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Eshan KhanEshan KhanFollow1 Oct 2024, 10:09 am

जबलपुर से श्रीधाम एक्सप्रेस से झांसी पहुंची मां अम्बे, टंडन रोड पर नौ दिन बरसेगी मां की कृपा

Jhansi, Uttar Pradesh:

झांसी पावन पर्व नवरात्रि तीन अक्टूबर से शुरू हो रहा है। जिले में आस्था के केंद्र प्रवीण मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं भक्तों की भीड़ जुटेगी। लोग अपनी अपनी आस्था के मुताबिक पूजा अर्चना करेंगे। ऐसी ही आस्था रखते हुए पिछले चालीस वर्षों से टंडन रोड पर स्थापित हो रही मां अम्बे की प्रतिमा जबलपुर से आने वाले मूर्तिकार द्वारा बनाई जाती है। बुंदेलखंड में मात्र एक ऐसी प्रतिमा जिसे जबलपुर वाली माता के नाम से जाना जाता है, वह प्रतिमा जनपद झांसी के सीपरी बाजार टंडन रोड पर ही स्थापित होती है।

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गंगा का पानी शक्तिपीठ मां चंडिका के गर्भगृह तक पहुंचा, मंदिर में जलभराव

Munger, Bihar:शक्तिपीठ मां चंडिका के गर्भगृह में घुसा बाढ़ का पानी संध्या आरती के दौरान पहुंचा गंगा का पानी, प्रवेश द्वार तक जलभराव मुंगेर। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के साथ निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने लगा है। शुक्रवार की देर शाम करीब साढ़े आठ बजे प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चंडिका स्थान के गर्भगृह में भी गंगा का पानी प्रवेश कर गया। गर्भगृह के अलावा मंदिर के निचले हिस्से और प्रवेश द्वार तक पानी पहुंचने से मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ गई है। चंडिका स्थान मंदिर के पुजारी नंद बाबा ने बताया कि शुक्रवार की शाम मां की संध्या आरती चल रही थी। इसी दौरान गंगा का पानी गर्भगृह में प्रवेश कर गया। देखते ही देखते मंदिर के निचले हिस्से और मुख्य प्रवेश द्वार तक पानी पहुंच गया। उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर यदि इसी तरह बढ़ता रहा तो मंदिर प्रशासन को मां के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगानी पड़ सकती है। पुजारी नंद बाबा ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के दौरान प्रत्येक वर्ष चंडिका स्थान तक गंगा का पानी पहुंचता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान मां गंगा, मां सती से मिलने आती हैं। हालांकि, इस बार जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण मंदिर परिसर में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है।
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हावड़ा: गाजिपूर से गिरफ्तार तृणमूल के पूर्व पार्षद शैलेश राय, कई मुकदमे

Howrah, West Bengal:মঙ্গলাহাটে তোলাবাজির অভিযোগে গ্রেফতার তৃণমূলের הפרাক্তন পুরপিতা শৈলেশ রাই। गाजীपुर থেকে তাকে গ্রেফতার করে হাওড়া সিটি পুলিশের গোয়েন্দারা।রাজ্যের প্রাক্তন মন্ত্রী অরূপ রায়ের ঘনিষ্ঠ ছিলেন শৈলেশ। হাওড়া পুরনিগমের ২৯ নম্বর ওয়ার্ডের প্রাক্তন কাউন্সিলর এবং প্রাক্তন মন্ত্রী অরূপ রায়ের ঘনিষ্ঠ বলে পরিচিত শৈলেশ রাইকে गाजিপুর থেকে গ্রেফতার করেছে হাওড়া সিটি পুলিশের গোয়েন্দারা।পুলিশ সূত্রে জানা গিয়েছে, শৈলেশ রাইয়ের বিরুদ্ধে হাওড়ায় একাধিক ফৌজদারি মামলা রয়েছে। গোপন সূত্রে খবরের ভিত্তিতে হাওড়া সিটি পুলিশের গোয়েন্দা বিভাগের একটি দল গাজিপুরে অভিযান চালিয়ে শৈলেশ রাইয়ের সন্ধান পায়।এখানে তার দেশের বাড়ি।গ্রেফতারের পর তাঁদেরকে সেখানকার আদালতে পেশ করে ট্রানজিট রিমান্ডে হাওড়ায় নিয়ে আসার জন্য আবেদন করে তদন্তকারীরা। সেই আবেদনের অনুমতি পাবার পর ওই প্রাক্তন পুরপিতাকে আজ হাওড়ায় নিয়ে আসে গোয়েন্দারা।আজ তাকে হাওড়া আদালতে পেশ করা হবে।উল্লেখ্য এর আগেও গ্রেফতার হয়েছিলেন শৈলেশ রাই।একটি বহুতলের সিকিউরিটি গার্ড বিজয় মল্লিক খুনের ঘটনায় তিনি গ্রেফতার হয়েছিলেন কাউন্সিলর থাকাকালীন।বিচার চলাকালীন দীর্ঘদিন তিনি হাওড়া জেলা সংশোধনাগারে ছিলেন।পরে বেকসুর খালাস পান।
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रायगढ़ में शिवसेना के मंत्री पद की पुष्टि, विकास के पथ पर तेज़ी

