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Hathras: मकर संक्रांति पर खिचड़ी व हलवे का वितरण, गुरु गोबिंद सिंह जयंती का भी स्वागत
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस में मकर संक्रांति के अवसर पर जेसीआई हाथरस संस्था द्वारा बेनीगंज स्थित अध्यक्ष मनीष मित्तल के प्रतिष्ठान पर खिचड़ी, पूरी-सब्जी और हलवे का वितरण किया गया। इस मौके पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती का स्वागत चक्की बाजार स्थित कोषाध्यक्ष विकास गर्ग के प्रतिष्ठान पर किया गया। कार्यक्रम में शहर के प्रमुख समाजसेवियों जैसे तजवंत कालरा, उमाशंकर जैन, श्याम सुंदर शर्मा (बंटी भैया), डॉ. अमित साहनी और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों को पटका पहनाकर सम्मानित किया गया।
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गुप्त ATS-राजस्थान पुलिस ने क्रूड ऑयल चोर गैंग के 8 आरोपियों को गिरफ्तार
Balotra, Rajasthan:गुजरात ATS और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, टاپरा गांव के पास ढाबे से 7 आरोपी पकड़े बालोतरा। जिले की पचपदरा तहसील से गुजर रही एचपीसीएल रिफाइनरी की क्रूड ऑयल पाइपलाइन में सेंधमारी कर तेल चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का गुजरात एटीएस और राजस्थान पुलिस ने पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में गिरोह से जुड़े कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 7 आरोपियों को बालोतरा के टापरा गांव के पास स्थित एक ढाबे से पकड़ा गया, जबकि एक आरोपी को गुजरात के कुवाडवा के पास से हिरासत में लिया गया। कालूड़ी में पाइपलाइन में लगाया अवैध वाल्व एटीएस के अनुसार आरोपियों ने पचपदरा तहसील के कालूड़ी गांव के पास बंजर जमीन में करीब चार फीट गहरा गड्ढा खोदकर एचपीसीएल की क्रूड ऑयल पाइपलाइन को पंचर किया और उसमें अवैध वाल्व लगा दिया। इसके जरिए पाइपलाइन से क्रूड ऑयल निकालकर टैंकरों में भरकर बेचने की योजना बनाई गई थी। मामले का खुलासा तब हुआ जब गुजरात एटीएस को गिरोह द्वारा चोरी किए गए क्रूड ऑयल को अहमदाबाद-राजकोट हाईवे पर बेचने की सूचना मिली। कार्रवाई के दौरान कुवाडवा के पास सोखड़ा गांव जाने वाले रास्ते से जयसिंह चुडास्मा को हिरासत में लिया गया। उसके कब्जे से क्रूड ऑयल बरामद हुआ। पूछताछ में उसने यह क्रूड ऑयल बालोतरा जिले के कालूड़ी गांव से लाने की बात बताई। इसके बाद गुजरात एटीएस ने राजस्थान पुलिस की मदद से टापरा गांव के पास एक ढाबे पर दबिश देकर गिरोह से जुड़े अन्य सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। एक सप्ताह में दो टैंकर क्रूड ऑयल चोरी करने का खुलासा पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने करीब एक सप्ताह के दौरान 10-10 टन क्षमता वाले दो टैंकर क्रूड ऑयल चोरी कर राजस्थान के ब्यावर निवासी गोविंद सिंह चौहान को बेचना की बात कबूली है। मामले में आरोपियों के खिलाफ जसोल थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। छह महीने से कर रहे थे पाइपलाइन की रेकी जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य करीब छह महीने से एचपीसीएल की पाइपलाइन की रेकी कर रहे थे। मुख्य