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Sunil KumarSunil KumarFollow1 Feb 2025, 12:38 pm

Hardoi - केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह ने दी प्रतिक्रिया

Hardoi, Uttar Pradesh:

केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर हरदोई में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह ने कहा कि इस बजट में किसानों के लिए कोई राहत नहीं है और नौजवानों के रोजगार की कोई बात नहीं है.ऐसा लग रहा है कि वित्त मंत्री ने देश का बजट पेश करने के बजाय बिहार का बजट पेश कर दिया हो और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है की उत्तर प्रदेश के साथ में सौतेला व्यवहार किया गया और जो तमाम बजट पिछले बजट में जारी किया गया था,उनमें कटौती की गई है. शिक्षा के बजट में स्वास्थ्य के बजट में कहा कि किसानों के एमएसपी पर का कोई बात हुई ,रोजगार की बात हुई, किसान नेता अनशन पर है, उसको लेकर कोई बात नहीं हुई।

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कांठडी बांध की बदहाली: सीपेज से पानी बह रहा, पाल पर बबूल खतरा

Dungarpur, Rajasthan:हेडलाइन - कांठडी बांध की बदहाली, सीपेज से बह रहा हजारों लीटर पानी, पाल पर विलायती बबूल बढ़ा रहे खतरा एंकर इंट्रो - डूंगरपुर जिले के जल संसाधन विभाग की अनदेखी के चलते कांठडी बांध इन दिनों बदहाली के आंसू रो रहा है। बाँध की नहर की कोठी में सीपेज होने से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। जिससे बांध खाली होने का अंदेशा बना हुआ है। वही बांध की पाल पर बड़े-बड़े विलायती बबूल उग आने से बाँध की पाल को खतरा बना हुआ है | ग्रामीणों ने विभाग द्वारा नहर मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की और मुख्य गेट की मरम्मत के बजाय केवल दीवारों पर प्लास्टर करने के आरोप लगाया है |
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राजस्थान रोडवेज के बेड़े में पहली बार 300 इलेक्ट्रिक बसें, दिसंबर तक 1567 नई बसें लेने की तैयारी

