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Jhansi284003

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में वृक्षारोपण और भूजल जन जागरूकता अभियान का शुभारंभ

Jul 20, 2024 10:31:59
Jhansi, Uttar Pradesh

आज बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी में आयोजित वृक्षारोपण महाभियान के तहत "एक पेड़ मां के नाम" पौधारोपण किया गया और भूजल सप्ताह के उपलक्ष्य में "जल बचायें, जीवन बचायें" भूजल जन जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री मा. रजनी तिवारी, मा. एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी, डीएफओ जी बी शिन्दे, कुलसचिव विनय कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर सिंह और अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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NCNITIN CHAWRE
Jan 28, 2026 14:30:52
Katni, Madhya Pradesh:कटनी जिले के बड़वारा थाना अंतर्गत ग्राम मझगवां छ:घरा में मानवता को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ आपसी विवाद के चलते एक युवक ने पड़ोस में रहने वाली 50 वर्षीय महिला के चेहरे पर अपने मुंह में पेट्रोल भरकर छिड़का और माचिस मारकर उसे आग के हवाले कर दिया। गंभीर रूप से झुलसी महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि मझगवां निवासी संतरा बाई उम्र 50 वर्ष, पति दुर्जन लाल कोल अपने घर पर थी। तभी मोहल्ले का ही निवासी भोला कोल वहां पहुंचा और पुराने जमीन के विवाद को लेकर गाली-गलौज करने लगा। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी भोला ने एक बोतल से पेट्रोल अपने मुंह में भरा और अचानक संतरा बाई के चेहरे पर कुल्ले की तरह छिड़का। इससे पहले कि महिला कुछ समझ पाती, आरोपी ने माचिस जलाकर उसे आग लगा दी। आग की लपटों से घिरी महिला ने जब चीखना-चिल्लाना शुरू किया, तो उसकी आवाज सुनकर घर के भीतर सो रही बहू तुरंत बाहर भागी। बहू को आता देख आरोपी भोला कोल मौके से फरार हो गया। परिजनों ने आनन-फानन में आग बुझाई और झुलसी हुई महिला को तत्काल कटनी जिला अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही बड़वारा थाना पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं। कटनी एसपी का कहना है कि महिला के बयान के आधार पर आरोपी भोला कोल सहित दो ओर लोगों पर मामला दर्ज किया गया है जिसमें दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और एक आरोपी की तलाश जारी है
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Jan 28, 2026 14:25:32
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Jan 28, 2026 14:21:01
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JGJugal Gandhi
Jan 28, 2026 14:20:24
Alwar, Rajasthan:अलवर में बधाई के नाम पर किन्नरों की धमकी से व्यक्ति की हार्ट अटैक आने से हुई मौत... अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित फैमिली लाइन स्कीम-तीन में बेटे के जन्म की बधाई लेने आए किन्नरों द्वारा कथित रूप से 31 हजार रुपये की मांग और धमकियों के बाद एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि किन्नरों के उत्पात और धमकियों से घबराकर 45 वर्षीय शंकर को साइलेंट अटैक आ गया, जिससे उनकी मौत हो गई। परिजनों ने इस मामले में 28 जनवरी को दो किन्नरों के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। मृतक के दामाद राकेश कुमार ने बताया कि शंकर के भतीजे की बहू ने हाल ही में बेटे को जन्म दिया था। 