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VKVivek Krishna DixitFollow19 Feb 2025, 11:35 am

कानपुर नगरः मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 21 और 22 फरवरी 298 जोड़े थामेंगे एक-दूजे का हाथ

Kanpur, Uttar Pradesh:

कानपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 21 और 22 फरवरी को 298 जोड़े एक दूसरे का हाथ थामेंगे। ऑनलाइन आवेदन के आधार पर अधिकारियों ने इन लोगों को चिह्नित किया है। शहर के बिल्हौर ककवन शिवराजपुर के जोड़ों की शादी बिल्हौर ब्लॉक में होगी। वहीं बिठूर, चौबेपुर, कल्याणपुर और बिधनू के जोड़ों के लिए मोती झील ग्राउंड में तैयारी चल रही है। पूर्व में शहर में हुए मुख्यमंत्री समूह विवाह योजना के तहत कई कमियां देखने को मिली थी जिसको लेकर इस बार जिला प्रशासन कोई कमी देखना नहीं चाहता है।

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जयपुर के जवाहर नगर में 15 दिन से दूषित पानी, PHED-नगर परिषद पर आरोप

Jaipur, Rajasthan:जवाहर नगर कच्ची बस्ती स्थित टीला नंबर-1 में पिछले 15 दिनों से दूषित पेयजल की आपूर्ति होने का आरोप सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नलों से गंदा, बदबूदार पानी आ रहा है, जिसमें छोटे-छोटे कीड़े भी दिखाई दे रहे हैं। इससे क्षेत्र में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और लोग साफ पानी के लिए परेशान हैं। जवाहर नगर कच्ची बस्ती विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष युगल खोड़ा ने बताया कि पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में लगातार गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। इसकी शिकायत कई बार जलदाय विभाग (PHED) के कर्मचारियों को दी गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि शिकायत करने पर PHED और नगर निगम एक-दूसरे के जिम्मे काम बताकर मामले को टाल रहे हैं। स्थानीय निवासी पुष्पा देवी ने बताया कि दूषित पानी के कारण छोटे-छोटे बच्चों में उल्टी और दस्त की शिकायतें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पानी से तेज बदबू आती है और उसमें छोटे-छोटे कीड़े निकल रहे हैं, जिससे लोग मजबूरी में भी उस पानी का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। क्षेत्र की बदाम देवी, जानकी देवी, पारा देवी, संतोष देवी और रचनी देवी सहित अन्य महिलाओं ने भी प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो पानी की गुणवत्ता की जांच हुई और न ही पाइपलाइन की मरम्मत की गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पेयजल की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए, दूषित पानी की आपूर्ति बंद कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा PHED और नगर निगम के बीच समन्वय स्थापित कर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे。
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निम्बाहेड़ा में ANM Nurses पर कार्रवाई के विरोध में यूनियन ने ज्ञापन दिया

Begun, Rajasthan:निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ - चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा में एलएचवी-एएनएम संघ ऑफ राजस्थान ने प्रसूता मृत्यु और उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं के मामलों में एएनएम नर्सिंग कर्मचारियों पर की जा रही कार्रवाई और मानसिक दबाव के विरोध में प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नाम बीसीएमओ को ज्ञापन सौंपा। संघ का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद एएनएम स्वास्थ्य सेवाओं की अहम जिम्मेदारियां निभा रही हैं, ऐसे में प्रसूता मृत्यु के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। ज्ञापन में गैर-नर्सिंग कार्यों का बोझ कम करने, आरसीएच पोर्टल व धारा-17 से जुड़े मामलों में राहत देने की मांग की गई। मांगें नहीं माने जाने पर राज्यव्यापी गांधीवादी आंदोलन और हड़ताल की चेतावनी दी गई。
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चित्तौड़गढ़: चौपाल में प्रशासन ने ग्रामीणों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए

