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SaurabhSaurabhFollow9 Jan 2025, 03:39 pm

हरदोई: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत वाहन चालकों को यातायात के नियमों को लेकर किया गया जागरूक

Chandeli, Uttar Pradesh:

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा जनपद में 1 जनवरी से लेकर 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में वाहन चालकों को यातायात के नियमों को लेकर जागरूक किया जा रहा है। साथ ही वाहन चलाते समय बरते जाने वाली सावधानियां के बारे में भी बताया जा रहा है। सर्दियों के मौसम में पड़ने वाले कोहरे में वाहन चालकों को किन सावधानियां को अपनाते हुए वाहन चलाना है। इसको लेकर उप संभागीय परिवहन विभाग के संभागीय निरीक्षक प्राविधिक सुशील कुमार ने वाहन चालकों को जागरूक किया।

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भिंड में ट्रैक्टर ट्रॉली की टक्कर: दो छात्र घायल, एक की मौत

Bhind, Madhya Pradesh:कोचिंग जा रहे दो छात्रों को ट्रैक्टर ट्राली ने मारी टक्कर एक की मौत एक घायल, भिंड में एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आए दो मेधावी छात्रों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई जब दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ है जिसे जिला अस्पताल से ग्वालियर रेफर कर दिया गया है, जानकारी के अनुसार उमरी थाना इलाके के अकोडा गांव का रहने वाला 15 वर्षीय अजय यादव उर्फ बेटू अपने दोस्त सुदामा भदोरिया के साथ पैदल कोचिंग जा रहा था। तभी तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रैक्टर ट्रॉली ने पीछे से दोनों को कुचल दिया और चालक मौके से ट्रैक्टर ट्रॉली को लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर दौड़े स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस की मदद से दोनों को जिला अस्पताल भिजवाया जहां डॉक्टरों ने बेटू को मृत घोषित कर दिया और सुदामा को गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर किया गया है।परिजनों में बताया कि बेटू पढ़ाई में काफी मेधावी छात्र था, उसने हाल ही में घोषित हाई स्कूल परीक्षा में 89% प्राप्त किए थे। बेटू के पिता का बचपन में ही निधन हो जाने के बाद वह अपनी नाना-नानी के घर अकोड़ा गांव में रहकर पढ़ाई कर रहा था। घटना से इलाके में शोक की लहर है। मौके पर पहुंची पुलिस ने अज्ञात ट्रैक्टर और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी खंगालने शुरू कर दिए है। और दावा किया है कि जल्दी आरोपी ट्रैक्टर चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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कॉर्बेट में बाघिनें मातृत्व निभा रहीं, मदर डे पर संरक्षण का आधार

