icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
273003
Satish Chandra ShuklaSatish Chandra ShuklaFollow29 Jan 2025, 12:39 pm

Gorakhpur - आईटीएम गीडा के छात्रों ने बनाई उन्नत मानव रहित इंटेलिजेंस गन

Gorakhpur, Uttar Pradesh:

आईटीएम गीडा के छात्रों ने एक अत्याधुनिक मानव रहित इंटेलिजेंस मशीन गन का निर्माण किया है. यह तकनीक सीमा सुरक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी साबित हो सकती है. यह इंटेलिजेंस गन स्वचालित और मैन्युअल मोड दोनों पर संचालित की जा सकती है. इसमें नाइट विजन कैमरा और ह्यूमन मोशन सेंसर जैसे उपकरण शामिल है, जो रात के अंधेरे में भी दुश्मनों की गतिविधियों को पहचान लेगा. इस गन का वजन लगभग 65 किलोग्राम है और इसमें 20 मिमी के सात धातु बैरल लगे है. इसका संचालन रिमोट या मोबाइल के जरिए वायरलेस तरीके से किया जा सकता है. इस सफलता पर संस्थान के निदेशक डॉ.एन.के सिंह ने सराहना की।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
Advertisement

दो वोट से जीता सरपंच चुनाव, मतगणना के बाद हंगामे के बीच घोषित परिणाम

Karauli, Rajasthan:पंचायत चुनाव में जीत और हार के बीच महज दो वोट का अंतर होने से शेरपुर-सूरौठ पंचायत समिति की बझेड़ा ग्राम पंचायत में मतगणना के दौरान जमकर हंगामा हुआ। रिकाउंटिंग की मांग को लेकर प्रत्याशियों के समर्थक आमने-सामने आ गए। विवाद और कई बार पुनर्मतगणना के चलते परिणाम रातभर अटका रहा। आखिरकार प्रशासन की मौजूदगी में दोबारा मतगणना कराई गई और सुबह 7 बजे परिणाम घोषित हुआ। इसमें लक्ष्मी देवी ने प्रेमलता मीणा को महज दो वोटों से हराकर सरपंच पद पर जीत दर्ज की। जानकारी के अनुसार, बझेड़ा पंचायत मुख्यालय पर मतगणना के दौरान लक्ष्मी देवी और प्रेमलता मीणा के बीच वोटों का अंतर बेहद कम रहा। दूसरे प्रत्याशी की ओर से पुनर्मतगणना की मांग की गई, जबकि विजयी प्रत्याशी के समर्थकों ने इसका विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद की स्थिति बन गई। कमरों में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभालने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अक्षय गोदारा के निर्देश पर रात करीब 3 बजे एडीएम जगदीश प्रसाद गौड़ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोबारा मतगणना कराई। सुबह घोषित परिणाम में लक्ष्मी देवी पत्नी खेम सिंह को 1799 वोट मिले, जबकि प्रेमलता पत्नी रामनिवास मीणा को 1797 वोट मिले। इस तरह लक्ष्मी देवी ने दो वोटों से जीत हासिल की। मतगणना के दौरान एएसपी रामकुमार कस्वां, एएसपी कमल मीणा, नादौती एसडीएम, एरिया मजिस्ट्रेट प्रीति चक सहित कई थानों का पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारी पूरी रात मतगणना स्थल पर मौजूद रहे।
0
0
Report

