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Mohit Singh ChadarMohit Singh ChadarFollow10 May 2025, 02:06 pm

झांसी में पुलिस अधीक्षक को मिली फर्जी शिकायतों की चौंकाने वाली शिकायत

Jhansi Rly. Settl, Jhansi, Uttar Pradesh:

झांसी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देते हुए,प्रार्थी ने बताया कि प्रार्थीगण सामाजिक व सम्मानित परिवार से ताल्लुक रखते हैं एवं प्रार्थीगणों में सेना से रिटायर्ड एवं वर्तमान में राजस्व अधिकारियों के पद पर आसीन व्यक्तिगण हैं, किंतु कुछ असामाजिक भू- माफिया प्रवृत्ति के व्यक्ति प्रार्थीगणों की प्रतिष्ठा से ईर्ष्या एवं द्वेष रखते हैं और जिसके परिपेक्ष्य में समय समय पर प्रार्थीगणों के विरूद्ध दूसरों को उकसा कर फर्जी व मनगढन्त शिकायतें करवाते रहते हैं, जो जांचोपरान्त पूर्णतः असत्य पायी जाती है। अतः आपसे निवेदन है कि फर्जी व झूठे घटनाक्रम को दर्शाकर करायी गयी शिकायत की निष्पक्षतापूर्ण जांच कराई जाए एवं उनके विरूद्ध आवश्यक कानूनी कार्यवाही किये जाने व न्याय की गुहार लगाई।

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रतलाम टोल पर भाजपा नेता शुभम गुर्जर के दबाव-धमकी वाला ऑडियो वायरल

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम रतलाम में एक बार फिर भाजपा नेता शुभम गुर्जर का रतलाम बिलपांक टोल पर दबाव और धमकी का मामला सामने आया है। भाजपा नेता शुभम गुर्जर का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह रतलाम के टोल मैनेजर अरजीत दास गुप्ता को फोन पर धमकाते सुनाई दे रहे हैं। आरोप है कि शुभम गुर्जर अपने समर्थकों के वाहनों को बिना टोल शुल्क दिए निकलवाने का दबाव बना रहे थे। ऑडियो में भाजपा नेता द्वारा टोल मैनेजर को कई बार अपशब्द कहे गए और लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ने की धमकी भी दी गई। बातचीत के दौरान यह भी कहा गया कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो काम नहीं कर पाओगे और एसपी ऑफिस के चक्कर लगाते नजर आओगे। बताया जा रहा है कि शुभम गुर्जर का नाम पहले भी टोल पर विवाद और गुंडागर्दी जैसे मामलों में सामने आ चुका है। पूर्व में पिस्तौल दिखाकर धमकाने के आरोपों को लेकर भी उनका वीडियो चर्चा में रहा था। फिलहाल टोल मैनेजर अरजीत दास गुप्ता ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दे दी है। वही शुभम गुर्जर ने भी टोल कम्पनी के खिलाफ पूलिस को आवेदन दिया है अब देखना होगा कि पुलिस इस वायरल ऑडियो और शिकायत के आधार पर क्या कार्रवाई करती है।
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परिवहन विभाग में 13 महीनों में 27 निलंबन, केवल 13 बहाली