23 जनवरी की रात मां और नवजात को अस्पताल से घर लाया गया था। अगले दिन सुबह 24 जनवरी को अखेपुरा क्षेत्र से आए दो किन्नर घर पहुंचे और बधाई के नाम पर 31 हजार रुपये की मांग करने लगे। परिवार ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई और परंपरा के अनुसार 10 हजार रुपये देने की बात कही, लेकिन किन्नर नहीं माने। आरोप है कि उन्होंने घर में हंगामा शुरू कर दिया और सर्वनाश की धमकी दी। इसी दौरान दोनों किन्नर मां और बच्चे के कमरे में घुस गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया, जिससे परिवार में भय और तनाव का माहौल बन गया। मृतक की भाभी सीमा ने बताया कि किन्नरों ने अभद्र व्यवहार किया, कपड़े उतारने लगे और घर में शौच कर दिया। परिवार ने उनसे 15 दिन का समय मांगा, लेकिन वे लगातार धमकियां देते रहे। शंकर ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन तनाव बढ़ता गया। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान शंकर को साइलेंट अटैक आया और वे मौके पर ही गिर पड़े। शंकर के गिरते ही दोनों किन्नर मौके से फरार हो गए। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि मृतक शंकर के दो बेटे हैं। एक बेटा निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि दूसरा कारपेंटर है, जिसकी दो महीने बाद शादी होने वाली है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बाइट — राकेश कुमार, दामाद बाइट — सीमा, परिजन
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JGJugal Gandhi
Jan 28, 2026 14:20:00
Alwar, Rajasthan:अलवर में यातायात पुलिस की सख्ती: स्कूलों के बाहर कार्रवाई, 18 वाहन जब्त, 252 के चालान अलवर सड़क सुरक्षा माह के तहत अलवर शहर यातायात पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि सीट बेल्ट और हेलमेट को लेकर आमजन पर कार्रवाई होती है, लेकिन सबसे ज्यादा नियमों का उल्लंघन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे वाहनों में देखने को मिलता है। अधिकांश छात्र 18 वर्ष से कम उम्र के होते हैं, जिनका ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनता, इसके बावजूद वे वाहन चला रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस ने निजी शिक्षण संस्थानों के सामने विशेष अभियान चलाया। इस दौरान मोडिफाइड साइलेंसर लगी इन्फील्ड मोटरसाइकिल, पावर बाइक सहित कुल 18 वाहन जब्त किए गए। इनमें से 6 मोटरसाइकिलों में पटाखे छोड़ने और जानवर जैसी आवाज निकालने वाले मोडिफाइड साइलेंसर लगे हुए थे। एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मौके पर ही मोटरसाइकिलों से मोडिफाइड साइलेंसर हटवाए गए। यातायात पुलिस प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 252 वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किए गए। इनमें तीन सवारी बैठाना, बिना हेलमेट वाहन चलाना, मोबाइल फोन पर बात करते हुए ड्राइविंग करना और सीट बेल्ट न लगाने जैसे उल्लंघन शामिल हैं। इसके अलावा जिला परिवहन अधिकारियों के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए सेंट एंसल्म स्कूल के छात्र-छात्राओं को लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए शपथ दिलाई गई। कुछ दिन पहले स्कूल में यातायात नियमों की जानकारी दी गई थी, जिसका सकारात्मक असर देखने को मिला। छात्र-छात्राओं ने वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग किया, जो सराहनीय रहा।
