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HIMANSHU KUSHWAHHIMANSHU KUSHWAHFollow31 Jan 2025, 02:38 pm

हाथरसः बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति ने प्रशिक्षण कार्यक्रम कैंप का किया आयोजन

Hasayan, Uttar Pradesh:

हासयन ब्लॉक में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ बाल विवाह ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक और स्वावलम्बन कैम्प क्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक प्रमुख धर्मेन्द्र पाल सिंह की अध्यक्षता में बाल कल्याण और संरक्षण समिति ने किया। महिला कल्याण विभाग द्वारा चलायी जा रही योजनाओं को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए योजना का लाभ आम जन-मानस तक पहुंचाने के लिए कार्यक्रम में उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा, बीसी सखी को प्रेरित किया गया। खण्ड विकास अधिकारी दीपक कुमार द्वारा सभी योजनाओं को बालकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित कराये जाने के लिए प्रेरित किया गया।

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Aram Pora, Ganderbal,
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नालंदा: लापता रोहित कुमार का शव मिलने पर परिजनों ने चंडी बाजार में सड़क जाम

Pariaunna, Bihar:चंडी थाना क्षेत्र में 13 अगस्त से लापता 20 वर्षीय रोहित कुमार का शव रविवार शाम घर से करीब 200 मीटर दूर बापू हाई स्कूल के पीछे मुहाने नदी किनारे झाड़ी से बरामद हुआ। इसके बाद सोमवार को परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चंडी बाजार और माधोपुर चौक पर टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया।परिजन बरामद शव को रोहित का बताते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और शव सौंपने की मांग कर रहे थे। जाम हटाने पहुंची पुलिस से परिजनों की धक्का-मुक्की भी हुई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि लापता होने की सूचना देने के बावजूद पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की।वहीं, डीएसपी राजेश रंजन ने बताया कि शव की पहचान डीएनए जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले की जांच जारी है और फिलहाल विधि-व्यवस्था सामान्य है।आरोपियों की पहचान की जा रही है।जांचोपरांत दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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झारखंड में MMRDA संशोधन पर सियासी घमासान: विपक्ष ने हंगामे को मुद्दा बनाया

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में आखिर कितना लाभ मिला और केन्द्र को कितना हिस्सा मिला, यह बहस तब शुरू हुई जब संसद से MMआरDA कानून पास हुआ। राज्य के सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों इसे लेकर बयान दे रहे हैं कि संशोधन से एकरूपता बनी रहे, तथा मेजर मिनरल पर सेस लगाने से राज्य को मिलने वाले राजस्व में प्रभाव पड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में राज्य की हिस्सेदारी बढ़कर 88.53% हो गई और केंद्र को 11.47% हिस्सा मिला, ऐसे में राज्य के सेस में बढ़ोतरी पर सवाल उठ रहे हैं। 2024 के नियम के अनुसार अब आयरन ओर और कोयला पर प्रति टन सेस बढ़े हैं। झारखंड सरकार के अनुसार इसका नुकसान राज्य को हो रहा है क्योंकि पड़ोसी राज्यों में कीमत कम मिलती है और खदानों की नीलामी भी सुचारू नहीं चल पाई है। सरकार का नया तर्क है कि छात्रों के आंदोलन को डायलूट करने के लिए यह कदम उठाया गया है, और जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ियों को दबाने के लिए MMआरडी 2026 का विरोध किया जा रहा है। राज्य सरकार दावा कर रही है कि पहले विधानसभा मार्च के ऐलान के समय समितियाँ बनाकर वार्ता की कोशिश की गई थी, पर अब चुप्पी दिख रही है और 15 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के सामने वार्ता की तैयारी की बात उठी। यह पूरी बहस और हंगामा सरकार द्वारा बतौर रणनीति भरी दिखाई दे रही है ताकि आंदोलनों को दबाया जा सके।
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बक्सर में युवा चेतना ने हजारों के बीच छाता वितरित, गरीबों की सेवा जीवन लक्ष्य