आरोपी घनश्याम सोनी पाइपलाइन की लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए जालोर जिले के जसवंतपुरा निवासी और वर्तमान में अहमदाबाद में रह रहे मुकेश मेघवाल के संपर्क में था। बताया जा रहा है कि रेकी के बाद गिरोह के कुछ सदस्य करीब एक महीने से टापरा गांव के पास स्थित ढाबे पर ठहरे हुए थे। यहीं से पाइपलाइन में सेंधमारी और क्रूड ऑयल चोरी की साजिश को अंजाम दिया गया। ये 8 आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में गुजरात के महे́sाणा जिले के नागलपुर निवासी घनश्याम सोनी, चालासण निवासी रमेश ठाकोर और महेश ठाकोर, जोटाणा निवासी सुरेजी ठाकोर, राजकोट जिले के धोराजी निवासी जयसिंह चुडास्मा, राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा के मूल निवासी एवं वर्तमान में अहमदाबाद निवासी मुकेश कुमार मेघवाल, गांधीनगर जिले के कलोल निवासी रणजीत चोरसिया तथा उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के आसपुर निवासी दिलीप यादव शामिल हैं। पाइपलाइन में वाल्व मिलने के बाद दर्ज हुआ मामला घटना 9 अगस्त की बताई जा रही है, जबकि इसका पता 10 अगस्त की रात चला। सूचना के बाद एचपीसीएल अधिकारियों ने राजस्थान पुलिस को जानकारी दी। जांच के दौरान कालूड़ी के पास क्रूड ऑयल पाइपलाइन में अवैध रूप से लगाया गया वाल्व बरामद हुआ。 रिफाइनरी के सिक्योरिटी सुपरवाइजर श्रवण कुमार जाट की शिकायत पर जसोल थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस और एटीएस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, चोरी किए गए क्रूड ऑयल की बिक्री और पाइपलाइन में सेंधमारी के लिए इस्तेमाल किए गए संसाधनों को लेकर आगे पूछताछ कर रही है。0
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योगी से यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह की मुलाकात, शिक्षा सुधारों पर चर्चा
Noida, Uttar Pradesh:प्रयागराज माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सीएम योगी से की मुलाकात, लखनऊ में सीएम योगी से माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह की हुई मुलाकात, बोर्ड में शिक्षा संबंधी सुधार के विभिन्न बिंदुओं पर सीएम योगी से की चर्चा, सीएम योगी ने बोर्ड की तरफ से शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा भी की, सीएम योगी से बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की मुलाकात की तस्वीरें भी आई सामने।0
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येवला शहर क्षेत्र में चोरों ने मोटरसाइकिल चोरी की घटना CCTV में कैद
Yeola, Maharashtra:येवला शहर परिसरात चोरट्यांनी धुमाकूळ घातला असून मोटरसायकल चोरीची घटना सीसीटीव्ही मध्ये कैद झाली आहे शहरातील माऊली लॉन्स पाठीमागील निर्मल आपारमेंट मध्ये मध्यरात्री दोन वाजेच्या sुमारास आलेल्या चोरट्यांनी दुचाकी चोरून नेली यावेळी मात्र चोरटे ज्या दुचाकी वर आले होते ती दुचाकी सोडून चोरलेली दुचाकी घेऊन पसार झाले या घटनेमुळे रहिवासी भागात घबराटीचे वातावरण असून पोलिसांनी गस्त वाढवून चोरट्यांचा बंदोबस्त करावा अशी मागणी होत आहे0
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केशव मौर्या की संसद भवन में गृह मंत्री से मुलाकात, राजनीति तेज