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान रोडवेज के बेड़े में पहली बार 300 इलेक्ट्रिक बसें, दिसंबर तक 1567 नई बसें लेने की तैयारी - राजस्थान रोडवेज का फ्लीट होगा मजबूत, 500 बसें खरीद रहा रोडवेज प्रशासन - इनमें से 174 बसें इसी माह तक मिलेंगी, 767 बसें जीसीसी मॉडल पर ली जा रही जयपुर。 राजस्थान रोडवेज को घाटे से उबारने के रोडवेज प्रबंधन के प्रयास सफल होते दिख रहे हैं। एक तरफ जहां राजस्व लीकेज के प्रयासाें से रोडवेज की संचालन आय में बढ़ोतरी हो रही है। वहीं दूसरी तरफ रोडवेज का बेड़ा नया और मजबूत होने से यात्रियों के लिए सुविधाएं भी बढ़ रही हैं। दिसंबर तक रोडवेज के बेड़े में 1567 नई बसें शामिल हो जाएंगी। रोडवेज प्रशासन अपनी बसों का बेड़ा बढ़ाने पर फोकस कर रहा है। एक तरफ जहां पुरानी बसों को रिप्लेस किया जा रहा है। वहीं नई बसों की खरीद के साथ ही जीसीसी मॉडल पर अनुबंध पर बसें ली जा रही हैं। रोडवेज प्रशासन ने वित्त वर्ष 2026-27 में अपने फ्लीट में बदलाव को लेकर रोड मैप तैयार कर लिया है। इस साल रोडवेज प्रशासन 500 बसों की खरीद कर रहा है। इनमें से 200 बसें जहां पिछले वर्ष की बजट घोषणा के तहत खरीदी जा रही हैं। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की बजट घोषणा के तहत भी 300 नई बसों की खरीद की जाएगी। 200 बसों में से 144 एक्सप्रेस बसें इसी माह के अंत तक रोडवेज प्रशासन को मिल जाएंगी। इन 200 बसों में 30 एसी स्लीपर बसें भी खरीदी गई हैं। जबकि 26 अन्य बसों की खरीद प्रक्रिया नए सिरे से की जाएगी। जबकि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 300 बसों की खरीद जल्द ही रोडवेज प्रशासन शुरू करेगा。 इस तरह बढ़ रहा रोडवेज का फ्लीट - रोडवेज प्रशासन पहली बार ले रहा 300 इलेक्ट्रिक बसें - EV बसों का टेंडर रोडवेज प्रशासन स्तर पर फाइनल हुआ - मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भिजवाया गया है प्रस्ताव - ईवी बसों से दिल्ली में बीकानेर हाउस से बसें चलाने की रहेगी कोशिश - दिल्ली के अलावा एनसीआर रीजन के जिलों में चलाई जाएंगी इलेक्ट्रिक बसें - दिल्ली एनसीआर, अलवर, खैरथल तिजारा, भरतपुर क्षेत्र में चलाई जाएंगी - जोधपुर, उदयपुर, माउंट आबू, बीकानेर के लिए भी चल सकेंगी ईवी बसें - इन बसों को अहमदाबाद, चंडीगढ़, आगरा, लखनऊ रूट पर भी चलाना संभव - इलेक्ट्रिक बसें अगले 6 से 8 माह में मिल सकेंंगी - नए वर्ष में 300 बसों की खरीद के लिए प्रस्ताव सरकार को भिजवाया गया - राज्य सरकार से मंजूरी मिलते ही 300 बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू होगी 767 बसों के टेंडर 31 मई तक फाइनल होंगी रोडवेज प्रशासन अपने बेड़े को मजबूत करने के लिए जीसीसी मॉडल पर भी बसें लेने जा रहा है। 767 बसें जीसीसी मॉडल पर अनुबंध पर लेने के लिए रोडवेज प्रशासन ने टेंडर निकाले हुए हैं। प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि इन बसों को जीसीसी माॅडल पर लेने की टेंडर प्रक्रिया 31 मई तक पूरी कर ली जाएगी। रोडवेज प्रशासन निजी बस संचालकों से प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कई तरह की बसें अपने फ्लीट में बढ़ा रहा है। रोडवेज फ्लीट में बढ़ेगी बसों की वैरायटी - 200 बसों में 30 एसी स्लीपर बसें खरीदी जा रही - रोडवेज में पहली बार 36 स्लीपर बर्थ वाली स्लीपर बसें शामिल होंगी - प्राइवेट बसों से प्रतिस्पर्धा को देखते हुए स्लीपर बसें ली जा रही हैं - रोडवेज प्रशासन अनुबंध पर जीसीसी मॉडल के तहत ले रहा 767 बसें - इन बसों को लेने के लिए टेंडर जारी किए गए - 445 एक्सप्रेस बसें (ब्लू लाइन थ्री बाई टू) अनुबंध पर ली जा रही - 127 स्टार लाइन (नाॅन एसी टू बाई टू) बसें ली जा रही - 100 एसी टू बाई टू बसें भी जीसीसी माॅडल के तहत लेने की है तैयारी - 25 एसी स्लीपर 50 नॉन एसी स्लीपर बसें भी इसी प्रक्रिया में शामिल अनुबंध और खरीद, दोनों साथ-साथ रोडवेज प्रशासन बसों के डीजल औसत काे सुधारने के लिए पुरानी बसों को बेड़े से बाहर कर रहा है। वहीं इलेक्ट्रिक बसें शामिल किए जाने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। रोडवेज प्रशासन का प्रयास है कि नई बसें केवल अनुबंध पर ही नहीं, बल्कि रोडवेज के स्वामित्व की भी होनी चाहिए, इसलिए बसों की खरीद भी समानांतर रूप से की जा रही है。
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राजस्थान रोडवेज के बेड़े में 1567 नई बसें, इलेक्ट्रिक और जीसीसी मॉडल पर जोर