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर एंकर.-विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व एक बार फिर दुनिया के सबसे सफल टाइगर संरक्षण मॉडल के रूप में चर्चा में है,यहां बाघों की बढ़ती संख्या ने जहां वन्यजीव विशेषज्ञों को उत्साहित किया है, वहीं मदर डे के मौके पर कॉर्बेट में बाघिनों की भूमिका को लेकर खास चर्चा सामने आई है,कॉर्बेट में 260 से अधिक बाघ मौजूद हैं और इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही हैं यहां की स्वस्थ और सक्षम बाघिनें, जो अपने शावकों को जन्म देने से लेकर उन्हें जंगल का राजा बनने तक हर जिम्मेदारी निभाती हैं। घने जंगल कल-कल बहती राम गंगा नदी और जंगल के बीच अपने शावकों के साथ सतर्क निगाहों में दिखाई देती बाघिन, ये तस्वीर सिर्फ वन्य जीवन की खूबसूरती नहीं, बल्कि संरक्षण की सबसे बड़ी कहानी भी बयां करती है। विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व आज दुनिया में बाघों के सबसे सुरक्षित ठिकानों में गिना जाता है। करीब 1360 वर्ग किलोमीटर में फैले इस विशाल टाइगर रिजर्व में 260 से ज्यादा बाघ मौजूद हैं। खास बात यह है कि इस आंकड़े में दो वर्ष से कम आयु के शावकों को शामिल नहीं किया जाता,यही वजह है कि बाघों के घनत्व के मामले में कॉर्बेट की पहचान विश्व स्तर पर अलग बनी हुई है। लेकिन इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान किसका है? जवाब है—बाघिनों का मातृत्व। मदर डे के मौके पर पार्क प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों ने कॉर्बेट में बाघिनों की अहम भूमिका को रेखांकित किया है। पार्क अधिकारियों का कहना है कि जंगल में बाघों की नई पीढ़ी को तैयार करने का पूरा दारोमदार बाघिनों पर ही होता है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह का कहना है कि जिस तरह इंसानी परिवार में मां बच्चों को जीवन के संस्कार और जरूरी हुनर सिखाती है, उसी तरह जंगल में बाघिन अपने शावकों को हर वो कला सिखाती है, जो उन्हें जंगल में जिंदा रहने के लिए जरूरी होती है। उन्होंने बताया कि जब कोई बाघिन शावकों को जन्म देती है तो वह बेहद सतर्क हो जाती है,शावकों की सुरक्षा के लिए वह हर खतरे से लड़ने को तैयार रहती है,जंगल में कई बार दूसरे शिकारी जानवरों से खतरा बना रहता है, लेकिन बाघिन अपने बच्चों के करीब किसी को आने तक नहीं देती। जंगल में शावकों के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी भी बाघिन ही निभाती है,वह खुद शिकार करती है, भोजन जुटाती है और फिर धीरे-धीरे अपने बच्चों को शिकार की बारीकियां सिखाना शुरू करती है. शुरुआत में शावक सिर्फ अपनी मां के पीछे-पीछे चलते हैं। फिर बाघिन उन्हें जंगल के रास्ते पहचानना सिखाती है, खतरे को भांपना, दुश्मन से बचना, इलाके की पहचान करना और सही समय पर हमला करना—ये सभी हुनर शावक अपनी मां से ही सीखते हैं,पार्क वार्डन के मुताबिक एक बाघिन करीब डेढ़ से दो साल तक अपने बच्चों के साथ रहती है,इस दौरान वह उन्हें इतना सक्षम बना देती है कि वे अकेले जंगल में अपना इलाका बना सकें और शिकार कर सकें। कॉर्बेट में आज जो बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है, उसके पीछे बाघिनों की यही सफल परवरिश सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। वहीं वन्यजीव प्रेमी संजय छिम्वाल कहते हैं कि मातृ दिवस केवल इंसानों के लिए नहीं, बल्कि हर जीव-जंतु और पक्षी के जीवन में मां का विशेष महत्व होता है। उन्होंने कहा कि अगर बाघों की बात करें तो बच्चों की देखरेख में नर बाघ की भूमिका बेहद सीमित होती है,शावकों को जन्म देने से लेकर उन्हें बड़ा करने तक लगभग पूरी जिम्मेदारी बाघिन ही निभाती है. संजय छिम्वाल कहते है जंगल में शावकों को बचाकर रखना आसान नहीं होता,कई बार भोजन की कमी, दूसरे शिकारी जानवर और प्राकृतिक खतरे शावकों की जिंदगी के लिए चुनौती बन जाते हैं। ऐसे में बाघिन अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चों की रक्षा करती है। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने मां को सृजन की सबसे बड़ी शक्ति दी है। चाहे इंसानी मां हो, पृथ्वी मां हो या जंगल की बाघिन—हर मां अपनी अगली पीढ़ी को सुरक्षित रखने और आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष करती है। कॉर्बेट की सफलता भी इसी मातृत्व की कहानी कहती है,यहां स्वस्थ बाघिनों की अच्छी संख्या और उनकी सफल वंशवृद्धि ने पूरे रिजर्व को टाइगर संरक्षण का मजबूत मॉडल बना दिया है। यही कारण है कि आज देश-विदेश से पर्यटक कॉर्बेट में बाघों के दीदार के लिए पहुंचते हैं, जंगल सफारी के दौरान यदि किसी पर्यटक को अपने शावकों के साथ बाघिन दिखाई दे जाए, तो वह पल उनके लिए जिंदगी भर की याद बन जाता है। वन विभाग का कहना है कि कॉर्बेट में लगातार मॉनिटरिंग, बेहतर संरक्षण रणनीति और प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने की वजह से बाघिनों को अनुकूल माहौल मिला है। इसका सीधा असर बाघों की संख्या पर दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि किसी जंगल में बाघिनें सुरक्षित हैं और लगातार शावकों को जन्म दे रही हैं, तो यह उस जंगल के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का सबसे बड़ा संकेत माना जाता है। मदर डे पर कॉर्बेट के बाघिनों की यह कहानी केवल वन्यजीव संरक्षण की सफलता नहीं, बल्कि मां की ममता और संघर्ष की भी मिसाल है। चाहे इंसानी दुनिया हो या जंगल हर जगह मां ही भविष्य की सबसे मजबूत नींव होती है। और कॉर्बेट की बाघिनें आज इसी सच्चाई को जीवंत कर रही हैं। मदर डे पर कॉर्बेट से आई ये तस्वीरें और कहानियां यह साबित करती हैं कि जंगलों में बाघों का भविष्य सिर्फ संरक्षण योजनाओं से नहीं, बल्कि बाघिनों की सुरक्षित और सफल मातृत्व यात्रा से तय होता है। यही वजह है कि आज कॉर्बेट दुनिया के सबसे सफल टाइगर रिजर्व में शुमार है।
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जोबट में तेंदुए के आतंक के बीच पिंजरे लगाए गए