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VKVishal Kumar
Jan 28, 2026 14:19:39
Saharsa, Bihar:एंकर शब्दावली, सहरसा के अतिथि गृह में बिहार सरकार के अनुसूचित जनजाति मंत्री लखेन्द्र कुमार रोशन ने यूजीसी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने कहा कि जो उच्च शिक्षण संस्थान है यूजीसी उसमें सब समाज के बच्चों को पढ़ने का अधिकार है चाहे किसी भी समाज के बच्चे क्यों न हो, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मूल्य मंत्र है सबका साथ सबका विकास। जिस प्रकार यूजीसी के मुद्दे पर बिहार और देश का विपक्ष में हाय तौबा मच रही है, घड़ियाली आंसू बहाया जा रहा है और जो समाज को गलत दिशा में ले जाना चाहते हैं वह समाज के लोगों ने लंबे समय तक बिहार के जंगल राज से लड़ा है। बुद्धिजीवी कम है वह यूजीसी के मुद्दे पर अन्य विपक्षी पार्टी है; बिहार और देश के अंदर वह चाहता है समाज को मुख्य धारा से बाँट देना, वो बाँटना संभव नहीं है और हर समाज के बच्चे को पढ़ने का अधिकार मिले, उस यूजीसी कमिटी में अर्जुन सिंह हैं जो चेयरमेन हैं, वे स्वयंसवर्ण समाज से हैं, Ravishankar Prasad वो बिहार के कानून मंत्री हैं वे भी स्वयंसवर्ण समाज से आते हैं। यही लोगों ने निर्णय लिया है और सुप्रीम कोर्ट का भी निर्णय है; संविधान का भी मूल्यपरिकल्पना है राइट टू एजुकेशन सबको पढ़ने का अधिकार उस आधार पर यूजीसी ने फैसला लिया है।उस पर हाय तौबा मचाने का औचित्य नहीं है।
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NMNitesh Mishra
Jan 28, 2026 14:19:18
Dhanbad, Jharkhand:धनबाद पुलिस के द्वारा मैथन स्थित कल्याण केंद्र में सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा जागरूकता सह प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया।एसएसपी प्रभात कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारीयों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम शुभारंभ किया। इसके पूर्व सभी वरीय पदाधिकारीयों का स्वागत पुष्प गुच्छ देकर किया। ग्रामीण कपिल चौधरी ने कार्यक्रम आयोजन का उद्देश्य को बताया। सड़क एवं साइबर सुरक्षा के बारे में जानकरी दी। बताया गया की आपकी थोड़ी से लापरवाही बड़ी दुर्घटना घट सकती है। साथ ही आप थोड़ी सावधानी रखें तो आप बड़ी दुर्घटना को आसानी से रोक सकते है। कार्यक्रम में अपने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी, समाजसेवी उपस्थित हुए। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लोगों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इसीएल मुगमा की टीम द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता प्रस्तुति नृत्य कर पेश की गई। जिसे सभी लोगों ने सराहना की। वही कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए मुख्य अतिथि एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा की इतनी जागरूकता के बाद भी लोग वाहन चलाते समय अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। एक मोबाइल जिसकी कीमत हजार या लाख में होगी, उसकी सुरक्षा को लेकर आप सजग है। उसकी कवर लगाते है। लेकिन एक हेलमेट नहीं लगाते जबकि जीवन अनमोल है। इसलिए आप सभी से अनुरोध है की अपनी जान को जोखिम में ना ले, और आज ये कसम खाये की बाइक स्कूटर या कोई भी दो पहिया वाहन चला रहे है। तो बिना हेलमेट ना चलाये। क्योंकि दुर्घटना बोल कर नहीं आती, कभी भी