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Shakti KishorShakti KishorFollow22 Jan 2025, 12:57 pm

हापुड़ में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर धार्मिक कार्यक्रम और पदयात्रा

Hapur, Uttar Pradesh:

हापुड़ में आज अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ के अवसर पर हिंदू रक्षा दल ने गांव खेड़ा स्थित शिव मंदिर पर एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसके बाद गांव खेड़ा से तीर्थ नगरी ब्रजघाट तक एक पदयात्रा निकाली गई, जिसमें हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का कार्यकर्ताओं ने फूल माला पहनाकर स्वागत किया। यह पद यात्रा बस अड्डा, गांधी बाजार, जवाहर बाजार, घास मंडी, रेलवे रोड और मारवाड़ चौकी से होते हुए ब्रजघाट पहुंची। भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि आज भगवान श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और मंदिर बनने का एक वर्ष पूरा हुआ है जिसमें हजारों कार सेवकों और सनातनियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।

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लखनऊ पहुंचकर पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू ने दी सपा सुप्रीमो को जन्मदिन की बधाई

Deepak DixitDeepak DixitFollowJust now
Sawayajpur, Uttar Pradesh:अखिलेश यादव का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया हरदोईम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का जन्मदिन बुधवार को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर शाहाबाद के पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू ने लखनऊ पहुंचकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को केक खिलाकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अखिलेश यादव के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की। इस दौरान पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी मौजूद रहे और मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। कार्यकर्ताओं ने उनके नेतृत्व की सराहना करते हुए संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
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65 चालान वाले क्रेटा ने तेज रफ्तार से टेम्पो-स्विफ्ट को टक्कर दी

Noida, Uttar Pradesh:भानियावाला-ऋषिकेश हाईवे पर एनटीआरओ के पास एक तेज रफ्तार क्रेटा कार ने सड़क किनारे खड़ी स्विफ्ट कार और एक टेम्पो ट्रैवलर को जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत रही कि हादसे के वक्त खड़ी कार में कोई सवार नहीं था, क्योंकि उसका चालक किसी अन्य वाहन को स्टेपनी दे रहा था। इस भीषण दुर्घटना में क्रेटा कार में सवार चार लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। 65 चालान वाली गाड़ी से हुआ हादसा जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दुर्घटना को अंजाम देने वाली आरोपी क्रेटा कार पर पहले से 65 चालान दर्ज हैं। बड़ा सवाल: इनमें से अधिकांश चालान ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार) के हैं। इतनी बड़ी संख्या में चालान होने के बावजूद वाहन का सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ना आरटीओ और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन यह घटना सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अलार्म है। नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ऐसे वाहन चालकों पर अब सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई बेहद जरूरी है।
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सिद्धार्थनगर में पुलिस ने 308 ग्राम अवैध स्मैक के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया

Naugarh, Uttar Pradesh:एंकर- सिद्धार्थनगर जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सदर थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 308 ग्राम अवैध स्मैक (हेरोइन) के साथ दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान 27 वर्षीय अनिल निषाद थाना कपिलवस्तु के मदरहना गांव का निवासी 27 वर्षीय अनिल निषाद, और उसका थाना क्षेत्र के मोगलाह निवासी 53 वर्षीय कोमल निषाद के रूप में हुई है। मामले का खुलासा सदर सीओ विश्वजीत सौरयान की मौजूदगी में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से स्मैक के अलावा तस्करी में इस्तेमाल की गई एक स्वीफ्ट कार और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। एएसपी प्रशांत कुमार ने बताया कि देर रात सदर थाना क्षेत्र के जमुआर नाले के पास पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सामने से आ रही एक स्वीफ्ट कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें सवार दो व्यक्तियों के पास से 308 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वह नेपाल से अवैध रूप से स्मैक की तस्करी का कारोबार करते हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सदर थाने में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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AI और डेटा से बदलेगी राजस्थान की ई-गवर्नेंस, 2047 की दिशा साफ