Noida, Uttar Pradesh:केशव मौर्या पहुंचे संसद भवन गृह मंत्री से करेंगे मुलाकात0
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हस्पताल कैपिंग पर सांसदों का फुल-फ्लैग विरोध, झारखंड छात्र लाठीचार्ज मुद्दा
Noida, Uttar Pradesh:POLITICAL REAX ON HOSPITAL CAPPING AND PARLIAMENT PROTEST SHOTS SHOTS - मकर द्वार पर बीजेपी और विपक्ष का एक साथ प्रदर्शन। सुरक्षा कर्मी दीवार की तरह खड़े हुए झारखंड में छात्रों पर हुए लाठी चार्ज के खिलाफ NDA सांसदों का प्रदर्शन। हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग, CBI जांच की मांग की। Congress MP Prabha Mallikarjun on Hospital capping BJP MP Dinesh Sharma on hospital capping कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों के सांसद ने संसद की समिति की रिपोर्ट का समर्थन किया है और कहा है प्राइवेट अस्पताल में कैपिंग जरूरी है उनकी मनमानी रोकने के लिए0
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कानपुर में SBI लॉकर 23 से 50 लाख के जेवर गायब, जांच शुरू
Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर\n\nSBI bank के लॉकर से जेवरात चोरी\n\nदो दिनों से लॉकर नंबर 23 का रहस्य नहीं सुलझा पा रही पुलिस, 50 लाख के जेवर हुए थे गायब\n- डीसीपी सेंट्रल बोले थाना स्वरुप नगर में दर्ज किया गया मुकदमा, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे\n- कौशलपुरी की रहने वाली रश्मि अरोड़ा ने साल 2003 में खोला था खाता, बैंककर्मियों पर घूम रही शक की सुई\n\nकानपुर: शहर के थाना स्वरुप नगर क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सालों पहले संचालित रहे, स्टेट बैंक आफ त्रावणकोर के लॉकर नंबर 23 से 50 लाख रुपये के जेवरात गायब हो गए हैं। इस मामले को लेकर आरोप लगाते हुए कौशलपुरी निवासी रश्मि अरोड़ा ने पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई थी, जिसके बाद थाना स्वरुप नगर में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। हालांकि, इस मामले पर पीड़िता की ओर से दो दिनों पहले पुलिस को जानकारी देने के बावजूद अभी तक पुलिस के साथ खाली हैं। कमिश्नरेट पुलिस के आला अफसरों की ओर से जो टीमें गठित हैं, वह लॉकर नंबर 23 का रहस्य नहीं सुलझा पा रही हैं। वहीं, पूरे मामले को लेकर डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने सोमवार को कहा, कि मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जिन बैंक कर्मियों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा, साल 2020 में लॉकर धारक द्वारा दो बार लॉकर को देखा गया था, इसकी एंट्री बैंक के रजिस्टर में मिली है।\n\n27 जुलाई को बेटी के साथ पीड़िता ने की थी लॉकर की जानकारी: इस मामले को लेकर स्वरुप नगर थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह नेे बताया, 27 जुलाई को बेटी के साथ आकर पीड़िता ने जब लॉکر की जानकारी की थी, तो बैंक मैनेजर द्वारा उन्हें बताया गया था, कि स्टेट बैंक आफ त्रावणकोर की शाखा को स्टेट बैंक आफ इंडिया में विलय कर दिया गया। इस वजह से उन्हें लॉकर नंबर 23 की जानकारी तब तक नहीं थी। लेकिन, जब पीड़िता द्वारा लॉकर की फीस जमा की गई और 1000 रुपये देकर अपने खाते की केवाईसी कराई गई तो उन्होंने जाकर लॉकर देखा। जिसमें जेवरात गायब थे। इसकी सूचना भी पीड़िता ने पुलिस को दी थी। हालांकि, मौके पर जब उन्हें कोई मदद नहीं मिली तो पीड़िता द्वारा पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर उन्हें मामले की जानकारी दी गई थी।\n\nबाइट-अतुल श्रीवास्तव-DCP सेंट्रल0