दुर्घटना हो सकती है। यह सजगता सिर्फ दो पहिया वाहन में ही नहीं चार पहिया वाहन के लिए भी जरुरी है। अगर सड़क में कोई दुर्घटना होती है तो उसे तत्काल गोल्डन टाइम में अगर आप दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाते है, तो उन्हें सरकार की योजना के अनुसार 25 हजार रुपये मिलेंगे। अगर साइबर क्राइम के लिए किसी तरह का फोन आता है, तो उसे रिसीव ना करें, बल्कि काट दें। कोई भी बैंक आपको फोन कर आपके एकाउंट के बारे में जानकारी नहीं मांगता है। साइबर क्राइम वाले आपकी अज्ञानता का पैसा कमा रहा है। अगर कोई घटना घट जाती है तो आप अपना मोबाइल को तत्काल इंटरनेट से अलग कर दें। कार्यक्रम के अंत में सभी को सड़क सुरक्षा की शपथ दिला गया तथा राष्ट्रीय गीत गया गया。
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AKAtul Kumar Yadav
Jan 28, 2026 14:18:43
Gonda, Uttar Pradesh:गोंडा के कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने यूजीसी बिल को लेकर की पहली बार अध्ययन करके अपना सार्वजनिक बयान जारी किया है और उन्होंने इस बिल का विरोध किया है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि पिछले दिनों से यूजीसी पर एक विवाद हो रहा है और यूजीसी का विवाद यहाँ से शुरू होता है। कि सरकार पढ़ने वाले बच्चों के बीच में जो सवर्ण बच्चों के द्वारा कभी कोई घटना घट जाती है। उसको लेकर के दलित और ओबीसी बच्चों के संरक्षण के लिए एक कानून लेकर के आई है जिसके कारण बड़ी भ्रामक स्थिति हो गई है और आज देश में बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है। ये मेरे सामने कुछ बच्चे हैं इनमें हमारे भी बच्चे हैं और दलित समाज और पिछड़े समाज, लगभग हर समाज के बच्चे हैं। ये रोज साथ में खेलते हैं। कितने दिन से तुम लोग साथ में खेल रहे हैं? (बच्चे एक साथ बोलते हैं: 'पाँच साल से') पाँच साल से ये बच्चे डेली शाम को आते हैं और खेलते हैं। फिर इनको कोई नाश्ता-पानी?" (बच्चे: 'हाँ, जैसे लड्डू, मिठाई, चाय, आम, मटर... जो घर पर रहता है')/"यानी जो घर पर रहता है, वो ये लोग साथ में बैठ कर के नाश्ता करते हैं। ये कोई कानून के तहत नहीं कर रहे हैं ये कानून के बंदिश से नहीं खेल रहे हैं ये हमारी सनातन की परंपरा रही है। हमारे नस-नस में है। पंडित दीनदयाल जी ने कहा था कि जो नीचे हैं उनको ऊपर लाना है। और यही हमारी सनातन परंपरा है यही हमारी सवर्ण परंपरा है कि जो नीचे हैं उनके साथ भेदभाव न करना, ऊपर लेकर के आना। इसका मिसाल ये किसी कानून के तहत नहीं हो रहा है। आज मैं सरकार से कहना चाह रहा हूँ कि समाज कैसे चलता है ये ऑफिस में बैठ कर के समाज को नहीं चलाया जा सकता है। समाज को चलाना है तो गाँव आइए और गाँव में देखिए कि बिना भेदभाव के बिना किसी जातीय रंग के, एक साथ बच्चे खेलते हैं। कोई बच्चा किसी की जात नहीं पूछता है। क्या आप चाहते हैं कि भविष्य में इस घर के अंदर एंट्री दी जाए तो ओबीसी को न दी जाए? क्या आप चाहते हैं इस घर में एंट्री दी जाए तो दलित को न दी जाए? ऐसा आप माहौल खड़ा कर रहे हैं। "तो आपसे हाथ जोड़ कर के विनती है, इस मामले को वापस लीजिए और मैं अपील करना चाहता हूँ, सवर्ण समाज से अपील करना चाहता हूं उससे संपर्क करने की ज़रूरत है। जो दलित समाज के समझदार बच्चे हैं उनसे संपर्क करने की ज़रूरत है और उनसे इसका विरोध कराना है। क्योंकि गाँव में हम एक साथ रहते हैं। गाँव में कोई शादी होती है, ब्याह होता है, हर आदमी का कोई न कोई हक़ है, कोई न कोई नेग है, हर तरीके से भागीदारी होती है。 