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सदैव अटल सम्मान कार्यक्रम
Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर।भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में अवध स्मृति संस्थान (पंजी.) उत्तर प्रदेश की ओर से ‘सदैव अटल’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन के दौरान वक्ताओं और उपस्थित लोगों ने अटल जी के राजनीतिक जीवन, राष्ट्रसेवा, साहित्य और लोकतांत्रिक मूल्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और सार्वजनिक योगदान पर आधारित वृत्तचित्र दिखाया गया। मुख्य अतिथि डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। राष्ट्र और समाज के प्रति उनके समर्पण से सीख लेकर युवा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। आयोजन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में आईपीएस सत्यजीत गुप्ता, डॉ. हर्ष निगम,समेत अन्य लोग शामिल रहे। चिकित्सा क्षेत्र से सम्मानित डॉ. हर्ष निगम ने आयुर्वेद और होम्योपैथी के क्षेत्र में हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुष मंत्रालय इन चिकित्सा पद्धतियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी लंबे समय से लोगों को उपचार उपलब्ध कराने में उपयोगी रही है और इसके विस्तार से समाज के अधिक लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंच सकती हैं। कार्यक्रम में सांसद रमेश अवस्थी, एमएलसी सलिल विश्नोई, मानवेन्द्र सिंह, अरुण पाठक और विधायक नीलिमा कटियार समेत अन्य लोग मौजूद रहे। सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी, साहित्यकार, पत्रकार और अन्य प्रबुद्धजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।। बाइट- प्रवीण शुक्ला, आयोजक। बाइट- डॉ हर्ष निगम, चिकित्सक0
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आमजन के झंडारोहण
Kanpur, Uttar Pradesh:पीरोड में समाजसेवी दीपक दीक्षित ने फहराया तिरंगा, समानता का दिया संदेश कानपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पीरोड स्थित समाजसेवी दीपक दीक्षित के निवास परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। दीपक दीक्षित ने तिरंगा फहराया, जिसके बाद क्षेत्रवासियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान किया और भारत माता की जय के जयकारे लगाए। इस दौरान क्षेत्र के लोगों ने उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया और देश की एकता एवं अखंडता का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सभी लोगों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रीय पर्व की खुशियां साझा कीं। समाजसेवी दीपक दीक्षित ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति को समान नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि वह पेशे से इंजीनियर रहे हैं और फिलहाल वीआरएस ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में न तो कोई मंच बनाया गया और न ही किसी वीआईपी को आमंत्रित किया गया, क्योंकि उनके लिए सभी लोग समान हैं। दीपक दीक्षित ने कहा कि “हम सभी मनुष्य हैं और समाज में किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। स्वतंत्रता दिवस हमें एकता, समानता और भाईचारे का संदेश देता है।” कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों में देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला और सभी ने मिलकर राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में मार्शल, कपिल राजपूत,सूरज, पप्पू मिश्रा, संजय यादव, लक्खा,अशोक कुकरेजा और ब्रजेश अवस्थी आदि शामिल रहे।0
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NHAI बना जंग ए आजादी का गवाह
Kanpur, Uttar Pradesh:*जिस रास्ते पर आज दौड़ते हैं हजारों वाहन, उसी धरती ने देखी थी आजादी की लड़ाई* आज कानपुर से प्रयागराज के बीच जिस NH-19 पर दिन-रात हजारों वाहन फर्राटा भरते हैं, वह सिर्फ एक हाईवे नहीं है। इस सड़क के आसपास की मिट्टी में आजादी की लड़ाई की कई ऐसी कहानियां दफन हैं, जिन्हें शायद आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम भूलते जा रहे हैं। कानपुर, फतेहपुर और प्रयागराज को जोड़ने वाला यह इलाका अंग्रेजी शासन के दौर में भी बेहद महत्वपूर्ण था। 