Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Hathras204216

Hathras: सासनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण, सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

Feb 13, 2025 09:50:56
Sasni, Uttar Pradesh

हाथरस जनपद के सासनी कस्बे में मुख्य चिकित्साधिकारी मनजीत सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिवार कल्याण, आयुष्मान भारत और आरोग्य मंत्री योजनाओं की सुविधाओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान परिसर में गंदगी मिलने पर उन्होंने तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए।

0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
SKShrawan Kumar Soni
Feb 27, 2026 04:32:32
Barwadih, Jharkhand:Visual of Counting Hall
0
comment0
Report
DBDEBASHISH BHARATI
Feb 27, 2026 04:31:58
0
comment0
Report
AAAkshay Anand
Feb 27, 2026 04:31:43
Noida, Uttar Pradesh:Physics of momentum and speed
0
comment0
Report
CDChittaranjan Das
Feb 27, 2026 04:31:00
Durgapur, West Bengal:পাকা বাড়ি থাকা সত্ত্বেও ভাঙা গোয়ালঘরের ভিডিও দেখাতে গিয়ে বিড়ম্বনায় বিজেপি নেতা জিতেন্দ্র তিওয়ারি বলে অভিযোগ, সেই ভিডিও ভাইরালের ছবি দেখে তৃণমূলের বিধায়কের বক্তব্য উনার বিরূদ্ধে এফ আই আর করা উচিৎ । পশ্চিম বর্ধমান জেলার বিজেপি নেতা জিতেন্দ্র তিওয়ারির বিরুদ্ধে মিথ্যা প্রচারের অভিযোগ, সামনে এসে বিস্ফোরক স্বীকারোক্তি মহিলা ও তার ছেলের। পাকা বাড়ি থাকা সত্ত্বেও ভাঙা গোয়ালঘরের ভিডিও দেখাতে গিয়ে বিড়ম্বনায় বিজেপি নেতা জিতেন্দ্র তেওয়ারি। অভিযোগ উঠেছে, বিজেপি নেতা জিতেন্দ্র তেওয়ারি সাধারণ মানুষের সহানুভূতি আদায়ের উদ্দেশ্যে এক মহিলার ভাঙাচোরা গোয়ালঘরের ভিডিও ভাইরাল করেছিলেন। পরবর্তীতে ওই মহিলা এবং তার ছেলে ক্যামেরার সামনে বলে, ভিডিওতে যে হলুদ রঙের পাকা ঘরটি দেখা যাচ্ছে, সেটি তাঁরই বসতবাড়ি। তিনি স্পষ্টভাবে স্বীকার করেন, এর আগে তাঁর ভাঙা গোয়ালঘরকে একমাত্র বাসস্থান হিসেবে তুলে ধরে অপপ্রচার চালানো হয়েছিল। মহিলার দাবি, এক বিরোধী রাজনৈতিক দলের ব্যক্তি তাঁকে ১,০০০ টাকা দেওয়ার প্রলোভন দেখিয়েছিলেন। সেই প্রলোভনের কারণেই তিনি প্রথমে মিথ্যা বক্তব্য দেন যে, তাঁর থাকার মত কোনো পাকা ঘর নেই। পরে বিষয়টি নিয়ে অনুতপ্ত হয়ে তিনি পুরো ঘটনার सचতা প্রকাশ করেন। এছাড়াও তিনি জানান, তিনি পশ্চিমবঙ্গ সরকারের একাধিক জনকল্যাণমূলক প্রকল্পের সুবিধাভোগী। এর মধ্যে রয়েছে লক্ষ্মীর ভাণ্ডার, স্বাস্থ্যসাথী কার্ড এবং তাঁর মেয়ের জন্য কন্যাশ্রী ও রূপশ্রী প্রকল্পের সুবিধা। শেষে ওই মহিলা আরো বলেন , আগামী নির্বাচনে তিনি মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়-এর সরকারকেই সমর্থন করবেন। এই ঘটনাকে ঘিরে রাজনৈতিক মহলে শুরু হয়েছে তীব্র সমালোচনা। পাণ্ডবেশ্বরের তৃণমূলের বিধায়ক তথা পশ্চিম বর্ধমান জেলার তৃণমূলের জেলা সভাপতি নরেন্দ্রনাথ চক্রবর্তী বলেন. এটা নোংরা রাজনীতি। জিতেন্দ্র তিওয়ারির বিরুদ্ধে মিথ্যা প্রচারের অভিযোগে এফ আই আর করা উচিৎ । শাসক ও বিরোধী—দুই পক্ষের মধ্যেই চলছে বাকযুদ্ধ।
0
comment0
Report
AGAbhishek Gour
Feb 27, 2026 04:30:20
Narmadapuram, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के एक छोटे से गांव सुपरली से निकली है एक बड़ी और प्रेरणादायक सोच। जहां एक किसान ने होली के रंगों में पर्यावरण का संदेश घोल दिया है। 25 सालों से “जैविक होली” का अलख जगा रहे किसान योगेंद्र पाल सोलंकी ने इस बार ऐसा संदेश दिया है, जो हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रहा है। उन्होंने अनाजों से देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री Bhupendra Yadav की तस्वीरें तैयार की हैं। लेकिन ये सिर्फ तस्वीरें नहीं हैं… ये एक संदेश है… एक चेतावनी है… और एक संकल्प है। सबसे खास बात ये है कि ये तस्वीरें किसी फ्रेम में नहीं, बल्कि अनाज से बने एक विशाल वृक्ष के आकार में तैयार की गई हैं। संदेश बिल्कुल साफ है। “वृक्षों से अन्न है और अन्न से जीवन।” यानी अगर पेड़ रहेंगे तो खेत लहलहाएंगे… खेत लहलहाएंगे तो अन्न होगा… और अन्न होगा तो जीवन बचेगा। योगेंद्र पाल सोलंकी का कहना है कि देशभर में हर साल होलिका दहन के नाम पर लाखों पेड़ काट दिए जाते हैं। एक पेड़ को बड़ा होने में सालों लग जाते हैं, लेकिन उसे जलने में कुछ ही घंटे लगते हैं। यही दर्द उन्हें 25 साल पहले इस मुहिम से जोड़ गया। और तब से हर होली पर वो पर्यावरण बचाने का संदेश देते आ रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने अनाज से तस्वीर बनाकर समाज को आईना दिखाया हो। इससे पहले भी वे कई सामाजिक और धार्मिक हस्तियों की आकृतियां बनाकर जागरूकता फैला चुके हैं। लेकिन इस बार उनका पूरा फोकस सिर्फ और सिर्फ पर्यावरण संरक्षण पर है। सुपरली का यह किसान अब सिर्फ अपने गांव तक सीमित नहीं रहना चाहता। उसकी अपील है। “होली मनाइए… खुशियां मनाइए… लेकिन पेड़ मत जलाइए। प्रतीकात्मक और जैविक होलिका दहन कीजिए… ताकि त्योहार भी सुरक्षित रहे और प्रकृति भी। एक छोटे से गांव से उठी ये बड़ी सोच अब मिसाल बनती जा रही है… सवाल ये है… क्या हम इस होली एक पेड़ बचाने का संकल्प लेंगे? बाइट – योगेंद्र पाल सोलंकी ( किसान, सुपरली)
0
comment0
Report
Advertisement
Back to top