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Uvaid KhanUvaid KhanFollow2 Jan 2025, 11:35 am
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ED ने टीएमसी सांसद नदीमुल हक के कार्यालय और निवास पर छापे मारे

Noida, Uttar Pradesh:KOLKATA - ED RAIDS AT TMC MP'S OFFICE AND RESIDENCE तृणमूल सांसद नदीमुल हक के अखबार-ए-मशरिक के ऑफिस और रिहायशी मकान पर ED की छापेमारी। सांसद के दिल्ली वाले घर के साथ-साथ कोलकाता के 12 नंबर दरगा रोड सहित कई ठिकानों पर दिल्ली की ED टीम की छापेमारी। उनके प्रकाशित के संपादकीय कॉलम में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश का आरोप. कई बार लिखे भड़काऊ संपादकीय लेख. साथ ही ऑफिस के अकाउंट का इस्तेमाल करके अलग-अलग जगहों पर पैसों का संदिग्ध लेन-देन होने की बात. कागज़ों पर उसे ऑफिस का लेन-देन बताया गया है। जबकि ऑफिस की सालाना ऑडिट रिपोर्ट में उसका कोई ज़िक्र नहीं है। कई जगहों पर फर्जी डिपॉजिट करके रखा गया है। नामी और बेनामी कई अकाउंट हैं जिनके ज़रिए ट्रांजेक्शन होता था।
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निंबाहेड़ा नगर परिषद में कांग्रेस का दावा, आंजना का बीजेपी पर कटाक्ष

Begun, Rajasthan:निंबाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ - निकाय चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही निंबाहेड़ा में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधते हुए निंबाहेड़ा नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बनने का दावा किया है। आंजना ने बीजेपी के डबल इंजन सरकार के नारे पर तंज कसते हुए कहा कि पहले दो इंजन फेल हो चुके हैं और अब तीसरे इंजन की तलाश की जा रही है। उन्होंने परिसीमन को लेकर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई वार्डों में मतदाताओं की संख्या में बड़ा अंतर है और बीजेपी को अपनी हार का पहले से अंदाजा था। वहीं युवाओं की चुनाव में सहभागिता को लेकर आंजना ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में युवाओं की शानदार मौजूदगी देखने को मिल रही है। वन स्टेट-वन इलेक्शन पर उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव टालने की कोशिश की। आंजना ने दावा किया कि निंबाहेड़ा में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा।
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बेगूसराय के बाढ़ में हजारों लोग पलायन, गांव जलमग्न, नावें सड़कों पर

Begusarai, Bihar:बेगूसराय में बाढ़ की स्थिति भयावह हो रही है। बाढ़ के पानी ने तबाही मचाई है और लोग घर छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। कुछ लोग घर में ही पानी में जीवनयापन कर रहे हैं। बाढ़ के कारण चारों तरफ पानी टापू में बदल गया है। कल तक गांव था, पर वार्ड के पानी आने से पूरी गांव पानी में समा चुकी है। तकरीबन 40 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और लगभग हज़ार घरों में पानी घुस चुका है। सड़कें छाती भर पानी से भरी हैं और नाव चलना शुरू हो गया है। छितरौर गांव, मटिहानी विधानसभा क्षेत्र, बेगूसराय में पिछले 10 दिनों से बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को लोग मजबूर हैं।
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दानापुर दियारा बाढ़ के बीच जंगली सूअर फिर से हमला, एक बच्ची की मौत

Danapur, Bihar:पटना के दानापुर दियारा में बाढ़ की मुसीबत के बीच अब जंगली सुअरों का आतंक कायम है जिससे बाढ़ पीड़ितों की परेशानी बढ़ा दी है। बाढ़ के पानी के साथ जंगली सुअर दियारा क्षेत्र में पहुंच गए हैं और लगातार लोगो को अपना निशाना बना रहे। लगातार जंगली सूअर के हमले से कल एक बच्ची की मौत हो गई थी और फिर आज जंगली सूअरो ने दानापुर दियारा के गंगहरा निवासी पूनम देवी सहित दो महिलाओं पर हमला कर जख्मी कर दिया। दोनों घायल महिला को इलाज के लिए दानापुर अनुमंडल अस्पताल लाया गया। परिजनों के मुताबिक महिला घर के चापाकल पर पानी भर रही थीं। इसी दौरान अचानक जंगली सुअर वहां पहुंचा और महिला पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके बाद परिजन नाव के जरिए उन्हें दानापुर अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों ने अस्पताल में इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं होने पर सवाल खड़े कर दिए। परिजनों के मुताबिक अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि जरूरी इंजेक्शन की सुविधा उपलब्ध नहीं है और मरीज को पीएमसीएच ले जाना होगा। परिजनों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाके से मरीज को अस्पताल तक लाने के लिए करीब 1200 रुपये खर्च कर निजी नाव का सहारा लेना पड़ा। इसके बावजूद अस्पताल में पर्याप्त इलाज की सुविधा नहीं मिली और एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई गई। परिजनों ने मंत्री और सांसद के उन दावों पर भी सवाल उठाया है, जिसमें दानापुर अनुमंडल अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने की बात कही जाती है।
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दरभंगा के पैतृक गांव में स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में आक्रोश, जांच की मांग