अभी मैंने सनातन कथा कराया 1 जनवरी से लेकर 8 जनवरी तक जिसमें सद्गुरु रितेश्वर महाराज जी ने कथा कहा मैंने 52 जाति समाज के जो धर्मगुरु थे, उनसे उद्घाटन कराया। उनसे एक-एक वृक्ष लिया और मैं सनातन वाटिका बनाने जा रहा हूँ आपने तो कानून बना कर के हमारे उस मिशन को स्वाहा कर दिया। आइए हम आपको दिखाते हैं कि कौन सा समाज ऐसा है जिसने उस कथा में भागीदारी नहीं की है, सहयोग नहीं किया है। "तो ये कोई नई परंपरा नहीं है, ये हमारी सनातन परंपरा है। इसमें कानून की कोई ज़रूरत नहीं है। हाँ कोई बच्चा गलती करता है जो क्षमा करने योग्य नहीं है तो उसको आप सज़ा दीजिए यदा-कदा घटनाएँ घट जाती है सज़ा दीजिए, उसमें कोई विरोध नहीं है। लेकिन ये जो कानून है ये समाज में टकराव पैदा करेगा और इसीलिए कई दिन से मेरे ऊपर दबाव पड़ रहा था। 'बोलो, बोलो, बोलो' मैंने कहा हम गाँव में जाकर के बोलेंगे ये बच्चों को मैंने जान-बूझकर इकट्ठा नहीं किया है। इसमें हर जात-समाज के बच्चे हैं और एक रोज की बात नहीं, ये रोज खेलते हैं। ऐसा केवल यहां पर नहीं है हर गांव में है कोई क्रिकेट खेल रहा है कोई कबड्डी खेल रहा है यह सभी लोग एक साथ पढ़ते भी हैं। इसके पहले भी अपने कानून बनाया दलितों के लिए अत्याचार ना हो इसको लेकर के अपने कानून बनाया क्या दलितों के ऊपर अत्याचार रुक गया। महिलाओं के साथ अत्याचार ना हो उसको लेकर के कानून बनाया गया क्या वह अत्याचार रुक गया दहेज के नाम पर अपने कानून बनाया क्या वह रुक गया। रुका नहीं दुरुपयोग किया जाता है जहां ऐसे कानून के समीक्षा होने की बात होनी चाहिए पता नहीं कि मंशा से अधिकारी ऑफिस में बैठकर के निर्णय ले लेते है। अब वह चाहते हैं कि यह बच्चे दोस्ती करें जाति देख कर करें वर्ग देखकर करें तो मैं इस कानून के पूर्णतया विरोध में हूँ अगर जरूरत पड़ेगी तो आंदोलन होगा लेकिन उस आंदोलन में केवल क्षत्रिय नहीं होंगे सनातन धर्म को मनाने वाले सब होंगे। दलित भी होंगे पिछड़े भी होंगे ऐसे कानून की जरूरत नहीं है जो कानून हमको बंटता है तो कृपया हाथ जोड़कर विनती है मैं बहुत छोटा आदमी हूँ। पता नहीं इसका असर आप पड़े या ना पड़े ये गांव ऐसे नहींचलता है अगर इस लोकतंत्र को जिंदा रखना है तो गांव में क्या हो रहा है ऑफिस में बैठ करके आप गांव को नहीं देख सकते तो कृपया यह बन्द करिये। सवर्ण और सवर्णों के बीच में झगड़ा होता है,ब्राह्मणों-ठाकुरों के बीच में भी झगड़ा होता है। दलितों-दलितों के बीच में झगड़ा होता है कहाँ तक आप कानून बनाएंगे? तो भाईचारा स्थापित करिए और ये जो कानून है ये समाज को फाड़-फाड़ कर देगा。 इससे आने वाले समय में देश और राष्ट्र का बहुत नुकसान होगा समाज बांट जाएगा हाथ जोड़कर विनती है कृपया ऐसा कानून ना लाएं। कहने को तो बहुत कुछ इच्छा है बोला जा सकता है लेकिन बोलने की कोई आवश्यकता नहीं है इस कानून से यह बच्चे बंट जाएंगे यह यह जाति देखकर के दोस्ती करेंगे। जो लोग कानून लेकर के आए हैं मैं उनसे कहना चाहता हूं कि यह कानून समाज में भेदभाव पैदा करेगा यह बच्चे विभाजित हो जाएंगे। यहां हमारे देश के लिए अच्छा नहीं होगा वैसे मैं इस कानून में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का बयान सुना था उसमें संतुलन की बात कही गई है। लेकिन इस कानून में संतुलन नहीं है लेकिन आपने एक पक्ष को अपराधी बना करके खड़ा कर दिया है लेकिन अपने वकील का भी मौका नहीं दिया कि इनका वकील कौन होगा。 