Noida, Uttar Pradesh:बक्सर में युवा चेतना द्वारा हजारों लोगों के बीच छाता वितरण, रोहित कुमार सिंह ने कहा - "गरीबों की सेवा ही जीवन का लक्ष्य बक्सर | 17 अगस्त 2026 बरसात के मौसम को देखते हुए युवा चेतना के द्वारा बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड अंतर्गत नैनीजोर बाजार,गंगौली सहित आधा दर्जन गांवों में हजारों लोगों के बीच छाता वितरण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने किया। रोहित कुमार सिंह के प्रमुख बयान समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा में लाना ही युवा चेतना का लक्ष्य है।"
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2027 पंजाब चुनाव में पंथक फैक्टर का असर? सुखपुरा मौड़ के ग्रामीणों की राय

Barnala, Bathinda, Punjab:पिंड दी सथ प्रोग्राम तहत पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में पंथक फैक्टर कितना पड़ेगा भारी, पिंड दी सथ प्रोग्राम के तहत बरनाला के गांव सुखपुरा मौड़ में ग्रामीणों से सीधी बातचीत, पंजाब की राजनीति में पंथक मुद्दों की हमेशा अहम भूमिका रही है। ऐसे में अब सभी की नजरें 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों पर टिकी हुई हैं। बड़ा सवाल यह है कि आगामी चुनाव में पंथक फैक्टर कितना प्रभावशाली रहेगा और क्या पंथक मुद्दे पंजाब के चुनावी समीकरण बदलने में अहम भूमिका निभाएंगे पिछले लंबे समय से पंजाब की राजनीति में शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस का खासा प्रभाव रहा है। दोनों ही पार्टियां लंबे समय तक सत्ता में रही हैं। वहीं, 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला और 2022 में आम आदमी पार्टी ने राज्य में सरकार बनाकर अपनी मजबूत राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई, अब 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो रही हैं। इस बार कई पंथक राजनीतिक धिरों की ओर से चुनावी मैदान में उतरने और पंथक मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही जा रही है। इनमें शिरोमणि अकाली दल वारिस पंजाब और शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत जैसी नई पंथक राजनीतिक ताकतों की चर्चा भी हो रही है, ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या नई पंथक पार्टियां पारंपरिक राजनीतिक दलों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं? क्या पंथक मुद्दे 2027 के चुनाव में वोटरों को प्रभावित करेंगे? और क्या अलग-अलग पंथक धिरों के चुनाव मैदान में उतरने से वोटों का बंटवारा हो सकता है? (गांव ने आशंका का जतई) पंथक के नाम पर मुख्यमंत्री का पद चाहने वाले अलग-अलग फ्रंट पर अपनी राजनीति सेक रहे हैं .... (गांव वासियों ने आम आदमी पार्टी पंजाब सरकार रिपीट की बात भी कहीं... उन्होंने पंजाब सरकार के कामों की प्रशंसा की और कमियां भी बताई) इन्हीं तमाम सवालों को लेकर पिंड दी सथ की टीम पहुंची बरनाला के गांव सुखपुरा मौड़, जहां ग्रामीणों के साथ सीधे तौर पर बातचीत कर उनकी राय जानी गई। गांव की सथ में लोगों का कहना है कि अगर पंजाब, पंजाबियत और पंथक हितों की वास्तव में चिंता है तो सभी पंथक धिरों को एक मंच पर एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए। ग्रामीणों के मुताबिक, अगर पंथक वोट अलग-अलग राजनीतिक धिरों में बंट गया तो इसका सीधा फायदा किसी बड़ी राजनीतिक पार्टी को मिल सकता है। अब देखنا होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पंथक फैक्टर कितना प्रभाव डालता है और क्या पंथक ताकतें एकजुट होकर पंजाब की राजनीति में नया राजनीतिक समीकरण बनाने में कामयाब होती हैं या फिर अलग-अलग चुनाव लड़ने से वोटों का बंटवारा उनके लिए चुनौती बन जाता है, इन्हीं तमाम सवालों पर गांव सुखपुरा मौड़ की सथ में ग्रामीणों से हुई सीधी बातचीत में सामने आई उनकी राय।
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मेरठ जेल: रेडियो परवाज से बंदियों के दिलों में मोहब्बत और दर्द की गूंज

