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Mohd TasleemMohd TasleemFollow1 Feb 2025, 05:55 am

Kanpur Dehat: प्रतापनगर वार्ड में सफाई व्यवस्था की स्थिति खराब

Rajpur, Uttar Pradesh:

कानपुर देहात के राजपुर नगर पंचायत के प्रतापनगर वार्ड में करीब एक हजार की आबादी निवास करती है। यहां की सफाई व्यवस्था सही नहीं है, जिससे सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। वार्ड के निवासी गुलाब सिंह, मरदान नायक और मंजीत सिंह ने बताया कि सफाई कर्मचारी नियमित रूप से सफाई करने नहीं आते। सप्ताह में केवल दो बार सफाई होती है जिससे मुख्य रास्ते पर कूड़ा जमा हो गया है। इससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत में कचरा निस्तारण के लिए कोई स्थान नहीं होने के कारण सफाई कर्मचारी कचरे को सड़क किनारे फेंक देते हैं। नगर पंचायत की ईओ नीति त्रिपाठी ने कहा कि सफाई कराई जाएगी।

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लुधियाना: मेयर निवास के बाहर भाजपा ने 1208 आउटसोर्स कर्मचारियों रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग

Ludhiana, Punjab:लुधियाना की मेयर हाउस के बाहर ठेका और वित्त कमेटी की चल रही मीटिंग के दौरान भारतीय जनता पार्टी की काउंसलिंग धरना लगाकर मांग की 1208 आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की भर्ती को बिना-जाँच के रेगुलर न किया जाए प्रदर्शन करने वालों ने की मांग सीनियर डिप्टी मेयर और एफ एंड सीसी के कमेटी मेंबर ने कहा कि जल्द होगा इसका हल जो भी मांगे हैं उनको किया जाएगा पूरा भाजपा पार्षदों ने मेयर के निवास के बाहर किया धरना प्रदर्शन, कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग* लुधियाना भारतीय जनता पार्टी लुधियाना के जिला अध्यक्ष सुनील मौदगिल के नेतृत्व में भाजपा पार्षदों ने आज लुधियाना की मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के निवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया। भाजपा ने मांग की कि नगर निगम में आउटसोर्स आधार पर रखे गए 1208 सफाई कर्मचारियों को बिना पूरी जांच-पड़ताल के रेगुलर न किया जाए। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुनील मौदगिल ने कहा कि नगर निगम द्वारा 1208 सफाई कर्मचारियों को आउटसोर्स आधार पर नियुक्त किया गया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये कर्मचारी वास्तव में कहां और किन-किन वार्डों में सफाई का काम कर रहे हैं, इसकी स्पष्ट और पूरी जानकारी नगर निगम के पास भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। उन्होंने मांग की कि सभी 1208 कर्मचारियों का पूरा विवरण, वार्डवार तैनाती, ड्यूटी स्थल और उपस्थिति का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए। सुनील मौदगिल ने कहा कि यह और भी गंभीर विषय है कि सत्ताधारी दल के पार्षदों तक को यह जानकारी नहीं है कि उनके वार्डों में कितने आउटसोर्स सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। यदि नगर निगम में 1208 सफाई कर्मचारी तैनात हैं, तो शहर की सफाई व्यवस्था में इसका स्पष्ट प्रभाव दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की वास्तविक संख्या, तैनाती और उनके कामकाज की जांच किए बिना उन्हें रेगुलर करना पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और अपारदर्शिता के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। जब तक नगर निगम 1208 आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं करता और उनकी भर्ती एवं तैनाती की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक भाजपा इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान बाहर आए सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर ने कहा कि कमेटी में बात की गई है जो भी समस्या है उसका हल किया जाएगा और सफाई कर्मचारियों की लिस्ट जल्द सबको मोहल्ला कर दी जाएगी इस मौके एफ एंडसीसी के मेंबर गौरव पट्टी ने कहा कि किसी भी पार्टी द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है उनकी मांगे जय है जिनको जल्द पूरा किया जाएगा और सफाई कर्मचारियों की लिस्ट भी इनको प्रोवाइड करवाई जाएगी इसके लिए उन्होंने नगर निगम के कमिश्नर को भी बोला है english translation omitted for brevity
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बिहार में दुर्गा पूजा के सभी आयोजन लाइसेंसी से होंगे, पुलिस-प्रशासन सख्ती