Darbhanga, Bihar:दरभंगा के पैतृक गांव में स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में आक्रोश, जांच की मांग. दरभंगा:-दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान बयान देने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए स्वतंत्र भारद्वाज के परिवार ने उनके समर्थन में दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले लोगों के प्रति आभार जताया है। परिवार के लोगों ने कहा कि दिल्ली में स्वतंत्र का کوئی पारिवारिक या सामाजिक जुड़ाव नहीं होने के बावजूद जिन देशप्रेमी और स्वतंत्र के समर्थकों ने उसके समर्थन में प्रदर्शन किया, परिवार उनका हमेशा आभारी रहेगा。 स्वतंत्र की गिरफ्तारी के बाद परिवार ने स्वतंत्र के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि कार्रवाई की जाए तो दोनों पक्षों की भूमिका को ध्यान में रखा जाए。 जंतर-मंतर पर विवाद के बाद हुई गिरफ्तारी परिवार के अनुसार स्वतंत्र दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। वह सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहता था और सनातन धर्म एवं धार्मिक मुद्दों को लेकर अपनी बात रखता रहा है। इसी क्रम में वह जंतर-मंतर पर चल रहे एक प्रदर्शन में पहुंचा था। परिजनों का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद की ओर से हिंदू देवी-देवताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिसका स्वतंत्र ने विरोध किया। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल वह जेल में है और पुलिस मामले की जांच कर रही है。 चाचा बोले- कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए स्वतंत्र के शिक्षक चाचा अजीत झा ने कहा कि स्वतंत्र शुरू से सनातन धर्म और सामाजिक विषयों को लेकर मुखर रहा है। परिवार का आरोप है कि मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है。 सबसे छोटे चाचा सुजीत झा ने कहा कि परिवार कानून और न्यायपालिका का सम्मान करता है। यदि स्वतंत्र से कोई गलती हुई है तो कानून अपना काम करे, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिसे परिवार गलत मानता है। उनका कहना है कि यदि घटना में दोनों पक्षों की भूमिका है तो जांच भी दोनों पक्षों की होनी चाहिए。 परिवार के सदस्यों ने राजनीतिक दलों की बयानबाजी पर भी सवाल उठाया और कहा कि इस मामले को जरूरत से ज्यादा बड़ा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार कर रहा है。 ग्रामीणों में भी नाराजगी स्वतंत्र के पैतृक गांव में परिवार के कई सदस्य रहते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि स्वतंत्र का गांव से पुराना जुड़ाव है और वह समय-समय पर यहां आता रहा है। ग्रामीणों ने भी उसके पक्ष में अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि उसे राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी。 नवगछिया में हुआ जन्म, पटना और दिल्ली में हुई पढ़ाई परिवार के अनुसार स्वतंत्र का जन्म भागलपुर जिले के नवगछिया में हुआ। घर में उसे ‘शगुन’ नाम से भी बुलाया जाता है। उसकी प्रारम्भिक शिक्षा से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पटना में हुई। इसके बाद उसने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की。 परिवार के मुताबिक स्वतंत्र ने आईलेट्स की परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी और कनाडा जाने की इच्छा थी, लेकिन पिता के इकलौते पुत्र होने के कारण परिवार ने उसे विदेश जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद वह दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी करने लगा。 स्वतंत्र के पिता रणधीर कुमार झा बिहार सरकार के निगरानी विभाग में सब इंस्पेक्टर हैं। उसके दादा भी बिहार पुलिस में कार्यरत थे। परिवार के अन्य सदस्य भी अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत हैं। परिवार के अनुसार पर्व-त्योहारों पर स्वतंत्र के माता-पिता गांव आते हैं और स्वतंत्र का भी गांव से जुड़ाव बना हुआ है。 परिवार बोला- सच सामने आने की उम्मीद परिवार ने कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं और न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। उनका कहना है कि स्वतंत्र के मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार ने दोहराया कि दिल्ली में स्वतंत्र के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले लोगों के प्रति वे आभारी हैं और उनके समर्थन को हमेशा याद रखेंगे。 फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिवार द्वारा लगाए गए राजनीतिक साजिश और एकतरफा कार्रवाई के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की आगे की तस्वीर जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। बाइट-शिक्षक चाचा अजीत झा बाइट-चाचा सुजीत झा बाइट-ग्रामीण
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बोकारो नदी में डूबे सीसीएल कर्मी एतवा मुंडा की मौत, परिवार में शोक