Begun, Rajasthan:#चित्तौड़गढ़ - एंकर - चित्तौड़गढ़ जिले के शंभूपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित संध्या चौपाल में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) दिनेश धाकड़ ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। चौपाल के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना सहित अन्य योजनाओं के प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया गया। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच जनहित के मुद्दों पर संवाद हुआ तथा हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।
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हरिद्वार गंगा: SDRF-जल पुलिस ने युवक महेंद्र की जान बचाई

Haridwar, Uttarakhand:ब्रेकिंग न्यूज़/हरिद्वार हरिद्वार के कांगड़ा घाट पर गंगा के तेज बहाव में फंसा युवक, जल पुलिस और SDRF ने मिलकर बचाई जान。 रामपुर निवासी 22 वर्षीय महेंद्र स्नान के दौरान बहाव की चपेट में आकर गंगा में फंस गया था, मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला。 जल पुलिस और SDRF के जवानों ने संयुक्त अभियान चलाकर युवक तक पहुंच बनाई और सुरक्षित बाहर निकाल लिया。 समय रहते हुए रेस्क्यू से बड़ा हादसा टला, युवक को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद आवश्यक सहायता दी गई。 कांवड़ मेले के बीच हरिद्वार पुलिस और SDRF की गंगा घाटों पर लगातार निगरानी, श्रद्धालुओं से तेज बहाव वाले स्थानों पर स्नान न करने की अपील。
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एलओसी के पास पाक सेना की बड़ी तैनाती, घुसपैठ की आशंका तेज

Jammu, पीओके में बवाल के बीच एलओसी के करीब पाकिस्तानी सेना का बढ़ा जमावड़ा, आतंकियों की घुसपैठ की आशंका तेज पाकिस्तान के नियंत्रण रेखा के नज़दीक अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक एलओसी से सटे कई इलाकों में सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसी इसे घुसपैठ की कोशिशों और सीमा पार आतंकी गतिविधियों से जोड़कर देख रही हैं। पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बढ़ते जनआक्रोश और विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान की सेना ने एलओसी के करीब बड़े पैमाने पर सैन्य जमावड़ा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने स्वयं अग्रिम इलाकों का दौरा किया। एलओसी से सटे कई सेक्टरों में सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई है। खास तौर पर केल, जुरा, नीलम घाटी और लीपा वैली जैसे इलाकों में सैन्य गतिविधियां तेज होने की बात कही गई है। बताया गया है कि गुलपुर के करीब लगभग 80 किलोमीटर के दायरे में भी सैन्य हलचल बढ़ी है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अग्रिम चौकियों पर अतिरिक्त सैनिकों और पुलिस बल की तैनाती की गई है। इस बीच, पीओके में पाकिस्तान विरोधी आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। स्थानीय महिलाओं और नागरिकों ने पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं। खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सेना पर बल प्रयोग और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। कई इलाकों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान विरोधी नारे लगा रहे हैं। उधर, भारतीय सुरक्षा एजेंसीजें भी सीमा पार की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पीओके में बढ़ते जनाक्रोश से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए पाकिस्तान एक बार फिर सीमा पार आतंकवाद और घुसपैठ की रणनीति अपना सकता है। इसी कड़ी में कल यानी 31 जुलाई की रात में जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने दो गैर-स्थानीय मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के निवासी बताए गए हैं। आतंकियों ने देर शाम उन पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें दोनों की मौत हो गई। इस हमले के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा एजेंसियां इसे सीमा पार से संचालित आतंकवादी नेटवर्क की कायराना हरकत मान रही हैं। भारत की सुरक्षा एजेंसीज एलओसी पर हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और किसी भी घुसपैठ या आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।
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कुलगाम आतंकी हमले में प्रवासी मजदूरों की मौत दो, बाहरी लोगों पर हमले बढ़े

