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GPGaurav PachauriFollow29 Apr 2025, 06:50 am

Raebareli - सिकंदरा राव में किया गया अक्षय तृतीया के लिए परशुराम शोभायात्रा का शुभारंभ

Bari, Uttar Pradesh:

आज अक्षय तृतीया भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर सिकंद्राराऊ में पंत चौराहा स्थित परशुराम वाटिका पर विप्र समाज के द्वारा भगवान परशुराम का जन्म उत्सव मनाया गया. इसके उपलक्ष्य में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, भगवान परशुराम का अभिषेक किया गया एवं माल्यार्पण कर प्रसाद वितरण किया. यज्ञ पूर्ण होने के पश्चात समाज के वयोवृद्ध जनों का माला पटका पहना कर सम्मान किया गया. कार्यक्रम में नगर के बुजुर्ग एवं युवा साथियों ने भाग लिया. कार्यक्रम में आचार्य अरविंद शर्मा द्वारा यज्ञ विधि विधान से सम्पन्न कराया गया. इस अवसर पर राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त श्री सुभाष शर्मा, चेतन शर्मा, अरविंद शर्मा मनोज पंडित आकाश दीक्षित,निखिलवर्ती पाठक, मयंक उपाध्याय, दीपांशु शर्मा, दुर्वेश पचौरी,कन्हैया पचौरी आदि मौजूद रहे। 

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सोहागपुर में पारिवारिक कलह से जिंदगियाँ खत्म, बेटे ने माता-पिता को मौत के घाट उतारा

Narmadapuram, Madhya Pradesh:जिले के सोहागपुर से रिश्तों को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है। जिस बेटे को बुजुर्ग माता-पिता का सहारा बनना था, वही उनका कातिल निकला। ग्राम रैनी पानी में घर के भीतर बुजुर्ग दंपत्ति के खून से सने शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर इस दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए मृतकों के बेटे को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में हत्या की वजह पारिवारिक कलह बताई जा रही है। मामूली घरेलू विवाद ने ऐसा खूनी मोड़ लिया कि एक ही घर में दो जिंदगियां खत्म हो गईं। घटना 5 नवंबर की रात करीब 11 बजे की है। सोहागपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रैनी पानी में राधे उईके और उनकी पत्नी तितो बाई उर्फ कृष्णा उईके अपने ही घर में मृत पाए गए। दोनों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। दोहरे हत्याकांड की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस के साथ एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई मृतक दंपत्ति के बेटे कमलेश उईके पर जाकर टिक गई। पुलिस पूछताछ में पारिवारिक विवाद की परतें खुलीं। बताया गया कि कमलेश की पत्नी की डिलीवरी कहां कराई जाए, इसी बात को लेकर कई दिनों से घर में तनाव चल रहा था। घटना की रात शराब के नशे में विवाद ने उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि गुस्से में आकर कमलेश ने चूल्हे में जल रही मोटी लकड़ी से माता-पिता पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी जान ले ली।
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नीतीश कुमार के बिहार विकास के दावे पर कुशवाहा गुट का नया बयान