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दिल्ली-नेपाल बॉर्डर पर हाईअलर्ट: मोस्ट वांटेड आतंकियों की तस्वीरों के बाद सुरक्षा बढ़ी
Maharajganj, Uttar Pradesh:देश की राजधानी दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो चुकी है। मोस्ट वांटेड आतंकियों के तस्वीरें सार्वजनिक होने के बाद दिल्ली पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने के अपील भी की है वहीं इसका असर देश के संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में भी सुरक्षा तैयारिया पर दिखाई दे रहा है। दिल्ली पुलिस के इस इनपुट के बाद से ही महाराजगंज जनपद के भारत नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। भारत नेपाल के 84 किलोमीटर के अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नेपाल से भारत में प्रवेश कर रहे हैं सभी नागरिकों की सघनता से तलाशी ली जा रही है। डॉग स्क्वायड से सामानों की जांच की जा रही है वही सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है कोई भी देश विरोधी तत्व राष्ट्रीय पर्व पर किसी बड़ी देश विरोधी साजिश को अंजाम न देने पाए इसको लेकर भारत नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट है।0
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कॉर्बेट में हाथियों के कॉरिडोर असुरक्षित, मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए रोडमैप जरूरी
Noida, Uttar Pradesh:विश्व हाथी दिवस विशेष: सिकुड़ते जंगल, बढ़ती बस्ती और बदलते रास्ते… सुरक्षित ठिकाने तलाश रहे गजराज Story.-विश्व हाथी दिवस विशेष: सिकुड़ते जंगल, बढ़ती बस्ती और बदलते रास्ते… सुरक्षित ठिकाने तलाश रहे गजराज विजय कश्यप कॉर्बेट लैंडस्केप में हाथियों की मौजूदगी हमेशा से इस क्षेत्र की जैव विविधता की पहचान रही है. जंगलों में हाथियों के बड़े-बड़े झुंड विचरण करते है. और एक वन क्षेत्र से दूसरे वन क्षेत्र तक लंबी दूरी तय करते थे,लेकिन अब इनके सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ भोजन की नहीं, बल्कि सुरक्षित आवागमन की भी है. वन्यजीव फोटोग्राफर दीप रजवार के मुताबिक कॉर्बेट लैंडस्केप के कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पहले हाथियों के बड़े झुंड नियमित रूप से दिखाई देते थे,लेकिन अब उनकी मौजूदगी में बदलाव देखने को मिल रहा है। पर्यटन गतिविधियां, सड़कों पर बढ़ता ट्रैफिक और देर रात तक होने वाला शोर हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार को प्रभावित कर सकता है, ऐसे में हाथी टकराव से बचने के लिए अपने पुराने रास्तों और समय में बदलाव कर रहे हैं. वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार का कहना है कि हाथी बेहद संवेदनशील वन्यजीव है. जब उसे पुराने रास्ते में दखल और भोजन