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Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow16 Apr 2025, 03:40 pm

Hardoi - कोतवाली पुलिस ने अवैध शराब के साथ युवक को किया गिरफ्तार

Shahabad, Uttar Pradesh:

कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर छापा मारकर मोहल्ला बाजार शंभा निवासी एक युवक को अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की है। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा जनपद में अवैध शराब के निर्माण,बिक्री करने वालों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना शाहाबाद पुलिस के उपनिरीक्षक दीपक कुमार,हरदीप,राकेश कुमार द्वारा इस्लामगंज फाटक के निकट गत्ते में रखे अवैध 18 पौआ देशी शराब के साथ अंकुल पुत्र रामकुमार निवासी मोहल्ला बाजार शम्भा को गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में थाना शाहाबाद पर गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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बिहार के 211 डिग्री कॉलेजों में नव नियुक्त सहायक प्राध्यापकों के लिए ओरिएंटेशन

SRShivam RAjJust now
Patna, Bihar:पटना के बापू सभागार में राज्य के नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों में नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों के लिए ओरियंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया,कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2,251 नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों को बधाई देते हुए नियुक्ति को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया, उन्होंने शिक्षकों से ग्रामीण और प्रखंड स्तर के कॉलेजों में पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोस्टिंग को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है नए कॉलेजों के जरिए छात्रों को अपने घर के आसपास ही बेहतर उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। सीएम ने कहा कि आज भी बिहार के 8 से 10 लाख बच्चे उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं, सरकार का प्रयास है कि बिहार में ही बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था तैयार की जाए, ताकि छात्रों को पढ़ाई के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो ,उन्होंने कॉलेजों में कम से कम 75 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 700 जगहों पर मॉडल स्कूल की व्यवस्था शुरू की गई है और इनमें लाइव क्लास की सुविधा भी शुरू की जाएगी, साथ ही बिहार के शिक्षकों को दुनिया के बेहतर शैक्षणिक संस्थानों से जोड़ने की तैयारी है इसके लिए 10 अच्छे संस्थानों को चिन्हित कर 100 लोगों को एक महीने की ट्रेनिंग के लिए भेजने की योजना है। सम्राट चौधरी ने कहा कि अब शिक्षा के क्षेत्र में क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों पर जोर देना होगा, बिहार के भविष्य को शिक्षक तय करेंगे उन्होंने नवनियुक्त प्राध्यापकों से कॉलेजों में ईमानदारी से काम करने और शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने बिहार की अर्थव्यवस्था में हुए बदलाव का भी जिक्र किया, उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों ने राज्य में 1.36 लाख करोड़ रुपये का बाजार खड़ा किया है और बिहार की अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है उन्होंने आर्थिक विकास का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में 21 प्रतिशत से अधिक राशि खर्च कर रही है और 211 डिग्री कॉलेजों को मजबूत किया जा रहा है साथ ही बाढ़ और सूखे की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंगा, कोसी और सोन की जल व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार जब विकास की रफ्तार पकड़ेगा तो देश और दुनिया की बातचीत में बिहार फिर प्रमुखता से आएगा उन्होंने शिक्षकों से बिहार के भविष्य को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की。
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कवर्धा में सड़क के बीचोबीच 11kV पोल: पीएम जनमन सड़क पर बड़ा खतरा

