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Hardoi: मारपीट के मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार
Bilgram, Uttar Pradesh:हरदोई जिले की कोतवाली बिलग्राम पुलिस ने मारपीट के मामले में ककराखेड़ा गांव के हरिनाथ और उनके बेटे अजय को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि मामूली विवाद को लेकर हरिनाथ और अजय ने प्रदीप नामक व्यक्ति के साथ मारपीट की थी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच और कार्रवाई में जुटी है।
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संभल में राजेश सिंघल का दावा: कोर्ट के फैसले के बाद हरिहर मंदिर बनेंगे
Sambhal, Uttar Pradesh:संभल। बीजेपी नेता राजेश सिंघल ने मौलाना ममलुकूर रहमान वर्क से अपनी जान का खतरा जताया। बीजेपी नेता राजेश सिंघल ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मौलाना ममलुकूर रहमान वर्क उनकी हत्या करा सकते हैं। सपा सांसद जिया उर रहमान वर्क उनके पिता हैं, मौलाना ममलुकूर रहमान वर्क। बीजेपी नेता राजेश सिंघल हरिहर मंदिर को लेकर अपने विवादित बयान पर अडिग हैं। उन्होंने एक बार फिर कहा कि कोर्ट का फैसला हिंदुओं के पक्ष में होगा। कोर्ट का फैसला आने पर मस्जिद तोड़कर भव्य हरिहर मंदिर बनाएंगे।0
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने 2019-10-31 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए TET छूट पास किया
Srinagar, Uttarakhand:J&K Assembly Passes Resolution Seeking TET Exemption for Teachers Appointed Before October 31, 2019.\n\nThe Jammu and Kashmir Legislative Assembly passed by voice vote a resolution seeking exemption from the Teacher Eligibility Test (TET) for teachers appointed before October 31, 2019.\n\nThe resolution was moved by School Education Minister Sakeena Itoo and calls upon the Union Government to make necessary amendments to Section 23 of the Right of Children to Free and Compulsory Education (RTE) Act, 2009, to exempt teachers appointed before the specified cut-off date from appearing in the TET.\n\nIt also urges the Centre to take necessary legal steps and issue the requisite notification through the National Council for Teacher Education (NCTE).\n\nThe resolution was passed following a two-day debate in which members from the ruling and opposition benches discussed the concerns of teachers who have been serving the education sector for several years.\n\nWelcoming the move, National Conference leaders, including Nazir Ahmad Gurezi and Farooq Shah, along with Congress MLA Iftikhar Ahmad, supported the resolution. They said the concerns of teachers should be addressed and stressed the importance of a strong education system for the future of the region.\n\nOther political leaders, including the Deputy Chief Minister and several MLAs, also supported the resolution, describing the issue as one requiring urgent attention.\n\nMembers highlighted concerns among teachers regarding their professional future and the requirement to qualify the TET.\n\nEducation Minister Sakeena Itoo, while thanking the members for supporting the resolution, said it had been brought with the intention of addressing the concerns of teachers who have served the education sector for years. She emphasised the contribution of teachers towards educating students and helping them build their careers.\n\nThe move comes against the backdrop of the Supreme Court's ruling on the TET requirement under the RTE Act. The Court has held that TET constitutes a minimum qualification under the applicable legal framework for teachers covered by the Act.\n\nIn subsequent proceedings, the timeline for acquiring the TET qualification was extended to August 31, 2028, with the Court observing that the appropriate authorities should endeavour to conduct the examination periodically, preferably twice a year.\n\nThe Assembly's resolution, however, is a request to the Union Government for a statutory and regulatory change; it does not itself alter the requirements under the central law.