Patna, Bihar:लोकेशन — पटना *राजद के पूर्व विधायक ने कहा भगवान सिंह कुशवाहा को ये सूचना कहां से प्राप्त हो गया कि नीतीश कुमार जी की अब यात्रा अंतिम है?* ये किसने बताया भगवान सिंह कुशवाहा जी को? ये लोग मना रहे हैं कि जल्दी से जाएं नीतीश कुमार? नीतीश जी का काम कैसे याद नहीं करेगा? नीतीश जी का काम कैसे लोग भूल सकता है? ना सृजन घोटाला भूल सकता है। ना शेल्टर होम भूल सकता है। 90 हजार का जो एसीडीसी (AC/DC) का मामला फंसा हुआ है महालेखाकार का, ये कैसे भूल जाएगा? बड़े पैमाने पर हेराफेरी हुआ, ये भी भूल जाएगा क्या? अब तो उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, जिस हालात में हैं, हम तो अदब करते हैं, उनका सम्मान करते हैं। लेकिन भूल कोई जाए... भारतीय जनता पार्टी को बेच दिया बिहार में, कैसे कोई भूल जाएगा? आरएसएस (RSS) को फलने-फूलने दिया, कैसे उसको भूल जाएगा लोग भाई उनको? समाजवादी विचारधारा को उन्होंने गिरवी रखी, कैसे लोग भूलेगा नीतीश जी को? *भगवान सिंह कुशवाहा को भी लोग नहीं भूल सकता है कुशवाहा भी नक्सल विचार से आए है।* कथन — शक्ति सिंह यादव, पूर्व विधायक भाजपा के विधायक ने कहा नीतीश कुमार जी का बिहार के विकास में अमूल्य योगदान है, इसको कोई नकार नहीं सकता है। नए बिहार की गाथा में नीतीश कुमार जी का योगदान हमेशा याद किया जाएगा। बाकी भगवान सिंह कुशवाहा जी का जो स्टेटमेंट है वो उनका अपना व्यक्तिगत उनका स्नेह, प्रेम और उनकी आस्था का मामला है। लेकिन नीतीश कुमार जी के बिहार के विकास में जो उनका योगदान है वो निश्चित तौर पर अविस्मरणीय है और लंबे समय तक बिहार के बदलाव की गाथा जब भी लिखी जाएगी तो नीतीश कुमार जी का नाम सुनहरे अक्षरों पर लिखा जाएगा। कथन — रत्नेश कुशवाहा, विधायक, भाजपा कांग्रेस ने कहा "नीतीश कुमार जी के आशीर्वाद से विधायक और मंत्री बने श्री भगवान सिंह कुशवाहा जी का जो विचार है, वह कहीं ना कहीं स्पष्ट करता है कि नीतीश कुमार जी अपने अगल-बगल सत्ता लोलुप और वाचाल लोगों से घिरे हुए हैं, जो उनके जीवन को भी कीमती नहीं समझते हैं और उनके मरने तक की आकांक्षा कर लेते हैं। तो यह कहीं ना कहीं स्पष्ट करता है कि अब भी ये मंत्री वाचाल बनकर ही राजनीति में अपने आपको प्रासंगिक बनाए हुए हैं, और स्पष्ट तौर पे कभी भी अपने काम के लिए नहीं जाने जाते हैं। ऐसी ही ओछी बयानबाजियों के लिए ये लोग जाने जाते हैं।" कथन — डॉ. स्नेहाशीष वर्धन, प्रवक्ता , कांग्रेस
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जावरा में एक्सप्रेस-वे पुलिया से गिरी कार: 54 लाख नकदी-ज्वेलरी चर्चा में

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम जिले के जावरा में एक सड़क दुर्घटना के बाद आये नए मोड़ ने अब जांच की अलग राह पकड़ी है , मामला जावरा नगर से गुजर रहे एटलेंन पर हुई सड़क दुर्घटना से जुड़ा है दरसल जावरा एटलन एक्सप्रेस-वे पर पुलिया से नीचे गिरी कार हादसे के बाद दुर्घटनाग्रस्त कार से मिली 54 लाख रुपये की नकदी और लाखों की ज्वेलरी का वीडियो सामने आया है। पुलिस ने पूरी नकदी और ज्वेलरी की वीडियोग्राफी कर उन्हें अपने कब्जे में तो ले लिया है। पुलिस का कहना है कि घायलों के बयान और जांच के बाद नकदी-ज्वेलरी लौटाने पर फैसला होगा। वही एडिशनल एसपी विवेक कुमार ने बताया कि नकदी ज्वेलरी को लेकर इनकम तक को सूचना कर दी गयी है अब इसकी जांच इनकम टैक्स विभाग करेगा लेकिन सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी रकम और ज्वेलरी लेकर जीएसटी अधिकारी अपने साथ लेकर सफर क्यो कर रहे थे आखिर परिवार के साथ इतनी नकदी लेकर जाने की ऐसी कोन सी वजह रही होगी , अब इस मामले में जकनच इस नकदी को लेकर होगी या नही यह भी सवालो के घेरे में है , सबसे बड़ा सवाल एक जीएसटी अधिकारी के साथ 54 लाख नकदी और लाखों अन्य ज्वेलरी मिलना कई सवाल खड़े क, रता है। जबकी जीएसटी विभाग बड़ी नकदी साथ मे होने के सारे नियम की जानकारी रखता अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच करती है या मामला सिर्फ सड़क हादसे तक सीमित रह जाता है।
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कराची हलवे की विरासत अब बाड़मेर में जीवित, चंपा खत्री से पारंपरिक स्वाद