खटास: मंत्री ने रैली नहीं गए लोगों की क्या कहा? अंतरात्मा जागी, जिलाध्यक्ष हटे

Anuppur, Madhya Pradesh:मंत्री दिलीप जायसवाल नें कहा की जो लोग रैली मे नहीं गए उनकी अंतरात्मा नें कहा नहीं जाना है अनूपपुर राहुल गाँधी की रैली मे दिल्ली नहीं पहुँचने पर मध्यप्रदेश के 9 जिलाध्यक्षॉ को उनके पद से हटा दिया गया है उसको लेकर मध्यप्रदेश सरकार के कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ( स्वतंत्र प्रभार ) नें ली चुटकी अनूपपुर मे भी युवक कांग्रेस के जिलाधिकारी को पद से हटा दिया गया है,इस पर मंत्री नें कहा की जो लोग रैली मे नहीं गए उनकी अंतरात्मा जाग गई और इसीलिए नहीं गए और जिन लोगो को पद से हटाया है उन्हें लगा की मोदी जी देश के विकास मे अच्छा काम कर रहे है मंत्री दिलीप जायसवाल नें कहा राहुल जी को लगता है की कैसे सत्ता मिले रात को नींद नहीं आती न इनको नींद आती है न इनकी बहन प्रियंका को नींद आती है न इनकी माँ सोनिया जी को नींद आती है
0
0
Report
Advertisement

काली पूजा से पहले शहर के नामी होटलों में गंदगी का भांडाफोड़, छापे

Durgapur, West Bengal:কালীপুজোর আগে শহরের প্রাণকেন্দ্রে বড় বড় হোটেলের রান্নাঘরে মিলল পচা খাবার, দুর্গন্ধযুক্ত মাখন, মেয়াদ উত্তীর্ণ পাউরুটি, ফ্রিজে মজুত পুরোনো বানিয়ে রাখা মশলা । খাদ্য সুরক্ষা দপ্তরের অভিযানে চাঞ্চল্যকর চিত্র। কালীপুজোর আনন্দে মেতে ওঠার প্রস্তুতি নিচ্ছে শহর। উৎসবের মরশুমে হোটেল-রেস্তোরাঁয় ভিড়ও বাড়ছে চোখে পড়ার মত। পুজোর আনন্দে পরিবার-পরিজন কিংবা বন্ধুদের সঙ্গে বাইরে খেতে যাওয়ার পরিকল্পনা করছেন বহু মানুষ। তবে শহরের একাধিক নামী হাটহোটেলের রান্নাঘরের অন্দরমহলের ছবি সামনে আসতেই কার্যত চোখ কপালে উঠেছে খাদ্য সুরক্ষা দপ্তরের আধিকারিকদের। খাবারের মান নিয়ে বড়সড় প্রশ্ন উঠে গেল শহরের নামী হোটেলগুলির বিরুদ্ধে। কালীপুজোর প্রাক মুহূর্তে শহরের প্রাণকেন্দ্রে একের পর এক হোটেলে অভিযান চালায় খাদ্য সুরক্ষা দপ্তর। আর সেই অভিযানে সামনে আসে একের পর এক চাঞ্চল্যকর ছবি। কোথাও মাখন থেকে বেরোচ্ছে দুর্গন্ধ, কোথাও আবার রান্নাঘরে পড়ে রয়েছে মেয়াদ উত্তীর্ণ পাউরুটি। শুধু তাই নয়, হোটেলের ফ্রিজের ভিতরে দিনের পর দিন জমিয়ে রাখা হয়েছে পুরনো গ্রেভি। উদ্ধার হয়েছে বাসি চিকেন-সহ নানা ধরনের খাবারও। অর্থাৎ, যে খাবার পরিবেশন করা হচ্ছে ক্রেতাদের পাতে, তার গুণমান ও স্বাস্থ্যবিধি নিয়ে উঠছে গুরুতর অভিযোগ। অভিযান চলাকালীন হোটেলগুলির রান্নাঘরের অপরিচ্ছন্নতাও নজরে আসে আধিকারিকদের। রান্নার জায়গায় যথাযথ পরিচ্ছন্নতার অভাব, খাবার রাখার ক্ষেত্রে নিয়ম না মানা এবং বিভিন্ন মশলা ও খাদ্যসামগ্রীর মেয়াদ সংক্রান্ত একাধিক অনিয়মের অভিযোগ সামনে এসেছে। খাবার রাখার নির্দিষ্ট নিয়ম থাকা সত্ত্বেও তা কার্যত উপেক্ষা করা হচ্ছে বলে অভিযোগ। কোথাও পুরনো খাবার ফ্রিজে রেখে দেওয়া হচ্ছে, আবার কোথাও মেয়াদ পেরিয়ে যাওয়া সামগ্রী ব্যবহার করার অভিযোগ উঠেছে। বাসি, পচা কিংবা দীর্ঘদিন ধরে সংরক্ষিত খাবার খেলে খাদ্যে বিষক্রিয়া-সহ নানা শারীরিক সমস্যার আশঙ্কা থাকে। ফলে শুধু হোটেলের ব্যবসা নয়, সাধারণ মানুষের স্বাস্থ্য নিয়েও প্রশ্ন উঠছে। ইতিমধ্যেই নিয়মভঙ্গের অভিযোগে একাধিক হোটেলকে জরিমানা করেছে খাদ্য সুরক্ষা দপ্তর। পাশাপাশি সংশ্লিষ্ট হোটেল কর্তৃপক্ষকে সতর্কও করা হয়েছে। তবে শুধু জরিমানা করেই দায়িত্ব শেষ করতে নারাজ দপ্তর। শহরের বিভিন্ন হোটেল ও রেস্তোরাঁয় নিয়মিত নজরদারি এবং লাগাতার অভিযান চালানো হবে বলেও জানানো হয়েছে। খাদ্য সুরক্ষা দপ্তরের আধিকারিক শুভম ঘোষ বলেন, "হোটেলগুলিতে নিয়ম মেনে খাবার রাখা হচ্ছে না। বাসি, পচা খাবার রাখা হচ্ছে। সেই সব খাবার খেলে সাধারণ মানুষের ক্ষতি হতে পারে। তাই আমাদের লাগাতার অভিযান চলছে। আমরা সতর্ক করছি, জরিমানা করছি।"
0
0
Report