\n\nThe proposed exemption would therefore require the necessary action at the Union Government and NCTE level.\n\nThe issue has generated considerable concern among sections of the teaching community in Jammu and Kashmir, particularly among teachers appointed before October 31, 2019.\n\nSupporters of the resolution argue that teachers who have already served for many years should be given protection from the new requirement, while the legal framework continues to require compliance with the applicable TET provisions.\n\nThe Jammu and Kashmir government will now await the Centre's response to the Assembly's resolution.\n\nMeanwhile, the House also rejected by voice vote a Private Members' Bill seeking to make enrolment in government schools mandatory for children of public representatives and government employees.0
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एसआईआर प्रक्रिया पर घमासान, विपक्ष-भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
Ranchi, Jharkhand:एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर छिड़ा संग्राम छिड़ गया है राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और पूरे एसआईआर की प्रक्रिया पर CEIC से लेकर केंद्र सरकार, पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री तक पर निशाना साधते हुए पूछा, आखिर एंटी इनकंबेंसी समाप्त क्यों हो गया। सीईसी पर चुनावी धांधली को लेकर राहुल ने इस्तीफा मांगा तो बीजेपी हुई हमलावर। एसआईआर प्रक्रिया पर छिड़े घमासान के बीच झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, हमने शुरु से आशंका जताई थी सेलेक्टिव होकर बीजेपी के खिलाफ जो वोट हैं उन वोटों को आइडेंटिफाई कर पूरा प्रोसेस चला रहे हैं। बिहार से शुरु है, बंगाल में बड़े पैमाने पर नाम काटा गया फिर शामिल किया गया। पंजाब, दिल्ली और झारखंड में भी ऐसा ही कुछ हो रहा, पाप का घड़ा एक न एक दिन बाहर आना ही था। ज्ञानेश कुमार जिस तरह से काम कर रहे थे, बहुमत का भी ध्यान नहीं रखा, इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को अपने निगरانی में करना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता सोनल शांति ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, निर्वाचन आयोग इस देश में पूरी तरह एक वही काम कर रहा है जो टास्क उसको दिया गया है। चुनाव आयोग में एक सिस्टम बना दिया गया है, जिसकी कीमत इस देश की जनता चुका रही है। देश की जनता को बीजेपी ने फिर से चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब देने के लिए लाइनों में लगाने का काम किया है। चुनाव आयोग जिस प्रक्रिया को अपना रही उसमें पूरी तरह से फेल हो चुकी है। देश के नागरिकों को परेशान करने वाला जो सिस्टम आया है वो संविधान विरोधी है। जबकि बीजेपी नेता दीपक बंका ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाना संवैधानिक प्रावधानों पर सवाल उठाने जैसा है। भारत में कई बार एसआईआर हुआ है और नियमित अंतराल पर होता रहा है ताकि वोटर शुद्धिकरण हो और निष्पक्ष चुनाव हो सके। अवांछित वोटर के नाम हटे, विजात नाम जुटे। यही प्रक्रिया है। जो लोग आरोप लगा रहे हैं वो अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। संविधान पर शंका व्यक्त कर रहे, जबकि निष्पक्ष प्रणाली के तहत काम हो रहा है। बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष सरोज सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, अगर चुनाव आयोग छानबीन कर रहा है, नोटिस कर रहा है तो उसमें कहां गड़बड़ी है। केरल, तेलंगाना में भी एसआईआर हुआ वहां उनकी सरकार बनी तो अच्छा है, जहां नहीं बनी चुनाव आयोग खराब हो जा रहा है। एसआईआर से अगर शुद्धिकरण हो रहा है तो उसके लिए जो जो उपाय करना होगा किया जाएगा। सही लोगों को जवाब देने में क्या दिक्कत है।0
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छठ त्योहार के दौरान बिहार आने वालों के लिए रेलवे को अधिक ट्रेनें चाहिए