Kulgam, कुलगाम आतंकी हमला: दूसरे प्रवासी मज़दूर की मौत के बाद मरने वालों की संख्या दो हुई; कश्मीर में बाहरी लोगों और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाकर हत्याओं का सिलसिला लौटा दक्षिण कश्मीर के कुलगाम ज़िले में प्रवासी मज़दूरों पर शुक्रवार को हुए आतंकी हमले में मरने वालों की संख्या शनिवार को दो हो गई, क्योंकि श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ (SKIMS) में घायल दूसरे मज़दूर ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार शाम कुलगाम के केलम (या केल्लम) इलाके में एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे दो बाहरी मज़दूरों पर आतंकवादियों ने गोलीबारी की। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत अनंतनाग के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) ले जाया गया, जहाँ उनमें से एक की मौत हो गई। दूसरे को बाद में बेहतर इलाज के लिए SKIMS रेफर किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद शनिवार को उसकी भी मौत हो गई। मृतकों की पहचान दीपक रैट्रे (24), पिता उमा शंकर, और बोपिंदर (28), पिता दसराड़ के तौर पर हुई है। दोनों छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे और प्रवासी मज़दूर के तौर पर कश्मीर आए थे। सूत्रों का कहना है कि हमलावरों ने बाहरी मज़दूरों के कार्ड देखने के बाद उन्हें खास तौर पर निशाना बनाया, लेकिन पुलिस ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया है। सुरक्षा बल तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे, इलाके की घेराबंदी की और हमलावरों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जाँच चल रही है। पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का ही एक हिस्सा और प्रॉक्सी माने जाने वाले संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है। सोशल मीडिया पर फैल रहे संदेशों के मुताबिक, इस समूह ने बाहरी लोगों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों पर और हमले करने की चेतावनी दी है। खबरों के अनुसार, यही वह समूह है जिसने 22 जुलाई को अनंतनाग में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया था। घाटी में लगभग दस दिनों के भीतर यह दूसरा बड़ा आतंकी हमला है। 22 जुलाई को आतंकवादियों ने अनंतनाग के लाल चौक इलाके में जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी (या आशिक हुसैन) की बहुत करीब से गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह हमला अमरनाथ यात्रा के रास्ते पर एक भीड़-भाड़ वाले बाज़ार इलाके में हुआ। इस घटना से पता चलता है कि टारगेटेड किलिंग (खास लोगों को निशाना बनाकर हत्या) का दौर फिर से शुरू हो गया है। लगातार हुए इन हमलों ने कश्मीर में सुरक्षाकर्मियों और बाहरी नागरिकों की चुनिंदा हत्याओं के फिर से शुरू होने की चिंता बढ़ा दी है। यह एक ऐसा पैटर्न है जो हाल के वर्षों में सुरक्षा अभियानों के तेज़ होने और अनुच्छेद 370 हटने के बाद कुल आतंकी घटनाओं में भारी कमी आने के कारण काफी कम हो गया था। कई वर्षों तक, घाटी में बाहरी मज़दूरों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ इस तरह की चुनिंदा हिंसा का स्तर, उग्रवाद के शुरुआती दौर की तुलना में काफी कम रहा। सुरक्षा जानकारों का कहना है कि TRF जैसे संगठन बार-बार खुद को "स्थानीय प्रतिरोध" (लोकल रेजिस्टेंस) के तौर पर पेश करने की कोशिश करते हैं, जबकि वे पाकिस्तान स्थित संगठनों के पुराने तरीकों को ही अपनाते हैं: आसान लक्ष्यों (सॉफ्ट टारगेट), भाषा से पहचाने जाने वाले बाहरी मज़दूरों और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाकर डर फैलाना, आर्थिक गतिविधियों में बाधा डालना और सुर्खियां बटोरना। छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से आए प्रवासी मज़दूर कश्मीर की मौसमी मज़दूर आबादी का एक अहम हिस्सा हैं, खासकर निर्माण कार्य, ईंट-भट्टों और बागवानी के क्षेत्र में। उन पर हमले बाहरी लोगों में दहशत फैलाने के मकसद से किए जाते हैं। ताज़ा हत्याएं इस बात को रेखांकित करती हैं कि भले ही जम्मू-कश्मीर में हिंसा का कुल स्तर पिछले दशकों की तुलना में कम रहा है, लेकिन सीमा पार से समर्थित बचा-खुचा आतंकी इकोसिस्टम सुरक्षा बलों और बाहरी निवासियों को निशाना बनाकर चुनिंदा और हाई-प्रोफाइल हमले करने की कोशिशें जारी रखे हुए है। अनंतनाग और कुलगाम, दोनों घटनाओं की जांच चल रही है और सुरक्षा एजेंसियां ​​इसके लिए ज़िम्मेदार मॉड्यूल को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं।
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कुलगाम के ईंट भट्टों पर आतंकी हमले के बाद प्रवासी मजदूरों में घबराहट