Jobat, Madhya Pradesh:आलीराजपुर के जोबट में तेंदुए का आतंक, जंगली जानवरों को बना रहा है निशान, फॉरेस्ट विभाग ने जगह-जगह लगाए पिंजरे आलीराजपुर जिला के जोबट में तेंदुए ने आतंक फैला रखा है. यहां बीती 24 अप्रैल से तेंदुआ जंगली जानवर को अपना शिकार बना रहा है जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. अब ग्रामीण क्षेत्र में लोग घर से निकलने में डर रहे हैं रमाकांत पारीक ने बताया कि ग्राम कंदा में 24 अप्रैल से तेंदुए का मूवमेंट देखा जा रहा है उसके बाद लगातार आसपास के क्षेत्र से भी तेंदुए के मूवमेंट की शिकायते फॉरेस्ट विभाग सहित प्रशासन को आ रही है अब तक कई जानवरों को तेंदुआ अपना शिकार बन चुका है शिकायतो के बाद फॉरेस्ट विभाग की टीम हरकत में आई और जगह-जगह पिंजरे लगाए गया लेकिन अब तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है तेंदुए की दहशत के चलते लोग काफी डरे हुए शाम होते घर में छुप जाते हैं, कोई फॉरेस्ट विभाग का कहना है कि जल्द ही इस तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा इसके लिए फॉरेस्ट विभाग ने तेंदुए की सर्चिंग के लिए जगह-जगह पिंजरा लगाए है
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अजमेर दरगाह की अकबरी देग में वीडियो से सुरक्षा पर उठे सवाल

Ajmer, Rajasthan:अजमेर शरीफ दरगाह में वाक्या मुगलिया दौर की अकबरी देग एक बार फिर चर्चा में है। वजह है सोशेल मीडिया पर गर्दिश करती एक वीडियो, जिसमें एक शख्स देग में छलांग लगाता दिखाई दे रहा है और आस पास खड़े जायरीन में अफरा तफरी का माहौल देखा जा रहा है। वायरल वीडियो दरगाह के बुलन्द दरवाजा के पास बड़ी देग जिसे अकबरी देग कहा जाता है उसमें कूदते हुए एक शख्स का है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि देग पर अक़ीदत मंद नज़ारा चढ़ा रहे हैं और बीच मे एक शख्स अचानक आया और उसमें कूद गया। आस पास खड़े लोग कुछ समझ पाते उससे पहले उसने देग में पड़ी रकम उठाना शुरू कर दिया। देग पर मौजूद एक शख्स ने फौरन देग में उतर कर उसे काबू में करने की कोशिश की मगर अकबरी देग में ही दोनों में गुत्थम गुत्थी हो गई। मुगलिया अकबरी देग में लात घुषे और मारपीट का नज़ारा देख ज़ायरीन की भीड़ लग गई। सोशेल मीडिया पर वायरल सीसीटीवी फोटेज की बुनियाद पर पाया गया कि वीडियो 9 मई 2026 दोपहर 3 बज कर 50 मिनट का है। जिसमें एक शख्स को देग में कूदते हुए और अकबरी देग से बाहर nikalte हुए देखा जा सकता है। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक़ कूदने वाला शख्स इससे पहले भी ऐसी तरह की हरकत की नाकाम कोशिश कर चुका था। फिलहाल खुद्दामें ख्वाजा ने इस शख्स को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक़ ये शख्स ज़हनी तौर पर माज़ूर पाया गया है। जो पुलिस को अपना नाम पता बताने का काबिल नहीं है। खादीम सैय्यद कुतबुद्दीन सखी ने बताया कि इस किस्म के वाक्यात दरगाह सिक्योरिटी के एतबार से कई सवाल खड़े करते हैं। इससे पहले भी 17 जनवरी 2013 में दो माँ बेटी खोलती हुए देग में कूद गई थी जिसमें एक के मौके पर ही मौत हो गई थी। जनवरी 2018 में भी एक शख्स देग में कूद गया था, तब ग़नीमत रही कि देग नहीं पक रही थी। वही अगस्त 2014 में भी एक शख्स ने खोलती हुई देग में कूद कर अपनी जान गवा दी थी। इस तरह के वाक्यात से दरगाह और ज़ायरीन की सिक्योरिटी पर सवाल उठता है।
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बरेली में भर्ती नहीं मिलने पर बुजुर्ग पत्नी को ठेले पर घर लौटाए