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में कोनार नदी में डूबने से सीसीएल कर्मी की मौत, 59 वर्षीय एतवा मुंडा स्वांग वाशरी में फोरमैन के पद पर थे कार्यरत। बोकारो के गोमिया में कोनार नदी में डूबने से सीसीएल स्वांग वाशरी में फोरमैन के पद पर कार्यरत कर्मी एतवा मुंडा लगभग (59 वर्ष 10 माह) की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ कोनार नदी के किनारे जमा हो गई। सूचना मिलने पर गोमिया थाना प्रभारी प्रफुल कुमार महतो पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। वहीं स्वांग उत्तरी पंचायत के मुखिया विनोद विश्वकर्मा सहित ओल्ड माइंस क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। थाना प्रभारी और मुखिया ने शव की तलाश के लिए खेतको के गोताखोरों को बुलाया। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने शव को गैरमजरूआ के समीप कोनार नदी की झाड़ियों से बरामद किया। बताया गया कि एतवा मुंडा के बेटे बाहर थे और उनके आने में देरी हो रही थी, जिस कारण समाजसेवी विकास राणा ने मानवता दिखाते हुए गोताखोरों को घटनास्थल पर जल्दी पहुंचने के लिए 5 हजार रुपए भेजकर मदद की। मृतक अपने पीछे दो पुत्र एवं पुत्रवधु और दो पुत्रियों एवं दामाद समेत पोता-पोती एवं नाती-नतिन सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाते हुए घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई।
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खगड़िया में गंगा जलस्तर बढ़ा, माधवपुर पंचायत के सभी वार्ड बाढ़ से प्रभावित

Khagaria, Bihar:खगड़िया में भी लगातार गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है. परबतत्ता प्रखंड के माधवपुर पंचायत की करें तो गंगा नदी के जलस्तर बढ़ते ही माधवपुर से परबत्ता जाने वाली मुख्य सड़क पर पानी ओवर टॉप कर गया है जिसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानी शुरू हो गई है. आप देख सकते हैं कि किस तरह से तेज बहाव से पानी सड़क पर बह रहा है. कोई दुर्घटना नहीं हो इसके लिए मुखिया के द्वारा सड़क के किनारे रस्सी से घेरा जा रहा है, बाढ़ का पानी माधवपुर पंचायत के सभी वार्ड को अपने चपेट में ले लिया है. बाढ़ का पानी गांव में प्रवेश करते ही लोग अपने मवेशी के साथ ऊंचे स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं, पंचायत के मुखिया का कहना है कि सभी 13 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हो गया है, सड़कें पानी में डूब चुकी हैं, प्रखंड कार्यालय से सड़क संपर्क भंग हो गया है, ऐसे में लोगों को सुरक्षित दुसरे स्थान पर ले जाने के लिए राहत और बचाव कार्य की जरूरत है.
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बांसवाड़ा मुस्लिम कॉलोनी में बाइक चोरी; CCTV में तीन संदिग्ध, एक महिला संभव

Banswara, Rajasthan:इस खबर के वीओ और फोटो साथ में अटैच है । जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा रिपोर्टर - अजय ओझा,9828111238 एंकर - बांसवाड़ा शहर की मुस्लिम कॉलोनी में घर के बाहर खड़ी बाइक चोरी हो गई। चौंकाने वाली बात यह है कि चोर बाइक को स्टार्ट करने के बजाय हाथों में उठाकर पैदल ले गए। बाइक ले जाते 3 संदिग्ध सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। इनमें एक संभवतः महिला भी शामिल है। तीनों ने कपड़े से चेहरे ढक रखे थे। मुस्लिम कॉलोनी निवासी मोहम्मद ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी कि रात को उनकी बाइक घर के बाहर खड़ी थी। सुबह करीब 5 बजे देखा तो बाइक नहीं थी। इधर, सीसीटीवी में तीन संदिग्ध बाइक को उठाकर कॉलोनी से बाहर ले जाते दिख रहे हैं। पुलिस सीसीटीवी के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।
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जयपुर चुनाव: डिग्रियों की रेस बनाम मतदाता का भरोसा—हर दूसरा प्रत्याशी हाई-एजुकेशन?

