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Eshan KhanEshan KhanFollow11 Aug 2024, 02:00 am
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वाराणसी: दालमंडी चौड़ीकरण के लिए 7 भवनों पर बुलडोजर, दिसंबर में सड़क बनेगी

JPJai PalJust now
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी के दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन का बड़ा एक्शन,भवनों का ध्वस्तीकरण शुरू। चौड़ीकरण की जद में आने वाले 7 भवनों पर आखिरी चरण में आज चलाया जा रहा बुलडोजर। दालमंडी में चिह्नित किये गये 7 मकान ध्वस्तीकरण की जद में शामिल। काशी विश्वनाथ धाम के पास चौक थाने के बगल से महाराजा काशी नरेश के मकान पर चला बुलडोजर। चौड़ीकरण की जद में आए सभी भवनों के लिए कल ही करायी गयी थी मुनादी। दालमंडी क्षेत्र में मार्ग चौड़ा कर जाम की समस्या खत्म करने की के लिए बनाया जा रहा मॉडल सड़क। PWD के अधिकारी के मुताबिक अब तक 132 करोड़ दिया गया मुआवजा, 181 भवन व 6 मस्जिदों पर हुई कार्रवाई। अब आज अंतिम चरण में ध्वस्तीकरण के बाद दिसंबर में बनकर सड़क होगी तैयार।
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गुलदार से बचाने के लिए सेला गांव में कुत्तों पर कांटेदार बेल्ट का जुगाड़

Moradabad, Uttar Pradesh:स्लग --गुलदार के खौफ में बिजनौर के गांव का अनोखा जुगाड़, कुत्तों के गले में बांधी ‘कांटेदार बेल्ट’ रिपोर्ट --राजवीर चौधरी / बिजनौर एंकर --बिजनौर मे जंगल से निकलकर आबादी के आसपास पहुंच रहे गुलदारों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा खतरा उन पालतू जानवरों पर है, जो घरों के आसपास या गांव की गलियों में घूमते रहते हैं। इसी डर के बीच चांदपुर तहसील के शिवाला कलां क्षेत्र के गांव सेला में ग्रामीणों ने कुत्तों को गुलदार से बचाने के लिए एक ऐसा देसी इंतजाम किया है, जिसे देखकर हर कोई चौंक रहा है। वीओ --ग्रामीणों ने कुत्तों के गले में खास तरह की बेल्ट बांधनी शुरू की है। इस बेल्ट पर बाहर की तरफ लोहे की कई नुकीली कीलें लगी हैं। देखने में यह किसी तरह के छोटे सुरक्षा कवच जैसी लगती है। ग्रामीणों का मकसद साफ है—अगर गुलदार कुत्ते की गर्दन पकड़ने की कोशिश करे तो उसके लिए ऐसा करना आसान न रहे। दरअसल, ग्रामीणों के मुताबिक गुलदार जब कुत्ते को अपना शिकार बनाने की कोशिश करता है तो उसकी गर्दन को निशाना बनाता है। ऐसे में लोगों ने सोचा कि अगर गर्दन के आसपास ही ऐसा इंतजाम कर दिया जाए, जिसे पकड़ना मुश्किल हो, तो शायद कुत्ते को गुलदार के हमले से बचाया जा सके। इसी सोच से तैयार हुई यह नुकीली बेल्ट अब गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है। मजबूत पट्टे पर लोहे की कीलें इस तरह लगाई गई हैं कि वे बाहर की तरफ रहें। कुत्ते के गले में बेल्ट बांधने के बाद उसकी गर्दन के आसपास कीलें दिखाई देती हैं। सेला गांव के ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में गुलदार की आवाजाही के कारण पालतू जानवरों को लेकर लगातार डर बना रहता है। खासकर कुत्तों के लिए खतरा ज्यादा है। इसी वजह से ग्रामीणों ने अपनी तरफ से यह तरीका अपनाया है। गांव के लोगों का कहना है कि जब तक गुलदारों की आवाजाही पूरी तरह कम नहीं होती, तब तक पालतू जानवरों को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। हालांकि यह देसी उपाय ग्रामीणों की अपनी कोशिश है, गुलदार से बचाव के लिए वन विभाग की सलाह और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देना भी जरूरी है। फिलहाल, सेला गांव की यह ‘कांटेदार बेल्ट’ आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बन गई है। गुलदार के डर के बीच ग्रामीणों का यह देसी जुगाड़ भले ही अनोखा हो, लेकिन इसके पीछे अपने पालतू जानवरों को बचाने की चिंता साफ दिखाई देती है। बाइट --स्थानीय ग्रामीण बाइट --महेश गौतम रेंजर वन विभाग
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झुंझुनूं लॉयंस क्लब ने 60 वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं लॉयंस क्लब झुंझुनूं ने 60 वरिष्ठजनों का किया आत्मीय सम्मान 75 वर्ष से अधिक आयु के बुजूर्गों को शॉल, साफा व दुपट्टा ओढ़ाया सम्मान पाकर वरिष्ठजनों के चेहरों पर दिखी खुशी और अपनापन खेतान ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित हुआ वृद्धजन सम्मान समारोह वरिष्ठजनों ने साझा किए जीवन के अनुभव, मिला सम्मान का सुख कार्यक्रम में समाज की अनमोल धरोहर वरिष्ठ नागरिकों का हुआ अभिनंदन नहीं पहुंच सके बुजुर्गों के घर जाकर क्लब देगा सम्मान पत्र केशरदेव—श्रीमोहन तुलस्यान, सीए अर्जुनलाल केडिया, रामावतार हलवाई आदि का हुआ सम्मान उम्र भले ही 75 वर्ष से अधिक हो गई हो, लेकिन जब सम्मान के साथ कोई अपना बनकर सामने आए तो चेहरे पर मुस्कान और आंखों में खुशी अपने आप उतर आती है। कुछ ऐसा ही भावुक और आत्मीय माहौल देखने को मिला लॉयंस क्लब झुंझुनूं के वृद्धजन सम्मान समारोह में। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में सर्व समाज के 75 वर्ष से अधिक आयु के 60 वरिष्ठ एवं प्रबुद्ध नागरिकों का सम्मान किया गया। समारोह का आयोजन श्रीमती गिन्नी देवी राधावल्लभ जी खेतान चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से किया गया। समारोह में लॉयन श्यामसुंदर जालान, केशरदेव तुलस्यान, सीए अर्जुनलाल केडिया, रामावतार हलवाई, ताराचंद गुप्ता भोड़कीवाला, श्रीमोहन तुलस्यान सहित कुल 60 वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया गया। सम्मान पाकर बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। वर्षों के अनुभव और जीवन की लंबी यात्रा के साक्षी इन वरिष्ठजनों के लिए यह आयोजन सिर्फ सम्मान का कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनों के बीच बैठकर अपनापन महसूस करने का अवसर भी बना। लॉयंस क्लब झुंझुनूं के अध्यक्ष एमजेएफ लॉयन डॉ. डीएन तुलस्यान ने बताया कि जो वरिष्ठजन किसी कारणवश समारोह में उपस्थित नहीं हो सके। लॉयंस क्लब झुंझुनूं की टीम उनके घर पहुंचकर ससम्मान अभिनंदन पत्र भेंट करेगी। यानी सम्मान समारोह में नहीं पहुंच पाने वाले बुजुर्ग भी इस आत्मीय पहल से अछूते नहीं रहेंगे。 बाइट : डॉ. डीएन तुलस्यान, अध्यक्ष, लॉयंस क्लब, झुंझुनूं
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बारापुल्ला फेज-3 खुला, घंटों जाम से लोग परेशान—ट्रैफिक बना नया सिरदर्द

