icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
245207
SSSunder SharmaFollow1 Oct 2024, 01:32 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
Advertisement

उज्जैन सिंहस्थ आरक्षित क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने को बुलडोजर जारी

Ujjain, Madhya Pradesh:ब्रेकिंग न्यूज़ | उज्जैन सिंहस्थ की आरक्षित जमीन पर फिर चला बुलडोजर, नगर निगम की कार्रवाई जारी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। रविवार सुबह नरसिंह घाट रोड स्थित महासिद्धि धाम में परमानंद जी महाराज से जुड़े निर्माण पर नगर निगम की टीम कार्रवाई कर रही है। करीब 100×50 फीट क्षेत्र में बने निर्माण को हटाने के लिए जेसीबी और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मौके पर नगर निगम के अधिकारी और टीम मौजूद हैं। सिंहस्थ के लिए आरक्षित क्षेत्र में कार्रवाई से एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
0
0
Report
Advertisement

जामनगर में राजपूताणी नवरात्रि महोत्सव में रिवाबा जाडेजा समेत 2000 क्षत्रिय बहनों ने गरबा किया

Jamnagar, Gujarat:જામનગરમાં રાજપૂતાણી નવરાત્રી મહોત્સવમાં રિવાબા જાડેજા ગરબે ઘૂમ્યાં 2000થી વધુ ક્ષત્રિય સમાજની બહેનોએ એકસાથે ગરબે ઘૂમી માતાજીની આરાધના કરી JAMNAGAR શહેરમાં માતૃશક્તિ ચેરીટેબલ ટ્રસ્ટ દ્વારા આયોજિત રાજપૂતાણી નવરાત્રી મહોત્સવ 2026માં નવરાત્રીના સાતમા નnorતે ગુજરાત સરકારના રાજ્યમંત્રી રિવાબા જાડેજા ખાસ ઉપસ્થિત રહ્યાં હતાં. ક્ષત્રિય સમાજની બહેનોની ઉપસ્થિતિમાં યોજાયેલા આ મહોતસવમાં રિવાબા જાડેજાએ પણ બહેનો સાથે ગરબે ઘૂમી માતાજીની આરાધના કરી હતી અને ઉપસ્થિત સૌને નવરાત્રીની શુભકામનાઓ પાઠવી હતી. આ મહોત્સવમાં આશરે 2000થી વધુ ક્ષત્રિય સમાજની બહેનોએ એકસાથે ગરબે ઘૂમીને નવરાત્રીની ભક્તિભાવપૂર્વક ઉજવણી કરી હતી. સમગ્ર આયોજનમાં પારિવારિક માહોલ અને પરંપરાગત ગરબાની રમઝટ જોવા મળી હતી. બાઈટ: રિવાબા જાડેજા – રાજ્યમંત્રી
0
0
Report

उत्तराखंड में सड़कों के गड्ढामुक्ति का सत्यापन SDMs द्वारा शुरू

Haldwani, Uttarakhand:उत्तराखंड में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान में अब विभागीय दावों की हकीकत परखी जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद कुमाऊं मंडल में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के कामों का सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए कुमाऊं कमिश्नर ने सभी एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी है। एसडीएम मौके पर पहुंचकर न सिर्फ सड़कों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे, बल्कि मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता भी जांचेंगे। खास बात ये है कि हल्द्वानी और अल्मोड़ा में करीब 90 प्रतिशत प्रगति बताई जा रही है, जबकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना यानी पीएमजीएसवाई के तहत काम की रफ्तार करीब 33 प्रतिशत है। ऐसे में अब प्रशासन की नजर विभागीय आंकड़ों और धरातल की हकीकत पर रहेगी। सत्यापन के दौरान केवल मरम्मत कार्य पूरा होने की जानकारी ही नहीं, बल्कि काम की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाएगा। सड़क की वास्तविक स्थिति और विभागीय रिपोर्ट का मिलान किया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए किए गए कार्य धरातल पर कितने प्रभावी हैं। इस प्रक्रिया से सड़कों की मरम्मत के काम में पारदर्शिता बढ़ाने और संबंधित विभागों की जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। अगर मौके पर स्थिति विभागीय दावों से अलग मिलती है, तो उस पर प्रशासन एक्शन लेगा।
0
0
Report

अमरोहा तहसील परिसर में लेखपाल रातभर धरना, वेतन-एरियर-तबादलों की मांग

Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा सदर तहसील परिसर में आधी रात को लेखपालों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया। वेतन, एरियर और तबादलों से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं होने से नाराज लेखपालों ने अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लेखपालों का आरोप है कि अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों से वार्ता के लिए करीब ढाई घंटे तक इंतजार किया गया, लेकिन इसके बावजूद उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर लेखपाल तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार पर भी आरोप लगाए हैं। लेखपालों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। देर रात शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन से तहसील परिसर में हलचल मच गई। अब सभी की निगाहें प्रशासन के रुख और लेखपालों की मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
0
0
Report
Advertisement

