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Praveen BhargavPraveen BhargavFollow4 Feb 2025, 02:42 pm

झांसीः हांथो में गुलदस्ता लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे कर्मचारी

Jhansi, Uttar Pradesh:

राजकीय उद्यान नारायण बाग और विभिन्न इकाइयों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और दैनिक श्रमिकों ने विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित कर शोषण किए जाने के विरोध में आयोजित दो दिवसीय धरने के दूसरे दिन कर्मचारी हाथों में गुलदस्ता लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के साथ जिलाधिकारी से मिले और अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। कर्मचारियों ने शासनादेश के अनुसार 453 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिए जाने की मांग की। जिलाधिकारी ने समस्या का समाधान करते हुये प्रशांत सिंह अधीक्षक राजकीय उधान विभाग को दैनिक श्रमिकों को 453 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिये जाने के आदेश दिये जिसे सुनकर कर्मचारियों के चेहरे खिल गए।

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सीवान नगर परिषद ने 81 दैनिक पारिश्रमिक कर्मियों की सेवाएं समाप्त कीं, आउटसोर्सिंग से सफाई व्यवस्था चलेगी

Siwan, Bihar:सीवान नगर परिषद से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले सात दिनों से जारी सफाईकर्मियों की हड़ताल के बीच नगर परिषद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। दैनिक पारिश्रमिक पर कार्यरत 81 सफाईकर्मियों और कुलियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि इन पदों का विधिवत सृजन नहीं हुआ था और अब आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से सफाई व्यवस्था संचालित की जाएगी। वहीं, इस फैसले के बाद आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। गौरतलब है कि सीवान नगर परिषद में 30 जुलाई से सफाईकर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण पूरे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। शहर के कई प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और मोहल्लों में कचरे का अंबार लगा हुआ है। गंदगी और दुर्गंध से आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है, जबकि व्यवसाइयों में भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी बीच नगर परिषद प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए दैनिक पारिश्रमिक पर कार्यरत 81 सफाईकर्मियों और कुलियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। नगर कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिन कर्मियों को दैनिक पारिश्रमिक पर रखा गया था, उन पदों का विधिवत सृजन नहीं हुआ था। विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार इस तरह का नियोजन नियमसम्मत नहीं माना गया। साथ ही नगर परिषद में आउटसोर्सिंग एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसके बाद इन कर्मियों की आवश्यकता नहीं रह गई है। इसी आधार पर सभी 81 कर्मियों का नियोजन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। हालांकि प्रशासन ने यह भी कहा है कि जो सफाईकर्मी स्वस्थ हैं और काम करने के इच्छुक हैं, उन्हें आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से रोजगार का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए इच्छुक कर्मियों को संबंधित एजेंसी से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
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झारखंड में SIIR प्रक्रिया पर हंगामा, 43 लाख नाम कटे; आपत्ति 4 सितम्बर तक स्वीकार