Patna, Bihar:छठ पर्व को लेकर बिहार आने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है, दिल्ली-मुंबई रूट से बिहार आने वाली कई नियमित ट्रेनों में सीटें फुल हो गई हैं और नो रूम की स्थिति बन गई है, करीब 70 हजार यात्रियों ने वेटिंग टिकट कराया है। छठ पर दिल्ली, मुंबई समेत दूसरे शहरों से करीब 3 लाख लोगों के बिहार आने का अनुमान है , यात्रियों की संख्या को देखते हुए रेलवे को 125 से अधिक अतिरिक्त ट्रेनों की जरूरत बताई जा रही है। संपूर्ण क्रांति, ब्रह्मपुत्र मेल, सीमांचल, विक्रमशिला और गरीब रथ समेत कई ट्रेनों में नवंबर की तारीखों पर टिकट उपलब्ध नहीं हैं। पटना से दिल्ली रूट पर रोजाना करीब 60 हजार यात्री सफर करते हैं ऐसे में त्योहार से पहले टिकट को लेकर दबाव बढ़ गया है, छठ से करीब एक सप्ताह पहले बिहार आने और त्योहार के बाद करीब 10 दिनों तक वापस लौटने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से वेटिंग और बढ़ने की संभावना है ऐसे मैं रेलवे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है किसी भी तरीके से यात्रियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए ताकि यात्रा करने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े0
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कांकेर में 36 घंटे से लगातार बारिश, जनजीवन थम गया; नदी-नाले उफान पर
Kurustikur, Chhattisgarh:कांकेर में 36 घंटे से लगातार बारिश, जनजीवन लगभग थम गया है. जिले के अंदरूनी इलाकों के नदी-nale उफान पर आ गए हैं. वहीं मौसम विभाग और दो दिनों तक तेज बारिश होने की सम्भावना जता रहा है. कांकेर जिले के आमाबेड़ा इलाके के पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है; पुलिस विभाग ने एहतियात के तौर पर बेरीकेट्स लगा दिए हैं ताकि कोई पुल पार न कर पाए. वहीं कांकेर की दूध नदी पहाड़ी नदी होने के चलते पानी का जलस्तर तेजी से बढ़ता ही जा रहा है.0
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महासमुंद में 24 घंटे से भारी बारिश, जल-नालों में उफान
Mahasamund, Chhattisgarh:लोकेशन -महासमुंद ब्रेकिंग न्यूज़ महासमुंद में 24 घंटे से आफत की बारिश, नदी-नाले उफान पर। बंगाल की खाड़ी के गहरे अवदाब का जिले में दिख रहा असर। मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। आज रात गरज-चमक के साथ तेज बौछार और आकाशीय बिजली की आशंका। ठंडी हवाओं के साथ तापमान गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। शनिवार दोपहर बाद बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना। रविवार से मौसम में सुधार और सोमवार से पूरी तरह शुष्क मौसम के आसार। महासमुन्द, छत्तीसगढ़ में आज बारिश की संभावना दिन में 86% और रात में 75% बनी हुई है, तथा वर्तमान में 25°C तापमान और 9 mph की रफ्तार से उत्तर-पूर्वी हवा के साथ भारी बारिश (heavy rain) की स्थिति दर्ज है।0
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राजधानी रांची में पेड़ गिरने से स्कूल बस टला भारी हादसा, सभी बच्चे सुरक्षित
Ranchi, Jharkhand:राजधानी रांची में टला बड़ा हादसा बच्चों से भरी जेवियर स्कूल की बस के ऊपर गिरा पेड़ घटना में सभी बच्चे सुरक्षित ,बच्चों को पहुंचाया गया स्कूल एजी मोड़ के पास से गुज़र रही थी स्कूल बस अर्णब तूफान की वजह से राजभर में बदला है मौसम का मिजाज लगातार हो रही बारिश ने कई पेड़ों की जड़ों को कर दिया है कमजोर0
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पखांजूर में 24 घंटे से लगातार बारिश, जलभराव का खतरा बढ़ा
Pakhanjur, Chhattisgarh:पखांजूर ---पखांजूर में 24 घंटे से लगातार बारिश।झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित। लगातार बारिश से निचले इलाकों में बढ़ा जलभराव का खतरा।बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने का खतरा。0
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गणेश विसर्जन के दौरान प्रशिक्षु DSP निशांत कुर्रे पर हमला, 6 हिरासत
Kusu, Chhattisgarh:सरगुजा ब्रेकिंग घटना विवरण: गणेश विसर्जन के दौरान प्रशिक्षु DSP पर हमला। वाहन साइड देने की बात को लेकर हुआ विवाद। हुड़दंगियों ने प्रशिक्षु DSP निशांत कुर्रे के साथ की मारपीट। DSP के निजी वाहन में भी किया गया तोड़फोड़। दरिमा थाना में थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ है प्रशिक्षु DSP निशांत कुर्रे। 6 आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। मणीपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर की घटना।0
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Ganpati utsav mein bhakton ki bheed, shahar mein suraksha vyavastha high alert
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बोकारो के तेलो में सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनाने की पहल शुरू
Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के चंद्रपुरा के तेलों से सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भरता होगी। गाँव वाले सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन कर पाएंगे। बिजली कट से ग्रामीणों को निजात मिलेगी तथा वे बिजली उत्पादन कर सरकार को बेच أيضاً सकते हैं। डीडीसी ने घोषणा की और ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त किया। बोकारो के चंद्रपुरा प्रखंड के पश्चिम, मध्य और पूर्वी तेलो पंचायत में जल्द सौर आधारित बिजली उत्पादन शुरू होगा। पहले इस योजना से एक हजार घरों को जोड़ा जाएगा, फिर तीन हजार घरों को और फिर पूरे क्षेत्र को। यह प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत किया जाएगा जिसमें चंद्रपुरा प्रखंड के तेलो को पूर्ण रूप से अच्छादित कर आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य है। तेलो दुर्गा मंदिर तथा हनुमान प्रतिमा स्थल परिसर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान उप विकास आयुक्तShatabdi Majumdar ने कहा कि तेलो के सभी आम जनों के सामूहिक प्रयास से ही तेलो को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। टीम भावना के साथ ही कार्य करने पर तेलो पूरे भारत में सौर उत्पादक पंचायत बन सकता है; हर घर बिजली उत्पादन कर सरकार को बिजली देगी, जिससे यहाँ के लोगों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास होगा, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगा। इस दौरान प्रखंड के बीडीओ, सीओ सहित बिजली विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। बाइट — शताब्दी मजूमदार, उप विकास आयुक्त, बोकारो。0
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पराली रोकथाम के लिए हरियाणा ने किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन दिया
Chandigarh, Chandigarh:मशीनरी के बेहतर उपयोग के लिए किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन चंडीगढ़, 24 सितंबर- हरियाणा सरकार ने धान की पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर ‘पराली संरक्षण बल’ गठित करने का निर्णय लिया है। यह बल पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी और रोकथाम के साथ-साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, देर शाम और रात के समय गश्त बढ़ाई जाएगी तथा खेतों में आग की घटनाओं की निगराणी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी के बेहतर उपयोग के लिए किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन देने का भी प्रावधान किया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहाँ पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुपालन के संबंध में राज्य कार्य योजना की समीक्षा की। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राज्य में पराली प्रबंधन और निगरानी के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्य योजना के तहत गठित ‘पराली संरक्षण बल’में पुलिस कर्मियों के साथ कृषि विभाग के अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, नोडल एवं क्लस्टर अधिकारियों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। यह बल जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्य करेगा तथा खेतों में आग लगने की घटनाओं की निगरानी करने के साथ-साथ पराली जलाने की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार ने बताया कि देर शाम गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि कुछ किसानों द्वारा उपग्रहों की निगरानी से बचने के लिए अंधेरा होने के बाद पराली जलाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे मामलों की प्रभावी रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी और गश्त को और मजबूत किया जा रहा है। कार्ययोजना के अनुसार पराली जलाने की प्रत्येक सत्यापित घटना में तीन स्तरों पर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी, चालान किया जाएगा तथा किसान के भूमि रिकॉर्ड में ‘रेड एंट्री’ की जाएगी। इसके साथ ही निर्धारित पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि भी संबंधित उल्लंघनकर्ता से वसूल की जाएगी। सरकार द्वारा पराली जलाने के विकल्प उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी के बेहतर उपयोग के लिए 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके अलावा, फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी की खरीद पर सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जा रही है। धान की कटाई के कार्यक्रम के अनुसार बेलर, रेकर्स तथा अन्य फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी को विभिन्न