में कमी महसूस होती है तो वह वैकल्पिक रास्ता तलाशता है. उनका कहना है कि यदि समय रहते कूरी यानी लेंटाना को नियंत्रित नहीं किया गया और हाथी कॉरिडोर सुरक्षित नहीं किए गए, तो आने वाले समय में मानव-हाथी संघर्ष की समस्या और बढ़ सकती है. कॉर्बेट के घास के मैदान भी इस पूरी कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हाथियों के लिए घास भोजन का प्रमुख स्रोत है. पहले कई घास के मैदानों में नियंत्रित तरीके से प्रबंधन किया जाता था, जिसके बाद नई और कोमल घास उगती थी, हाथियों के झुंड इन क्षेत्रों में भोजन के लिए पहुंचते थे,लेकिन अब कई स्थानों पर लेंटाना यानी कूरी का तेजी से फैलाव चिंता का विषय बना हुआ है. यह आक्रामक खरपतवार देशी वनस्पतियों और घास को प्रभावित करती है,घास के मैदानों में इसका बढ़ता फैलाव हाथियों के प्राकृतिक भोजन पर असर डाल सकता है. वन्यजीव विशेषज्ञ संजय छिम्वाल के मुताबिक तराई-भाबर क्षेत्र में बढ़ती आबादी और निर्माण गतिविधियों का असर हाथियों के माइग्रेशन रूट पर पड़ा है। उनके अनुसार कई पुराने गलियारे अब आबादी और कंक्रीट के विस्तार के बीच बाधित हो चुके हैं, गोला रिवर कॉरिडोर और काठगोदाम के आसपास के क्षेत्र इसका उदाहरण हैं, उनका कहना है कि यमुना से लेकर नेपाल सीमा तक हाथियों के कई पारंपरिक कॉरिडोर अलग-अलग स्तर पर दबाव में आए हैं. उनके मुताबिक हाथी एक वन क्षेत्र से दूसरे वन क्षेत्र तक लगातार आवाजाही करते हैं,यदि उनके पारंपरिक रास्तों पर मानवीय गतिविधियाँ बढ़ती है. तो हाथियों को वैकल्पिक रास्ते तलाशने पड़ते है. और यही स्थिति आगे चलकर मानव-हाथी संघर्ष को बढ़ा सकती है. वहीं वन्यजीव प्रेमी हिमांशु तिरुवा हाथियों की बढ़ती संख्या को संरक्षण की बड़ी उपलब्धि मानते हैं, उनका कहना है कि करीब 1200 से बढ़कर 1226 के आसपास हाथियों की संख्या दर्ज हुई है,वह कहते है कि इसके साथ साथ चुनौतियां भी लगातार बढ़ रहीं है,जिस तरह जंगल कट रहे जंगल सिकुड़ रहे है और जानवर बढ़ रहे है यह कही न कही मानव वन्यजीव संघर्ष की ओर इशारा कर रहा है,वन्यजीव जंगलों से निकलकर आबादी की ओर रुख कर रहे है, अगर विकास की बात करें तो सड़कों का निर्माण और दूसरी विकास गतिविधियां हाथियों के पारंपरिक माइग्रेशन रूट यानी एलिफेंट कॉरिडोर को प्रभावित कर रही हैं,सीताबनी इसका एक बड़ा उदाहरण है,गर्मियों के दौरान पहले सीताबनी क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही और झुंड काफी अधिक दिखाई देते थे, लेकिन अब यहां हाथियों की मौजूदगी में कमी देखने को मिल रही है, यह निश्चित तौर पर चिंता का विषय है,हाथियों के पारंपरिक कॉरिडोर बाधित होने का असर सिर्फ उनके प्राकृतिक आवागमन पर नहीं पड़ता, बल्कि इससे मानव-हाथी संघर्ष की आशंका भी बढ़ जाती है, इसलिए इस पूरे विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए एक ठोस रोडमैप तैयार करने की जरूरत है. सबसे पहले यह वैज्ञानिक तरीके से चिन्हित किया जाना चाहिए कि कौन-कौन से क्षेत्र हाथियों के पारंपरिक कॉरिडोर हैं, इसके बाद वन विभाग और सड़क विकास से जुड़े विभागों को आपसी समन्वय के साथ समानांतर रूप से काम करना होगा, ताकि विकास कार्यों के दौरान हाथियों के इन प्राकृतिक गलियारों में बाधा न