Jaipur, Rajasthan:एंकर-चुनाव में कोई डिग्री वोट की गारंटी नहीं होती... लेकिन जयपुर की अगली शहरी सरकार बनाने की दौड़ में उतरे चेहरों की ‘पढ़ाई’ जरूर दिलचस्प कहानी बता रही है। कोई सिर्फ साक्षर है तो किसी के नाम के आगे बीटेक, एमबीए, एलएलएम और एमफिल जैसी डिग्री हैं। भाजपा-कांग्रेस के 298 प्रत्याशियों का रिपोर्ट कार्ड खंगाला तो मैदान लगभग दो बराबर हिस्सों में बंटा मिला। 48 फीसदी ग्रेजुएट या उससे ज्यादा पढ़े हैं, जबकि 52 फीसदी की पढ़ाई 12वीं या उससे कम है। दिलचस्प यह कि उच्च शिक्षा की इस चुनावी क्लास में भाजपा और कांग्रेस के बीच फासला सिर्फ एक प्रत्याशी का है। अब असली परीक्षा 11 सितंबर को होगी... जहां डिग्री नहीं, मतदाता नंबर देंगे। जयपुर की अगली शहरी सरकार कैसी होगी, इसका फैसला मतदाता करेंगे, लेकिन उससे पहले चुनाव मैदान में उतरे भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी की पढ़ाई का रिपोर्ट Card दिलचस्प तस्वीर दिखा रहा है। दोनों पार्टियों के 298 प्रत्याशियों की शैक्षणिक योग्यता के विश्लेषण में सामने आया कि 143 यानी करीब 48% प्रत्याशी ग्रेजुएट या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं। इसके उलट 155 यानी करीब 52% प्रत्याशियों की पढ़ाई 12वीं या उससे कम है। यानी चुनावी मैदान को मोटे तौर पर दो हिस्सों में बांटें तो अंतर सिर्फ 12 प्रत्याशियों का है। हर दूसरा प्रत्याशी कॉलेज तक पहुंचा है तो हर दूसरा स्कूली शिक्षा या साक्षरता की श्रेणी में है। सबसे दिलचस्प मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच उच्च शिक्षा को लेकर है। दोनों पार्टियों ने 149-149 प्रत्याशी उतारे हैं। इनमें भाजपा के 72 और कांग्रेस के 71 प्रत्याशी ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट हैं। यानी उच्च शिक्षा के मामले में दोनों लगभग बराबरी पर हैं और भाजपा सिर्फ एक प्रत्याशी से आगे है। शहरी सरकार के लिए चुनावी मैदान में उतरे कैंडिडेट के शिक्षा की अलग-अलग श्रेणियों को देखें तो सबसे बड़ा समूह ग्रेजुएट प्रत्याशी हैं। कुल 81 प्रत्याशी यानी 27.2% ग्रेजेस्ट हैं। इसके बाद 62 प्रत्याशी यानी 20.8% पोस्ट ग्रेजुएट हैं। दोनों को जोड़ें तो 143 प्रत्याशी उच्च शिक्षा की श्रेणी में आते हैं। स्कूली शिक्षा वाले प्रत्याशियों में सबसे ज्यादा 53 दसवीं पास हैं। इनके अलावा 50 ऐसे कैंडिडेट है जो बारहवीं तक और 20 पांचवीं से आठवीं तक पढ़े हैं। 32 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता सिर्फ साक्षर बताई है। इस तरह निगम की सत्ता तक पहुंचने की दौड़ में एक तरफ एमफिल, बीटेक, एलएलएम और एमबीए जैसी डिग्री रखने वाले प्रत्याशी हैं तो दूसरी तरफ सिर्फ साक्षर प्रत्याशी भी उन्हीं वार्डों की राजनीति में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। यानी इंजीनियरिंग से कानून, मैनेजमेंट से कॉमर्स और शिक्षा तक अलग-अलग अकादमिक पृष्ठभूमि वाले चेहरे अब वार्ड की राजनीति में हैं। 3 आँकड़े, जो बताते हैं चुनावी मैदान की पढ़ाई। 48% — कॉलेज तक पहुंचे। 298 में से 143 प्रत्याशी ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट हैं। यानी लगभग हर दूसरा प्रत्याशी उच्च शिक्षित है। 52% — 12वीं या उससे कम 155 प्रत्याशी साक्षर से लेकर 12वीं तक की श्रेणी में हैं। उच्च शिक्षित प्रत्याशियों के मुकाबले इनकी संख्या 12 ज्यादा है। सिर्फ 1 का अंतर-भाजपा-कांग्रेस लगभग बराबर उच्च शिक्षित प्रत्याशियों में भाजपा के 72 और कांग्रेस के 71 प्रत्याशी हैं। यानी शिक्षा के इस मुकाबले में किसी एक पार्टी की बड़ी बढ़त नहीं है। भाजपा-कांग्रेस के 298 प्रत्याशियो के पढ़ाई का पूरा रिपोर्ट कार्ड। शैक्षणिक योग्यता::::प्रत्याशी:::::हिस्सा सिर्फ साक्षर:::::::::::32::::::::::::10.7% पांचवीं से आठवीं::::::20::::::::::::6.7% दसवीं::::::::::::::::::::53::::::::::::17.8% बारहवीं::::::::::::::::::50:::::::::::::16.8% स्नातक::::::::::::::::::::81:::::::::::::27.2% स्नातकोत्तर::::::::::::::62:::::::::::::::20.8% कुल::::::::::::::::::::::298::::::::::::::100% बहरहाल, इस बार शहरी सरकार के चुनाव की तस्वीर इसलिए भी दिलचस्प है कि मतदाता के सामने सिर्फ पार्टी और प्रत्याशी का चेहरा नहीं, बल्कि साक्षर से पोस्ट ग्रेजुएट और गृहिणी से प्रोफेशनल तक अलग-अलग प्रोफाइल हैं। अब 150 वार्डों के मतदाता तय करेंगे कि नगर निगम के सदन में इनमें से किन चेहरों को जगह मिलेगी। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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बांसवाड़ा में नगर निकाय चुनाव और त्योहारों के बीच सुरक्षा के लिए फ्लैग मार्च

Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा बांसवाड़ा पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च निकालकर आमजन को सुरक्षा और शांति का संदेश दिया। पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देश पर पुलिसकर्मियों ने शहर के कंट्रोल रूम से फ्लैग मार्च शुरू किया, जो शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। इस दौरान पुलिस बल ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी मुस्तैदी का प्रदर्शन किया। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आमजन से शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। साथ ही लोगों को किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का संदेश दिया गया। पुलिस ने नगर निकाय चुनाव में मतदाताओं से बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि चुनाव और त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वीओ - मार्च
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समस्तीपुर के दलसिंहसराय में कार पलटने के बाद शराब लूट मच गई

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर में कार पलटी तो शराब लूटने की मची होड़,पुलिस के पहुंचने से पहले लुट गई शराब । बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन शराब की तस्करी और उसकी बरामदगी की खबरें लगातार सामने आती रहती हैं। ताजा मामला समस्तीपुर के दलसिंहसराय से सामने आया है, जिसने शराबबंदी के दावों के बीच लोगों की अवधारणा और शराब की अवैध पहुंच, दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शराब से लदी कार सड़क किनारे पलटी तो ग्रामीणों में शराब लूटने की होड़ मच गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही लोग कार से शराब के कार्टन और बोतलें लेकर फरार हो गए। पूरी घटना दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के पगड़ा चौक के समीप एनएच-28 पर रविवार की बताई जा रही है जहां बारिश के दौरान शराब से लदी एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। हादसे के बाद कार में शराब लदी होने की जानकारी जैसे ही स्थानीय लोगों को मिली, मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। देखते ही देखते लोगों ने कार से शराब की बोतलें और कार्टन निकालना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि ग्रामीण शराब के अधिकांश कार्टन लूटकर अपने साथ ले गए। सड़क किनारे पलटी कार से शराब निकालने की होड़ का यह नजारा चर्चा का विषय बन गया।अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।घटना की सूचना मिलते ही दलसिंहसराय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही शराब लेकर कई लोग वहां से फरार हो चुके थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कार में कितनी शराब थी और इसे कहां से लाया जा रहा था।
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भागलपुर में गंगा बाढ़ से जीवन अस्त-व्यस्त, लोग अस्थायी नावों से शहर पहुँच रहे