Kawardha, Chhattisgarh:लोकेशन -कवर्धा दिनांक -13-09-26 स्लग- poll एंकर -कवर्धा में विकास कार्यों की तस्वीर पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। पीएम जनमन योजना के तहत बनाई गई सड़क और पुलिया के बीचों-बीच 11 हजार वोल्ट का विद्युत पोल खड़ा है। यानी जिस सड़क को लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बनाया गया, उसी सड़क के बीच में हाईटेंशन बिजली का पोल हादसे को न्योता देता नजर आ रहा है। मामला पैकेज क्रमांक CG-09-134 जनमन के तहत चिमरा से बरभावर मिडिल स्कूल तक बनाई गई करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क का है। इस सड़क के निर्माण पर करीब 2 करोड़ 6 लाख रुपये की लागत बताई जा रही है। सड़क का निर्माण कार्य मार्च 2024 में शुरू हुआ और मार्च 2025 तक पूरा किया जाना था। लेकिन सड़क बनने के बाद जो तस्वीर सामने आई है, उसने जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि सीसी ROAD और पुलिया के बीचों-बीच विद्युत पोल खड़ा है और इसी पोल के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण से पहले अगर मौके का ठीक से सर्वे किया गया होता और संबंधित विभागों के बीच समन्वय होता, तो शायद यह पोल सड़क के बीच नहीं रहता। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सड़क निर्माण की योजना बनाई गई, तब क्या जिम्मेदार अधिकारियों को यहां मौजूद विद्युत पोल और हाईटेंशन लाइन की जानकारी नहीं थी? अगर जानकारी थी तो पोल को शिफ्ट किए बिना सड़क का निर्माण कैसे करा दिया गया? और अगर पोल को बाद में हटाया जाना था, तो सड़क बनने के बाद भी अब तक इसे सुरक्षित स्थान पर क्यों नहीं पहुंचाया गया? ग्रामीणों के मुताबिक सड़क के बीच खड़ा यह पोल आवागमन में बाधा तो बन ही रहा है, साथ ही 11 हजार वोल्ट की लाइन के कारण कभी भी गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है। खासकर रात के समय तेज रफ्तार वाहन या बड़े वाहन चालक के लिए यह पोल बड़ा खतरा साबित हो सकता है। यहां सवाल सिर्फ एक विद्युत पोल का नहीं है, बल्कि सरकारी योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च करके बनाए जा रहे निर्माण कार्यों में विभागों के बीच तालमेल और मौके की निगरानी का भी है। जब सड़क और पुलिया का निर्माण पूरा हो गया, तो क्या किसी अधिकारी ने मौके पर जाकर यह देखा कि सड़क सुरक्षित तरीके से उपयोग के योग्य है या नहीं? ग्रामीणों की मांग है कि मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और हादसा होने से पहले विद्युत पोल को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया जाए। क्योंकि सवाल बेहद सीधा है—जब खतरा सड़क बनने के साथ ही दिखाई दे रहा था, तो जिम्मेदार विभागों ने इसे नजरअंदाज क्यों किया? क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? पीएम जनमन की सड़क... करोड़ों का निर्माण... लेकिन सड़क और पुलिया के बीच 11 हजार वोल्ट का पोल। अब देखना होगा कि विभाग इस खतरे को कब हटाता है और लापरवाही के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
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Bhaderwah के ऊँचे इलाकों में भारी तलाशी अभियान: JeM आतंकी के शव मिलने के बाद

Bhaderwah, Exclusive Ground Zero Report on Massive Search Operation Launched in Higher Reaches of Bhaderwah After JeM Terrorist’s Remains Recovered Anchor: A massive cordon-and-search operation has been launched by security forces in the higher reaches of Bhaderwah after the decomposed remains of a Pakistani Jaish-e-Mohammed (JeM) terrorist, along with an M4 rifle, were recovered from the Divshetar area of Seoj Dhar, officials said. According to officials, the terrorist had earlier managed to escape from a security cordon in an injured condition during a joint operation in the nearby area. He later succumbed to his injuries in the high-altitude forest area, following which his decomposed remains were recovered. The recovery was made after locals reported the presence of a suspected body in the Divshetar area. Acting on the information, a joint team of Jammu and Kashmir Police, Indian Army and CRPF launched a search operation and subsequently retrieved the remains. The J&K Police, in a post on X, said that SOG Doda, Rashtriya Rifles (RR) and CRPF retrieved the remains of the Pakistani JeM terrorist, who had been neutralised earlier during a joint operation. “You Can Run But You Can’t Hide!” the police said, adding that a night-enabled M4 rifle was also recovered from the site. Following the recovery, security forces intensified the cordon-and-search operation across Seoj Dhar and its adjoining forest areas to ensure that no other terrorist or suspicious individual remains hidden in the dense forests. The development comes amid heightened security operations across the Chenab Valley, where several encounters with terrorists have taken place in Doda, Kishtwar and Udhampur districts in recent months. Security forces are continuing searches across the difficult and high-altitude terrain of Seoj Dhar as part of the ongoing operation.
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चिरमिरी: MBBS एडमिशन डील में 21.8 लाख की ठगी, फरार आरोपी गिरफ्तार

