icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
201015
Shakti KishorShakti KishorFollow15 Apr 2025, 05:49 am

Hapur - महिला की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या,पुलिस जांच में जुटी

Hapur, Uttar Pradesh:

हापुड़ में सिटी कोतवाली क्षेत्र के शिवगढ़ी में कब्रिस्तान के पास एक अज्ञात महिला का शव मिला है. महिला की धारदार हथियार से हत्या कर शव को फेंका गया है. महिला की उम्र करीब 35 से 40 वर्ष बताई जा रही है, वहीं महिला की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है. पुलिस महिला के शव की शिनाख्त के प्रयास कर रही है. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने फॉरेंसिक यूनिट को भी जांच के लिए बुलाया है फिलहाल महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. वहीं एएसपी विनीत भटनागर ने बताया है कि अज्ञात महिला का शव मिला है और धारदार हथियार से महिला की हत्या की गई है, फिलहाल महिला के शव के शिनाख्त के प्रयास किया जा रहे हैं. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया हैं।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

गोंडा के Kusuma अस्पताल में एसी ब्लास्ट से आग, मरीज सुरक्षित बाहर निकले

Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। जहां आज डीएम आवास से मात्र 200 मीटर की दूरी पर उसे समय हड़कंप मच गया। आज सुबह कुुसुमा हॉस्पिटल की तीसरी मंजिल पर वार्ड में एसी ब्लास्ट होने के बाद आग लग गई। धुआं तेज उठता देख तत्काल वार्ड में भर्ती मरीज किसी तरीके से भाग कर बाहर निकाल कर दूसरे फ्लोर पर आकर अपनी जान बचाई है। आग लगने की सूचना मिलती है तो फायर ब्रिगेड विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुँच कर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। यह भी बताया जा रहा है कि कुुसुमा हॉस्पिटल के जिस तीसरे मंजिल पर बने वार्ड में आग लगी थी उसके ठीक बगल डॉक्टर भी रहते हैं। आग पर काबू पाने के लिए अस्पताल के शीशे तोड़ कर धुआं निकाला गया है; इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गया है।
0
0
Report

पुरानी रंजिश पर कुदाल से युवक की हत्या, महराजगंज में प्रेम प्रसंग विवाद

Maharajganj, Uttar Pradesh:एंकर- महराजगंज जनपद के बृजमनगंज थाना क्षेत्र खड़खोड़ा गांव में रविवार की रात को उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुरानी रंजिश और कथित प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद में 28 वर्षीय युवक की कुदाल से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्ण के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। आपको बता दे की खड़खोड़ा गांव निवासी हजारी (28) पुत्र राजकुमार मछली पालन का काम करता था । रविवार देर रात को कुछ लोग उसके घर पहुंचे। इसी दौरान किसी पुराने विवाद और कथित प्रेम प्रसंग को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान हजारी पर कुदाल से हमला कर दिया गया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ा और अचेत हो गया । परिजनों ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सीएचसी लोटन जनपद सिद्धार्थनगर लेकर गये जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस सम्बन्ध में बृजमनगंज पुलिस ने बताया की शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज आग्रिम कार्रवाई कार्यवाही की जा रही है तहरीर के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा । गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस सतर्क है और इस पूरे घटना की जांच की जा रही है ।
0
0
Report