जिलों में स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई है। सितंबर माह से यमुनानगर, अम्बाला, करनाल और कुरुक्षेत्र में धान की कटाई शुरू होती है, जबकि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और जींद जैसे जिलों में कटाई का कार्य तेज होता है। अधिकारियों को पड़ोसी राज्यों तथा हरियाणा के आसपास के जिलों में मशीनरी के मालिकों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कटाई के समय आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। पराली प्रबंधन और खेत स्तर पर निगरानी के लिए 8,134 ग्राम स्तरीय नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। राज्य में लगभग 5,600 गांवों में 6,21,285 पंजीकृत धान उत्पादक किसान हैं, जिनके पास लगभग 34.1 लाख एकड़ क्षेत्र में धान की खेती है। अब तक 6,04,314 किसानों को नोडल अधिकारियों द्वारा कवर किया जा चुका है, जबकि 16,971 किसानों को अभी कवर किया जाना बाकी है। निगरानी व्यवस्था के तहत सामान्य गांवों में एक नोडल अधिकारी को अधिकतम 100 किसानों तथा হॉटস্পॉट गांवों में अधिकतम 50 किसानों से जोड़ा जाएगा। नोडल अधिकारी मोबाइल एप के माध्यम से खेतों में सक्रिय आग की लोकेशन की सूचना देंगे तथा यह भी दर्ज करेंगे कि संबंधित किसान फसल अवशेष का प्रबंधन खेत में ही करने, खेत से बाहर निकालकर करने या चारे के रूप में उपयोग करने जैसी विधियों से कर रहे हैं या नहीं। मोबाइल एप पर दर्ज सक्रिय आग की घटनाओं पर पराली संरक्षण बल द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने ड्रोन आधारित निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। सीएक्यूएम के निर्देशों के अनुरूप राज्य में ‘दृश्य’ के सहयोग से पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए जा रहे हैं। उपायुक्तों को पहले से उन गांवों और स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी। क्षेत्रीय अधिकारियों को सीएक्यूएम और NRSE द्वारा खेतों में जले हुए क्षेत्र का आकलन करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। अधिकारियों को केन्द्र सरकार द्वारा विकसित ‘भूवन’ एप के माध्यम से निर्धारित स्थानों का सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्ययोजना के तहत सरकारी और पंचायत भूमि की पहचान कर वहां पराली से तैयार गांठों के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था की जाएगी। पराली का उपयोग करने वाले उद्योगों के साथ समन्वय कर भंडारण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जिला स्तर पर आपूर्ति श्रंृखला की कार्ययोजना भी बनाई जाएगी। इसके तहत बेलिंग, पेलेटिंग, ब्रिकेटिंग और स्टोरेज की उपलब्ध सुविधाओं को चिह्नित करके किसानों को पराली का उपयोग करने वाले अंतिम उपभोक्ता उद्योगों से जोड़ा जाएगा। राज्य सरकार द्वारा पराली जलाने के दुष्प्रभावों और फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों के बारे में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। अब तक गांव और ब्लॉक स्तर पर 646 शिविर, संवाद कार्यक्रम एवं प्रदर्शन आयोजित किए जा चुके हैं, इनमें 23 हजार से अधिक किसानों ने भाग लिया। इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में 370 जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई हैं, जिनमें 19 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन कोParali जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए निगरानी, प्रवर्तन, मशीनरी की उपलब्धता तथा किसानों के साथ निरंतर संवाद और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को आवश्यक संसाधन और व्यावहारिक विकल्प उपलब्ध कराने के साथ-साथ नियमों का प्रभावी अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाए।0
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2047 का Developed भारत: बच्चों ने ड्रॉ और भाषण से सपना प्रदर्शित किया
Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा जिले में बच्चों की कल्पना में 2047 का विकसित भारत नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘मेरे सपनों का भारत–सेवा चित्र’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला संयोजक एवं जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी ने विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर बच्चों की प्रस्तुतियां देखीं। बेरला, गोंडगिरी, सरदा और बेमेतरा के स्कूलों में विद्यार्थियों ने ड्रॉइंग, भाषण और रंगोली के जरिए विकसित भारत की अपनी कल्पना पेश की। किसी चित्र में आधुनिक तकनीक और एआई का भारत दिखा, तो किसी ने स्वच्छ पर्यावरण, ग्रीन एनर्जी, डिजिटल सुविधाओं, मजबूत कृषि और आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर उकेरी। कल्पना योगेश तिवारी ने बच्चों की रचनात्मक सोच की सराहना करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही कल के भारत का निर्माण करेंगे。0