आए. हिमांशु तिरूवा कहते है अगर समय रहते इन कॉरिडोर को सुरक्षित नहीं किया गया तो हाथी अपने पारंपरिक माइग्रेशन रूट छोड़ने के लिए मजबूर हो सकते है. और इंसानी आबादी की तरफ उनका रुख बढ़ सकता है,इसलिए हाथियों के सुरक्षित आवागमन और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए एलिफेंट कॉरिडोर का संरक्षण बेहद जरूरी है. वहीं वन्यजीव प्रेमी गणेश रावत हाथियों को जंगल के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रजाति मानते हैं, उनके मुताबिक हाथी केवल एक बड़ा वन्यजीव नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करने वाली प्रजाति है,जंगल में हाथियों की गतिविधियां वनस्पतियों के फैलाव और प्राकृतिक संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. उनका कहना है कि उत्तराखंड की पहचान सिर्फ बाघों से नहीं, बल्कि हाथियों समेत तमाम वन्यजीवों की समृद्ध जैव विविधता से भी है. इसलिए हाथियों के संरक्षण को व्यापक वन संरक्षण से जोड़कर देखना जरूरी है. वहीं मामले में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला के मुताबिक कॉर्बेट सहित पूरा क्षेत्र शिवालिक एलिफेंट रिजर्व का हिस्सा है और हाथियों के व्यापक आवागमन क्षेत्र से जुड़ा हुआ है.डॉ. बडोला के मुताबिक हाथी कॉरिडोर की पहचान को लेकर पहले से काम किया जा रहा है. वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया यानी WTI ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के सहयोग से अलग-अलग हाथी कॉरिडोर को चिन्हित करने को लेकर रिपोर्ट तैयार की है,इसमें कई महत्वपूर्ण और अलग-थलग पड़ चुके कॉरिडोर की पहचान की गई है. कॉर्बेट क्षेत्र में भी चिन्हित हाथी कॉरिडोर की मौजूदा स्थिति का आकलन किया जा रहा है, वन विभाग WTI और मंत्रालय के सहयोग से सर्वे और निगरानी का काम जारी है, ताकि जरूरत के अनुसार इनके सुधार और संरक्षण की दिशा में आगे कदम उठाए जा सकें. हाथी लंबी दूरी तक सफर करने वाला वन्यजीव है. अपने जीवनकाल में वह बड़े भू-भाग का इस्तेमाल करता है,इसलिए उसके लिए जंगल सिर्फ एक जगह नहीं बल्कि अलग-अलग वन क्षेत्रों को जोड़ने वाला पूरा प्राकृतिक परिदृश्य है. ऐसे में विश्व हाथी दिवस सिर्फ हाथियों की बढ़ती संख्या का जश्न मनाने का दिन नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य पर सोचने का अवसर भी है। जंगल बचेंगे, भोजन के प्राकृतिक स्रोत सुरक्षित रहेंगे और हाथी कॉरिडोर खुले रहेंगे, तभी गजराज और इंसान के बीच संतुलन कायम रह सकेगा. कॉर्बेट में बढ़ते हाथियों के आंकड़े उम्मीद जगाते हैं, लेकिन बदलते रास्ते चेतावनी भी दे रहे हैं, अब जरूरत है कि विकास और संरक्षण के बीच ऐसा संतुलन बनाया जाए, जिसमें जंगल भी सुरक्षित रहें और सदियों पुराने हाथी गलियारे भी.0
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पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों का प्रदर्शन, 574 करोड़ बकाया भुगतान की मांग
Sahibzada Ajit Singh Nagar, Punjab:पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों ने आज बोर्ड कार्यालय के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। बोर्ड के मुलाजिम जथेबंदी के राज्य सचिव ने मीडिया से कहा कि पंजाब सरकार के पास बोर्ड के 574 करोड़ रुपए बकाया हैं, जिन्हें जल्द से जल्द जारी किया जाए और बोर्ड में काम कर रहे कच्चे मुलाजिमों को पक्का किया जाए। अगर उनकी माँगें नहीं मानी गईं, तो संघर्ष को और तीखा किया जाएगा।0