SASARWAR ALIJust now
Muju, Jeonbuk State:चिरमिरी ब्रेक。 चिरमिरी पुलिस ने MBBS में एडमिशन दिलाने के नाम पर 21 लाख 80 हजार रुपये की ठगी करने वाले एक साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान भिलाई निवासी प्रिंस कुमार, पाम कैरियर कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के संचालक के रूप में हुई है। आरोप है कि आरोपी ने चिरमिरी निवासी सुनील कुमार चौरसिया की बेटी का मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने का झांसा देकर वर्ष 2022 से 2023 के बीच अलग-अलग किश्तों में 21 लाख 80 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवाए। एडमिशन नहीं होने पर जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपी ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। बैंक स्टेटमेंट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है。
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गिडुम में 6 हाथियों के झुंड ने 3 वर्षीय शावक को कुएं से सुरक्षित निकाला

Khunti, Jharkhand:खूँटी जिला के तोरपा प्रखंड अंतर्गत गिडुम गांव में जंगल से भटककर शनिवार की देर रात 11 बजे पहुंचा 6 जंगली हाथियों का झुंड में शामिल लगभग 3 वर्षीय हाथी का एक छोटा शावक गांव के पास बने 10 फीट गहरे कुएं में गिर गया। शावक के कुएं में गिरने की जानकारी पर जुटी स्थानीय लोगों की भीड़ ने मामले की जानकारी प्रभारी वनपाल अविनाश लुगुन को दिया। इसके बाद अविनाश लुगुन वन विभाग के कर्मियों के साथ गिडुम पहुंचकर जेसीबी की मदद से 4 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर हाथी के शावक को सुरक्षित कुआं से बाहर निकलवाया। कुआं में गिरे हाथी के शावक को जेसीबी से बाहर निकालने के दौरान 4 घंटे तक जेसीबी के सामने पांच हाथियों का झुंड डटा रहा। कुआं से सुरक्षित शावक के बाहर निकलते ही हाथियों का झुंड को स्थानीय लोगों ने शोरगुल मचाकर सुरक्षित वन क्षेत्र की ओर भगाया। वनपाल अविनाश लुगुन के द्वारा बताया गया कि जंगली हाथियों का झुंड कर्रा की ओर से कुलडा जंगल से गिडुम गाँव पहुँचा था।
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सीतापुर घोटाले पर अजय राय का दावा: प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम

Sitapur, Uttar Pradesh:यूपी के सीतापुर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पहुंचे जहां उन्होंने जी मीडिया से खास बातचीत करते हुए खाद्यान्न घोटाले को लेकर बोले पूरे प्रदेश के अंदर भ्रष्टाचार चरम पर है उसी का नतीजा है कि आज यहां 3 महीने से मिड डे मील से लेकर खाद्यान्न नहीं बांटे गए उसी का कारण है कि बच्चे आज नमक पानी चावल खा रहे हैं यह घोटाला सीतापुर ही नहीं पूरे प्रदेश में है चाहे वह खाद्यान्न घोटाला हो चाहे शमशान घोटाला हो गोरखपुर का चाय थाने के अंदर मौत हो रही हो चाहे विनोद साहनी की हत्या हो रही हो। यहां के जो मंत्री हैं वह रो रहे हैं या रोने का समय नहीं है लड़ने का समय है इस्तीफा दो जनता के लिए लड़ाई लड़ो। संजय निषाद के धरने पर बोले धरने पर क्यों बैठ गए इससे बढ़िया राजनीति छोड़ दो। जब चोरी करोगे उन्हें अधिकारियों से चोरी कर आओगे कोई महत्व नहीं है पूरी भारतीय जनता पार्टी में चोरों का राज चल रहा है मेरी मांग है मुख्यमंत्री जी से जो चोरी में लिप्त है उनके खिलाफ करवाई करिए。 121- अजय राय प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी。
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रामसरोवर तालाब पर SDRF की सतर्क निगरानी से डूबने की घटनाएं नहीं