अमरोहा के हैदलपुर में 20 फीट अजगर, वन विभाग ने रेस्क्यू कर जंगल छोड़ा

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद के रहरा थाना क्षेत्र के हैदलपुर गांव में गन्ने के खेत में करीब 20 फीट लंबा और डेढ़ क्विंटल वजनी विशालकाय अजगर मिलने से हड़कंप मच गया। खेत मालिक सुरेश शर्मा खेत पर पहुंचे तो इतने बड़े अजगर को देखकर हैरान रह गए। इसकी खबर फैलते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों में दहशत फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सुरेश शर्मा ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। वन दरोगा सुमित राठी के निर्देश पर टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद वन विभाग की टीम अजगर को उसके प्राकृतिक आवास जंगल में छोड़ आई। अजगर के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग के मुताबिक, भोजन की तलाश में अजगर अक्सर जंगल से भटककर खेतों की ओर आ जाते हैं।
0
0
Report

चतरा में बंगाल की परंपरा: सिंदूर की होली से खत्म होती है दुर्गा पूजा

Ansar Nagar, Jharkhand:चतरा में बंगाल की अनूठी परंपरा: जतराहीबाग में बंगाली विधि-विधान से होती है, मां दुर्गा की पूजा; सिंदूर की होली से होती है विदाई Anchor: चतरा शहर के जतराहीबाग देवी मंडप के समीप रहने वाले बंगाली समाज की पूजा और विधान आकर्षण का केंद्र है। यहां की पूजा में उल्लू ध्वनि से लेकर ढांक बाजा तक शामिल होती है।सबसे मजे की बात तो यह है कि पूजा का समापन सिंदूर की होली से होती है। जहां महिला श्रद्धालु अपने परिजनों और पंडाल में आने वाले महिला श्रद्धालुओं को सिंदूर लगाती हैं। अगर यह कहें कि इस पूजा पंडाल में कलकत्ता की सांस्कृतिक धरोहर सीधे चतरा की धरती पर उतर आती है। आपको बताते चलें बंगाली परिवार पिछले 77 वर्षों से अपनी गहरी आस्था और बंगाली परंपरा के साथ मां दुर्गा की आराधना करता आ रहा है। यह परिवार हर साल अपने घर में ही मां की प्रतिमा स्थापित कर पूरी तन्मयता से बंगाल के प्राचीन विधि-विधान के तर्ज पर पूजा-पाठ संपन्न करता है। इस पूजा की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सांस्कृतिक भव्यता है। यहां मां की प्रतिमा विशेष रूप से भागलपुर से मंगाई जाती है, जबकि पूजा-पाठ कराने के लिए पंडित गयाजी से आते हैं। इसके अलावा, बंगाल की पारंपरिक ढाक की गूंज और सुप्रसिद्ध धुनुचि नृत्य इस आयोजन में चार चांद लगा देते हैं। बिना किसी अतिरिक्त दिखावे के समय पर पूरी निष्ठा से होने वाली यह पूजा पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। विजयदशमी के पावन अवसर पर इस परंपरा का एक बेहद खास और भावनात्मक पहलू देखने को मिलता है। मां और भोले बाबा की जोड़ी अटूट बनी रहे, इसी कामना के साथ महिलाएं विजया दशमी पर सिंदूर की होली खेलती हैं। जो सिंदूर सबसे पहले मां को अर्पित किया जाता है, उसी सिंदूर को सुहागिनें अपनी मांग में सजाकर अपने पति की लंबी उम्र और रक्षा की प्रार्थना करती हैं। सात दशकों से चली आ रही यह अनूठी परंपरा चतरा की सांस्कृतिक विविधता और आपसी सौहार्द की एक बेहतरीन मिसाल पेश करती आ रही है।
0
0
Report

पटना के मसौढ़ी में पूजा पंडालों का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

Masaurhi, Bihar:कलकत्ता के पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद पटना जिला प्रशासन अलर्ट। जिला प्रशासन ने किया पूजा पंडालों का निरीक्षण。 ।। मसौढ़ी।। शनिवार की शाम कलकत्ता के पूजा पंडाल ने भगदड़ की घटना के बाद पटना में जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इस दौरान पटना के मसौढी में जिला प्रशासन के पदाधिकारी सड़कों पर नजर आए। जहां सुरक्षा व्यवस्था के साथ भीड़ के नियंत्रण को लेकर पूजा पंडालों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मसौढ़ी एसडीएम धनराज कुमार और डीएसपी राघव दयाल ने पूजा पंडाल समिति के लोगों के साथ आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। विधि व्यवस्था के साथ भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top