बोकारो में कोयला लदी मालगाड़ी की बोगी बेपटरी, हताहत नहीं; राहत ट्रेन की तैयारी

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में कोयला लदा मालगाड़ी का एक बोगी हुआ बेपटरी। कोई हताहत नहीं। बोकारो के सीसीएल कथारा क्षेत्र के कथारा कोलियरी की न्यू रेलवे साइडिंग की घटना है जहाँ कोयला लदा रेलवे रेक की एक बोगी का चक्का पटरी से उतर जाने का मामला प्रकाश में आया। घटना के सम्बन्ध में कोई भी कुछ भी बताने से परहेज़ करते दिखे। हालांकि जानकारी यह मिल पाई है कि कथारा कोलियरी के न्यू रेलवे साइडिंग से रेलवे रेक कोयला लाद सीटीपीएस जा रही उसी दौरान यह घटना घटी है। अच्छी बात यह रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। घटना के बाद दुर्घटना राहत ट्रेन की प्रतिक्षा किया जा रहा है ताकि बेपटरी का एक बोगी को पटरी पर लाया जा सके।
0
0
Report
Advertisement

कोटगेट चाकूबाजी: धरना खत्म, परिजन शव लेने को राजी, गिरफ्तारी का आश्वासन

Bikaner, Rajasthan:कोटगेट चाकूबाजी मामले में प्रशासन और परिजनों के बीच बनी सहमति युवक की मौत के बाद मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे थे परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर पुलिस-प्रशासन ने दिया आश्वासन सहमति के बाद शव लेने पर राजी हुए परिजन दरअसल मुख्य डाकघर के पास वाली गली में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी इस दौरान चाकूबाजी में घायल युवक को पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई घटना के बाद परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए थे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर आश्वासन दिया गया इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और परिजन शव लेने पर राजी हो गए अब पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है
0
0
Report