Jaipur, Rajasthan:लोकप्रिय जयपुर फीड- 2सी हैडर- - दिसंबर तक आएंगी 1567 नई बसें! - राजस्थान रोडवेज का फ्लीट होगा मजबूत - पहली बार 300 इलेक्ट्रिक बसें लेने की तैयारी - 500 बसें खरीद रहा रोडवेज प्रशासन - इनमें से 174 बसें इसी माह तक मिलेंगी - 767 बसें जीसीसी मॉडल पर ली जा रही एंकर राजस्थान रोडवेज को घाटे से उबारने के रोडवेज प्रबंधन के प्रयास सफल होते दिख रहे हैं। एक तरफ जहां राजस्व लीकेज के प्रयासाें से रोडवेज की संचालन आय में बढ़ोतरी हो रही है। वहीं दूसरी तरफ रोडवेज का बेड़ा नया और मजबूत होने से यात्रियों के लिए सुविधाएं भी बढ़ रही हैं। दिसंबर तक रोडवेज के बेड़े में 1567 नई बसें शामिल हो जाएंगी। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 राजस्थान रोडवेज में इस साल के अंत तक 1567 नई बसें शामिल होंगी। रोडवेज प्रशासन अपनी बसों का बेड़ा बढ़ाने पर फोकस कर रहा है। एक तरफ जहां पुरानी बसों को रिप्लेस किया जा रहा है। वहीं नई बसों की खरीद के साथ ही जीसीसी मॉडल पर अनुबंध पर बसें ली जा रही हैं। रोडवेज प्रशासन ने वित्त वर्ष 2026-27 में अपने फ्लीट में बदलाव को लेकर रोड मैप तैयार कर लिया है। इस साल रोडवेज प्रशासन 500 बसों की खरीद कर रहा है। इनमें से 200 बसें जहां पिछले वर्ष की बजट घोषणा के तहत खरीदी जा रही हैं। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की बजट घोषणा के तहत भी 300 नई बसों की खरीद की जाएगी। 200 बसों में से 144 एक्सप्रेस बसें इसी माह के अंत तक रोडवेज प्रशासन को मिल जाएंगी। इन 200 बसों में 30 एसी स्लीपर बसें भी खरीदी गई हैं। जबकि 26 अन्य बसों की खरीद प्रक्रिया नए सिरे से की जाएगी। जबकि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 300 बसों की खरीद जल्द ही रोडवेज प्रशासन शुरू करेगा। Gfx In इस तरह बढ़ रहा रोडवेज का फ्लीट - रोडवेज प्रशासन पहली बार ले रहा 300 इलेक्ट्रिक बसें - EV बसों का टेंडर रोडवेज प्रशासन स्तर पर फाइनल हुआ - मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भिजवाया गया है प्रस्ताव - ईवी बसों से दिल्ली में BEकानेर हाउस से बसें चलाने की रहेगी कोशिश - दिल्ली के अलावा एनसीआर रीजन के जिलों में चलाई जाएंगी इलेक्ट्रिक बसें - दिल्ली एनसीआर, अलवर, खैरथल तिजारा, भरतपुर क्षेत्र में चलाई जाएंगी - जोधपुर, उदयपुर, माउंट आबू, बीकानेर के लिए भी चल सकेंगी ईवी बसें - इन बसों को अहमदाबाद, चंडीगढ़, आगरा, लखनऊ रूट पर भी चलाना संभव - इलेक्ट्रिक बसें अगले 6 से 8 माह में मिल सकेंगी - नए वर्ष में 300 बसों की खरीद के लिए प्रस्ताव सरकार को भिजवाया गया - राज्य सरकार से मंजूरी मिलते ही 300 बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू होगी Gfx Out बाइट- पुरुषोत्तम शर्मा, प्रबंध निदेशक, रोडवेज वीओ- 2 रोडवेज प्रशासन अपने बेड़े को मजबूत करने के लिए जीसीसी मॉडल पर भी बसें लेने जा रहा है। 767 बसें जीसीसी मॉडल पर अनुबंध पर लेने के लिए रोडवेज प्रशासन ने टेंडर निकाले हुए हैं। इन बसों को जीसीसी माॅडल पर लेने की टेंडर प्रक्रिया 31 मई तक पूरी कर ली जाएगी। रोडवेज प्रशासन निजी बस संचालकों से प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कई तरह की बसें अपने फ्लीट में बढ़ा रहा है। Gfx In रोडवेज फ्लीट में बढ़ेगी बसों की वैरायटी - 200 बसों में 30 एसी स्लीपर बसें खरीदी जा रही - रोडवेज में पहली बार 36 स्लीपर बर्थ वाली स्लीपर बसें शामिल होंगी - प्राइवेट बसों से प्रतिस्पर्धा को देखते हुए स्लीपर बसें ली जा रही हैं - रोडवेज प्रशासन अनुबंध पर जीसीसी मॉडल के तहत ले रहा 767 बसें - इन बसों को लेने के लिए टेंडर जारी किए गए - 445 एक्सप्रेस बसें (ब्लू लाइन थ्री बाई टू) अनुबंध पर ली जा रही - 127 स्टार लाइन (नाॅन एसी टू बाई टू) बसें ली जा रही - 100 एसी टू बाई टू बसें भी जीसीसी माॅडल के तहत लेने की है तैयारी - 25 एसी स्लीपर 50 नॉन एसी स्लीपर बसें भी इसी प्रक्रिया में शामिल Gfx Out बाइट- पुरुषोत्तम शर्मा, प्रबंध निदेशक, रोडवेज वीओ- 3 रोडवेज प्रशासन बसों के डीजल औसत को सुधारने के लिए पुरानी बसों को बेड़े से बाहर कर रहा है। वहीं इलेक्ट्रिक बसें शामिल किए जाने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। रोडवेज प्रशासन का प्रयास है कि नई बसें केवल अनुबंध पर ही नहीं, बल्कि रोडवेज के स्वामित्व की भी होनी चाहिए, इसलिए बसों की खरीद भी समानांतर रूप से की जा रही है। - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर
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धमतरी के भखारा में बुजुर्ग दादा की हत्या: दोस्ती के नाम पर खौफनाक वारदात