Kulgam, प्रवासी मज़दूरों की आतंकी हमले के बाद ईंट के भट्टे पर काम करने वाले मज़दूर घबराए हुए। सुरक्षा बलों ने भट्ठों से बाहर ना घूमे फिरने की दी सलाह और आसपास बड़ाई सुरक्षा। कुलगाम के केलम में प्रवासी मजदूरों पर बीती रात आतंकवादी हमला हुआ और दो मजदूरों की हत्या कर दी गई। वे प्रवासी मजदूर ईंट के भट्ठे में काम करते थे। इसके बाद से इलाके में ईंट के भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों में घबराहट पैदा हो गई है। यह लोग चार महीने के सीज़न के लिए इन भट्ठों में काम करते हैं और पहले ही एडवांस ले चुके होते हैं। लेकिन इस घटना के बाद अब वे सोच रहे हैं कि रुकें या चले जाएं। ईंट के भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों से बातचीत चलती है। कश्मीर घाटी में लगभग 3000 से 3500 ईंट-भट्टे चल रहे हैं, और इनमें काम करने के मुख्य मौसम के दौरान बाहर से आए लगभग 35,000 से 45,000 प्रवासी मजदूर काम करते हैं। ज़्यादातर मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और पंजाब जैसे राज्यों से कश्मीर आते हैं। यह मजदूर अक्सर अपने परिवारों के साथ आते हैं और काम चलने के महीनों के दौरान भट्टों पर ही रहते हैं। ईंट के भट्टे ज़्यादातर मध्य कश्मीर के बडगाम जिले और दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम और शोपियां में स्थित हैं। ईंट बनाने का काम आम तौर मई के आस-पास शुरू होता है और अगस्त आख़िर तक चलता रहता है।
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जैसलमेर से रेस्क्यू हुआ 10 फुट घड़ियाल पंजाब के ब्यास नदी में वापसी करेगा

Jaisalmer, Rajasthan:जैसलमेर से रेस्क्यू हुआ 10 फुट घड़ियाल पंजाब पहुंचा, जांच के बाद ब्यास नदी में छोड़ा जाएगा जैसलमेर। जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ स्थित इंदिरा गांधी नहर की माइनर से रेस्क्यू किया गया 10 फीट लंबा घड़ियाल सुरक्षित रूप से पंजाब के छतबीड़ चिड़ियाघर पहुंच गया है। वन विभाग की टीम ने सोमवार रात करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद घड़ियाल को बिना किसी चोट के पकड़कर पंजाब के लिए रवाना किया था। डीएफओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि लंबी यात्रा और रेस्क्यू के दौरान हुए तनाव को देखते हुए घड़ियाल को करीब एक सप्ताह तक छतबीड़ चिड़ियाघर में रखा जाएगा। इस दौरान पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसकी स्वास्थ्य जांच की जाएगी और उचित देखभाल के बाद उसे सामान्य स्थिति में लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कल पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय होने के बाद घड़ियाल को पंजाब की ब्यास नदी संरक्षण क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। ब्यास नदी घड़ियालों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास मानी जाती है, जहां पहले से कई घड़ियाल संरक्षित वातावरण में रह रहे हैं। गौरतलब है कि यह घड़ियाल पिछले करीब एक महीने से मोहनगढ़ क्षेत्र की माइनर नहर में दिखाई दे रहा था। इसकी मौजूदगी से ग्रामीणों और किसानों में दहशत का माहौल था। लोग नहर के पास जाने और खेतों में सिंचाई करने से भी डर रहे थे। सूचना मिलने पर वन विभाग ने सफल रेस्क्यू अभियंन चलाकर घड़ियाल को सुरक्षित पकड़ लिया और अब उसके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव का Maihar दौरा सावन में श्रद्धा और विकास कार्यक्रमों के साथ