बिहार में नल-जल योजना के ऑपरेटरों के मानदेय घोटाले के आरोप उजागर

Hajipur, Bihar:बिहार में नल-जल योजना में काम करने वाले ऑपरेटरों का मानदेय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने का आरोप लगा है। वैशाली के पटेढ़ी बेलसर प्रखंड में कई ऑपरेटरों का कई साल से मानदेय बकाया है। शुरुआती दौर में कुछ महीनों का भुगतान हुआ, लेकिन इसके बाद मानदेय मिलना बंद हो गया। ऑपरेटरों का आरोप है कि उनके मानदेय की राशि पंचायत के वार्ड सदस्य के खाते में पहुंची, लेकिन उन्हें भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि खाते से राशि की निकासी भी कर ली गई। ऑपरेटरों ने वार्ड सदस्यों और प्रखंड के पदाधिकारियों की मिलीभगत से मानदेय की राशि के गबन का गंभीर आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, बकाया मानदेय मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। ऑपरेटरों का कहना है कि नल-जल योजना के लिए उन्होंने अपनी कीमती जमीन सरकार को एग्रीमेंट पर दी थी। इसके एवज में जमींदाता परिवार के एक सदस्य को योजना में ऑपरेटर रखने की बात कही गई थी और करीब 2 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय तय होने की बात बताई गई थी। शुरूआती तौर पर भुगतान मिला, लेकिन बाद में कई साल से मानदेय रोक दिया गया। ऑपरेटरों का दावा है कि उन्होंने प्रखंड से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों तक शिकायत की, लेकिन अब तक उन्हें बकाया राशि नहीं मिली। एक तरफ सरकार हर घर तक पानी पहुंचाने की योजना का दावा करती है, तो दूसरी तरफ योजना को जमीन देने वाले परिवार के ऑपरेटर ही अपने मानदेय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
0
0
Report
Advertisement

कासगंज सड़क हादसे में दो कांवड़ियों की मौत, एक घायल

Kasganj, Uttar Pradesh:कासगंज में सड़क हादसे में दो कांवड़ियों की मौत कासगंज यूपी के कासगंज में आगरा से डाक कांवड़ के लिए सोरोंजी के लहरा गंगाघाट पर जल लेने आ रहे कांवड़ियों के जत्थे में सोमवार सुबह मातम पसर गया। काली नदी पुल के पास कार से टकराकर बाइक सवार दो कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को जिला अस्पताल से हायर सेंटर आगरा रेफर किया गया है। पुलिस ने दोनों कावड़ियों के सब का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है जानकारी के मुताबिक, आगरा कमिश्नरेट क्षेत्र के करीब 4-5 गांवों से लगभग 30 कांवड़ियों का समूह पिकअप वाहन और करीब 10-12 मोटरसाइकिलों से सोरों की ओर जल लेने आ रहा था। इसी दौरान दो बाइक सवार कांवड़िये अपने साथियों से पीछे रह गए। बताया जा रहा है कि एक बाइक पर सवार हरिगोविन्द उम्र 25 वर्ष, विवेक उम्र 18 वर्ष और राहुल उम्र 20 वर्ष अपने साथियों से आगे निकलने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान तेज गति के चलते बाइक अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रही कांवड़ियों की ईको कार से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों कांवड़िये गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल कासगंज पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने हरिगोविन्द और राहुल को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल विवेक को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए आगरा हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
0
0
Report
Advertisement

हजयात्रा-2027 के ट्रेनर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन 11-23 अगस्त 2026 खुले

Jaipur, Rajasthan:हजयात्रा-2027 के लिए ट्रेनर्स की ट्रेनिंग शुरू। हज ट्रेनर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन 11 से 23 अगस्त 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट hajcommittee.gov.in पर आवेदन पत्र उपलब्ध है। CBT परीक्षा में 50% या अधिक अंक लेने वाले उम्मीदवारों का इंटरव्यू होगा। ट्रेनर पदों के लिए योग्यता: 12वीं पास, कंप्यूटर व हज संबंधी जानकारी आवश्यक; आयु 25 से 60 वर्ष; हज कर चुके अभ्यर्थियों को प्राथमिकता; अंग्रेजी/उर्दू/हिंदी/स्थानीय भाषा में वार्तालाप दक्षता; शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ कम्प्यूटर बेसिक ज्ञान और हज सुविधा ऐप के उपयोग की जानकारी; हज के अरकान और यात्रा संबंधी सभी गतिविधियों का पूर्ण ज्ञान और भाषण/संबोधन करने की क्षमता; आवेदक के खिलाफ अदालत में कोई अपराधिक मामला दर्ज न हो। आवेदन की प्रति और दस्तावेज 25 अगस्त तक सचिवालय में जमा करने होंगे, कमरे नं. 1106, प्रथम तल मुख्य भवन, शासन सचिवालय जयपुर।
0
0
Report