Dhamtari, Chhattisgarh:दोस्तों ने बुजुर्ग की हत्या धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया..... यहां तीन दोस्तों ने मिलकर अपने ही दोस्त के बुजुर्ग दादा की बेरहमी से हत्या कर दी.... घटना के बाद इलाके में दहशत और मातम का माहौल बना हुआ है... बताया गया है चार दोस्तों ने साथ बैठकर शराब पीने की योजना बनाई थी..... और शराब लाने के लिए एक युवक को बाइक देकर भेजा गया, लेकिन रास्ते में बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा..... इसी नुकसान की भरपाई को लेकर दोस्तों के बीच विवाद शुरू हो गया...... और गुस्से में तीन युवक अपने चौथे दोस्त के घर पहुंचे गए और वहां मौजूद उसके दादा अन्नू निर्मलकर से पैसों की मांग करने लगे..... जब बात नहीं बनी, तो नशे में धुत आरोपियों ने अपना आपा खो दिया और बुजुर्ग पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया..... हमला इतना खौफनाक था कि अन्नू निर्मलकर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया..... वारदात के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल थी...... वही घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी..... पुलिस ने मुख्य आरोपी चीकू दीवान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
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गिरिडीह में झामुमो का गैस सिलेंडर महंगाई के विरोध में धरना

Giridih, Jharkhand:गिरिडीह में झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला समिति की ओर से शहर के टावर चौक पर धरना-प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन में महानगर प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष संजय सिंह, महानगर जिलाध्यक्ष रॉकी सिंह, मेयर प्रमिला मेहरा, डिप्टी मेयर सुमित कुमार, पूर्व विधायक केदार हाजरा समेत कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. नेताओं ने केंद्र सरकार पर महंगाई बढ़ाने का आरोप लगाया और तुरंत गैस सिलेंडर के दाम वापस लेने की मांग की. झामुमो नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है. मौके पर दिलीप रजक, अजीत पप्पू, अभय सिंह, राकेश सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे.
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बिहार मंत्रिमंडल विस्तार: नीतीश कुमार के पुत्र के पैराशूट के विवाद पर राजनीतिक तकरार

Ranchi, Jharkhand:रांची बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रदेश महामंत्री और पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने कहा, बिहार देश की राजनीति में गठबंधन की राजनीति का उत्कृष्ट उदाहरण है। नीतिश कुमार राज्यसभा गए अब बीजेपी के सीएम सम्राट चौधरी हैं। बिहार में जब सीएम शपथ ले रहे थे तब बंगाल चुनाव होने की वजह से पीएम और गृह मंत्री नहीं आ पाए थे अब अब लोग उपस्थित रहे, ये 2026 का सुनहरा राजनीतिक परिदृश्य है जहां बिहार में मंत्रिमंडल शपथ ग्रहण , दो दिन बाद बंगाल में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण है, फिर आसाम में हिमांता विश्व शर्मा की तीसरी पारी का शपथ ग्रहण है। सभी को बधाई है। भारत विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अंग, बंग और कलिंग हमारा ऐतिहासिक धरोहर है और फिर से भारत को एकजुट करने का और एक साथ चलने की दिशा में आगे बढ़ने का एकजुटता देश को फिर से विश्व गुरु के पद पर स्थापित करेगा। बाइट ...अमर बाउरी, प्रदेश महामंत्री, बीजेपी बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार पर झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, खबर सुनने में मिली , आश्चर्य हुआ और एकाएक विश्वास भी नहीं हुआ कैबिनेट में नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार जिनका कोई राजनीतिक और सामाजिक कार्यों से सरोकार नहीं था सीधा पैराशूट लैंडिंग ,परिवारवाद के विरोधी ये लोग , परिवारवार को चुनावी मुद्दा बनाने वाले , फिर कैसे घनघोर परिवारवाद ,जबकि उसी मंच पर पीएम भी हैं। बाइट ... मनोज पांडेय, प्रवक्ता, झामुमो
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बंगाल में सहयोगी की हत्या से गहरा आक्रोश, हिंसा पर लोकतांत्रिक मूल्यों की चिंता