Jaisalmer, Rajasthan:जिला-जैसलमेर विधानसभा - पोकरण लोकेशन- रामदेवरा रामदेवरा, जैसलमेर विख्यात रामसरोवर तालाब में SDRF की टीम ततपरता से कर रही अपना काम राम सरोवर तालाब में डूबने की नहीं हो रही घटना हेड कांस्टेबल मय 10 जवान अराउंड द क्लॉक कर रहे हैं नियमित मॉनिटरिंग बाबा रामदेव का भादवा मेला अपने पूरे चरम पर चल रहा है ऐसे में पवित्र राम सरोवर तालाब पर लाखों की संख्या में लोग नहाने के लिए पहुंच रहे हैं नहाते समय गहरे पानी में चले जाने से किसी भी भक्त की डूबने मृत्यु नहीं हो इसको लिए मेला प्रशासन ने विगत 20 अगस्त से SDRF की टीम यहां पर तैनात कर दी थी।हेड कांस्टेबल भंवराराम मय 10 जवान नियमित रूप से नाव के जरिए घाट के चारों तरफ लगातार गस्त करके लोगों से आह्वान कर रहे हैं कि वह घाट के किनारे बैठकर ही नहाए गहरे पानी में नहीं जाएं।सुबह दोपहर शाम व रात्रि के समय की जा रही लगातार गस्त का नतीजा है कि यहां पर डूबने की घटना नहीं हो रही है जबकि अब तक गहरे पानी में चले जाने से करीब 10 से अधिक लोगों को समय पर वहां पहुंचकर उन्हें सुरक्षित रूप से बाहर भी निकाल लिया गया है पवित्र रामसरोवर तालाब में करीब 12 से 13 फीट बरसाती पानी का जल जमाव है लोगों की आस्था और श्रद्धा है कि बाबा की समाधि के दर्शन करने से पहले पवित्र रामसरोवर तालाब में डुबकी अवश्य लगाते हैं। घाट के आसपास भक्तों का भारी जनवाड़ा भी देखने को मिल रहा है। SDRF की टीम आगामी 26 सितंबर तक यहां पर अपनी सेवाएं देंगी रामसरोवर तालाब पर भक्तों की भारी भीड़ चहल-पहल देखने को मिल रही है अधिकांश लोग नहाने के पश्चात दाल बाटी चूरमा का प्रसाद बनाकर सह परिवार यहीं पर प्रसादी ग्रहण भी करते हैं ऐसे में विविधता में एकता की रंगत देखने को मिल रही है।
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खाजूवाला नगरपालिका चुनाव: निर्दलीय किंगमेकर बनेंगे या बहुमत किसके पक्ष में?

Bikaner, Rajasthan:खाजूवाला से खबर खाजूवाला नगरपालिका चुनाव के बाद सियासी हलचल तेज! वोटिंग के बाद शुरू हुआ ‘ऑपरेशन बाड़ेबंदी’! बीजेपी-कांग्रेस ने नतीजों से पहले अपने-अपने प्रत्याशियों को साधना किया शुरू, दोनों दलों ने अपने उम्मीदवारों की बाङेबंदी, बीजेपी ने अलग-अलग समय पर प्रत्याशियों को होटल में पहुंचाया, कांग्रेस ने भी बहुमत के आंकड़े की उम्मीद में संभाला अपना कुनबा, बीजेपी खेमे की पूरी कमान विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल के हाथों में, एक-एक प्रत्याशी की गतिविधियों पर रखी जा रही नजर! निर्दलीय बनेंगे ‘किंगमेकर’ या बीजेपी-कांग्रेसReached? {Note: there is a garbled segment in original content} कांग्रेस-बीजेपी दोनों की निगाहें निर्दलीय प्रत्याशियों पर, कांग्रेस उम्मीदवारों की कमान पुर्व मंत्री गोविन्द राम मेघवाल ने सम्भाली, सियासी गलियारों में निर्दलीयों को लेकर तेज हुआ जोड़-तोड़ का गणित, मतपेटियों में बंद जनादेश के बीच शुरू हुआ ‘सियासी खेल’, अब 20 वार्डों के नतीजों से तय होगा खाजूवाला की नई नगर सरकार का चेहरा!
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रूपकुंड ट्रैक फिर से शुरू, बुग्यालों में रोजगार के नए अवसर जागे