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली के जिला अस्पताल से एक बुजुर्ग अपनी बीमार पत्नी को रिक्शे पर ले जाते हुए दिखाई दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह वीडियो शनिवार का बताया जा रहा है. बुजुर्ग का आरोप है कि अस्पताल ने उसकी पत्नी को भर्ती नहीं किया और इलाज नहीं मिला. बरेली के जिला अस्पताल की इमरजेंसी परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें एक बुजुर्ग अपनी बीमार पत्नी को ठेले पर लिटाकर व्यवस्था को कोसते हुए जाता दिखाई दे रहा है. दिल झकझोर देने वाला यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत बयां कर रहा है. वायरल वीडियो शनिवार का बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार एक बुजुर्ग अपनी बीमार पत्नी को एंबुलेंस से इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचा था. आरोप है कि सुबह से अस्पताल में रहने के बावजूद बीमार पत्नी को भर्ती नहीं किया गया. इंतजार और इलाज न मिलने से परेशान बुजुर्ग आखिरकार पत्नी को ठेले पर लेकर वापस घर रवाना हो गया.
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पन्ना में तेज रफ्तार कार ने आरक्षक को टक्कर दी, आरोपी की तलाश जारी

Panna, Madhya Pradesh:पन्ना जिले की सड़कों पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे 39 का है, जहाँ पर्यावरण बैरियर के पास एक बेलगाम कार स्विफ्ट डिजायर (MP15 CB 7242) ने शासकीय कार्य से लौट रहे पुलिस आरक्षक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया। मझगवां चौकी में पदस्थ आरक्षक सुम्मेर सिंह (32 वर्ष), जो पन्ना से सरकारी काम निपटाकर वापस अपनी चौकी वापस जा रहे थे। तभी पर्यावरण बैरियर के पास तेज रफ्तार कार ने आरक्षक की बाइक को सीधी टक्कर मारी। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने घायल आरक्षक को जिला चिकित्सालय पहुँचाया। घटना के बाद आरोपी ड्राइवर कार लेकर मौके से भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही वाहन नंबर MP15 CB 7242 के आधार पर वाहन की तलाश की जा रही है
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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अवैध हथियार सप्लायर गिरफ्तार किया, द्वारका से नेटवर्क का पर्दाफाश

Noida, Uttar Pradesh:क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस द्वारा अवैध हथियार सप्लायर गिरफ्तार SR, क्राइम ब्रANCH ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को द्वारका क्षेत्र से गिरफ्तार किया। एक आरोपी गिरफ्तार अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद 03 जिंदा कारतूस बरामद आरोपी हत्या के प्रयास के मामले एवं अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा पाया गया सफल अभियान इंस्पेक्टर परवेश लांबा के नेतृत्व में, एसीपी मनीष लाडला के निर्देशन तथा डीसीपी श्री आदित्य गौतम के समग्र पर्यवेक्षण में संचालित किया गया।
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ग्राम रथ अभियान से पंचायत तक पहुंची सरकार की योजनाएं, जनता में जागरूकता तेज