Noida, Uttar Pradesh:बंगाल में हाल की घटनाएँ बेहद दुखद और चिंताजनक हैं। हमारे वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी जी के सहयोगी की हत्या कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। राजनीतिक मतभेदों के बीच हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। हम विश्वास करते हैं कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होगी तथा पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा। हमारे एक भी कार्यकर्ता का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। बंगाल में शांति, सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है。
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कोटा मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं की मौत के बाद प्रशासनिक हलचल; जयपुर शिफ्टिंग की तैयारी तेज

Kota, Rajasthan:KOTA - मेडिकल कॉलेज में प्रसूता महिलाओं की मौत से जुड़ा ताजा अपडेट पांच प्रसूता महिलाओं का SSB मेडिकल कॉलेज के ICU में चल रहा था इलाज। प्रसूता ज्योति की मौत इलाज के दौरान ICU में भर्ती गंभीर 2 महिलाएं को जयपुर शिफ्ट करने की तैयारी में मेडिकल प्रशासन फिलहाल परिजन शिफ्टिंग को लेकर नहीं दे रहे सहमति। इस पूरी घटनाक्रम में यदि किसी महिला की मौत होती है तो सरकार की जवाबदेही बता रहे परिजन। कुछ देर पहले ही डॉक्टर विकास खंडेलिया के साथ SMS अस्पताल टीम ने किया निरीक्षण। निरीक्षण के बाद गंभीर घायल प्रसूताओं को जयपुर शिफ्ट करने की कही थी बात। जयपुर शिफ्टिंग के लिए SSB के प्रवेश द्वार पर एंबुलेंस तैयार। बाइट - परिजन
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धौलपुर में चीते की पुष्टि, कूनो से 100 किमी दूर रेडियो कॉलर से संकेत मिला