बृजभूषण शरण सिंह केस: अदालत के आदेश के पीछे रणनीति और जवाब

Noida, Uttar Pradesh:EXCLUSIVE BRIJBHUSHANएंकर- खबर गोंडा से है। जहां कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह बाइज्जत बरी होने बाद अब कोर्ट का ऑर्डर सामने आने पर जी मीडिया से एक्सक्लुसिव बातचीत करते हुए बड़ा बयान दिया है। बृजभूषण शरण सिंह जे कहा कि देखिए उरसके पहले मैं एक बात कहना चाहूंगा “जाको प्रभु दारुण दुख दीना। ताकी मति पहिले हर लीना।” जब हरियाणा का विधानसभा चुनाव हुआ, तो हुड्डा साहब इतने मुतमइन थे कि रथ सजकर के खड़ा था। दरवाजे पर रथ सजकर खड़ा था। और हर आदमी की जुबान पर थी कि इस बार कांग्रेस की सरकार बनेगी, बल्कि कांग्रेस नहीं, ''हुड्डा सरकार'' की बात हो रही थी कि हुड्डा सरकार बनेगी। लेकिन जिस तरीके से पहलवानों के पीछे, लड़कियों के पीछे खड़े होकर के इन्होंने बृजभूषण सिंह पर वार किया, वह वार बिल्कुल उल्टा हो गया। या तो महाभारत के समय में शिखंडी का प्रयोग किया गया था भीष्म पितामह को मारने के लिए, और वैसे ही आकर के हरियाणा चुनाव के पहले बृजभूषण के बहाने बीजेपी को मारने का प्रयास किया गया। और मैंने कहा स्वाहा हो जाएंगे, हां स्वाहा हो जाएंगे,स्वाहा हो गए।। एक खिलाड़ी हैं जो लगातार जीतते-जीतते जा रहे थे, फाइनल में ओलंपिक में स्वाहा हो गए। तो इन सबको सजा मिली है और जो बाकी हैं, उनको भी सजा मिलेगी। क्योंकि इन्होंने मुझको डायरेक्ट गोली मार देते तो इतना कष्ट न होता, जितना कष्ट इन्होंने मेरे चरित्र हनन का प्रयास करके किया। यह तो मेरे जैसा पत्थर का आदमी था कि मैं सह लिया। क्योंकि मैंने बहुत दुख देखे हैं, बहुत सुख देखे हैं, तो मैं सह गया। लेकिन उस समय मेरे परिवार की क्या स्थिति रही होगी मुझ पर जो लोग भरोसा करते हैं, उनकी क्या स्थिति रही होगी। तो इन्होंने गलत किया, इनको सजा मिली और कोर्ट ने आज वही हू-ब-हू कह दिया ”एक फैमिली, एक अखाड़ा, और अखाड़ा भूपेंद्र हुड्डा जी ही उसके कर्ता-धर्ता हैं।” वही षड्यंत्र और साजिश का जिक्र जजमेंट में होने को लेकर बृजभूषण ने कहा कि पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई है एक सुप्रीम कोर्ट के बहुत बड़े वकील एक हरियाणा के बड़े वकील, और भूपेंद्र हुड्डा के घर में बैठकर यह पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई कि कैसे-कैसे आरोप लगाया जाए। और इस बात की स्क्रिप्ट लिखी गई इसी पीड़िता में से दो पहलवानों ने जज साहब के सामने अपना बयान दर्ज करा दिया कि कैसे-कैसे स्क्रिप्ट लिखी गई। जो मैं कहता था, वह सब निकलकर सामने आया मैं कहता था कि स्क्रिप्ट लिखी गई, अब पीड़िता ने जज साहब से कहा कि स्क्रिप्ट लिखी गई और इसके पीछे कौन था। उन्हें पीठ पीछे वार किए जाने को लेकर बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि देखिए, मेरी कुंडली में एक योग है शत्रुहंता। अगर आप कुंडली को मानते हैं, तो किसी पंडित जी से पूछ लीजिएगा, शत्रुहंता योग है। जो-जो मेरे ऊपर नाजायज आरोप लगाएगा, जो-जो मुझसे सीधा लड़ेगा, वह स्वाहा होगा, कोई बचेगा-वचेगा नहीं सब स्वाहा हो रहे हैं। वही पहलवानों ल्ड हाईकोर्ट जाने के सवाल पर कहा कि पहले वे हाई कोर्ट जाएं वहां से इनको न्याय नहीं मिलता तो सुप्रीम कोर्ट जाएं। तो इनका जब दरवाजा बंद होगा, तब मेरा दरवाजा खुलेगा। वही 6 अगस्त को किए गए शक्ति प्रदर्शन आगामी चुनाव लड़ने को लेकर बृजभूषण ने कहा कि नहीं हमने नहीं दिखाया! इसको अहंकार से न लिया जाए, इसको शक्ति प्रदर्शन से न लिया जाए। संकल्प रैली थी और इतनी बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होंगे कि प्रदेश का कोई जिला नहीं बचेगा यह हमारे प्रति प्यार है। और हम कह सकते हैं कि 55 वर्ष की मेरी जो तपस्या है राजनीतिक जीवन की उस तपस्या का यह परिणाम है। जो आगे सदन जाने को लेकर के होगा वह देखा जाएगा लेकिन सदन जाऊंगा।
0
0
Report