Jaipur, Rajasthan:जयपुर। परिवहन विभाग में निलंबित और एपीओ निरीक्षकों-डीटीओ को बगैर काम वेतन दिया जा रहा है। कार्मिक विभाग की गाइडलाइन के विपरीत निलंबन मामलों की 6 माह बाद भी समीक्षा नहीं की जा रही है। आपको बता दें कि बीते अप्रैल माह के दौरान ही 4 परिवहन निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। विभाग से जुड़ी विभिन्न अनियमितताओं, चैकिंग प्रक्रिया में ढिलाई या लापरवाही, दुर्घटना रोकने में कमियां बताकर स्टाफ को निलंबित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में 7 डिजिट घोटाले में लिप्तता मानकर ही कर्मचारी निलंबित कर दिए गए हैं। हालांकि रोचक बात यह है कि 7 डिजिट घोटाले की जांच ही सही तरीके से नहीं की गई है। परिवहन मुख्यालय के जिन अधिकारियों ने जांच की है, उन्हें खुद ही एमवी एक्ट के नियमों की जानकारी नहीं थी। इस वजह से गलतियां नहीं होते हुए भी कुछ कार्मिकों को दोषी मानते हुए कार्रवाई की जा रही है। रोचक बात यह है कि कर्मचारियों का निलंबन तो किया जा रहा है, लेकिन बहाली समय पर नहीं की जा रही है। कार्मिक विभाग की गाइडलाइन है कि निलंबन के 6 माह में निलंबित कार्मिकों की बहाली को लेकर रिव्यू किया जाना चाहिए। लेकिन परिवहन विभाग में समयबद्ध तरीके से निलंबन मामलों को रिव्यू नहीं किया जा रहा है। 13 माह में कितने कर्मचारी निलंबित, कितने बहाल? - अप्रैल 2025 से अप्रैल 2026 के बीच 27 कार्मिक हुए निलंबित - 16 परिवहन निरीक्षक और उप निरीक्षक निलंबित किए गए - 4 जिला परिवहन अधिकारी, 6 मंत्रालयिक कर्मचारी निलंबित - एक आरटीओ-एआरटीओ स्तर के अधिकारी निलंबित हुए -- 13 माह में 13 कर्मचारियों-अधिकारियों को ही बहाल किया गया - 6 परिवहन निरीक्षक-उप निरीक्षक बहाल किए गए - सभी 4 जिला परिवहन अधिकारी बहाल किए गए - इस अवधि में मात्र 2 मंत्रालयिक कर्मचारी बहाल हुए - एक आरटीओ-एआरटीओ स्तर के अधिकारी भी बहाल हुए क्या प्रशासनिक और राजनीतिक रस्साकशी है कारण ? आंकड़ों से साफ है कि 27 कार्मिकों के निलंबन के विपरीत बहाल मात्र 13 कार्मिकों को किया गया है। अभी भी 14 कार्मिकों की बहाली पर निर्णय होना बाकी है। रोचक बात यह है कि कई मामलों में 8 से 10 महीने और एक साल तक का समय हो चुका है। लेकिन इन्हें बहाल नहीं किया जा रहा है। जबकि 6 माह बीतने के बाद कर्मचारियों को 75 फीसदी वेतन दिया जाता है। प्रशासनिक शाखा द्वारा निलंबन मामलों का रिव्यू नहीं किए जाने से निलंबित कर्मचारियों को बिना किसी काम के ही तीन चौथाई तक वेतन दिया जा रहा है। बहाली मामलों में देरी के पीछे प्रशासनिक और राजनीतिक रस्साकशी को भी कारण माना जा रहा है। हालांकि पिछले 3 सप्ताह से परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा के बतौर आयुक्त कार्य करने पर रोक के चलते भी ये निर्णय प्रभावित हुए हैं। इस कारण बड़ी संख्या में प्रशासनिक मामलों में देरी हुई है। आबकारी विभाग में एक माह में बहाली खनन, परिवहन और आबकारी जैसे विभाग राज्य सरकार के लिए राजस्व लाने वाले विभाग हैं। ऐसे में कार्मिकों को राजस्व अर्जन से जुड़े कार्यों में लगाया जाना जरूरी है। आबकारी विभाग में आमतौर पर एक से डेढ़ माह की अवधि में ही निलंबित कार्मिकों को बहाल कर दिया जाता है। लेकिन परिवहन विभाग में एक-एक साल तक भी कार्मिकों को बहाल नहीं करने से प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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ग्रेटर नोएडा के दनकौर में PG कमरे में एसी धमाके से आग लग गई

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र के सेक्टर-17ए स्थित सुपरटेक अपकंट्री सोसायटी में बुधवार दोपहर एक पीजी के कमरे में एसी फटने से आग लग गई। हादसे के समय कमरे में मौजूद विदेशी छात्रों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि कमरे में रखा छात्रों का सामान जलकर खराब हो गया। जानकारी के अनुसार, सोसायटी के बी-1 टावर के फ्लैट 903 में पीजी संचालित किया जा रहा है। पीजी के एक कमरे में करीब पांच विदेशी छात्र रहकर पढ़ाई करते हैं। बुधवार दोपहर अचानक कमरे में लगे एसी में तेज धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट के बाद कमरे में आग फैल गई और धुआं भरने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके की आवाज सुनते ही छात्र घबराकर कमरे से बाहर भागे। आग तेजी से बढ़ती देख सोसायटी के लोगों में दहशत फैल गई
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बीजेपी पर बीरेंद्र सिंह का तीखा हमला: सरकार नहीं, काटने की मशीन