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गुहागर-विजापुर महामार्ग पर गड्ढों का राज, चिपळूण-पाटण मार्ग पर 1235 गड्ढे
Ratnagiri, Maharashtra:रत्नागिरी : गुहागर-विजापूर महामार्गावर खड्ड्यांचे साम्राज्य; चिपळूण-पाटण मार्गावर १,२३५ खड्डे पट्टी घेऊन राष्ट्रवादीचे शौकत मुकादम उतरले रस्त्यावर; खड्ड्यांचा आकार मोजत प्रशासनाची पोलखोल अँकर गुहागर-विजापूर महामार्गावरील चिपळूण ते पाटण दरम्यान रस्त्याची अक्षरशः चाळण झाली आहे. दहा ते पंधरा फूट लांब-रुंद आणि सुमारे पाच इंच खोल खड्ड्यांमुळे अनेक ठिकाणी रस्ता गायब झाल्याचे चित्र आहे.. चिपळूण ते पाटण या मार्गावर तब्बल १ हजार २३५ खड्डे पडल्याचा दावा करण्यात आला असून, हे खड्डे वाहनचालकांसाठी धोकादायक ठरत आहेत.. दरम्यान, राष्ट्रवादी काँग्रेसचे प्रदेश सदस्य तथा चिपळूण पंचायत समितीचे माजी सभापती शौकत मुकादम यांनी चक्क पट्टी घेऊन रस्त्यावर उतरत खड्ड्यांचा आकार मोजला.. खड्ड्यांची लांबी-रुंदी मोजत त्यांनी रस्त्याच्या दुरवस्थेची पोलखोल केली.. त्यांच्या या पाहणीचा व्हिडिओ सध्या सोशल मीडियावर मोठ्या प्रमाणात व्हायरल होत असून,महामार्गाच्या दुरवस्थेवरून प्रशासनाच्या कारभारावर प्रश्नचिन्ह उपस्थित होत आहे..0
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हरेली की रंगत में छत्तीसगढ़ का रंग छा गया—देखें ताजा अपडेट
Begun, Rajasthan:हरेली के रंग में रंगा छत्तीसगढ़…0
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नारायणबगड़ में अवैध खनन पर प्रशासन ने सीज किए जेसीबी-ट्रैक्टर, डंपर चालान
Karnaprayag, Uttarakhand:नारायणबगड़ तहसील के पंती गधेरे में चल रहे अवैध खनन पर प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसते हुए मौके से अवैध खनन में शामिल एक जेसीबी और एक ट्रैक्टर को सीज कर दिया। इसके अतिरिक्त तहसील प्रशाषन ने अधिक सामग्री ले जा रहे एक डंपर का चालान भी काटا गया है। शिकायत का संज्ञान लेते हुए तहसीलदार नारायणबगड़ ने राजस्व टीम के साथ मौके पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान गधेरे में अवैध खनन में लगी एक जेसीबी और एक ट्रैक्टर को सीज कर दिया गया। वहीं, विनायक स्टोन क्रेशर से खनन सामग्री लेकर जा रहे एक अन्य डंपर के पास रवन्ने से अधिक माल पाए जाने पर ओवरलोडिंग में चालान काटा गया। मामले की जानकारी देते हुए तहसीलदार राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि ब्लॉक प्रमुख से प्राप्त शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। मौके से वाहनों को सीज व चालान कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उपजिलाधिकारी थराली को भेज दी गई है。0
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Habibul Hasan ने TMC से रिश्ते तोड़े, पर पँचायत अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं