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:उत्तराखंड के बुग्यालों में कैंपिंग पर लगी रोक हटने के बाद पर्यटन और ट्रैकिंग गतिविधियां एक बार फिर शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में रविवार को इंडिया हाइक्स का पहला ट्रैकिंग दल विश्व प्रसिद्ध रूपकुंड ट्रैक के लिए ग्राम पंचायत वाण से रवाना हुआ। दल के वाण पहुंचने पर ग्राम पंचायत और स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका भव्य स्वागत किया और सुरक्षित एवं सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। रूपकुंड ट्रैक पर ट्रैकिंग गतिविधियां दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के बेरोजगार युवक-युवतियों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में खासा उत्साह है। ग्रामीणों ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद बुग्यालों में कैंपिंग की गतिविधियां शुरू होने का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के новые अवसर मिलेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रैकिंग गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय स्तर पर गाइड, पोर्टर, कुक, होमस्टे, घोड़ा-खच्चर संचालन और अन्य पर्यटन सेवाओं से जुड़े लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम पंचायत वाण देश-विदेश से आने वाले यात्रियों और पर्यटकों का हमेशा से स्वागत करती आई है और आगे भी पूरे सम्मान एवं आत्मीयता के साथ उनका स्वागत करती रहेगी। स्थानीय लोगों ने इंडिया हाइक्स का भी आभार जताया और कहा कि कंपनी द्वारा रूपकुंड ट्रैक पर गतिविधियां शुरू करने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी। नंदा राजजात पड़ाव अध्यक्ष वाण हीरा सिंह गढ़वाली ने कहा, “रूपकुंड ट्रैक पर पहले दल का रवाना होना पूरे क्षेत्र के लिए खुशी और उम्मीद का अवसर है। इससे स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा और पर्यटन व्यवसाय को नई गति मिलेगी। हम सभी पर्यटकों का स्वागत करते हैं और उनसे बुग्यालों की स्वच्छता एवं प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखने में सहयोग की अपील करते हैं। ग्रामीणों ने पर्यटकों और पर्यटन कंपनियों से अपील की कि हिमालयी बुग्यालों की स्वच्छता, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि इन संवेदनशील क्षेत्रों की खूबसूरती आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित रह सके।
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पूर्वोत्तर क्रांति एक्सप्रेस से 104.7 लीटर विदेशी शराब बरामद, कटिहार में कार्रवाई

Katihar, Bihar:ट्रेनों से शराब तस्करी गतिविधियाँ असम एवं पश्चिम बंगाल से शुरू होकर लंबी दूरी की ट्रेनों में अधिक सक्रिय होती हैं। एक्साइज विभाग, कटिहार ने बिहार प्रोहिबिशन एंड एक्स एक्साइज (अमेंडमेंट) एक्ट की धारा 30(a) के तहत केस दर्ज किया। रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट, कटिहार ने संयुक्त कार्रवाई कर ट्रेन सं० 22449 पूर्वोत्तर क्रांति एक्सप्रेस में शराब की खेप लाने की गुप्त जानकारी के आधार पर छापेमारी की। ट्रेन के पहुंचते ही कोच नंबर B1 के बर्थ 1 से 8 के पास तलाशी में अलग-अलग ब्रांड की 104.700 लीटर विदेशी शराब मिली, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग 62,800 रुपये है। आठ लावारिस बैगों में शराब को छुपाकर लाया गया था। बरामद शराब को एक्साइज विभाग, कटिहार को सौंप दिया गया। इस संबंध में केस नंबर 373/2026 के अंतर्गत धारा 30(a) के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
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बाघ सड़क पर दौड़े: राष्ट्रीय राजमार्ग 309 पर दो टाइगर वीडियो वायरल

Noida, Uttar Pradesh:नेशनल हाईवे 309 पर दो टाइगर, कार के आगे-आगे दौड़ते रहे बाघ—वीडियो आया सामने. तराई पश्चिमी वन प्रभाग के हेमपुर प्रतापपुर रोड से नेशनल हाईवे 309 पर देर रात सड़क पर अचानक दो बाघ आ गए। एक कार सवार भी वहां से गुजर रहा था; जैसे ही बाघ दिखाई दिए, चालक ने दूरी बनाए रखते हुए vehicle को आगे बढ़ाया। वीडियो में स्पष्ट है कि दोनों बाघ सड़क के आगे-आगे दौड़ते रहे, जिससे सड़क पर रहने वाले लोगों को खतरे का अहसास हुआ। जंगल से निकलकर सड़क पर आए दोनों बाघों को इतनी नजदीक से देखकर घटना रोमांचक भी थी और जोखिमपूर्ण भी। फिलहाल किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। तराई पश्चिमी वन क्षेत्र में अक्सर जंगल से वन्यजीव सड़क पर आते रहते हैं, अतः रात के समय जंगल के किनारे स्थित मार्गों पर वाहन चालकों को सतर्क रहते हुए बाघ जैसे बड़े वन्यजीवों को रास्ता देना चाहिए।
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रामनगर-रानीखेत मार्ग पर डंपर हादसे में चालक की मौत, सड़क चौड़ीकरण पर चर्चा तेज

