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ArdhchandradhariTripathiArdhchandradhariTripathiFollow15 Dec 2024, 04:12 pm
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डभरा पटाखा स्टाल की एसडीएम से विभाग ने की शिकायत,रिहायशी में बिना अनुमति कब्जा कर लगाया दुकान,,

Avinash Babu PatelAvinash Babu PatelFollow2m ago
Dabhara, Chhattisgarh:बेजा पटाखा स्टाल को लेकर सिंचाई विभाग ने डभरा एसडीएम को शिकायत पत्र लिखा है,,निरीक्षण कुटीर परिसर पर पटाखा व्यापारियों ने जबरन कब्जा किया है,,इससे पूर्व पेड़ काटकर चोरी हुई है,, सक्ती जिले के डभरा में पटाख़ा व्यवसायियों ने दबंगई करते हुए सिंचाई के रेस्ट हाउस परिसर में भेजा कब्जा करके दो दर्जन से अधिक पटाखा स्टाल लगाया है,, इसके लिए परिसर स्थित चार नग पेड़ को काटकर चोरी कर लिया गया था,,जिसकी शिकायत सिंचाई विभाग के एसडीओ द्वारा डभरा एसडीएम,तहसीलदार एवं थाना प्रभारी को दिया है,बावजूद इसके सभी अधिकारी मौन साधे बैठे हैं,,
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ऑपरेशन मुस्कान से मोतिहारी में 245 मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटे

Motihari, Bihar:मोतीहारी में खोए और चोरी हुए मोबाइलों की बरामदगी के लिए पुलिस अधीक्षक के कार्यालय द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल हुई है। तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर विशेष टीम ने कुल 245 मोबाइल बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 61 लाख रुपये है। वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए गए फोन स्वर्ण प्रभात, पुलिस अधीक्षक, मोतिहारी के मार्गदर्शन में बरामद किए गए इन 245 मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंपा गया है। इन मोबाइलों को पाने वालों में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हैं।
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जामुई में साइबर ठगी गैंग का भंडाफोड़, तीन शातिर गिरफ्तार

Jamui, Bihar:जमुई चंद्रमंडीह पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर मोबाइल हैक कर ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से 15 एंड्रॉइड मोबाइल, दो लैपटॉप और 3 लाख 27 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। चौफला गांव के रहने वाले हैं तीनों आरोपित थानाध्यक्ष गजेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान चौफला गांव निवासी सूरज कुमार, उसके सगे भाई अमित कुमार दोनों के पिता राम दास तथा इसी गांव के सुबोध कुमार पिता जितेंद्र दास के रूप में हुई है। गुप्त सूचना मिली थी कि गांव के एक घर में बैठकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों को धर दबोचा। एपिे फाइल भेजकर करते थे व्हाट्सएप हैक पूछताछ में आरोपियों ने साइबर ठगी के हाईटेक तरीके का खुलासा किया। शातिर सबसे पहले लोगों के मोबाइल पर एपिे फाइल भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति उस फाइल को डाउनलोड करता, उसका व्हाट्सएप अकाउंट पूरी तरह हैक हो जाता था। इसके बाद आरोपी उस व्हाट्सएप को किसी दूसरे फोन में लॉगिन कर लेते थे, जिससे पीड़ित के फोन के सभी कांटेक्ट नंबर इनके पास आ जाते थे।इसके बाद शातिर पीड़ित के परिचितों को व्हाट्सएप पर दुर्घटना की फर्जी तस्वीर भेजकर मैसेज करते थे कि उनका गंभीर एक्सीडेंट हो गया है, पैर टूट गया है और तत्काल रुपयों की सख्त जरूरत है। घबराहट में परिचित बिना जांच-पड़ताल किए भेजे गए क्यूआर कोड पर पैसे ट्रांसफर कर देते थे। साथ ही यह गिरोह नए संपर्कों को भी एपिे फाइल भेजकर एक लंबी चेन के तहत लगातार लोगों को ठग रहा था। टेलीग्राम से जुड़ा है नेटवर्क, मास्टरमाइंड की तलाश पुलिस के अनुसार सूरज और अमित पिछले तीन-चार महीनों से, जबकि सुबोध करीब डेढ़ साल से इस धंधे में लिप्त था। थानाध्यक्ष ने बताया कि इस गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड टेलीग्राम चैनेल के माध्यम से इन्हें निर्देश देता देता। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के जरिए मुख्य सरगना की तलाश कर रही है अभियान में शामिल पुलिस बल थानाध्यक्ष गजेंद्र कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस छापेमारी अभियान में एसआई रितेश कुमार, एसआई नंदन कुमार, एसआई अमित कुमार सहित पुलिस बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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बलरामपुर पुलिस ने धनतेरस पर 156 मोबाइल लौटाकर लोगों के चेहरे खिलाए

Balrampur, Uttar Pradesh:धनतेरस पर बलरामपुर पुलिस का बड़ा तोहफा: 156 लोगों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, 40 लाख के मोबाइल बरामद आईफोन 16 और सैमसंग S25 अल्ट्रा जैसे प्रीमियम फोन भी शामिल, एसपी ने मोबाइल स्वामियों को सौंपे उनके खोए हुए फोन बलरामपुर जनपद में दीपावली से ठीक पहले धनतेरस के दिन बलरामपुर पुलिस ने 156 परिवारों को ऐसा तोहफा दिया, जिसकी उन्हें लंबे समय से उम्मीद थी। किसी का मोबाइल चोरी हो गया था तो किसी का फोन कहीं गुम हो गया था। मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ चुके लोगों के चेहरे उस समय खिल उठे, जब पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने पुलिस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके खोए हुए स्मार्टफोन उन्हें वापस सौंपे। अपना मोबाइल हाथ में आते ही लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। किसी के लिए यह आर्थिक राहत थी तो किसी के लिए मोबाइल में सुरक्षित जरूरी डेटा और यादों की वापसी। बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल और CEIR टीम ने तकनीकी मदद से कुल 156 स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 35 से 40 लाख रुपये है। इनमें एक आईफोन 16 और दो सैमसंग S25 अल्ट्रा जैसे प्रीमियम स्मार्टफोन भी शामिल हैं। धनतेरस के दिन मोबाइल स्वामियों को उनके फोन वापस मिलना उनके लिए दीपावली की खुशियों को दोगुना करने जैसा रहा। पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर जनपद के विभिन्न थानों से प्राप्त मोबाइल गुमशुदगी संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी यातायात/साइबर पर्यवेक्षण अधिकारी विजय कुमार पाण्डेय के पर्यवेक्षण में जनपदीय साइबर सेल और थाना स्तर पर गठित साइबर सेल/CEIR टीम ने यह सफलता हासिल की। मोबाइलों की तलाश के लिए भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल (SANCHAR SAATHI PORTAL) के अंतर्गत CEIR प्रणाली का इस्तेमाल किया गया। इसके माध्यम से गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सभी 156 मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस की कार्यशैली और साइबर टीम की तकनीकी दक्षता की सराहना की। लोगों ने पुलिस अधीक्षक और पूरी टीम के प्रति आभार जताया। इस कार्रवाई से एक बार फिर साबित हुआ कि तकनीक के सही इस्तेमाल से गुम हुए मोबाइलों की बरामदगी संभव है.
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