स्पेशल स्टोरी: मेरठ जेल में गूंज रहे प्यार और दर्द के तराने, कारनामे जानलेवा... फरमाइशें मोहब्बत से लबालब मेरठ, 17 अगस्त 2026 — मेरठ की जिला जेल की ऊंची दीवारों के पीछे बंद रिश्तों की कहानियां अब ‘रेडियो परवाज’ के जरिए बाहर आ रही हैं। महिला बैरक 12A और 12B में बंद जिन महिला बंदियों पर हत्या और साजिश के गंभीर आरोप हैं, उनके दिलों में अब प्यार और जुदाई के गीत गूंज रहे हैं। जेल मैनुअल की दीवार तोड़ रहा रेडियो जेल मैनुअल के मुताबिक पुरुष और महिला बैरक के बंदियों की आपस में मुलाकात संभव नहीं है। करीब 3 महीने पहले शुरू हुआ ‘रेडियो परवाज’ अब इसी दूरी को पाट रहा है। एक दिन पहले बंदी पर्ची पर अपने पसंद का गाना लिखते हैं और अगले दिन वही नगमा बैरक के स्पीकरों में गूंजता है। खास बात ये कि RJ बंदी का नाम नहीं लेता, सिर्फ बैरक नंबर का जिक्र करता है। यानी मुलाकात नहीं, पर एक गीत से दिल की बात पहुंच जाती है। महिला बैरक: मोहब्बत और मां की ममता महिला बैरक से सबसे ज्यादा मोहब्बत के नगमों की फरमाइश आती है। इनमें कुछ ऐसी महिलाएं भी शामिल हैं जिन पर पति की हत्या या प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रचने के आरोप हैं। कोई प्रेमी की याद में गीत मांगती है तो कोई जेल से बाहर रह गए बच्चे और परिवार के लिए। मां और बच्चों को याद करने वाले गीत इन बंदियों के लिए भावनाओं का सहारा बन गए हैं। पुरुष बैरक: जुदाई और बेवफाई का दर्द पुरुष बैरक से 70, 80 और 90 के दशक के पुराने फिल्मी गीतों की डिमांड सबसे ज्यादा है। जिनमें प्यार, इंतजार, जुदाई और बेवफाई का दर्द है। ‘रेडियो परवाज’ रोज सुबह-शाम दो-दो घंटे प्रसारित होता है। RJ भी बाहर का कोई प्रोफेशनल नहीं, बल्कि प्रशिक्षित एक बंदी ही है जो साथी कैदियों से रेडियो के जरिए संवाद करता है。
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स्विफ्ट कार से दिव्यांग भिखारी पर पिटाई: वीडियो वायरल, शहर में गुंडाराज पर सवाल

Shamli, Uttar Pradesh:जनपद के थानां कांधला में स्वतंत्रता दिवस के दिन मुख्य बस स्टैंड के समीप एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया। आरोप है कि स्विफ्ट कार संख्या UP 19 V 7877 में सवार एक युवक ने सड़क किनारे बैठे एक दिव्यांग भिखारी के साथ बेरहमी से मारपीट की और बेल्ट से उसकी पिटाई की। जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। आरोप है कि भिखारी ने पहले कार सवार को गंदी गंदी गालियां दी। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि मौके पर लोग तमाशा देखते रहे। इसी दौरान एक व्यापारी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सवाल यह है कि आखिर कानून का राज है या फिर गुंडाराज है। जहाँ दिन दहाड़े एक युवक को भरे बाजार बेल्ट से पीटा जा रहा है। वही स्थानीय लोगो की भीड़ भी मुख दर्शक बनी रही है।
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सोलापुर में मराठा समाज का आक्रोश: ओबीसी नेता नवनाथ वाघमारे पर कार्रवाई की मांग

Solapur, Maharashtra:सोलापूर ब्रेकिंग - ओबीसी नेते नवनाथ वाघमारे यांच्या विरोधात सोलापुरात मराठा समाज आक्रमक, बेताल वक्तव्य केल्याप्रकरणी गुन्हा दाखल करण्याची मागणी. - ओबीसी नेते नवनाथ वाघमारे यांच्या विरोधात सोलापुरात मराठा समाज आक्रमक. - नवनाथ वाघमारे यांनी मराठा समाजाच्या मुलींविषयी बेताल वक्तव्य केल्याचा आरोप. - ओबीसी नेते नवनाथ वाघमारे यांच्यावर गुन्हा दाखल करण्याच्या मागणीसाठी मराठा समाजाचे कार्यकर्ते तालुका पोलीस ठाण्यात दाखल. - मात्र पोलीस गुन्हा दाखल करून घेत नसल्याने मराठा समाजाचा आंदोलनाचा इशारा
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पांचाल घाट पर गंगा स्नान के दौरान चार युवकों की डूबकर मौत