लेकिन जो गलत करता है उसको सजा मिलनी चाहिए चाहे वह क्षत्रिय समाज का हो चाहे ब्राह्मण समाज का हो चाहे किसी भी समाज का हो वह सजा का हकदार है। उसका हमारा कोई समाज समर्थन नहीं करेगा लेकिन आप बच्चों में भेदभाव मत पैदा करिए स्कूलों में आप भेदभाव मत पैदा करिए। मैं फिर दलित समाज के जो बच्चे पढ़े लिखे हैं मैं उनसे अपील करना चाहता हूं ओबीसी समाज के बच्चों से अपील करना चाहता हूं। यह देश हम सबका है इस देश में सौहार्द बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है कृपया ऐसे कानून का समर्थन न करें。
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ASAshok Singh Shekhawat
Jan 28, 2026 14:16:48
Sikar, Rajasthan:खंडेला, सीकर पांच सूत्रीय मांगों को लेकर SDM कार्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन महिलाओं का आरोप SDM ने मिलने व ज्ञापन लेने से किया इनकार आक्रोशित सैकड़ों महिलाओं ने जताया विरोध बंद मनरेगा कार्य शुरू करने, कांवट मार्ग पर रोडवेज बस शुरू करने, घुमंतू जाति के बावरिया समाज को आवंटित भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने, गुरारा इलाके में चारागाह भूमि से अवैध खनन रोकने सहित पांच सूत्रीय मांग. सीकर जिले के खंडेला में एडवोकट गोदारा के नेतृत्व में विभिन्न ग्राम पंचायतो और शहरी क्षेत्र की महिलाएं मनरेगा कार्य शुरू करने, कांवट मार्ग पर रोडवेज बस शुरू करने, घुमंतू जाति के बावरिया समाज को आवंटित भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने, गुरारा इलाके में चारागाह भूमि से अवैध खनन रोकने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर उपखंड कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन देने पहुंची। आरोप है कि ये महिलाएं करीब चार घंटे तक उपखंड अधिकारी का इंतजार करती रही और एसडीएम ने इनसे मिलने तथा ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया। एडवोकेट गोदारा ने बताया कि जायज मांगो तथा हक अधिकारों के लिए आवाज उठाने के लिए उन्हें नोटिस दिया गया है। खंडेला में प्रशासनिक कार्यालय जनता के लिए नहीं नेताओं के लिए खुले हैं नेताओं के खास लोगों के लिए खुले हैं उन्हीं का काम होता है। अगर गरीब अपने जायज मांग लेकर जाता है तो उसे दबाने के लिए नोटिस दे दिया जाता है। लेकिन हम नोटिस से डरने वाले नहीं हैं हम आवाज उठाई है और उठाते रहेंगे। जितनी प्रशासन द्वारा गरीबों को दबाया जाएगा उतना ही गरीब खंडेला में अपनी आवाज बुलंद करेगा।
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ASArvind Singh
Jan 28, 2026 14:16:08
Sawai Madhopur, Rajasthan:एंकर-केंद्र सरकार द्वारा हालही में लाये गये UGC एक्ट को लेकर देश भर के सवर्ण समाज के लोगो में आक्रोश देखने को मिल रहा है ,इसी कड़ी में आज सवाई माधोपुर में भी सवर्ण एकता मंच के बैनर तले सवर्ण समाज के लोगो द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित कर UGC एक्ट के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया ,बजरिया स्थित गौतम आश्रम में आयोजित प्रेसवार्ता में सवर्ण समाज के लोगो ने कहा कि सवर्ण समाज हमेशा से भाजपा का वोट बैंक रहा है ,लेकिन भाजपा ने UGC एक्ट लेकर सवर्ण समाज के साथ भस्मासुर जैसा व्यवहार किया है । उनका कहना है इस UGC एक्ट के चलते सामान्य वर्ग के युवाओं को आगामी भविष्य में होने वाले नुकसान एवं मानसिक प्रताडना का सामना करना पडेगा। इस एक्ट के कारण सामान्य वर्ग के युवाओं को बिना किसी जांच एवं बिना