Jhanj Kalan, Haryana:बीजेपी पर बरसे बीरेंद्र सिंह, बोले- “ये सरकार नहीं, काटने की मशीन है” हरियाणा की राजनीति में वरिष्ठ कांग्रेस नेता बीरेंदर सिंह ने जींद में बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर जनता के साथ लापरवाही करने वाली सरकार को राज करने का कोई अधिकार नहीं है। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि “142 करोड़ देशवासियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। चाहे हरियाणा हो या पूरा देश, जनता अब जवाब मांग रही है।” उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह 10 साल तक पार्टी के साथ रहे हैं और अंदर से सब जानते हैं। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा— “कसाई रोज भेड़-बकरी और मुर्गे काटता है, लेकिन कभी उसे भी रहम आ जाता होगा… ये लोग तो काटने की मशीन हैं। एक बार शुरू हो जाएं तो रुकते नहीं।” बीरेंद्र सिंह ने आगे कहा कि “कई लोगों को पकड़कर मशीन में डाल दिया जाता है और बटन दबाते ही भगवा रंग में साफ होकर बाहर कमल का फूल लगाकर निकलते हैं।” उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कुछ नहीं मिला, इसलिए उन्हें नहीं पकड़ सके, लेकिन विरोधियों को डराने और दबाने का काम लगातार किया जा रहा है। हरियाणा की सियासत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह ने बीजेपी पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी को “काटने की मशीन” बताते हुए कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर जनता से लापरवाही करने वाली सरकार को सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। सुनिए क्या बोले बीरेंद्र सिंह…
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बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण में लापरवाही पर जिला कलक्टर का स्पष्ट निर्देश

Noida, Uttar Pradesh:बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: जिला कलक्टर बूंदी, 20 मई। जिला कलक्टर Harphool Singh Yadav ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में चिकित्सा अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण तय मापदंडों के अनुसार हो तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भीषण गर्मी को देखते हुए अस्पतालों में लू-तापघात की दवाइयों, ठंडे पानी, छाया और ठंडी हवा की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही टीबी मरीजों को नियमित दवा, टीकाकरण अभियान में तेजी और नवजातों को डिस्चार्ज से पहले जन्म प्रमाण पत्र जारी करने पर जोर दिया। बैठक में सीएमएचओ डॉ. ओपी सामर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद
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दंतेवाड़ा में डायल 112 और हाईवे पेट्रोलिंग सेवा का शुभारंभ

Dantewada, Chhattisgarh:दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में आम नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिले में डायल 112 आपातकालीन सेवा और हाईवे पेट्रोलिंग व्यवस्था का विधिवत शुभारंभ किया गया。 आज 20 मई को दंतेवाड़ा में डायल 112 सेवा की शुरुआत दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अट्टामी और जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी के करकमलों से हुई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक गौरव राय की मौजूदगी में डायल 112 वाहनों को हरियर झंडी दिखाकर रवाना किया गया。 प्रारंभिक तौर पर यह सेवा थाना दंतेवाड़ा, गीदम, बचेली और किरंदुल क्षेत्र में शुरू की गई है। डायल 112 के माध्यम से अब किसी भी आपात स्थिति में नागरिक एक कॉल पर पुलिस, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाओं की त्वरित सहायता प्राप्त कर सकेंगे。 कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि डायल 112 सेवा 24 घंटे संचालित रहेगी और आम जनता तक तेजी से मदद पहुंचाने में यह व्यवस्था बेहद कारगर साबित होगी। साथ ही हाईवे पेट्रोलिंग की शुरुआत से सड़कों पर सुरक्षा और निगरानी भी मजबूत होगी。
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परिवहन विभाग में निलंबन-बहाली का घोटाला: कई अधिकारी महीनों से इंतजार में

Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर हैडर- - मुफ्तखोरी में वेतन! - निलंबन पर जोर, बहाली से दूरी - परिवहन विभाग में बहाली से दोगुने निलंबन - अप्रैल में ही 4 निरीक्षक किए गए निलंबित - आबकारी में मात्र एक महीने में भी होती है बहाली - 7 डिजिट में घोटाला बताया, जांच पर सवाल एंकर परिवहन विभाग में निलंबित और एपीओ निरीक्षकों-डीटीओ को बगैर काम वेतन दिया जा रहा है। कार्मिक विभाग की गाइडलाइन के विपरीत निलंबन मामलों की 6 माह बाद भी समीक्षा नहीं की जा रही है। क्यों बहाल नहीं किए जा रहे हैं कार्मिक, आखिर क्यों मुफ्तखोरी में दिया जा रहा है वेतन, यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 परिवहन विभाग में अप्रैल माह के दौरान ही 4 परिवहन निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। विभाग से जुड़ी विविध अनियमितताओं, चैकिंग प्रक्रिया में ढिलाई या लापरवाही, दुर्घटना रोकने में कमियां बताकर स्टाफ को निलंबित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में 7 डिजिट घोटाले में लिप्तता मानकर ही कर्मचारी निलंबित कर दिए गए हैं। हालांकि रोचक बात यह है कि 7 डिजिट घोटाले की जांच ही सही तरीके से नहीं की गई है। परिवहन मुख्यालय के जिन अधिकारियों ने जांच की है, उन्हें खुद ही MV Act के नियमों की जानकारी नहीं थी। इस वजह से गलतियां नहीं होते हुए भी कुछ कार्मिकों को दोषी मानते हुए कार्रवाई की जा रही है। रोचक बात यह है कि कर्मचारियों का निलंबन तो किया जा रहा है, लेकिन बहाली समय पर नहीं की जा रही है। कार्मिक विभाग की गाइडलाइन है कि निलंबन के 6 माह में निलंबित कार्मिकों की बहाली को लेकर रिव्यू किया जाना चाहिए। लेकिन परिवहन विभाग में समयबद्ध तरीके से निलंबन मामलों को रिव्यू नहीं किया जा रहा है। Gfx Out वीओ- 2 आंकड़ों से साफ है कि 27 कार्मिकों के निलंबन के विपरीत बहाल मात्र 13 कार्मिकों को किया गया है। अभी भी 14 कार्मिकों की बहाली पर निर्णय होना बाकी है। रोचक बात यह है कि कई मामलों में 8 से 10 महीने और एक साल तक का समय हो चुका है। लेकिन इन्हें बहाल नहीं किया जा रहा है। जबकि 6 माह बीतने के बाद कर्मचारियों को 75 फीसदी वेतन दिया जाता है। प्रशासनिक शाखा द्वारा निलंबन मामलों का रिव्यू नहीं किए जाने से निलंबित कर्मचारियों को बिना किसी काम के ही तीन चौथाई तक वेतन दिया जा रहा है। खनन, परिवहन और आबकारी जैसे विभाग राज्य सरकार के लिए राजस्व लाने वाले विभाग हैं। ऐसे में कार्मिकों को राजस्व अर्जन से जुड़े कार्यों में लगाया जाना जरूरी है। आबकारी विभाग में आमतौर पर एक से डेढ़ माह की अवधि में ही निलंबित कार्मिकों को बहाल कर दिया जाता है। बहाली मामलों में देरी के पीछे प्रशासनिक और राजनीतिक रस्साकशी को भी कारण माना जा रहा है। हालांकि पिछले 3 सप्ताह से परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा के बतौर आयुक्त कार्य करने पर रोक के चलते भी ये निर्णय प्रभावित हुए हैं। इस कारण बड़ी संख्या में प्रशासनिक मामलों में देरी हुई है。 - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर
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हाईकोर्ट ने आजीवन 25% पेंशन रोक के आदेश पर रोक लगाकर अधिकारियों से जवाब मांगा