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में एसआईआर प्रक्रिया जारी है। मतदाता सूची से 43 लाख से ज्यादा वोटर्स के डिलीट हुए हैं। जिनके नाम कटे हैं आपत्ति दर्ज करने के लिए 4 सितंबर का वक़्त दिया गया है। निर्वाचन आयोग के द्वारा राज्य की प्रारूप मतदाता सूची जारी कर दी गई है। यह सूची ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है, जिससे मतदाता आसानी से अपने नाम का सत्यापन कर सकते हैं। जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल नहीं है या किसी प्रकार की त्रुटि है, वे 4 सितंबर तक फॉर्म 6 सहित निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। ECINET ऐप और आधिकारिक वेबसाइट पर भी सूची उपलब्ध है। सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण 3 अक्टूबर तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित होगी। मामले को लेकर राजनीतिक आरोप और प्रत्यारोप वाली बयानबाजी भी शुरू हो गई है। एसआईआर को लेकर झामुमो प्रवक्ता ने कहा, एसआईआर में बहुत खामियां हैं, ग्राउंड जीरो पर दिखेगा, कहीं भी बीएलओ घरों में नहीं आए। बहुत बड़ी संख्या में नाम काटा गया है, इंटेंशन दिखता है उसमें बड़ी संख्या में आदिवासी और माइनॉरिटी होगें जिनका नाम काटा गया है। यही तो केंद्र का इंस्ट्रक्शन था। मानसून का समय है, बहुत लोग इम्युनरेशन भर कर जमा नहीं कर पाए इसको लेकर और समय देने की आवश्यकता थी। प्रावधान है अपील का, नाम जुड़वाने के लिए ट्रिब्यूनल में जा सकते हैं पर कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। समय सीमा तय करें कि इतने दिनों में आवेदन पर विचार होगा। बाइट ...मनोज पांडेय, प्रवक्ता, झामुमो। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, एसआईआर को लेकर विरोधी नैरेटिव सेट किया जा रहा है। अगर ये लोग चाहते हैं मेरे हुए लोगों, शिफ्ट किए हुए लोगों के वोट से चुनाव जीतेगें तो ये भूल जाते हैं अब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की देश में सरकार है। चुनाव आयोग निष्पक्ष है। जेन्युन वोटर एक भी नहीं छूटेंगे, करेगें। पर जितने इनके घुसपैठिए वोटर हैं, बंग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमान हैं एक भी नहीं بچेंगे। ये तो शुरुआत है, अभी आपत्तियों का समय है हमें भी बहुत सारी आपत्तियां मिली है कि बहुत से ऐसे मुसलमान का नाम आ गया है जिनका कोई इतिहास और वंशावली झारखंड का नहीं। हमें भी आपत्ति देने का समय है। बाइट ...प्रतुल शाहदेव, प्रदेश प्रवक्ता, बीजेपी बाइट ...आलोक दुबे, कांग्रेस प्रदेश महासचिव
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बोकारो में बाइक चपेट में अब्द मौत: परिवार ने मुआवजे की मांग कर किया हंगामा

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में बाइक के चपेट में आने से मजदूर की हुई मौत। बोकारो थर्मल नूरीनगर मुख्य सड़क की है घटना। बाइक चालक की भी स्थिति गंभीर। मुवाबजे को ले परिजनों ने किया हंगामा। बोकारो के बोकारो थर्मल नूरीनगर समीप मुख्य सड़क में तेज गति बाइक के चपेट में आ जाने से एक 55 वर्षीय डीवीसी सप्लाई मजदूर मो रियाज अंसारी की मौत हो गई। वहीं 20 वर्षीय बाइक चालक उदित कुमार महतो को भी गंभीर चोटें आई है। मृतक मजदور मो रियाज नूरीनगर का रहने वाला था। मृतक मो।रियाज बुधवार की रात्रि नूरीनगर महजिद में नमाज पढ़ कर पैदल अपना घर जा रहे थे। इसी बीच विपरीत दिशा से आ रही बाइक ने टक्कर मार दी जिससे वे सड़क में गिर कर घायल हो गए। जिन्हें डीवीसी के बोकारो थर्मल अस्पताल इलाज हेतु ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने देर रात्रि मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद परिजनों ने नौकरी व मुवाबजे को लेकर रात्रि में जम कर हंगामा किया। दूसरी तरफ घायल छात्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए डाक्टरों द्वारा बाहर रेफर कर दिया मगर मृतक के परिजनों द्वारा घायल छात्र के वाहन को घेरकर हो हंगामा करने लगे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा काफी मशक्कत के बाद घायल छात्र की गाड़ी को भीड़ से निकाला गया। वहीं मोके पर पहुंचे बेरमो डीएसपी रविंद्र कुमार सिंह ने परिजनों को समझा बुझा कर शांत करवाया। वही घायल युवक उदित कुमार पेक नारायणपुर थाना क्षेत्र के पलामू खैरागढ़ा का रहने वाला है। मृतक मजदुर का तीन पुत्र है। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।
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बनगढ़ ऐतिहासिक स्थल को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की मांग तेज