Ajmer, Rajasthan:राजस्थान सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘ग्राम रथ अभियान’ शनिवार रात्रि को कड़ेल ग्राम पंचायत से होते हुए पुष्कर के निकटवर्ती गांव गनाहेड़ा पहुंचा.. यहां आयोजित रात्रि चौपाल कार्यक्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ और जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने भाग लेकर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई ...ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि यह केवल सरकारी दौरा नहीं, बल्कि जन-जागृति का महाअभियान है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत रथ के माध्यम से चित्रों और बुकलेट्स द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से राजनीति से ऊपर उठकर ऐसे जरूरतमंद लोगों की पहचान करने का आह्वान किया जिन्हें के पास मकान नहीं है या जो खाद्य सुरक्षा योजनाओं से वंचित हैं। राठौड़ ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को “जनसेवक” बनने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ समाज सेवा कर सकें। राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने संकेत दिए कि शेष बोर्डों और आयोगों में नियुक्तियां आगामी 15 से 20 दिनों में पूरी कर ली जाएंगी। निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर भी उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि पिछली सरकार द्वारा बनाए गए “अव्यवस्थित वार्डों” को सुधारने का कार्य किया जा रहा है और सरकार “एक राज्य, एक चुनाव” की दिशा में आगे बढ़ रही है, ताकि निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराए जा सकते है । पश्चिम बंगाल की स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए मदन राठौड़ ने ममता सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल में अब आतंक का माहौल समाप्त होगा और “सोनार बांग्ला” के सपने को साकार करते हुए राज्य को विकास की नई दिशा दी जाएगी। वहीं जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांवों के विकास को गति देना और प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है। सूत्रों के अनुसार, कड़ेल में चल रहे कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर रविवार को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के शामिल होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन और संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
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राजगढ़ थाने में 8 फुट लंबा सांप: रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित पकड़ा

Alwar, Rajasthan:राजगढ़ थाने में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब थाना परिसर स्थित मेस के पास करीब आठ फुट लंबा सांप दिखाई दिया। अचानक सांप के नजर आते ही वहां मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया और सभी सतर्क हो गए। जानकारी के अनुसार, सांप काफी देर तक मेस के आसपास मंडराता रहा, जिससे थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों में दहशत का माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए थानाधिकारी राजेश मीणा ने तुरंत नगरपालिका कर्मचारी एवं रेस्क्यू टीम सदस्य जुगनू तंबोली को सूचना दी। सूचना मिलते ही जुगनू तंबोली अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने विशालकाय सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे जंगल क्षेत्र में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया गया। सांप के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू टीम की तत्परता और सूझबूझ की स्थानीय लोगों ने सराहना की।
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झुंझुनूं उपभोक्ता आयोग: बीमा कंपनी को 4.19 लाख क्लेम और मानसिक संताप का हर्जाना

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं झुंझुनूं उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला बीमा कंपनी को देना होगा 4.19 लाख का क्लेम साथ में देना होगा मानसिक संताप का हर्जाना भी सिर्फ ज्यादा सवारी होने से क्लेम नहीं होगा खारिज बीमा कंपनी की मनमानी पर आयोग सख्त झुंझुनूं के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक बड़ा फैसला देते हुए कहा है कि सिर्फ ज्यादा सवारी होने से क्लेम खारिज नहीं हो सकता। बीमा कंपनी की मनमानी पर सख्ती दिखाते हुए आयोग ने एक मामले की सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी को 4 लाख 19 हजार का क्लेम तथा मानसिक संताप का हर्जाना देने के आदेश दिए है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग झुंझुनूं के अध्यक्ष मनोज कुमार मील एवं सदस्य प्रमेंद्र कुमार सैनी की बैंच ने यह फैसला दिया है। दरअसल, कुलोठ खुर्द निवासी रमजान ने आयोग में परिवाद दायर किया कि उसका बोलेरो वाहन बीमित था तथा 19 मार्च 2017 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुर्घटना में वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बीमा कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम निरस्त कर दिया कि दुर्घटना के समय वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी हुई थीं। आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी यह साबित करने में असफल रही कि दुर्घटना का कारण अधिक सवारियां होना था। आयोग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग एवं उच्चतम न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए माना कि केवल अधिक सवारियां होने मात्र से बीमा दावा खारिज नहीं किया जा सकता। जब तक यह सिद्ध न हो कि दुर्घटना उसी कारण से हुई हो। आयोग ने बीमा कंपनी द्वारा नियुक्त सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर परिवादी को 4 लाख 19 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि, परिवाद दायर करने की तिथि 23 अगस्त 2018 से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। इसके अतिरिक्त मानसिक संताप के लिए 55 हजार रुपए तथा परिवाद व्यय के रूप में 5 हजार 500 रुपए भी देने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने आदेश में कहा कि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर बीमा कंपनी को संपूर्ण राशि पर 12.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। आयोग ने यह भी टिप्पणी की है कि एक बीमा कंपनी से यह उम्मीद नहीं की जाती कि वह केवल अपने मुनाफे की परवाह करेगी。
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