Maihar, Madhya Pradesh:एंकर - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 5 अगस्त को मैहर दौरा प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री सावन माह में मां शारदा के दर्शन-पूजन के बाद जिले को कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। दौरे की तैयारियों के तहत कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने मां शारदा धाम सहित कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, मंच व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े आवश्यक निर्देश भी दिए। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री मां शारदा के दर्शन के बाद जिला अस्पताल सहित कई महत्वपूर्ण शासकीय भवनों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं से नवगठित मैहर जिले के स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सावन माह में मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियों में जुटा हुआ है।
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दुर्ग पुलिस ने हेरोइन तस्करों को दबोचा, मास्टरमाइंड पंजाब से सप्लाई कर रहा था

Durg, Chhattisgarh:एंकर-दुर्ग पुलिस ने नशे के खिलाफ एक और कड़ी कार्यवाही करते हुए जिले में पैर पसार रहे संगठित हेरोइन (चिट्टा) के तस्करो को धर दबोचा गया है सुपेला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. वी/ओ- वहीं एएसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि खबर मिली थी कि गिरोह का मास्टरमाइंड,गुरमीत सिंह रंधावा पंजाब से सस्ते दामों पर चिट्टा मंगाकर दुर्ग ज़िले में खपा रहा है सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जुनवानी स्थित शंकराचार्य अस्पताल के पीछे घेराबंदी की मौके से 6 आरोपियों को धर दबोचा गया, जिनके पास से 18 ग्राम शुद्ध हेरोइन, 6 स्मार्टफोन्स और नशा सेवन की सामग्री जप्त की गई इस पूरे जप्त माल की कीमत करीब 3.50 लाख रुपए आंकी गई है पुछताछ में मास्टरमाइंड गुरमीत ने चौंकाने वाले खुलासे किए वह पंजाब से 3,000 रुपए प्रति ग्राम में हेरोइन खरीदता था और अपने साथियों के जरिए भिलाई के युवाओं को 6,000 रुपए प्रति ग्राम की दुगुनी दर पर बेचता था पुलिस ने आरोपी गुरमीत सिंह रंधावा,​गगनदीप सिंह,शुभम कुमार बैस,​जी. विनित,उत्तम सिंह और अब्दुल कादिर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(ख), 27 और 29 के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है फिलहाल पुलिस आरोपियों के मोबाइल डेटा, बैंक खातों और पूरे सप्लाई नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि पंजाब के मुख्य सप्लायर तक पहुंचा जा सके.
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सिरगिट्टी में पुलिस की कठोर कार्रवाई: 11 आरोपियों की गिरफ्तारी, नशाखोरी-अड्डेबाजी पर कार्रवाई

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने अड्डेबाजी, नशाखोरी, मारपीट और फरार वारंटियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अभियान के दौरान कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में सार्वजनिक शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। अभियान के दौरान नशाखोरी करते मिले दो युवकों, सार्वजनिक स्थानों पर अड्डेबाजी कर लोगों की आवाजाही प्रभावित करने वाले तीन लोगों तथा मारपीट और विवाद में शामिल तीन आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। वहीं लंबे समय से फरार चल रहे तीन गिरफ्तारी वारंटियों को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने सभी 11 आरोपियों को विधिसम्मत कार्रवाई के बाद कार्यपालिका मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि क्षेत्र में नशाखोरी, अड्डेबाजी या कानून व्यवस्था भंग करने वाली किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध आगे भी लगातार और सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है。
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अबूझमाड़ में भारी बारिश से बाढ़, दो मासूम समेत कई इलाकों में तबाही