Jaipur, Rajasthan:एंकर-कभी सरकारी दफ्तरों के चक्कर, लंबी कतारें और फाइलों का इंतजार…लेकिन अब शासन का चेहरा बदल रहा है। जयपुर में आज से शुरू हुए 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देश के डिजिटल भविष्य की तस्वीर सामने रखी गई। जहां बात सिर्फ तकनीक की नहीं, बल्कि ऐसी गवर्नेंस की हो रही है जो AI से चलेगी, डेटा के आधार पर फैसले लेगी और सीधे आम आदमी तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ई-गवर्नेंस सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए स्मार्ट राजस्थान ऐप और ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा जैसी डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत कर राजस्थान के डिजिटल सफर को नई दिशा दी। वीओ-1-राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शुरू हुए 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देशभर के नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने डिजिटल शासन के भविष्य पर मंथन शुरू हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि पहले केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से जनता तक सिर्फ 15 पैसे पहुंचने की बात कही जाती थी......लेकिन वर्ष 2014 के बाद जनधन, आधार और मोबाइल के जरिये बिचौलियों का दखल खत्म किया। अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है। डिजिटल इंडिया और यूपीआई को देश के बड़े बदलावों में शामिल बताते हुए कहा कि आज छोटे व्यापारी भी डिजिटल भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की थीम विकसित भारत 2047: एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस आने वाले समय की जरूरतों को दर्शाती है...एआई और डेटा आधारित व्यवस्था से सरकारी फैसले ज्यादा पारदर्शी और जरूरत के हिसाब से लिए जा सकेंगे। डेटा सेंटर क्षेत्र में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राजस्थान में राजस्थान संपर्क पोर्टल के जरिए हर महीने करीब ढाई से तीन लाख शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। राज्य में एआई-एमएल पॉलिसी 2026 लागू की गई है। प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या पिछले दो साल में 4 हजार से बढ़कर 8500 से अधिक हो गई है। आई-स्टार्ट के जरिए युवाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। राज्य में हजारों सरकारी भवनों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा गया है और ई-मित्र के जरिए 900 से ज्यादा सेवाएं उपलब्ध हैं। साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए आधुनिक साइबर लैब और साइबर रेंज प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। भर्ती प्रक्रियाओं में एआई आधारित फोटो सत्यापन और ई-केवाईसी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान डिजिटल भविष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में एआई, डेटा सेंटर, ड्रोन और जियो स्पेशियल सेक्टर में निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न ई-गवर्नेंस पहलों के तहत राजस्थान लैंग्वेज मॉडल ट्रेनिंग हैकाथॉन, स्वचालित नागरिक सेवा प्रदायगी मंच स्मार्ट राजस्थान परियोजना, राजस्थान इनोवेशन चैलेंज, ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा का शुभारंभ किया। डिजिटल राजस्थान कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इससे पहले उन्होंने तकनीकी सेवाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर स्टॉल्स पर ई-गवर्नेंस नवाचारों की जानकारी ली। बाइट-भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री
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मेड़ता में कालिका यूनिट से महिलाओं की सुरक्षा, 6 से 10 बजे तक गश्त

Nagaur, Rajasthan:मेड़ता पुलिस ने कालिका यूनिट का गठन कर शहर में होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने का प्रयास किया है। आठ महिला पुलिस कर्मियों की दो टीमें बनाकर सुबह 6:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक दो शिफ्ट में शहर के उन क्षेत्रों में गश्त की जाएगी जहां छेड़खानी की वारदात होने की आशंका बनी रहती है। पुलिस अधीक्षक रामकरण मलिंडा में कालिका यूनिट गठन के बारे में बताया कि कालिका यूनिट कंट्रोल रूम और पुलिस थाने के निर्देश पर चिन्हित किए गए स्थान पर गश्त करते हुए शहर में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी। कालिका यूनिट गठन के साथ अब मनचलों के खिलाफ कार्रवाई होना निश्चित हो गया है।
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AI-आधारित डिजिटल गवर्नेंस से राजस्थान और देशभर में शासन की नई दिशा