Mal Bazar, West Bengal:দলের সঙ্গে সবরকম সম্পর্ক ছেদ করলেন মেটেলির জনপ্রতিনিধি তথা মেটেলি পঞ্চায়েত সমিতির সভাপতি হাবিবুল হাসান (বাবু)। তবে দল ছাড়লেও পঞ্চায়েত সমিতির সভাপতির সরকারি পদ থেকে ইস্তফা দেওয়ার বিষয়ে এখনও কোনো মন্তব্য করেননি তিনি। একটি ভিডিও বার্তায় হাবিবুল হাসান জানান, তিনি দলের विभिन्न পদে ছিলেন। সম্প্রতি শারীরিক ও পারিবারিক কারণে দলের সমস্ত পদ থেকে সরে দাঁড়ানোর সিদ্ধান্ত নিয়েছেন। তবে দলীয় পদ থেকে সরে যাওয়ার পাশাপাশি পঞ্চায়েত সমিতির সভাপতির পদে তিনি থাকবেন কি না, সে বিষয়ে কোনো বক্তব্য দেননি। দলের সঙ্গে সম্পর্ক ছেদ করলেও সরকারি পদ থেকে ইস্তফা না দেওয়ায় বিভিন্ন মহলে প্রশ্ন উঠতে শুরু করেছে। উল্লেখ্য, গতকাল বাগরাকোট গ্রাম পঞ্চায়েতের প্রধান পুনম লোহারও তৃণমূল কংগ্রেসের সঙ্গে সম্পর্ক ছেদ করেছেন। বাইট: ১) হাবিবুল হাসান, সভাপতি, মেটেলি পঞ্চায়েত সমিতি। ২) মজনুল হক, সদস্য, বিজেপির জলপাইগুড়ি জেলা কমিটি।0
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जंगल में गैंडे के बच्चे को छुड़ाया गया, मां गैंडा दिल की बीमारी से मौत
Alipurduar, West Bengal:আলিপুরদুয়ার গতকাল ফালাকাটায় ঘটে যাওয়া.gন্ডারের মৃত্যুর পর দীর্ঘ সময় খোজ চালানোর পর হারিয়ে যাওয়া গন্ডারের বাচ্চাটিকে উদ্ধার করে বনদপ্তরের কর্মীরা। বেশ কয়েকঘন্টা অবজারভ করার পর আজ সকালে জলদাপাড়া জাতীয় উদ্যানের জঙ্গলে বাচ্চা গন্ডারটিকে ছেড়ে দেওয়া হয়। জঙ্গলে নজরে রাখছে বনকর্মীরা । গন্ডারের বাচ্চাটির দেহে আঘাতের চিহ্ন রয়েছে। অন্য দিকে মা গন্ডারটি হৃদরোগে আক্রান্ত হয়ে মৃত্যু হয়েছে বলে জানান বনদপ্তরের আধিকারিকরা।0
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रात के अंधेरे में पाइप फोड़कर पानी बहा, नगरपालिका ने मोबाइल कंपनी की मशीन जब्त
Mollar Chak, West Bengal:রাত্রের অন্ধকারে মাটির নিচ দিয়ে কেবল তার নিয়ে যাওয়াতে বিপত্তি। জলের পাইপ ফেটে রাস্তার উপর দিয়ে বইছে জল। পৌরসভার চেয়ারম্যানের নজরে আসতেই চেন চাবি লাগিয়ে সিল করে বাজেয়াপ্ত করা হল মেশিন। ঘটনাটি ঘটেছে মেদিনীপুর শহরের কলেজ রোড গোলকুঁয়ার চক এলাকায়। জানা গেছে একটি মোবাইল কোম্পানি গত কয়েকদিন ধরেই শহরের বিভিন্ন রাস্তার নিচ দিয়ে কেবল তার পাতছে। গোলকুঁয়ার চক এলাকায় একই রকমভাবে মাটির নিচে তার পাততে গিয়ে পানীয় জলের পাইপ ফুটো হয়ে যায়। জলের এতটাই ফোর্স যে ওই এলাকায় গোটা রাস্তা জলমগ্ন হয়ে পড়ে। সকালে হর ঘর তিরঙ্গা কর্মসূচিতে ওই রাস্তা দিয়ে যাওয়ার সময় বিষয়টি নজরে আসে মেদিনীপুর পৌরসভার চেয়ারম্যান সৌমেন খানের। সঙ্গে সঙ্গে তিনি নির্দেশ দেন ওই মোবাইল কোম্পানির মেশিন বাজেয়াপ্ত করার জন্য। এরপর পৌরসভার কর্মীরা এসে মেশিনটিকে চেন চাবি লাগিয়ে সিল করে বাজেয়াপ্ত করে। চেয়ারম্যান বলেন, পৌরসভাকে না জানিয়ে রাতের অন্ধকারে এই কাজ করেছে কোন এক মোবাইল কোম্পানি। আমরা বারবার বলেছি যদি কোথাও কাজ করতে হয় তাহলে পৌরসভা কে জানিয়ে যেন তারা কাজ করে সেক্ষত্রে পৌরসভার কর্মীরা সঙ্গে থেকে তাদেরকে সহায়তা করবে। এক্ষত্রে তা না করার জন্য জলের লাইন ফেটেছে ফলে ওই এলাকার মানুষ জল পাবে না। মানুষ জল না পেলে তো পৌরসভাকে দুষবে। ফলে ওই কোম্পানির মেশিন সিজ করার পাশাপাশি ক্ষতিপূরণ দেওয়ার নির্দেশ দেওয়া হবে।0
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