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कटिहार रेल मंडल में स्वच्छता पखवाड़ा से शुरू हुआ प्लास्टिक मुक्त स्टेशन अभियान
Katihar, Bihar:कटिहार रेल मंडल ने चलाया स्वच्छता पखवाड़े के तहत महाअभियान कटिहार रेल मंडल के तहत 108 स्टेशन और 20 हाल्टों पर चल रहा है स्वच्छता पखवाड़ा कटिहार रेल मंडल में 1500 सीटीयू ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और होंगी सफाई सभी चिह्नित स्थलों पर 17 सितंबर से लगातार गहन सफाई अभियान, समापन 02 अक्टूबर को होगा सिंगल यूज़ प्लास्टिक के बहिष्कार का संदेश स्टेशनों पर कुल्हड़ के उपयोग को बढ़ावा रेलवे स्टेशनों पर प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए रिवर्स वेंडिंग मशीन लगाने का सुझाव; वेंडरों, कर्मियों और यात्रियों में जागरूकता पर जोर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार रेल मंडल में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष स्वच्छता अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर आगामी 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभियान के तहत कटिहार मंडल में प्रतिदिन विभिन्न स्वच्छता और जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। कटिहार रेल मंडल के डीआरएम किरेन्द्र नरह ने बताया कि पखवाड़े के तहत रेलवे स्टेशनों, रेल परिसरों और ट्रेनों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे का पूरा प्रयास है कि क्लीन स्टेशन और क्लीन ट्रेन के संकल्प को पूरी तरह धरातल पर उतारा जाए। 17 सितंबर को स्वच्छता की शपथ के साथ इसकी शुरुआत की गई थी और 2 अक्टूबर तक हर दिन अलग-अलग गतिविधियां निर्धारित हैं। डीआरएम किरेन्द्र नरह ने आगे बताया कि इस अभियान के तहत जनसंपर्क के माध्यम से लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। आम जनता और यात्रियों से मिले सुझावों को भी अमल में लाने के लिए जांचा और परखा जा रहा है। स्टेशनों पर चाय की दुकानों में मिट्टी के कुल्हड़ के उपयोग को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे स्टेशनों पर मिट्टी के कुल्हड़ का चलन बंद नहीं हुआ है, बल्कि यह अधिकांश जगहों पर सुचारू रूप से चल रहा है। जहां इक्का-दुक्का जगहों पर प्लास्टिक के कप का उपयोग देखने को मिलता है, वहां भी इसे पूरी तरह समाप्त कर पर्यावरण अनुकूल मिट्टी के कुल्हड़ को ही शत-प्रतिशत लागू किया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कटिहार रेल मंडल के एडीआरएम मनोज कुमार सिंह ने कहा कि देशभर के सभी मंत्रालयों में यह राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें रेलवे अहम भूमिका निभा रहा है । कटिहार रेल मंडल के हिस्से में 1500 सीटीयू आए हैं, जिनकी लगातार गहन सफाई की जा रही है। संबोधन के दौरान एडीआरएम मनोज कुमार सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खान-पान की श्रृंखला में माइक्रोप्लास्टिक का पहुंचना मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। सामाजिक जिम्मेदारी को व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर रखकर हवा, पानी और जमीन को शुद्ध रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधि राजेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रभावी कचरा प्रबंधन के लिए रेलवे वेंडरों, कर्मचारियों और यात्रियों के बीच व्यापक जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है। सिंगल-यूज प्लास्टिक के उचित निपटान के लिए उन्होंने बड़े शहरों और विदेशों की तर्ज पर प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर रिवर्स वेंडिंग मशीन स्थापित करने का सुझाव दिया। राजेश कुमार सिंह ने आगे सुझाव दिया कि इस पहल की शुरुआत कटिहार रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों में न्यू जलपाईगुड़ी, जो विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित हो रहा है और दार्जिलिंग हिमालयन रेल क्षेत्र में हो, जो विश्व धरोहर है। यदि इन महत्वपूर्ण पर्यटन और प्रमुख स्टेशनों से इस पहल की शुरुआत की जाती है, तो इसके काफी व्यापक और सार्थक परिणाम सामने आएंगे।0
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