उदयपुर में अरावली संरक्षण पर हितधारकों के साथ जन संवाद

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण एवं सतत विकास हेतु हितधारकों से संवाद माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशन में भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद की महानिदेशक कंचन देवी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति जिला परिषद सभागार में कर रही जन संवाद जन संवाद में जनप्रतिनिधियों, खनन पट्टा धारकों, एनजीओ प्रतिनिधियों समेत विभिन्न हितधारकों से अरावली संरक्षण के संबंध में हो रहा परामर्श उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़, प्रधान मुख्य वन संरक्षक टेरिटोरियल एस आर यादव, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, एवं बड़ी संख्या में हितधारक है मौजूद
0
0
Report
Advertisement

कारगिल शहीद अजय आहूजा की वेब सीरीज से कोटा में यादें, स्मारक पर सवाल उठते

Kota, Rajasthan:कारगिल के वीर शहीद अजय आहूजा पर बनी वेब सीरीज ''ऑपरेशन सफेद सागर'', रील में जीवंत हुईं कोटा की यादें पड़ोसियों ने पहचाना शहीद का स्कूटर और पारिवारिक लम्हे; एक तरफ ओटीटी पर शहादत की गाथा, दूसरी तरफ कोटा में स्मारक और पार्क की बदहाली पर उठे सवाल कोटा। कारगिल युद्ध (1999) में देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए भारतीय वायु सेना के जांबाज योद्धा, शहीद स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा की शूरवीरता और बलिदान की गाथा अब ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म के जरिए पूरे देश के सामने आई है। उन पर केंद्रित वेब सीरीज ''ऑपरेशन सफेद सागर'' ओटीटी पर रिलीज हो चुकी है। शुक्रवार को इस सीरीज का ट्रेलर जारी किया गया था, जिसके बाद शनिवार को इसका पहला भाग दर्शकों के लिए प्रसारित कर दिया गया। सीरीज के रिलीज होते ही कोटा स्थित उनके पैतृक निवास की रेलवे हाउसिंग सोसाइटी में शहीद की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं। भले ही आज शहीद अजय आहूजा का परिवार कोटा में नहीं रहता है, लेकिन पड़ोसियों के दिलों में उनकी स्मृतियां आज भी बसी हैं। वेब सीरीज का ट्रेलर देखने के बाद पड़ोसियों का कहना है कि इसमें दिखाई गई घटनाएं और चीजें इतनी सटीक हैं कि वे अतीत के उस दौर में वापस लौट गए हैं। पर्दे पर दिखी हूबहू झलक, पूरी सोसाइटी एक साथ देखेगीसीरीज कोटा स्थित रेलवे हाउसिंग सोसाइटी में शहीद अजय आहूजा का पैतृक मकान है। कॉलोनी की हाउसिंग समिति के सेक्रेटरी सुबोध बल्दुआ ने शहीद से जुड़ी यादें साझा करते हुए बताया कि वेब सीरीज में दिखाई गई कई चीजें असल जिंदगी से मेल खाती हैं। उन्होंने बताया, "अजय आहूजा जब कोटा में रहते थे, तो एक खास स्कूटर चलाया करते थे। मेकर्स ने वेब सीरीज में ठीक वैसा ही स्कूटर दिखाया है। इसके अलावा, शहीद के अंत्येष्टि के समय का दृश्य और फोटो भी बिल्कुल वैसा ही नजर आ रहा है जैसा उस समय वास्तव में हुआ था। देहांत के समय उनके छोटे बेटे अंकुर की जितनी उम्र थी, फिल्म में भी उसी उम्र का बच्चा दर्शाया गया है." सुबोध बल्दुआ ने बताया कि वे पहले खुद इस पूरी सीरीज को देखेंगे। ओटीटी पर सभी एपिसोड आ जाने के बाद, सोसाइटी के सभी लोगों को कॉमन हॉल में एक साथ यह वेब सीरीज दिखाई जाएगी। अंतिम मुलाकात की भावुक याद: ''स्टेशन पर टिफिन देने गया था'' सुबोध बल्दुआ ने शहीद अजय आहूजा के साथ बिताए आखिरी पलों को याद करते हुए एक भावुक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध शुरू होने से ठीक पहले अजय छुट्टियों पर कोटा आए हुए थे। जब उनकी छुट्टियां खत्म हुईं और वे वापस अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे, तो शाम को ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन चले गए। हड़बड़ी में वे अपना खाने का टिफिन घर पर ही भूल गए थे। बल्दुआ ने बताया, "उस जमाने में आज की तरह मोबाइल फोन नहीं होते थे। इसलिए अजय ने रास्ते में किसी पीसीओ (PCO) से घर पर फोन किया। उनके फोन के बाद उनकी मां श्यामा आंटी ने मुझे तुरंत स्टेशन जाकर अजय को टिफिन देने को कहा। मैं खुद टिफिन लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचा था। कोटा की धरती पर अजय से वह मेरी आखिरी मुलाकात थी। इसके बाद तो सीधे उनकी शहादत की खबर ही कोटा आई थी।" पिता के प्रति अगाध प्रेम और मई 1999 का वह गमगीन दिन सुबोध बल्दुआ ने बताया कि उनका और शहीद अजय आहूजा का मकान एक-दूसरे से सटा हुआ है, दोनों के बीच सिर्फ एक दीवार का अंतर है। वर्ष 1992 में अजय के पिता पी. एल. आहूजा ने यह घर बनाया था। अजय उस समय सेना में कार्यरत थे और जब भी एक महीने की छुट्टी पर घर आते, अपने पिता की बहुत सेवा करते थे। उनके पिता रेलवे में कैशियर के पद पर तैनात थे। जब वे शाम को अपनी ड्यूटी से साइकिल पर घर लौटते, तो अजय पहले से ही घर के बाहर उनका इंतजार कर रहे होते थे। वे अपने पिता से कहते कि आप साइकिल छोड़ दीजिए और खुद साइकिल पकड़कर घर के अंदर तक लाते थे। बल्दुआ ने कहा कि मई 1999 का वह भयावह दिन आज भी पूरी कॉलोनी को याद है, जब अजय आहूजा के शहीद होने की खबर आई थी और पल भर में पूरी सोसाइटी का माहौल शोकाकुल हो गया था। कोटा में पैतृक मकान किराए पर, परिवार अलीगढ़, दिल्ली और अमेरिका में बसा शहीद अजय आहूजा के भाई विजय की पत्नी सुधा आहूजा ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला था। अजय के पिता पी. एल. आहूजा के निधन के बाद उनकी मां श्यामा आहूजा और बाकी परिवार वापस अलीगढ़ ही शिफ्ट हो गया है। शहीद अजय आहूजा की पत्नी अलका वर्तमान में दिल्ली में निवास कर रही हैं, जबकि उनका बेटा अंकुर उच्च शिक्षा और कार्य के सिलसिले में अमेरिका (USA) में रह रहा है। कोटा स्थित उनका मकान अभी किराए पर दिया हुआ है, हालांकि परिवार के सदस्य कभी-कभी कोटा आते रहते हैं। रीएल लाइफ में सम्मान, लेकिन रियल लाइफ में स्मारक की बदहाली एक तरफ जहां वेब सीरीज के जरिए शहीद अजय आहूजा के शौर्य को सलाम किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कोटा में उनकी याद में बने स्मारक और पार्क की हालत बदतर बनी हुई है। माला रोड हॉट बाजार स्थित अजय आहूजा पार्क और उनकी प्रतिमा उपेक्षा का शिकार है। स्थानीय एडवोकेट हिमांशु सिंह ने बताया कि पार्क में आवारा मवेशी गंदगी फैलाते रहते हैं, वॉक-वे पर चलना मुश्किल है और जगह-जगह खरपतवार उग आई है। पार्क में लगी बेंचें टूट चुकी हैं। पिछली कांग्रेस सरकार के समय इसकी कुछ मरम्मत कराई गई थी, लेकिन रखरखाव न होने से हालात फिर वैसे ही हो गए हैं। पार्क के पास रहने वाले हरप्रीत सिंह आनंद ने आक्रोश जताते हुए कहा कि शहीद की मूर्ति पर लगी कैप (टोपी) का हिस्सा लंबे समय से टूटा हुआ है। रात ढलते ही पार्क में शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे महिलाएं और बच्चे यहां आने से डरते हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से शहीद के इस स्मारक के जीर्णोद्धार की मांग की है。
0
0
Report
Advertisement