Patna, Bihar:बिहार में दुर्गा पूजा से पहले राज्य सरकार ने पूजा पंडाल से लेकर प्रतिमा विसर्जन तक के लिए दुर्गा पूजा करने वाले से लाइसेंस लेने का आदेश किया है . राज्य के चीफ सेक्रेटरी प्रत्य अमृत और DGP प्रीता वर्मा के साथ राज्य के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया . इस फैसले में कहा गया है की इस बार बिहार में - शत-प्रतिशत लाइसेंसिंग एवं नियम लागू होंगे . यानी सभी पूजा पंडालों, मूर्तियों और विसर्जन जुलूसों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा. जुलूसों में शामिल 10 से 25 जिम्मेदार लोगों से अंडरटेकिंग ली जाएगी और संपूर्ण मार्ग की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराई जाएगी. सरकार ने निर्देश में कहा है कि हथियारों एवं उत्तेजक नारों पर रोक रहेगा और जुलूस या पंडालों में भड़काऊ/उत्तेजक गाने, आपत्तिजनक नारे और किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले प्रदर्शित नहीं किए जाएंगे. सरकार के निर्देश में कहा गया है कि लाउडस्पीकर व ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण रहेगा . सरकार ने निर्देश में लिखा है की माननीय पटना उच्च न्यायालय के आदेशानुसार डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. लाउडस्पीकर का उपयोग केवल अनुज्ञप्ति के साथ किया जा सकेगा, जो रात 10 बजे से प्रात 6 बजे तक पूर्णत प्रतिबंधित रहेगा. सभी डीजे ऑपरेटरों और लाउडस्पीकर मालिकों का अनुमंडल कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य होगा और इसकी सूची स्थानीय थानों में उपलब्ध रहेगी. सरकार के इस आदेश के बाद पटना में पूजा के आयोजन कमिटी ने इस पर एतराज जताया है . पटना बोरिंग रोड पूजा पंडाल के अध्यक्ष आरके सिंह ने कहा की सरकार बिना स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक किये बिना आदेश थोप रही है . अब तक पूजा करने और प्रतिमा के लिए लाइसेंस अनिवार्य नहीं था . सिर्फ प्रतिमा विसर्जन के लिए ही लाइसेंस लेना होता है . यह सरकार की ज्यादती है.
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LoRa ऑफ-ग्रिड तकनीक से कश्मीर में सुरक्षा बलों के लिए नई चुनौती

