उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, आंध्र प्रदेश और नेपाल तक रंगों की सप्लाई की जाती है। संकरी गलियों वाला यह बाजार छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक के लिए प्रमुख खरीद केंद्र बना हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार पक्के रंगों के साथ-साथ गुलाल और फूलों से बने प्राकृतिक रंगों की मांग ज्यादा देखी जा रही है। होली करीब आते ही बाजार में भीड़ बढ़ गई है और कारोबार ने भी रफ्तार पकड़ ली है。 VO - कानपुर का हटिया बाजार दशकों से होली के रंगों का बड़ा केंद्र माना जाता है। होली से कुछ दिन पहले ही यहां सुबह से लेकर देर रात तक खरीददारों की भीड़ देखने को मिल रही है। दुकानों पर अलग-अलग तरह के गुलाल, अबीर और हर्बल रंगों की लंबी रेंज सजाई गई है। व्यापारियों के मुताबिक, इस बार लोग केमिकल वाले रंगों से ज्यादा प्राकृतिक और फूलों से बने रंग खरीदना पसंद कर रहे हैं। बाहर के राज्यों से भी थोक व्यापारी यहां पहुंच रहे हैं, जिससे बाजार की रौनक और बढ़ गई है。 बाइट-गोविंद गुप्ता — दुकानदार बाइट-अनूप गुप्ता — दुकानदार बाइट-सर्वेश — दुकानदार
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SDShankar Dan
Mar 02, 2026 12:03:07
Jaisalmer, Rajasthan:जिला जैसलमेर विधानसभा -पोकरण लोकेशन - पोकरण पोकरण में फाग महोत्सव 2026 — फूलों की होली में झूम उठा गांधी चौक समाजसेवी नारायण रंगा के नेतृत्व में क्विंटलो गुलाल से खेली गई होली, रसिया भजनों की मधुर तान पर थिरके श्रद्धालु पोकरण, जैसलमेर परमाणु नगरी पोकरण में फाल्गुन की मस्ती चरम पर रही जब शहर के गांधी चौक परिसर में होली फाग महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन हुआ। समाजसेवी नारायण रंगा के नेतृत्व में आयोजित इस पारंपरिक कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में शहरवासी शामिल हुए और फूलों की होली खेलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गुलाल और पुष्पों की वर्षा के बीच भक्तिमय रसिया भजनों की मधुर तान ने पूरे माहौल को ब्रजमय बना दिया। कलाकारों व रसिया गायकों का गुलाबी साफा, दुपट्टा और मालाएं पहनाकर सम्मान किया गया। मंच से “बाबा नंद के द्वारा रची रे होली”, “थारी रे ब्रिज में कान्हा मोर बहुत है”, “भर पिचकारी कान्हा ने राधा पर ऐसी मारी” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। पिछले कई वर्षों से नारायण रंगा द्वारा यह आयोजन होली पर्व से पूर्व किया जाता है, जो अब पोकरण की पहचान बन चुका है। इस दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष आनंदीलाल गुचिया, शिक्षाविद् अशोक चारण, समाजसेविका सुषमा बिश्नोई, समाजसेवी गोपाल रंगा सहित बड़ी संख्या में शहरवासियों ने भाग लिया और देर रात तक कार्यक्रम का आनंद उठाया। फाल्गुन मास की फुहार के साथ जब फूलों की वर्षा हुई तो वातावरण में भक्तिरस और उल्लास घुल गया। ब्रजमंडल की परंपरा को जीवंत करते हुए मंडली ने श्रीकृष्ण-राधा के रास और होली के दृश्य प्रस्तुत किए, जिससे गांधी चौक का हर कोना “ब्रज की होली” में डूब गया। पोकरण की यह फूलों की होली, जिसे लोग “राजस्थान का ब्रज उत्सव” भी कहते हैं, एक बार फिर रंग, भक्ति और संस्कृति के संगम का प्रतीक बन गई। बाईट- नारायण रंगा, आयोजनकर्ता बाइट - सुषमा बिश्नोई, समाजसेविका
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