New Delhi, Delhi:जाम दिखते हुए वाक्थ्रू, लोगो की बाइट दिल्ली में बारापुल्ला एलिवेटेड कॉरिडोर के फेज-III के खुलने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि ट्रैफिक की समस्या कम होगी, और लोगों को पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद थी, लेकिन अब लोगो के एलिवेटेड कॉरिडोर के फेज-III पर लोगो घंटे जाम से झूझना पड़ रहा है। बोटलनेक जाम की वजह है बारापूला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन 29 सितंबर को हुआ था, 10 सालों की देरी से बना ये कॉरिडोर दिल्ली एनसीआर के ट्रैफिक सुधार में गेमचेंजर साबित होने का दावा किया गया था बारापूला फेज-3 पूर्वी दिल्ली और साउथ दिल्ली को सीधे जोड़ता है, ये नया 3.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर ईस्ट दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ता है, इससे मयूर विहार फेज-1 से एम्स और आईएनए तक की कुल लंबाई 9 किमी का बिना सिग्नल वाला है। लेकिन अब सभी दावे फेल साबित हो रहे है। लोगो को घंटो जाम से जूझना पड़ रहा है। गाड़ियो की रफ़्तार इस कॉरिडोर पर आकार रुक जा रही है। सबसे बड़ी समस्या बारापुल्ला फ्लाईओवर पर बना संरचनात्मक बोटलनेक है, जिस जगह कई दिशाओं से आने वाला ट्रैफिक एक संकरी सड़क पर आकर मिल रहा है। जिसके चलते लोगो को जाम से जूझना पड़ रहा है। मयूर विहार फेज-1 से एक तरफ़ का कॉरिडोर तीन लेन का है जोकी आगे जाकर बोटलनेक में तब्दील होता है।
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9-10 वर्ष की बच्चियों से छेड़छाड़: बुजुर्ग हिरासत में, वीडियो वायरल

