जबलपुर से श्रीधाम एक्सप्रेस से झांसी पहुंची मां अम्बे, टंडन रोड पर नौ दिन बरसेगी मां की कृपा
Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी पावन पर्व नवरात्रि तीन अक्टूबर से शुरू हो रहा है। जिले में आस्था के केंद्र प्रवीण मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं भक्तों की भीड़ जुटेगी। लोग अपनी अपनी आस्था के मुताबिक पूजा अर्चना करेंगे। ऐसी ही आस्था रखते हुए पिछले चालीस वर्षों से टंडन रोड पर स्थापित हो रही मां अम्बे की प्रतिमा जबलपुर से आने वाले मूर्तिकार द्वारा बनाई जाती है। बुंदेलखंड में मात्र एक ऐसी प्रतिमा जिसे जबलपुर वाली माता के नाम से जाना जाता है, वह प्रतिमा जनपद झांसी के सीपरी बाजार टंडन रोड पर ही स्थापित होती है।
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नवरात्र के दौरान सीने पर कलश रखते महिला की मौत, परिजनों में कोहराम
Bihar:सुपौल में सीने पर कलश रखकर मंदिर में नौ दिन तक महिला ने माता की आराधना की, व्रत पूरी होने के बाद घर लौटते ही महिला बीमार पड़ गई, अस्पताल पहुँचने से पहले तोड़ा दम, परिजनों में कोहराम. त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र वार्ड 4 का है, त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड चार निवासी वीरेंद्र यादव की 35 वर्षीय पत्नी सचिता देवी ने त्रिवेणीगंज बाजार स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में नवरात्र के दौरान नौ दिनों तक छाती पर कलश रखकर माता की आराधना की, देर रात व्रत पूर्ण होने के बाद सचिता देवी मंदिर परिसर से अपने घर लौट गई. बताया गया कि आधी रात को सचिता देवी की तबियत बिगड़ गई, सीने में दर्द की शिकायत के बाद उसके परिजन उसे अहले सुबह त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में मौके पर मौजूद चिकित्सक डॉ उमेश यादव ने सचिता देवी की मौत की संभावित वजह डिहाइड्रेशन और हृदय संबंधी समस्या की आशंका जाहिर की है. हालांकि सचिता देवी की मौत का वास्तविक कारण क्या है इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुआ है। नवरात्र का व्रत कर रही महिला की बीमार होने के बाद अचानक मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।वाराणसी: नवरात्रि पर नई सुबह संस्था का संकल्प - हर घर में दुर्गा सुरक्षित हो
Varanasi, Uttar Pradesh:शारदीय नवरात्रि पर नई सुबह एक उम्मीद सामाजिक संस्था का संकल्प - मंदिर में ही नहीं, हर घर में दुर्गा सुरक्षित हो वाराणसी।
शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर नई सुबह - एक उम्मीद सामाजिक संस्था द्वारा बेटियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान पूरे 9 दिन शहर के कई वार्डों में चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बेटियों और महिलाओं ने भाग लिया। संस्था की अध्यक्ष ममता जी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटियों को सिर्फ पूजना नहीं, बल्कि उन्हें शक्तिशाली बनाना है। ममता जी ने उपस्थित बेटियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में हर बेटी का आत्मनिर्भर और जागरूक होना बेहद जरूरी है। उन्हें अपनी आत्मरक्षा के तरीके आने चाहिए, गलत बात पर आवाज उठाने और ना कहने की हिम्मत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर बेटी को कानून और अपने अधिकारों की जानकारी, डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के तौर-तरीके, अपनी सेहत और मानसिक मजबूती का ध्यान रखना और गुड टच-बैड टच जैसे संवेदनशील विषय को समझना भी जरूरी है, ताकि वह किसी भी परिस्थिति में खुद की सुरक्षा कर सके। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
संस्था ने बताया कि नवरात्रि में हम देवी के शक्ति स्वरूप की पूजा करते हैं, इस अभियान के माध्यम से हम समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि हमारे घर की बेटी भी उसी दुर्गा का रूप है और उसकी सुरक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। यह मुहिम आगे भी लगातार जारी रहेगी।