Dholpur, Rajasthan:डिजिटल के लिए भी धौलपुर के सरमथुरा जंगल में चीते की शाही एंट्री, रेडियो कॉलर से चला पता कूनो से करीब 100 किमी दूर पहुंचा चीता; 5 टाइगर का पहले से ही मूवमेंट, धौलपुर बना बिग कैट्स का नया गढ़ सरमथुरा, धौलपुर राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा इलाके में मंगलवार को वन्यजीव इतिहास का नया अध्याय जुड़ गया। टेरिटोरियल वन क्षेत्र के नवलपुरा, भेड़कापुरा और चंदेलीपुरा के जंगलों में चीते की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। खास बात यह है कि चीते की धौलपुर में उपस्थिति का पता किसी किसान या ग्रामीण की सूचना से नहीं, बल्कि रेडियो कॉलर से मिली सटीक लोकेशन के जरिए चला。 रेडियो कॉलर ने दी दस्तक की खबर कूनो नेशनल पार्क से चीते के मूवमेंट को ट्रैक कर रही कूनो की टीम को रेडियो कॉलर के सिग्नल धौलपुर की सीमा में मिले। सिग्नल कंफर्म होते ही वन विभाग को अलर्ट किया गया। सूचना मिलते ही रेंजर देवेंद्र चौधरी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। इलाके में कैमरा ट्रैप लगाए गए और 24 घंटे निगराणी शुरू कर दी जिसके बाद वन विभाग को चीते के दीदार हो ही गया जंगलों में पत्थर की दीवार के बगल से साफ दिखाई दिया कूनो से आया चीता जिसे वन अधिकारियों द्वारा अपने कमरे में कैद किया तथा इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी 100 किमी का सफर तय कर पहुंचा कूनो से वन अधिकारियों के मुताबिक यह चीता कूनो नेशनल पार्क से निकला है। कूनो से सरमथुरा की हवाई दूरी करीब 100 किलोमीटर है। माना जा रहा है कि नया टेरिटरी की तलाश में चीता चंबल के बीहड़ों से होते हुए धौलपुर के घने जंगलों तक पहुंचा है。 5 टाइगर का पहले से ही मूवमेंट, बिग कैट्स का बसेरा धौलपुर के सर्वत्र क्षेत्रीय जंगल वैसे भी वन्यजीवों से समृद्ध हैं। यहां पिछले काफी समय से 5 टाइगर का मूवमेंट लगातार बना हुआ है। इसके अलावा इन जंगलों में बड़ी संख्या में पैंथर यानी तेंदुआ पहले से मौजूद है। साथ ही भालू, जंगली सूअर, भेड़िया, हिरण, नीलगाय हाइना सहित कई वन्यजीव इस क्षेत्र में विचरण करते हैं चीते की आमद ने यह साबित कर दिया है कि धौलपुर का इकोसिस्टम अब एपेक्स प्रीडेटर के लिए भी पूरी तरह मुफीद है。 धौलपुर के लिए वरदान साबित हो सकता है चीता, वाइल्डलाइफ टूरिज्म को लगेंगे पंख कूनो के बाद धौलपुर देश का दूसरा जिला बन सकता है जहां चीता देखा जा सके। सरमथुरा, वन विहार, मचकुण्ड और चंबल के बीहड़ों को जोड़कर बिग कैट लैंडस्केप विकसित किया जा सकता है। इससे गाइड, जिप्सी चालक, होम-स्टे जैसे सैकड़ों रोजगार के अवसर खुलेंगे。 जैव-विविधता का बैलेंस होगा मजबूत चीता और टाइगर जैसे शीर्ष शिकारी के आने से हिरण, नीलगाय और जंगली सूअर की आबादी प्राकृतिक रूप से नियंत्रित होगी। इससे जंगल का फूड चेन बैलेंस और बेहतर होगा。 संरक्षण को मिलेगा नया बजट धौलपुर का इलाका रणथंभौर, कूनो और माधव नेशनल पार्क के बीच वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का काम करता है। 5 टाइगर और चीते की मौजूदगी के बाद इस पूरे लैंडस्केप को प्रोजेक्ट टाइगर और प्रोजेक्ट चीता के तहत स्पेशल फंड मिलने की संभावना बनी वन विभाग अलर्ट, कूनो की टीम पहुंचेगी फिलहाल वन विभाग की पहली प्राथमिकता चीते को सुरक्षित रखना है। कूनो की स्पेशल टीम भी जल्द धौलपुर पहुंचकर चीते की मॉनिटरिंग करेगी। धौलपुर के बीहड़ बरसों से बागियों के लिए जाने जाते थे। अब यही बीहड़ चीता और टाइगर लैंड के रूप में नई पहचान बनाने को तैयार हैं। रेडियो कॉलर से मिली इस खबर ने साबित कर दिया कि जंगल सुरक्षित हों तो विलुप्त मान लिया गया शिकारी भी वापसी कर सकता है
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हाथीसिरिंग प्रसव दर्दनाक मौत: सांसद जोबा मांझी ने मुआवजा और विभागीय कार्रवाई की घोषणा

Jamshedpur, Jharkhand:सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत हाथीसिरिंग गांव में प्रसव के दौरान स्वास्थ्य सहिया और नवजात की हुई दर्दनाक मृत्यु के मामले में आज पश्चिम सिंहभूम की सांसद जोबा माझी और उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह पीड़ित परिवार से मिलने उनके आवास पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया और सरकारी प्रावधान के तहत 04 लाख रुपये मुआवजा राशि तथा 20 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि का चेक सौंपा। सांसद जोबा मांझी ने कहा कि एक मां की असामयिक मृत्यु से हुई क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सरकार हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित चिकित्सकों और कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में जवाबदेही और संवेदनशील कार्यसंस्कृति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने मृतका की दो बेटियों की शिक्षा निरंतर जारी रखने, जरूरत पड़ने पर आवासीय विद्यालय में नामांकन कराने और आश्रित पति को आउटसोर्सिंग के माध्यम से रोजगार से जोड़ने का भी आश्वासन दिया है। बाइट: जोबा मांझी, सांसद。 बाइट: नीतीश कुमार सिंह, उपायुक्त, सरायकेला खरसावां。
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