सावन के दूसरे सोमवार पर जागेश्वरनाथ धाम में आस्था का सैलाब, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Damoh, Madhya Pradesh:सावन के दूसरे सोमवार को आस्था और श्रद्धा का सैलाब उमड़ा जागेश्वरनाथ धाम में.. एंकर/ सावन के पवित्र महीने में धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले सोमवार के दिन लोगों की आस्था और श्रद्धा साफ देखने को मिल रही है। देश दुनिया में तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजे जाने वाले दमोह जिले के जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर में भी आज सावन सोमवार के मौके पर बड़ा जन सैलाब देखने को मिला और हर कोई भोले के रंग में रंगा दिखाई दिया। भगवान जागेश्वरनाथ महादेव की परम्परा के मुताबिक सुबह तीन बजे आरती पूजन के बाद भक्तों का कपाट खोले गए तो बड़ी संख्या में लोगों ने जलाभिषेक किया। स्वयं प्रगट विशाल शिवलिंग पर जल अर्पण करने का विशेष महत्व है और यहां दूर दूर से श्रद्धालु जन अर्पण करने आते है। सावन के महीने के पहले दिन से जागेश्वरनाथ धाम में कांवड़ियों के आने का सिलसिला शुरू होता है और आखिरी दिन तक लाखों की संख्या में कावड़िए यहां पहुंचते है और मां नर्मदा का जल अर्पण करते है। हजारों कावड़िए सोमवार के दिन यहां पहुंचकर कावड़ जल से भगवान का जलाभिषेक करेंगे। बड़ी संख्या में भक्तों के आने की वजह से जिला और पुलिस प्रशासन ने यहां मंदिर ट्रस्ट कमेटी के सहयोग से व्यापक इंतजाम किए है वहीं सुरक्षा की दृष्टि से भी बड़ी संख्या में पुलिस बल यहां तैनात किया गया है।
0
0
Report

धौलपुर में हनुमान मंदिर के परिसर में पौधरोपण से पर्यावरण संदेश

Dholpur, Rajasthan:हनुमान मंदिर परिसर में हुआ पौधरोपण, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश धौलपुर:पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज के सामने हनुमान मंदिर परिसर में वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवियों, अधिवक्ताओं ने मिलकर पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ जीवन की गारंटी है। कार्यक्रम में धौलपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट प्रशांत हुंडावाल ने कहा कि वृक्ष हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग हैं और प्राचीन काल से ही हम पीपल, बरगद और तुलसी की पूजा करते आए हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग के कारण धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसे नियंत्रित करने का एकमात्र उपाय बड़े स्तर पर पौधरोपण है। प्रशांत हुंडावाल ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल, पानी देना और आवारा पशुओं से सुरक्षा करना भी उतना ही जरूरी है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top