किसी जानकारी के शिक्षा से वंचित किया जा सकता है, जिससे सामान्य वर्ग के युवाओ का कैरियर बर्बाद हो जायेगा ,UGC एक्ट के कारण युवाओं में सुरक्षा का अभाव, पूर्वाग्रह की आशंका, शिकायत तंत्र का दुरूपयोग, झूठे आरोप, प्रमाण का बोझ, योग्यता बनाम आरक्षण, कट ऑफ में भारी अंतर भी इस एक्ट के कारण देखने को मिलेगा। ऐसे में केंद्र सरकार को इस UGC एक्ट जैसे काले कानून को जल्द से जल्द रद्द करना चाहिये ,अगर केंद्र सरकार द्वारा इस UGC एक्ट को रद्द नही किया गया तो भविष्य में सवर्ण समाज पूरी तरह से भाजपा से नाता तोड़ लेगा । उनका कहना है कि सवर्ण समाज की बदौलत ही आज भाजपा एक वट वृक्ष बनकर खड़ी है अगर इस एक्ट को रद्द नही किया गया तो सवर्ण समाज अपनी ताकत दिखायेगा और भाजपा को अर्स से फर्स पर ला पटकेगा ,साथ ही उनका कहना है कि जब तक केंद्र सरकार द्वारा UGC एक्ट रद्द नही किया जाता है तब तक सवर्ण समाज एक जुट होकर सड़को पर उतरेगा ओर बड़ा आंदोलन करेगा ,इस दौरान श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष दिलीप सिंह खिजुरी ने कहा कि UGC एक्ट के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना द्वारा सभी सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनो के साथ मिलकर देशव्यापी आंदोलन करेगी और जल्द ही भारत बंद का आहवाहन किया जायेगा ,जब तक सरकार UGC एक्ट रद्द नही करती है तब तक श्री राजपूत करणी सेना सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर सड़को पर रहेगी और आंदोलन करेगी ,सवर्ण समान के लोगो का कहना है अगर उन्हें अपने बच्चो के भविष्य के लिए जान भी देनी पड़ी तो पीछे नही हटेंगे ,जब तक UGC एक्ट रद्द नही होता उनकी लड़ाई जारी रहेगी । UGC एक्ट रद्द करने के साथ ही सवर्ण समाज के लोगो ने केन्द्र सरकार से EWS सर्टिफिकेट का सरलीकरण पूरे देश में राजस्थान की तर्ज पर करने एंव पंचायती व निकाय चुनाव में EWS को लागू करने की मांग की है । बाईट-1-दिलीप सिंह, खिजूरी ,प्रदेश अध्यक्ष ,श्री राजपूत करणी सेना ,( नीले रंग की जाकिट में ) बाईट-2-वीरेंद्र सिंह भाया ,पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ( पीले रंग की जैकिट में )
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KAKapil Agarwal
Jan 28, 2026 14:15:42
Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग यूजीसी को लेकर आम लोगों में भी भारी आक्रोश आगरा के शहीद स्मारक पर सर्व सर्वण समाज के लोगों ने जताया अपना आक्रोश हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे लोग शहीद स्मारक पर निकाला कैंडल मार्च तख्तियों पर लिखा, काला कानून वापस लो,हिंदुओं को हिंदुओं से मत लड़ाओ दहेज हत्या जैसे कानून की तरह इस कानून का गलत इस्तेमाल कर लोगों को बनाया जाएगा अपना शिकार/डॉक्टर शिक्षक संस्थानों में इस कानून से बढ़ेगा भेदभाव,इस कानून से चौपट हो जाएगा स्टूडेंट का भविष्य/छात्रा 40% कट ऑफ वाले दलित छात्र बनेंगे डॉक्टर,60% वाला नहीं बन पाएगा डॉक्टर/छात्रा सरकार से अनुरोध इस कानून को वापस लेकर छात्रों के भविष्य पर आए संकट को करें दूर/छात्रा बाइट डॉ मुनीश्वर /डॉक्टर बाइट कपिल वाजपेई/आप नेता बाइट आस्था बंसल/छात्रा कपिल अग्रवाल आगरा
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Jan 28, 2026 14:12:14