Naya Chak, Bihar:भागलपुर में गंगा नदी का रौद्र रूप अब भयावह होता जा रहा है। गंगा की बाढ़ ने जिले के शहरी से लेकर ग्रामीण और दियारा इलाकों तक तबाही मचा रखी है। हालात ऐसे हैं कि जिले के 10 प्रखंडों की 50 से अधिक पंचायतों में डेढ़ लाख से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित हो चुकी है। मिर्जापुर से लेकर नाथनगर के दियारा इलाके और सुल्तानगंज तक सैकड़ों घर जलमग्न हैं। कई गांवों में पानी लोगों के घरों के अंदर 6 से 8 फीट तक पहुंच चुका है। बाढ़ का पानी सिर्फ घरों में ही नहीं घुसा है, बल्कि लोगों की पूरी जिंदगी को थाम दिया है। जिन घरों में कभी परिवार रहते थे, आज वहां सिर्फ पानी नजर आ रहा है। लोग अपने घरों की छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं तो कई परिवार सुरक्षित जगह की तलाश में एनएच-80 के किनारे अस्थायी ठिकाना बनाकर रह रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों के आवागमन के लिए करीब 70 नावों की व्यवस्था की गई है, लेकिन बाढ़ का दायरा इतना बड़ा है कि कई जगह प्रशासन की नावें भी नहीं पहुंच पा रही हैं। ऐसे में लोगों ने अपनी मजबूरी से ही रास्ता निकाल लिया है। फोम, लकड़ी, प्लास्टिक के डब्बों और अन्य सामानों को जोड़कर स्थानीय लोग जुगाड़ की नाव तैयार कर रहे हैं। इन अस्थायी नावों पर बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। किसी को राशन लाना है, किसी को दवा की जरूरत है तो किसी को मुख्य सड़क तक पहुंचना है। लेकिन हर सफर खतरे से भरा हुआ है। पानी के तेज बहाव और गहराई के बीच जरा सी चूक बड़ी घटना का कारण बन सकती है। ये तस्वीरें भागलपुर के नाथनगर इलाके के मिर्जापुर की हैं। गंगा के आसपास बसे दर्जनों गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों ने बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने के लिए बाढ़ पीड़ितों के लिए अस्थायी ज़रूरतें और मदद की मांग की है। सैकड़ों घर पानी में डूबे हैं, गलियां और सड़कें जलमग्न हैं और लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर इस बाढ़ से कब राहत मिलेगी। मिर्जापुर से नाथनगर के दियारा इलाके तक और आगे सुल्तानगंज तक गंगा का पानी लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। एक तरफ घर डूब रहे हैं, दूसरी तरफ रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी भी ठप पड़ गई है। लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं, लेकिन सुरक्षित ठिकाना भी हर किसी को नसीब नहीं हो रहा। कुल मिलाकर भागलपुर में गंगा की बाढ़ सिर्फ पानी नहीं, बल्कि अपने साथ लोगों के लिए बेबसी, डर और दर्द लेकर आई है और इस पानी के बीच अब जिंदगी जुगाड़ की नाव के सहारे चल रही है。
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नोएडा सेक्टर-63 में मोबाइल स्नैचिंग गैंग का पर्दाफाश, 2 गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:मोबाइल स्नैचिंग गैंग का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार नोएडा के सेंट्रल जोन में सेक्टर-63 पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 31 मोबाइल फोन, एक चाकू और वारदात में इस्तेमाल की जा रही बाइक बरामद की है। नोएडा में राह चलते लोगों से मोबाइल झपटमारी करने वाले बदमाशों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। सेक्टर-63 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोचा है। पूछताछ में आरोपियों ने कई वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बाइक से राह चलते लोगों को निशाना बनाते थे और मौका मिलते ही मोबाइल छीनकर फरार हो जाते थे। इसके बाद चोरी किए गए मोबाइल फोन के जरिए बैंकिंग और UPI से जुड़े खातों तक पहुंच बनाने की कोशिश की जाती थी। आरोप है कि मोबाइल का पासवर्ड तोड़कर पीड़ितों के खातों से रकम ट्रांसफर की जाती थी। जांच में सामने आया कि एक पीड़ित के खाते से 93 हजार 500 रुपये निकाले गए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इसमें से 70 हजार रुपये फ्रीज करा दिए हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गैंग ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
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