Chaka, कश्मीर में मारे गए LeT कमांडर के पास से मिले ऑफ-ग्रिड LoRa रेडियो सुरक्षा बलों के लिए निगरानी की एक बड़ी चुनौती बन गए हैं। बडगाम के गुरवतकलान जंगल इलाके में मुठभेड़ के दौरान मारे गए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) कमांडर हाशिम मूसा उर्फ़ 'फौजी' के शव के पास से अत्याधुनिक, बिना सिम और बिना टावर वाले LoRa (लॉन्ग रेंज) कम्युनिकेशन डिवाइस मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के सामने एक नई और बड़ी ऑपरेशनल चुनौती खड़ी हो गई है। मजबूत, मिलिट्री-ग्रेड काले रंग का LoRa ultrA हैंडसेट मूसा के शव के पास AK-47 और अन्य सामान के साथ मिला। इसी तरह के एन्क्रिप्टेड LoRa सेट और बिना सिम वाले डिवाइस डचीगाम और पहलगाम के बीच ऊंचे पहाड़ी जंगलों में पहलगाम अटैक मॉड्यूल से जुड़ी जगहों से भी बरामद किए गए हैं। ये पहले से कॉन्फ़िगर और एन्क्रिप्टेड डिवाइस उस चीज़ का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसे सुरक्षा अधिकारी टेरर कम्युनिकेशन 2.0 कह रहे हैं। आम मोबाइल फ़ोन के उलट, LoRa रेडियो पूरी तरह से सेलुलर नेटवर्क, सिम कार्ड, टावर या वाई-फ़ाई के बिना काम करते हैं। ये मेश नेटवर्किंग को सक्षम करने के लिए बिना लाइसेंस वाले इंडस्ट्रियल, साइंटिफिक और मेडिकल (ISM) बैंड में कम-पावर वाली रेडियो फ़्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करते हैं। हर हैंडसेट एक रिले के तौर पर काम कर सकता है, जिससे ऑपरेटर्स घने जंगल या पहाड़ी इलाकों में लगभग 10-15 किलोमीटर की दूरी तक एन्क्रिप्टेड टेक्स्ट मैसेज, GPS कोऑर्डिनेट्स और SOS अलर्ट भेज सकते हैं। सिग्नल लाइन ऑफ़ कंट्रोल के पार बैठे हैंडलर्स तक पहुँच सकते हैं, जबकि स्टैंडर्ड मोबाइल सर्विलांस सिस्टम पर इनका पता चलना बहुत मुश्किल होता है। NTRO के फ़ोरेंसिक एनालिसिस से पुष्टि हुई है कि ये डिवाइस पेशेवर तरीके से बनाए गए थे और पहले से एन्क्रिप्टेड थे, न कि स्थानीय स्तर पर असेंबल किए गए थे। इससे पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़ी एक व्यवस्थित सप्लाई चेन का संकेत मिलता है, और कुछ रिपोर्टों में चीन में बनी टेक्नोलॉजी के पाकिस्तान के रास्ते आने की बात कही गई है। भारतीय इंटेलिजेंस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए मुख्य चुनौती यह है कि ये रेडियो कोई पारंपरिक डिजिटल निशान, सिम लॉग, टावर कनेक्शन या IP एड्रेस नहीं छोड़ते हैं। इससे पारंपरिक टेलीकॉम मॉनिटरिंग तरीकों का इस्तेमाल करके रियल-टाइम इंटरसेप्शन और ट्रैकिंग करना बहुत मुश्किल हो जाता है, खासकर दक्षिण कश्मीर के घने जंगलों वाले इलाकों में। इसके जवाब में, एजेंसियों ने तेज़ी से इलेक्ट्रॉनिक वॉरफ़ेयर की ओर अपनी रणनीति बदली है। दक्षिण कश्मीर के जंगलों में कम-पावर वाले, लोकल LoRa सिग्नल का पता लगाने के लिए खास तौर पर एडवांस्ड रेडियो फ़्रीक्वेंसी (RF) स्पेक्ट्रम स्कैनर लगाए और ट्यून किए गए हैं। घेराबंदी और तलाशी अभियानों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक जैमर को फिर से एडजस्ट किया जा रहा है ताकि उन खास ISM बैंड्स में रुकावट डाली जा सके जिन पर LoRa डिवाइस काम करते हैं, जिससे उनकी मेश रिले चेन टूट जाए। सिग्नल इंटेलिजेस यूनिट्स ने भी ट्रांसमिशन के असली सोर्स का रियल-टाइम में पता लगाने के लिए डायरेक्शन-फ़ाइंडिंग इक्विपमेंट का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि आतंकवादियों ने पारंपरिक मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल काफ़ी हद तक छोड़कर इन ऑफ-ग्रिड सिस्टम को अपना लिया है, जिससे निगरानी की रणनीतियों में बड़े बदलाव करने पड़ रहे हैं। LoRa के इस्तेमाल के दायरे और नेटवर्क को बाधित करने के तरीकों की जांच अभी भी जारी है।
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