Barmer, Rajasthan:कराची से बाड़मेर तक पहुंची मिठास... चंपा खत्री के हाथों में जिंदा है हलवे की विरासत राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर में एक ऐसी मिठाई की कहानी है, जिसका नाम सुनते ही पाकिस्तान के कराची शहर की याद आती है। जी हां, बात हो रही है मशहूर कराची हलवे की। बाड़मेर में चंपा खत्री इस पारंपरिक मिठाई के स्वाद को लोगों तक पहुंचा रही हैं। कराची से शुरू हुआ इस मिठाई का सफर कैसे हिंदुस्तान पहुंचा और क्या है इसकी खासियत, देखिए ये रिपोर्ट। ये है कराची का हलवा... अपनी चमकदार बनावट, पारदर्शी रंग और खास स्वाद के लिए मशहूर। आम हलवों से बिल्कुल अलग इसकी पहचान जेली जैसी बनावट है। कॉर्नफ्लोर, चीनी, घी और मेवों से तैयार होने वाली इस मिठाई को बॉम्बे हलवा भी कहा जाता है। इतिहास... कराची और सिंध की पारंपरिक मिठाई के रूप में पहचान बनाने वाला हलवा विभाजन के बाद भारत के अलग-अलग शहरों तक पहुंचा। पाकिस्तान से भारत आए हलवाइयों ने अपने हुनर और पारंपरिक रेसिपी के जरिए इस स्वाद को नई पहचान दी। मुंबई समेत देश के कई हिस्सों में यह मिठाई लोकप्रिय हुई। बाड़मेर में चंपा खत्री के हाथों से तैयार होने वाला कराची हलवा इसी पारंपरिक स्वाद की याद दिलाता है। इसे बनाना जितना आसान दिखाई देता है, उतना है नहीं। सही मात्रा में सामग्री मिलाना, लगातार चलाते रहना और धीमी आंच पर पकाने की प्रक्रिया इसकी असली पहचान है। पकने के बाद हलवे में आने वाली चमक और पारदर्शिता ही इसे दूसरी मिठाइयों से अलग बनाती है। थार की सरहद के करीब बसे बाड़मेर में कराची हलवे का नाम अपने आप में खास मायने रखता है। यह सिर्फ मिठाई नहीं, बल्कि इतिहास, खानपान और सांस्कृतिक जुड़ाव की ऐसी कहानी है, जो पीढ़ियों के साथ आगे बढ़ती रही है। मुल्कों के बीच सरहदें खिंच सकती हैं, लेकिन स्वाद की कोई सरहद नहीं होती। कराची से बाड़मेर तक पहुंचा हलवे का यह सफर इसी बात की गवाही देता है。
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जहानाबाद में मिलावटखोर मिठाइयों का बड़ा पर्दाफाश, लाइसेंस निलंबित

Jehanabad, Bihar:दीपावली और छठ पर्व के ठीक पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने जहानाबाद में चल रहे मिलावटी और नकली मिठाइयों के बड़े कारखाने का भंडाफोड़ किया है। पटना से पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की चार विशेष टीमों ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों एवं एडीएम की मौजूदगी में नगर थाना क्षेत्र के राजाबाजार और दौलतपुर,डीएम आवास समेत चार मिठाई कारखानों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान बेहद अस्वच्छ माहौल में तैयार की जा रही 5,000 किलो से अधिक सड़ी-गली मिठाइयां, कीड़े लगी डोडा बर्फी और अन्य संदिग्ध मिठाइयां जब्त किया गया। जांच टीम ने जब उत्तरी और दक्षिणी दौलतपुर स्थित प्रिंस स्वीट्स के कारखाने और भंडारण गृह में दबिश दी, तो वहां का अस्वच्छ मंजर देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। मौके से भारी मात्रा में ऐसे रैपर और पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई, जिस पर निर्माण स्थल कानपुर और गुजरात का मेहसाणा अंकित था। आशंका जताई जा रही है कि स्थानीय स्तर पर तैयार मिलावटी और घटिया मिठाइयों को दूसरे राज्यों की बड़ी कंपनियों के नाम पर बाजार में खपाने का संगठित खेल चल रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रिंस स्वीट्स का लाइसेंस उत्तरी दौलतपुर का था, जबकि उसका भंडारण दक्षिणी दौलतपुर में अनाधिकृत रूप से किया जा रहा था। दोनों परिसरों में भारी गंदगी के बीच मिठाइयां बनाई जा रही थीं। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कारखाने का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा रहा है और अग्रिम आदेश तक निर्माण कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन करने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी। विभाग ने जब्त करीब 5 क्विंटल से अधिक दूषित मिठाइयों को विधिक प्रक्रिया के तहत विनष्ट कराने की कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न मिठाइयों और खोया के नमूने सील कर जांच के लिए केंद्रीय प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार लैब से मिलावट की रिपोर्ट प्राप्त होते ही फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। गौरतलब हो कि पर्व के मौके पर मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह मामला एक बड़ी चेतावनी है। जिस मिठाई को लोग खुशी और विश्वास के साथ अपने परिवार को खिलाते हैं, वही मिलावट और दूषित होने पर गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि त्योहारों की मिठास में जहर घोलने वालों पर सख्त कार्रवाई कब तक होगी?
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