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र में 9 और 10 साल की दो सहेलियों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। सावरी माता मंदिर में दर्शन करने गई मासूमों के साथ 60 वर्षीय बुजुर्ग ने अश्लील हरकतें कीं। घटना का पता चलते ही परिजन और स्थानीय महिलाओं ने आरोपी बुजुर्ग को मौके पर ही पकड़ कर चप्पल और डंडों से जमकर पीटा। आरोप है कि वहां मौजूद नंदकिशोर सोनी ने उन्हें प्रसाद के रूप में टॉफी दी और पास बिठा लिया। इसके बाद उसने मासूमों के साथ गलत हरकतें शुरू कर दीं। आरोपी ने एक बच्ची के फ्रॉक की चेन खोलने का प्रयास भी किया, जिससे घबराकर दोनों बच्चियां घर भाग गईं और परिजनों को पूरी बात बताई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण गड़िया मोहल्ला पहुंचे, जहां आरोपी छिपा हुआ था। बच्चियों ने पहचान की, जिसके बाद वहां मौजूद महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने आरोपी को चप्पलों और डंडों से पीटना शुरू कर दिया। पिटाई के दौरान आरोपी रोते हुए हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने आरोपी नंदकिशोर सोनी को हिरासत में ले लिया। महिला थाने में आरोपी के खिलाफ BNS, पॉक्सो एक्ट और SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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हरियाणा में नर्सिंग स्टाफ ने ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में हड़ताल की घोषणा

Kaithal, Haryana:ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नर्सिंग स्टाफ, 5 से 7 अक्टूबर तक दो घंटे की हड़ताल एंकर: हरियाणा स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग स्टाफ पर लागू की जा रही मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी का विरोध शुरू हो गया है। नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इस पॉलिसी से होने वाली परेशानियों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन दिया है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि इस पॉलिसी के कारण कई कर्मचारियों का तबादला उनके घर से काफी दूर हो सकता है। नर्सिंग स्टाफ में बड़ी संख्या में महिलाएं काम करती हैं, जिनके ऊपर बच्चों, बुजुर्ग माता-पिता और परिवार की जिम्मेदारी भी होती है। ऐसे में दूर तबादला होने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि वे अस्पतालों में सुबह, शाम और रात की शिफ्ट में काम करते हैं। कई कर्मचारी 24 घंटे स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध रहकर मरीजों की सेवा करते हैं। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान उन्हें आने-जाने और सुरक्षा से जुड़ी परेशानियां भी होती हैं। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि नर्सिंग स्टाफ की परिस्थितियों को देखते हुए मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को उन पर लागू न किया जाए। विरोध के तौर पर नर्सिंग स्टाफ ने 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी की। इसके बाद अब 5, 6 और 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे की हड़ताल करने का फैसला लिया गया है। नर्सिंग स्टाफ ने सरकार से उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। बाइट हड़ताली स्टाफ नर्स
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हिंदूराव अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ का धरना, भर्ती पूरी नहीं होने से विवाद

New Delhi, Delhi:उत्तर दिल्ली के हिंदूराव अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया है। अस्पताल में लगभग 980 बेड होने के बावजूद नर्सिंग पदों की भारी कमी है और मौजूदा स्टाफ केवल 64 नर्सों से काम चला रहा है, जिससे डबल ड्यूटी बढ़ रही है। अस्पताल की नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि लगभग 1700 नर्सिंग पद खाली पड़े हैं लेकिन नई भर्ती नहीं हो रही है। 2013 के बाद से भर्ती नहीं होने, पुराने कर्मचारियों के Transfers और कुछ के सेवानिवृत्ति के कारण भी दबाव बढ़ रहा है। नर्सों का कहना है कि ड्यूटी पूरी हो पाने के स्थान पर वेतन समय पर नहीं मिल रहा और छुट्टी लेना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि समस्या का समाधान कई बार प्रशासन से बातचीत में भी नहीं हुआ है और अब यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा और अनिश्चित कालीन हड़ताल हो सकती है। इस सबके बीच सवाल यह है कि 980 बेड वाले अस्पताल में मरीजों की देखभाल कैसे जारी रहेगी।
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फरीदाबाद अनंगपुर जंगलों में अवैध शराब बनाने की छापेमारी: 800 लीटर नकली शराब नष्ट

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद अनंगपुर के जंगलों में कथित तौर पर अवैध शराब बनाने का काम चल रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच बड़खल, सेक्टर-30 और आबकारी विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि क्राइम ब्रांच बड़खल को सूचना मिली थी कि जंगल में कुछ लोग यूरिया, गुड़ और पेड़ों की छाल सहित अन्य सामानों का इस्तेमाल कर नकली शराब तैयार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई और बताए गए स्थान पर पहुंच गई। टीम के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कार्रवाई के दौरान दो आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। टीम ने मौके से करीब 800 लीटर तैयार नकली शराब को नष्ट किया। इसके साथ ही शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान और अन्य सामग्री भी जब्त कर ली गई। काररवाई के बाद अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और बरामद सामान को कब्जे में लिया। फरार आरोपियों की पहचान और उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई से जंगल में चल रहे कथित अवैध शराब के कारोबार का खुलासा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी。
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