Jaipur, Rajasthan:कभी सरकारी दफ्तरों के चक्कर, लंबी कतारें और फाइलों का इंतजार…लेकिन अब शासन का चेहरा बदल रहा है। जयपुर में आज से शुरू हुए 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देश के डिजिटल भविष्य की तस्वीर सामने रखी गई। जहां बात सिर्फ तकनीक की नहीं, बल्कि ऐसी गवर्नेंस की हो रही है जो AI से चलेगी, डेटा के आधार पर फैसले लेगी और सीधे आम आदमी तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ई-गवर्नेंस सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए स्मार्ट राजस्थान ऐप और ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा जैसी डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत कर राजस्थान के डिजिटल सफर को नई दिशा दी। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शुरू हुए 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देशभर के नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने डिजिटल शासन के भविष्य पर मंथन शुरू हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि पहले केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से जनता तक सिर्फ 15 पैसे पहुंचने की बात कही जाती थी……लेकिन वर्ष 2014 के बाद जनधन, आधार और मोबाइल के जरिये बिचौलियों का दखल खत्म किया। अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है। डिजिटल इंडिया और यूपीआई को देश के बड़े बदलावों में शामिल बताते हुए कहा कि आज छोटे व्यापारी भी डिजिटल भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की थीम विकसित भारत 2047: एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस आने वाले समय की जरूरतों को दर्शाती है…एआई और डेटा आधारित व्यवस्था से सरकारी फैसले ज्यादा पारदर्शी और जरूरत के हिसाब से लिए जा सकेंगे। डेटा सेंटर क्षेत्र में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राजस्थान में राजस्थान संपर्क पोर्टल के जरिए हर महीने करीब ढाई से तीन लाख शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। राज्य में एआई-एमएल पॉलिसी 2026 लागू की गई है। प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या पिछले दो साल में 4 हजार से बढ़कर 8500 से अधिक हो गई है। आई-स्टार्ट के जरिए युवाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। राज्य में हजारों सरकारी भवनों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा गया है और ई-मित्र के जरिए 900 से ज्यादा सेवाएं उपलब्ध हैं। साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए आधुनिक साइबर लैब और साइबर रेंज प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। भर्ती प्रक्रियाओं में एआई आधारित फोटो सत्यापन और ई-केवाईसी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान डिजिटल भविष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में एआई, डेटा सेंटर, ड्रोन और जियो स्पेशियल सेक्टर में निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न ई-गवर्नेंस पहलों के तहत राजस्थान लैंग्वेज मॉडल ट्रेनिंग हैकाथॉन, स्वचालित नागरिक सेवा प्रदायगी मंच स्मार्ट राजस्थान परियोजना, राजस्थान इनोवेशन चैलेंज, ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा का शुभारंभ किया। डिजिटल राजस्थान कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इससे पहले उन्होंने तकनीकी सेवाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर स्टॉल्स पर ई-गवर्नेंस नवाचारों की जानकारी ली。 सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि तकनीक उपलब्ध होना और तकनीक के जरिए बेहतर शासन देना, दोनों अलग बातें हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी तकनीक थी, लेकिन निर्णय प्रक्रिया में बदलाव नहीं आया था। कई बार वेबसाइट तक क्रैश हो जाती थीं। उन्होंने कहा कि जैसे सड़क और बिजली का नेटवर्क जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर है, वैसे ही अब डिजिटल सिस्टम भी कोर इंफ्रास्ट्रक्चर बन चुका है। उन्होंने कहा कि UPI आज दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है और एक महीने में 3 बिलियन से ज्यादा ट्रांजैक्शन का आंकड़ा पार कर चुका है। लेकिन असली चुनौती यह है कि सरकारी सेवाएं नागरिकों तक खुद पहुंचें, न कि नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें। एआई के जरिए समस्याओं का पहले अनुमान लगाया जा सकता है। राठौड़ ने उदाहरण देते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश में AI की मदद से स्कूल ड्रॉपआउट के कारणों की पहचान की गई, जिसमें सामने आया कि कई बच्चों के स्कूल छोड़ने की वजह सुविधाओं की कमी थी। इसके बाद जरूरी सुधार किए गए। उन्होंने कहा कि AI से अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ सकती है, लेकिन मशीन के फैसलों पर मानवीय निगरानी जरूरी है। अगर किसी जरूरतमंद की पेंशन तकनीकी कारणों से रुकती है तो अधिकारी के पास उसे सुधारने का अधिकार होना चाहिए। गौरतलब हैं की दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 2700 से अधिक प्रतिनिधि, 200 से ज्यादा वक्ता, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में AI, डीप टेक, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, स्मार्ट पुलिसिंग, डिजिटल सुरक्षा और भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर चर्चा हो रही हैं। सम्मेलन के दौरान कल केंद्रीय मंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह डिजिटल सुशासन में बेहतर काम करने वाले संस्थानों और परियोजनाओं को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार भी प्रदान करेंगे。 इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सचिव एस. कृष्णन ने कहा की अलग-अलग राज्यों में हो रहे अच्छे कामों को एक साझा मंच पर लाकर दूसरे राज्य भी उन्हें अपना सकते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधि अपने-अपने राज्यों में किए जा रहे डिजिटल प्रयोगों और सफल मॉडलों को साझा कर रहे हैं। इसके लिए एक मंच उपलब्ध कराया गया है, जहां नीतियों, तकनीकी समाधान और गवर्नेंस से जुड़े अनुभवों पर चर्चा हो रही हैं। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। AI की मदद से सरकारी सेवाओं को और तेज, पारदर्शी और नागरिकों की जरूरतों के अनुसार बनाया जा सकेगा। इस अवसर पर मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, डीओआईटी सचिव रवि कुमार सुरपुर, आयुक्त हिमांशु गुप्ता सहित विभिन्न राज्यों और विभागों के अधिकारी, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उद्यमी, विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स प्रोफेशनल्स और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे
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चित्तौड़गढ़ में मंत्री ने शिविरों से आम जनता को योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा

Begun, Rajasthan:जिले की प्रभारी मंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने चित्तौड़गढ़ दौरे के दौरान भदेसर उपखंड की सुखवाड़ा ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर तथा नगर परिषद चित्तौड़गढ़ में आयोजित शहरी सेवा शिविर का अवलोकन किया. उन्होंने शिविरों में आमजन को दी जा रही सरकारी सेवाओं और योजनाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए. इस दौरान नगर परिषद में 45 और सुखवाड़ा में 12 आवासीय पट्टों का वितरण किया गया. एक किसान को तारबंदी योजना का लाभ तथा एक बुजुर्ग को रोडवेज यात्रा सुविधा प्रदान की गई. प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से शिविरों का लाभ उठाने की अपील की.
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रांची नगर निगम की कार्रवाई: बहू बाजार से 19 दुकानों के हटने पर दुकानदार नाराज़

Ranchi, Jharkhand:रांची में आज नगर निगम की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के अभियान के तहत नगर निगम ने बहू बाजार इलाके में बुलडोजर चलाकर लगभग 19 दुकानों को हटाया।हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों ने नाराज़गी जताई। दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकानें 1960 से संचालित हो रही थीं और उनके परिवार की आजीविका का यही एकमात्र सहारा है। उनका आरोप है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानें हटा दी गईं, जिससे वे बेरोजगार हो जाएंगे और परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा। दुकानदारों ने सरकार और नगर निगम से मांग की है कि उन्हें किसी अन्य स्थान पर दुकान आवंटित की जाए, ताकि उनका रोजगार बना रहे。
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