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Tulsi Kumar KashaypTulsi Kumar KashaypFollow8 May 2025, 03:06 pm

Gorakhpur -आग का गोला बनी सीएनजी आटो, धू धू कर जल गई

Jangl Dumri No1, Uttar Pradesh:गुलरिहा थाना क्षेत्र ‌के भटहट पुलिस चौकी के समीप पर गुरुवार दोपहर में सीएनजी आटो में आग लग गई। जिससे गोरखपुर महराजगंज फोरलेन पर जाम लग गया। चालक जान बचा कर भागते पुलिस चौकी पर पहुंच कर सूचना दिया। पुलिस दोनों तरफ से आवागमन बंद करा दी। धू धू कर पूरी आटो जल कर राख हो गई। अगल बगल के लोग तमाशबीन कर देखते रहे। आटो में एक महिला व पुरुष दो लोग सवार थे। जनपद महराजगंज के श्यामदेउरव थाना क्षेत्र के पीपरपाती निवासी चालक राजन पुत्र राम शिव के मुताबिक धर्मशाला से सवारी लेकर परतावल जा रहे थे। भटहट पहुंचने से पहले कुछ सवारी उतर गये थे। आटो में दो लोग एक भटहट दूसरा परतावल के लिए सवार थे। चौकी के पास पहुंचते ही पीछे आग लग गई
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गिरिराज सिंह: पूर्वांचल के विकास के बिना देश नहीं, ममता बनर्जी पर हमला

Patna, Bihar:गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री राष्ट्रीय जूट बोर्ड के स्थापना दिवस समारोह पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने कहा है कि पूर्वांचल के विकास के बगैर देश का विकास नहीं । बिहार ,झारखंड , बंगाल, ओडिशा, असम , नॉर्थ ईस्ट यहां टेक्सटाइल की कोई बड़ी यूनिट नहीं है , बंगाल में था वो भी ममता बनर्ज के कारण पलायन कर गया और ऐसी स्थिति में आज एक न्यू एज फाइबर को हम टेक्सटाइल के रूप में परिवर्तित कर रहे हैं । जूट का फसल चक्र ऐसा रखा है कि जूट के बाद धान होगा और उसके बाद लिनन यानी तीसी फ्लैक्स जो किसान को मिनिमम 1.5 लाख पर एकड़ की बचत होगी । तो वही बंगाल में SIR को लेकर टीएमसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और लिस्ट दिखाए की कैसे बिहार में भी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में नाम और बंगाल में भी इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा उनमें हिम्मत नहीं है कि वह अपना प्रोग्रेस रिपोर्ट बताएं, ममता बनर्जी बताएं की 15 साल में कितने गरीबों को गरीबी रेखा से ऊपर ले गई कितने गरीबों का भर दिया कितनी गरीबों को रोजगार दिया कितने किसानों के आमदनी बढ़ाई और कितने कर्मचारी को सेवंत के कमिश्नर से पैसा दिया और कितनी बेटियां सुरक्षित हैं केवल चर्चा करेगी बांग्लादेशी रोहिंग्या मुसलमानों का और SIR का, इस बार ममता बनर्जी का हारना तय है और ममता बनर्जी के गुंडे कान खोल के सुन लो अगर आपने कोई भी गड़बड़ी की तो एक-एक को चुनकर उल्टा टांग दिया जाएगा पंजाब में बीजेपी ऑफिस के बाहर बम धमाका होने पर कहा कि वहां की सरकार जब खालिस्तानियों को अपने साथ जोड़ेगा तो रोपे बाबुल तो आम कहां से होय
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झीरम घाटी हमले पर भूपेश बघेल-रमन सिंह के बीच सोशल मीडिया वार तेज, सियासत गर्म

Raipur, Chhattisgarh:एक ओर छत्तीसगढ़ दशकों के नक्सली समस्या से मुक्त हुआ, वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर छत्तीसगढ़ में श्रेय की सियासत भी शुरू हो गई और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चल पड़ा है. वहीं सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ के दो पूर्व मुख्यमंत्री आमने-सामने हो गए हैं. झीरम घाटी हमले और नक्सलवाद के मसले पर दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के बीच सोशल मीडिया वॉर शुरू हो गया है. पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अखबार की एक कतरन पोस्ट करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह पर निशाना साधा. तो जवाब में डॉक्टर रमन सिंह भी हमलावर हो गए. रमन सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर भूपेश बघेल को संबोधित करते हुए लिखा कि ''आपकी जेब में तो झीरम घाटी नक्सल वारदात के सबूत थे, लेकिन जब हाथ डालते हैं तब सिर्फ आप अखबार की एक कतरन ही निकालते हैं. दूसरों पर कीचड़ उछालकर अपने दाग नहीं छुपाये जा सकते, एक बार आईने में देखिए कि आपने सत्ता के 5 वर्षों में सिर्फ दोषारोपण ही किया है'' इसपर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार किया. बघेल ने कहा कि ''आपकी पार्टी ने जांच होने कहां दी डॉक्टर साहब! पता नहीं कि क्या डर है आप लोगों के मन में. कोर्ट जा जाकर जांच रोकते रहे. जांच में सबूत दिए जाएंगे ना! जैसी हम चाहते हैं जांच करवा दीजिए सबूत दे देंगे. सोच लीजिएगा, आपको पछताना ना पड़े'' क्या था झीरम घाटी हमला- बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक में झीरम घाटी इलाके में 25 मई 2013 को नक्सलियों ने सुकमा के राजनीतिक कार्यक्रम से लौट रहे कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को अपना निशाना बनाया था. झीरम घाटी हमला देश के इतिहास के सबसे भीषण नक्सली हमलों में से एक माना जाता है. इसे भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक नरसंहार भी कहा जाता है, क्योंकि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तबके शीर्ष नेताओं की नृशंस हत्या इस हमले में नक्सलियों ने कर दी थी. बताया जाता है कि हमले में करीब 1000 नक्सली शामिल थे. नक्सलियों ने घाटी में भारी एम्बुश लगा कर रखी थी. उन्होंने पहले लैंडमाइन ब्लास्ट किया और फिर काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. हमले के तुरंत बाद मौजदा भाजपा सरकार ने जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था. वहीं इस मामले की NIA ने भी जांच की. हालांकि घटना के 13 साल बाद भी साजिश का खुलासा नहीं हो पाया है. भाजपा और कांग्रेस के बीच इसे लेकर लगातार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं.....
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