1942 की अगस्त क्रांति के दौरान इसका असर शहरों के साथ-साथ गांवों और कस्बों में भी दिखाई दिया। कानपुर के नरवल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदोलन ने जोर पकड़ा। अगस्त 1942 में महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन के आह्वान के बाद आंदोलनकारियों ने अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ आवाज बुलंद की। स्थानीय इतिहास से जुड़े विवरणों के मुताबिक, 23 अगस्त 1942 की रात अंग्रेजी शासन से जुड़ी एक स्थानीय कोठी पर हमला कर उसे आग के हवाले किए जाने की घटना भी इसी दौर के आक्रोश की बड़ी मिसाल मानी जाती है। यानी जिस इलाके में आज गाड़ियों की रफ्तार दिखाई देती है, कभी वहीं आजादी के नारों और आंदोलन की गूंज सुनाई देती थी। देश आजाद हुआ और नरवल समेत पूरे इलाके में तिरंगा फहराकर आजादी का जश्न मनाया गया। यह उन तमाम आंदोलनकारियों के संघर्ष के सपने के पूरा होने का पल था, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत का सामना किया था। आज वही रास्ता आधुनिक छह लेन NH-19 का हिस्सा है। बेहतर कनेक्टिविटी ने कानपुर, फतेहपुर और प्रयागराज के बीच सफर को आसान बना दिया है। लेकिन विकास की इस रफ्तार के बीच इतिहास की वह विरासत भी मौजूद है, जिसे याद रखना जरूरी है। सवाल सिर्फ इतिहास को याद करने का नहीं, बल्कि उन स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों की सुध लेने का भी है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। NH-19 आज विकास की रफ्तार का प्रतीक है… लेकिन इसकी मिट्टी आज भी उस संघर्ष की गवाही देती है, जिसने हमें आजाद भारत दिया।0
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विधानसभा चुनाव में सपा
Kanpur, Uttar Pradesh:एंकर:: विधानसभा चुनावों के करीब आने के साथ ही पार्टी के दावेदार अपनी स्थिति मजबूत करने में लग गए हैं,,, इसी कड़ी में महाराजपुर विधानसभा से दावेदारी कर रहे सपा नेता मनोज शुक्ला ने पिछले दिनो पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की,,, इस दौरान अखिलेश यादव ने भी चुटकी लेते हुए कहा कि सपा से एक मनोज गए तो दूसरे आ गए हैं,,, सपा नेता मनोज शुक्ला ने भाजपा सरकार पर ब्राह्मण समाज के साथ न्याय न करने का आरोप लगाया,, उन्होंने कहा कि इस सरकार में ब्राह्मणों के साथ सबसे ज्यादा उत्पीड़न हुआ है, इसका बदला ब्राह्मण समाज अब विधानसभा चुनावों में लेगा,,,, अखिलेश यादव के पीडीए में पी से पंडित वाले बयान पर उन्होंने कृष्ण सुदामा की मित्रता का उदाहरण भी दिया,,, महाराजपुर विधानसभा की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि सोसाइटी क्षेत्रों में कम से कम बेटरमेंट चार्ज लेकर विकास करने का विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने वादा किया था लेकिन आज पूरी महाराजपुर विधानसभा बदहाल नजर आ रही है, जरा सी बारिश में जगह जगह पानी भर जाता है,, उन्होंने कहा कि अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है, तो महाराजपुर विधानसभा में पहली बार सपा का परचम फहराने में वह कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. बाइट- मनोज शुक्ला,, सपा नेता, महाराजपुर विधानसभा0
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Gt रोड का बड़ा भाग NHAI में शामिल
Kanpur, Uttar Pradesh:शेरशाह सूरी की ग्रैंड ट्रंक रोड से आधुनिक NHAI कॉरिडोर तक: बदलते भारत की विकास यात्रा करीब 500 वर्ष पहले शेरशाह सूरी ने जिस ग्रैंड ट्रंक रोड (GT Road) का निर्माण कराया था, वह भारत की सबसे ऐतिहासिक सड़कों में से एक है। उस दौर में इसका उद्देश्य व्यापार, प्रशासन और लोगों के आवागमन को सुगम बनाना था। बाद में अंग्रेजों ने इसी सड़क को सेना की आवाजाही और सामान की ढुलाई के लिए और अधिक विकसित किया। आजादी के बाद इस ऐतिहासिक मार्ग ने आधुनिक भारत के विकास की नई कहानी लिखनी शुरू की। समय के साथ ग्रैंड ट्रंक रोड के बड़े हिस्से को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल किया गया। आज इसका प्रमुख भाग नेशनल हाईवे-19 (NH-19) के रूप में विकसित है, जिसकी देखरेख और आधुनिकीकरण का कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) कर रहा है। उत्तर प्रदेश में कानपुर से प्रयागराज और वहां से आगे वाराणसी तक जाने वाला NH-19 इसी ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक रोड का आधुनिक स्वरूप है। यह मार्ग आगे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को भी जोड़ता है, जिससे पूर्वी भारत की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है। NHAI द्वारा इस कॉरिडोर को फोर लेन और सिक्स लेन में विकसित करने, बेहतर फ्लाईओवर, अंडरपास, सर्विस रोड, आधुनिक टोल प्लाज़ा, रिफ्लेक्टर, रोड सेफ्टी उपायों और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन जैसी सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इससे यात्रा का समय कम हुआ है, सड़क सुरक्षा में सुधार आया है और माल परिवहन अधिक तेज़ एवं सुगम हुआ है। कानपुर–प्रयागराज कॉरिडोर आज केवल एक सड़क नहीं, बल्कि किसानों, व्यापारियों, उद्योगों, छात्रों और लाखों यात्रियों के लिए विकास की जीवनरेखा बन चुका है। कृषि उत्पाद तेजी से मंडियों तक पहुंच रहे हैं, उद्योगों की सप्लाई चेन मजबूत हुई है और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। शेरशाह सूरी की ऐतिहासिक सड़क से शुरू हुई यह यात्रा आज NHAI के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ "विरासत से विकास" की मिसाल बन चुकी है। यह दर्शाती है कि कैसे सदियों पुराना मार्ग आज भी भारत की प्रगति, कनेक्टिविटी और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बना हुआ है।0
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