Narayanpur, Jharkhand:नारायणपुर जिले में 30 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचाई। सबसे अधिक प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र रहा, जहां उफनते नदी-नालों और बाढ़ ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कई गांवों में मकान और मवेशी बाढ़ के तेज बहाव में बह गए, जबकि सड़कों और संपर्क मार्गों के टूटने से कई इलाके जिला मुख्यालय से कट गए। बारिश की इस त्रासदी में ब्रेहबेड़ा गांव की दो मासूम बच्चियां बाढ़ के तेज बहाव में बह गईं। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। प्रशासन ने एक बच्ची का शव बरामद कर लिया है, जबकि दूसरी बच्ची की तलाश लगातार जारी है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। भारी बारिश का असर सुरक्षा बलों के कैंपों पर भी देखने को मिला। सीतरम और बालेबेड़ा स्थित बीएसएफ कैंप पूरी तरह जलमग्न हो गए। सीतरम कैंप में तैनात जवानों को सुरक्षित रेस्क्यू कर हटाया गया। वहीं बालेबेड़ा कैंप से राहत अभियान के दौरान अधिकांश जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण आठ जवान कैंप में ही फंस गए थे। बाद में पानी कम होने पर उन्हें भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने बताया कि जिले में अत्यधिक वर्षा के कारण अबूझमाड़ के बालेबेड़ा, कदेर, ब्रेहबेड़ा, सीतरम और ओरछापार सहित कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। कई आवास क्षतिग्रस्त हुए और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटा रहा और प्रभावित क्षेत्रों में हालात सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। लगातार हुई इस भीषण बारिश ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाकों में प्राकृतिक आपदा के समय त्वरित राहत व्यवस्था और मजबूत आधारभूत सुविधाओं की कितनी आवश्यकता है。
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चोपड़ा खदान खुले के बाद तय दर से अधिक वसूली के आरोप, इलाके में तनाव

Dinajpur, Rangpur Division:বালি খাদান চালু হতেই অতিরিক্ত টাকা আদায়ের অভিযোগ, উত্তেজনা চোপড়ায় প্রায় দু’মাস বন্ধ থাকার পর বৃহস্পতিবার পুনরায় চালু হয়েছে চোপড়া থানার অন্তর্গত চিতালঘাটা বালি খাদান। খাদান চালু হওয়ার একদিনের মধ্যেই নির্ধারিত হারের বাইরে অতিরিক্ত টাকা আদায়ের অভিযোগকে কেন্দ্র করে এলাকায় উত্তেজনা ছড়ায়। অভিযোগকে ঘিরে খাদানের সঙ্গে যুক্ত বালি ব্যবসায়ী ও মালিকপক্ষের মধ্যে বচসা বাধে। পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণে আনতে ঘটনাস্থলে পৌঁছায় চোপড়া থানার পুলিশ。 স্থানীয় সূত্রে জানা гিয়েছে, খাদানটির সঙ্গে অনুমোদিত পাঁচজন বালি ব্যবসায়ী যুক্ত রয়েছেন। তাঁদের অভিযোগ, সরকারি নিয়ম অনুযায়ী প্রতি ১০০ সিএফটি বালির জন্য রয়্যালটি বাবদ সর্বোচ্চ ৪০০ টাকা নেওয়ার কথা। অন্যান্য আনুষঙ্গিক খরচ যোগ করলেও মোট খরচ ৮০০ টাকার বেশি হওয়ার কথা নয়। কিন্তু বাস্তবে তাঁদের কাছ থেকে ১,২০০ টাকা দাবি করা হচ্ছে বলে অভিযোগ。 ব্যবসায়ীদের আরও দাবি, এর পাশাপাশি ‘সিন্ডিকেট’-এর নামে প্রতি ১০০ সিএফটি বালির জন্য অতিরিক্ত ১,০০০ টাকা দিতে বলা হচ্ছে। এই অতিরিক্ত অর্থ আদায়ের প্রতিবাদ করায় তাঁদের ভয়ভীতি দেখানোর চেষ্টা করা হয়েছে বলেও অভিযোগ করেছেন তাঁরা。 ঘটনাকে কেন্দ্র করে বৃহস্পতিবার রাতে খাদান এলাকায় উত্তेजনা তৈরি হয়। খবর পেয়ে চোপড়া থানার পুলিশ ঘটনাস্থলে পৌঁছয়েস্ত স্বাভাবিক করে। পরে শুক্রবার সন্ধ্যায় বালি ব্যবসায়ীরা চোপড়া থানায় লিখিত অভিযোগ দায়ের করেন। অভিযোগপত্রে প্রশাসনের হস্তক্ষেপ এবং বিষয়টির নিরপেক্ষ তদন্তের দাবি জানানো হয়েছে。 অন্যদিকে, খাদান মালিকপক্ষ সমস্ত অভিযোগ অস্বীকার করেছে। তাদের দাবি, সরকারি নিয়ম মেনেই বালি বিক্রি করা হচ্ছে এবং অতিরিক্ত টাকা আদায়ের অভিযোগ সম্পূর্ণ ভিত্তিহীন。 এদিকে লিখিত অভিযোগের ভিত্তিতে ঘটনার তদন্ত শুরু করেছে চোপড়া থানার পুলিশ
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शोपियां में बादल फटने से बाढ़, पांच घर और एक स्कूल प्रभावित—बचाव जारी