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर-रानीखेत मार्ग पर दर्दनाक हादसा, कुमेरिया और सौराल के बीच एक डंपर अनियंत्रित होकर पहाड़ी से नीचे गिरा, हादसा इतना भीषण था कि डंपर चालक वाहन और पेड़ के बीच बुरी तरह दब गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, चालक को बाहर निकालने के लिए मौके पर कटर मंगवाया गया है, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है. रामनगर-रानीखेत मार्ग पर कुमेरिया और सौराल के बीच हुए इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, बताया जा रहा है कि एक डंपर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे पहाड़ी की ओर जा गिरा, नीचे गिरने के बाद डंपर एक पेड़ से जा टकराया और चालक वाहन तथा पेड़ के बीच बुरी तरह फंस गया. हादसे में चालक की दर्दनाक मौत हो गई। चालक को डंपर से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम द्वारा कटर मंगवाया गया है, जिसके बाद वाहन को काटकर चालक के शव को बाहर निकालने की कार्रवाई की जा रही है. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया. हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है। गौर करने वाली बात यह है कि रामनगर-रानीखेत मार्ग की बदहाल स्थिति और सड़क के चौड़ीकरण को लेकर लंबे समय से स्थानीय लोगों द्वारा मांग उठाई जाती रही है, इस मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क संकरी होने के साथ ही जर्जर हालत में है। सड़क चौड़ी न होने के कारण वाहन चालकों को कई जगहों पर परेशानी का सामना करना पड़ता है और हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग के चौड़ीकरण और सुधारीकरण की दिशा में गंभीरता से कदम उठाए जाने की जरूरत है, ताकि लगातार हो रहे सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके. फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर है और चालक के शव को बाहर निकालने की कार्रवाई जारी है, हादसे के बाद एक बार फिर रामनगर-रानीखेत मार्ग की सुरक्षा और चौड़ीकरण का मुद्दा चर्चा में आ गया है.
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दलमा वन्यजीव अभयारण्य में रेंजर की सेवाकाल और रिजॉर्ट निर्माण पर सवाल