Jaipur, Rajasthan:हाईकोर्ट के शॉट और याचिकाकर्ता के वकील विजय पाठक की बाईट इंट्रो- राजस्थान हाईकोर्ट ने रिटायर प्रिंसिपल की आजीवन 25 फीसदी पेंशन रोकने के संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से 24 अक्टूबर, 2024 को जारी आदेश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में प्रमुख शिक्षा सचिव, माध्यमिक शिक्षा निदेशक और पेंशन निदेशक सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जस्टिस अनिल कुमार उपमन की एकलपीठ ने यह आदेश शिवचरण की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए。 बॉडी- याचिका में अधिवक्ता विजय पाठक ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता के मार्च, 2014 में सवाई माधोपुर में तैनात रहने के दौरान पोषाहार राशि को लेकर आरोप लगाए गए थे। ऐसे में उसके खिलाफ विभागीय जांच आरंभ की गई। इस दौरान 31 अगस्त, 2022 को वह रिटायर हो गया, लेकिन राजस्थान पेंशन नियम के अनुसार आगे की जांच की गई। याचिका में कहा गया कि 24 अक्टूबर, 2024 को माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने आदेश जारी कर आजीवन 25 फीसदी रोकने का दंड दे दिया। इसके चुनौती देते हुए कहा गया कि रिटायर कर्मचारी को दंडित करने या पेंशन रोकने का अधिकार पेंशन नियमों के तहत निदेशक को नहीं है और वे इसके लिए सक्षम अधिकारी नहीं है। ऐसे मामले में उपसचिव स्तर के अधिकारी गर्वनर के आदेश से पेंशन रोक सकते हैं। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने पेंशन रोकने के आदेश पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। जयपुर।
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निवाई टोंक में गौसेवकों का धरना: 30 दिन में कचरा निस्तारण, गौवंश संरक्षण आश्वासन

Tonk, Rajasthan:निवाई टोंक गौ-सेवकों का धरना प्रदर्शन, 30 दिन में समाधान का ईओ ने दिया आश्वासन निवाई शहर में कचरा खाने से गौवंश की लगातार हो रही मौतों को लेकर बुधवार को गौ-सेवकों एवं आमजन ने कंकाली माता मंदिर परिसर में एकत्र होकर नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका कार्यालय पर ताला लगाकर विरोध जताया और गौमाताओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कार्यवाही की मांग उठाई। गौ-सेवकों ने आरोप लगाया कि शहर का कचरा खुले में डाला जा रहा है, जिससे गायें प्लास्टिक एवं अन्य हानिकारक सामग्री खाकर बीमार हो रही हैं और उनकी अकाल मृत्यु हो रही है। साथ ही मृत गौवंश के अंतिम संस्कार की उचित व्यवस्था नहीं होने से भी लोगों में रोष व्याप्त था। इस संबंध में पूर्व में उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की गई थी। ज्ञापन पर कार्यवाही नहीं होने से नाराज लोगों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। धरना प्रदर्शन और नगर पालिका पर ताला लगाने की सूचना मिलने पर अधिशासी अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। वार्ता के दौरान अधिशासी अधिकारी ने गौ-सेवकों की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए 30 दिनों के भीतर कचरा निस्तारण, गौवंश संरक्षण एवं मृत गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की समुचित व्यवस्था करवाने व शनिवार को लगने वाले बाजार में फैली गंदगी को अगले दिन सफाई करवाने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में गौ-भक्त, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे बाइट 01 मनोहर लाल जाट अधिशासी अधिकारी बाइट 02 गौ सेवक राहुल जायसवाल
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Muzaffarpur के मूक-बधिर स्कूल में पिटाई पर आयोग की टीम ने कार्रवाई कर दी

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा स्थित बागेश्वरी मूक-बधिर विद्यालय में बच्चों की पिटाई के मामले की जाँच के लिए बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम पहुंची. टीम ने स्कूल का निरीक्षण कर कई गंभीर कमियां पाई हैं. बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की. टीम के सदस्य राकेश कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल में कई तरह की खामियां मिली हैं और संस्था निर्धारित अर्हताओं को पूरा नहीं करती. जाँच के दौरान सामने आई अनियमितताओं के बाद फिलहाल स्कूल से कई बच्चों को संस्थान की ओर से हटा दिया गया है. आयोग की टीम ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को किसी भी संस्थान में भेजने से पहले उस संस्था के बारे में पूरी जानकारी अवश्य लें. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में जिले के वरीय अधिकारियों से लगातार बात की जा रही है. उन्होंने कहा कि मुजफ्फुरपुर जिले में ऐसे कई मूक-बधिर विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जहां गंभीर कमियां मिली हैं. ऐसे संस्थानों और उनके संचालकों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है. इधर प्रशासनिक टीम भी स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है. आयोग ने संकेत दिया है कि संबंधित संचालकों को पटना कार्यालय में भी बुलाया जाएगा,जहां उनके द्वारा प्रस्तुत कागजातों की गहन जांच की जाएगी.
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