Ratnagiri, Maharashtra:रत्नागिरी- गृहराज्यमंत्री योगेश कदम पृथ्वीराज चव्हाण वंदनीय बाळासाहेब ठाकरे नंतर उद्धवजींनी सूत्र हातात घेतली होती 2019 मध्ये कशा पद्धतीने आकडे होते म्हणून त्याची अंमलबजावणी झाली 2014 मध्ये आकडे कमी पडले म्हणून ती संधी मिळाली नाही पण त्या वेळेला आकडे जुळून आले असते तर त्यांनी तसं केलं असतं आमच्यावरती आरोप करायचे आणि स्वतः काँग्रेस सोबत जाऊन बसायचं युतीची मानसिकता त्यांची पहिल्यापासून नव्हती उद्धव ठाकरे यांचे मी मुख्यमंत्री कसा होईल यासाठीच प्रयत्न होते त्याच प्रयत्नातून 2019 मध्ये हा प्रयत्न झाला असेल रायगडच्या पालकमंत्री पदात कोणाचा पुढाकार होता यावरती मला भाष्य करायचं नाही रायगड मधल्या शिवसैनिकांना न्याय मिळाला आहे शिवसेनेची ताकद सर्वात जास्त रायगड मध्ये आहे शिवसेनेचे पालकमंत्री पद व्हावे अशी आमची इच्छा होती शिवसेनेची इच्छा पूर्ण झाली आहे पालकमंत्री राजकारण न करता आता विकास कामांवर भर दिला पाहिजे भरत शेठ हे तळागाळतील समस्यांची जाण असलेले व्यक्ती आहेत विकास कामांच्या बाबतीत त्यांच्याकडून कुठलीही दिरंगाई होणार नाही रायगड जिल्ह्याचा विकास हेच ध्येय ठेवून भरत शेठ काम करेगील वैभव नाईक खरी कारणही आम्हाला माहिती आहेत वैभव नाईक आमचे मित्र आहेत त्यांनी जी कारणे दिली ते ठराविक जणांना माहिती आहे त्यांनी खरं बोलावं, गद्दार हा शब्दप्रयोग त्यांनी करू नये तुम्ही जर प्रामाणिक असता तर जनतेने तुम्हाला निवडून दिलं असतं जो व्यक्ती प्रामाणिक होता ज्यांनी शिवसेना वाचवली त्याच्यावरती जनतेने विश्वास ठेवला ज्यांनी वंदनीय बाळासाहेबांच्या विचारांशी यांची गद्दारी केली त्यांना जनतेने घरी बसवले त्याच्या मधले तुम्ही एक आहात
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बुरहानपुर में PIB के मीडिया वार्तालाप से सरकार की योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंची

Burhanpur, Madhya Pradesh:बुरहानपुर में पीआईबी का मीडिया वार्तालाप कार्यक्रम संपन्न हुआ केंद्र सरकार द्वारा आमजन के कल्याण और विकास के लिए कृषि, स्वास्थ्य, स्वरोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ आमजन को सहजता और सरलता से मिले और योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, यही सरकार की प्राथमिकता है। मीडिया के माध्यम से इन योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। यह बात खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने बुरहानपुर में पत्र सूचना कार्यालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित एक दिवसीय मीडिया वार्तालाप कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही। सांसद पाटील ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान योजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को उपचार की सुविधा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि छोटी-बड़ी बीमारियों के उपचार को लेकर कमजोर एवं जरूरतमंद वर्ग को आर्थिक चिंता न हो, इसके लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने वीबी-जी राम जी योजना के संबंध में कहा कि समय के साथ योजना में आवश्यक सुधार किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ-साथ योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव भी सरकार तक पहुंचाएं।पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल के निदेशक मनीष गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में मीडिया वार्तालाप प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अब तक 30 से अधिक जिलों में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। आगामी समय में प्रदेश के विभिन्न अंचलों एवं जिलों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने पीआईबी की कार्यप्रणाली एवं केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में इसकी भूमिका के संबंध में भी जानकारी दी। बाइट 01 सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल बाइट 02 मनीष गौतम , निदेशक
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जोधपुर: हाईकोर्ट ने वार्ड परिसीमन मामले में जवाब तलब कर अगली सुनवाई 25 अगस्त तय

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। नगर निगम जोधपुर के 12 वार्डों की सीमाओं में किए गए कथित बदलाव को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने मामले में राज्य सरकार और संबंधित विभागों से ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार को निर्देश प्राप्त कर जवाब देने के लिए निर्देश दिए है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को तय की है। याचिका कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद ओंकार वर्मा और कुश गहलोत की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मनीष व्यास ने कोर्ट को बताया कि सितंबर 2025 में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्तियां और सुझाव लेकर वार्डों का परिसीमन अंतिम रूप से राजपत्र में प्रकाशित किया गया था। आरोप है कि करीब 11 माह बाद नगर निकाय चुनाव के नजदीक 12 वार्डों की सीमाओं में बिना नई आपत्तियां आमंत्रित किए और प्रभावित लोगों को सुनवाई का अवसर दिए बिना बदलाव किया गया। याचिका में 7 अगस्त 2026 की स्वायत्त शासन विभाग की अधिसूचना और वार्ड आरक्षण लॉटरी के बाद जारी परिणामी राजपत्र नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि आरक्षण लॉटरी के बाद परिसीमन में बदलाव निर्वाचन की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित करता है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार को सरकार से निर्देश लेकर जवाब पेश करने को कहा。
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हाईकोर्ट ने कबीर नगर योजना के कब्जे विवाद में कमेटी बनाने का निर्देश दिया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। कबीर नगर कमर्शियल स्कीम में प्लॉटों के कब्जे और कथित अतिक्रमण को लेकर चल रहे विवाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर नगर निगम को पूरी प्रक्रिया कानून के अनुसार पूरी करने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश अनूप कुमार ढंढ ने कहा कि सरकारी एजेंसी की लापरवाही के कारण आवंटियों को अपने अधिकारों के लिए लंबे समय तक मुकदमेबाजी के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। मामला तीन याचिकाओं से जुड़ा है। किरण और संतोष सिंह ने कबीर नगर योजना में क्रमश: प्लॉट नंबर 8 और 10 का पूरा भुगतान वर्ष 2011 में करने तथा पट्टा जारी होने के बावजूद कब्जा नहीं मिलने की शिकायत की। वहीं मोहम्मद असलम ने प्लॉट नंबर 7 को पूर्व आवंटी से खरीदने का दावा किया। कोर्ट के सामने आया कि 15 साल से अधिक समय बीतने के बावजूद दो आवंटियों को उनके प्लॉट का कब्जा नहीं मिल सका। नगर निगम की ओर से कराए गए सर्वे में उमराव खान को प्लॉट नंबर 7 और 8, जगमल सिंह को प्लॉट नंबर 9 तथा मोहम्मद असलम को प्लॉट नंबर 10 पर अनधिकृत कब्जे में बताया गया था। निगम ने जुलाई में अतिक्रमण हटाने के नोटिस भी जारी किए। संबंधित पक्षों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वे आवंटन या पुनर्वास के आधार पर जमीन पर काबिज हैं। हाईकोर्ट ने निगम की जांच और कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि संबंधित पक्षों के अभ्यावेदनों पर उचित तरीके से विचार नहीं किया गया। हालांकि कब्जे और स्वामित्व से जुड़े तथ्यात्मक विवाद का फैसला रिट याचिका में करना संभव नहीं है। कोर्ट ने निगम को चार सप्ताह में स्थानीय स्वशासन विभाग के उच्च अधिकारियों, जिला कलेक्टर और निगम आयुक्त को शामिल कर कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित पक्ष 15 दिन में कमेटी के समक्ष अपने दावे और आपत्तियां पेश कर सकेंगे। कमेटी सभी को सुनवाई का अवसर देकर कारणयुक्त आदेश पारित करेगी। यदि किसी व्यक्ति का वैध अधिकार साबित होता है तो जरूरत पड़ने पर डीएलसी दरों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। मूल प्लॉट देना संभव नहीं होने पर उसी योजना में समान आकार का वैकल्पिक प्लॉट देना होगा। साथ ही पेड़ हटाने पड़ने पर प्रत्येक पेड़ के बदले दस छायादार पौधे लगाने होंगे। आदेश की पालना तीन माह में करनी होगी।
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हाईकोर्ट: नाबालिग पासपोर्ट पर पिता की सहमति जरूरी नहीं, विदेश यात्रा संभव