Dinajpur, Rangpur Division:গঙ্গারামপুর, দক্ষিণ দিনাজপুর: দক্ষিণ দিনাজপুর জেলার গঙ্গারামপুর পৌরসভা লাগোয়া ঐতিহাসিক বানগড়কে পূর্ণাঙ্গভাবে সংরক্ষণ, বৈজ্ঞানিক খনন এবং আন্তর্জাতিক মানের পর্যটন কেন্দ্র হিসেবে গড়ে তোলার দাবিতে সরব হয়েছেন শিক্ষক, ছাত্র, ইতিহাসপ্রেমী থেকে শুরুкер সাধারণ মানুষ। তাঁদের মতে, প্রায় আড়াই হাজার বছরের ইতিহাস বহনকারী এই প্রত্নস্থলকে যথাযথ গুরুত্ব দিলে দক্ষিণ দিনাজপুরের অর্থনীতি ও পর্যটনে নতুন দিগন্ত খুলে যেতে পারে। রাজ্যের রাজনৈতিক পালাবদলের পর জেলার উন্নয়ন নিয়ে নতুন করে আশার আলো দেখছেন দক্ষিণ দিনাজপুরের মানুষ। দীর্ঘদিন ধরে শিল্প ও পর্যটনের ক্ষেত্রে পিছিয়ে থাকা এই জেলায় বড় কোনো শিল্প গড়ে ওঠেনি। পর্যটনের পরিকাঠামোও সীমিত। ফলে বিশেষ প্রয়োজন ছাড়া বাইরের মানুষের আনাগোনা খুবই কম। এমন পরিস্থিতিতে বানগড়কে কেন্দ্র করে একটি আন্তর্জাতিক মানের পর্যটন কেন্দ্র গড়ে উঠতে পারে বলে মনে করছেন স্থানীয়রা। গঙ্গারামপুর পৌর এলাকার প্রায় ১,২৫০ একর বিস্তৃত এই প্রত্নস্থল বহু শতাব্দীর ইতিহাসের সাক্ষী।-historyবিদদের মতে, প্রাচীন কোটিবর্ষ (Kotivarsha) বা দেবীকোট (Devkot) নগরীর সঙ্গেই বর্তমান বানগড়ের পরিচয় জড়িয়ে রয়েছে। মৌর্য, গুপ্ত, পাল ও সেন যুগে এই অঞ্চল গুরুত্বপূর্ণ প্রশাসনিক ও বাণিজ্যিক কেন্দ্র ছিল। মধ্যযুগে মুসলিম শাসনামলেও দেবীকোটের ঐতিহাসিক গুরুত্ব ছিল যথেষ্ট। এখানকার মাটির নিচে এখনও বহু অমূল্য প্রত্নসম্পদ লুকিয়ে রয়েছে বলে গবেষকদের ধারণা। বানগড়ে এ পর্যন্ত তিন দফায় প্রত্নতাত্ত্বিক খনন হয়েছে। প্রথমবার ১৯৩৮ থেকে ১৯৪১ সালের মধ্যে প্রত্নতত্ত্ববিদ কুঞ্জ গোবিন্দ গোস্বামীর নেতৃত্বে খননকার্য পরিচালিত হয়। পরে ২০০৭ সালে স্বল্প সময়ের জন্য আবার খনন হয়। এরপর ২০০৯-২০১০ সালে প্রত্নতত্ত্ববিদ তপন জ্যোতি বৈদ্যর নেতৃত্বে আরও এক দফা খনন চালানো হয়। এই খননকার্যে প্রাচীন ইটের স্থাপত্য, মৃৎপাত্র, মুদ্রা, পোড়ামাটির শিল্পকর্মসহ বহু মূল্যবান প্রত্ননিদর্শন উদ্ধার হয়, যা প্রমাণ করে এই জনপদের ইতিহাস অন্তত আড়াই হাজার বছর পুরনো। তবে স্থানীয়দের অভিযোগ, তিন দফা খননের পরেও পুরো এলাকাজুড়ে বৈজ্ঞানিক অনুসন্ধান সম্পূর্ণ হয়নি। এখনও বিস্তীর্ণ এলাকা খননের অপেক্ষায় রয়েছে। পাশাপাশি সংরক্ষণ, গবেষণা, পর্যটন অবকাঠামো এবং প্রচারের ক্ষেত্রেও উল্লেখযোগ্য উদ্যোগের অভাব রয়েছে। ফলে এত গুরুত্বপূর্ণ ঐতিহাসিক স্থান আজও পর্যটন মানচিত্রে যথাযোগ্য স্থান পায়নি। স্থানীয় ইতিহাসবিদদের দাবি, বানগড়ের সম্পূর্ণ বৈজ্ঞানিক খনন হলে বাংলার প্রাচীন ইতিহাসের বহু অজানা অধ্যায় সামনে আসবে। একই সঙ্গে এখানে জাদুঘর, তথ্যকেন্দ্র, দর্শনার্থী পরিকাঠামো ও পর্যটন সুবিধা গড়ে তোলা হলে দেশ-বিদেশের পর্যটকদের আকর্ষণ করা সম্ভব হবে। এতে কর্মসংস্থান সৃষ্টি হবে এবং জেলার আর্থ-সামাজিক উন্নয়নেও ইতিবাচক প্রভাব পড়বে। এদিকে এলাকার বিধায়ক সত্যেন রায় জানিয়েছেন, তাঁর উদ্যোগে বানগড়ের ১,২৫০ একর জমি সংরক্ষণের জন্য কেন্দ্র সরকারের কাছ থেকে ৪০ কোটি ৭৭ লক্ষ টাকা বরাদ্দ হয়েছে। বর্তমানে ওই অর্থে সীমানা প্রাচীর নির্মাণের কাজ চলছে। তিনি জানান, ভবিষ্যতে বানগড়ে পূর্ণাঙ্গ প্রত্নতাত্ত্বিক খনন ও পর্যটন কেন্দ্র গড়ে তোলার দাবিতে তিনি আবারও কেন্দ্র সরকারের সঙ্গে আলোচনা করবেন।
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हिंगलगंज के रायपाड़ा से हरिमेला मोड़ तक 5 किमी सड़क बदहाल, लोगों ने उग्र प्रदर्शन