Deoria, Uttar Pradesh:-देवरिया जिले में यूजीसी कानून को लेकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला...जहां हजारों लोग काली पट्टी बांधकर सड़क पर उतर गए और बैनर पोस्टर के जरिए यूजीसी कानून का विरोध कर रहे हैं।इसके अलावा हजारों लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तो वहीं देवरिया सलेमपुर गोरखपुर सड़क मार्ग को जाम कर दिया।इस विरोध प्रदर्शन में जिले के कई संगठन शामिल हुए।सभी ने इसको काला कानून बताया है और सरकार से गुहार लगाई है कि काला कानून को वापस लिया जाए नहीं तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।इस दौरान यह देखा गया कि हजारों लोगों ने कई घंटे तक सड़क जाम किया लेकिन जाम को खुलवाने में जिला प्रशासन असफल रहा
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JGJugal Gandhi
Jan 28, 2026 14:07:12
Ramgarh, Alwar, Rajasthan:रामगढ़ में बंदरों का कहर: सैकड़ों लोग घायल, आक्रोशित नागरिकों ने नगरपालिका घेरी, 4 दिन में समाधान नहीं तो बाजार बंद का ऐलान रामगढ़ – अलवर रामगढ़ कस्बे में इन दिनों हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आमजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। कस्बे में खुंखार बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। गलियों, बाजारों और घरों की छतों पर बंदरों की टोलियां खुलेआम घूम रही हैं और राह चलते लोगों, महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों पर हमला कर रही हैं। अब तक कस्बे के सैकड़ों लोग बंदरों के हमलों का शिकार हो चुके हैं। दिनेश चौहान, शांति शर्मा और प्रभुदयाल मेघवाल पर हुए जानलेवा हमलों ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। दिनेश चौहान को गंभीर अवस्था में जयपुर ले जाकर कान की सर्जरी करानी पड़ी। इसके अलावा एक निजी विद्यालय के स्कूली बच्चे पर बंदरों की टोली द्वारा हमला किए जाने की घटना ने अभिभावकों का गुस्सा और बढ़ा दिया है। नगरपालिका की उदासीनता से नाराज होकर बुधवार को सैकड़ों कस्बेवासियों ने नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगरपालिका पर गंभीर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायतें और ज्ञापन देने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। समाजसेवी जयराम मीणा ने बताया कि इससे पहले जिला कलेक्टर को भी बंदरों की समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई समाधान नहीं निकला। प्रदर्शन के दौरान जब नगरपालिका कर्मचारियों ने दो दिन का समय मांगा तो आक्रोशित लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि चार दिन के भीतर बंदरों को पकड़ने वाली टीम नहीं बुलाई गई तो पूरा कस्बा बाजार बंद कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पूर्व सरपंच महेंद्र कृष्णन ने भी नगरपालिका पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि रामगढ़ में बंदरों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। रोजाना लोग घायल हो रहे हैं, लेकिन नगरपालिका मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने नगरपालिका में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए। प्रचार के दौरान तरुण शर्मा, राकेश सतीजा, जवाहर तनेजा, लोकेश कुकरेजा, तुलसी सैनी, अजीत जैन, अनिल जैन, सचिन मनचंदा, अविनाश यादव, मुकेश यादव, रिंकू सैनी, किशन सतीजा सहित बड़ी संख्या में कस्बेवासी मौजूद रहे। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं—चार दिन में समाधान होगा या रामगढ़ एक बड़े जन आंदोलन का गवाह बनेगा।
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