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग बच्चे के पासपोर्ट से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में कहा कि माता-पिता के बीच वैवाहिक विवाद का असर बच्चे के भविष्य और शिक्षा के अधिकार पर नहीं पड़ना चाहिए। जस्टिस अनूप कुमार ढंढ की बेंच ने स्पष्ट किया कि बच्चे माता-पिता की संपत्ति नहीं, बल्कि कानून की नजर में स्वतंत्र व्यक्ति हैं और माता-पिता उनके संरक्षक हैं, मालिक नहीं। मामले में रिद्धम ने अपनी मां के माध्यम से विदेश में उच्च शिक्षा के लिए पासपोर्ट जारी करने का आवेदन किया था। पिता की सहमति नहीं होने के कारण पासपोर्ट जारी नहीं किया गया। इस पर एडवोकेट राहुल सोनी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। कोर्ट को बताया गया कि रिद्धम के माता-पिता का विवाह 2002 में हुआ था। वैवाहिक विवाद के बाद दोनों अलग रहने लगे। पारिवारिक न्यायालय, पाली ने 9 जून 2022 को पिता की वैवाहिक अधिकार बहाली संबंधी याचिका खारिज कर दी और मां की तलाक याचिका स्वीकार करते हुए विवाह विच्छेद कर दिया। इसके बाद पिता ने बच्चे की अभिरक्षा या मुलाकात के अधिकार के लिए कोई आवेदन नहीं किया। हाईकोर्ट ने माना कि रिद्धम अपनी मां की वैध अभिरक्षा में है और दसवीं कक्षा में उसका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। विदेश में उच्च शिक्षा उसके भविष्य और करियर के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में केवल पिता की सहमति नहीं होने के तकनीकी आधार पर पासपोर्ट रोकना उचित नहीं है। कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है। पासपोर्ट नियमों के तहत निर्धारित अनुलग्नक-सी में शपथपत्र प्रस्तुत किए जाने पर दूसरे अभिभावक की सहमति के अभाव में भी पासपोर्ट जारी किया जा सकता है। कोर्ट ने पासपोर्ट प्राधिकरण को बिना देरी रिद्धम का पासपोर्ट जारी करने के निर्देश दिए।
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