Basirhat, West Bengal:হিঙ্গলগঞ্জ ব্লকের সাহেবখালি গ্রাম পঞ্চায়েতের অন্তর্গত রায়পাড়া থেকে হরিমেলা মোড় পর্যন্ত দীর্ঘ ৫ কিলোমিটার রাস্তাটির বেহাল দশা ওই এলাকার সাধারণ মানুষ, স্কুলের পড়ুয়া এবং মুমূর্ষু রোগীদের জন্য এক চরম দুর্ভোগের কারণ। দশকের পর দশক ধরে ক্ষমতার বদল ঘটলেও অভিযোগ (বামফ্রন্ট থেকে বর্তমান তৃণমূল কংগ্রেস সরকার) গ্রামীণ এই গুরুত্বপূর্ণ রাস্তাটির কোনো স্থায়ী সংস্কার বা উন্নয়ন হয়নি, দীর্ঘদিন ধরে পিচ ও কংক্রিটের কোনো স্থায়ী সংস্কার বা নতুন নির্মাণকাজ না হওয়ায় রাস্তাটিতে বড় বড় গর্তের সৃষ্টি হয়েছে।সামান্য বৃষ্টিতেই রাস্তাটি কর্দমাক্ত ও চলাচলের অনুপযুক্ত হয়ে পড়ে।জরুরি পরিস্থিতিতে অ্যাম্বুলেন্স বা কোনো চার চাকা গাড়ি গ্রামে প্রবেশ করতে পারে না, ফলে রোগীদের হাসপাতালে নিয়ে যাওয়া অত্যন্ত কষ্টকর হয়।ছাত্রছাত্রীদের প্রতিদিনের যাতায়াতে মারাত্মক ব্যাঘাত ঘটে। বলে অভিযোগ তাই বিশেষ করে গ্রামের মহিলা নতুন সরকারের দৃষ্টি আকর্ষণ করথে এক জোট হয় রাস্তা সারাইয়ের দাবীতে হাতে প্লacular্ড নিয়ে রাস্তায় নেমে বিক্ষোভ দেখায়।
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झाड़ग्राम में बिजली गिरने से 19 वर्षीय चांद्राई मुर्मु की मौत