Noida, Uttar Pradesh:पांचाल घाट पर गंगा स्नान के दौरान चार लोग डूबे Location - Farrukhabad Date - 17-08-2026 एंकर- फर्रुखाबाद में गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा सामने आया है। पांचाल घाट पर गंगा स्नान और जल भरने पहुंचे शाहजहांपुर के खुदागंज निवासी चार लोग गहरे पानी में डूब गए। डूबने वालों में एक ही परिवार के दो चचेरे भाई और एक 16 वर्षीय भतीजा शामिल है, जबकि चौथा युवक भी उसी गांव का रहने वाला है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और चारों की तलाश शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने बैरिकेडिंग पार कर गहरे पानी में जाने से रोका था, लेकिन इसके बावजूद लोग आगे चले गए। वीओ- दरअसल, शाहजहांपुर जनपद के खुदागंज निवासी 10 लोग रविवार देर रात बाइक से फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पहुंचे थे। सोमवार सुबह करीब साढ़े चार बजे विकास सक्सेना, उनके चचेरे भाई कमल, भतीजे योगेश और गांव के ही अर्जुन प्रजापति समेत पांच लोग गंगा स्नान के लिए उतरे। इसी दौरान चारों गहरे पानी की तरफ चले गए और देखते ही देखते डूबने लगे। बताया जा रहा है कि पांचाल घाट पर प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग की गई है और गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए होर्डिंग भी लगाए गए हैं। मौके पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों ने भी श्रद्धालुओं को बैरिकेडिंग पार करने से रोका था, लेकिन वे नहीं माने और गहरे पानी की तरफ चले गए। कुछ ही देर बाद विकास, कमल, योगेश और अर्जुन पानी में डूब गए। हादसे के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ की टीम ने गंगा में तलाश शुरू की। काफी देर तक तलाश के बावजूद चारों का पता नहीं चल सका। टीम लगातार गंगा में खोजबीन करती रही। डूबने वालों में 22 वर्षीय विकास सक्सेना, 23 वर्षीय कमल, 16 वर्षीय योगेश और अर्जुन प्रजापति शामिल हैं। योगेश कक्षा 10 का छात्र था। परिजनों के मुताबिक विकास अपने चचेरे भाई कमल और भतीजे योगेश के साथ गंगा स्नान के लिए आया था। विकास 12वीं पास करने के बाद आईटीआई कर रहा था। वहीं विकास, कमल और अर्जुन पानी-बताशे की रेहड़ी लगाते थे। परिजनों के मुताबिक गांव से कुल 10 लोग पांचाल घाट आए थे। कुछ लोग बाहर थे, जबकि अन्य लोग गंगा स्नान कर रहे थे। इसी दौरान एक बच्चे ने बाहर आकर चार लोगों के डूबने की जानकारी दी, जिसके बाद घाट पर हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, सीओ सिटी अभय वर्मा और कादरी गेट थाना प्रभारी कपिल चौधरी समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम लगातार चारों की तलाश में जुटी रही। पंचाल घाट पर प्रशासन ने बैरिकोडिंग कर श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने की व्यवस्था की है। इसके साथ ही गहरे पानी के खतरे को लेकर होर्डिंग भी लगाए गए हैं। पुलिसकर्मी लगातार श्रद्धालुओं को बैरिकेडिंग के पीछे ही स्नान करने की हिदायत देते हैं। बावजूद इसके कुछ लोग बैरिकेडिंग पार कर गहरे पानी में चले जाते हैं, जिसके चलते हादसे का खतरा बना रहता है। _further_info_: फिलहाल एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम गंगा में चारों की तलाश में जुटी हुई है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की है कि बैरिकेडिंग पार कर गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षित स्थान पर ही गंगा स्नान करें.
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