Noida, Uttar Pradesh:बादल फटने के बाद शोपियां के पहलपोरा में अचानक बाढ़ आ गई; पांच घर और एक स्कूल पानी में डूब गए, बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है, किसी की जान जाने की खबर नहीं है। शनिवार सुबह दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के पहलपोरा इलाके में बादल फटा, जिससे कीचड़ और मलबे के साथ पानी का तेज बहाव आया। इस बाढ़ ने गांव में पांच घरों और एक स्कूल की इमारत को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया, जिससे परिवार सुरक्षित जगह की तलाश में भागने लगे और इलाके में रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई। दक्षिण कश्मीर के कुछ हिस्सों में पहले से ही भारी बारिश हो रही थी, तभी शोपियां में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। पहलपोरा में कई घरों में बारिश का पानी घुस गया, जिससे कमरे डूब गए, घर का सामान खराब हो गया और लोगों को बाहर निकलना पड़ा। SDRF के अधिकारियों ने पुष्टि की कि बाढ़ से पांच घर और एक स्कूल सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। हालांकि, अभी तक किसी की जान जाने की खबर नहीं है। सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और जिला प्रशासन की टीमें तुरंत प्रभावित इलाके में पहुंचीं। बचाव और राहत कार्य तुरंत शुरू कर दिए गए। जहां भी जरूरत है, वहां खतरे में पड़े परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, साथ ही जमा पानी को निकालने और डूबी हुई इमारतों से कीचड़ हटाने की कोशिशें जारी हैं। अधिकारी संपत्ति और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का भी पूरा आकलन कर रहे हैं। भारी बारिश के कारण न केवल रिहायशी इलाकों में बल्कि दक्षिण कश्मीर की नदियों और बागों में भी बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया है। किसानों ने बताया है कि उनके खेत पानी में डूब गए हैं, और अधिकारियों को सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों से पानी निकालने के लिए पंप लगाने पड़े हैं। यह घटना जम्मू-कश्मीर में चल रहे खराब मौसम के एक बड़े दौर का हिस्सा है, जिसके कारण प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहना पड़ रहा है। भूस्खलन, मडस्लाइड और मलबा हटाने के बाद चल रहे मरम्मत कार्य के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) पर सभी वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से बंद है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि जब तक इसे आधिकारिक तौर पर सुरक्षित घोषित न किया जाए, तब तक वे इस रास्ते पर यात्रा न करें। भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए केंद्र शासित प्रदेश के हर जिले में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरे इलाके में SDRF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों वाली 'क्विक रिएक्शन टीमें' तैनात रखी गई हैं। IMD के अनुसार, कम से कम 4 अगस्त तक कश्मीर और जम्मू-कश्मीर के बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। इन हालात के कारण भूस्खलन, मडस्लाइड, अचानक बाढ़ और संवेदनशील इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है।
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