Jhargram, West Bengal:ঝাড়গ্রাম জেলার নয়াগ্রাম থানার বড়খাঁকড়ি অঞ্চলের বড়খাঁকড়ি গ্রামের ডুবরাসাঁই পাড়ায় এক মর্মান্তিক বজ্রাঘাতের ঘটনায় মৃত্যু হলো ১৯ বছরের তরুণ চাঁদরাই মুর্মু-র। এই হৃদয়বিদারক ঘটনায় শোকের ছায়া নেমে এসেছে গোটা এলাকায়। স্থানীয় সূত্রে জানা যায়, বজ্রপাতের সময় চাঁদরাই গুরুতর আহত হলে পরিবারের সদস্য ও স্থানীয় বাসিন্দারা দ্রুত তাঁকে উদ্ধার করে নয়াগ্রাম সুপার স্পেশালিটি হাসপাতালে নিয়ে যান। সেখানে কর্তব্যরত চিকিৎসক তাঁকে মৃত বলে ঘোষণা করেন। চাঁদরাই মুর্মুর জীবনের গল্প যেন একের পর এক দুঃখের অধ্যায়। প্রায় পাঁচ বছর আগে সমুদ্রে কাজ করতে গিয়ে তাঁর বাবার মৃত্যু হয়। এরপর গত বছর অসুস্থতাজনিত কারণে মারা যান তাঁর মা। বাবা-মাকে হারানোর পর চাঁদরাই ও তাঁর ১৪ বছরের ছোট ভাই জেঠু রতন मুর্মু-র বাড়িতে আশ্রয় নিয়ে বসবাস করছিল।
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सहरसा: कोडीनयुक्त कफ शिरफ़ तस्करी केस में आरोपी को 10 साल की कठोर जेल

Saharsa, Bihar:खबर सहरसा से है जहाँ नशे के कारोबारी के खिलाफ विशेष उत्पाद न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई है. दरअसल विशेष उत्पाद न्यायालय ने 20 लीटर प्रतिबंधित कोडिनयुक्त कफ शिरफ़ तस्करी मामले में आरोपी कौशिक आनंद को 10 साल की कठोर जेल और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. वहीं जुर्माना नहीं देने पर 18 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी. दरअसल यह मामला 2023 ई का है जब उत्पाद विभाग की टीम द्वारा सदर थाना क्षेत्र के गाँधीपथ हाथी टोला वार्ड नम्बर - 39 के समीप छापेमारी करते हुए अभियुक्त के झोले से कोडिनयुक्त कफ शिरफ़ बरामद किया गया. पूछताछ के बाद आरोपी के निशानदेही पर नजदीक के बांस बारी से कोडिनयुक्त कफ शिरफ़ का 180 बोतल बरामद किया गया. जिसकी कुल मात्रा 20 लीटर थी. जिसके बाद आरोपी को न्याययिक हिरासत में भेज दिया गया. जहाँ न्यायालय ने अभियुक्त को कठोर सजा सुनाई गई. अभियुक्त को इसके पूर्व भी कोडिनयुक्त कफ शिरफ़ रखने के आरोप न्यायालय द्वारा दोषी करार दिया जा चुका है और अभियुक्त सजा के पश्चात काराधीन है.
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छबड़ा नगर पालिका ने अधिक आवासीय पट्टे वितरित कर कोटा क्षेत्र में रिकॉर्ड कायम किया

Baran, Rajasthan:छबड़ा नगर पालिका संभाग में रही अव्वल दिए सबसे अधिक पट्टे बारां जिले के छबड़ा में मंगलवार नगर पालिका परिसर में शहरी सेवा फॉलो-अप शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पात्र लोगों को पट्टे वितरित किए गए, जिसे पाकर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे。 शिविर में कोटा के स्थानीय निकाय विभाग के क्षेत्रीय उपनिदेशक दिव्यांशु शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने लाभार्थियों को पट्टे सौंपते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य हर जरूरतमंद को उसका आवासीय अधिकार देना है। इस दौरान उन्होंने छबड़ा नगर पालिका के इओ सन्दीप गहलोत की जमकर सराहना की कोटा सम्भाग में सबसे ज्यादा पट्टे छबड़ा नगर पालिका ने दिए इस दौरान छबड़ा के उपखण्ड अधिकारी भी उपस्थित रहीं。 कुल 54 लोगों को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। पट्टा मिलने के बाद कई लाभार्थी भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि वर्षों से जिस हक का इंतजार था वह आज पूरा हुआ。 शिविर में पूर्व पार्षद रीतेश शर्मा, रोहित अरोड़ा, सुनील तेजस्वी, गोविंद तिवारी कमल यादव, विककी मित्तल,कांता प्रसाद,पूर्व वाइस चेयरमैन कपिल यादव सहित भाजपा नेता राहुल सिंधवी भी मौजूद रहे। सभी ने पट्टा वितरण प्रक्रिया की सराहना की और पात्र लोगों को जल्द से जल्द लाभ दिलाने की बात कही。 नगर पालिका प्रशासन के अनुसार शिविर में आवास, पेंशन और अन्य शहरी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण भी किया गया।
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