Jamshedpur, Jharkhand:सरायकेला-खरसावां: दलमा वन्यजीव अभयारण्य में वन विभाग के कामकाज को लेकर एक साथ कई सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ सेवानिवृत्ति और सेवा विस्तार समाप्त होने के बाद भी रेंजर दिनेश चंद्र की विभागीय सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर दलमा के अंदर करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से बन रही एको रिट्रीट रिजॉर्ट परियोजना भी विवादों में है। बताया जा रहा है कि एको रिट्रीट रिजॉर्ट परियोजना के तहत दो हिस्सों में निर्माण किया जा रहा था। इनमें एक हिस्सा बनकर तैयार हो चुका है और उसका उद्घाटन पूर्व मंत्री सुधेव कुमार सोनू द्वारा किए जाने की बात सामने आ रही है। वहीं दूसरा हिस्सा दलमा के ऊपरी क्षेत्र में निर्माणाधीन था। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस निर्माण को लेकर आपत्ति के बाद विधायक सरयू राइ के हस्तक्षेप से मामला आगे बढ़ा और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निर्माण पर रोक लगाई गई। अब दावा किया जा रहा है कि निर्माणाधीन हिस्से को तोड़ा जा रहा है और वहां मौजूद सामान एवं निर्माण सामग्री को वाहनों के जरिए बाहर ले जाया जा रहा है। हालांकि, इस दावे को लेकर दलमा के रेंजर दिनेश चंद्र ने स्पष्ट रूप से इनकार किया है। र रिजॉर्ट तोड़े जाने के दावे पर रेंजर का इनकार जब रिजॉर्ट के निर्माणाधीन हिस्से को तोड़े जाने और वहां से सामान बाहर ले जाए जाने को लेकर रेंजर दिनेश चंद्र से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हो रहा है और कुछ भी नहीं तोड़ा जा रहा है। यानी एक तरफ स्थानीय स्तर पर निर्माण तोड़े जाने और सामान हटाए जाने की चर्चा है, जबकि रेंजर की ओर से इस तरह की किसी कार्रवाई से साफ इनकार किया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि दलमा के अंदर वर्तमान में वास्तविक स्थिति क्या है? अगर कोई निर्माण नहीं तोड़ा जा रहा है, तो वहां चल रही गतिविधियां क्या हैं? और यदि निर्माण पर रोक लगी है, तो संबंधित आदेश और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है? पत्रकारों को अंदर जाने से रोकने पर भी सवाल मामले की जानकारी जुटाने के दौरान पत्रकारों के दलमा के अंदर संबंधित क्षेत्र में जाने पर रोक लगाए जाने की बात भी सामने आई है। ऐसे में सवाल है कि यदि वहां सबकुछ नियम के अनुसार है और कोई निर्माण नहीं तोड़ा जा रहा है, तो पत्रकारों को मौके पर जाकर स्थिति देखने से क्यों रोका जा रहा है? वन विभाग को इस पर भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सेवा विस्तार फरवरी में खत्म होने की बात इसी बीच रेंजर दिनेश चंद्र की अपनी सेवा स्थिति भी सवालों के घेरे में है। दिनेश चंद्र के संबंध में बताया जा रहा है कि वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं और उन्हें एक बार सेवा विस्तार दिया गया था। अब स्वयं दिनेश चंद्र के कथित बयान के अनुसार उनका सेवा विस्तार फरवरी 2026 में ही समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद वह वर्तमान में विभागीय बैठक लेते हुए और सरकारी कामकाज में सक्रिय नजर आ रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि सेवा विस्तार समाप्त हो जाने के बाद वह किस विभागीय आदेश के तहत काम कर रहे हैं, तो उनका कहना है कि उन्हें किसी तरह का कोई विभागीय आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। यही बयान अब सबसे बड़ा सवाल खड़ा करता है। अगर फरवरी में ही सेवा विस्तार समाप्त हो चुका है और उसके बाद कोई नया विभागीय आदेश भी प्राप्त नहीं हुआ है, तो फिर वह वर्तमान में किस अधिकार के तहत विभागीय बैठक ले रहे हैं? रेंजर की फिटनेस को लेकर भी स्थानीय चर्चा वहीं स्थानीय स्तर पर रेंजर दिनेश चंद्र की स्वास्थ्य एवं कार्यक्षमता को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का दावा है कि वह स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं और इसके बावजूद नियमित रूप से कार्यस्थल पर आ रहे हैं। हालांकि, इन स्वास्थ्य संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और किसी मेडिकल रिकॉर्ड के अभाव में इसे तथ्य नहीं माना जा सकता। इसलिए यहां असली सवाल स्वास्थ्य से ज्यादा यह है कि उनकी वर्तमान सेवा स्थिति और विभागीय अधिकार क्या है। अगर वह सेवानिवृत्त हैं और सेवा विस्तार फरवरी में समाप्त हो चुका है, तो वन विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें वर्तमान में किस आदेश या प्राधिकरण के तहत विभागीय कार्य करने की अनुमति है। अब वन विभाग से चाहिए स्पष्ट जवाब इस पूरे मामले में वन विभाग के वरीय अधिकारियों को कई सवालों के जवाब देना चाहिए— • दिनेश चंद्र की वर्तमान सेवा स्थिति क्या है? • उनका सेवा विस्तार किस तारीख तक था? • क्या फरवरी 2026 के बाद कोई नया आदेश जारी हुआ? • यदि नया आदेश नहीं हुआ, तो वह विभागीय बैठक किस अधिकार से ले रहे हैं? • करीब 11 करोड़ रुपये की एको रिट्रीट रिजॉर्ट परियोजना की वर्तमान स्थिति क्या है? • क्या निर्माणाधीन हिस्से पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत रोक लगी है? • क्या वहां किसी निर्माण को तोड़ा जा रहा है? • क्या निर्माण सामग्री या अन्य सामान वहां से बाहर ले जाया जा रहा है? • पत्रकारों को संबंधित क्षेत्र में जाने से किस आदेश के तहत रोका जा रहा है? फिलहाल रेंजर दिनेश चंद्र ने रिजॉर्ट तोड़े जाने के दावे से इनकार किया है और अपनी सेवा के संबंध में यह बात कही है कि उनका सेवा विस्तार फरवरी में समाप्त हो चुका है तथा उन्हें कोई नया विभागीय आदेश नहीं मिला है। ऐसे में अब वन विभाग के वरीय अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। दलमा में आखिर वास्तविक स्थिति क्या है? रिजॉर्ट पर रोक का आदेश क्या कहता है? निर्माण स्थल पर क्या हो रहा है? और सेवा विस्तार खत्म होने के बाद दिनेश चंद्र किस अधिकार से विभागीय बैठक ले रहे हैं? इन सवालों का जवाब अब वन विभाग को देना होगा।
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