बैतूल में स्वामित्व योजना से 1 लाख से अधिक पट्टाधारियों को मालिकाना हक मिला

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले के 45 हज़ार परिवारों के लिए धनतेरस इस बार खुशियों की सौगात लेकर आया है। जिले के 1139 गांवों में रहने वाले 1 लाख 15 हजार परिवार वर्षों से जिस जमीन और मकान पर परिवार रह रहे थे, अब उस पर उन्हें बिना किसी शुल्क के कानूनी मालिकाना हक दिलाने की बड़ी पहल मोहन सरकार द्वारा की जा रही है। स्वामित्व योजना के तहत मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने पट्टाधारी हितग्राहियों को फ्री रजिस्ट्री का लाभ देना शुरू कर दिया है। बैतूल जिले में अब तक 45 हजार हितग्राहियों की जमीन और मकान की रजिस्ट्री कर उन्हें मालिकाना हक दिया जा चुका है। धनतेरस के मौके पर साकादेही गांव में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और जिला प्रशासन की मौजूदगी में हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया गया। खास बात यह है कि साकादेही गांव के सभी पात्र हितग्राहियों की फ्री रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। दरअसल स्वामित्व योजना का उद्देश्य उन परिवारों को उनकी जमीन और मकान का कानूनी मालिकाना हक देना है, जिनके पास वर्षों से पट्टा तो था, लेकिन पंजीकृत दस्तावेज नहीं होने के कारण वे अपनी संपत्ति का पूरी तरह उपयोग नहीं कर पाते थे। अब रजिस्ट्री होने के बाद इन परिवारों के लिए बैंक से ऋण लेने, संपत्ति के दस्तावेजी लेनदेन करने और कानूनी विवादों में अपना अधिकार साबित करने का रास्ता आसान होगा। धनतेरस के शुभ अवसर पर मिले इस तोहफे से हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। लोगों का कहना है कि सरकार के इस फैसले ने उन्हें सिर्फ कागजी दस्तावेज नहीं, बल्कि अपनी संपत्ति पर मजबूत कानूनी अधिकार दिया है। बैतूल कलेक्टर ने बताया कि जिले के 1139 गांवों में करीब 1 लाख 15 हजार पट्टाधारी हितग्राहियों को इस योजना के दायरे में लाया गया है। इनमें से अब तक 45 हजार हितग्राहियों की फ्री रजिस्ट्री की जा चुकी है। शेष पात्र हितग्राहियों को भी आने वाले दिनों में योजना का लाभ दिलाकर उनकी संपत्ति का पंजीयन कराया जाएगा। यानी आने वाले समय में बैतूल जिले के हजारों परिवारों को अपनी जमीन और मकान का कानूनी मालिकाना हक मिलने जा रहा है। सरकार की इस पहल ने धनतेरस पर उन परिवारों के घरों में खुशियों का नया उजाला किया है, जो वर्षों से अपनी ही जमीन पर मालिकाना हक के पक्के दस्तावेजों का इंतजार कर रहे थे।
0
0
Report

तुंगनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, डोली मक्कूमठ रवाना

Routhiya, Uttarakhand:विश्वप्रसिद्ध तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट आज वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इसी के साथ वर्ष 2026 की तुंगनाथ धाम की ग्रीष्मकालीन यात्रा का समापन हो गया है। कपाट बंद होने के बाद बाबा की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ के लिए रवाना हो गई है। अब अगले छह महीने तक मक्कूमठ में ही बाबा तुंगनाथ की पूजा-अर्चना संपन्न होगी। वीओ : समुद्रतल से करीब 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में कपाट बंद होने के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। मंदिर परिसर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बीच विधि-विधान से मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए। इस दौरान पुजारी वेदपाठी अभिषेक मैठाणी ने धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली ने शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ के लिए प्रस्थान किया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डोली का पहला रात्रि प्रवास चोपता में होगा। 7 नवंबर को डोली भनकुण्ड पहुंचेगी, जबकि 8 नवंबर को मक्कूमठ स्थित श्री मर्कटेश्वर मंदिर में विराजमान होगी। इसके बाद शीतकाल में बाबा की पूजा-अर्चना यहीं संपन्न होगी। पंचकेदारों में तृतीय केदार के रूप में पूजित भगवान तुंगनाथ धाम विश्व के सबसे ऊंचाई पर स्थित शिव मंदिरों में प्रसिद्ध है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां भगवान शिव की भुजाओं की पूजा की जाती है। कपाट बंद होने के साथ ही अब बाबा के भक्त शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ में दर्शन कर सकेंगे।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top